CBSE Class 8

NCERT Solutions for Class 8 Social Science Geography Chapter 2 Land, Soil, Water, Natural Vegetation and Wildlife Resources (Hindi Medium)

NCERT Solutions for Class 8 Social Science Geography Chapter 2 Land, Soil, Water, Natural Vegetation and Wildlife Resources (Hindi Medium)

NCERT Solutions for Class 8 Social Science Geography Chapter 2 Land, Soil, Water, Natural Vegetation and Wildlife Resources (Hindi Medium)

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प्रश्न-अभ्यास

( पाठ्यपुस्तक से)

प्रश्न 1.
निम्न प्रश्नों के उत्तर दीजिए
(i) मृदा निर्माण के लिए उत्तरदायी दो मुख्य जलवायु कारक कौन-से हैं?
(ii) भूमि निम्नीकरण के कोई दो कारण लिखिए। ।
(ii) भूमि को महत्त्वपूर्ण संसाधन क्यों माना जाता है?
(iv) किन्हीं दो सोपानों के नाम बताइए जिन्हें सरकार ने पौधों और प्राणियों के संरक्षण के लिए आरंभ किया है।
(v) जल संरक्षण के तीन तरीके बताइए।
उत्तर
(i) मृदा निर्माण के दो मुख्य जलवायु कारक-

  • तापमान
  • वर्षण

(ii) भूमि निम्नीकरण के दो कारण-

  • मानवीय कारण-वनोन्मूलन, अतिचारण,रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का अत्यधिक उपयोग।
  • प्राकृतिक कारण-वर्षा दोहन,भूस्खलन और बाढ़।

(iii) भूमि हमारे जीवन का आधार है। इसके बिना हमें आवास, खाना, पानी आदि कुछ भी प्राप्त नहीं होगा।

(iv) दो सोपान-

  • जैवमंडल निचय तथा राष्ट्रीय उद्यानों की स्थापना।
  • अवैध शिकार और कटाई आदि पर रोक लगाना।

(v) जल संरक्षण के उपाय-

  • वृक्षारोपण
  • रिसाव व वाष्पीकरण रोकना
  • वर्षा जल संग्रहण

प्रश्न 2.
सही उत्तर को चिह्नित कीजिए-
(i) निम्नलिखित में से कौन-सा कारक मृदा निर्माण का नहीं है?
(i) समय
(ii) मृदा का गठन
(iii) जैव पदार्थ
उत्तर
(ख)
मृदा का गठन

(ii) निम्नलिखित में से कौन-सी विधि तीव्र ढालों पर मृदा अपरदन को रोकने के लिए सर्वाधिक उपयुक्त है?
(i) रक्षक मेखला
(ii) मलचिंग
(iii) वेदिका कृषि
उत्तर
(ग)
वेदिका कृषि

(iii) निम्नलिखित में से कौन-सा प्रकृति के संरक्षण के अनुकूल नहीं है?
(i) जब आवश्यकता न हो तो बल्ब को बंद कर देना चाहिए।
(ii) नल को उपयोग के बाद तुरंत बंद कर देना चाहिए।
(iii) खरीदारी के बाद पॉली पैक को नष्ट कर देना चाहिए।
उत्तर
(ग)
खरीदारी के बाद पॉली पैक को नष्ट कर देना चाहिए।

 

प्रश्न 3.
निम्नलिखित का मिलान कीजिए-

NCERT Solutions for Class 8 Social Science Geography Chapter 2 (Hindi Medium) 1

उत्तर
मिलान
NCERT Solutions for Class 8 Social Science Geography Chapter 2 (Hindi Medium) 2

प्रश्न 4.
निम्नलिखित कथनों में से सत्य अथवा असत्य बताइए। यदि सत्य है तो उसके कारण लिखिए-
(i) भारत का गंगा, ब्रह्मपुत्र का मैदान अत्यधिक आबाद प्रदेश है।
(ii) भारत में प्रतिव्यक्ति जल की उपलब्धता कम हो रही है।
(iii) तटीय क्षेत्रों में पवन गति रोकने के लिए वृक्ष कतार में लगाए जाते हैं, जिसे बीच की फसल उगाना कहते हैं।
(iv) मानवीय हस्तक्षेप और जलवायु परिवर्तन पारितंत्र को व्यवस्थित रख सकते हैं।
उत्तर
(i) सत्य

  • कारण -यह मैदान अत्यधिक उपजाऊ है जिसके कारण अधिक जनसंख्या का भरण-पोषण कर सकता है। – इस मैदान की जलवायु मानवीय गतिविधियों के अनुकूल हैं।
    -यह मैदान समतल है जिसके कारण यातायात के साधनों, नगरों तथा उद्योगों का विकास हुआ है।

(ii) सत्य

  • कारण – भारत की जनसंख्या तेजी से बढ़ रही है। – प्रदूषण के कारण जल दूषित हो रहा है।

(iii) सत्य

  • कारण –पवन गति रोकने के लिए वृक्ष कतारों में लगाए जाते हैं। ताकि मृदा अपरदन कम हो।

(iv) असत्य

प्रश्न 5.
क्रियाकलाप भूमि उपयोग प्रतिरूप के परिवर्तन के लिए उत्तरदायी कुछ और कारणों की चर्चा कीजिए। क्या आपके स्थान पर भूमि उपयोग प्रतिरूप में कोई परिवर्तन हुआ है? अपने माता-पिता और बड़े लोगों से पता कीजिए। आप निम्नलिखित प्रश्नों को पूछकर एक साक्षात्कार ले सकते हैं-

NCERT Solutions for Class 8 Social Science Geography Chapter 2 (Hindi Medium) 3
आपने जो तालिका पूरी की है उसके आधार पर भूमि उपयोग प्रतिरूपों का एक चित्र बनाइए जिन्हें आप 20 वर्ष बाद अपने पड़ोस में देखने की कल्पना करते हैं। आप क्यों सोचते हैं कि वर्षों बाद भूमि उपयोग बदल
जाता है।
उत्तर
यह कार्य विद्यार्थी स्वयं करें।

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NCERT Solutions for Class 8 Social Science Geography Chapter 3 Mineral and Power Resources (Hindi Medium)

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प्रश्न-अभ्यास

( पाठ्यपुस्तक से)

