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NCERT Solutions for Class 7 Social Science Civics Chapter 2 (Hindi Medium)

NCERT Solutions for Class 7 Social Science Civics Chapter 2 (Hindi Medium)

NCERT Solutions for Class 7 Social Science Civics Chapter 2 Role of the Government in Health (Hindi Medium)

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पाठगत प्रश्न

1. भारत में प्रायः यह कहा जाता है कि हम सबको स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करने में असमर्थ हैं, क्योंकि सरकार के पास इसके लिए पर्याप्त धन और सुविधाएँ नहीं हैं। क्या इस बात से आप सहमत हैं? (एन०सी०ई०आर०टी० पाठ्यपुस्तक, पेज-20)
उत्तर :l भारत में प्रायः यह कहा जाता है कि हम सबको सरकार स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करने में असमर्थ हैं, क्योंकि उसके पास इसके लिए पर्याप्त धन है और सुविधाएँ नहीं हैं। हम इस बात से सहमत नहीं हैं, क्योंकि संसार भर में भारत में सर्वाधिक चिकित्सा महाविद्यालय है और यहाँ सबसे अधिक डॉक्टर तैयार किए जाते हैं। लगभग हर वर्ष 15,000 नए डॉक्टर योग्यता प्राप्त करते हैं, लेकिन सरकार की गलत नीतियों के कारण स्वास्थ्य सेवाओं में कमी हो रही है। हमारे यहाँ से काफी संख्या में डॉक्टर विदेशों में पलायन कर जाते हैं। जिससे स्वास्थ्य सेवाओं में कमी होती है।

2. रंजन को इतना अधिक पैसा क्यों खर्च करना पड़ा? कारण बताइए। (एन०सी०ई०आर०टी० पाठ्यपुस्तक, पेज-24)
उत्तर रंजन ने अपनी बीमारी का इलाज एक निजी अस्पताल में करवाया था, जहाँ सभी तरह की सुविधाएँ उपलब्ध थीं। निजी अस्पताल में रंजन का कई तरह का परीक्षण किया गया, क्योंकि इन सभी परीक्षणों को करवाने के लिए डॉक्टर ने कहा था। इन सभी परीक्षणों के बाद यह पता चला कि रंजन को सिर्फ वायरल बुखार है। रंजन को कई तरह के परीक्षण की फीस, डॉक्टर की फीस तथा बेड का चार्ज के कारण अधिक पैसा खर्च करना पड़ा।

3. सरकारी अस्पताल में अमन को किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ा? आपके विचार से अस्पताल कैसे बेहतर ढंग से काम कर सकता है? चर्चा कीजिए। (एन०सी०ई०आर०टी० पाठ्यपुस्तक, पेज-24)
उत्तर : सरकारी अस्पताल में अमन को लम्बी कतार में खड़ा होना पड़ा। जब उसकी बारी आई तो उसे डॉक्टर ने खून की जाँच कराने के लिए कहा। इसके लिए उसे एक और लंबी लाइन में खड़े होना पड़ा जहाँ जाँच के लिए खून लिया जा रहा था, वहाँ भी बहुत भीड़-भड़क्का हो रहा था और इन सभी कार्यों के लिए काफी समय लगा। इसके बाद ओ.पी.डी. काउंटर पर भी एक लंबी लाइन में इंतजार करना पड़ा।

अस्पताल के बेहतर ढंग से काम करने के उपाय

  1. अस्पताल के प्रत्येक कर्मचारी को अलग-अलग काम सौंपा जाना चाहिए।
  2. प्रत्येक कर्मचारी के लिए समय सीमा निर्धारित किया जाना चाहिए कि वह निश्चित समय में एक । निश्चित संख्या में रोगियों की समस्या का निपटारा करें और जिस कर्मचारी एवं डॉक्टर के कार्यों में लापरवाही मिले उस पर उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।
  3. अस्पताल की साफ़-सफ़ाई के लिए अधिकारियों द्वारा समय-समय पर निगरानी करना चाहिए।

4. जब आप बीमार होते हैं, तो कहाँ जाते हैं? क्या आपको किन्हीं कठिनाइयों का सामना करना पड़ता | है? अपने अनुभवों के आधार पर एक अनुच्छेद लिखिए। (एन०सी०ई०आर०टी० पाठ्यपुस्तक, पेज-24)
उत्तर : जब हम बीमार होते हैं, तो हम सरकारी अस्पताल में जाते हैं। सरकारी अस्पताल में लम्बी लाइन में खड़ा होना पड़ता है। उसके बाद सरकारी अस्पताल के विभिन्न जाँच परीक्षण केन्द्रों में जाने पर यह पता चलता है कि वहाँ के कई जाँच परीक्षण की मशीन खराब है। डॉक्टर से इलाज कराने के लिए भी लम्बा इंतजार करना पड़ता है। डॉक्टर द्वारा जो दवाइयाँ लिखी जाती हैं उनमें से कई दवाइयाँ अस्पताल में नहीं मिलतीं, उसे बाहर की दुकानों से खरीदना पड़ता है।

5. निजी चिकित्सालयों में हमें किन समस्याओं का सामना करना पड़ता है? चर्चा कीजिए। (एन०सी०ई०आर०टी० पाठ्यपुस्तक, पेज-24)
उत्तर : निजी चिकित्सालयों में हमें निम्न समस्याओं का सामना करना पड़ता है

  1. निजी चिकित्सालयों में इलाज कराने में अधिक पैसे खर्च करने पड़ते हैं।
  2. छोटे निजी चिकित्सालयों में कई डॉक्टर ऐसे होते हैं जिनमें योग्यता की कमी होती है।
  3. गलियों या मुहल्लों में कुछ निजी चिकित्सालय के डॉक्टर एम.बी.बी.एस. नहीं होते, दूसरे शब्दों में उन्हें झोला छाप डॉक्टर कहा जाता है, जो कंपाउंटर से डॉक्टर बने होते हैं।
  4. छोटे निजी चिकित्सालयों में कई जाँच परीक्षण यंत्रों की कमी होती है। जिसके कारण बाहर से जाँच परीक्षण कराना पड़ता है।

6. किन-किन अर्थों में सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था’ सबके लिए उपलब्ध एक सेवा है? (एन०सी०ई०आर०टी० पाठ्यपुस्तक, पेज-25)
उत्तर : निम्न अर्थों में सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था सबके लिए उपलब्ध एक सेवा है

  1. सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्र में अमीर-गरीब कोई भी व्यक्ति अपने रोग का इलाज करा सकता है।
  2. सार्वजनिक स्वाथ्य केंद्र में मुफ्त में इलाज और दवाइयाँ दी जाती हैं इसलिए इसमें इलाज कराना सबके लिए संभव है।
  3. सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्र में रोगी का इलाज करते समय किसी भी आधार पर भेदभाव नहीं किया जाता।
  4. सरकार ने सभी नागरिकों को स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करने की वचनबद्धता को पूरा करने के लिए ये । अस्पताल तथा स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किए हैं।
  5. इन सेवाओं को चलाने के लिए धन उस पैसे से आता है, जो लोग सरकार को टैक्स के रूप में देते हैं।

7. कुछ सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्रों अथवा अस्पतालों की सूची बनाइए, जो आपके घर के पास हैं। अपने अनुभव से अथवा उनमें से किसी एक में जाकर केन्द्र चलाने वाले लोगों को और वहाँ दी जाने वाली सुविधाओं का पता लगाइए। (एन०सी०ई०आर०टी० पाठ्यपुस्तक, पेज-25)
उत्तर : सार्वजनिक स्वास्थ्य केन्द्र जो दिल्ली में स्थित हैं

  1. गुरु तेग बहादुर अस्पताल
  2. लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल
  3. हिन्दू राव अस्पताल
  4. राम मनोहर लोहिया अस्पताल
  5. गोविंद वल्लभ पंत अस्पताल
  6. ऑल इंडिया मेडिकल इंस्टीट्यूट
  7. सफदरजंग अस्पताल

