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NCERT Solutions for Class 10 Social Science History in Hindi Medium Chapter 2

NCERT Solutions for Class 10 Social Science History Chapter 2 The Nationalist Movement in Indo-China (इंडो-चाइना में राष्ट्रवादी आंदोलन)

NCERT Solutions for Class 10 Social Science History Chapter 2 The Nationalist Movement in Indo-China (Hindi Medium)

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प्रश्न अभ्यास
पाठ्यपुस्तक से

संक्षेप में लिखें

प्रश्न 1. निम्नलिखित पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखें

(क) उपनिवेशकारों के सभ्यता मिशन का क्या अर्थ था?
(ख) हुइन फू सो।

उत्तर
(क) उपनिवेशवाद में आर्थिक शोषण के अतिरिक्त उपनिवेशों को सभ्य बनाने का विचार भी काम कर रहा था। जिस तरह भारत के अंग्रेज़ दावा करते थे, उसी प्रकार फ्रांसीसियों का दावा था कि वे वियतनाम के लोगों को आधुनिक सभ्यता से परिचित करा रहे हैं। उनका विश्वास था कि यूरोप में सबसे विकसित सभ्यता कायम हो चुकी है। इसलिए वे मानते थे कि उपनिवेशों में आधुनिक विचारों का प्रसार करना यूरोपियों को ही दायित्व है और इस दायित्व की पूर्ति करने के लिए अगर उन्हें स्थानीय संस्कृतियों, धर्मों व परंपराओं को भी नष्ट करना पड़े तो इसमें कोई बुराई नहीं है। वैसे भी यूरोपीय शासक इन संस्कृतियों, धर्मों, परंपराओं को पुराना व बेकार मानते थे। उन्हें लगता था कि ये चीजें आधुनिक विकास को रोकती हैं।
(ख) हुइन फू सो-हुइन फू सो ‘होआ हाओ’ आंदोलन के संस्थापक थे। यह आंदोलन 1939 में शुरू हुआ था। यह आंदोलन 19वीं सदी के उपनिवेशवाद विरोधी आंदोलनों में उपजे विचारों से प्रेरित था । हुइन फू सो जादू-येना और गरीबों की मदद किया करते थे। व्यर्थ के खर्चे के खिलाफ़ उनके उपदेशों का लोगों पर काफी असर था। वे बालिका वधुओं की खरीद-फरोख्त, शराब व अफ़ीम के प्रबल विरोधी थे। फ्रांसीसियों ने हुइन फू सो के आंदोलन को कुचलने का प्रयास किया। उन्होंने फू सो को पागल घोषित कर दिया। फ्रांसीसी उन्हें पागल बोन्जे कहकर बुलाते थे। 1914 में फ्रांसीसी डॉक्टरों ने मान लिया कि वे पागल नहीं हैं। इसके बाद उन्हें वियतनाम से निष्कासित करके लाओस भेज दिया।

प्रश्न 2. निम्नलिखित की व्याख्या करें

  • (क) वियतनाम के केवल एक-तिहाई विद्यार्थी ही स्कूली पढ़ाई सफलतापूर्वक पूरी कर पाते थे।
  • (ख) फ्रांसीसियों ने मेकोंग डेल्टा क्षेत्र में नहरें बनवाना और जमीनों को सुखाना शुरू किया।
  • (ग) सरकार ने आदेश दिया कि साइगॉन नेटिव गर्ल्स स्कूल उस लड़की को वापस कक्षा में ले, जिसे स्कूल से निकाल दिया गया था।
  • (घ) हनोई के आधुनिक नवनिर्मित इलाकों में चूहे बहुत थे।

उत्तर (क) वियतनाम में स्कूलों में दाखिला लेने की ताकत वहाँ के धनी वर्ग के पास ही थी। यह देश की आबादी का एक छोटा हिस्सा था। जो स्कूल में दाखिला ले पाते थे, उनमें से बहुत थोड़े से विद्यार्थी ही ऐसे होते थे जो सफलतापूर्वक स्कूल की पढ़ाई पूरी कर पाते थे। दरअसल बहुत सारे बच्चों को तो आखिरी साल की परीक्षा में जानबूझ कर फेल कर दिया जाता था ताकि वे अच्छी नौकरियों के लिए योग्यता प्राप्त न कर सकें। आमतौर पर दो-तिहाई विद्यार्थियों को इसी तरह फेल कर दिया जाता था। 1925 में 1.7 करोड़ की आबादी में स्कूल की पढ़ाई पूरी करने वालों की संख्या 400 से भी कम थी।
(ख) फ्रांसीसियों ने वियतनाम के मेकोंग डेल्टा इलाके में खेती बढ़ाने के लिए सबसे पहले वहाँ नहरें बनवाईं और जमीनों को सुखाने के लिए जल निकासी का प्रबंध शुरू किया। सिंचाई की विशाल व्यवस्था बनाई गई। बहुत सारी नई नहरें और भूमिगत जल-धाराएँ बनाई गईं। ज्यादातर लोगों को जबरदस्ती काम पर लगाकर निर्मित की गई इस व्यवस्था से चावल के उत्पादन में वृद्धि हुई।
(ग) 1926 में साइगॉन नेटिव गर्ल्स स्कूल में एक बड़ा आंदोलन हुआ। यह आंदोलन तब शुरू हुआ जब एक कक्षा में अगली सीट पर बैठी वियतनामी लड़की को पिछली कतार में जाकर बैठने के लिए कहा गया क्योंकि अगली सीट पर एक फ्रांसीसी लड़की को बैठना था। वियतनामी लड़की ने सीट छोड़ने से इनकार कर दिया। स्कूल का प्रिंसिपल एक फ्रांसीसी था। उसने, उस लड़की को स्कूल से निकाल दिया। अन्य विद्यार्थियों ने भी जब प्रिंसिपल के फैसले का विरोध किया तो उन्हें भी स्कूल से निकाल दिया गया। इसके बाद यह विवाद बहुत फैल गया। हालात बेकाबू होने लगे तो सरकार ने आदेश दिया कि लड़की को दोबारा स्कूल में वापस ले लिया जाए। प्रिंसिपल ने लड़की को दाखिला तो दे दिया लेकिन ये ऐलान भी कर दिया कि ”मैं सारे वियतनामियों को पाँव तले कुचल कर रख दूंगा।”
(घ) हनोई के फ्रांसीसी आबादी वाले हिस्से को एक खूबसूरत और साफ-सुथरे शहर के रूप में बनाया गया था। वहाँ चौड़ी सड़कें थीं और जल-निकासी का बढ़िया इंतजाम था। शहर के आधुनिक भाग में लगे विशाल सीवर आधुनिकता का प्रतीक थे। यही सीवर चूहों को पनपने के लिए भी आदर्श स्थान साबित हुए। ये सीवर चूहों की निर्बाध आवाजाही के लिए भी उचित थे। इनमें चलते हुए चूहे पूरे शहर में बेखटके घूमते थे और इन्हीं पाइपों के रास्ते चूहे फ्रांसीसियों के चाक-चौबंद घरों में घुसने लगे।

प्रश्न 3. टोंकिन फ्री स्कूल की स्थापना के पीछे कौन-से विचार थे? वियतनाम में औपनिवेशिक विचारों के लिहाज से यह उदाहरण कितना सटीक है?
उत्तर 1907 में येकिन फ्री स्कूल की स्थापना की गई। इस स्कूल के मुख्य उद्देश्य इस प्रकार थे

  1. पश्चिमी ढंग से शिक्षा देना था।
  2. इस शिक्षा में विज्ञान, स्वच्छता और फ्रांसीसी भाषा की कक्षाएँ भी शामिल थीं।
  3. यह वियतनाम में औपनिवेशिक विचारों का सटीक उदाहरण है क्योंकि स्कूल की राय में सिर्फ विज्ञान और पश्चिमी | विचारों की शिक्षा प्राप्त कर लेना ही काफी नहीं था, बल्कि आधुनिक बनने के लिए वियतनामियों को पश्चिम के लोगों जैसी ही दिखना भी पड़ेगा।
  4. यह स्कूल अपने छात्रों को पश्चिमी शैलियों को अपनाने के लिए उकसाता था। बच्चों को छोटे-छोटे बाल रखने की | सलाह दी जाती थी। वियतनामियों के लिए यह अपनी पहचान को पूरी तरह बदल डालने वाली बात थी। वे तो पारंपरिक रूप से लंबे ही बाल रखते थे।

प्रश्न 4. वियतनाम के बारे में फान यू त्रिन्ह का उद्देश्य क्या था? फान बोई चाऊ और उनके विचारों में क्या भिन्नता थी?
उत्तर फान यू त्रिन्ह वियतनाम के प्रमुख राष्ट्रवादी नेताओं में से एक थे। वे राजशाही या राजतंत्र के कट्टर विरोधी थे। उन्हें यह
स्वीकार नहीं था कि फ्रांसीसियों को देश से निकालने के लिए शाही दरबार या राजा की सहायता ली जाए। वे एक लोकतांत्रिक गणराज्य की स्थापना करना चाहते थे। पश्चिम के लोकतांत्रिक आदर्शों से प्रभावित चिन्ह पश्चिमी सभ्यता को पूरी तरह खत्म करने के खिलाफ़ थे। उन्हें मुक्ति के फ्रांसीसी क्रांतिकारी आदर्श तो पसंद थे, लेकिन उनका आरोप था कि खुद फ्रांसीसी ही उन आदर्शों का अनुसरण नहीं कर रहे हैं। उनकी माँग थी कि फ्रांसीसी शासक वियतनाम में वैधानिक एवं शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना करें और कृषि व उद्योगों का विकास करें।

फान बोई चाऊ भी एक राष्ट्रवादी नेता थे। इन्होंने 1903 में रेवोल्यूशनरी सोसायटी नामक पार्टी का गठन किया और तभी से वे उपनिवेशवाद विरोधी आंदोलन के अहम नेता बने गए थे। इनके विचार फान बोई चाऊ से विपरीत थे। त्रिन्ह राजशाही को उखाड़ फेंकना चाहते थे, जबकि बोई चाऊ चाहते थे कि औपनिवेशिक शासन की समाप्ति के लिए राजशाही का प्रयोग किया जाए। त्रिन्ह की योजना थी कि लोगों को राजशाही के खिलाफ़ खड़ा किया जाए और फान बोई चाऊ इस योजना से असहमत थे । वास्तव में दोनों का लक्ष्य एक ही था लेकिन रास्ते अलग-अलग थे।

चर्चा करें

प्रश्न 1. इस अध्याय में आपने जो पढ़ा है, उसके हवाले से वियतनाम की संस्कृति और जीवन पर चीन के प्रभावों की चर्चा करें।
उत्तर इस अध्याय के आधार पर देखें तो वियतनाम की संस्कृति और जीवन पर चीन का प्रभाव स्पष्ट नजर आता है, जो इस प्रकार है

  1. वियतनाम के प्रारंभिक इतिहास को देखें तो पता चलता है कि पहले यहाँ बहुत सारे समाज रहते.थे और पूरे इलाके | पर शक्तिशाली चीनी साम्राज्य का वर्चस्व था। जब वहाँ स्वतंत्र देश की स्थापना कर ली गई तो भी वहाँ के शासकों ने न केवल चीनी शासन व्यवस्था को बल्कि चीनी संस्कृति को भी अपनाए रखा।
  2. वियतनाम समुद्री सिल्क रूट से भी जुड़ा हुआ था। इस कारण उसके चीन के साथ आर्थिक संबंध भी थे। इस रास्ते | से वस्तुओं, लोगों और विचारों को चीन के साथ आदान-प्रदान चलता रहता था।
  3. इन दोनों देशों में बौद्ध धर्म और कन्फ्युशियस धर्म प्रमुख रहे जिन्होंने दोनों देशों के आपसी संबंधों को काफी मजबूत बना दिया।
  4. वियतनाम का अभिजात वर्ग चीनी भाषा और कन्फ्यूशिसवाद की शिक्षा लेते थे।
  5. साम्राज्यवादी शक्तियों ने जब रेल, सड़क आदि के माध्यम से इन दोनों देशों को एक प्रशासनिक नियंत्रण में लाने का प्रयास किया तो ये देश और निकट आ गए।
  6. विदेशी साम्राज्यवाद का मुकाबला करने के लिए दोनों को एक जैसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ा, जिससे इनके संबंध और घनिष्ठ हो गए।
    इस प्रकार धीरे-धीरे वियतनाम ने चीन की संस्कृति में अपने आपको रंग लिया।

प्रश्न 2. वियतनाम में उपनिवेशवाद विरोधी भावनाओं के विकास में धार्मिक संगठनों की भूमिका क्या थी?
उत्तर वियतनामियों में धार्मिक विश्वास बौद्ध धर्म, कन्फ्यूशियसवाद और स्थानीय रीति-रिवाजों पर आधारित थे। फ्रांसीसी मिशनरी वियतनाम में ईसाई धर्म के बीज बोने का प्रयास कर रहे थे। 18वीं सदी से ही बहुत सारे धार्मिक आंदोलन पश्चिमी शक्तियों के प्रभाव और उपस्थिति के खिलाफ़ जागृति फैलाने का प्रयास कर रहे थे। इसके दो उदाहरण ये हैं

  • स्कॉलर्स रिवोल्ट – 1868 का स्कॉलर्स रिवोल्ट फ्रांसीसी कब्जे और ईसाई धर्म के प्रसार के खिलाफ़ शुरुआती आंदोलनों में से था। इस आंदोलन की बागडोर शाही दरबार के अफसरों के हाथों में थी। ये अफ़सर कैथोलिक धर्म और फ्रांसीसी सत्ता के प्रसार से नाराज थे। इन्होंने एक हजार से ज्यादा ईसाइयों का कत्ल कर डाला। कैथोलिक मिशनरी 17 वीं सदी के शुरू से ही स्थानीय लोगों को ईसाई धर्म से जोड़ने में लगे हुए थे। 18वीं सदी के अंत तक उन्होंने लगभग 3 लाख लोगों को ईसाई बना लिया था। फ्रांसीसियों ने 1868 के आंदोलन को तो कुचल दिया, किंतु इस बगावत ने देशभक्तों में उत्साह का संचार जरूर किया।
  • होआ हाओ आंदोलन – यह आंदोलन 1939 में शुरू हुआ था। यह एक ऐसा धार्मिक आंदोलन था जो औपनिवेशिक शासन के विरुद्ध चलने वाले आंदोलनों का पक्षधर था । हरे-भरे मेकोंग डेल्टा इलाके में इसे भारी लोकप्रियता मिली। इस आंदोलन के संस्थापक का नाम हुइन्ह फू सो था। वे जादू-टोना और गरीबों की मदद किया करते थे। फ्रांसीसियों ने इस आंदोलन को कुचलने का प्रयास किया।
    इस तरह के आंदोलनों का राष्ट्रवाद की मुख्यधारा के साथ अंतर्विरोध संबंध रहता था। राजनीतिक दल ऐसे आंदोलनों से जुड़े जन-समर्थन का फायदा उठाने की तो कोशिश करते थे, लेकिन उनकी गतिविधि से बेचैन भी रहते थे।

इसके बावजूद साम्राज्यवादी भावनाओं को झकझोरने में ऐसे आंदोलनों के योगदान को कम करके नहीं आँका जा सकता।

प्रश्न 3. वियतनाम युद्ध में अमेरिकी हिस्सेदारी के कारणों की व्याख्या करें । अमेरिका के इस कृत्य से अमेरिका में जीवन पर क्या-क्या असर पड़े?
उत्तर वियतनाम युद्ध में अमेरिका की हिस्सेदारी के प्रमुख कारण इस प्रकार थे –

  1. अमेरिका के नीति निर्माता इस बात से परेशान थे कि अगर यहाँ पर हो ची मिन्ह की सरकार अपने प्रयासों में सफल हो गई तो यहाँ पर इस क्षेत्र के आस-पास के देशों में भी साम्यवादी सरकारें स्थापित हो जायेंगी।
  2. इससे एशिया महाद्वीप में साम्यवादी विचारधारा को मजबूत आधार मिल जाएगा और पूँजीवादी देश अन्य नए | साम्राज्यवादी हितों को इस महाद्वीप में पूरा नहीं कर सकेंगे।
  3. अमेरिका ने फ्रांस की इस युद्ध में मदद इसलिए भी की कि वह विश्व के अन्य देशों को यह बताना चाहता था कि वह | पूँजीवादी देशों का सबसे बड़ा शुभचिंतक है। अत: हर विपत्ति के समय में वह उनकी यथासंभव मदद करेगा।
  4. अमेरिका वियतनाम के एकीकरण के पक्ष में भी नहीं था। अतः जब ‘हो ची मिन्ह’ के नेतृत्व वाली सरकार की सहायता से ‘एन.एल.एफ’ (नेशनल लिबरेशन फ्रंट) ने देश के एकीकरण की आवाज उठाई, तो अमेरिका इसकी बढ़ती ताकत व प्रस्तावों से भयभीत हो गया तथा सोचने लगा कि कहीं पूरे वियतनाम पर साम्यवादियों को प्रभाव न बढ़ जाए। इसलिए इसने उ० वियतनाम में अपनी फौजें और युद्ध सामग्री एकत्र करनी प्रारंभ कर दी।