प्रश्न 1.
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
(i) प्रतिदिन आपके उपयोग में आने वाले तीन सामान्य खनिजों के नाम बताइए।
(ii) अयस्क क्या है? धात्विक खनिजों के अयस्क सामान्यतः कहाँ पाए जाते हैं?
(iii) प्राकृतिक गैस संसाधनों में संपन्न दो प्रदेशों के नाम बताइए।
(iv) निम्न के लिए आप ऊर्जा के किन स्रोतों का सुझाव देंगे
(v) पाँच तरीके दीजिए जिनसे कि आप घर पर ऊर्जा बचा सकते हैं।

  • ग्रामीण क्षेत्रों
  • तटीय क्षेत्रों
  • शुष्क प्रदेशों

(v) पाँच तरीके दीजिए जिनसे कि आप घर पर ऊर्जा बचा सकते हैं।
उत्तर
प्रतिदिन उपयोग में आने वाले सामान्य खीनज हैं-
(i)

  • लोहा
  • नमक
  • ग्रेफाइट

(ii) जिन शैलों से खनिजों का खनन किया जाता है वे शैल अयस्क कहलाती हैं। धात्विक खनिजों के अयस्क सामान्यतः आग्नेय और कायांतरित शैलों में पाए जाते हैं।

(iii) प्राकृतिक गैस संसाधन से संपन्न दो प्रदेश हैं।

  • जैसलमेर (राजस्थान)
  •  मुंबई (महाराष्ट्र)

(iv)

  • बायोगैस
  • ज्वारीय ऊर्जा एवं पवन ऊर्जा
  • पवन ऊर्जा एवं सौर ऊर्जा

(v) घर पर ऊर्जा की बचत के तरीके-

  • बिजली उपकरणों को आवश्यकता न होने पर बंद कर देना।।
  • सब्जी प्रेशर कुकर में पकाना।।
  • सी.एफ.एल. बल्ब व ट्यूब का प्रयोग करना।
  • खिड़कियों को खुली रखकर प्राकृतिक हवा और प्रकाश को अधिकतम प्रयोग करना।
  • गैस जलाने से पहले सब्जियाँ काटकर व धोकर तैयार रखना।

प्रश्न 2.
सही उत्तर को चिह्नित कीजिए
(i) निम्नलिखित में से कौन-सी एक खनिजों की विशेषता नहीं है?
(क) वे प्राकृतिक प्रक्रियाओं द्वारा निर्मित होते हैं।
(ख) उनका एक निश्चित रासायनिक संघटन होता है।
(ग) वे असमाप्य होते हैं।
(घ) उनका वितरण असमान होता है।
उत्तर
(ग) वे असमाप्य होते हैं।

(ii) निम्नलिखित में से कौन-सी अभ्रक का उत्पादक नहीं है?
(क) झारखंड
(ख) राजस्थान
(ग) कर्नाटक
(घ) आंध्र प्रदेश
उत्तर
(ग) कर्नाटक

(iii) निम्नलिखित में से कौन विश्व में ताँबे का अग्रणी उत्पादक है?
(क) बोलीविया
(ख) चिली
(ग) घाना
(घ) जिंबाब्वे
उत्तर
(ख) चिली

(iv) निम्नलिखित प्रक्रियाओं में से कौन-सी आपके रसोईघर में द्रवित पेट्रोलियम गैस (एल.पी.जी.) को संरक्षित नहीं करेगी-
(क) पकाने से पहले दाल को कुछ समय के लिए भिगोना।
(ख) प्रेशर कुकर में खाना पकाना।
(ग) पकाने के लिए गैस जलाने से पूर्व सब्जी को काट लेना।
(घ) खुली कढ़ाई में कम ज्वाला पर भोजन पकाना।
उत्तर
(घ) खुली कढ़ाई में कम ज्वाला पर भोजन पकाना।

प्रश्न 3.
कारण बताइए-
(i) बड़े बाँधों के निर्माण के पूर्व पर्यावरणीय पहलुओं को ध्यानपूर्वक देखना चाहिए।
(ii) अधिकांश उद्योग कोयला खानों के पास केंद्रित होते हैं।
(iii) पेट्रोलियम को ‘काला सोना’ कहा जाता है।
(iv) आखनन पर्यावरणीय चिंता का विषय हो सकता है।
उत्तर
कारण-
(i)

  • बड़े पैमाने पर वनों को काटा जाता है।
  • बहुत बड़ा क्षेत्र जलमग्न हो जाता है।
  • स्थानीय स्तर पर भूकंप, भूस्खलन का खतरा बढ़ जाता है।

(ii)

  • कोयला शक्ति के साधन के रूप में उद्योगों की माँग पूरी करता है।
  • कोयला एक भारी खनिज ईंधन है जिसे दूर क्षेत्रों में ढोने से खर्च और समय बढ़ जाता है।

(iii) पेट्रोलियम और इससे बने उत्पादों के महत्त्व तथा अधिक मूल्यवान होने कारण ही इसे काला सोना कहा जाता है।

(iv) आखनन खुले गर्तवाली खनन क्रिया जिससे धूल बड़े स्तर पर पर्यावरण में फैलती है जिससे प्रदूषण होता है।

प्रश्न 4.
निम्नलिखित में अंतर स्पष्ट कीजिए-
(i) परंपरागत और गैर-परंपरागत ऊर्जा के स्रोत
(ii) बायो गैस और प्राकृतिक गैस
(iii) लौह और अलौह खनिज
(iv) धात्विक और अधात्विक खनिज
उत्तर
अंतर-
(i) परंपरागत और गैर-परंपरागत ऊर्जा के स्रोत

  1. परंपरागत ऊर्जा के स्रोत
    • जिन स्रोतों का उपयोग मनुष्य अपनी ऊर्जा की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए लंबे
      समय से करता चला आ रहा है।
    • इन स्रोतों का भंडार सीमित है तथा ये अनवीकरणीय ऊर्जा स्रोत हैं।
    • इन ऊर्जा स्रोतों के उपयोग से प्रदूषण होता है।
    • कोयला, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस आदि परंपरागत ऊर्जा स्रोत के उदाहरण हैं।
  2. गैर-परंपरागत ऊर्जा के स्त्रोत
    • जिन स्रोतों का उपयोग मनुष्य अपनी ऊर्जा की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए परंपरागत ऊर्जा स्रोतों के विकल्प के रूप में करने लगा है।
    • इन स्रोतों का भंडार सीमित नहीं है और ये नवीकरणीय ऊर्जा के स्रोत हैं।
    • इन ऊर्जा स्रोतों के उपयोग से प्रदूषण नहीं फैलता है।
    • सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, ज्वारीय ऊर्जा गैर-परंपरागत ऊर्जा स्रोत के उदाहरण हैं।