इन सरकारी अस्पतालों की स्थिति

  1. इन सरकारी अस्पतालों को अधिकारीगण समूह के प्रबंधन द्वारा चलाए जाते हैं।
  2. इन सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों के समूह कायम हैं, जो अलग-अलग रोगों के विशेषज्ञ हैं।
  3. इन सरकारी अस्पतालों के भवन काफी विशाल हैं तथा इनमें सभी तरह की सुविधाएँ उपलब्ध करवाई। | गई हैं। इन अस्पतालों में कई जाँच परीक्षण यंत्र भी हैं।
  4. इन अस्पतालों में रोगी को मुफ़्त इलाज के साथ-साथ मुफ्त दवाइयाँ भी दी जाती हैं।

8. आपके घर के पास कौन-सी निजी स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध हैं? उन्हें चलाने वाले लोगों और वहाँ दी जाने वाली सुविधाओं का पता लगाइए। (एन०सी०ई०आर०टी० पाठ्यपुस्तक, पेज-26)
उत्तर : निजी स्वास्थ्य केन्द्र जो दिल्ली में स्थित हैं

  1. अपोलो अस्पताल
  2. गंगा राम अस्पताल
  3. सेंट स्टीफेंस अस्पताल निजी अस्पतालों को निजी व्यक्ति या किसी डॉक्टर द्वारा संचालित किए जाते हैं। इनमें भी सभी तरह की सुविधाएँ दी जाती हैं। इन अस्पतालों में सेवाएँ सार्वजनिक अस्पतालों से अच्छी होती हैं। रोगियों को किसी प्रकार की दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ता।

प्रश्न-अभ्यास
पाठ्यपुस्तक से

1. इस अध्याय में आपने पढ़ा है कि स्वास्थ्य में सिर्फ बीमारी की बात नहीं की जा सकती है। संविधान से लिए गए एक अंश को यहाँ पढ़िए और अपने शब्दों में समझाइए कि ‘जीवन का स्तर’ और ‘सार्वजनिक स्वास्थ्य’ के क्या मायने होंगे। संविधान का एक महत्त्वपूर्ण हिस्सा यह कहता है कि ‘‘पोषाहार स्तर और जीवन स्तर को ऊँचा करने तथा लोक स्वास्थ्य का सुधार करने का राज्य का कर्तव्य है।”
उत्तर : भारतीय संविधान के नीति निर्देशक तत्व में लोगों के कल्याण से संबंधित कई उपबंध लिखे गए हैं। जिसके तहत सरकार के लिए कई तरह के दिशा का निर्देश जारी किए गए हैं। इसी संदर्भ में नीति निर्देशक सिद्धान्त में कहा गया है कि पोषाहार स्तर और जीवन स्तर को ऊँचा करने तथा लोक स्वास्थ्य का सुधार करने का राज्य का कर्तव्य है। इसलिए भारत सरकार राज्य सरकार और स्थानीय सरकार ने कई स्वास्थ्य केन्द्र का निर्माण किया है तथा पोषाहार स्तर और जीवन स्तर को ऊँचा करने के लिए कई कार्यक्रम चलाए गए हैं।

2. सबके लिए स्वास्थ्य की सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए सरकार कौन-कौन से कदम उठा सकती है? चर्चा कीजिए।
उत्तर : सबके लिए स्वास्थ्य की सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए सरकार निम्न कदम उठा सकती है

  1. स्वास्थ्य केन्द्रों या चिकित्सा केन्द्रों में वृद्धि करके।
  2. सरकार स्वास्थ्य की सुविधाओं में वृद्धि के लिए अपने बजट में वृद्धि करें।
  3. सरकार द्वारा प्रदूषण नियंत्रण कानून लाकर प्रदूषण में कमी लाया जा सकता है। वायु प्रदूषण, जल प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण स्वास्थ्य के लिए काफी हानिकारक होता है।
  4. पीने के लिए स्वच्छ जल लोगों को उपलब्ध करवाकर।

10. अपने शिक्षक की सहायता से पता लगाइए कि उपरोक्त शासकीय विभाग क्या काम करते हैं और उन्हें तालिका में दिए गए रिक्त स्थानों में भरिए। (एन०सी०ई०आर०टी० पाठ्यपुस्तक, पेज-39)
NCERT Solutions for Class 7 Social Science Civics Chapter 3 (Hindi Medium) 1
उत्तर :
NCERT Solutions for Class 7 Social Science Civics Chapter 3 (Hindi Medium) 2

4. पानी और साफ़-सफाई की गुणवत्ता को सुधार कर अनेकों बीमारियों की रोकथाम, की जा सकती है। उदाहरण देते हुए इस कथन को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर : पानी और साफ़-सफ़ाई की गुणवत्ता को सुधार कर अनेकों बीमारियों की रोकथाम निम्न प्रकार से की जा सकती है

  1. संचारणीय बीमारियाँ पानी के द्वारा एक से दूसरे को लगती हैं। इन बीमारियों में से 21% बीमारियाँ जल जनित होती हैं। जैसे-हैजा, पेट के कीड़े और हैपेटाइटिस।।
  2. साफ़-सफ़ाई की कमी एवं प्रदूषण के कारण भी अनेक बीमारियाँ फैलती हैं; जैसे- भारत में ही लगभग | 5 लाख व्यक्ति प्रतिवर्ष तपेदिक (टी.बी.) से मर जाते हैं। डेंगू, मलेरिया आदि अनेकों बीमारियाँ साफ़-सफ़ाई की कमी से होती है।
    उपरोक्त तथ्यों से स्पष्ट है कि पानी और साफ़-सफ़ाई की गुणवता में सुधार करके अनेकों बीमारियों की रोकथाम संभव है।

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NCERT Solutions for Class 7 Social Science Geography Chapter 2 Inside our Earth (Hindi Medium)

NCERT Solutions for Class 7 Social Science Geography Chapter 2 Inside our Earth (Hindi Medium)

NCERT Solutions for Class 7 Social Science Geography Chapter 2 Inside our Earth (Hindi Medium)

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प्रश्न-अभ्यास
(पाठ्यपुस्तक से)

1. निम्न प्रश्नों के उत्तर दीजिए

(क) पृथ्वी की तीन परतें क्या हैं?
उत्तर पृथ्वी की तीन परतें हैं-

  1. भू-पर्पटी
  2. मैंटल
  3. क्रोड।

(ख) शैल क्या है?
उत्तर पृथ्वी की पर्पटी बनाने वाले खनिज पदार्थ के किसी भी प्राकृतिक पिंड को शैल कहते हैं। शैलें विभिन्न रंग, आकार एवं गठन की हो सकती हैं।

(ग) तीन प्रकार की शैलों के नाम लिखें।
उत्तर तीन प्रकार की शैलें –

  1. आग्नेय शैल
  2. अवसादी शैल
  3. कायांतरित शैल।

(घ) बर्लिभेदी एवं अंतर्भेदी शैल का निर्माण कैसे होता है?
उत्तर बर्लिभेदी आग्नेय शैल का निर्माण – जब पृथ्वी पर ज्वालामुखी का उदगार होता है तब आग की तरह लाल द्रवित मैग्मा पृथ्वी के आंतरिक भाग से निकलकर सतह पर आता है। जब द्रवित लावा पृथ्वी की सतह पर आता है, तो यह तेजी से ठंडा होकर ठोस बन जाता है। पर्पटी पर इस प्रकार । से बने शैल को बर्लिभेदी आग्नेय शैल कहते हैं। इनकी संरचना बहुत महीन दानों वाली होती है। उदाहरण के लिए-बेसाल्ट। दक्कन पठार बेसाल्ट शैलों से ही बना है।

अंतर्भेदी आग्नेय शैल – द्रवित मैग्मा कभी-कभी भू-पर्पटी के अंदर गहराई में ही ठंडा हो जाता है। इस प्रकार बने ठोस शैलों को अंतर्भेदी आग्नेय शैल कहते हैं। धीरे-धीरे ठंडा होने के कारण ये बड़े दानों का रूप ले लेते हैं। ग्रेनाइट ऐसे ही शैल का एक उदाहरण है।

(च) शैल चक्र से आप क्या समझते हैं?
उत्तर एक शैल से दूसरे शैल में परिवर्तन होने की प्रक्रिया को शैल चक्र कहते हैं।

(छ) शैलों के क्या उपयोग हैं?
उत्तर
शैलों के उपयोग

  1. शैलों से कई दुर्गो, किलों का निर्माण किया जा चुका है तथा भवन निर्माण में भी ये सहायक होते हैं।
  2. सड़क निर्माण में सहायक।
  3. विभिन्न खेलों में उपयोम।

(ज) कायांतरित शैल क्या हैं?
उत्तर आग्नेय एवं अवसादी शैल उच्चताप एवं दाब के कारण कायांतरित शैलों में परिवर्तित हो सकती हैं। उदाहरण के लिए चिकनी मिट्टी स्लेट में एवं चूना पत्थर संगमरमर में परिवर्तित हो जाता है।

2. सही (✓) उत्तर चिह्नित कीजिए –

(क) द्रवित मैग्मा से बने शैल

  1. आग्नेय
  2. अवसादी
  3. कायांतरित

उत्तर 1. आग्नेय

(ख) पृथ्वी की सबसे भीतरी परत

  1. पर्पटी
  2. क्रोड
  3. मैंटल

उत्तर 2. क्रोड

(ग) सोना, पेट्रोलियम एवं कोयला किसके उदाहरण हैं?

