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NCERT Solutions for Class 9 Maths Chapter 7 Triangles (Hindi Medium)

NCERT Solutions for Class 9 Maths Chapter 7 Triangles (Hindi Medium)

NCERT Solutions for Class 9 Maths Chapter 7 Triangles (त्रिभुज) (Hindi Medium)

These Solutions are part of NCERT Solutions for Class 9 Maths in Hindi Medium. Here we have given NCERT Solutions for Class 9 Maths Chapter 7 Triangles.

प्रश्नावली 7.1

Ex 7.1 Class 9 गणित Q1. चतुर्भुज ACBD में, AC = AD है और  AB, ∠A को समद्विभाजित करता है | (see Fig.). दर्शाइए ΔABC ≅ ΔABD है|
हल:
NCERT Solutions For Class 9 Maths Triangles Hindi Medium 7.1 1
दिया है : AC = AD और AB ∠A को समद्विभाजित करता है|
सिद्ध करना :  Δ ABC ≅ Δ ABD.
प्रमाण :
Δ ABC तथा ΔABD में,
AC = AD [दिया है]
∠CAB = ∠BAD [AB ∠A समद्विभाजित करता है ]
AB = AB [उभयनिष्ठ]
SAS सर्वांगसमता नियम से
Δ ABC ≅ Δ ABD
BC = BD [CPCT]

Ex 7.1 Class 9 गणित Q2. ABCD एक चतुर्भुज है जिसमें AD = BC है और ∠ DAB = ∠ CBA (see Fig.) है| सिद्ध कीजिए कि : 
(i) Δ ABD ≅ Δ BAC
(ii) BD = AC
(iii) ∠ ABD = ∠ BAC        
हल :
दिया है : ABCD एक चतुर्भुज है जिसमें AD = BC और ∠ DAB = ∠ CBA  है|
सिद्ध करना है :
Maths NCERT Solutions Class 9 Triangles Hindi Medium 7.1 2
(i) Δ ABD ≅ Δ BAC
(ii) BD = AC
(iii) ∠ ABD = ∠ BAC
प्रमाण :
(i) Δ ABD तथा Δ BAC में,
AD = BC [दिया है]
∠ DAB = ∠ CBA   [दिया है]
AB = AB [उभयनिष्ठ]
SAS सर्वांगसमता नियम से
Δ ABD ≅ Δ BAC
(ii)  BD = AC [By CPCT]
(iii) ∠ ABD = ∠ BAC [By CPCT]

Ex 7.1 Class 9 गणित Q3. एक रेखाखंड AB पर AD और BC दो बराबर लंब रेखाखंड हैं (देखिये आकृति)| दर्शाइए कि CD, AB रेखाखंड को समद्विभाजित करता है|
Class 9 Maths NCERT Triangles Solutions Hindi Medium 7.1 3

हल :
दिया है : AD ⊥ AB और BC ⊥ AB है और AD = BC है |
सिद्ध करना है :
AO = BO अर्थात CD, AB रेखाखंड को समद्विभाजित करता है |
प्रमाण :
∆AOD तथा ∆BOC
∠AOD = ∠ BOC (शीर्षाभिमुख कोण)
∠DAO = ∠CBO  (प्रत्येक 90º)
BC = AD (दिया है)
ASA सर्वांगसमता नियम से
∆AOD ≅​ ∆BOC
∴  AO = BO   (By CPCT)
अत: CD, AB रेखाखंड को समद्विभाजित करता है |

Ex 7.1 Class 9 गणित Q4. l और m दो समांतर रेखाएँ हैं जिन्हें समांतर रेखाओं p और q का एक अन्य युग्म प्रतिच्छेद करता है| दर्शाइए कि ∆ABC ≅ ∆CDA है|
NCERT Maths Solutions For Class 9 Triangles Hindi Medium 7.1 4
हल :
दिया है :l || m और p || q है जो एक दुसरे को A, B, C  तथा D पर प्रतिच्छेद करते हैं |
सिद्ध करना है : ∆ABC ≅ ∆CDA
प्रमाण :
l || m …….. (1)  दिया है |
p || q  ………(2)  दिया है |
समी० (1) तथा (2) से
ABCD एक समांतर चतुर्भुज है |
अब, ∆ABC तथा ∆CDA में,
BC = AD  [समांतर चतुर्भुज की सम्मुख भुजा ]
∠B = ∠D  [समांतर चतुर्भुज की सम्मुख कोण ]
AC = AC  [दिया है ]
SAS सर्वांगसमता नियम से
∴   ∆ABC ≅ ∆CDA
Proved.

Ex 7.1 Class 9 गणित Q5. रेखा कोण A को समद्विभाजित करती है और B रेखा l पर स्थित कोई बिंदु है | BP और BQ कोण A की भुजाओं पर B से डाले गए लम्ब हैं (देखिये आकृति 7.20) दर्शाइए कि :
(i) Δ APB ≅ Δ AQB
(ii) BP = BQ हैं, अर्थात बिंदु B कोण की भुजाओं से समदूरस्थ है 
NCERT Class 9 Maths Hindi Medium Triangles Solutions 7.1 5
हल:
दिया है : ∠PAQ को रेखा समद्विभाजित करती है और BP तथा BQ, AP तथा AQ पर क्रमश: लंब है |
सिद्ध करना है : 
(i) Δ APB ≅ Δ AQB
(ii) BP = BQ
प्रमाण : 
(i) Δ APB तथा Δ AQB में,
∠APB = ∠AQB  (90 प्रत्येक)
∠PAB = ∠QAB  (दिया है)
AB = AB (उभयनिष्ठ)
ASA सर्वांगसमता नियम से
Δ APB ≅ Δ AQB
∴  (ii) BP = BQ (By CPCT)