(ii) बायोगैस और प्राकृतिक गैस-

  1. बायोगैस
    • यह मानव निर्मित संसाधन है।
    • यह जैविक अपशिष्ट जैसे मृत पौधे और जंतुओं के अवशेष,पशुओं का गोबर आदि से तैयार की जाती है।
    •  इसका उपयोग खाना पकाने तथा बल्ब जलाने आदि में घरेलू जरूरतों के लिए किया जाता है।
    •  इसके प्लांट ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में लगाए गए हैं। (
  2. प्राकृतिक गैस-
    • यह प्राकृतिक संसाधन है।
    • यह पेट्रोलियम निक्षेपों के साथ पायी जाती है।
    • इसका उपयोग घरेलू और वाणिज्यिक ईंधनों के रूप में किया जाता है।
    • भारत में प्राकृतिक गैस जैसलमेर, कृष्णा-गोदावरी डेल्टा, त्रिपुरा और मुंबई के अपतटीय क्षेत्रों में पायी जाती है।

(iii) लौह और अलौह खनिज-

  1. लौह खनिज-
    • जिन धात्विक खनिजों में लौह अंश पाया जाता है, उन्हें लौह खनिज कहते हैं।
    • लौह-अयस्क, मैंगनीज, क्रोमाइट इत्यादि लौह खनिज के उदाहरण हैं।
  2. अलौह खनिज
    • जिन धात्विक खनिजों में लौह अंश नहीं पाया जाता है।
    • सोना, चाँदी, ताँबा, आदि अलौह खनिज के उदाहरण हैं।

(iv) धात्विक और अधात्विक खनिजे

  1. धात्विक खनिज
    • जिन खनिजों से धातु प्राप्त होती है।
    • इनको पीटकर पतली कादरों के रूप में परिवर्तित किया जा सकता है।
    • इनमें चमक होती है।
    • लौह-अयस्क, मैंगनीज, क्रोमाइट, सोना, चाँदी इत्यादि धात्विक खनिज के उदाहरण हैं।
  2. अधात्विक खनिज
    • जिन खनिजों से धातु प्राप्त नहीं होती है।
    • ये पीटने पर टूट जाते हैं।
    • इनमें चमक नहीं होती है।
    • संगमरमर, कोयला, अभ्रक, पेट्रोलियम इत्यादि अधात्विक खनिजों के उदाहरण हैं।

प्रश्न 5.
क्रियाकलाप

  1. हमारे जीवन में उपयोग किए जाने वाले विभिन्न प्रकार के ईंधनों को प्रदर्शित करने के लिए पुरानी पत्रिकाओं से चित्रों का प्रयोग करें और उन्हें अपने सूचनापट पर प्रदर्शित करें।
  2. ऊर्जा संरक्षण की युक्तियाँ जिन्हें आप अपने विद्यालय में अपनाएँगे, पर प्रकाश डालते हुए एक चार्ट बनाइए।
  3. सलमा की कक्षा ने विद्युत उपभोग सर्वेक्षण के द्वारा अपने विद्यालय का ऊर्जा लेखा परीक्षण करने के लिए एक कार्य अभियान चलाया। उन्होंने विद्यालय के छात्रों के लिए सर्वेक्षण पत्रक तैयार किए।

NCERT Solutions for Class 8 Social Science Geography Chapter 3 (Hindi Medium) 1

सर्वेक्षण के दौरान एकत्र किए गए आँकड़ों का प्रयोग करते हुए विद्यार्थियों ने एक माह में उपभोग की गई इकाइयों एवं अनुमानित व्यय की गणना की और पिछले माह के विद्युत बिल से इसकी तुलना की। उन्होंने पंखों, बत्तियों और बंद न किए गए अन्य उपकरणों द्वारा उपभोग की गई विद्युत के अनुमानित मूल्य की भी गणना की। इस प्रकार, उन्होंने उस मात्रा पर प्रकाश डाला जो बचाई जा सकती थी और ऊर्जा संरक्षण के लिए सामान्य आदतों के सुझाव दिए, जैसे• आवश्यकता न होने पर उपकरणों को बंद कर देना।

  • आवश्यकतानुसार न्यूनतम उपयोग।
  • खिड़कियों को खुली रखकर प्राकृतिक हवा और प्रकाश का अधिकतम उपयोग करना।
  • बत्तियों को धूलरहित रखना।

दिए गए निर्देशों के अनुसार उपकरणों की उचित देखभाल और उपयोग करना।
क्या आप इस सूची में कुछ और युक्तियाँ जोड़ सकते हैं?
आप घर पर इसी प्रकार का सर्वेक्षण कर सकते हैं और तब इसका विस्तार अपने पड़ोस तक कर सकते हैं।
और अपने पड़ोसियों को भी ऊर्जा के प्रति जागरूक कर सकते हैं।
उत्तर
क्रियाकलाप
(i) विद्यार्थी स्वयं करें।
(ii) विद्यार्थी स्वयं करें।
(iii) विद्यार्थी स्वयं करें।

 

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NCERT Solutions for Class 8 Social Science Geography Chapter 4 Agriculture (Hindi Medium)

NCERT Solutions for Class 8 Social Science Geography Chapter 4 Agriculture (Hindi Medium)

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प्रश्न-अभ्यास

( पाठ्यपुस्तक से)

प्रश्न 1.
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
(i) कृषि क्या है?
(ii) उन कारकों का नाम बताइए जो कृषि को प्रभावित कर रहे हैं।
(iii) स्थानांतरी कृषि क्या है? इस कृषि की क्या हानियाँ हैं?
(iv) रोपण कृषि क्या है?
(v) सरकार किसानों को कृषि के विकास में किस प्रकार मदद करती है?
उत्तर
(i) कृषि-फसलों, फलों, सब्जियों, फूलों को उगाना और पशुपालन संबंधित सभी क्रियाएँ कृषि कहलाती . है। कृषि एक प्राथमिक क्रिया है।