  1. शैल
  2. खनिज
  3. जीवाश्म

उत्तर 2. खनिज

(घ) शैल, जिसमें जीवाश्म होते हैं।

  1. अवसादी शैल
  2. कायांतरित शैल
  3. आग्नेय शैल

उत्तर 2. अवसादी शैल

(ङ) पृथ्वी की सबसे पतली परत है।

  1. पर्पटी
  2. मैंटल
  3. क्रोड

उत्तर 1. पर्पटी

3. निम्नलिखित स्तंभों को मिलाकर सही जोड़े बनाइए

NCERT Solutions for Class 7 Social Science Geography Chapter 2 (Hindi Medium) 1

उत्तर

NCERT Solutions for Class 7 Social Science Geography Chapter 2 (Hindi Medium) 2

4. कारण बताइए –

(क) हम पृथ्वी के केंद्र तक नहीं जा सकते हैं।
उत्तर हम पृथ्वी के केन्द्र में निम्न कारणों से नहीं जा सकते

  1. पृथ्वी के केन्द्र तक पहुँचने के लिए जो बिल्कुल असंभव है।) आपको समुद्र की सतह परे 6000 किलोमीटर गहराई तक खोदना होगा।
  2. पृथ्वी की सतह से नीचे जाने पर तापमान 1 सेंटीग्रेड प्रति 32 मीटर की दर से बढ़ता जाता है।
  3. पृथ्वी के केन्द्रीय क्रोड तरल अवस्था में आग का गोला है एवं वहाँ का दाब भी बहुत अधिक है।

(ख) अवसादी शैल अवसाद से बनती है।
उत्तर शैल लुढ़ककर, चटककर तथा एक-दूसरे से टकराकर छोटे-छोटे टुकड़ों में टूट जाती हैं। इन छोटे कणों को अवसद कहते हैं। ये अवसाद हवा, जल आदि के द्वारा एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुँचाकर, जमा कर दिए जाते हैं। ये अदृढ अवसाद दबकर एवं कठोर होकर शैल की परत बनाते । हैं। इस प्रकार की शैलों को अवसादी शैल कहते हैं। उदाहरण के लिए, बलुआ पत्थर, रेत के दानों से बनता है। इन शैलों में पौधों, जानवरों एवं अन्य सूक्ष्म जीवाणुओं, जो कभी इन शैलों पर रहे हैं, के जीवाश्म भी हो सकते हैं।

(ग) चूना पत्थर संगमरमर में बदलता है।
उत्तर चूना पत्थर एक अवसादी शैल है। अवसादी शैल उच्च ताप एवं दाब के कारण कायांतरित शैलों में परिवर्तित हो सकती है। चूना पत्थर भी उच्च ताप एवं दाब के कारण संगमरमर में परिवर्तित हो जाता है।

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NCERT Solutions for Class 7 Social Science Geography Chapter 3 Our Changing Earth (Hindi Medium)

NCERT Solutions for Class 7 Social Science Geography Chapter 3 Our Changing Earth (Hindi Medium)

NCERT Solutions for Class 7 Social Science Geography Chapter 3 Our Changing Earth (Hindi Medium)

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प्रश्न-अभ्यास
(पाठ्यपुस्तक से)

1. निम्न प्रश्नों के उत्तर दीजिए

(क) प्लेटें क्यों घूमती हैं?
उत्तर पृथ्वी के अंदर पिघले हुए मैग्मा में होने वाली गति के कारण पृथ्वी के अंदर पिघला हुआ मैग्मा एक वृत्तीय रूप में घूमता रहता है। ये प्लेट हमेशा धीमी गति से चारों तरफ प्रत्येक वर्ष केवल कुछ मिलीमीटर के लगभग घूमती रहती है।

(ख) बहिर्जनित एवं अंतर्जनित बल क्या हैं?
उत्तर अंतर्जनित बल-जो बल पृथ्वी के आंतरिक भाग में घटित होते हैं, उन्हें अंतर्जनित बल कहते हैं। अंतर्जनित बल कभी आकस्मिक गति उत्पन्न करते हैं तो कभी धीमी गति। | बहिर्जनित बल-जो बल पृथ्वी की सतह पर उत्पन्न होते हैं, उन्हें बहिर्जनित बल कहते हैं।

(ग) अपरदन क्या है?
उत्तर भूपृष्ठ पर बहता हुआ जल, पवन, हिम जैसे विभिन्न घटकों के द्वारा होने वाले कटाव-छटाँव को अपरदन कहते हैं; जैसे-नदियों द्वारा V आकार की घाटी का निर्माण करना। पवनों द्वारा बरखान एवं छत्रक शैल का निर्माण करना।

(घ) बाढ़कृत मैदान का निर्माण कैसे होता है?
उत्तर कभी-कभी नदी अपने तटों से बाहर बहने लगती है, फलस्वरूप निकटवर्ती क्षेत्रों में बाढ़ आ जाती है। बाढ़ के कारण नदी के तटों के निकटवर्ती क्षेत्रों में महीन मिट्टी एवं अन्य पदार्थों का जमाव करती है। ऐसी मिट्टी एवं पदार्थों को अवसाद कहते हैं। इससे समतल उपजाऊ बाढ़कृत मैदान का निर्माण होता है।

(च) बालू टिब्बा क्या है?
उत्तर मरुस्थलीय भागों में पवनों के द्वारा रेत को एक स्थान से दूसरे स्थान पर बहाकर ले जाती है। जब पवन का बहाव रुकता है तो यह रेत गिरकर छोटी पहाड़ी बनाती है। इनको बालू टिब्बा कहते हैं।

(छ) समुद्री पुलिन का निर्माण कैसे होता है?
उत्तर जब समुद्री किनारों पर समुद्री अवसाद जमा हो जाते हैं और समुद्र का कुछ भाग समुद्र से कटकर एक झील का रूप ले लेता है, उसे पुलिन कहते हैं।

(ज) चापझील क्या है?
उत्तर जब नदी टेढ़ी-मेढ़ी साँप के आकार में बहती है और जब नदी का बहाव तेज हो जाता है तो कुछ स्थानों में नदी कठोर चट्टान को भी काटकर सीधी बहने लगती है, जिससे विसर्प लूप नदी से कट जाते हैं और अलग झील बनाते हैं, जिसे चापझील या गोखुर झील कहते हैं।

2. सही (✓) उत्तर चिह्नित कीजिए –

(क) इनमें से कौन-सी समुद्री तरंग की विशेषता नहीं है?

  1. शैल
  2. किनारा
  3. समुद्री गुफा

उत्तर 1. शैल

(ख) हिमनद की निक्षेपण की विशेषता है।

  1. बाढ़कृत मैदान
  2. पुलिन
  3. हिमोढ़

उत्तर 3. हिमोढ़।

(ग) पृथ्वी की आकस्मिक गतियों के कारण कौन-सी घटना होती है?