Ex 7.1 Class 9 गणित Q6. आकृति में, AC = AE, AB = AD और ∠ BAD = ∠ EAC है| दर्शाइए कि BC = DE है| 
हल : 
दिया है : AC = AE, AB = AD और ∠ BAD = ∠ EAC है|
NCERT Maths Class 9 Hindi Medium Triangles Solutions 7.1 6
सिद्ध करना है : BC = DE
प्रमाण : 
∠ BAD = ∠ EAC   ……… (1) दिया है
समी० के  दोनों पक्षों में ∠ CAD जोड़ने पर
∠ BAD + ∠ CAD = ∠ EAC + ∠ CAD
या  ∠ BAC = ∠ EAD   ……. (2)
Δ BAC तथा Δ DAE में
AC = AE (दिया है)
AB = AD (दिया है)
∠ BAC = ∠ EAD ……[समी० (2) से]
SAS सर्वांगसमता नियम से
Δ BAC ≅ Δ DAE
∴ BC = DE   (By CPCT)
Proved.

Ex 7.1 Class 9 गणित Q7. AB एक रेखाखंड है और P इसका मध्य-बिंदु है | D और E रेखाखंड AB के एक ही ओर स्थित दो बिंदु इस प्रकार हैं कि ∠ BAD = ∠ ABE और ∠ EPA = ∠ DPB है | (देखिए आकृति 7.22) | 
NCERT Solutions For Maths Class 9 Triangles Hindi Medium 7.1 7
दर्शाइए कि : 
(i) Δ DAP ≅ Δ EBP
(ii) AD = BE

दिया है : AB एक रेखाखंड है और P इसका मध्य-बिंदु है|
∠ BAD = ∠ ABE और ∠ EPA = ∠ DPB है|
सिद्ध करना है : 
(i) Δ DAP ≅ Δ EBP
(ii) AD = BE
प्रमाण : 
∠ EPA = ∠ DPB    …..(1) दिया है |
समी० (1) के दोनों पक्षों में ∠ EPD जोड़ने पर
∠ EPA + ∠ EPD = ∠ DPB + ∠ EPD
या  ∠ DPA = ∠ EPB    ……… (2)
(1) Δ DAP तथा Δ EBP में
AP = BP  ……. (दिया है )
∠ BAD = ∠ ABE  ..(दिया है )
∠ DPA = ∠ EPB    ….[समी० (2) से]
ASA सर्वांगसमता नियम से
Δ DAP ≅ Δ EBP
(ii) AD = BE (BY CPCT)

Ex 7.1 Class 9 गणित Q8. संलग्न आकृति में, एक समकोण त्रिभुज ABC में, जिसमें ∠C समकोण है, M कर्ण AB का मध्य-बिन्दु है। C को M से मिलाकर D तक इस प्रकार बढ़ाया गया है कि DM = CM है। बिन्दु D को बिन्दु B से मिला दिया जाता है। दर्शाइए कि
(i) ∆AMC = ∆BMD
(ii) ∠DBC एक समकोण है।
(iii) ∆DBC = ∆ACB
(iv) GM = \(\frac { 1 }{ 2 }\) AB
Maths NCERT Solutions Class 9 Triangles Hindi Medium 7.1 8
हल-
दिया है: ABC एक समकोण त्रिभुज है जिसमें ∠C = 90° है तथा कर्ण AB का मध्य-बिन्दु है। M है। रेखाखण्ड CM खींचकर इसे बिन्दु D तक इस प्रकार बढ़ाया गया है कि CM = DM है। बिन्दु D को बिन्दु B से मिलाकर रेखा BD खींची गई है।
सिद्ध करना है :
(i) ∆AMC = ∆BMD
(ii) ∠DBC एक समकोण है।
(iii) ∆DBC = ∆ACB
(iv) GM = \(\frac { 1 }{ 2 }\) AB
उपपत्ति :
(i) ∆AMC और ∆BMD में, AM = BM (M, AB का मध्य बिन्दु है)
CM = DM (दिया है)
∠AMC = ∠BMD (रेखाखण्डों AB और CD के काटने से बने शीर्षाभिमुख कोण हैं)
∆AMC = ∆BMD (भुजा-कोण-भुजा सर्वांगसमता से)
(ii, iii). ∆AMC = ∆BMD
AC = BD तथा AM = DM और CM = BM (सर्वांगसम त्रिभुजों की संगत भुजाएँ)
AM = DM ……(1)
BM = CM …… (2)
समीकरण (1) व (2) को जोड़ने पर।
AM + BM = CM + DM
AB = CD [AB = AM + BM तथा CM + DM = CD]
अब, ∆ACB और ∆DBC में,
AC = BD (∆AMC और ∆BMD की सर्वांगसमता से)
AB =CD (ऊपर सिद्ध किया जा चुका है)
BC = BC (उभयनिष्ठ)
∆ACB = ∆DBC (भुजा-भुजा-भुजा सर्वांगसमता से)
अब ∆ACB = ∆DBC
∠DBC = ∠ACB (एकान्तर कोण)
परन्तु दिया है कि ∠ACB या ∠C = 90°
∠DBC = 90°
अतः ∠DBC एक समकोण है।
(iv) दिया है कि M, AB का मध्य-बिन्दु है।
AM = BM और AM + BM = AB
अब AM + BM = AB
AM + AM = AB (BM के स्थान पर AM रखने पर)
2 AM = AB …….(3)
परन्तु ∆ACB = ∆DCB
AB = CD
\(\frac { 1 }{ 2 }\) AB = \(\frac { 1 }{ 2 }\) CD
AM = CM … (4)
समीकरण (3) व (4) से
2CM = AB
CM = \(\frac { 1 }{ 2 }\) AB
इति सिद्धम.