(ii) कृषि को प्रभावित करने वाले कारक

  1. स्थलाकृति
  2. मृदा
  3. जलवायु

(iii) स्थानांतरी कृषि-स्थानांतरी कृषि में वृक्षों को काटकर और जलाकर भूखंड को साफ किया जाता है। तब
राख को मृदा में मिलाया जाता है और फसलों को उगाया जाता है। भूमि की उर्वरता की समाप्ति के बाद यह भूमि छोड़ दी जाती है और कृषक नए भूखंड पर चला जाता है। इसे कर्तन एवं दहन कृषि भी कहा जाता है।
हानियाँ-

  1. मृदा अपरदन होता है। |
  2. वनों का ह्रास होता है।
  3. पर्यावरण प्रभावित होता है।

(iv) रोपण कृषि-

  1. रोपण कृषि वाणिज्यिक कृषि का एक प्रकार है।
  2. इसमें बड़े पैमाने पर श्रम और पूँजी की आवश्यकता होती है।
  3. इसमें वैज्ञानिक विधियों को उपयोग किया जाता है।
  4. इसमें मुख्यत: चाय, कहवा, काजू, रबड़, केला आदि की एकल फसल उगाई जाती है।

(v) सरकार द्वारा किसानों को कृषि विकास में मदद-

  1. सरकार द्वारा किसानों के बिखरे खेतों को चेकबंदी द्वारा एक स्थान पर एकत्रित किया गया है।
  2. सरकार किसानों को उर्वरकों, कृषि उपकरणों तथा कीटनाशकों के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करती है।
  3. किसानों को उच्च उपज देने वाले बीज तथा उर्वरक आदि उपलब्ध कराकर उत्पादन बढ़ाने में सहायता करती है।
  4. सरकार कृषि उत्पादों के भंडारण तथा वितरण की सुविधा प्रदान करती है।

प्रश्न 2.
सही उत्तर को चिह्नित कीजिए-
(i) उद्यान कृषि का अर्थ है-
(क) गेहूँ उगाना
(ख) आदिम कृषि
(ग) फलों व सब्जियों को उगाना
उत्तर
(ग) फलों व सब्जियों को उगाना

(ii) सुनहरा रेशा’ से अभिप्राय है
(क) चाय |
(ख) कपास
(ग) पटसन
उत्तर
(ग) पटसन

(iii) कॉफी का प्रमुख उत्पादक है
(क) ब्राजील
(ख) भारत
(ग) रूस
उत्तर
(क) ब्राजील

प्रश्न 3.
कारण बताइए
(i) भारत में कृषि एक प्राथमिक क्रिया है।
(ii) विभिन्न फसलें विभिन्न प्रदेशों में उगायी जाती हैं।
उत्तर
(i) प्राथमिक क्रियाओं

प्राथमिक क्रियाओं के अंतर्गत उन सभी क्रियाओं को शामिल किया जाता है जिनका संबंध प्राकृतिक संसाधनों के उत्पादन और निष्कर्षण से होता है। भारत की कृषि में फलों, फसलों, सब्जियों, फूलों को उगाना और पशुधन पालन शामिल हैं ये सभी क्रियाएँ प्राथमिक क्रियाओं के अंतर्गत आती है इसलिए
कृषि एक प्राथमिक क्रिया है।

(ii) विभिन्न फसलें-

विभिन्न फसलें विभिन्न प्रदेशों में इसलिए उगाई जाती हैं, क्योंकि विभिन्न प्रदेशों में स्थलाकृति, मृदा और जलवायु विभिन्न होती है। विभिन्न स्थलाकृति, मृदा और जलवायु में विभिन्न फसलें ही पैदा होती

प्रश्न 4.
अंतर स्पष्ट कीजिए-
(i) प्राथमिक क्रियाएँ और तृतीयक क्रियाएँ
(ii) निर्वाह कृषि और गहन कृषि
उत्तर
(i) प्राथमिक क्रियाएँ और तृतीयक क्रियाएँ

NCERT Solutions for Class 8 Social Science Geography Chapter 4 (Hindi Medium) 1
(ii) निर्वाह कृषि और गहन कृषि

NCERT Solutions for Class 8 Social Science Geography Chapter 4 (Hindi Medium) 2

प्रश्न 5.
क्रियाकलाप
(i) बाजार में उपलब्ध गेहूँ, चावल, ज्वार, बाजरा, रागी, मक्का, तिलहन और दलहन के बीजों को एकत्र कीजिए। उन्हें कक्षा में लाइए और पता लगाइए कि वे किस प्रकार की मृदा में उगते हैं?
(ii) पत्रिकाओं, पुस्तकों, समाचार-पत्रों और इंटरनेट से संगृहीत चित्रों के आधार पर संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत के किसानों की जीवन शैली के मध्य अंतर पता कीजिए।
उत्तर
(1) विभिन्न फसलों के बीज छात्र स्वयं एकत्र करें।

NCERT Solutions for Class 8 Social Science Geography Chapter 4 (Hindi Medium) 3

(ii) चित्र छात्र स्वयं करें।
अंतर
भारतीय किसान-

  • भारत में फार्म का आकार छोटा (लगभग 1 से 1-5 हेक्टेयर) होता है।
  • किसान मुख्य रूप से गाँव में रहता है।
  • किसान वर्ष में कम-से-कम दो फसलें उगाता है।
  • किसान अपने मित्रों और बुजुर्गों के साथ-साथ सरकारी कृषि अधिकारियों से कृषि कार्यों के संबंध में सलाह लेता है।
  • किसान खेतों की जुताई भाड़े के ट्रैक्टर से या बैलों से परंपरागत विधि से करते हैं।
  • किसानों के पास भंडारण की सुविधाओं की कमी होती है।

संयुक्त राज्य अमेरिका का किसान-

  • संयुक्त राज्य अमेरिका में फार्म का औसत आकार 250 हेक्टेयर होता है।
  • किसान सामान्यतः फार्म में रहता है।
  • किसान वर्ष में एक फसल उगाता है।
  • किसान उर्वरक कार्यक्रम की योजना बनाने में वैज्ञानिक मदद लेता है उसका कंप्यूटर उपग्रह से जुड़ा हुआ है जो किसान को उसके खेत की यथार्थ तस्वीर देता है।
  • किसान ट्रैक्टरों, बीज बोने की मशीनों, समतलक, संयुक्त हार्वेस्टर और प्रेसर का उपयोग कृषि संबंधी विविध संक्रियाओं में करता है।
  • अनाज स्वचालित अन्न भंडार में संचित किए जाते हैं अथवा बाजार अभिकरणों (मार्केट-एजेंसियों) में भेजे जाते हैं।