जब अमेरिका युद्ध में फ्रांस की मदद के लिए सम्मिलित हो गया, तब इसका प्रभाव वियतनामियों के साथ-साथ अमेरिका पर भी पड़ा। उसे भयंकर क्षति उठानी पड़ी। इस युद्ध में उसके 47,244 सैनिक मारे गए और 3,03,704 घायल हुए। अमेरिकी सरकार को अपनी ही जनता के विरोध का सामना इस प्रकार से करना पड़ा

  1. ज्यादातर अमेरिकी यह मानते थे कि उनका देश एक ऐसे युद्ध में अपनी सैन्य शक्ति नष्ट कर रहा है जिसे जीतना संभव नहीं है।
  2. अमेरिकी जनता का यह भी मानना था कि यदि अमेरिका इस युद्ध में हारा तो विश्व में उसकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुँचेगी, अत: अमेरिका को युद्ध से हट जाना चाहिए।
  3. युद्ध में सैनिकों की आवश्यकता पूर्ति के लिए अमेरिका में उन युवाओं को भर्ती किया जा रहा था जो अल्पसंख्यक और गरीब वर्ग से संबंधित थे। अमेरिका के अभिजात वर्ग के युवाओं को युद्ध से दूर रखा जा रहा था। इससे अमेरिका के अंदर अमेरिकी समाज में तनाव उत्पन्न हो गया जिससे सरकार को गृहयुद्ध का भय होने लगा।
  4. अमेरिकी मीडिया और फिल्म निर्माण क्षेत्रों में भी वियतनामी युद्ध की पृष्ठभूमि पर कई फिल्में बनीं जिससे अमेरिकी जनमत भी वियतनाम की तरफ झुकने लगा।

अंतत: अमेरिका में ही इस युद्ध के कारण काफी तनाव उत्पन्न हो गया।

प्रश्न 4. अमेरिका के खिलाफ वियतनामी युद्ध का निम्नलिखित दृष्टिकोण से मूल्यांकन कीजिए

(क) हो-ची-मिन्ह भूल-भूलैया मार्ग पर माल ढोने वाला कुली
(ख) एक महिला सिपाही

उत्तर
(क) हो-ची-मिन्ह भूल-भूलैया मार्ग पर माल ढोने वाले कुली की भूमिका – अमेरिका और वियतनाम के युद्ध में हो-ची-मिन्ह भूल-भूलैया मार्ग पर माल ढोने वाले कुलियों ने युद्ध में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस मार्ग का प्रयोग देश के उत्तर से दक्षिण की ओर सैनिक व रसद पहुँचाने के लिए होता था जिससे वियतनामी सैनिक अमेरिका का मुकाबला कर पाये। इस मार्ग पर सामान पहुँचाने वाले कुली लगभग 25 किलो सामान पीठ पर या 70 किलो सामान साईकिलों पर लेकर निकल जाते थे। अमेरिकी सेना ने वियतनामी सैनिकों के लिए रसद की आपूर्ति को बंद करने के लिए कई बार इस मार्ग पर बम बरसाए। किंतु वे इसे ध्वस्त नहीं कर पाए क्योंकि वहाँ के लोग हर हमले के बाद उसकी फौरन मरम्मत कर लेते थे। इससे पता चलता है कि वियतनाम के लोग अपने सीमित संसाधनों को सूझबूझ से प्रयोग करना जानते थे।
(ख) एक महिला सैनिक – त्रियू अयू: विश्व के लगभग प्रत्येक देश में जहाँ पर राष्ट्रवादी आंदोलन हुए, महिलाओं की छवि को एक योद्धा के रूप में चित्रित करके जन प्रेरणा के लिए उसका प्रयोग हुआ। वियतनाम में भी एक ऐसी ही महिला ‘त्रियू अयू’ थी। इनको जन्म तीसरी सदी में हुआ था । वह बचपन में ही अनाथ हो गई थी। इस कारण वह अपने भाई के साथ रहने लगी। जब वे बड़ी हुईं तो इन्होंने अपना घर छोड़ दिया और जंगल में रहने लगीं। यहां इन्होंने एक विशाल सेना का गठन किया और चीनियों के वर्चस्व को चुनौती दी । जब उनकी सेना इस संघर्ष में हार गई, तो इन्होंने जल में डूबकर अपनी जान दे दी। इस प्रकार वियतनामी मानसम्मान की रक्षा करने वाली वे एक शहीद ही नहीं कहलाईं, बल्कि एक देवी की तरह पूजी भी गईं। राष्ट्रवादियों ने इनकी छवि का प्रयोग वियतनामी और अमेरिकी युद्ध में जनता में साहस की भावना उत्पन्न करने के लिए किया।

प्रश्न 5. वियतनाम में साम्राज्यवाद विरोधी संघर्ष में महिलाओं की क्या भूमिका थी? इसकी तुलना भारतीय राष्ट्रवादी संघर्ष में महिलाओं की भूमिका से कीजिए।
उत्तर वियतनाम में साम्राज्यवादी विरोधी संघर्ष में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। बहुत बड़ी संख्या में महिलाएँ प्रतिरोध आंदोलन में शामिल हो गईं। वे घायलों की मरहम पट्टी करने, भूमिगत कमरे व सुरंगे बनाने और दुश्मनों से मोर्चा लेने में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने लगीं। उन्होंने छह हवाई पटियाँ बनाई, दस हजार बमों को बेकार किया, हजारों किलो माल ढोया, हथियार व गोला बारुद की सप्लाई जारी रखी और और 15 जहाजों को मार गिराया। 1965-75 के दौरान इस मार्ग पर चलने वाले युवाओं में 70-80 प्रतिशत लड़कियाँ थीं। एक सैनिक इतिहासकार के अनुसार वियतनामी सेना में 15 लाख महिलाएँ थीं। इन सबने इस संघर्ष में अद्वितीय साहस का परिचय दिया था।

राष्ट्रवादी भारतीय महिलाओं की वियतनामी राष्ट्रवादी महिलाओं से तुलना – भारत के राष्ट्रवादी आंदोलन में महिलाओं ने बढ़-चढ़ कर भाग लिया था। परंतु इनके विरोध के तरीके वियतनामी महिलाओं से भिन्न थे। जैसे –

  1. 1857 के विद्रोह में रानी लक्ष्मीबाई ने युद्ध में सम्मिलित होकर और लखनऊ की बेगम ज़ीनत महल ने महल में ही रहकर अपनी सेना का नेतृत्व किया।
  2. भारतीय महिलाओं ने युद्धों की बजाए जन आंदोलनों में अधिक सक्रिय भूमिका निभाई, जैसे-होमरूल आंदोलन, सविनय अवज्ञा आंदोलन आदि।
  3. भारतीय महिलाओं के संघर्ष का तरीका शांतिपूर्ण विरोध करने का था। धरने पर बैठना और जलसों के आयोजन में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाना आदि उनका प्रमुख कार्य था।
  4. यद्यपि भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन में महिलाओं ने शांतिपूर्ण मार्ग अपनाकर अपना विरोध ब्रिटिश शासन के प्रति प्रकट | किया, परंतु जब आज़ाद हिंद फौज का सुभाषचंद्र बोस जी ने गठन किया तो भारतीय महिलाएं इसमें भी भर्ती हुईं। इस प्रकार भारतीय महिलाओं ने शांतिपूर्ण विरोध के मार्ग को अधिक अपनाया था।

परियोजना कार्य

प्रश्न 1. दक्षिण अमेरिका के किसी एक देश में साम्राज्यवाद-विरोधी आंदोलन के बारे में पता लगाएँ । कल्पना कीजिए कि इस देश का एक स्वतंत्रता सेनानी वियेतमिन्ह के एक सिपाही से मिलता है; वे दोस्त बन जाते हैं और अपने-अपने देश में स्वतंत्रता संघर्षों के अनुभवों की चर्चा करने लगते हैं। उनके बीच क्या बातचीत हो सकती है, उसे लिखें।
उत्तर जब द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद सभी उपनिवेशो में साम्राज्यवाद के विरूद्ध संघर्ष प्रारंभ हुआ तब संघर्ष द० अमेरिका (लैटिन अमेरिका) के देशों में भी हुआ। यहाँ पर इन देशों की स्वतंत्र सरकारें बनीं । यहाँ के देश हैं-अर्जेण्टाइना, चिली, उरूग्वे, परागुआ और क्यूबा। अर्जेण्टाइना का साम्राज्यवाद विरोधी आंदोलन

  1. द० अमेरिका के इतिहास में अर्जेण्टाइना में नए शासन की स्थापना एक नवयुग का श्री गणेश था।
  2. 24 फरवरी, 1946 को जे.डी. पेरा के नेतृत्व में नई सरकार बनी। वे स्वयं राष्ट्रपति नियुक्त हुए।
  3. सरकार को जन साधारण का समर्थन प्राप्त था।
  4. पेरा ने अपने देश के आर्थिक विकास के लिए कई जनहित कार्य किए। जैसे उद्योगों की प्रगति, रेल, टेलिफोन का विकास आदि।
  5. देश की सुरक्षा के लिए सैनिक सुदृढ़ता के कार्य भी किए गए।
  6. 14 सितंबर 1953 को पेरा के विरुद्ध सैनिक विद्रोह हुआ और यहाँ पर सैनिक शासन की स्थापना हुई।

जब दोनों देशों के सैनिक आपस में एक दूसरे से मिलेंगे तो वे संभवत: यह बातचीत करेंगे

  1. दोनों अपने-अपने देशों में अमेरिका के विरुद्ध संघर्ष के बारे में बात करेंगे कि कैसे उनके देश के लोगों ने अमेरिका के प्रभुत्व को चुनौती देकर उसे हराया।
  2. वियतनामी सैनिक जब अर्जेण्टाइना के सैनिकों को अपने देश के छात्रों, महिलाओं के योगदान के विषय में बताएगा | तो अर्जेण्टाइना का सैनिक भी बताएगा कि उसके देश में भी इन वर्गों ने संघर्ष में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
  3. वियतनामी सैनिक संघर्ष के बाद स्थापित हुई सरकार के विषय में भी बता सकता है। अर्जेण्टाइना का सैनिक भी | बताएगा कि उसके देश की नई सरकार ने भी कई जनहित कार्य किए हैं ताकि देश का विकास हो सके।

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NCERT Solutions for Class 10 Science Chapter 2 Acids, Bases and Salts (Hindi Medium)

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Chapter 2. अम्ल, क्षार एवं लवण

अध्याय-समीक्षा:

  • अम्ल स्वाद में खट्टे होते हैं |
  • क्षार स्वाद में कड़वे होते हैं |
  • अम्ल एवं क्षार की जाँच के किए आप संश्लेषित सूचक जैसे मेथिल ऑरेंज एवं फिनाल्फथेलिन का भी उपयोग कर सकते हैं  |
  • कुछ ऐसे पदार्थ होते है जिसकी गंध अम्लीय या  क्षारकीय माध्यम में बदल जाती है | इन्हे गंधीय सूचक कहते हैं |
  •  क्षार एवं अम्ल की अभिक्रिया के स्मन्ही धात्विक ऑक्साइड अम्ल के साथ अभिक्रिया कर के लवण एवं जल प्रदान करते हैं  |
  • विलयन के विधुत धरा का प्रवाह आयर्नो दुवारा होता हैं  |
  • अम्ल के उप्स्थ्तित धनायन हैं |
  • अम्ल विल्यम में हाइड्रोजन आयन H+ उत्पन्न करता हैं |
  • जल की उपस्थिति में HCI में हाइड्रोजन आयन उत्पन्न होते हैं |
  • अम्ल-क्षारक सूचक रंजक या रंजकों के मिश्रण होते हैं जिनका उपयोग अम्ल एवं क्षारक की उपस्थिति को सूचित करने के लिए किया जाता है।
  • विलयन में H+ (aq) आयन के निर्माण के कारण ही पदार्थ की प्रकृति अम्लीय होती है। विलयन में OH (aq) आयन के निर्माण से पदार्थ की प्रकृति क्षारकीय होती है।
  • जब कोई अम्ल किसी धातु के साथ अभिक्रिया करता है तो हाइड्रोजन गैस का उत्सर्जन होता है। साथ ही संगत लवण का निर्माण होता है।
  • जब क्षारक किसी धातु से अभिक्रिया करता है तो हाइड्रोजन गैस के उत्सर्जन के साथ एक लवण का निर्माण होता है जिसका ऋण आयन एक धातु एवं ऑक्सीजन के परमाणुओं से संयुक्त रूप से निर्मित होता है।
  • जब अम्ल किसी धातु कार्बोनेट या धातु हाइड्रोजनकार्बोनेट से अभिक्रिया करता है तो यह संगत लवण कार्बन डाइऑक्साइड गैस एवं जल उत्पन्न करता है।
  • जल में अम्लीय एवं क्षारकीय विलयन विद्युत का चालन करते हैं क्योंकि ये क्रमशः हाइड्रोजन एवं हाइड्रॉक्साइड आयन का निर्माण करते हैं।
  • अम्ल या क्षारक की प्रबलता की जाँच pH (0-14) स्केल के उपयोग से की जा सकती है जो विलयन में हाइड्रोजन आयन की सांद्रता की माप होता है।
  • एक उदासीन विलयन के pH का मान 7 होता है जबकि अम्लीय विलयन के pH का मान 7 से कम एवं क्षारकीय विलयन के pH का मान 7 से अधिक होता है।
  • सभी जीवों में उपापचय की क्रिया pH की एक इष्टतम सीमा में होती है।
  • सांद्र अम्ल या क्षारक को जल के साथ मिश्रित करना एक अत्यन्त ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया है। अम्ल को जल में मिलाते समय सावधानियाँ रखनी चाहिए| अम्ल में थोडा थोडा करके जल मिलाना चाहिए जल में अम्ल नहीं मिलाना चाहिए |
  • अम्ल एवं क्षारक एक-दूसरे को उदासीन करके लवण एवं जल का निर्माण करते हैं।
  • लवण के एक सूत्र इकाई में जल के निश्चित अणुओं की संख्या को क्रिस्टलन का जल कहते हैं।
  • हमारे दैनिक जीवन एवं उद्योगों में लवण के कई उपयोग हैं।

अध्याय 2

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Q1. पीतल एवं ताँबे के बर्तनों में दही एवं खट्टे पदार्थ क्यों नहीं रखने चाहिए?

उत्तर: पीतल एवं ताँबे के बर्तनों में दही एवं खट्टे पदार्थ इसलिए नहीं रखने चाहिए क्योंकि दही में मौजूद लैक्टिक अम्ल होते है | जो पीतल एवं ताँबे के बर्तनों से अभिक्रिया करके हानिकारक   ( विषैला ) यौगिक बनाते है | जिसके कारणवश ये खाने लायक नहीं रह जाते है |

Q2. धातु के साथ अम्ल कि अभिक्रिया होने पर सामान्यतः कौन सी गैस निकलती है? एक उदाहरण के द्वारा समझाइए। इस गैस की उपस्थिति की जाँच आप कैसे करेंगे?

उत्तर: धातु के साथ अम्ल कि अभिक्रिया होने पर सामान्यतः हाइड्रोजन गैस निकलती है|

2NaOH + Zn   =    Na2ZnO2 + H

जाँच – जलती हुई मोमबती को परखनली के मुंह के पास ले जाने पर फट – फट अर्थात् पॉप ध्वनि उत्पन्न होती है |

Q3. कोई धातु यौगिक ‘A’ तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के साथ अभिक्रिया करता है तो बुदबुदाहट उत्पन्न होती है। इससे उत्पन्न गैस जलती मोमबत्ती को बुझा देती है। यदि उत्पन्न यौगिकों में एक से कैल्सियम क्लोराइड हैं, तो इस अभिक्रिया के लिए संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए।

उत्तर: धातु के यौगिक ‘A’CaCO3 ( कैल्सियम कार्बौनेट ) है |

CaCO3  (s) + 2HCl  (aq)    =     CaCl (aq) + CO2 (g) + H2O(l)

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Q1. HCl, HNO3 आदि जलीय विलयन में अम्लीय अभिलक्षण क्यों प्रदर्शित करते हैं, जबकि ऐल्कोहॉल एवं ग्लूकोज़ जैसे यौगिकों के विलयनों में अम्लीयता के अभिलक्षण नहीं प्रदर्शित होते हैं?

उत्तर : HCl, HNO3 आदि जलीय विलयन में H+आयन बनता है जिसके कारण ये अम्लीय अभिलक्षण को प्रदर्शित करते हैं, जबकि ऐल्कोहॉल एवं ग्लूकोज़ जैसे यौगिकों के विलयनों में H+आयन नहीं बनता है जिसके कारण ये अम्लीयता के अभिलक्षण नहीं प्रदर्शित होते हैं |

Q2. अम्ल का जलीय विलयन क्यों विद्युत का चालन करता है?