प्रश्नावली 7.2

Ex 7.2 Class 9 गणित Q1. एक समबाहु त्रिभुज ABC में जिसमें AB = AC है, ∠B और ∠C के समद्विभाजक परस्पर बिंदु O पर प्रतिच्छेद करते हैं| A और O को जोडिए | दर्शाइए कि :
(i) OB = OC
(ii) AO कोण ∠ A को समद्विभाजित करता है | 
Maths NCERT Class 9 Solutions Triangles Hindi Medium 7.2 1
हल: 
दिया है: समद्विबाहु त्रिभुज ABC में, जिसमें AB = AC,  और ∠ B और ∠ C कोण समद्विभाजक O पर मिलते हैं |
सिद्ध करना है :
(i) OB = OC
(ii) AO कोण ∠ A को समद्विभाजित करता है |
प्रमाण: ΔABC में हमें प्राप्त है:
AB = AC
∠ B = ∠ C [ बराबर भुजाओं के सम्मुख कोण बराबर होते हैं | ]
अथवा  \(\frac { 1 }{ 2 }\) ∠ B = \(\frac { 1 }{ 2 }\) ∠C
इसलिए, ∠OBC = ∠OCB […1]
ΔABO and ΔACO में
AB = AC [दिया है ]
∠OBC = ∠OCB [समी0 1 से ]
AO = AO [उभयनिष्ठ]
SAS सर्वांगसमता नियम से
ΔABO ≅  ΔACO
OB = OC [ By CPCT ]
∠BAO = ∠CAO [ By CPCT ]
अत: AO कोण ∠A को समद्विभाजित करता है |

Ex 7.2 Class 9 गणित Q2. Δ ABC में, AD भुजा BC का लम्ब सम्द्विभाजक है (देखिये आकृति). दर्शाइए कि Δ ABC एक समद्विबाहु त्रिभुज है, जिसमें AB = AC है|.
Maths Class 9 NCERT Solutions Hindi Medium 7.2 2
हल:
दिया है : Δ ABC में, AD, BC का लंब सम्द्विभाजक है |.
सिद्ध करना है : Δ ABC एक समद्विबाहु त्रिभुज है जिसमें AB = AC है.
प्रमाण: Δ ABD तथा Δ ACD में,
DB = DC    [चूँकि D BC को समद्विभाजित करता है ]
∠ BDA = ∠CDA [90० प्रत्येक].
AD = AD [उभयनिष्ठ’]
SAS सर्वांगसमता नियम से
Δ ABD ≅ Δ ACD
AB =AC [by CPCT]
अत:, Δ ABC समद्विबाहु त्रिभुज है

Ex 7.2 Class 9 गणित Q3. ABC एक समद्विबाहु त्रिभुज है, जिसमें बराबर भुजाओं BE और CF पर क्रमशः शीर्षलम्ब AC और AB खींचे गए हैं (देखिए आकृति। दर्शाइए कि ये शीर्षलम्ब बराबर हैं।
हल : 
दिया है : ABC एक समद्विबाहु त्रिभुज है जिसमें BE ⊥ AC और CF ⊥ AB जहाँ AB = AC है |
Triangles Maths Solutions For Class 9 NCERT Hindi Medium 7.2 3
सिद्ध करना है : BE = CF.
प्रमाण :  यहाँ, BE ⊥ AC और CF ⊥ AB  (दिया है )
ΔABE और Δ ACF में
∠ AEB = ∠ AFC  (90 प्रत्येक)
∠ A = ∠ A (उभयनिष्ठ)
AB = AC (दिया है )
ASA सर्वांगसमता कसौटी नियम से
ΔABE  ≅  Δ ACF
∴ BE = CF [ By CPCT ]
Proved.

Ex 7.2 Class 9 गणित Q4. ABC एक त्रिभुज है जिसमें AC और AB पर खींचे गए शीर्षलंब BE और CF बराबर हैं  (देखिए आकृति). दर्शाइए कि 
(i) Δ ABE ≅ Δ ACF
(ii) AB = AC, अर्थात, ΔABC एक समद्विबाहु त्रिभुज है|
Triangles Solutions For Maths NCERT Class 9 Hindi Medium 7.2 4
हल : 
दिया है : ABC एक त्रिभुज है जिसमें
BE ⊥ AC और CF ⊥ AB है और BE = CF है |
सिद्ध करना है : 
(i) Δ ABE ≅ Δ ACF
(ii) AB = AC,अर्थात, ΔABC एक समद्विबाहु त्रिभुज है |
प्रमाण : 
(i) Δ ABE तथा Δ ACF में
BE = CF (दिया है )
∠ AEB = ∠ AFC (90 प्रत्येक )
∠ A = ∠ A (उभयनिष्ठ)
ASA सर्वांगसमता नियम के उपयोग से
Δ ABE ≅ Δ ACF [सत्यापित -I ]
(ii) AB = AC  [By CPCT]
इसलिए, ABC एक समद्विबाहु त्रिभुज है |