प्रश्न 6.
आओ खेलें
शब्द पहेली को दिए संकेतों की मदद से हल कीजिए।
नोट : वर्ग पहेली के उत्तर अंग्रेजी के शब्दों में हैं।
NCERT Solutions for Class 8 Social Science Geography Chapter 4 (Hindi Medium) 4

NCERT Solutions for Class 8 Social Science Geography Chapter 4 (Hindi Medium) 5
उत्तर
बाएँ से दाएँ-
1. MAIZE (मक्का)
2. GREEN REVOLUTION (हरित क्रांति)
4. WHEAT (गेहूँ)
10. SUBSISTENCE (निर्वाह कृषि)
13. LIVE STOCK (डेयरी फार्मिंग)
14. VITI CULTURE (विटिकल्चर)

ऊपर से नीचे
1. MILLETS (मिलेट्स)
3. SHIFTING (स्थानांतरी कृषि)
5. AGRICULTURE (एग्रीकल्चर)
8. HORTICULTURE (हॉर्टीकल्चर)
7. COTTON (कपास)
6. PLANTATIONS (रोपण कृषि)
9. JUTE (जूट)
11. RICE (चावल)
12. PRIMARY (प्राथमिक क्रिया)

 

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NCERT Solutions for Class 8 Social Science History Chapter 3 Ruling the Countryside (Hindi Medium)

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प्रश्न-अभ्यास

( पाठ्यपुस्तक से)

फिर से याद करें

प्रश्न 1.
निम्नलिखित के जोड़े बनाएँ-

NCERT Solutions for Class 8 Social Science History Chapter 3 (Hindi Medium) 1

उत्तर

NCERT Solutions for Class 8 Social Science History Chapter 3 (Hindi Medium) 2
प्रश्न 2.
रिक्त स्थान भरें
(क) यूरोप में वोड उत्पादकों को …………….. से अपनी आमदनी में गिरावट का ख़तरा दिखाई देता था।
उत्तर
नील,

(ख) अठारहवीं सदी के आखिर में ब्रिटेन में नील की माँग …………………….. के कारण बढ़ने लगी।
उत्तर
औद्योगीकरण,

(ग) …………………… की खोज से नील की अंतर्राष्ट्रीय माँग पर बुरा असर पड़ा।
उत्तर
कृत्रिम रंग,

(घ) चंपारण आंदोलन …………………….. के खिलाफ था।
उत्तर
नील बागान मालिकों।

आइए विचार करें

प्रश्न 3.
स्थायी बंदोबस्त के मुख्य पहलुओं का वर्णन कीजिए।
उत्तर
स्थाई बंदोबस्त-लार्ड कॉर्नवॉलिस ने 1793 में स्थायी बंदोबस्त लागू किया।

  1. राजाओं और तालुकदारों को जमींदारों के रूप में मान्यता दी गई।
  2. जमींदारों को किसानों से राजस्व इकट्ठा कर कंपनी के पास जमा कराने का काम दिया गया।
  3. जमीनों की राजस्व राशि स्थायी रूप से निश्चित कर दी गयी।
  4. किसानों से भूमि संबंधी अधिकार छीन लिए गए, जिससे किसान जमींदारों की दया पर निर्भर हो गए। वे अपनी ही जमीन पर मजदूरों की तरह काम करने लगे।

प्रश्न 4.
महालवारी व्यवस्था स्थायी बंदोबस्त के मुकाबले कैसे अलग थी?
उत्तर
महालवारी व्यवस्था और स्थायी बंदोबस्त में भिन्नता –
महालवारी व्यवस्था-बंगाल प्रेज़िडेंसी के उत्तर पश्चिमी के लिए होल्ट मैकेंजी नामक अंग्रेज़ ने एक नयी व्यवस्था 1822 में तैयार की गयी। इस व्यवस्था के अनुसार

  1. गाँव के एक-एक खेत के अनुमानित राजस्व को जोड़कर हर गाँव या ग्राम संमूह (महाल) से वसूल होने वाले राजस्व का हिसाब लगाया गया।
  2. इस राजस्व को स्थायी रूप से निश्चित नहीं किया गया, बल्कि उसमें समय-समय पर संशोधन का प्रावधान किया गया।
  3. राजस्व इकट्ठा करने तथा कंपनी के पास जमा कराने का काम जमींदार के स्थान पर गाँव के मुखिया
    को दिया गया।

स्थायी बंदोबस्त व्यवस्था-लॉर्ड कॉर्नवॉलिस ने 1793 में यह व्यवस्था लागू की

  1. राजाओं और तालुकदारों को जमींदारों के रूप में मान्यता दी गयी। खेत के हिसाब से राजस्व निश्चित
    नहीं किया गया।
  2. ज़मीनों की राजस्व राशि स्थायी रूप से निश्चित कर दी गयी। इस राशि में संशोधन का कोई प्रावधान नहीं किया गया।
  3. राजस्व इकट्ठा करने तथा कंपनी के पास जमा कराने का काम जमींदार को दिया गया।

प्रश्न 5.
राजस्व निर्धारण की नयी मुनरो व्यवस्था के कारण पैदा हुई दो समस्याएँ बताइए।
उत्तर
मुनरो व्यवस्था के कारण पैदा समस्याएँ

  1. ज़मीन से होने वाली आय को बढ़ाने के चक्कर में राजस्व अधिकारियों ने बहुत ज्यादा राजस्व तय कर दिया। किसान राजस्व नहीं चुका पा रहे तथा गाँव छोड़कर भाग रहे थे।
  2. मुनरो व्यवस्था से अफसरों को उम्मीद थी कि यह नई व्यवस्था किसानों को संपन्न उद्यमशील किसान बना देगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

प्रश्न 6.
रैयत नील की खेती से क्यों कतरा रहे थे?
उत्तर
रैयतों का नील की खेती से कतराने का कारण|