उत्तर: अम्ल का जलीय विलयन विद्युत का चालन करता है क्योंकि अम्ल जलीय विलयन में H+आयन उत्पन्न करता है जिसके कारण ये  विद्युत् धारा का प्रवाह होता है  |

Q3. शुष्क हाइड्रोक्लोरिक गैस शुष्क लिटमस पत्र के रंग को क्यों नहीं बदलती है?

उत्तर: शुष्क हाइड्रोक्लोरिक गैस शुष्क लिटमस पत्र के रंग को  नहीं बदलती है क्योंकि जल कि अनुपस्थिति में HCl से  H+आयन उत्पन्न नहीं हो पाता है | सिर्फ जल कि उपस्थिति में HCl से  H+आयन उत्पन्न  होता है|

Q4. अम्ल को तनुकृत करते समय यह क्यों अनुशंसित करते हैं कि अम्ल को जल में मिलाना चाहिए,न कि जल को अम्ल में? 

उत्तर: अम्ल को तनुकृत करते समय यह अनुशंसित करते हैं कि अम्ल को जल में मिलाना चाहिए,न कि जल को अम्ल क्योंकि जल को सांद्र अम्ल में मिलने से वह तीव्र अभिक्रिया कर विस्फोट करते है | इसके कई दुष्परिणाम हो सकते है | इसलिए हमें कभी भी जल को अम्ल में नहीं मिलाना चाहिए बल्कि हमें  अम्ल को जल में मिलाना चाहिए|

Q5. अम्ल के विलयन को तनुकृत करते समय हाइड्रोनियम आयन H3O+ की संlद्रता कैसे प्रभावित हो जाती है?

उत्तर: अम्ल के विलयन को तनुकृत करते समय हाइड्रोनियम आयन की सांद्रता में (H3O+/OH)  प्रति इकाई आयतन में कमी हो जाती है ।

Q6. जब सोडियम हाइड्रॉक्साइड विलयन में अधिक क्षारक मिलाते हैं तो हाइड्रॉक्साइड आयन (OH) की सांद्रता कैसे प्रभावित होती है?

उत्तर: हाइड्रोक्साइड आयन (OH) की सांद्रता बढ़ जाती है |

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Q1. आपके पास दो विलयन ‘A’ एवं ‘B’ हैं। विलयन ‘A’ के PH का मान 6 है एवं विलयन ‘B’  के PH का मान 8 है। किस विलयन में हाइड्रोजन आयन की सांद्रता अधिक है? इनमें से कौन अम्लीय है तथा कौन क्षारकीय?

उत्तर: A  विलयन : PH = 6 , PH < 7

B  विलयन : PH = 8 , PH > 7

A विलयन में Hआयन की सांद्रता अधिक है |

Q2. H+(aq) आयन की सांद्रता का विलयन की प्रकृति पर क्या प्रभाव पड़ता है?

उत्तर: जैसे – जैसे हाइड्रोजन आयन H(aq) आयन कि सांद्रता बढती है विलयन और अधिक अम्ल होता है |

Q3. क्या क्षारकीय विलयन में H+​(aq) आयन होते हैं? अगर हाँ, तो यह क्षारकीय क्यों होते हैं?

उत्तर: हां, H+ आयन क्षारकीय है परन्तु इसकी सांद्रता (OH) आयनों की सांद्रता से कम होती इसलिए यह क्षारकीय होते है |

Q4. कोई किसान खेत की मृदा की किस परिस्थिति में बिना बुझा हुआ चूना (कैल्सियम
ऑक्साइड ), बुझा हुआ चूना ( कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड) या चॉक  ( कैल्सियम कार्बोनेट ) का उपयोग करेगा? 

उत्तर: कोई किसान खेत की मृदा की अम्लीय परिस्थिति में बिना बुझा हुआ चूना (कैल्सियम
ऑक्साइड), बुझा हुआ चूना (कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड) या चॉक (कैल्सियम कार्बोनेट) का उपयोग मिट्टी को उदासीन बनाने के लिए करेगा |

Page 36 :

Q1.CaOCl2 यौगिक का प्रचलित नाम क्या है?

उत्तर : CaOCl2 यौगिक का प्रचलित नाम विरंजक चूर्ण  है|

Q2. उस पदार्थ का नाम बताइए जो क्लोरीन से क्रिया करके विरंजक चूर्ण बनाता है।

उत्तर: शुष्क बुझा हुआ चूना |

Q3. कठोर जल को मृदु करने के लिए किस सोडियम यौगिक का उपयोग किया जाता है? 

उत्तर : कठोर जल को मृदु करने के लिए सोडियम कार्बौनेट जिसे धोने  का सोडा भी कहते है |

Q4. सोडियम हाइड्रोजनकार्बोनेट के विलयन को गर्म करने पर क्या होगा? इस अभिक्रिया के लिए समीकरण लिखिए|

उत्तर: सोडियम हाइड्रोजनकार्बोनेट के विलयन को गर्म करने पर निम्न अभिक्रिया होगा-
NCERT Solutions for Class 10 Science Chapter 2 Acids, Bases and Salts (Hindi Medium) 1

Q5. प्लास्टर ऑपफ पेरिस की जल के  साथ अभिक्रिया  के लिए समीकरण लिखिए।

उत्तर: CaSO4 . ½H2O + 1½ H2O  = CaSO4 . 2 H2O

अभ्यास

Q1. कोई विलयन लाल लिटमस को नीला कर देता है, इसका pH संभवतः क्या होगा?

(a) 1
(b) 4
(c) 5
(d) 10

उत्तर: (d) 10

Q2. कोई विलयन अंडे के पिसे हुए कवच से अभिक्रिया कर एक गैस उत्पन्न करता है जो चूने के पानी को दुधिया कर देती है। इस विलयन में क्या होगा?

(a) NaCl
(b) HCl
(c) LiCl
(d) KCl

उत्तर: (b) HCl

Q3. NaOH का 10 ml विलयन, HCl के 8 mL विलयन से पूर्णतः उदासीन हो जाता है। यदि हम NaOH के उसी विलयन का 20 mL लें तो इसे उदासीन करने के लिए HCl के उसी विलयन की कितनी मात्रा की आवश्यकता होगी?

(a) 4 mL
(b) 8 mL
(c) 12 mL
(d) 16 mL

उत्तर: (d) 16 mL

Q4. अपच का उपचार करने के लिए निम्न में से किस औषधि का उपयोग होता है ? 

(a) एंटीबायोटिक (प्रतिजैविक)
(b) एनालजेसिक (पीड़ाहारी)
(c) ऐन्टैसिड (प्रतिअम्ल)
(d) एंटीसेप्टिक (सडनरोधी)

उत्तर: (c) ऐन्टैसिड (प्रतिअम्ल)

Q5. निम्न अभिक्रिया के लिए पहले शब्द-समीकरण लिखिए तथा उसके बाद संतुलित समीकरण लिखिएः

(a)  तनु सल्फ्ऱयूरिक अम्ल दानेदार जिंक के साथ अभिक्रिया करता है।

(b) तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल मैग्नीशियम पट्टी के साथ अभिक्रिया करता है।
(c) तनु सल्फ्ऱयूरिक अम्ल ऐलुमिनियम चूर्ण के साथ अभिक्रिया करता है।
(d) तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल लौह के रेतन के साथ अभिक्रिया करता है।

उत्तर:

(a) Zn (s) + H2SO4 (aq) =  ZnSO4 (aq) + H2 (g)
(b) Mg (s) + 2HCl (aq)   =   MgCl2 (aq)  + H2 (g)
(c) 2Al (s) + 3H2SO4 (aq) = Al2(SO4)3 (aq) + H2 (g)
(d) Fe(s) + 2HCl (aq)   =   FeCl2 (aq)  + H2 (g)

Q6. एल्कोहोल एवं ग्लूकोज जैसे यौगिको में भी हाइड्रोजन होते है लेकिन इनका वर्गीकरण अम्ल कि तरह नहीं होता है | एक क्रियाकलाप द्वारा इसे साबित कीजिए |

उत्तर: ग्लूकोज़, ऐल्कोहॉल, हाइड्रोक्लोरिक अम्ल, सल्फ्रयूरिक अम्ल आदि का विलयन लीजिए। एक कॉर्क पर दो कीलें लगाकर कॉर्क को 100 mL के  बीकर में रख दीजिए। अब किलों को 6 वोल्ट की एक बैटरी के  दोनों टर्मिनलो के साथ एक बल्ब तथा स्विच के माध्यम से जोड़ दीजिए | अब बीकर में थोड़ा तनु HCl डालकर विद्युत धारा प्रवाहित कीजिए| इसी क्रिया को तनु सल्फ्रयूरिक अम्ल के साथ दोहराइए। एल्कोहोल एवं ग्लूकोज जैसे यौगिको में भी हाइड्रोजन होते है लेकिन इनका वर्गीकरण अम्ल कि तरह नहीं होता है क्योंकि ये Hआयन नहीं बनाता है |

Q7. आसवित जल विधुत का चालक क्यों नहीं होता जबकि वर्षा जल होता है ?

उत्तर : आसवित जल शुद्ध होते है | इसलिए इनमे विधुत का चालन नहीं होता है क्योकि विधुत के चालन के लिए आयनों की आवश्यकता होती है | जबकि वर्षा जल में विधुत का चालन होता है क्योकि इसमें थोड़ी मात्रा में अम्ल विद्यमान रहता है | जोंकी वायु में उपस्थित सल्फर – डाइआक्साइड और नाइट्रोजन डाइआक्साइड के साथ मिलकर इसे अम्लीय बना देते है |अम्लीय होने के कारण ये H+ आयन उत्पन्न करते है जिसके कारण विधुत का चालन होता है |

Q8. जल की अनुपस्थिति में अम्ल का व्यवहार अम्लीय क्यों नहीं होता है ?

उत्तर :  जल की अनुपस्थिति में अम्ल का व्यवहार अम्लीय नहीं होता है क्योंकि जल की उपस्थिति में ही H+आयन अम्ल से अलग होते है |

Q9. पाँच विलयनो A, B, C, D,व E की जब सार्वत्रिक सूचक से जांच कि जाती  हैतो pH के मान क्रमशः 4, 1, 11,7, एवं 9 प्राप्त होते है | कौन सा विलयन :

(a) उदासीन है ?
(b) प्रबल क्षारीय है ?
(c) प्रबल अम्लीय है ?
(d)दुर्बल अम्लीय है ?
(e) दुर्बल क्षारीय है?

pH के मानो को हाइड्रोजन आयन की सांद्रता के आरोही क्रम में व्यवस्थित कीजिए |

उत्तर :

विलयन   pH का मानसार्वत्रिक सूचक से जांच  
A4दुर्बल अम्लीय है
B1प्रबल अम्लीय है
C11प्रबल क्षारीय है
D7उदासीन है
E9दुर्बल क्षारीय है

H+ आयन की सांद्रता जैसे – जैसे बढती है pH का मान उसी प्रकार घटता है |

C < E< D< A < B

Q10. परखनली ‘A’ एवं ‘B’ में समान लंबाई की मैग्नीशियम की पट्टी लीजिए। परखनली ‘A’ में हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) तथा परखनली ‘B’ में ऐसिटिक अम्ल (CH3COOH) डालिए। किस परखनली में अधिक तेजी से बुदबुदाहट होगी तथा क्यों? 

उत्तर: परखनली ‘A’ में अधिक बुदबुदाहट होगी क्योंकि हाइड्रोक्लोरिक अम्ल एसेटिक अम्ल से अधिक प्रबल अम्ल है |

Q11.ताजे दूध के PH का मान  6 होता है | दही बन जाने पर PH के मान में क्या परिवर्तन होगा ? अपना उत्तर समझाइए |     

उत्तर: ताजे दूध के PH का मान 6 होता है | दही बनने की प्रक्रिया में लैक्टिक अम्ल का निर्माण होता है | इसलिए दही के PH का मान 6 से कम होगा |

Q12.एक ग्वाला ताजे दूध में थोड़ा बेकिंग सोडा मिलाता है |

(a) ताजा दूध के PH का मान 6 से बदल कर थोडा क्षारीय क्यों बना देता है ?
(b) इस दूध को दही बनने में अधिक समय क्यों लगता है ?

उत्तर:  (a) ताजा दूध के PH का मान 6 से बदल कर थोडा क्षारीय इसलिए बना देता है क्योंकि दूध में उपस्थित लैक्टोबेसिलस जीवाणु दूध को अम्लीय बना देता है | दूध में इसलिए बेकिंग सोडा मिलाया जाता है ताकि दूध लंबे समय क्षारीय बना रहे जिससे यह लम्बे समय तक बना रहे |

(b) इस दूध को दही बनने में अधिक समय  इसलिए लगता है क्योकि इस प्रक्रिया में बना लैक्टिक अम्ल ताजे दूध में मिला क्षारक  (बेकिंग सोडा) को पहले उदासीन करता है फिर इसे अम्ल में बदल देता है जिसके कारण दही बनता है |

Q13.प्लास्टर ऑफ़ पेरिस को आर्द्र – रोधी बर्तन में क्यों रखा जाना चाहिए ? इसकी व्याख्या कीजिए |

उत्तर: प्लास्टर ऑफ़ पेरिस को आर्द्र – रोधी बर्तन में इसलिए रखा जाना चाहिए क्योंकि यह आर्द्रता की उपस्थिति में जल को अवशोषित कर ठोस पदार्थ जिप्सम बनाती है | जिसके कारण इसमें जल के साथ मिलकर जमने का गुण नष्ट हो जाता है |

Q14. उदासीनीकरण अभिक्रिया क्या है ? दो उद्धरण दीजिए |

उत्तर:  वह अभिक्रिया जिसमे क्षारक एवं अम्ल अभिक्रिया कर जल एवं लवण का निर्माण करते है इस अभिक्रिया को उदासीनीकरण अभिक्रिया कहते है |इस अभिक्रिया में अम्ल तथा क्षारक एक दुसरे के प्रभाव को खत्म कर या उदासीन बना देते है|

Q15. धोने का सोडा एवं बेकिंग सोडा के दो – दो प्रमुख उपयोग बताइए | .

उत्तर: धोने का सोडा के उपयोग :-

  1. सोडियम कार्बोनेट का उपयोग काँच, साबुन एवं कागज उद्यगो में होता है |
  2. इसका उपयोग बोरेक्स जेसे सोडियम योगिक के उत्पादन में होता है |
  3. सोडियम कार्बोनेट का उपयोग घरों में साफ – सफाई के लिए होता है |
  4. जल की स्थाई कठोरता को हटाने के लिए इसका उपयोग होता है |

बेकिंग सोडा के  उपयोग :- 

  1. बेकिंग सोडा का उपयोग खाने कि चीजो को मुलायम , स्पंजी एवं खस्ता  बनाने के लिए किया जाता है |
  2. बेकिंग सोडा के  क्षारिय होने के करण ये पेट में अम्ल की मात्रा की अधिकता को कम या उदासीन करके राहत पहुचाने के लिए उपयोग किया जाता है |
  3. कभी – कभी इसका उपयोग खाने को शीघ्रता से पकाने के लिए भी किया जाता है |
  4. इसका उपयोग सोडा – अम्ल अग्निशामक में भी किया जाता है |

महत्वपूर्ण-प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1: CaOCl2 यौगिक का प्रचलित नाम क्या है ?

उत्तर: ब्लीचिंग पाउडर

प्रश्न 2: उस पदार्थ का नाम बताइए जो क्लोरीन से क्रिया करके विरंजक चूर्ण बनता है |

प्रश्न 3: कठोर जल को मृदु करने के लिए किस सोडियम यौगिक का उपयोग किया जाता है ?