  1. ज्वालामुखी
  2. वलन
  3. बाढकृत मैदान

उत्तर 1. ज्वालामुखी

(घ) छत्रक शैलें पाई जाती हैं।

  1. रेगिस्तान में
  2. नदी घाटी में
  3. हिमनद में

उत्तर 1. रेगिस्तान में

(च) चापझील यहाँ पाई जाती हैं।

  1. हिमनद
  2. नदी घाटी
  3. रेगिस्तान

उत्तर 1. नदी घाटी

3. निम्नलिखित स्तंभों को मिलाकर सही जोड़े बनाइए –

NCERT Solutions for Class 7 Social Science Geography Chapter 3 (Hindi Medium) 1

उत्तर

NCERT Solutions for Class 7 Social Science Geography Chapter 3 (Hindi Medium) 2

4. कारण बताइए –

(क) कुछ शैल छत्रक के आकार में होते हैं।
उत्तर
कुछ शैलों का छत्रक के आकार में होने के कारण – मरुस्थलीय भागों में पवनों के साथ चलने वाले रेत के कण मार्ग में पड़ने वाले चट्टानों के निचले हिस्से को अधिक घर्षित करते हैं और ऊपरी हिस्सों को इन पवनों से घर्षण काफी कम होता है, इसलिए निचले हिस्सों की चट्टानें काफ़ी घिस जाती हैं और ये चट्टानें छतरीनुमा आकार की बन जाती हैं, जिसे छत्रक शैल कहा जाता है।

(ख) बाढ़कृत मैदान बहुत उपजाऊ होते हैं।
उत्तर
बाढ़कृत मैदान के बहुत उपजाऊ होने के कारण

  1. बाढ़ के समय नदी अपने तटों को पारकर अपने आस-पास के क्षेत्रों को जलमग्न कर देती है।
  2. बाढ़ के समय नदी के साथ काफी मात्रा में मलबा या अवसाद बहते हैं, इन अवसादों या मलबों को नदी अपने आस-पास के क्षेत्रों में जमा कर देती है।
  3. इन अवसादों या मलबों में काफी मात्रा में ह्यूमस होती है जो कि बाढकृत मैदान को अधिक उपजाऊ बना देती है।

(ग) समुद्री गुफा स्टैक के रूप में परिवर्तित हो जाती है।
उत्तर
समुद्री गुफा स्टैक के रूप में परिवर्तित होने के कारण – समुद्री तरंग के अपरदन एवं निक्षेपण तटीय स्थलाकृतियाँ बनाते हैं। समुद्री तरंगें लगातार शैलों से टकराती रहती हैं, जिससे दरार विकसित होती है। समय के साथ ये बड़ी और चौड़ी होती जाती हैं। इनको समुद्री गुफा कहते हैं। इन गुफाओं के बड़े होते जाने पर इनमें केवल छत ही बचती है, जिससे तटीय मेहराब बनते हैं। लगातार अपरदन छत को भी तोड़ देता है और केवल दीवारें बचती हैं। दीवार जैसी इन आकृतियों को स्टैक कहते हैं।

(घ) भूकंप के दौरान इमारतें गिरती हैं।
उत्तर
भूकंप के दौरान इमारतें गिरने के कारण –

  1. भूकंप के दौरान पृथ्वी की सतह पर काफी कंपन होता है और इस कंपन से मकान या इमारतें हिलने लगती हैं और हिलने से मकान या इमारतें गिरने लगती हैं।
  2. अधिकांश इमारतें भूकंपरोधी नहीं होती।

5. क्रियाकलाप –

नीचे दिए गए चित्रों को देखें। यह नदी द्वारा निर्मित स्थलाकृतियाँ हैं। इन्हें पहचानिए एवं बताइए कि ये नदी के अपरदन अथवा निक्षेपण अथवा दोनों का परिणाम हैं?
NCERT Solutions for Class 7 Social Science Geography Chapter 3 (Hindi Medium) 3

उत्तर

NCERT Solutions for Class 7 Social Science Geography Chapter 3 (Hindi Medium) 4

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NCERT Solutions for Class 7 Social Science History Chapter 2 New Kings and Kingdoms (Hindi Medium)

NCERT Solutions for Class 7 Social Science History Chapter 2 New Kings and Kingdoms (Hindi Medium)

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पाठगत प्रश्न

1. क्या आपके विचार से उस दौर में एक शासक बनने के लिए क्षत्रिय के रूप में पैदा होना महत्त्वपूर्ण था? (एन०सी०ई०आर०टी० पाठ्यपुस्तक, पेज-17)
उत्तर हमारे विचार से उस दौर में एक शासक बनने के लिए क्षत्रिय के रूप में पैदा होना महत्त्वपूर्ण नहीं था। भारत के कई गैर क्षत्रिय शासक हुए जिनमें कदंब मयूरशर्मण और गुर्जर, प्रतिहार हरिचंद्र ब्राह्मण थे, जिन्होंने अपने परंपरागत पेशे को छोड़कर शस्त्र को अपना लिया। इसके अतिरिक्त कई और भी शासक हुए जो क्षत्रिय नहीं थे, लेकिन उस दौर में भारत के अधिकांश शासक क्षत्रिय थे।

2. प्रशासन का यह रूप आज की व्यवस्था से किन मायनों में भिन्न था? (एन०सी०ई०आर०टी० पाठ्यपुस्तक, पेज-18)
उत्तर मध्यकाल में भारत में राजतंत्र कायम था। राजतंत्र में शासक वंशानुगत हुआ करते थे, अर्थात् राजा का पुत्र ही राजा होता था, लेकिन आज की प्रशासनिक व्यवस्था लोकतांत्रिक है, जिसमें जनता द्वारा चुने हुए प्रतिनिधि ही शासन करते हैं। ज़नता के चुने हुए प्रतिनिधि ही सरकार का गठन करते हैं। मध्यकाल में जनता किसी भी राजा का ना तो चुनाव कर सकती थी और न ही उसे हटा सकती थी।

3. मानचित्र 1 को देखें और वे कारण बताइए, जिनके चलते ये शासक कन्नौज और गंगा घाटी के ऊपर नियंत्रण चाहते थे। (एन०सी०ई०आर०टी० पाठ्यपुस्तक, पेज-21)
उत्तर आठवीं सदी से लेकर बारहवीं सदी के पूर्वार्द्ध तक कन्नौज भारत का राजनीतिक शक्ति का केन्द्र था। कन्नौज उत्तर भारत के मध्य में स्थित था। इसलिए गुर्जर प्रतिहार, पाल वंश और राष्ट्रकूट वंश के राजाओं ने लंबे समय तक कन्नौज के लिए संघर्ष किया, जिससे इन शासकों का कन्नौज पर नियंत्रण कायम हो सके। चूँकि इस लंबी चली लड़ाई में तीन पक्ष थे, इसलिए इतिहासकारों ने प्रायः इसकी चर्चा त्रिपक्षीय संघर्ष के रूप में की है।

4. प्राचीन व मध्यकाल के राजाओं द्वारा कई तरह के दावे किए जाते थे, आपके विचार से ऐसे दावे उन्होंने क्यों किए होंगे? (एन०सी०ई०आर०टी० पाठ्यपुस्तक, पेज-19)
उत्तर कई प्रशस्तियों में शासक कई तरह के दावे करते थे, मिसाल के लिए शूरवीर, विजयी योद्धा के रूप में। समुद्रगुप्त ने अपने प्रशस्ति में वर्णन किया कि आंध्र, सैंधव, विदर्भ और कलिंग के राजा उनके आगे तभी धराशायी हो गए जब वे राजकुमार थे। इस तरह के दावे शासक अपने आपको सम्मानित और गौरवान्वित करने के लिए करते थे।

5. मानचित्र 1 को दोबारा देखिए और विचार-विमर्श कीजिए कि चाहमानों ने अपने इलाके का विस्तार क्यों करना चाहा होगा? (एन०सी०ई०आर०टी० पाठ्यपुस्तक, पेज-21)
उत्तर चाहमान दिल्ली और अजमेर के आस-पास के क्षेत्र पर शासन करते थे। उन्होंने पश्चिम और पूर्व की ओर अपने नियंत्रण क्षेत्र का विस्तार करना चाहा, जहाँ उन्हें गुजरात के चालुक्यों और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गहड़वालों से टक्कर लेनी पड़ी। चौहानों ने अपनी शक्ति को मजबूत करने के लिए और अपनी प्रतिष्ठा बढ़ाने के लिए अपने साम्राज्य में विस्तार करना चाहा होगा।