  1. किसानों को नील की खेती करने के लिए अग्रिम ऋण दिया जाता था, परंतु फसल कटने पर कम कीमत पर फसल बेचने को मजबूर किया जाता था जिससे वे अपना ऋण नहीं चुका पाते थे और कभी न खत्म होने वाले कर्ज के चक्र में फँस जाते थे।
  2. बागान मालिक चाहते थे कि किसान अपने सबसे उपजाऊ खेतों पर नील की खेती करें, लेकिन किसानों
  3. किसान को नील की खेती करने के लिए अतिरिक्त मेहनत तथा समय की आवश्कता होती थी जिस कारण किसान अपनी अन्य फसलों के लिए समय नहीं दे पाता था।

प्रश्न 7.
किन परिस्थितियों में बंगाल में नील का उत्पादन धराशायी हो गया?
उत्तर
बंगाल में नील के उत्पादन के धराशायी होने की परिस्थितियाँ

  1. मार्च 1859 में बंगाल के हजारों रैयतों ने नील की खेती करने से मना कर दिया।
  2. रैयतों ने निर्णय लिया कि न तो वे नील की खेती के लिए कर्ज लेंगे और न ही बागान मालिकों के लाठीधारी गुंडों से डरेंगे।
  3. कंपनी द्वारा किसानों को शांत करने और विस्फोटक स्थितियों को नियंत्रित करने की कोशिश को किसानों ने अपने विद्रोह का समर्थन माना।
  4. नील उत्पादन व्यवस्था की जाँच करने के लिए बनाए गए नील आयोग ने भी बाग़ान मालिकों को
    जोर-जबर्दस्ती करने का दोषी माना और आयोग ने किसानों को सलाह दी वे वर्तमान अनुबंधों को पूरा करें तथा आगे से वे चाहें तो नील की खेती को बंद कर सकते हैं।
    इस प्रकार बंगाल में नीले का उत्पादन धराशायी हो गया।

आइए करके देखें

प्रश्न 8.
चंपारण आंदोलन और उसमें महात्मा गांधी की भूमिका के बारे में और जानकारियाँ इकट्ठा करें।
उत्तर
अफ्रीका से वापसी के बाद गांधी जी चंपारण के नील उत्पादक किसानों के बीच उनकी समस्याओं को जानने के लिए पहुँचे।

  1. गांधी जी नील उत्पादक किसानों के विरोध को अपना समर्थन दिया।
  2. गांधी जी भारत में अपना पहला सत्याग्रह चंपारण से शुरू किया जोकि नील उत्पादक किसानों के समर्थन में बागान मालिकों के विरुद्ध था।
  3. सरकार ने दमनकारी नीति अपनाई और गांधी जी को गिरफ्तार किया गया।
  4. अंत में सरकार को झुकना पड़ा और नील उत्पादक किसानों की जीत हुई तथा गांधी जी के सत्याग्रह का प्रयोग सफल रहा।

प्रश्न 9.
भारत के शुरुआती चाय या कॉफी बाग़ानों का इतिहास देखें। ध्यान दें कि इन बाग़ानों में काम करने वाले मजदूरों और नील के बाग़ानों में काम करने वाले मजदूरों के जीवन में क्या समानताएँ या फर्क
उत्तर
चाय या कॉफी बाग़ानों तथा नील बाग़ानों के मजदूरों के जीवन में समानताएँ ब अंतर

  1. चाय बागानों में मजदूरों को अनुबंधों के आधार पर रखा जाता था जबकि नील बागानों में ऐसा नहीं था।
  2. चाय या कॉफी बागानों में पूरे वर्ष काम होता था जबकि नील बाग़ानों में फसल कटाई या बुवाई के समय अधिक काम होता था।
  3. चाय या कॉफी बागानों से मज़दूर अनुबंध की अवधि के दौरान बागानों से बाहर नहीं जा सकते थे जबकि नील बाग़ानों में ऐसा नहीं होता था।

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NCERT Solutions for Class 8 Social Science Geography Chapter 6 Human Resources (Hindi Medium)

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प्रश्न-अभ्यास

( पाठ्यपुस्तक से)

प्रश्न 1.
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए
(i) लोगों को एक संसाधन क्यों समझा जाता है?
(ii) विश्व में जनसंख्या के असमान वितरण के क्या कारण हैं?
(iii) विश्व की जनसंख्या अत्यंत तीव्रता से बढ़ गई है। क्यों?
(iv) जनसंख्या परिवर्तन को प्रभावित करने वाले किन्हीं दो कारकों की भूमिका का वर्णन कीजिए।
(v) जनसंख्या संघटन से क्या तात्पर्य है?
(vi) जनसंख्या पिरामिड क्या है? ये किसी देश की जनसंख्या को समझने में किस प्रकार मदद करते हैं?
उत्तर
(i) लोगों को संसाधन इसलिए माना जाता है, क्योंकि मानव अपनी आवश्यकताओं और योग्यताओं द्वारा प्रकृति में उपलब्ध वस्तुओं को संसाधन में परिवर्तित करता है।

(ii) जनसंख्या के असमान वितरण के कारण

  • भौगोलिक कारक-इसमें स्थलाकृति, जलवायु, मृदा, जल तथा खनिज आदि शामिल हैं जो जनसंख्या के वितरण को प्रभावित करते हैं।
  • आर्थिक कारक-औद्योगिक क्षेत्र रोजगार के अवसर प्रदान करते हैं। अतः बड़ी संख्या में लोग इन क्षेत्रों में आकर बसते हैं।
  • सांस्कृतिक कारक-धर्म और सांस्कृतिक महत्ता वाले स्थान लोगों को आकर्षित करते हैं।
  • सामाजिक कारक-अच्छे आवास, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र लोगों को आकर्षित करते हैं।

(iii) विश्व की जनसंख्या वृद्धि के कारण-

  • मृत्यु दर में कमी
  • खाद्य आपूर्ति में सुधार
  • स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार
  • प्राकृतिक वृद्धि दर
  • प्रवास

(iv) जनसंख्या परिवर्तन को प्रभावित करने वाले कारक

  • जन्म दर-जिसे प्रति 1000 व्यक्ति पर एक वर्ष में जीवित जन्म लेने वाले बच्चों की संख्या के रूप में मापा जाता है।
  • मृत्यु दर-जिसे प्रति 1000 व्यक्ति पर एक वर्ष में मरने वाले व्यक्तियों की संख्या के रूप में मापा जाता है।