Ex 7.2 Class 9 गणित Q5. ABC और DBC सामान आधार BC पर स्थित दो समद्विबाहु त्रिभुज हैं (देखिए आकृति). दर्शाइए कि ∠ ABD = ∠ ACD है|
हल : 
Class 9 NCERT Maths Triangles Solutions Hindi Medium 7.2 5
दिया है : ABC और DBC सामान आधार BC पर बने दो समद्विबाहु त्रिभुज हैं |
सिद्ध करना है : ∠ ABD = ∠ ACD
प्रमाण: ABC एक समद्विबाहु त्रिभुज है |
AB = AC (दिया है )
∴ ∠ ABC = ∠ ACB  ………. (1)
(बराबर भुजाओं के सम्मुख कोण बराबर होते हैं)
इसीप्रकार,
BCD भी एक समद्विबाहु त्रिभुज है |
BD = CD (दिया है)
∴ ∠ DBC = ∠ DCB ………. (2)
(बराबर भुजाओं के सम्मुख कोण बराबर होते हैं)
समीकरण (1) तथा (2) को जोड़ने पर
∠ ABC + ∠ DBC = ∠ ACB + ∠ DCB
Or, ∠ ABD = ∠ ACD
Proved.

Ex 7.2 Class 9 गणित Q6. ΔABC एक समद्विबाहु त्रिभुज है जिसमें AB = AC है| भुजा BA बिंदु D तक इस प्रकार बढाया गया है कि AD = AB है (देखिए आकृति)|  दर्शाइए कि ∠ BCD एक समकोण है | 
NCERT Solutions For Class 9 Maths Triangles PDF Hindi Medium 7.2 6
हल : 
दिया है : ΔABC समद्विबाहु त्रिभुज है जिसमें AB = AC है |
भुजा BA को बिंदु D तक बढाई गयी है जिससे AD = AB है |
सिद्ध करना है : ∠ BCD = 90
प्रमाण: 
AB = AC ………….. (1)  (दिया है)
और  AB = AD ………….. (2)  (दिया है)
Class 9th Maths NCERT Triangles Solutions Hindi Medium 7.2 6.1
समीकरण (1) तथा (2) से हमें प्राप्त होता है |
AC = AD ……………(3)
∴ ∠3 = ∠4 …….. (4) (बराबर भुजाओं के सम्मुख कोण ..)
अब, AB = AC [समी० (1) से]
∴ ∠1 = ∠2 …. (5) (बराबर भुजाओं के सम्मुख कोण ..)
ΔABC में
बहिष्कोण ∠5 = ∠1 + ∠2 (बहिष्कोण अत:अभिमुख कोणों के योग के बराबर होता है )
अथवा, ∠5 = ∠2 + ∠2 [ समी० (5) से]
अथवाr, ∠5 = 2∠2  ……. (6)
इसीप्रकार,
बहिष्कोण ∠6 = ∠3 + ∠4
अथवा,  ∠6 = 2∠3 [समी०  (7) से
समीकरण (6) तथा (7) को जोड़ने पर]
∠5 + ∠6  = 2∠2 + 2∠3
∠5 + ∠6  = 2(∠2 + ∠3)
अथवा,  180० = 2(∠2 + ∠3) [ ∵ ∠BAC + ∠DAC  = 180० ]
अथवा,  ∠BCD = 90
Proved.

Ex 7.2 Class 9 गणित Q7. ABC एक समकोण त्रिभुज है जिसमें ∠ A = 90° और AB = AC. तो ∠ B और ∠ C ज्ञात कीजिए | 
हल  
NCERT Maths Book Class 9 Triangles Solutions Hindi Medium 7.2 7
दिया है : ABCएक समकोण त्रिभुज है जिसमें
∠ A = 90° और AB = AC है |
ज्ञात करना है : ∠B and ∠C
AB = AC (दिया है)
∴ ∠B = ∠C …………(1)
(बराबर भुजाओं के सम्मुख कोण)
त्रिभुज ABC में,
∠A + ∠B + ∠C = 180० (त्रिभुज के तीनों कोणों का योग)
90° + ∠B + ∠B = 180० समीकरण (1) के प्रयोग से
2 ∠B = 180० – 90°
2 ∠B = 90°
∠B =  45°
∴ ∠B = 45° and ∠C =  45°

Ex 7.2 Class 9 गणित Q8. दर्शाइए कि समबाहु त्रिभुज का प्रत्येक कोण 60° का होता है|
हल : 
Class 9 NCERT Solutions Maths Triangles Hindi Medium 7.2 8
दिया है : ABC एक समबाहु त्रिभुज है जिसमें
AB = BC = AC
सिद्ध करना है : 
∠A = ∠B = ∠C = 60°
प्रमाण :
AB = AC (दिया है )
∠B = ∠C ……… (1)   [बराबर भुजाओं के सम्मुख कोण]
AB = BC (दिया है)
∠A = ∠C  ………. (2)   [बराबर भुजाओं के सम्मुख कोण]
AC = BC (दिया है)
∠A = ∠B ………… (3)   [बराबर भुजाओं के सम्मुख कोण]
समीकरण (1), (2) और (3) से हमें प्राप्त होता है |
∠A = ∠B = ∠C  ………….. (4)
त्रिभुज ABC में
∠A + ∠B + ∠C = 180°
∠A + ∠A + ∠A = 180°
3 ∠A = 180°
∠A = 60°
∴ ∠A = ∠B = ∠C = 60°