उत्तर: Na2CO3.10H2O (धोने का सोडा)

प्रश्न 4: सोडियम हाइड्रोजनकार्बोनेट के विलयन को गर्म करने पर क्या होता होगा ? इस अभिक्रिया के लिए समीकरण लिखिए |

उत्तर: जब सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट के विलयन को गर्म किया जाता है तो सोडियम कार्बोनेट, जल और कार्बन डाइऑक्साइड गैस उत्सर्जित होता है |

NCERT Solutions for Class 10 Science Chapter 2 Acids, Bases and Salts (Hindi Medium) 2

प्रश्न 5: प्लास्टर ऑफ़ पेरिस की जल के साथ अभिक्रिया के लिए समीकरण लिखिए |

उत्तर:
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अतिरिक्त एवं महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर:

प्रश्न 1: दो प्राकृतिक संसूचकों के नाम लिखिए। 
उत्तर:

(i)  लिटमस पत्र
(ii)  हल्दी

प्रश्न 2: दो संश्लेषित संसुचकों  के नाम लिखों ।
उत्तर:

(i) मेथिल ऑरेंज
(ii) फीनॉल्फथेलिन

प्रश्न 3: कुछ ऐसे पदार्थ जिनकी गंध अम्लीय या क्षारकीय माध्यम में बदल जाती है।इन्हें क्या कहते है ?
उत्तर: गंधीय सूचक ।

प्रश्न 4: अम्ल के अवशिष्टों के साथ मिलकर धातु एक यौगिक बनाता है और हाइड्रोजन गैस निकालता है। इस यौगिक को क्या कहते है ?
उत्तर – लवण ।

प्रश्न 5: कैल्सियम कार्बोनेट के विविध रूपों के नाम लिखों ।
उत्तर – चुना पत्थर , खडिया , संगमरमर ।

प्रश्न 6: चुने के पानी में कार्बन डाइऑक्साइड गैस को प्रवाहित करने पर कैल्सियम कार्बोनेट का सफेद अवक्षेप तथा जल प्राप्त होता है।
(i) इस अभिक्रिया का समग्र समीकरण लिखिए ।
(ii) इस सफेद अवक्षेप को क्या कहते है ?
(iii) अत्यधिक मात्रा में कार्बन डाइऑक्साइड गैस को प्रवाहित करने पर क्या प्राप्त होता है।

उत्तर: 

(i) इस अभिक्रिया का समग्र समीकरण :
Ca(OH)2(aq) + CO2(g) → Ca CO3(s) + H2O (l)

(ii) कैल्शियम कार्बोनेट (CaCO3)

(iii) जल में विलयशील Ca(HCO3)2 (aq) प्राप्त होता है |

प्रश्न 7: अम्ल और क्षारक की आपसी अभिक्रिया जिसमें लवण तथा जल प्राप्त होता है इस अभिक्रिया को क्या कहते है ?

उत्तर: उदासीनीकरण अभिक्रिया ।

प्रश्न 8: उदासीनीकरण अभिक्रिया किसे कहते है ?

उत्तर: अम्ल और क्षारक की आपसी अभिक्रिया जिसमें लवण तथा जल प्राप्त होता है और वे एक दूसरे के प्रभाव को समाप्त कर देते है इस अभिक्रिया को उदासीनीकरण अभिक्रिया कहते है।

क्षारक + अम्ल → लवण + जल

प्रश्न 9: धात्विक आक्साइडों की प्रकृति क्या होती है ?

उत्तर: धात्विक आक्साइडों की प्रकृति क्षारकीय होती है ।

प्रश्न 10: अधात्विक आक्साइडों की प्रकृति क्या होती है ?

उत्तर: धात्विक आक्साइडों की प्रकृति अम्लीय होती है ।

प्रश्न 11: पीतल एवं ताँबे के बर्तनों में दही एवं खट्टे पदार्थ क्यों नहीे रखने चाहिए ?
उत्तर: दही एवं खट्टे पदार्थ की प्रकृति अम्लीय होती है इसमें उपस्थित अम्ल पीतल एवं ताँबे से तुरन्त अभिक्रिया कर बर्तन को नष्ट कर देते है । और इसमें रखे पदार्थ भी खराब हो जाते है।

प्रश्न 12: धातु के साथ अम्ल की अभिक्रिया होने पर समान्यतः कौन सी गैस निकलती है ? एक उदाहरण देकर समझाइए । इस गैस की उपस्थिति की जाँच कैसे करोगें ?

उत्तर – धातु के साथ अम्ल की अभिक्रिया होने पर समान्यतः हाइड्रोजन गैस निकलती है। जैसे-

2HCl + Mg → MgCl+ H(g)

इस गैस की उपस्थिति की जाँच के लिए जब हम जलती हुई मोमबती इस गैस के पास ले जाते है तो फट – फट की ध्वनी के साथ हाइड्रोजन गैस का दहन होता है।

प्रश्न 13: जल में धुलनशील क्षारक को क्या कहते है ?
उत्तर : क्षार

प्रश्न 14: हमारे शरीर में दाँतों का इनैमल एक सबसे कठोर पदार्थ हैं । चॉकलेट तथा मिठाई खाने से यह क्षय कैसे हो जाता हैैं ? इसकी रोकथाम करने के लिए क्या करना चाहिए ? इनैमल किसका बना होता हैं ? मुँह का pH मान कितना होता हैं ?

उत्तर – मुँह मेें उपस्थित बैक्टीरिया भोजन के पश्चात् मुँह में अपशिष्ट शर्करा तथा खाद्य पदार्थों का निम्नीकरण करके अम्ल उत्पन्न करते हैं । यह अम्ल मुँह के pH मान से कम हो जाता हैं जिससे दाँतो का क्षय होना शुरू हो जाता हैं । इसकी रोकथाम करने के लिए भोजन के पश्चात् मुँह साफ करना चाहिए । इनैमल कैल्शियम फॉस्फेटका बना होता हैं । मुँह का pH मान 5.5 होता हैं ।

प्रश्न 15: माँसपेशियों में क्रैम्प क्यो होते हैं ?
उत्तर – माँसपेशियों में लैक्टिक अम्ल की अधिकता के कारण क्रैम्प होते हैं ।

प्रश्न 16: एक पदार्थ  A वाशिग सोडे की सिरके से क्रिया से प्राप्त होता हैं । पदार्थ A क्या हैं ?
उत्तर: पदार्थ A सोडियम एसिटेट है, इस क्रिया का अभिक्रिया निम्न है |

NCERT Solutions for Class 10 Science Chapter 2 Acids, Bases and Salts (Hindi Medium) 4

प्रश्न 17: किसी टूटी हुई हडड्ी को स्थिर रखने के लिए डॉक्टर श्वेत पाउडर की पानी में बनी पेस्ट का उपयोग करते हैं ।

  1. इस पदार्थ का नाम बताइए ।
  2. इसका रासायनिक सूत्र लिखों ।
  3. इस पदार्थ का एक विशेष गुण बताइए ।
  4. इस पदार्थ को आर्द्र रोधी बर्तन में क्यो रखा जाना चाहिए ।

उत्तर:

  1. इस पदार्थ का नाम प्लास्टर ऑफ पेरिस हैं ।
  2. इसका रासायनिक सूत्र CaSO4 . ½ H2O हैं ।
  3. इस पदार्थ का एक विशेष गुण यह हैं कि जल मिलाते ही तुरंत कठोर हो जाता हैं । इसलिए इसका उपयोग खिलौने बनाने में किया जाता हैं ।
  4. इस पदार्थ को आर्द्र रोधी बर्तन में इसलिए रखते हैं क्योंकि आर्द्र वायु से अभिक्रिया कर जिप्सम बनाता है

प्रश्न 18: तनुकरण किसे कहते है ?

उत्तर: जल में अम्ल या क्षारक मिलाने पर आयन की सांद्रता (H3O/OH) में प्रति इकाई आयतन में कमी हो जाती है , इस प्रक्रिया को तनुकरण कहते हैं ।

प्रश्न 19: दैनिक जीवन में pH का महत्व लिखिए ।
उत्तर:

  1. हमारा शरीर 7.0 से 7.8 pH परास के बीच कार्य करता है।
  2. मिटटी की pH की प्रकृति अम्लिय हो तो फसल के लिए अनुकुल नहीं होती है।
  3. हमारे उदर में हाइड्रोक्लोरिक अम्ल होता है जो उदर को हानि पहुॅचाए बिना पाचन में सहायता करता है।
  4. यदि मुॅह का चभ् मान 5.5 से कम हो तो दॉतो का क्षय हो जाता है।

प्रश्न 20: विरंजक चूर्ण का निर्माण कैसे होता है इसका तीन उपयोग लिखिए।

उत्तर : शुष्क बुझा हुआ चुना [Ca(OH)2] पर क्लोरिन कि क्रिया से विरंजक चूर्ण का निर्माण होता है।

Ca(OH)2 + Cl2 → CaOCl2 + H2O

विरंजक चूर्ण का उपयोग :

(i) वस्त्र उद्योग में सूती एवं लिनेन के विरंजन के लिए कागज की फैक्ट्री में लकड़ी के मज्जा एवं लौंड्री में साफ कपड़ों के विरंजन के लिए |

(ii) रासायनिक उद्योगों में एक उपचायक के रूप में |

(iii) पीने वाले जल को जीवाणु से मुक्त करने के लिए रोगाणुनाशक के रूप में |

प्रश्न 21: लिटमस पत्र कहाँ से प्राप्त होता है ?
उत्तर : यह थैलोफाइटा समुह के लिचेन पौधे से प्राप्त होता है।

प्रश्न 22: तीन प्राकृतिक पदार्थो का नाम बताइए जो अम्ल और क्षार की उपस्थ्तिि को सूचित करते है ?

उत्तर: 

  1. हल्दी
  2. लिटमस पत्र
  3. लाल बंदगोभी

प्रश्न 23: अम्ल और क्षारक के दो दो रासायनिक गुण लिखिए।

उत्तर: अम्ल के रासायनिक गुण:-

(i) यह जल के साथ H+ आयन प्रदान करता है।
(ii) अम्ल धातु के साथ अभिक्रिया कर लवण तथा हाइड्रोजन गैस प्रदान करता है।

क्षारक के रासायनिक गुण:-

(i) यह जल के साथ (OH)– आयन प्रदान करता है।
(ii) क्षारक अम्ल के साथ अभिक्रिया कर लवण तथा हाइड्रोजन गैस प्रदान करता है।

प्रश्न 24: आसवित जल विद्युत का चालक क्यों नहीं होता जबकि वर्षा जल होता है ?

उत्तर: आसवित जल विद्युत का चालक नहीं होता क्योंकि उसमें H+ आयन नहीं होता, आसवित जल उदासीन होता है। जबकि वर्षा जल की प्रकृति दुर्बल अम्लीय होता है। उसमें H+ आयन उपस्थित होते है जो विद्युत का चालन करते हैं ।

प्रश्न 25: पीतल एवं ताँबे के बर्तनों में दही एवं खट्टे पदार्थ क्यों नहीं रखते है ?

उतर: पीतल एवं ताँबे के बर्तनों में दही एवं खट्टे पदार्थ नहीं रखते क्योंकि दही एवं खट्टे पदार्थो में उपस्थित अम्ल पीतल तथा ताँबा से अभिक्रिया कर बर्तन को नष्ट कर देता है तथा पदार्थ का स्वाद बदल जाता है।

प्रश्न 26: कोई धातु यौगिक ‘A’ तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के साथ अभिक्रिया करता है तो बुदबुदाहट उत्पन्न होती है। इससे उत्पन्न गैस जलती मोमबती को बुझा देती है । यदि उत्पन्न यौगिकों में से एक कैल्सियम क्लोराइड है , तो इस अभिक्रिया के लिए संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए।

उत्तर:  Ca + 2HCl → CaCl2 + H2

प्रश्न 27: हमारे शरीर में दाँतों का इनैमल एक सबसे कठोर पदार्थ हैं । चॉकलेट तथा मिठाई खाने से यह क्षय कैसे हो जाता हैैं ? इसकी रोकथाम करने के लिए क्या करना चाहिए ? इनैमल किसका बना होता हैं ? मुँह का pH मान कितना होता हैं ?

उत्तर: भोजन के बाद मुँह साफ करने से इससे बचाव किया जा सकता है। मुँह की सफाई के लिए क्षारकीय दंत-मंजन का उपयोग करने से अम्ल की आधिक्य मात्रा को उदासीन किया जा सकता है जिसके परिणामस्वरूप दंत क्षय को रोका जा सकता है।

दाँतों का इनैमेल कैल्शियम फॉस्फेट का बना होता है |

मुँह का pH मान 5.5 होता है |

प्रश्न 28: एक पदार्थ ‘A’ वाशिग सोडे की सिरके से क्रिया से प्राप्त होता हैं । पदार्थ A क्या हैं ?

उत्तर:  

प्रश्न 29: किसी टूटी हुई हड्डी को स्थिर रखने के लिए डॉक्टर श्वेत पाउडर की पानी में बनी वेस्ट का उपयोग करते हैं ।

(i) इस पदार्थ का नाम बताइए ।
(ii) इसका रासायनिक सूत्र लिखों ।
(iii) इस पदार्थ का एक विशेष गुण बताइए ।
(iv) इस पदार्थ को आर्द्र रोधी बर्तन में क्यो रखा जाना चाहिए ।

उत्तर: 

प्रश्न 30: सभी अम्लों मे क्या समानता है ? कोई एक समानता लिखिए |

Hope given NCERT Solutions for Class 10 Science Chapter 2 are helpful to complete your homework.

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NCERT Solutions for Class 10 English

The Proposal NCERT Solutions for Class 10 English First Flight Chapter 10

The Proposal NCERT Text Book Questions and Answers

The Proposal Thinking about the Text

Question 1.
What does Chubukov at first suspect that Lomov has come for? Is he sincere when he later says “And I’ve always loved you, my angel, as if you were my own son?” Find reasons for your answer from the play.
Answer:
Chubukov suspected that Lomov has come for borrowing money from him. No, he was not sincere because he was relaxed only to know that he had got a son-in-law. He had always wanted to see his daughter Natalya get married to Lomov. So he, at once changed his tactics.

Question 2.
Natalya: “ as if she won’t consent! She’s in love; egad she’s like a lovesick cat ” Would you agree? Find reasons for your answer.
Answer:
Yes, Natalya is in love with Lomov. Because when she comes to know that Lomov has come to propose her, she realises her mistake and requests her father to call Lomov back. She becomes restless and wants to accept the proposal of Lomov.

The Proposal Extra Questions and Answers

The Proposal Reference-to-Context Questions

Read the following extract carefully and answer the questions that follow.

Question 1.
“Now, you know, you should not forget all about your neighbours, my darling. My dear fellow, why are you so formal in your get-up! Evening dress, gloves, and so on. Can you be going anywhere, my treasure?”

(a) Chubukov asked Lomov why he was so in his get-up.
Answer:
formal

(b) Lomov should not forget all about his
Answer:
neighbours

(c) Lomov was Chubukov’s most valuable treasure. (True/False)
Answer:
True

(d) Find the same meaning of ‘official’ in the extract.
Answer:
Formal

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Question 2.
“I’ve been hoping for it for a long time. It’s been my continual desire, [sheds a tear] and I’ve always loved you, my angel, as if you were my own son.”

(a) Chubukov has been hoping for Lomov’s marriage for his daughter Natalya.
Answer:
proposal

(b) Chubukov loved Lomov like his own
Answer:
son

(c) Chubukov’s continual desire was to get his daughter married with Ivan Lomov. (True/False)
Answer:
True

(d) Find the antonym of ‘devil’ in the extract.
Answer:
angel

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Question 3.
‘And it’s impossible for me not to marry. In the first place, I’m already 35—a critical age, so to speak. In the second place, I ought to lead a quiet and regular life.’

(a) Lomov is years old.
Answer:
35

(b) Lomov thinks that it is impossible for him to marry because he has reached a ………… age.
Answer:
critical

(c) Lomov ought to lead a quiet and regular life. (True/False)
Answer:
True.

(d) Find the antonym of ‘possible’ in the extract.
Answer:
impossible

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Question 4.
“But you can see from the documents, honoured Natalya Stepanovna. Oxen Meadows, it’s true, were once the subject of dispute, but now everybody knows that they are mine. There’s nothing to argue about.”

(a) Oxen Meadows were once the subject of …………..
Answer:
dispute

(b) Lomov told Natalya that everybody know about the of Oxen Meadows.
Answer:
ownership

(c) According to Lomov, the documents say that Natalya cannot be the owner of the Oxen Meadows. (True/False)
Answer:
True

(d) Find the same meaning of ‘to plead’ in the extract.
Answer:
to argue.

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Question 5.
“I can make you a present of them myself, because they’re mine! your behaviour, Ivan Vassilevitch, is strange, to say the least!”

(a) Natalya can make a present of to the Lomovs.
Answer:
Oxen Meadows

(b) Ivan Vassilevitch Lomov’s behaviour is
Answer:
strange

(c) Natalya claims that Oxen Meadows are hers. (True/False)
Answer:
True

(d) Find the same meaning of ‘peculiar’ in the extract.
Answer:
strange.

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Question 6.
“If it wasn’t, madam, for this awful excruciating palpitation, if my whole inside wasn’t upset, I’d talk to you in a different way! [Yells] Oxen Meadows are mine.”

(a) Lomov told Natalya that his whole inside was ……………..
Answer:
upset

(b) Lomov had an awful, …………….. palpitation.
Answer:
excruciating.

(c) Lomov yelled that Oxen Meadows were not his. [True/False]
Answer:
False

(d) Find the antonym of ‘pleasant’ in the extract.
Answer:
Awful.

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Question 7.
‘But, please, Stephen Stepanovitch, how can they be yours? Do be a reasonable man! My aunt’s grandmother gave the Meadows for the temporary and free use of your grandmother’s peasants. The peasants used the land for forty years and got accustomed to it as if it was their own, when it happened that

(a) Lomov’s aunt’s grandmother gave the ……………… for the temporary and free use of Chubukov’s grandfather’s peasants.
Answer:
Meadows

(b) The peasants had used the land for years.
Answer:
40

(c) Lomov wanted Stephen Stepanovitch Chubukov to be a reasonable man. (True/False)
Answer:
True.