(v) जनसंख्या संघटन-जनसंख्या संघटन किसी देश का जनसंख्या विन्यास अथवा संरचना है, जिससे हम आसानी से उस देश की जनसंख्या के विभिन्न घटकों का अध्ययन कर सकते हैं; जैसे-आयु-लिंग अनुपात, साक्षरता स्तर, स्वास्थ्य दशाएँ, व्यवसाय, आय-व्यय स्तर आदि। जनसंख्या संघटन जानने की एक विधि जनसंख्या पिरामिड है।

(vi) जनसंख्या पिरामिड-यह जनसंख्या के सांख्यिकीय प्रतिरूप को प्रदर्शित करने की एक विधि है। यह जनसंख्या संघटन का अध्ययन करने में सहायक है। जनसंख्या पिरामिड को कुल जनसंख्या के लैंगिक प्रतिशत में विभक्त किया जाता है। इससे कुल जनसंख्या से लैंगिक प्रतिशत ज्ञात किया जा सकता है। जनसंख्या पिरामिड का आधार जन्मे शिशुओं की स्थिति को दिखाता है। शिखर की तरफ बढ़ते हुए यह क्रमश: प्रौढों एवं वृद्धों की जनसंख्या को दिखाता है। यह देश की आश्रित एवं क्रियाशील जनसंख्या को भी दर्शाता है।

प्रश्न 2.
सही को चिह्नित कीजिए|
(i) जनसंख्या वितरण शब्द से क्या तात्पर्य है?
(क) किसी विशिष्ट क्षेत्र में समय के साथ जनसंख्या में किस प्रकार परिवर्तन होता है?
(ख) किसी विशिष्ट क्षेत्र में जन्म लेने वाले लोगों की संख्या के संदर्भ में मृत्यु प्राप्त करने वाले लोगों की संख्या।
(ग) किसी दिए हुए क्षेत्र में लोग किस रूप में वितरित हैं।
उत्तर
(ग) किसी दिए हुए क्षेत्र में लोग किस रूप में वितरित हैं।

(ii) वे तीन मुख्य कारक कौन से हैं जिनसे जनसंख्या में परिवर्तन होता है?
(क) जन्म, मृत्यु और विवाह
(ख) जन्म, मृत्यु और प्रवास
(ग) जन्म, मृत्यु और जीवन प्रत्याशा
उत्तर
(ख) जन्म, मृत्यु और प्रवास

(iii) 1999 में विश्व की जनसंख्या हो गई
(क) 1 अरब
(ख) 3 अरब
(ग) 6 अरब
उत्तर
(ग) 6 अरब

(iv) जनसंख्या पिरामिड क्या है?
(क) जनसंख्या का आयु-लिंग संघटन का आलेखीय निरूपण।
(ख) जब किसी क्षेत्र को जनघनत्व इतना बढ़ जाता है कि लोग ऊँची इमारतों में रहते हैं।
(ग) बड़े नगरीय क्षेत्रों में जनसंख्या वितरण का प्रतिरूप।
उत्तर
(क) जनसंख्या का आयु-लिंग संघटन का आलेखीय निरूपण।

प्रश्न 3.
नीचे दिए शब्दों का उपयोग करके वाक्यों को पूरा कीजिए-
विरले, अनुकूल, परती, कृत्रिम, उर्वर, प्राकृतिक, चरम, घना।
जब लोग किसी क्षेत्र की ओर आकर्षित होते हैं तब यह …………….. बसा हुआ बन जाता है। इसे प्रभावित करने वाले कारकों के अंतर्गत……………. जलवायु ………………… संसाधनों की आपूर्ति और ……………… जमीन आते हैं।
उत्तर
(i) घना
(ii) अनुकूल
(iii) प्राकृतिक
(iv) उर्वर

प्रश्न 4.
क्रियाकलाप
जिस समाज में ’15 वर्ष से कम आयु के बहुत से लोग हैं और ’15 वर्ष से कम आयु के बहुत कम लोग’ हैं। उस समाज की विशेषताओं का वर्णन करो
संकेत : विद्यालय की आवश्यकता, पेंशन स्कीम, शिक्षक, खिलौने, पहिएदार कुर्सी, श्रम आपूर्ति, अस्पताल।
उत्तर
(क) 15 वर्ष से कम आयु के बहुत से लोग-

  • विद्यालय की आवश्यकता अधिक क्योंकि बच्चे अधिक हैं।
  • शिक्षक की अधिक आवश्यकता।
  • खिलौने की अधिक आवश्यकता।
  • अस्पताल की कम आवश्यकता।
  • पहिएदार कुर्सी की कम आवश्यकता।
  • पेंशन स्कीम की कम आवश्यकता।
  • श्रम आपूर्ति कम।।

(ख) 15 वर्ष से कम आयु के बहुत कम लोग-

  • समाज में बुजुर्गों की संख्या अधिक होगी इसलिए विद्यालयों व शिक्षकों की कम आवश्यकता होगी।
  • पेंशन स्कीम की अधिक आवश्यकता
  • खिलौनों की कम आवश्यकता
  • पहिएदार कुर्सी की अधिक आवश्यकता
  • श्रम पूर्ति अधिक
  • अस्पताल की अधिक आवश्यकता

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NCERT Solutions for Class 8 Social Science History Chapter 4 Tribals, Dikus and the Vision of a Golden Age  (Hindi Medium)

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प्रश्न-अभ्यास

( पाठ्यपुस्तक से)

फिर से याद करें

प्रश्न 1.
रिक्त स्थान भरें :
(क) अंग्रेजों ने आदिवासियों को …………… के रूप में वर्णित किया।
(ख) झुम खेती में बीज बोने के तरीके को ……………………. कहा जाता है।
(ग) मध्य भारत में ब्रिटिश भूमि बंदोबस्त के अंतर्गत आदिवासी मुखियाओं को : …………………… स्वामित्व मिल गया।
(घ) असम के ……………… और बिहार की ………………………. में काम करने के लिए आदिवासी जाने लगे।
उत्तर
(क)
जंगली और बर्बर
(ख) बिखेरना
(ग) भूमि का।
(घ) चाय बागानों, कोयला खानों |

प्रश्न 2.
सही या गलत बताएँ :
(क) झूम काश्तकार ज़मीन की जुताई करते हैं और बीज रोपते हैं।
उत्तर
गलत,