प्रश्नावली 7.3

Ex 7.3 Class 9 गणित Q1. ΔABC और ΔDBC एक ही आधार BC पर बने दो समबाहु त्रिभुज इस प्रकार हैं कि A और D भुजा BC के एक ही ओर स्थित हैं (देखिए आकृति)| यदि AD बढ़ाने पर BC को P पर प्रतिच्छेद करे, तो दर्शाइए कि
9th Class Maths NCERT Triangles Hindi Medium Solutions 7.3 1
(i)  ΔABD  ≅ ΔACD
(ii)  ΔABP  ≅ ΔACP
(iii)  AP कोण A और कोण D दोनों को समद्विभाजित करता है |
(iv) AP रेखाखंड BC का लम्ब समद्विभाजक है |
हल :
दिया है : ΔABC और ΔDBC दो समबाहु त्रिभुज हैं और AD को बढ़ाने पर BC को P पर प्रतिच्छेद करता है |
CBSE Class 9 Maths Triangles Hindi Medium Solutions 7.3 1.1
सिद्ध करना है :
(i)  ΔABD ≅ ΔACD
(ii)  ΔABP ≅ ΔACP
(iii)  AP कोण A और कोण D दोनों को समद्विभाजित करता है |
(iv) AP रेखाखंड BC का लम्ब समद्विभाजक है |
प्रमाण : ABC आधार BC पर बना समद्विबाहु त्रिभुज है |
इसलिए, AB = AC …….. (i)
इसी प्रकार, DBC भी एक समद्विबाहु त्रिभुज है |
NCERT Solutions For Class 9 Maths Triangles Hindi Medium 7.3 1.2
NCERT Solutions For Class 9 Maths 7.3 1.3
समीकरण (iii) और (iv) से स्पष्ट है कि AP कोण A और कोण D दोनों को समद्विभाजित करता है|
Proved (III).
NCERT Solutions For Class 9 Maths 7.3 1.4
चूँकि ∠DPB = 90° हैं और BP = CP समी० (vi) से यह सिद्ध होता है कि AP रेखाखंड BC का लम्ब समद्विभाजक है|
Proved (IV).

Ex 7.3 Class 9 गणित Q2. AD एक समद्विबाहु त्रिभुज ABC का एक शीर्षलम्ब है, जिसमें AB = AC है। दर्शाइए कि
NCERT Solutions For Class 9 Maths 7.3 2
(i) AD रेखाखंड BC को समद्विभाजित करता है।
(ii) AD कोण A को समद्विभाजित करता है।
हल :
दिया है : AD एक समद्विबाहु त्रिभुज ABC का एक शीर्षलम्ब है, जिसमें AB = AC है।
सिद्ध करना है :
(i) AD रेखाखंड BC को समद्विभाजित करता है।
(ii) AD कोण A को समद्विभाजित करता है।
प्रमाण : 
NCERT Solutions For Class 9 Maths 7.3 2.1
समीकरण (i) से सिद्ध होता है कि AD रेखाखंड BC को समद्विभाजित करता है।
और समीकरण (ii) से यह सिद्ध होता है कि AD कोण A को समद्विभाजित करता है।

Ex 7.3 Class 9 गणित Q3. एक त्रिभुज ABC की दो भुजाएँ AB और BC तथा माध्यिका AM क्रमशः एक दूसरे त्रिभुज की भुजाओं PQ और QR तथा माध्यिका PN के बराबर हैं (देखिए आकृति)। दर्शाइए कि
NCERT Solutions For Class 9 Maths Hindi Medium 7.3 3
Maths NCERT Solutions Class 9 Hindi Medium 7.3 3.1
हल :
दिया है : त्रिभुज ABC की दो भुजाएँ AB और BC तथा माध्यिका AM क्रमशः एक दूसरे त्रिभुज की भुजाओं PQ और QR तथा माध्यिका PN के बराबर हैं |
Class 9 Maths NCERT Solutions Hindi Medium 7.3 3.2
NCERT Maths Solutions For Class 9 Hindi Medium 7.3 3.3

Ex 7.3 Class 9 गणित Q4. BE और CF एक त्रिभुज ABC के दो बराबर शीर्षलंब हैं| RHS सर्वागसमता नियम का प्रयोग करके सिद्ध कीजिए कि ΔABC एक समद्विबाहु त्रिभुज हैं |
हल :
दिया है : त्रिभुज ABC में दो बराबर शीर्षलंब BE और CF हैं |
अत: BE = CF है, BE ⊥ AC और CF ⊥ AB है |

Q5. ABC एक समद्विबाहु त्रिभुज है जिसमें AB = AC है | AP  BC खींच कर दर्शाइए कि B = C है | 
हल :
दिया है : ABC एक समद्विबाहु त्रिभुज है जिसमें AB = AC है | जिसमें AP ⊥ BC हैं |
NCERT Maths Solutions For Class 9 Hindi Medium 7.3 5

प्रश्नावली 7.4

Ex 7.4 Class 9 गणित Q1. दर्शाइए कि समकोण त्रिभुज में कर्ण सबसे लंबी भुजा होती है |
हल :
NCERT Maths Solutions For Class 9 Hindi Medium 7.4 1
दिया है : ABC एक समकोण त्रिभुज है जिसका
कोण B समकोण है और AC कर्ण है |
सिद्ध करना है : 
NCERT Solutions for Class 9 Maths Chapter 7 (Hindi Medium) 7.4 1.1
प्रमाण : Δ ABC का ∠B समकोण है |
अत: ∠A और ∠C न्यूनकोण है |
इसलिए, ∠B > ∠C  [क्योंकि B समकोण है और C न्यूनकोण है ]
∴ AC > AB  (i) (बड़े कोण की सम्मुख भुजा बड़ी होती है)
पुन: ∠B समकोण है और ∠A न्यूनकोण है |
इसलिए, ∠B > ∠A  [क्योंकि B समकोण है और C न्यूनकोण है ]
∴ AC > BC  (ii) (बड़े कोण की सम्मुख भुजा बड़ी होती है)
समी० (i) तथा (ii) से कर्ण AC सबसे बड़ी  भुजा है |
Proved.