(d) Find the same meaning of ‘used to’ in the extracts.
Answer:
accustomed to.

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Question 8.
Chubukov : And that blind hen, yes, that turnip-ghost has the confounded cheek to make a proposal, and so on! What? A proposal!
Natalya : What proposal?
Chubukov : Why, he came here to propose to you.

(a) Lomov was called the ……….. hen.
Answer:
blind

(b) Lomov made a ………….. to Chubukov for marrying his daughter Natalya.
Answer:
proposal

(c) Lomov was called the blind dog. (True/False)
Answer:
False.

(d) Find the same meaning of ‘confused’ in the extract.
Answer:
confounded

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Question 9.
Chubukov : (Yells) He’s coming. I tell you. ‘Oh, what a burden, Lord, to be the father of a grown-up daughter! I’ll cut my throat I will, indeed! We cursed him, abused him, drove him out; and it’s all you…. you!

(a) Chubukov ……………… when he saw Lomov come to his house.
Answer:
yelled

(b) As a father of a grown-up daughter, his duty is to find a ………… match.
Answer:
perfect

(c) Chubukov was right to drive Lomov out of the house. (True/False)
Answer:
False

(d) Find the antonym of ‘praised’ in the extract.
Answer:
abused

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Question 10.
Natalya – Papa gave 85 roubles for his Squeezer, and Squeezer is heaps better than Guess!
Lomov – Squeezer better than Guess? What an idea! [laughs] Squeezer better than Guess!
Natalya – Of course he’s better! Of course, Squeezer is young, he may develop a bit, but on
points and pedigree he’s better than anything that even Volchanetsky has got.

(a) Natalya and Guess are fighting over the of their dogs.
Answer:
supremacy.

(b) Natalya thought that her dog, Squeezer was better than Lomov’s dog
Answer:
Guess

(c) Squeezer costs 85 roubles. (True/False)
Answer:
True.

(d) Find the same meaning of ‘ancestry’ in the extract.
Answer:
pedigree.

Question 11.
“Natalya – There’s some demon of contradiction in you today, Ivan Vassilevitch. First you, pretend that the Meadows are yours; now, that Guess is better than Squeezer. I don’t like people who don’t say what they mean becuase you know perfectly well that Squeezer is a hundred times better than your silly Guess.”

(a) Ivan Vassilevitch is …………..
Answer:
Lomov

(b) Natalya says that her dog Squeezer is a better than Guess.
Answer:
hundred times

(c) There is some demon of contradiction in Lomov. (True/False)
Answer:
True.

(d) Find the same meaning of “opposing ideas.”
Answer:
demon of contradiction

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Question 12.
Lomov : Excuse me, my heart…. Let’s take the facts. You will remember that on the Marusinsky hunt my Guess ran neck-and-neck with the count’s dog, while your Squeezer was left a whole verst behind.
Chubukov : He got left behind because the Count’s whipper-in hit him with his whip.

(a) On the Marusinsky hunt, Lomov’s Guess ran with the count’s dog.
Answer:
neck-and-neck.

(b) ‘Marusinsky hunt’ is a famous dog ……………. in Russia.
Answer:
race

(c) Chubukov’s dog Squeezer got behind becuase count’s whipper-in hit him with an iron rod. (True/False)
Answer:
False.

(d) Find the same meaning of ‘equal’ in the extract.
Answer:
neck-and-neck.

Question 13.
Chubukov : Yes really, what sort of a hunter are you, anyway? You ought to sit at home with your palpitation, and not go tracking animals. You could go hunting, but you only go to argue with people and interfere with their dogs and so on. Let’s change the subject in case I lose my temper. You’re not a hunter at all, anyway!

(a) Lomov’s habit was to …………. with people and interfere with their dogs.
Answer:
argue

(b) Chubukov wanted to change the subject of his discussion as he was getting ……….. with Lomov.
Answer:
irritated

(c) Lomov was very brave as he was a good hunter. ( True/False)
Answer:
False.

(d) Find the same meaning of ‘heart beating’ in the extract.
Answer:
palpitation

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Question 14.
“Chubukov : Who’s dead? [Looks at Lomov] So he is! My word! Water! A doctor! [Lifts a tumbler to Lomov’s mouth] Drink this! No, he doesn’t drink. It means he’s dead, and all that. I’m the most unhappy of men! Why don’t I put a bullet into my brain?

(a) Lomov ……….. to be dead.
Answer:
pretends

(b) Chubukov feels that he is the most of men as his would-be-son-in-law Lomov was found unconscious.
Answer:
unhappy

(c) A doctor was called for to examine Lomov whether he was dead. (True/False)
Answer:
True.

(d) Find the antonym of ‘happy’ in the extract.
Answer:
unhappy.

Question 15.
Chubukov : Kiss each other!
Lomov : Eh? Kiss whom? [They kiss] Very nice, too. Excuse me, what’s it all about? Oh,
now I understand my heart stars I’m happy. Natalya Stepanovna…. [Kisses
her hand] My foot’s gone to sleep.

(a) Chubukov feels that Lomov is the right for his daughter.
Answer:
choice

(b) Lomov was happy, as he wanted to marry
Answer:
Natalya

(c) Natalya was not happy to marry Lomov as she did not love him deeply. (True/False)
Ans.
False

(d) Find the antonym of ‘misunderstand’ in the extract.
Answer:
understand

The Proposal Short Answer Questions

Question 1.
Who is Lomov? Why does he visit Chubukov?
Answer:
Value Points

  • Lomov is a wealthy youngman.
  • Visits Chubukov to seek the hand of his wealthy daughter.

Question 2.
What makes Chubukov misunderstand the purpose of Lomov’s visit?
Answer:

  • Chubukov – misunderstands that Lomov had come to borrow money
  • Lomov – had come to trouble him with a request for help
    – he didn’t reveal his purpose of coming directly.

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Question 3.
Why does Natalya quarrel with Lomov? What is the result?
Answer:
Lomov fought with Natalya for a piece of land. Both of them wanted to have a claim for the same piece of land, i.e., Oxen Meadows. The second time they fought for their dogs to establish the supe-riority of one over the other. Lomov and Natalya are not able to decide whose dog is superior as Natalya is proud of her dog, Squeezer who is young and belongs to a pedigree, whereas Lomov considers it to be uppershot and boasts of his pet ‘Guess’ who he thinks is a first rate dog. But Natalya considers ‘Guess’ to be old and as ugly as a worn out cab horse.
Or
Value Points

  • Chubukov’s strange remarks
  • His behaviour towards Lomov
  • His reaction at the dress of Lomov
  • His eccentric behaviour
  • Sudden change in the behaviour

Question 4.
Why is Chubukov surprised at Lomov’s wearing of a formal evening dress when Lomov comes to meet him?
Answer:
Chubukov is surprised at Lomov’s wearing of a formal evening dress as there was no formal occasion known to him. He asked Lomov if he was going somewhere in such a nice dress. Lomov told him that he had come to his house to propose Natalya.

Question 5.
Chubukov says to Lomov, “And I’ve always loved you, my angel, as if you were my own son.” Is he sincere in saying so? Give reasons.
Answer:
Chubukov says to Lomov, “And I’ve always loved you, my angel, as if you were my own son.” No, he is not sincere in saying so. He didn’t have a good opinion about him. He thought that he had come there to ask for some money. He changed his stand only when he came to know that Lomov wanted to marry Natalya, his daughter. It was something that Chubukov always wanted.

Question 6.
What was Lomov’s opinion about Squeezer?
Answer:
Lomov’s opinion about Squeezer was not positive. He considered Squeezer a bad hunter. Lomov was sure that dog’s lower jaw was shorter than the upper one. He thought it to be of inferior quality.

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Question 7.
With what request does Lomov come to Chubukov? What is his state of mind at that time?
Answer:
Lomov came to Chubukov to request him to allow him to propose to his daughter Natalya. At that time he was suffering from weakness. His limbs became numb. Whenever he was excited, his heart started palpitating. His foot often became numb and he was unable to bear the shock in life.

Question 8.
Why did Chubukov thank Lomov for proposing to his daughter?
Answer:
Chubukov was overjoyed to know that Lomov wanted to propose to his daughter Natalya. He thanked him for taking this decision. He was happy as Natalya had passed the marriage age.

Question 9.
Why was Chubukov sure that Natalya would give her consent for the proposal?
Answer:
Chubukov was sure that Natalya would give her consent for the proposal because Natalya was in love with Lomov. Therefore, she would give her consent for the marriage proposal. Moreover, she wanted to get married.

Question 10.
What is the ailment that Lomov is suffering from?
Answer:
Lomov is suffering from weakness or depression. His limbs become numb. Whenever he is excited his heart starts palpitating. His foot often becomes numb and he is unable to bear the shock in life.

Question 11.
Whose dog turns out to be superior? How?
Answer:
Lomov and Natalya are not able to decide whose dog is superior as Natalya is proud of her dog, Squeezer who is young and belongs to a pedigree, whereas Lomov considers it to be uppershot and boasts of his pet ‘Guess’ who he thinks is a first-rate dog. But Natalya considers ‘Guess’ to be old and as ugly as a worn out cab horse.

Question 12.
How does Chubukov appreciate ‘Squeezer’?
Answer:
In order to quieten the boastful arguments of Lomov regarding his pet dog ‘Guess’. Chubukov appreciates Squeezer saying that he is pure-breed, firm on his feet and has well sprung ribs.

The Proposal Long Answer Questions

Question 1.
Chubukov was thinking of refusing Lomov’s proposal without even knowing of later’s intentions.When he came to know that Lomov had come to ask for the hand of his daughter, he showered love and blessings on Lomov. Was he really sincere or was it just an example of his dual personality? Do you like such kind of people? Give your opinion in 120-150 words.
Answer:
Chubukov is a very diplomatic person. Thinking that Lomov had come to borrow some money, he posed himself to be very sweet and wanted to refuse him somehow. But when Lomov disclosed his real intention of marrying his daughter, he changed colours and started showing exaggerated love.

He was not sincere. In fact he possesses a dual personality. I don’t like such selfish persons. They can do anything to fulfil their interests. In fact, we can say that they are opportunists. These persons can even go to the extent of harming others in their self-interest. Most often they become successful in deceiving others but they end up being hated by all.

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Question 2.
Natalya and her father both accused Lomov of telling a lie regarding the Oxen-Meadows but when Natalya came to know that Lomov had come to propose her, she at once wanted him back. This shows her selfishness. What traits of Natalya’s character are revealed here? Do you like her?
Answer:
Both Chubukov and her daughter Natalya have a dual personality. Natalya welcomed him warmly and talked with him pleasantly. But when Lomov referred to the Oxen Meadows, a disputed piece of land, as ‘My Oxen Meadows, she objected strongly saying that the land belonged to them. The argument went on for some time. When she came to know that Lomov wanted to marry her, she at once changed her tactics and hysterically told her father to bring Lomov back.

Like her father, she also turned out to be very selfish. As she was about to pass the marriage age, she was desperate to get married. In spite of the differences in their thought and opinions, she agreed to marry him. I don’t like Natalya as she is too self-centered, short tempered and eccentric. Just to settle down in her life, she agreed to marry Lomov, with whom she had much differences. One should always be honest in one’s behaviour. Never compromise on your values.

Question 3.
Throughout the play, the characters tried to overpower each other by insulting and abusing. They were angered very easily. Do you think it is very necessary to learn how to manage our anger? What are the harms of being too ill-tempered? Suggest some ways to keep your calm in even the worst of the situations.
Answer:
Throughout the play, the characters are seen arguing and hurling abuses at each other over petty issues. They are angered very easily and never hesitate to blame the other person for nothing. The important thing to learn here is how to control our anger. Some people get easily excited and lose control. But anger has many ill-effects too. The person who gets angry easily is prone to many diseases like high blood pressure, nervous breakdown, heart attack, etc. So it is of utmost importance to maintain one’s calm even in the worst of the situation.
Follow these simple rules to manage your anger.

  • Take deep breaths to keep stress at bay.
  • Count till 10 to minimise your angry feelings.
  • Have a glass of cold water to calm your nerves.
  • More importantly, avoid retaliating at once.

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Question 4.
Forgiveness is the foundation of cordial relationship. Do you agree? How is this message conveyed in the play The Proposal? How can forgiveness be inculcated in the students in the schools?
Answer:
Yes it is true that forgiveness is the foundation of all the cordial relationships in our society. Most of the time enmity is developed due to communication gap or misunderstanding. Lack of tolerance and mismanagement of anger lead to enmity. Whenever there is any disagreement or difference of opinion, one must sit together and sort out the issue amicably. One must forgive another. We make fences and spoil relationships. Anton Chekov has conveyed this message in the play ‘The Proposal’. Lomov and Chubukov are neighbours. They have a controversy on the issue of ownership of the Oxen Meadows.

They also have a difference of opinion on the superiority of the breed of their dogs. Lomov wants to resolve the issue and visits Chubukov with a purpose to propose Natalya. On the other hand, when Chukubov sees Lomov, he suspects that he must have come for borrowing money. It is only the lack of forgiveness that creates unnecessary misunderstandings and leads to quarrel on petty issues. The matter is not sorted out until they forgive each other. Forgiveness should be inculcated amongst the students in our schools through examples from real life and literature.

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NCERT Solutions for Class 10 Social Science Economics Chapter 4 Globalisation and the Indian Economy (वैश्वीकरण और भारतीय अर्थव्यवस्था)

NCERT Solutions for Class 10 Social Science Economics Chapter 4 Globalisation and the Indian Economy (Hindi Medium)

These Solutions are part of NCERT Solutions for Class 10 Social Science in Hindi Medium. Here we have given NCERT Solutions for Class 10 Social Science Economics Chapter 4 Globalisation and the Indian Economy.

प्रश्न अभ्यास

पाठ्यपुस्तक से

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिएप्रश्न

प्रश्न 1. वैश्वीकरण से आप क्या समझते हैं? अपने शब्दों से स्पष्ट कीजिए।
उत्तर वैश्वीकरण का अर्थ एक ऐसी व्यवस्था से है जिसमें किसी भी देश की अर्थव्यवस्था को विश्व की अन्य अर्थव्यवस्थाओं से विदेशी व्यापार एवं विदेशी निवेश द्वारा जोड़ा जाता है। वैश्वीकरण के कारण आज विश्व में विभिन्न देशों के बीच वस्तुओं, सेवाओं, तकनीकी तथा श्रम का आदान-प्रदान हो रहा है। इस कार्य में बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ बड़ी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं जब वे अपनी इकाइयाँ संसार के विभिन्न देशों में स्थापित करती हैं।

प्रश्न 2. भारत सरकार द्वारा विदेश व्यापार एवं विदेशी निवेश पर अवरोधक लगाने के क्या कारण थे? इन अवरोधकों को सरकार क्यों हटाना चाहती थी?
उत्तर स्वतंत्रता के बाद भारत सरकार ने विदेश व्यापार एवं विदेशी निवेश पर प्रतिबंध लगा रखा था। विदेशी प्रतिस्पर्धा से देश के उत्पादकों को संरक्षण प्रदान करने के लिए इसे अनिवार्य माना गया। 1950 एवं 1960 के दशक में उद्योगों की स्थापना हुई और इस अवस्था में इन नवोदित उद्योगों को आयात में प्रतिस्पर्धा करने की अनुमति नहीं दी गई। इसलिए भारत ने केवल अनिवार्य चीजों, जैसे–मशीनरी, उर्वरक और पेट्रोलियम के आयात की ही अनुमति दी।

सन् 1991 में आर्थिक नीति में परिवर्तन किया गया। सरकार ने निश्चय किया कि भारतीय उत्पादकों को विश्व के उत्पादकों के साथ प्रतिस्पर्धा करनी होगी जिससे देश के उत्पादकों के प्रदर्शन में सुधार होगा और वे अपनी गुणवत्ता में सुधार करेंगे। इसलिए विदेशी व्यापार एवं निवेश पर से अवरोधकों को काफी हद तक हटा दिया गया। इसका अर्थ है कि वस्तुओं का सुगमता से आयात किया जा सकेगा और विदेशी कंपनियाँ यहाँ अपने कार्यालय और कारखाने स्थापित कर सकेंगी। सरकार द्वारा अवरोधकों एवं प्रतिबंधों को हटाने की प्रक्रिया को ही उदारीकरण कहते हैं।