6. क्या आपको लगता है कि महिलाएँ इन सभाओं में हिस्सेदारी करती थीं? क्या आप समझते हैं कि समितियों के सदस्यों के चुनाव के लिए लॉटरी का तरीका उपयोगी होता है? । (एन०सी०ई०आर०टी० पाठ्यपुस्तक, पेज-27)
उत्तर महिलाओं का सभाओं में भाग लेने का प्रमाण इतिहास के किसी साक्ष्य में नहीं मिला है। चोल प्रशासन के कुछ समितियों में ही सदस्यों का चुनाव लॉटरी से किया जाता था, बाकी सदस्यों का चुनाव प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा किया जाता था। कुछ समितियों के सदस्यों के चुनाव के लिए लॉटरी का तरीका सही है।

प्रश्न-अभ्यास
(पाठ्यपुस्तक से)

फिर से याद करें

NCERT Solutions for Class 7 Social Science History Chapter 2 (Hindi Medium) 1

2. ‘त्रिपक्षीय संघर्ष’ में लगे तीनों पक्ष कौन-कौन से थे?
उत्तर त्रिपक्षीय संघर्ष में लगे तीनों पक्ष

  1. गुर्जर-प्रतिहार,
  2. राष्ट्रकूट,
  3. पाल

3. चोल साम्राज्य में सभा की किसी समिति का सदस्य बनने के लिए आवश्यक शर्ते क्या थीं?
उत्तर चोल साम्राज्य में सभा की किसी समिति का सदस्य बनने के लिए निम्न शर्ते आवश्यक थीं

  1. सभा की सदस्यता के लिए इच्छुक लोगों को ऐसी भूमि का स्वामी होना चाहिए, जहाँ से भू-राजस्व वसूला जाता है।
  2. उनके पास अपना घर होना चाहिए।
  3. उनकी उम्र 35 से 70 के बीच होनी चाहिए।
  4. उन्हें वेदों का ज्ञान होना चाहिए।
  5. ईमानदार होना चाहिए।
  6. उन्हें प्रशासनिक मामलों की अच्छी जानकारी होनी चाहिए।

4. चाहमानों के नियंत्रण में आनेवाले दो प्रमुख नगर कौन-से थे?
उत्तर चाहमानों के नियंत्रण में आने वाले नगर

  1. कन्नौज,
  2. बनारस,
  3. इन्द्रप्रस्थ,
  4. प्रयाग

आइए समझें

5. राष्ट्रकूट कैसे शक्तिशाली बने?
उत्तर राष्ट्रकूट शुरू में कनार्टक के चालुक्य राजाओं के अधीन थे। आठवीं सदी के मध्य में एक राष्ट्रकूट शासक । दंतीदुर्ग ने चालुक्यों की अधीनता से इंकार कर दिया। बाद में चालुक्यों को उसने हराया और अपनी सैनिक शक्ति में वृद्धि की।

6. नये राजवंशों ने स्वीकृति हासिल करने के लिए क्या किया?
उत्तर नए राजवंशों ने स्वीकृति हासिल करने के लिए निम्न कार्य किए

  1. राजा लोग नए राजवंशों को अपने मातहत या सामंत के रूप में मान्यता देते थे।
  2. अधिक सत्ता और संपदा हासिल करने पर सामंत अपने आपको महासामंत, महामंडलेश्वर इत्यादि घोषित कर देते थे।
  3. कभी-कभी वे अपने स्वामी के आधिपत्य से स्वतंत्र हो जाने का दावा भी करते थे।
  4. उद्यमी परिवारों के पुरुषों ने अपनी राजशाही कायम करने के लिए सैन्य कौशल का इस्तेमाल किया।

7. तमिल क्षेत्र में किस तरह की सिंचाई व्यवस्था का विकास हुआ?
उत्तर तमिल क्षेत्रों में सिंचाई व्यवस्था का विकास निम्न प्रकार से हुआ

  1. प्राकृतिक झीलों से सिंचाई की व्यवस्था की गई।
  2. अनेक नहरों को निर्मित किया गया।
  3. कई तालाबों और हौजों को निर्मित किया गया।
  4. अनेक क्षेत्रों में नए कुएँ खुदवाए गए।

8. चोल मंदिरों के साथ कौन-कौन सी गतिविधियाँ जुड़ी हुई थीं?
उत्तर चोल मंदिरों के साथ निम्नलिखित गतिविधियाँ जुड़ी हुई थीं

  1. चोल मंदिर अकसर अपने आस-पास विकसित होने वाली बस्तियों के केन्द्र बन गए।
  2. ये शिल्प उत्पादन के केन्द्र थे।
  3. ये मंदिर शासकों और अन्य लोगों द्वारा दी गई भूमि से भी सम्पन्न हो गए थे।
  4. मंदिर के लिए काम करने वालों में पुरोहित, मालाकार, बावर्ची, मेहतर, संगीतकार, नर्तक इत्यादि प्रमुख थे।
  5. मंदिर सिर्फ़ पूजा-आराधना का ही केन्द्र नहीं थे, बल्कि आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन । के केन्द्र भी थे।

आइए विचार करें।

9. मानचित्र 1 को दुबारा देखें और तलाश करें कि जिस प्रांत में आप रहते हैं, उसमें कोई पुरानी राजशाहियाँ (राजाओं के राज्य) थीं या नहीं ?
उत्तर मानचित्र 1 का अध्ययन करने से ज्ञात होता है कि जिस राज्य में हम रहते हैं, वहाँ इन्द्रप्रस्थ नामक राजशाही स्थापित थी, जिसे हम दिल्ली के नाम से जानते हैं।
इसके अतिरिक्त अन्य राजशाही और वर्तमान प्रांत का नाम इस प्रकार से है
NCERT Solutions for Class 7 Social Science History Chapter 2 (Hindi Medium) 2

10. जिस तरह के पंचायती चुनाव हम आज देखते हैं, उनसे उत्तरमेरुर के चुनाव’ किस तरह से अलग थे ?
उत्तर वर्तमान समय के पंचायत चुनाव उत्तरमेरुर के चुनाव में अन्तर –
NCERT Solutions for Class 7 Social Science History Chapter 2 (Hindi Medium) 3

आइए करके देखें

11. इस अध्याय में दिखलाए गए मंदिरों से अपने आस-पास के किसी मौजूदा मंदिर की तुलना करें और जो समानताएँ या अंतर आप देख पाते हैं, उन्हें बताएँ।
उत्तर असमानताएँ – इस अध्याय में दिखलाए गए मंदिर द्रविड़ शैली के स्थापत्य कला द्वारा निर्मित हैं, लेकिन वर्तमान के अधिकांश मंदिर बेसर शैली स्थापत्य कला द्वारा निर्मित हैं। बेसर शैली में द्रविड़ और नागर शैली का सम्मिश्रण होता है।
समानताएँ – इन दोनों मंदिरों में समानता यह है कि इन दोनों मंदिरों के गर्भ-गृह में ही मूर्ति स्थित होती है।

12. आज के समय में वसूले जाने वाले करों के बारे में और जानकारी हासिल करें। क्या ये नकद के रूप में हैं, वस्तु के रूप में हैं या श्रम सेवाओं के रूप में?
उत्तर वर्तमान समय में प्रत्यक्ष कर और अप्रत्यक्ष कर के रूप में कर वसूल किए जाते हैं। प्रत्यक्ष कर के रूप में आय कर, सम्पत्ति कर, उत्तराधिकारी कर, मृत्यु कर आदि। अप्रत्यक्ष कर के रूप में उत्पादन शुल्क, बिक्री कर आदि प्रमुख हैं।

वर्तमान समय में सभी कर नकद अथवा चेक के द्वारा जमा किए जाते हैं तथा किसी भी कर का भुगतान वस्तु के रूप में अथवा श्रम सेवाओं के रूप में नहीं लिया जाता है

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NCERT Solutions for Class 7 Social Science Civics Chapter 3 (Hindi Medium)

NCERT Solutions for Class 7 Social Science Civics Chapter 3 (Hindi Medium)

NCERT Solutions for Class 7 Social Science Civics Chapter 3 How the State Government Works (Hindi Medium)

These Solutions are part of NCERT Solutions for Class 7 Social Science in Hindi Medium. Here we have given NCERT Solutions for Class 7 Social Science Civics Chapter 3 How the State Government Works.