(ख) व्यापारी संथालों से कृमिकोष खरीदकर उसे पाँच गुना ज्यादा कीमत पर बेचते थे।
उत्तर
सही,

(ग) बिरसा ने अपने अनुयायियों का आह्वान किया कि वे अपना शुद्धिकरण करें, शराब पीना छोड़ दें और डायन व जादू-टोने जैसी प्रथाओं में यकीन न करें।
उत्तर
सही,

(घ) अंग्रेज़ आदिवासियों की जीवन पद्धति को बचाए रखना चाहते थे।
उत्तर
गलत। आइए विचार करें।

प्रश्न 3.
ब्रिटिश शासन में घुमंतू काश्तकारों के सामने कौन सी समस्याएँ थीं?
उत्तर
घुमूंत काश्तकारों के सामने समस्याएँ

  1. अंग्रेजों ने अपने स्वार्थ के लिए घुमंतू काश्तकारों को एक जगह रहने पर मजबूर कर दिया था। इससे घुमंतू काश्तकारों की स्वतंत्रता भंग हो रही थी।
  2. घुमंतू कातश्कार जो ब्रिटिश मॉडल के अनुसार हल-बैल के प्रयोग द्वारा खेती करते थे जिससे उन्हें | कठिनाई होती थी, क्योंकि उन्हें खेती से अच्छी पैदावार नहीं मिल रही है जिससे उन्हें लगान चुकाना मुश्किल हो रहा था।
  3. घुमंतू काश्तकारों ने धीरे-धीरे खेती की इस विधि का विरोध करना शुरू कर दिया, क्योंकि वे घुमंतू| खेती या झूम खेती पर वापस लौटना चाहते थे।

प्रश्न 4.
औपनिवेशिक शासन के तहत आदिवासी मुखियाओं की ताकत में क्या बदलाव आए?
उत्तर
आदिवासी मुखियाओं की ताकत में बदलाव

  1. आदिवासी मुखियाओं के कई प्रशासनिक अधिकार खत्म हो गए। उन्हें ब्रिटिश अधिकारियों द्वारा बनाए गए नियमों का पालन करने के लिए मजबूर किया गया।
  2. आदिवासी मुखियाओं को जब अंग्रेज़ अधिकारियों को नजराना देना पड़ता था और अंग्रेजों के प्रतिनिधि के रूप में अपने समूहों को अनुशासन में रखना होता था।
  3. आदिवासी मुखियाओं के पास जो ताकत पहले थी अब वह ताकत नहीं रही। वे परंपरागत कार्यों को करने के लिए भी लाचार हो गए।

प्रश्न 5.
दीकुओं से आदिवासियों के गुस्से के क्या कारण थे?
उत्तर
दीकु-आदिवासी मिशनरी, सूदखोर, हिंदू जमींदार तथा अंग्रेज अधिकारियों को दीकु कहते हैं।
दीकुओं से आदिवासियों के गुस्से के कारण-

  1. आदिवासी दीकुओं को अपनी गरीबी तथा दयनीय अवस्था का कारण मानते थे। |
  2. आदिवासियों का मानना था कि कंपनी की भू-राजस्व नीति उनकी पारंपरिक भूमि व्यवस्था को नष्ट कर रही थी।
  3. आदिवासियों का मानना था कि हिंदू जमींदार तथा सूदखोर उनकी जमीन हड़पते जा रहे हैं।
  4. आदिवासियों का मानना था कि मिशनरी उनके धर्म तथा पांरपरिक संस्कृति की आलोचना करते हैं।

प्रश्न 6.
बिरसा की कल्पना में स्वर्ण युग किस तरह का था? आपकी राय में यह कल्पना लोगों को इतनी आकर्षक क्यों लग रही थी?
उत्तर
बिरसा की नजर में स्वर्ण युग

  1. बिरसा ने अपने अनुयायियों से अपने गौरवपूर्ण अतीत को पुनर्जीवित करने के लिए संकल्प लेने का आह्वान किया।
  2. बिरसा ऐसे स्वर्ण युग की चर्चा करते थे जब मुंडा लोग अच्छा जीवन जीते थे, तटबंध बनाते थे, कुदरती झरनों को नियंत्रित करते थे, पेड़ और बाग़ लगाते थे, पेट पालने के लिए खेती करते थे।
  3. उस काल्पनिक युग में मुंडा अपने भाइयों और रिश्तेदारों का खून नहीं बहाते थे वे ईमानदारी से जीते थे।
  4. बिरसा चाहते थे कि लोग एक बार फिर अपनी जमीन पर खेती करें, एक जगह स्थायी रूप से रहें। और अपने खेतों में काम करें।

आइए करके देखें

प्रश्न 7.
अपने माता-पिता दोस्तों या शिक्षकों से बात करके बीसवीं सदी के अन्य आदिवासी विद्रोहों के नायकों के नाम पता करें। उनकी कहानी अपने शब्दों में लिखें।
उत्तर
जात्रा उराँव-जात्रा उराँव झारखंड राज्य के छोटा नागपुर क्षेत्र का एक जनजातीय स्वतंत्रता सेनानी था। उनके नेतृत्व में 1914-19 के दौरान ब्रिटिश शासन के विरुद्ध आंदोलन चलाया गया। उसने उराँव लोगों के बीच फैले अंधविश्वास तथा उनके द्वारा शराब पीने की जमकर आलोचना की। उनके इस धार्मिक आंदोलन ने ‘कर नहीं आंदोलन’ को जन्म दिया। जात्रा ने घोषणा की कि उसके अनुयायी जमींदारों की जमीन नहीं जोतेंगे तथा कुली या मज़दूर के रूप में या सरकार के लिए काम नहीं करेंगे। उसने ‘पोहन’ ‘मेहतो’ तथा ग्राम प्रधान के पारंपरिक नेतृत्व पर भी प्रश्न उठाया। इस आंदोलन का मौलिक विचार था कि जमीन भगवान की देन है तथा ज़मीन पर जनजातीय लोगों के अधिकार में दखल देने का किसी को अधिकार नहीं है। जात्रा को उनके प्रमुख शिष्यों के साथ गिफ़्तार कर लिया गया। जेल से छूटने के बाद उसने इस आंदोलन का नेतृत्व त्याग दिया। और बाद में वे गांधीजी के संपर्क में आए।

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