प्रश्न 3. श्रम कानूनों में लचीलापन कंपनियों को कैसे मदद करेगा?
उत्तर श्रम कानूनों में लचीलापन कंपनियों को महत्त्वपूर्ण मदद देगा । श्रम कानूनों में लचीलापन से बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ किसी
देश में निवेश करेंगी। जिससे नए उद्योग स्थापित होंगे, नए रोजगारों का सृजन होगा तथा साथ ही इन उद्योगों को कच्चे माल की आपूर्ति करने वाली स्थानीय कंपनियों का विस्तार होगा और उत्पादन प्रक्रिया का आधुनिकीकरण भी होगा। श्रम कानूनों में लचीलेपन के बाद अनेक भारतीय कंपनियों को लाभ हुआ। इन कंपनियों ने अपने उत्पादक मानकों को ऊँचा उठाया। कुछ ने विदेशी कंपनियों के साथ सफलतापूर्वक सहयोग करके लाभ अर्जित किया।

प्रश्न 4. दूसरे देशों में बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ किस प्रकार उत्पादन पर नियंत्रण स्थापित करती हैं?
उत्तर बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ वे कंपनियाँ हैं जो एक से अधिक देशों में उत्पादन पर नियंत्रण अथवा स्वामित्व रखती हैं। ये कंपनियाँ उन देशों में अपने कारखाने स्थापित करती हैं जहाँ उन्हें सस्ता श्रम एवं अन्य साधन मिल सकते हैं। जहाँ सरकारी नीतियाँ भी उनके अनुकूल हों। बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ इन देशों की स्थानीय कपंनियों के साथ संयुक्त रूप से उत्पादन करती हैं, लेकिन अधिकांशतः बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ स्थानीय कंपनियों को खरीदकर उत्पादन का प्रसार करती हैं। जैस-एक अमेरिकी

बहुराष्ट्रीय कंपनी ‘कारगिल फूड्स’ ने अत्यंत छोटी भारतीय कंपनी ‘परख फूड्स’ को खरीद लिया है। बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ एक अन्य तरीके से उत्पादन नियंत्रित करती हैं। विकसित देशों में बड़ी बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ छोटे उत्पादकों को उत्पादन का आदेश देती हैं। वस्त्र, जूते-चप्पल एवं खेल के सामान ऐसे उद्योग हैं, जिनका विश्वभर में बड़ी संख्या में छोटे उत्पादकों द्वारा उत्पादन किया जाता है। बहुराष्ट्रीय कंपनियों को इनकी आपूर्ति कर दी जाती है, जो अपने
ब्रांड नाम से इसे ग्राहकों को बेचती हैं।

प्रश्न 5. विकसित देश, विकासशील देशों से उनके व्यापार और निवेश का उदारीकरण क्यों चाहते हैं? क्या आप मानते हैं कि विकासशील देशों को भी बदले में ऐसी माँग करनी चाहिए?
उत्तर विकसित देश, विकासशील देशों से उनके व्यापार और निवेश का उदारीकरण चाहते हैं। इनका मानना है कि विदेश
व्यापार और विदेशी निवेश पर सभी अवरोधक हानिकारक हैं। इसलिए कोई अवरोधन नहीं होना चाहिए। देशों के बीच मुक्त व्यापार होना चाहिए। विश्व के सभी देशों को अपनी नीतियाँ उदार बनानी चाहिए। इसके लिए विकसित देशों की पहल पर विश्व व्यापार संगठन बनाया गया जो अंतर्राष्ट्रीय व्यापार से संबंधित नियम लागू करता है। विश्व व्यापार संगठन के नियमों के कारण विकासशील देश व्यापार अवरोधकों को हटाने के लिए विवश हुए हैं जबकि विकसित देशों ने अनुचित ढंग से व्यापार अवरोधकों को बरकरार रखा है।

विकासशील देश समय-समय पर विकसित देशों की सरकार से प्रश्न पूछते हैं कि उन्होंने विश्व व्यापार संगठनों के नियमों को ताक पर रखकर अपने देश में अवरोधक बना रखे हैं। क्या यह मुक्त और न्यायसंगत है?यदि विकासशील देश विश्व व्यापार संगठनों के नियमों को मानकर अवरोधकों को हटा रहे हैं तो विकसित देशों को भी अवरोधकों को हटाना
होगा।

प्रश्न 6. ‘वैश्वीकरण का प्रभाव एक समान नहीं है। इस कथन की अपने शब्दों में व्याख्या कीजिए।
उत्तर विभिन्न देशों के बीच परस्पर संबंध और तीव्र एकीकरण की प्रक्रिया ही वैश्वीकरण है। वैश्वीकरण का विश्व के सभी
देशों पर गहरा प्रभाव पड़ा किंतु यह प्रभाव एक समान नहीं है। स्थानीय एवं विदेशी उत्पादकों के बीच प्रतिस्पर्धाओं में धनी वर्ग के उपभोक्ताओं को लाभ हुआ है। इन उपभोक्ताओं के समक्ष पहले से अधिक विकल्प हैं और वे अनेक उत्पादों की उत्कृष्टता, गुणवत्ता और कम कीमत से लाभान्वित हो रहे हैं। परिणामतः ये लोग पहले की अपेक्षा एक उच्चतर जीवन स्तर का उपभोग कर रहे हैं।

वैश्वीकरण से बड़ी संख्या में छोटे उत्पादकों और कर्मचारियों को कई चुनौतियों का सामना कंरना पड़ा है। बैटरी, प्लास्टिक, खिलौने, टायर, डेयरी उत्पाद एवं खाद्य तेल के उद्योग कुछ ऐसे उदाहरण हैं, जहाँ प्रतिस्पर्धा के कारण छोटे निर्माता टिक नहीं सके। कई इकाइयाँ बंद हो गईं। जिसके चलते अनेक श्रमिक बेरोजगार हो गए। वैश्वीकरण और प्रतिस्पर्धा के दबाव ने श्रमिकों के जीवन को व्यापक रूप से प्रभावित किया। बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण श्रमिकों का रोजगार लंबे समय के लिए सुनिश्चित नहीं रहा। वैश्वीकरण के कारण मिले लाभ में श्रमिकों को न्यायसंगत हिस्सा नहीं मिला। ये सभी प्रमाण संकेत करते हैं कि वैश्वीकरण सभी के लिए लाभप्रद नहीं रहा है। शिक्षित, कुशल और संपन्न लोगों ने वैश्वीकरण से मिले नए अवसरों का सर्वोत्तम उपयोग किया है। दूसरी ओर अनेक लोगों को लाभ में हिस्सा नहीं मिला

प्रश्न 7. व्यापार और निवेश नीतियों का उदारीकरण वैश्वीकरण प्रक्रिया में कैसे सहायता पहुँचाती है?
उत्तर सरकार द्वारा व्यापार पर से अवरोधकों अथवा प्रतिबंधों को हटाने की प्रक्रिया को ही उदारीकरण कहा जाता है। सरकार व्यापार अवरोधक का प्रयोग विदेश व्यापार में वृद्धि या कटौती करने के लिए कर सकती है। सरकार द्वारा उदारीकरण करने से वस्तुओं का आयात-निर्यात सुगमता से किया जा सकेगा तथा विदेशी कंपनियाँ भी अपने कार्यालय और कारखाने खोल सकेंगी। व्यापार के उदारीकरण से व्यवसायियों को मुक्त रूप से निर्णय लेने की अनुमति मिल जाती है कि वे क्या आयात या निर्यात करना चाहते हैं। विश्व के सभी देशों को अपनी नीतियाँ उदार बनानी होंगी तभी वैश्वीकरण को बढ़ावा मिलेगा।

प्रश्न 8. विदेश व्यापार विभिन्न देशों के बाजारों के एकीकरण में किस प्रकार मदद करता है? यहाँ दिए गए उदाहरण से भिन्न उदाहरण सहित व्याख्या कीजिए।
उत्तर विदेशी व्यापार विभिन्न देशों के बाजारों के एकीकरण में निम्नलिखित प्रकार से मदद करता है

  1. विदेशी व्यापार के कारण घरेलू उत्पादकों को अन्य देशों के बाजारों में पहुँचने का अवसर मिलता है। इससे उत्पादक अपने देश के बाजारों के साथ-साथ विश्व के बाजारों से भी प्रतियोगिता कर सकता है।
  2. ग्राहकों को विदेशी व्यापार के कारण सबसे अधिक लाभ रहता है। अब उन्हें विभिन्न प्रकार की चीजें अपने देश में ही उपलब्ध होने लगती हैं।

उदाहरण के लिए भारतीय कंप्यूटर बाजार में विदेशी कंपनियों के प्रवेश से भारतीय तथा विदेशी कंपनियों में प्रतिस्पर्धा होगी। यदि विदेशी कंपनियों के कंप्यूटर बेहतर साबित होंगे तो भारतीय उपभोक्ता के सामने अधिक
विकल्प उपलब्ध होंगे। भारतीय कंपनियाँ भी अपनी हानि को कम करने के लिए अपने उत्पाद की गुणवत्ता और
कीमतों में सुधार करेंगी अन्यथा वे प्रतियोगिता से बाहर हो जाएँगी।

प्रश्न 9. वैश्वीकरण भविष्य में जारी रहेगा। क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि आज से बीस वर्ष बाद विश्व कैसा होगा? अपने उत्तर का कारण दीजिए।
उत्तर मेरे अनुसार आज से बीस वर्ष बाद भी वैश्वीकरण न केवल जारी रहेगा बल्कि वह अपने चरम पर होगा। विश्व के विभिन्न
देशों की अर्थव्यवस्थाएँ एक-दूसरे से जुड़ी होंगी। उनमें वस्तुओं, सेवाओं, तकनीकी तथा श्रमिकों का आदान-प्रदान बहुत अधिक होगा । बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ विभिन्न देशों में अधिक-से-अधिक निवेश करेंगी। विदेशी व्यापार का अधिकांश हिस्से पर बहुराष्ट्रीय कंपनियों का नियंत्रण होगा। इस अवस्था में वैश्वीकरण के कारण व्यापार तथा निवेश के क्षेत्र में विभिन्न देशों में एकीकरण में वृद्धि होगी। एक देश की तकनीक, पूँजी तथा श्रम दूसरे देश के काम आने लगेंगे जिससे विश्व अर्थव्यवस्था का विकास होगा।

प्रश्न 10. मान लीजिए कि आप दो लोगों को तर्क करते हुए पाते हैं-एक कह रहा है कि वैश्वीकरण ने हमारे देश के विकास को क्षति पहुँचाई है, दूसरा कह रहा है कि वैश्वीकरण ने भारत के विकास में सहायता की है। इन लोगों को आप कैसे जवाब देगें?
उत्तर वैश्वीकरण का भारतीय अर्थव्यवस्था पर गहरा प्रभाव पड़ा है। यह प्रभाव सकारात्मक भी रहा तथा नकारात्मक भी।
इसलिए कुछ लोग मानते हैं कि वैश्वीकरण ने भारत के विकास में मदद पहुँचाई है तथा कुछ लोग मानते हैं कि वैश्वीकरण ने भारत के विकास को क्षति पहुँचाई। मेरा विचार है कि वैश्वीकरण से भारतीय अर्थव्यवस्था का विकास हुआ है। लोगों को नई व उन्नत तकनीक की वस्तुएँ तथा बेहतर रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं। लोगों के जीवन स्तर में सुधार हुआ है। किंतु ये विकास असमान रहा अर्थात् इसने बड़े-बड़े उद्योगपतियों, शिक्षित व धनी उत्पादकों व धनी उपभोक्ताओं को तो लाभ पहुँचाया किंतु छोटे उद्योगपतियों, सुशीला जैसे श्रमिकों तथा विकासशील देशों को नुकसान पहुँचाया । वैश्वीकरण के कारण बढ़ती प्रतिस्पर्धा ने भारत में कई लघु व कुटीर उद्योगों को लगभग नष्ट कर दिया है। श्रम कानूनों में, वैश्वीकरण के कारण बहुत लचीलापन आ गया जिससे लोगों का रोजगार अनिश्चित हो गया है।

अब जबकि वैश्वीकरण अनिवार्य विकल्प है तो सरकार द्वारा वैश्वीकरण को अधिक न्यायसंगत और सर्वव्यापी बनाने की आवश्यकता है ताकि इसका लाभ कुछ लोगों तक ही सीमित न रहे। सरकार को छोटे उद्योगपतियों को सस्ते दामों पर ऋण देकर, बेहतर बिजली की सुविधाएँ देकर विदेशी प्रतिस्पर्धा के योग्य बनाना चाहिए। विकासशील देशों को
विकसित देशों पर अपने व्यापार और निवेश का उदारीकरण करने का दबाव डालना चाहिए।

प्रश्न 11. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
दो दशक पहले की तुलना में भारतीय खरीददारों के पास वस्तुओं के अधिक विकल्प हैं। यह…………….‘की प्रक्रिया से नजदीक से जुड़ा हुआ है। अनेक दूसरे देशों में उत्पादित वस्तुओं को भारत के बाजारों में बेचा जा रहा है। इसका अर्थ है कि अन्य देशों के साथः………………बढ़ रहा है। इससे भी आगे भारत में बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा उत्पादित ब्रांडों की बढ़ती संख्या हम बाजारों में देखते हैं। बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ भारत में निवेश कर रही हैं क्योंकि………………: । जबकि बाज़ार में उपभोक्ताओं के लिए अधिक विकल्प इसलिए बढ़ते……….और…………के प्रभाव का अर्थ है। उत्पादकों के बीच अधिकतम:…………….।
उत्तर वैश्वीकरण, विदेशी व्यापार, यहाँ उन्हें उचित परिस्थितियाँ मिल रही हैं, जैसे—बड़ा बाजार, सस्ते श्रमिक आदि, निर्यात,
उदारीकरण, प्रतिस्पर्धा।

प्रश्न 12. निम्नलिखित को सुमेलित कीजिए

(क) बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ छोटे उत्पादकों से सस्ते दरों
(ख) आयात पर कर और कोटा का उपयोग, व्यापार
(ग) विदेशों में निवेश करने वाली भारतीय कंपनियाँ।
(घ) आई०टी० ने सेवाओं के उत्पादन के प्रसार में सहायता की है।
(ङ) अनेक बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने उत्पादन करने के लिए निवेश किया है।

(अ) मोटर गाड़ियों पर खरीदती हैं।
(ब) कपड़ा, जूते-चप्पल, खेल के सामान नियमन के लिए किया जाता है।
(स) कॉल सेंटर
(द) टाटा मोटर्स, इंफोसिस, रैनबैक्सी
(य) व्यापार अवरोधक

उत्तर (क) ब (ख) य (ग) द (घ) स (ङ) अ।।

प्रश्न 13. सही विकल्प का चयन कीजिए
(अ) वैश्वीकरण के विगत दो दशकों में द्रुत आवागमन देखा गया है

(क) देशों के बीच वस्तुओं, सेवाओं और लोगों का
(ख) देशों के बीच वस्तुओं, सेवाओं और निवेशों का
(ग) देशों के बीच वस्तुओं, निवेशों और लोगों का ।

(आ) विश्व के देशों में बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा निवेश का सबसे अधिक सामान्य मार्ग है

(क) नए कारखानों की स्थापना
(ख) स्थानीय कंपनियों को खरीद लेना।
(ग) स्थानीय कंपनियों से साझेदारी करना।

(इ) वैश्वीकरण ने जीवन-स्तर के सुधार में सहायता पहुँचाई है

(क) सभी लोगों के
(ख) विकसित देशों के लोगों के
(ग) विकसित देशों के श्रमिकों के
(घ) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर (अ) (क) (आ) (ख) (इ) (ख)।

अतिरिक्त परियोजना/कार्य कलाप

प्रश्न 1. कुछ ब्रांडेड उत्पादों को लीजिए, जिनका हम रोजाना इस्तेमाल करते हैं (साबुन, टूथपेस्ट, कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक वस्तुएँ इत्यादि)। जाँच कीजिए कि इनमें से कौन-कौन बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा उत्पादित हैं।
उत्तर    निर्देशन: विद्यार्थी इस परियोजना कार्य को स्वयं करें। वे समाचार-पत्रों, पुस्तकों, चित्रों, टेलीविजन, इंटरनेट से लाभ उठा सकते हैं। इस परियोजना कार्य को करने के बाद विद्यार्थी वैश्वीकरण के अर्थ व व्यवहारिक रूप को भली-भाँति समझ पाएँगें।

प्रश्न 2. अपनी पसंद के किसी भी भारतीय उद्योग या सेवा को लीजिए। उद्योग के निम्नलिखित पहलूओं पर लोगों के साक्षात्कारों, समाचार-पत्रों एवं पत्रिकाओं की कतरनों, पुस्तकों, दूरदर्शन एवं इंटरनेट से जानकारियाँ और फोटो संकलित कीजिए

(क) उद्योग में विविध उत्पादक/कंपनियाँ।
(ख) क्या उत्पाद अन्य देशों को निर्यात होता है?
(ग) क्या उत्पादकों के बीच बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ हैं?
(घ) उद्योग में प्रतिस्पर्धा।
(ङ) उद्योग में कार्य-परिस्थितियाँ।
(च) क्या विगत पंद्रह वर्षों में उद्योग में कोई बड़ा बदलाव आया है?
(छ) उद्योग में कार्यरत लोगों की समस्याएँ।