पाठगत प्रश्न

1. निम्न शब्दावलियों पर चर्चा कीजिएआमसभा, भारत के राज्य, निर्वाचन क्षेत्र, बहुमत, सत्तारूढ़ दल और विरोधी दल। (एन०सी०ई०आर०टी० पाठ्यपुस्तक, पेज-32)
उत्तर : आमसभा- साधारण जनता का एक सम्मेलन को आम सभा कहते हैं।

भारत के राज्य- 
भारत में 28 राज्य हैं। इन सभी राज्यों का क्षेत्रफल और जनसंख्या बराबर नहीं है।

निर्वाचन क्षेत्र- 
इसका तात्पर्य एक निश्चित क्षेत्र से है, जहाँ रहने वाले सभी मतदाता अपना प्रतिनिधि चुनते हैं। उदाहरण के लिए यह कोई पंचायत का वार्ड या वह क्षेत्र हो सकता है, जो विधान सभा सदस्य चुनता है।

बहुमत- 
इसका अर्थ ऐसी स्थिति से है, जब किसी समूह के आधे से अधिक संख्या में लोग किसी निर्णय या विचार से सहमत हों। इसे साधारण बहुमत भी कहा जाता है।

सत्तारूढ़ दल- 
जिस दल की सरकार कायम रहती है उसे  सत्तारूढ़ दल कहते हैं।

विरोधी दल- 
इसका तात्पर्य उन चुने हुए प्रतिनिधियों से है, जो सत्ता पक्ष के सदस्य नहीं हैं और जिनकी भूमिका सरकारी निर्णयों और कार्यों पर प्रश्न उठाने और विधानसभा में विचार के लिए नए मुद्दे उठाने की होती है।

2. क्या आप अपने राज्य के संदर्भ में इनके उदाहरण दे सकते हैं-बहुमत, सत्तारूढ़ दल और विरोधी दल? (एन०सी०ई०आर०टी० पाठ्यपुस्तक, पेज-32)
उत्तर : दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के विधानसभा में कांग्रेस पार्टी को बहुमत प्राप्त है और इस संदर्भ में सत्तारूढ़ दल कांग्रेस पार्टी है, जिसे विधानसभा में दो तिहाई बहुमत प्राप्त है और विरोधी दल के रूप में भारतीय जनता पार्टी है।

3. कई बार सत्ताधारी दल किसी एक पार्टी का न होकर कई पार्टियों से मिलकर बनता है। इसे गठबंधन सरकार कहते हैं। अपने शिक्षक से इस विषय पर चर्चा कीजिए। (एन०सी०ई०आर०टी० पाठ्यपुस्तक, पेज-33)
उत्तर : जब किसी एक दल को पूर्ण बहुमत नहीं मिलता और जब कई दल न्यूनतम कार्यक्रम के तहत सबसे बड़े दल को अपना समर्थन देकर सरकार का गठन करते हैं तो इसे गठबंधन सरकार कहते हैं। एक विचारधारा वाला दल ही सबसे बड़े दल का समर्थन करते हैं। इस तरह के गठबंधन सरकार का उदाहरण राष्ट्रीय मोर्चा की सरकार, एन.डी.ए. की सरकार, यू.पी.ए. की सरकार है।

4. जो विधायक सोचते थे कि सरकार स्थिति को गंभीरता से नहीं ले रही है, वे मुख्य रूप से क्या-क्या तर्क दे रहे थे? (एन०सी०ई०आर०टी० पाठ्यपुस्तक, पेज-36)
उत्तर : हिमाचल प्रदेश के कई विधायक विधान सभा में अपनी-अपनी क्षेत्रों की समस्याओं को बतला रहे थे जिनमें से कुछ विधायक यह मान रहे थे कि सरकार इन समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रही है इसके लिए विभिन्न विधायकों द्वारा कई तर्क दिए गए।

एक विधायक- अखंडगाव के मेरे निर्वाचन क्षेत्र में पिछले तीन हफ़्तों में हैजे के कारण 15 लोगों की मृत्यु हो चुकी है। मेरे विचार में सरकार के लिए यह बड़ी शर्मनाक स्थिति है। वह सरकार, जो अपने को प्रौद्योगिकी

में सर्वश्रेष्ठ घोषित कर रही है, हैजे जैसी साधारण बीमारी को रोकने में असफल रही है। मैं स्वास्थ्य मंत्री का ध्यान इस ओर आकर्षित करना चाहूंगा कि वे स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए तत्काल जरूरी कदम उठाएँ।

दूसरा विधायक- मेरा प्रश्न यह है कि सरकारी अस्पतालों की दशा इतनी खराब क्यों है? सरकार जिला अस्पतालों में डॉक्टरों व चिकित्सा कर्मचारियों की ठीक से नियुक्ति क्यों नहीं कर रही? मैं यह भी जानना चाहूँगा कि सरकार इस स्थिति का सामना किस प्रकार करने जा रही है जिससे लोग बड़ी संख्या में प्रभावित हैं और यह संख्या बढ़ती ही जा रही है? अब यह महामारी का रूप ले चुकी है।

5. यदि आप स्वास्थ्य मंत्री होते, तो उपर्युक्त चर्चा का उत्तर किस प्रकार देते? (एन०सी०ई०आर०टी० पाठ्यपुस्तक, पेज-36)
उत्तर यदि हम स्वास्थ्य मंत्री होते तो हम उपर्युक्त चर्चा को सुनने के बाद विधायकों को यह बतलाते कि हमने | इस क्षेत्र में कितना काम किया है और समस्या अभी भी कायम है या समस्या उत्पन्न हो गई है, उन समस्याओं का जल्दी ही निपटारा कर लिया जाएगा तथा जिन समस्याओं में अधिकारी और कर्मचारी लापरवाही बरत रहे | हैं उनकी लापरवाही को खत्म किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर उन पर उचित कार्रवाई भी किया जाएगा।

6. आपके विचार से क्या उपर्युक्त बहस कुछ अर्थों में उपयोगी रही? कैसे? चर्चा कीजिए। (एन०सी०ई०आर०टी० पाठ्यपुस्तक, पेज-36)
उत्तर : हमारे विचार से विधान सभा में होने वाली सभी बहस उपयोगी थी, क्योंकि वे बहसें जनता की समस्याओं से जुड़ी हुई थीं। विधायकगण इन समस्याओं को सरकार के मंत्रियों के सामने रख रहे थे जिससे कि सरकार के मंत्रीगण उन समस्याओं का जल्द से जल्द निराकरण कर सके।

7. व्याख्या कीजिए कि सरकार की कार्यप्रणाली में एक सामान्य विधायक और उस विधायक में, जो मंत्री भी है, क्या अंतर है? (एन०सी०ई०आर०टी० पाठ्यपुस्तक, पेज-36 )
उत्तर : एक विधायक जो जनता द्वारा चुने हुए प्रतिनिधि होते हैं। ये विधायक किसी भी दल के हो सकते हैं, लेकिन जो विधायक मंत्री भी हैं, वे सिर्फ सत्तारूढ़ दल के विधायक हो सकते हैं तथा मंत्री विधायक को किसी एक विभाग का, मंत्रालय सौंपा जाता है और उस मंत्रालय से संबंधित सभी महत्त्वपूर्ण निर्णय मंत्री विधायक द्वारा लिया जाता है। विधायक के मंत्री होने के कारण उनकी सुरक्षा व्यवस्था भी विधायक से अलग होती है।

8. हैजे को नियंत्रण में लाने के लिए सरकार द्वारा किए गए दो उपाय लिखिए। (एन०सी०ई०आर०टी० पाठ्यपुस्तक, पेज-37)
उत्तर : हैजे को नियंत्रण में लाने के लिए सरकार द्वारा किए गए दो उपाय