Ex 7.4 Class 9 गणित Q2. आकृति 7.48 में, ΔABC की भुजाओं AB और AC को क्रमश: बिन्दुओं P तथा Q तक बढाया गया है| साथ ही, PBC < QCB है| दर्शाइए कि AC > AB है|
हल :
NCERT Solutions For Class 9 Maths Triangles Hindi Medium 7.4 2
दिया है : ΔABC की भुजाओं AB और AC को क्रमश: बिन्दुओं P तथा Q तक बढाया गया है जिसमें, ∠PBC < ∠QCB है |
सिद्ध करना है : AC > AB
प्रमाण : AB और AC को क्रमश: बिन्दुओं P तथा Q तक बढाया गया है,
इसलिए, ∠ABC + ∠PBC = 180° …… (1) रैखिक युग्म
और    ∠ACB + ∠QCB = 180° …… (2) रैखिक युग्म
समीकरण (1) तथा (2) से
∠ABC + ∠PBC = ∠ACB + ∠QCB (चूँकि दोनों समी० का मान समान है)
जबकि ∠PBC < ∠QCB (दिया है)
अत: स्पष्ट है कि
∠ABC > ∠ACB
Proved.

Ex 7.4 Class 9 गणित Q3. आकृति 7.49 में, B < A और C < D है | दर्शाइए कि AD < BC है |
हल :
Maths NCERT Solutions Class 9 Triangles Hindi Medium 7.4 3
दिया है : Δ AOB और Δ COD में ∠B < ∠A और ∠C < ∠D है |
सिद्ध करना है : AD < BC
प्रमाण : Δ AOB में,
∠B < ∠A  (दिया है)
∴  AO < BO  …. (1)   (बड़े कोण की सम्मुख भुजा बड़ी होती है)
अब, Δ COD में,
∠C < ∠D  (दिया है)
∴  DO < CO  …. (2)   (बड़े कोण की सम्मुख भुजा बड़ी होती है)
समीकरण (1) तथा (2) को जोड़ने पर
AO + DO < BO + CO
या AD < BC
Proved.

Ex 7.4 Class 9 गणित Q4. AB और CD क्रमश: एक चतुर्भुज ABCD की सबसे छोटी और सबसे बड़ी भुजा हैं (देखिये आकृति)| दर्शाइए कि  A > C और B > D है|
हल :
Class 9 Maths NCERT Triangles Solutions Hindi Medium 7.4 4
दिया है : AB और CD क्रमश: एक चतुर्भुज ABCD की
सबसे छोटी और सबसे बड़ी भुजा हैं |
सिद्ध करना है :
(i) ∠A > ∠C
(ii) ∠B > ∠D
रचना : A को C से और B को D से मिलाया|
प्रमाण : (i) ΔABC में,
NCERT Maths Solutions For Class 9 Triangles Hindi Medium 7.4 4.1
AB सबसे छोटी भुजा है, (दिया है)
अत:, BC > AB
∴ ∠2 > ∠5 …… (1) (बड़े भुजा की सम्मुख कोण बड़ी होती है)
अब, ΔACD में,
CD सबसे बड़ी भुजा है, (दिया है)
अत:, CD > AD
∴ ∠1 > ∠6 …… (2) (बड़े भुजा की सम्मुख कोण बड़ी होती है)
समी० (1) तथा (2) को जोड़ने पर
∠1 + ∠2 > ∠5 + ∠6
या  ∠A > ∠C
Proved.
(ii) इसी प्रकार ΔABD में,
AD > AB (क्योंकि AB सबसे छोटी भुजा है)
∴ ∠3 > ∠8  …… (3)
और ΔBCD में,
CD > BC (क्योंकि CD सबसे बड़ी भुजा है)
∴ ∠4 > ∠7 …… (4)
समी० (3) तथा (4) को जोड़ने पर
∠3 + ∠4 > ∠7 + ∠8
या ∠B > ∠D
Proved.

Ex 7.4 Class 9 गणित Q5. आकृति में PR > PQ  है और PS कोण QPR समद्विभाजित करता है | सिद्ध कीजिए कि  PSR > PSQ  है |
हल :
NCERT Class 9 Maths Hindi Medium Triangles Solutions 7.4 5
दिया है : PR > PQ और PS कोण QPR समद्विभाजित करता है |
सिद्ध करना है : ∠PSR > ∠PSQ  
प्रमाण : PS कोण QPR समद्विभाजित करता है | (दिया है )
∴ ∠QPS = ∠RPS …… (1)
और,  PR > PQ   (दिया है)
∠PQS > ∠PRS .……(2)
ΔPQS में,
∠QPS + ∠PQS + ∠PSQ = 180° ….. (3) (Δ के तीनों कोणों का योग)
इसीप्रकार, ΔPRS में,
∠PRS + ∠RPS + ∠PSR = 180° …. (4) (Δ के तीनों कोणों का योग)
समीकरण (3) और (4) से हम पाते है कि ..
∠QPS + ∠PQS + ∠PSQ = ∠PRS + ∠RPS + ∠PSR
NCERT Solutions for Class 9 Maths Chapter 7 (Hindi Medium) 7.4 5.1
या ∠PQS + ∠PSQ = ∠PRS + ∠PSR
जबकि ∠PQS > ∠PRS   समी० (2) से
अत: स्पष्ट है कि ∠PSQ < ∠PSR
Proved.