उत्तर विद्यार्थी इस परियोजना कार्य को भी स्वयं करें।

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NCERT Solutions for Class 10 Social Science Civics Chapter 6 (Hindi Medium)

NCERT Solutions for Class 10 Social Science Civics Chapter 6 Political Parties (राजनीतिक दल)

NCERT Solutions for Class 10 Social Science Civics Chapter 6 Political Parties (Hindi Medium)

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प्रश्न अभ्यास
पाठ्यपुस्तक से

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए –

प्रश्न 1. लोकतंत्र में राजनीतिक दलों की विभिन्न भूमिकाओं का वर्णन कीजिए।
उत्तर लोकतंत्र में राजनीतिक दलों की विभिन्न भूमिकाएँ निम्नलिखित हैं

  1. चुनाव लड़ना – राजनीतिक दल चुनाव लड़ते हैं। अधिकांश लोकतांत्रिक देशों में चुनाव राजनीतिक दलों द्वारा खड़े किए गए उम्मीदवारों के बीच लड़ा जाता है। राजनीतिक दल उम्मीदवारों का चुनाव कई तरीकों से करते हैं। भारत में दल के नेता ही उम्मीदवार चुनते हैं।
  2. नीतियाँ व कार्यक्रम जनता के सामने रखना – दल अलग-अलग नीतियों और कार्यक्रमों को मतदाताओं के सामने रखते हैं और मतदाता अपनी पसंद की नीतियाँ और कार्यक्रम चुनते हैं। लोकतंत्र में समान या मिलते-जुलते विचारों को एक साथ लाना होता है ताकि सरकार की नीतियों को एक दिशा दी जा सके। दल तरह-तरह के विचारों को बुनियादी राय तक समेट लाता है। सरकार प्रायः शासक दल की राय के अनुसार नीतियाँ तय करती है।
  3. कानून निर्माण में निर्णायक भूमिका – राजनीतिक दल देश के कानून निर्माण में निर्णायक भूमिका निभाते हैं। कानूनों पर औपचारिक बहस होती है और विधायिका में पास करवाना पड़ता है। लेकिन विधायिका के सदस्य किसीन-किसी दल के सदस्य होते हैं। इस कारण वे अपने दल के नेता के निर्देश पर फैसला करते हैं।
  4. सरकार बनाना – दल ही सरकार बनाते व चलाते हैं। जो दल चुनाव जीतता है वह सरकार बनाता है तथा महत्त्वपूर्ण नीतियों और फैसलों के मामले में निर्णय भी लेता है। पार्टियाँ नेता चुनती हैं उनको प्रशिक्षित करती हैं फिर उन्हें मंत्री बनाती हैं ताकि वे पार्टी की इच्छानुसार शासन चला सकें।
  5. विरोधी दल के रूप में काम करना – चुनाव हारने वाले दल शासक दल के विरोधी पक्ष की भूमिका निभाते हैं। सरकार की गलत नीतियों और असफलताओं की आलोचना करने के साथ वे अपनी अलग राय भी रखते हैं। विरोधी दल सरकार के खिलाफ आम जनता को गोलबंद करते हैं।
  6. जनमत निर्माण करना – राजनीतिक दल जनमत निर्माण का कार्य भी करते हैं। चुनावों के समय, चुनाव प्रचार के दौरान तथा बाद में सरकार बनाने के बाद भी राजनीतिक दल विभिन्न मुद्दों को उठाकर जनता को राजनीतिक शिक्षण देने का काम करते हैं जिससे एक स्वस्थ जनमत का निर्माण होता है।
  7. कल्याणकारी कार्यक्रमों को जनता तक पहुँचाना – दल ही सरकारी मशीनरी और सरकार द्वारा चलाए गए कल्याण कार्यक्रमों तक लोगों की पहुँच बनाते हैं। एक साधारण नागरिक के लिए किसी सरकारी अधिकारी की तुलना में किसी राजनीतिक कार्यकर्ता से जान-पहचान बनाना, उससे संपर्क साधना आसान होता है। इसी कारण लोग दलों को अपने करीब मानते हैं। दलों को भी लोगों की माँगों को ध्यान में रखना होता है वरना जनता अगले चुनावों में उन्हें हरा सकती है।

प्रश्न 2. राजनीतिक दलों के सामने क्या चुनौतियाँ हैं?
उत्तर लोकतंत्र में राजनीतिक दल महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं किंतु उन्हें कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, जो निम्नलिखित हैं

  1. आंतरिक लोकतंत्र का अभाव – पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र का अभाव पाया जाता है। पार्टियों के पास न सदस्यों की खुली सूची होती है, न नियमित रूप से सांगठनिक बैठकें होती है। इनके आंतरिक चुनाव भी नहीं होते। कार्यकर्ताओं से वे सूचनाओं का साँझा भी नहीं करते। सामान्य कार्यकर्ता अनजान ही रहता है कि पार्टियों के अंदर क्या चल रहा है। परिणामस्वरूप पार्टी के नाम पर सारे फैसले लेने का अधिकार उस पार्टी के नेता हथिया लेते हैं। चूंकि कुछ ही नेताओं के पास असली ताकत होती है। इसलिए पार्टी के सिद्धांतों और नीतियों से निष्ठा की जगह नेता से निष्ठा ही ज्यादा महत्त्वपूर्ण बन जाती है।
  2. वंशवाद की चुनौती – दलों के जो नेता होते हैं वे अनुचित लाभ लेते हुए अपने नजदीकी लोगों और यहाँ तक कि अपने ही परिवार के लोगों को आगे बढ़ाते हैं। अनेक दलों में शीर्ष पद पर हमेशा एक ही परिवार के लोग आते हैं। यह दल के अन्य सदस्यों के साथ अन्याय है। यह बात लोकतंत्र के लिए भी अच्छी नहीं है क्योंकि इससे अनुभवहीन और बिना जनाधार वाले लोग ताकत वाले पदों पर पहुँच जाते हैं।
  3. धन और अपराधी तत्वों की घुसपैठ – सभी राजनीतिक दल चुनाव जीतना चाहते हैं। इसके लिए वे हर तरीका अपना सकते हैं। वे ऐसे उम्मीदवार खड़े करते हैं जिनके पास काफी पैसा हो या जो पैसे जुटा सकें। कई बार पार्टियाँ चुनाव जीत सकने वाले अपराधियों का समर्थन करती है या उनकी मदद लेती है। जिससे राजनीति का अपराधीकरण हो गया है।
  4. विकल्पहीनता की स्थिति – सार्थक विकल्प का अर्थ है विभिन्न पार्टियों की नीतियों और कार्यक्रमों में अंतर हो। कुछ वर्षों से दलों के बीच वैचारिक अंतर कम होता गया है। यह प्रवृत्ति दुनियाभर में देखने को मिलती है। भारत की सभी बड़ी पार्टियों के बीच आर्थिक मसलों पर बड़ा कम अंतर रह गया है। जो लोग इससे अलग नीतियाँ बनाना चाहते हैं उनके पास कोई विकल्प उपलब्ध नहीं होता।

प्रश्न 3. राजनीतिक दल अपना कामकाज बेहतर ढंग से करें, इसके लिए उन्हें मजबूत बनाने के कुछ सुझाव दें।
उत्तर भारत में राजनीतिक दलों और उसके नेताओं को सुधारने के लिए हाल में जो प्रयास किए गए हैं या जो सुझाव दिए गए हैं। वे निम्नलिखित हैं

  1. विधायकों और सांसदों को दल-बदल करने से रोकने के लिए संविधान में संशोधन किया गया। निर्वाचित प्रतिनिधियों के मंत्री पद या पैसे के लोभ में दल-बदल करने में आई तेजी को देखते हुए ऐसा किया गया। नए कानून के अनुसार अपना दल बदलने वाले सांसद या विधायक को अपनी सीट भी नॅवानी होगी। इस नए कानून से दल-बदल में कमी आई है।
  2. उच्चतम न्यायालय ने पैसे और अपराधियों का प्रभाव कम करने के लिए एक आदेश जारी किया है। इसके द्वारा चुनाव लड़ने वाले हर उम्मीदवार को अपनी संपत्ति को और अपने खिलाफ चल रहे आपराधिक मामलों का ब्यौरा एक शपथपत्र के माध्यम से देना अनिवार्य कर दिया गया है। इस नई व्यवस्था से लोगों को अपने उम्मीदवारों के बारे में। बहुत-सी पक्की सूचनाएँ उपलब्ध होने लगी हैं।
  3. चुनाव आयोग ने एक आदेश के जरिए सभी दलों के लिए सांगठनिक चुनाव कराना और आयकर का रिटर्न भरना जरूरी बना दिया है। दलों ने ऐसा करना शुरू कर भी दिया है, पर कई बार ऐसा सिर्फ खानापूर्ति के लिए होता है।

कुछ अन्य कदम जो राजनीतिक दलों में सुधार के लिए सुझाए गए हैं –

  1. राजनीतिक दलों के आंतरिक कामकाज को व्यवस्थित करने के लिए कानून बनाया जाना चाहिए। सभी दल अपने सदस्यों की सूची रखें, अपने संविधान का पालन करें, सबसे बड़े पदों के लिए खुले चुनाव कराएँ।
  2. राजनीतिक दल महिलाओं को एक खास न्यूनतम अनुपात में जरूर टिकट दें। इसी प्रकार दल के प्रमुख पदों पर भी औरतों के लिए आरक्षण होना चाहिए।
  3. चुनाव का खर्च सरकार उठाए। सरकार दलों को चुनाव लड़ने के लिए धन दे।
  4. राजनीतिक दलों पर लोगों द्वारा दबाव बनाया जाए। यह काम पत्र लिखने, प्रचार करने और आंदोलन के जरिए किया जा सकता है। यदि दलों को लगे कि सुधार न करने से उनका जनाधार गिरने लगेगा तो इसे लेकर वे गंभीर होने लगेंगे।
  5. सुधार की इच्छा रखने वालों का खुद राजनीतिक दलों में शामिल होना।राजनीतिक दलों ने अभी तक इन सुझावों को नहीं माना है। अगर इन्हें मान लिया गया तो संभव है कि इनसे कुछ सुधार हो।

प्रश्न 4. राजनीतिक दल का क्या अर्थ होता है?
उत्तर राजनीतिक दल को लोगों के एक ऐसे संगठित समूह के रूप में समझा जा सकता है जो चुनाव लड़ने और सरकार में राजनीतिक सत्ता हासिल करने के उद्देश्य से काम करता है। समाज के सामूहिक हित को ध्यान में रखकर यह समूह कुछ नीतियाँ और कार्यक्रम तय करता है।

प्रश्न 5. किसी भी राजनीतिक दल के क्या गुण होते हैं?
उत्तर

  1. राजनीतिक दल समाज के सामूहिक हितों को ध्यान में रखकर कुछ नीतियाँ और कार्यक्रम बनाते हैं।
  2. दल लोगों का समर्थन पाकर चुनाव जीतने के बाद उन नीतियों को लागू करने का प्रयास करते हैं।
  3. दल किसी समाज के बुनियादी राजनीतिक विभाजन को भी दर्शाते हैं।
  4. दल समाज के किसी एक हिस्से से संबंधित होता है इसलिए इसका नजरिया समाज के उस वर्ग विशेष की तरफ झुका होता है।
  5. किसी दल की पहचान उसकी नीतियों और उसके सामाजिक आधार से तय होती है।
  6. राजनीतिक दल के तीन मुख्य हिस्से हैं-नेता, सक्रिय सदस्य, अनुयायी या समर्थक।

प्रश्न 6. चुनाव लड़ने और सरकार में सत्ता सँभालने के लिए एकजुट हुए लोगों के समूह को “कहते हैं।
उत्तर राजनीतिक दल।

प्रश्न 7. पहली सूची (संगठन/दल) और दूसरी सूची ( गठबंधन/मोर्चा) के नामों का मिलान करें और नीचे दिए गए कूट नामों के आधार पर सही उत्तर ढूँढ़ें
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उत्तर (ग) ग क घ ख

प्रश्न 8. इनमें से कौन बहुजन समाज पार्टी का संस्थापक है?

(क) काशीराम
(ख) साहू महाराज
(ग) बी०आर० अंबेडकर
(घ) ज्योतिबा फुले

उत्तर (क) काशीराम।

प्रश्न 9. भारतीय जनता पार्टी का मुख्य प्रेरक सिद्धांत क्या है?

(क) बहुजन समाज
(ख) क्रांतिकारी लोकतंत्र
(ग) सांस्कृतिक राष्ट्रवाद
(घ) आधुनिकता

उत्तर (ग) सांस्कृतिक राष्ट्रवाद।

प्रश्न 10. पार्टियों के बारे में निम्नलिखित कथनों पर गौर करें

(अ) राजनीतिक दलों पर लोगों का ज्यादा भरोसा नहीं है।
(ब) दलों में अक्सर बड़े नेताओं के घोटालों की गूंज सुनाई देती है।
(स) सरकार चलाने के लिए पार्टियों का होना जरूरी नहीं।

इन कथनों में से कौन सही है?
(क) अ, ब और स (ख) अ और ब (ग) ब और स (घ) अ और स।
उत्तर (ख) अ और ब सही है।

प्रश्न 11. निम्नलिखित उद्धरण को पढ़े और नीचे दिए गए प्रश्नों के जवाब दें :
मोहम्मद यूनुस बांग्लादेश के प्रसिद्ध अर्थशास्त्री हैं। गरीबों के आर्थिक और सामाजिक विकास के प्रयासों के लिए उन्हें अनेक अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार मिले हैं। उन्हें और उनके द्वारा स्थापित ग्रामीण बैंक को संयुक्त रूप से वर्ष 2006 का नोबेल शांति पुरस्कार दिया गया । फ़रवरी 2007 में उन्होंने एक राजनीतिक दल बनाने और संसदीय चुनाव लड़ने का फैसला किया। उनका उद्देश्य सही नेतृत्व को उभारना, अच्छा शाासन देना और नए बांग्लादेश का निर्माण करना है। उन्हें लगता है कि पारंपरिक दलों से अलग एक नए राजनीतिक दल से ही नई राजनीतिक संस्कृति पैदा हो सकती है। उनका दल निचले स्तर से लेकर ऊपर तक लोकतांत्रिक होगा।

नागरिक शक्ति नामक इस नये दल के गठन से बांग्लादेश में हलचल मच गई है। उनके फैसले को काफ़ी लोगों ने पसंद किया तो अनेक को यह अच्छा नहीं लगा। एक सरकारी अधिकारी शाहेदुल इस्लाम ने कहा, ”मुझे लगता है कि अब बांग्लादेश में अच्छे और बुरे के बीच चुनाव करना संभव हो गया है। अब एक अच्छी सरकार की उम्मीद की जा सकती है। यह सरकार न केवल भ्रष्टाचार से दूर रहेगी बल्कि भ्रष्टाचार और काले धन की समाप्ति को भी अपनी प्राथमिकता बनाएगी।”

पर दशकों से मुल्क की राजनीति में रुतबा रखने वाले पुराने दलों के नेताओं में संशय है। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के एक बड़े नेता का कहना है : ”नोबेल पुरस्कार जीतने पर क्या बहस हो सकती है पर राजनीति एकदम अलग चीज़ है। एकदम चुनौती भरी और अक्सर विवादास्पद।” कुछ अन्य लोगों का स्वर और कड़ा था। वे उनके राजनीति में आने पर सवाल उठाने लगे। एक राजनीतिक प्रेक्षक ने कहा, “देश से बाहर की ताकतें उन्हें राजनीति पर थोप रही हैं।”

क्या आपको लगता है कि यूनुस ने नयी राजनीतिक पार्टी बनाकर ठीक किया?