  1. सरकार ने साफ़-सफ़ाई के लिए प्रबंध तथा स्वच्छ पानी पीने की व्यवस्था का आश्वासन दिया।
  2. सरकार द्वारा एक उच्च स्तरीय जाँच समिति गठित की गई, जो सफ़ाई सुविधाओं के लिए जिले की जरूरतों के बारे में विचार करेगी और लोक निर्माण मंत्री को यह दिशा-निर्देश दिया गया कि वे क्षेत्र में पानी की उचित व्यवस्था पर ध्यान दें।।

9. प्रेसवार्ता का क्या उद्देश्य है? प्रेस वार्ता आपको सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों के बारे में जानकारी प्राप्त करने में किस प्रकार सहायक होती है? ( एन०सी०ई०आर०टी० पाठ्यपुस्तक, पेज-37)
उत्तर प्रेसवार्ता का मुख्य उद्देश्य सरकार द्वारा जो भी नीतियाँ और कार्यक्रम लागू की जा रही है उन नीतियों और कार्यक्रमों के बारे में आम लोगों को जानकारी देना। समाचार-पत्र एवं अन्य संचार के साधन लोगों के घर तक पहुँचती है, इसलिए प्रेसवार्ता द्वारा सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों के बारे में जानकारी प्राप्त करने में काफी सहायक होती है। |

10. अपने शिक्षक की सहायता से पता लगाइए कि उपरोक्त शासकीय विभाग क्या काम करते हैं और उन्हें तालिका में दिए गए रिक्त स्थानों में भरिए। (एन०सी०ई०आर०टी० पाठ्यपुस्तक, पेज-39)
NCERT Solutions for Class 7 Social Science Civics Chapter 3 (Hindi Medium) 1
उत्तर :
NCERT Solutions for Class 7 Social Science Civics Chapter 3 (Hindi Medium) 2

प्रश्न-अभ्यास
पाठ्यपुस्तक से

1. निर्वाचन क्षेत्र व प्रतिनिधि शब्दों का प्रयोग करते हुए स्पष्ट कीजिए कि विधायक कौन होता है और उसका चुनाव किस प्रकार होता है?
उत्तर : विधानसभा के सदस्य को विधायक (एम.एल.ए.) कहा जाता है। प्रत्येक विधायक के लिए एक विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र होता है, जहाँ से विधायक जनता के प्रतिनिधि के रूप में चुनकर आते हैं।
विधायकों का चुनाव|

  1. प्रत्येक विधायक के लिए एक विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र होता है, जहाँ से विधायक जनता के प्रतिनिधि के रूप में चुनकर आते हैं।
  2. प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र के वयस्क नागरिक अपने गुप्त एवं सार्वभौमिक मताधिकार द्वारा एक विधानसभा के प्रतिनिधि का चुनाव कर ते हैं।

2. कुछ विधायक मंत्री कैसे बनते हैं? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर : कुछ विधायक को मंत्री, मुख्यमंत्री द्वारा बनाया जाता है। मुख्यमंत्री दल के कुछ विधायकों को मंत्री पद के लिए राज्यपाल से सिफारिश करता है और राज्यपाल विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाता है। इन मंत्रियों के विभागों का बँटवारा मुख्यमंत्री द्वारा किया जाता है; जैसे—वित्तमंत्री, गृहमंत्री, लोकनिर्माण मंत्री, शिक्षा मंत्री आदि।

3. मुख्यमंत्री तथा अन्य मंत्रियों द्वारा लिए गए निर्णयों पर विधानसभा में बहस क्यों होनी चाहिए?
उत्तर : मुख्यमंत्री तथा अन्य मंत्रियों द्वारा लिए गए निर्णयों पर बहस आवश्यक है, क्योंकि मुख्यमंत्री, मंत्री तथा विधायक सामूहिक रूप से जनता के प्रति उत्तरदायी होते हैं। इसलिए उन्हें कोई भी निर्णय जनता के अनुकूल या उनके हित में लेना चाहिए। यह आवश्यक नहीं है कि मुख्यमंत्री तथा अन्य मंत्रियों द्वारा लिए गए निर्णय समाज के सभी वर्गों के लिए लाभकारी हों। विधानसभा में होने वाली बहस के द्वारा ही मुख्यमंत्री तथा मंत्रियों के अधिकारों के दुरुपयोग पर अंकुश लगाना संभव है। बहस के फलस्वरूप आए नवीन विचारों को अंतिम निर्णय में जोड़ा जा सकता है अथवा अनुपयुक्त तथ्यों को हटाया जा सकता है।

4. पातालपुरम में क्या समस्या थी? निम्नलिखित के द्वारा इस विषय में क्या चर्चा या कार्य किए गए? निम्न तालिका में भरिए
NCERT Solutions for Class 7 Social Science Civics Chapter 3 (Hindi Medium) 3

उत्तर : पातालपुरम की समस्याएँ

  1. पानी की कमी के कारण लोगों को तीन दिन में एक बार पानी की सप्लाई दी जाती थी।
  2. लोग मजबूरीवश गंदा पानी पीने के लिए मजबूर थे, जिसके कारण पूरे क्षेत्र में हैजे का प्रकोप फैल गया था।
  3. दस लोगों की मृत्यु हो चुकी थी तथा जिला चिकित्सालय मरीजों से भरा हुआ था।
    इस विषय में निम्न विभागों द्वारा किए गए कार्य
    NCERT Solutions for Class 7 Social Science Civics Chapter 3 (Hindi Medium) 4

5. विधानसभा सदस्य द्वारा विधायिका में किए गए कार्यों और शासकीय विभागों द्वारा किए गए कार्यों के बीच क्या अंतर है?
उत्तर : विधानसभा के सदस्य विधायिका में कानूनों का निर्माण करते हैं तथा स्थानीय समस्याओं को विधायिका में
रखते हैं। सरकार द्वारा कई महत्त्वपूर्ण निर्णयों को विधायिका में घोषणा की जाती है। विरोधी दल के विधानसभा के सदस्यों द्वारा सरकार की गलत नीतियों का सदन में विरोध किया जाता है।
शासकीय विभाग द्वारा सरकार के निर्णयों और कानूनों को संचालित किया जाता है।

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NCERT Solutions for Class 7 Social Science History Chapter 1 Tracing changes through a thousand years (Hindi Medium)

NCERT Solutions for Class 7 Social Science History Chapter 1 Tracing changes through a thousand years (Hindi Medium)

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प्रश्न – अभ्यास
(पाठ्यपुस्तक से)

फिर से याद करें

1. अतीत में विदेशी’ किसे माना जाता था? [V.V. Imp.]
उत्तर- मध्यकाल में गाँव में आने वाला कोई भी अनजान व्यक्ति जो समाज और संस्कृति का अंग न हो, ‘विदेशी’ कहलाता था। ऐसे व्यक्ति को हिंदी में परदेसी और फारसी में अजनबी कहा जा सकता है।

2. नीचे उल्लिखित बातें सही है या गलत :
(क) सन् 700 के बाद के काल के संबंध में अभिलेख नहीं मिलते हैं।
(ख) इस काल के दौरान मराठों ने अपने राजनीतिक महत्त्व की स्थापना की।
(ग) कृषि-केंद्रित बस्तियों के विस्तार के साथ कभी-कभी वनवासी अपनी जमीन से उखाड़ बाहर कर दिए जाते थे।
(घ) सुलतान ग़यासुद्दीन बलबन असम, मणिपुर तथा कश्मीर का शासक था।
उत्तर- (क) सही, (ख) सही, (ग) सही, (घ) गलत।

3. रिक्त स्थानों को भरें :
(क) अभिलेखागारों में …………….. रखे जाते हैं।
(ख) ……………… चौदहवीं सदी का एक इतिहासकार था।
(ग) ………….. , …………… , …………. , ……………. और …………… इस उपमहाद्वीप में इस काल के दौरान लाई गई कुछ नई फसलें हैं।
उत्तर- (क) दस्तावेज (ख) जियाउद्दीन बरनी (ग) आलू, मक्का, मिर्च, चाय-कॉफी।