Ex 7.4 Class 9 गणित Q6. दर्शाइए कि एक रेखा पर एक दिए हुए बिंदु सेजो उस रेखा पर स्थित नहीं हैजितने रेखाखंड खींचे जा सकते हैं उनमें लम्ब रेखाखंड सबसे छोटा होता है।
NCERT Maths Class 9 Hindi Medium Triangles Solutions 7.4 6
हल :
दिया है : m एक रेखा है और O एक बिंदु है
जो m पर स्थित नहीं है| OP ⊥ m
सिद्ध करना है : OP < OQ < OR < OS
प्रमाण : OP ⊥ m दिया है |
∴ ∠OPQ = 90° और ∠OQP, ∠ORP, ∠OSP न्यूनकोण हैं |
अत: ∠OQP < ∠OPQ
∴   OP < OQ ….. (1)  (बड़े कोण की सम्मुख भुजा बड़ी होती है)
इसीप्रकार, ∠ORP < ∠OPQ
∴   OP < OR ….. (2) (बड़े कोण की सम्मुख भुजा बड़ी होती है)
समी० (1) तथा (2) से
OP < OQ < OR
OP जो लंब है सबसे छोटी भुजा है|

प्रश्नावली 7.5 (ऐच्छिक)

Ex 7.5 Class 9 गणित Q1. ABC एक त्रिभुज है। इसके अभ्यन्तर में एक ऐसा बिन्दु ज्ञात कीजिए जो ∆ABC के तीनों शीर्षों से समदूरस्थ है।
NCERT Solutions For Maths Class 9 Triangles Hindi Medium 7.5 1
हल-
एक ∆ABC के अभ्यन्तर में एक ऐसा बिन्दु P ज्ञात करना है जो त्रिभुज के तीनों शीर्षों A, B व C से समान दूरी पर हो।
रचना विधि : रचना के पद निम्न हैं-

  1. सर्वप्रथम दिया हुआ त्रिभुज ABC बनाइए।
  2. अब, AB तथा BC के लम्ब समद्विभाजक खींचिए जो परस्पर बिन्दु P पर काटें।
  3. रेखाखण्ड PA, PB और PC खींचिए।
    अतः P अभीष्ट बिन्दु है जो तीनों शीर्षों से समदूरस्थ है।

Ex 7.5 Class 9 गणित Q2. किसी त्रिभुज के अभ्यन्तर में एक ऐसा बिन्दु ज्ञात कीजिए जो त्रिभुज की सभी भुजाओं से समदूरस्थ है।
NCERT Solutions For Maths Class 9 Triangles Hindi Medium 7.5 2
हल-
माना ABC एक त्रिभुज है जिसके अभ्यन्तर में एक ऐसा बिन्दु P ज्ञात करना है जो त्रिभुज की तीनों भुजाओं AB, BC और CA से समदूरस्थ हो।
रचना विधि : रचना के पद निम्न हैं-

  1. सर्वप्रथम दिया हुआ ∆ABC बनाइए।
  2. ∠B और ∠C के समद्विभाजक खींचिए जो परस्पर बिन्दु P पर काटें।
  3. रेखाखण्ड PB तथा PC खींचिए।
    अतः P अभीष्ट बिन्दु है जो तीनों भुजाओं से समदूरस्थ है।

Ex 7.5 Class 9 गणित Q3. एक बड़े पार्क में लोग तीन बिन्दुओं (स्थानों) पर केन्द्रित हैं
A : जहाँ बच्चों के लिए फिसल पट्टी और झूले हैं।
B : जिसके पास मानव निर्मित एक झील है।
C : जो एक बड़े पार्किंग स्थल और बाहर निकलने के रास्ते के निकट है।
एक आइसक्रीम का स्टॉल कहाँ लगाना चाहिए ताकि वहाँ लोगों की अधिकतम संख्या पहुँच सके?
[संकेत : स्टॉल को A, B और C से समदूरस्थ होना चाहिए।]
NCERT Solutions for Class 9 Maths Chapter 7 (Hindi Medium) 7.5 3
हल-
A, B और C तीन बिन्दु स्थान हैं। आइसक्रीम का स्टॉल लगाने के लिए लोगों की उस पर अधिकतम पहुँच होने के लिए यह आवश्यक है कि स्टॉल तीनों स्थानों से समदूरस्थ हो।
अत: आइसक्रीम स्टॉल लगाने के लिए हमें एक ऐसे स्थान (बिन्दु) P का चयन करना है जो पार्क के तीनों स्थानों से समान दूरी पर हो।
ज्ञात करने की विधिः
1. बिन्दु A से बिन्दु B को, बिन्दु B से बिन्दु C को और बिन्दु C से बिन्दु A को ऋजु रेखाओं द्वारा मिलाकर ∆ABC बनाइए।
2. किन्हीं दो भुजाओं (AB व BC) के लम्ब समद्विभाजक खींचिए जो परस्पर बिन्दु P पर काटें।
आइसक्रीम स्टॉल के चयन के लिए उपयुक्त स्थान बिन्दु P होगा जो तीनों स्थानों से समदूरस्थ है।
NCERT Solutions for Class 9 Maths Chapter 7 (Hindi Medium) 7.5 3.1