क्या आप विभिन्न लोगों द्वारा जारी बयानों और संदेशों से सहमत हैं? इस पार्टी को दूसरों से अलग काम करने के लिए खुद को किस तरह संगठित करना चाहिए? अगर आप इस राजनीतिक दल के संस्थापकों में एक होते तो इसके पक्ष में क्या दलील देते? ।

उत्तर जहाँ तक मेरा ख्याल है यूनुस ने नयी राजनीतिक पार्टी बनाकर ठीक ही किया। जनहित की इच्छा रखनेवालों को अवश्य ही आगे आना चाहिए और अच्छे-अच्छे काम करने चाहिए।

जनकल्याण करने वालों को आलोचनाओं की परवाह कभी नहीं करनी चाहिए। उन्हें अपना काम करते जाना चाहिए।

मुहम्मद यूनूस द्वारा निर्मित यह पार्टी निस्संदेह निष्पक्ष तथा जनकल्याण के सिद्धांतों पर आधारित होगी। इस पार्टी में ईमानदार लोगों का समावेश होना चाहिए। क्योंकि तभी यह एक मिसाल बन पाएगी और दूसरों से अलग काम कर पाएगी।

यदि मैं इस राजनीतिक दल के संस्थापकों में एक होता तो मैं आम जनता को यह विश्वास दिलाने की कोशिश करता कि मुहम्मद यूनुस द्वारा निर्मित पार्टी आदर्शों पर आधारित है और वह उनका कल्याण अवश्य करेगी।

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NCERT Solutions for Class 10 Social Science Economics Chapter 3 Money and Credit (मुद्रा और साख)

NCERT Solutions for Class 10 Social Science Economics Chapter 3 Money and Credit (Hindi Medium)

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प्रश्न अभ्यास

पाठ्यपुस्तक से

संक्षेप में लिखें

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिएप्रश्न

प्रश्न 1. जोखिम वाली परिस्थितियों में ऋण कर्जदार के लिए और समस्याएँ खड़ी कर सकता है। स्पष्ट कीजिए।
उत्तर हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में बहुत-सी गतिविधियों में ऐसे बहुत से सौदे होते हैं जहाँ किसी-न-किसी रूप में ऋण को प्रयोग होता है। ग्रामीण क्षेत्रों में कर्ज की मुख्य माँग फसल उगाने के लिए होती है। किसान ऋतु के आरंभ में फसल उगाने के लिए उधार लेते हैं और फसल तैयार हो जाने पर उधार चुका देते हैं। किंतु यदि किसी वजह से फसल बरबाद हो जाती है, तो कर्ज की अदायगी असंभव हो जाती है। ऐसी परिस्थिति में किसान अपनी जमीन का कुछ हिस्सा बेचने को मजबूर हो जाता है। इस प्रकार, इस जोखिम वाली परिस्थिति में कर्जदार के लिए ऋण लेने से कई समस्याएँ उत्पन्न हो जाती हैं। और उसकी कमाई बढ़ने की बजाय उसकी स्थिति और बदतर हो जाती है।

प्रश्न 2. मुद्रा आवश्यकताओं के दोहरे संयोग की समस्या को किस तरह सुलझाती है? अपनी ओर से उदाहरण देकर समझाइए।
उत्तर वस्तु विनिमय प्रणाली में मुद्रा का प्रयोग किए बिना सीधे वस्तुओं का आदान-प्रदान किया जाता था । ऐसी स्थिति में माँगों का दोहरा संयोग होना आवश्यक था । उदाहरण के लिए, यदि किसी कपड़ा व्यापारी को चावल चाहिएं तो उसे ऐसे किसान को खोजना होगा, जो चावल के बदले कपड़े खरीदना चाहता हो। इस समस्या का समाधान मुद्रा का प्रयोग करके किया जाता है। मुद्रा माँगों के दोहरे संयोग की समस्या को समाप्त कर देती है। मुद्रा विनिमय प्रक्रिया में मध्यस्थता का काम करती है, इसे विनिमय का माध्यम भी कहा जाता है।

प्रश्न 3. अतिरिक्त मुद्रा वाले लोगों और जरूरतमंद लोगों के बीच बैंक किस तरह मध्यस्थता करते हैं?
उत्तर अतिरिक्त मुद्रा वाले व्यक्ति अपनी मुद्रा को बैंकों में अपने नाम से खाता खोलकर जमा कर देते हैं। बैंक ये निक्षेप स्वीकार करते हैं और इस पर सूद भी देते हैं। इस तरह लोगों की मुद्रा बैंकों के पास सुरक्षित रहती है और इस पर सूद भी मिलता है। लोगों को इसमें से जब चाहे मुद्रा निकालने की सुविधा भी प्रदान की जाती है। बैंक इस जमा राशि का केवल 15% हिस्सा नकद के रूप में अपने पास रखते हैं। बैंक जमा राशि के प्रमुख भाग को कर्ज देने के लिए इस्तेमाल करते हैं। विभिन्न आर्थिक गतिविधियों के लिए कर्ज की बहुत माँग रहती है। बैंक लोगों को कर्ज देता है और उन पर ब्याज लगाता है। इस प्रकार बैंक दो गुटों के बीच मध्यस्थता का काम करते हैं।

प्रश्न 4. 10 रुपये के नोट को देखिए। इसके ऊपर क्या लिखा है? क्या आप इस कथन की व्याख्या कर सकते हैं?
उत्तर दस रुपये के नोट के ऊपर लिखा है भारतीय रिजर्व बैंक। इसका अर्थ है कि भारतीय रिजर्व बैंक केंद्रीय सरकार की तरफ से करेंसी नोट जारी करता है। भारतीय कानून के अनुसार किसी व्यक्ति या संस्था को मुद्रा जारी करने की इजाजत नहीं है। इसके अलावा कानून रुपयों को विनिमय के माध्यम के रूप में इस्तेमाल करने की वैधता प्रदान करता है। भारत में रुपये को सौदों में अदायगी करने से मना नहीं किया जा सकता।

प्रश्न 5. हमें भारत में ऋण के औपचारिक स्रोतों को बढ़ाने की क्यों ज़रूरत है?
उत्तर औपचारिक स्तर पर ऋण देनेवालों की तुलना में अनौपचारिक खंड के ज्यादातर ऋणदाता कहीं ज्यादा ब्याज वसूल करते हैं। इस प्रकार अनौपचारिक स्तर पर लिया गया ऋण कर्जदाता को कहीं अधिक महँगा पड़ता है। अधिक ब्याज से कर्जदार की आय का अधिकतर हिस्सा ऋण उतारने में खर्च हो जाता है। इससे ऋण का बोझ बढ़ सकता है। व्यक्ति ऋण के फंदे में जकड़ सकता है। इन सभी कारणों से भारत में ऋण के औपचारिक स्रोतों को बढ़ाने की आवश्यकता है। बैंकों और सहकारी समितियों को ज्यादा कर्ज देना चाहिए। इसके जरिए लोगों की आय बढ़ सकती है, क्योंकि फिर बहुत से लोग अपनी विभिन्न जरूरतों के लिए सस्ता कर्ज ले सकेंगे। सस्ता और सामर्थ्य के अंदर का कर्ज देश के विकास के लिए अति आवश्यक है।

प्रश्न 6. गरीबों के लिए स्वयं सहायता समूहों के संगठनों के पीछे मूल विचार क्या हैं? अपने शब्दों में व्याख्या कीजिए।
उत्तर भारत के सभी ग्रामीण क्षेत्रों में बैंक मौजूद नहीं हैं। जहाँ हैं, वहाँ भी बैंक से कर्ज लेना साहूकार से कर्ज लेने की अपेक्षाज्यादा मुश्किल है। ऋणाधार की कमी होने के कारण भी गरीब परिवार बैंकों से ऋण नहीं ले पाते। इसलिए गरीब लोग महाजनों से ऋण लेते हैं जो ब्याज की दरें ऊँची रखते हैं। गरीबों को इस हालात से बचाने के लिए ऋण देने के नए तरीकों को अपनाने की कोशिश की गई है। आत्मनिर्भर गुटों के संगठन के पीछे भी यही विचार है। इन गुटों को सरकार ऋण देती है। इस ऋण को उतारने की जिम्मेदारी भी गुट की होती है। आत्मनिर्भर गुट कर्जदारों को ऋणाधार की कमी की समस्या से उबारने में मदद करते हैं। उन्हें समयानुसार विभिन्न लक्ष्यों के लिए एक यथोचित ब्याज दर पर ऋण मिल जाता है। इससे गाँव के पुरुष व महिलाएँ स्वावलंबी बन जाते हैं। गुट की नियमित बैठकों के जरिए लोगों को एक माध्यम मिलता है जहाँ वे तरह-तरह के सामाजिक विषयों, जैसे–स्वास्थ्य, पोषण और हिंसा इत्यादि पर आपस में चर्चा कर पाते हैं। प्रश्न

7. क्या कारण है कि बैंक कुछ कर्जदारों को कर्ज देने के लिए तैयार नहीं होते?
उत्तर बँक कुछ कर्जदारों को कर्ज देने के लिए तैयार नहीं होते । जो कर्जदार ऋण की शर्ते पूरी नहीं कर पाते, बैंक उन्हें कर्ज नहीं देते । ब्याज दर, संपत्ति और कागजात की माँग और भुगतान के तरीके, इन सबको मिलाकर ऋण की शर्ते कहा जाता है। बैंक ऋण से औपचारिकता है। अगर औपचारिकताएँ पूरी न हों तो बैंक ऋण नहीं दे पाते।

प्रश्न 8. भारतीय रिजर्व बैंक अन्य बैंकों की गतिविधियों पर किस तरह नज़र रखता है? यह ज़रूरी क्यों है?
उत्तर भारत में भारतीय रिजर्व बैंक केंद्रीय सरकार की तरफ से करेंसी नोट जारी करता है। इसके साथ-साथ यह अन्य बैंकों की गतिविधियों पर नजर रखता है। भारतीय रिज़र्व बैंक यह देखता है कि बैंक वास्तव में नकद शेष बनाए हुए हैं। बैंक केवल लाभ बनाने वाली इकाइयों और व्यापारियों को ही ऋण मुहैया नहीं करा रहे, बल्कि छोटे किसानों, छोटे उद्योगों, छोटे कर्जदारों को भी ऋण दे रहे हैं। समय-समय पर बैंकों को (आर०बी०आई०) को यह जानकारी देनी पड़ती है कि वे कितना और किनको ऋण दे रहे हैं और उसकी ब्याज की दरें क्या हैं। यह इसलिए जरूरी है, ताकि ऋण की सुविधा सभी को मिलती रहे।

प्रश्न 9. विकास में ऋण की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
उत्तर हमारे जीवन की बहुत-सी गतिविधियों में ऐसे बहुत से सौदे होते हैं जहाँ किसी-न-किसी रूप में ऋण का प्रयोग होती है। ऋण (उधार) से हमारा तात्पर्य एक सहमति से है, जहाँ उधारदाता कर्जदार को धन, वस्तुएँ या सेवाएँ मुहैया कराता है और बदले में कर्जदार से भुगतान करने का वादा लेता है। ऋण उत्पादक की कार्यशील पूँजी की जरूरत को पूरा करता है। उसे उत्पादन के कार्यशील खर्चे तथा उत्पादन को समय पर खत्म करने में मदद करता है। इसके जरिए वह अपनी कमाई बढ़ा पाता है। इस स्थिति में ऋण एक महत्त्वपूर्ण तथा सकारात्मक भूमिका अदा करता है।

प्रश्न 10. मानव को एक छोटा व्यवसाय करने के लिए ऋण की जरूरत है। मानव किस आधार पर यह निश्चित करेगा कि उसे यह ऋण बैंक से लेना चाहिए या साहूकार से? चर्चा कीजिए।
उत्तर मानवे को एक छोटा व्यवसाय शुरू करना है। इसके लिए वह ऋण किससे ले ?इसके लिए उसे दोनों ऋण स्थितियों की तुलना करनी होगी। यदि वह साहूकार से ऋण लेगा तो साहूकार अधिक ब्याज की दर पर ऋण देगा । वह नाजायज तरीकों से अपने पैसे वापस लेने की कोशिश कर सकता है। उसकी गतिविधियों पर देखरेख करनेवाली कोई संस्था नहीं है। यदि वह बैंक से ऋण लेगा तो उसे सीमित ब्याज पर ऋण मिलेगा। इसके जरिए उसकी आय बढ़ सकती है। बैंक से सस्ता और सामर्थ्य के अंदर का कर्ज मिलता है। इसलिए मानव अपने व्यवसाय के लिए बैंक से ही कर्ज लेना चाहेगा।

प्रश्न 11. भारत में 80 प्रतिशत किसान छोटे किसान हैं, जिन्हें खेती करने के लिए ऋण की जरूरत होती है।
(क) बैंक छोटे किसानों को ऋण देने से क्यों हिचकिचा सकते हैं?
(ख) वे दूसरे स्रोत कौन हैं, जिनसे छोटे किसान कर्ज ले सकते हैं?
(ग) उदाहरण देकर स्पष्ट कीजिए कि किस तरह ऋण की शर्ते छोटे किसानों के प्रतिकूल हो सकती हैं?
(घ) सुझाव दीजिए कि किस तरह छोटे किसानों को सस्ता ऋण उपलब्ध कराया जा सकता है?
उत्तर
(क) बैंक छोटे किसानों को ऋण देने से इसलिए हिचकिचाते हैं क्योंकि छोटे किसान ऋण की शर्ते पूरी नहीं कर पाते। ऋण के लिए ऋणाधार का उनके पास सर्वथा अभाव रहता है।
(ख) ये छोटे किसान आमतौर से साहूकारों से कर्ज लेते हैं तो ये साहूकार बिना ऋणाधार के कर्ज तो दे देते हैं किंतु ब्याज की दरें अधिक रखते हैं।
(ग) ऋण की शर्ते छोटे किसानों के प्रतिकूल हो सकती हैं। ब्याज दर, संपत्ति और कागजात की माँग और भुगतान के | तरीके आदि ऋण की शर्ते होती हैं। उदाहरणत: यदि छोटा किसान ऋण लेना चाहेगा तो उसे ये शर्ते पूरी करनी होगीं। उसे वे कागजात देने पड़ेंगे जो उसके वेतन, संपत्ति आदि का रिकार्ड दिखाते हों । यदि किसान के पास ये सब चीजें नहीं हैं तो उसे ऋण नहीं मिल पाता।
(घ) छोटे किसानों को सस्ता ऋण उपलब्ध कराया जा सकता है। इसके लिए सहकारी समितियों की स्थापना की जा सकती है। ये सहकारी समितियाँ किसानों, बुनकरों, औद्योगिक मजदूरों इत्यादि को सस्ते दामों पर ऋण उपलब्ध करा सकती हैं। सहकारी समितियाँ कृषि उपकरण खरीदने, खेती तथा व्यापार करने, मछली पकड़ने, घर बनाने और तमाम अन्य किस्म के खर्चे के लिए ऋण उपलब्ध कराती है। प्रश्न

प्रश्न 12. रिक्त स्थानों की पूर्ति करें –
(क) …………………… परिवारों की ऋण की अधिकांश जरूरतें अनौपचारिक स्रोतों से पूरी होती हैं।
(ख) …………………… ऋण की लागत ऋण का बोझ बढ़ाती है।
(ग) …………………… केंद्रीय सरकार की ओर से करेंसी नोट जारी करता है।
(घ) बैंक………………. पर देने वाले ब्याज से ऋण पर अधिक ब्याज लेते हैं।
(ङ) …………………… संपत्ति है जिसका मालिक कर्जदार होता है जिसे वह ऋण लेने के लिए गारंटी के रूप में इस्तेमाल करता है, जब तक ऋण चुकता नहीं हो जाता।
उत्तर (क) ग्रामीण (ख) ऋणफंदा (ग) भारतीय रिज़र्व बैंक (घ) जमा (ङ) ऋणाधार|

प्रश्न 13. सही उत्तर का चयन करें
(क) स्वयं सहायता समूह में बचत और ऋण संबंधित अधिकतर निर्णय लिए जाते हैं
• बैंक द्वारा • सदस्यों द्वारा • गैर सरकारी संस्था द्वारा
(ख) ऋण के औपचारिक स्रोतों में शामिल नहीं है
• बैंक • सहकारी समिति • मालिक
उत्तर (क) सदस्यों द्वारा (ख) मालिक।

अतिरिक्त परियोजना/कार्यकलाप

प्रश्न 1. नीचे दी गई तालिका शहरी क्षेत्रों के विभिन्न लोगों के व्यवसाय दिखाती है। इन लोगों को किन उद्देश्यों के लिए ऋण की जरूरत हो सकती है। रिक्त स्तंभों को भरें
NCERT Solutions for Class Class 10 Social Science Economics Chapter 3 (Hindi Medium) 1

आगे, लोगों को दो वर्गों में विभाजित कीजिए, जिन्हें आप सोचते हैं कि बैंक से कर्ज मिल सकता है और जिन्हें कर्ज मिलने की आशा नहीं है। आपने वर्गीकरण के लिए किन कारकों का उपयोग किया?
NCERT Solutions for Class Class 10 Social Science Economics Chapter 3 (Hindi Medium) 2
उत्तर
NCERT Solutions for Class Class 10 Social Science Economics Chapter 3 (Hindi Medium) 3
यह वर्गीकरण इस आधार पर किया गया है कि जो लोग बैंक का कर्ज वापस कर सकते हैं उन्हें ऋण मिलने की संभावना है। जैसे-सरकारी सेवा में लगा व्यक्ति हर महीने एक निश्चित पैसे कमा रहा है इसलिए वह कर्ज चुका सकता है जबकि जिसके कर्ज चुकाने की संभावना नहीं है उसे कर्ज नहीं मिल सकता, जैसे-घरेलू नौकरानी या मजदूर। ये इतना भी पैसा कमा नहीं पाते कि अपनी दैनिक जरूरतों को पूरा कर सकें तो फिर इनसे कर्ज चुकाने की उम्मीद कैसे की जा सकती है।

Hope given NCERT Solutions for Class 10 Social Science Economics Chapter 3 are helpful to complete your homework.

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