4. इस काल में हुए कुछ प्रौद्योगिकीय परिवर्तनों की तालिका दें।
उत्तर- 700 से 1750 के बीच के हज़ार वर्षों में अलग-अलग समय पर नई प्रौद्योगिकी का विकास हुआ। जैसे सिंचाई में रहट, कताई में चरखे और युद्ध में आग्नेयास्त्रों (बारूद वाले हथियारों) का प्रयोग शुरू हो गया था।

5. इस काल के दौरान हुए कुछ मुख्य धार्मिक परिवर्तनों की जानकारी दें।
उत्तर- हजार वर्षों के दौरान धार्मिक परंपराओं में कई बड़े परिवर्तन आए। लोगों में दैविक आस्था वैयक्तिक स्तर पर और सामूहिक स्तर पर था। हिंदू धर्म में नए देवी-देवताओं की पूजा, राजाओं द्वारा मंदिरों का निर्माण और पुरोहितों का महत्त्व बढ़ा जो कि ब्राह्मण हुआ करते थे। इस काल में भक्ति आंदोलन का प्रारम्भ हुआ जो कि कर्मकांडों के आलोचक थे। इस काल में सातवीं सदी में इस्लाम और 16वीं सदी में ईसाई धर्म का भारत में प्रादुर्भाव हुआ।

आइए समझें

6. पिछली कई शताब्दियों में हिंदुस्तान’ शब्द का अर्थ कैसे बदला है? [V.V. Imp.]
उत्तर- पिछली कई शताब्दियों में हिंदुस्तान शब्द के अर्थ में अनेक परिवर्तन हुए। तेरहवीं सदी में जब फारसी के इतिहासकार मिन्हाज-ए-सिराज ने हिंदुस्तान शब्द का प्रयोग किया था तो उसका अर्थ गंगा-यमुना के बीच में स्थित क्षेत्र और पंजाब, हरियाणा से था। उसने इस शब्द का राजनीतिक अर्थ में उन इलाकों के लिए इस्तेमाल किया जो दिल्ली के सुल्तान के अधिकार क्षेत्र में आते थे। इसके विपरीत सोलहवीं सदी के आरंभ में बाबर ने हिंदुस्तान शब्द का प्रयोग इस उप-महाद्वीप के भूगोल, पशु-पक्षियों और यहाँ के निवासियों की संस्कृति का वर्णन करने के लिए किया। यह प्रयोग चौदहवीं सदी के कवि अमीर खुसरो द्वारा प्रयोग किया। गया शब्द हिंद के ही कुछ-कुछ समान था। मगर जहाँ ‘भारत’ को एक भौगोलिक और सांस्कृतिक तत्व के रूप में पहचाना जा रहा था।

7. जातियों के मामले कैसे नियंत्रित किए जाते थे?
उत्तर- जातियाँ स्वयं अपने-अपने नियम बनाती थी, जिससे कि वे अपनी जाति के सदस्यों के व्यवहार को नियंत्रित कर सके। इन नियमों का पालन जाति के बड़े बुजुर्गों की एक सभा करवाती थी, जिसे कुछ इलाकों में जाति | पंचायत’ कहा जाता था, लेकिन जातियों को अपने निवास के गाँवों के रिवाजों का पालन भी करना पड़ता था।

8. सर्वक्षेत्रीय साम्राज्य से आप क्या समझते हैं?
उत्तर- सर्वक्षेत्रीय साम्राज्य से तात्पर्य उस साम्राज्य से है जो अनेक क्षेत्रीय राज्यों को मिलाकर बना हो; जैसे-सल्तनत साम्राज्य, मुगल साम्राज्य आदि।

आइए विचार करें

9. पांडुलिपियों के उपयोग में इतिहासकारों के सामने कौन-कौन सी समस्याएँ आती हैं? [VV. Imp.]
उत्तर- पांडुलिपियों के उपयोग में इतिहासकारों के सामने निम्न समस्याएँ आती हैं
(i) कई बार पांडुलिपियों की लिखावट को समझने में दिक्कत आती है।
(ii) आज हमें लेखक की मूल पांडुलिपि शायद ही कहीं मिलती है।
(iii) मूल पांडुलिपि की नई प्रतिलिपि बनाते समय लिपिक छोटे-मोटे फेर-बदल करते चलते थे, कहीं कोई शब्द, कहीं कोई वाक्य। सदी-दर-सदी प्रतिलिपियों की भी प्रतिलिपियाँ बनती रहीं और अंततः एक ही मूल ग्रंथ की भिन्न-भिन्न प्रतिलिपियाँ एक-दूसरे से बहुत अलग हो गईं।
(iv) इतिहासकारों को बाद के लिपिकों द्वारा बनाई गई प्रतिलिपियों पर ही पूरी तरह निर्भर रहना पड़ता है, | इसलिए इस बात का अंदाज लगाने के लिए कि मूलतः लेखक ने क्या लिखा था इतिहासकारों को एक ही ग्रंथ की विभिन्न प्रतिलिपियों का अध्ययन करना पड़ता है।

10. इतिहासकार अतीत को कालों या युगों में कैसे विभाजित करते हैं? क्या इस कार्य में उनके सामने कोई कठिनाई आती है?
उत्तर- अधिकतर इतिहासकार आर्थिक तथा सामाजिक कारकों के आधार पर ही अतीत के कालखंडों की विशेषताएँ तय करते हैं। इन आधारों पर इतिहास को प्राचीन, मध्य और आधुनिक कालों में बाँटा गया है। काल-क्रम को विभाजित करते समय इतिहासकारों के सामने यह समस्या उत्पन्न होती है कि वे किस महत्त्वपूर्ण घटना के बाद कालक्रम का विभाजन करें।

आइए करेके देखें

11. अध्याय में दिए गए मानचित्र 1 अथवा मानचित्र 2 की तुलना उपमहाद्वीप के आज के मानचित्र से करें। तुलना करते हुए दोनों के बीच जितनी भी समानताएँ और असमानताएँ मिलती हैं, उनकी सूची बनाइए।
उत्तर- मानचित्र 1 अरब भूगोलवेत्ता अल इद्रीसी ने 1154 में बनाया था। मानचित्र 2 एक फ्रांसीसी मानचित्रकार ने 1720 में बनाया था। दोनों मानचित्र में कुछ समानता और असमानता थीं।
दोनों मानचित्र में समानता
(i) इस मानचित्र में वर्तमान मानचित्र की भाँति भारतीय उपमहाद्वीप को दर्शाया गया है। इस मानचित्र में कुछ जाने-पहचाने नाम भी हैं; जैसे-कन्नौज, सूरत आदि।
असमानता
(ii) अल इद्रीसी के नक्शे में दक्षिण भारत उस जगह है, जहाँ हम आज उत्तर भारत हुँखेंगे और श्रीलंका का द्वीप ऊपर की तरफ है। जगहों के नाम अरबी में दिए गए हैं। यह मानचित्र आज के मानचित्र से काफी भिन्न हैं, लेकिन फ्रांसीसी मानचित्रकार के मानचित्र में आज के मानचित्र से थोड़ी-सी भिन्नता है; जैसे – बम्बई क्षेत्र और गुजरात क्षेत्र का मानचित्र आज से भिन्न है।

12. पता लगाइए कि आपके गाँव या शहर में अभिलेख (रिकॉर्ड) कहाँ रखे जाते हैं। इन अभिलेखों को कौन तैयार करता है? क्या आपके यहाँ कोई अभिलेखागार है? उसकी देखभाल कौन करता है? वहाँ किस तरह के दस्तावेज़ संगृहीत हैं? उनका उपयोग कौन लोग करते हैं?
उत्तर- ग्रामीण क्षेत्रों के अभिलेख (रिकॉर्ड) जिला मुख्यालय में रखे जाते हैं, इन अभिलेखों को विभिन्न विभाग के कर्मचारी तैयार करते हैं तथा शहरों के अभिलेख नगर निगम कार्यालयों में रखे जाते हैं और ऐतिहासिक अभिलेख को अभिलेखागारों में रखा जाता है। अभिलेखागार की देखभाल उसके अंदर नियुक्त कर्मचारियों द्वारा की जाती है। इनका उपयोग शोधार्थियों द्वारा अथवा विभिन्न विभागों द्वारा समय-समय पर किया जाता है।

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