Ex 7.5 Class 9 गणित Q4. संलग्न आकृति में षड्भुजीय और तारे के आकार की रंगोलियों को 1 सेमी भुजा वाले समबाहु त्रिभुजों से भरकर पूरा कीजिए। प्रत्येक स्थिति में त्रिभुजों की संख्या गिनिए। किसमें अधिक त्रिभुज हैं?
NCERT Solutions for Class 9 Maths Chapter 7 (Hindi Medium) 7.5 4
हल-
चित्रों से स्पष्ट है कि विकर्णो को मिलाने पर षड्भुजीय आकृति को 6 समबाहु त्रिभुजों में और तारे के आकार की आकृति को 12 समबाहु त्रिभुजों में विभाजित किया जा सकता है जबकि समबाहु त्रिभुजों में प्रत्येक भुजा 5 सेमी है।
NCERT Solutions for Class 9 Maths Chapter 7 (Hindi Medium) 7.5 4.1
पुनः षड्भुजीय आकृति के एक समबाहु त्रिभुज जिसकी भुजा 5 सेमी है, को 1 सेमी भुजा वाले समबाहु त्रिभुजों में विभाजित कर स्पष्ट किया गया है कि 5 सेमी भुजा वाले एक समबाहु त्रिभुज को 1 सेमी भुजा वाले 25 त्रिभुजों में विभाजित किया जा सकता है।
तब स्थिति 1 : षड्भुजीय रंगोली इसको 1 सेमी भुजा वाले 6 x 25 = 150 समबाहु त्रिभुजों में बाँटा जा सकता है।
स्थिति 2 : तारे के आकार की रंगोली
5 सेमी भुजा वाले समबाहु त्रिभुजों की संख्या = 12
आकृति में 1 सेमी भुजा वाले समबाहु त्रिभुजों की संख्या = 12 x 25 = 300
स्पष्ट है कि तारे के आकार वाली आकृति में त्रिभुजों की संख्या अधिक है।

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NCERT Solutions for Class 9 Science Chapter 4 Structure of the Atom (Hindi Medium)

NCERT Solutions for Class 9 Science Chapter 4 Structure of the Atom (Hindi Medium)

NCERT Solutions for Class 9 Science Chapter 4 Structure of the Atom (Hindi Medium)

These Solutions are part of NCERT Solutions for Class 9 Science in Hindi Medium. Here we have given NCERT Solutions for Class 9 Science Chapter 4 Structure of the Atom.

पाठगत हल प्रश्न (NCERT IN-TEXT QUESTIONS SOLVED)

NCERT पाठ्यपुस्तक (पृष्ठ संख्या 53)

प्र० 1. केनाल किरणें क्या हैं?
उत्तर- केनाल किरणें धनावेशित विकिरण हैं जो एनोड से कैथोड की ओर चलती हैं। इन्हें एनोड किरणें भी कहते हैं। केनाल किरणों के कारण ही धन आवेशित अवपरमाणुक कण प्रोटॉन की खोज हुई।

प्र० 2. यदि किसी परमाणु में एक इलेक्ट्रॉन और एक प्रोटॉन है, तो इसमें कोई आवेश होगा या नहीं?
उत्तर- हम जानते हैं कि प्रत्येक इलेक्ट्रॉन पर 1 इकाई ऋण आवेश और प्रत्येक प्रोटॉन पर 1 इकाई धन आवेश होता है। इसलिए आवेश की संख्या समान परंतु विपरीत होने के कारण परमाणु पर कोई आवेश नहीं होता और वे उदासीन होते हैं।

NCERT पाठ्यपुस्तक (पृष्ठ संख्या 56)

प्र० 1. परमाणु उदासीन है, इस तथ्य को टॉमसन के मॉडल के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर- टॉमसन मॉडल के अनुसारः
(i) परमाणु धन आवेशित गोले का बना होता है। और इलेक्ट्रॉन उसमें फँसे होते हैं।
(ii) ऋणात्मक और धनात्मक आवेश परिमाण में समान होते हैं। इसलिए परमाणु वैद्युतीय रूप से उदासीन होते हैं।

प्र० 2. रदरफ़ोर्ड के परमाणु मॉडल के अनुसार, परमाणु के नाभिक में कौन-सा अवपरमाणुक कण विद्यमान है?
उत्तर- रदरफ़ोर्ड के परमाणु मॉडल के अनुसार परमाणु का केंद्र धनावेशित होता है, जिसे नाभिक कहा जाता है। इसलिए नाभिक में अवपरमाणुक कण प्रोटॉन विद्यमान होते हैं क्योंकि प्रोटॉन धनावेशित होता है।

प्र० 3. तीन कक्षाओं वाले बोर के परमाणु मॉडल का चित्र बनाइए।
उत्तर-
NCERT Solutions for Class 9 Science Chapter 4 (Hindi Medium) 1

प्र० 4. क्या अल्फा कणों का प्रकीर्णन प्रयोग सोने के अतिरिक्त दूसरी धातु की पन्नी से संभव होगा?
उत्तर- हाँ, 7-कणों का प्रकीर्णन किसी भी धातु की पन्नी से संभव है और परिणाम वही प्राप्त होगा क्योंकि सभी धातुओं के परमाणुओं की संरचना एक जैसी होती है।

NCERT पाठ्यपुस्तक (पृष्ठ संख्या 56)

प्र० 1. परमाणु के तीन अवपरमाणुक कणों के नाम लिखें।
उत्तर- परमाणु के तीन अवपरमाणुक कणों के नाम हैं
(i) इलेक्ट्रॉन
(ii) प्रोटॉन
(iii) न्यूट्रॉन

प्र० 2. हीलियम परमाणु का परमाणु द्रव्यमान 4u है और उसके नाभिक में दो प्रोटॉन होते हैं। इसमें कितने न्यूट्रॉन होंगे?
उत्तर- हीलियम (He) का परमाणु द्रव्यमान = 4u
परमाणु द्रव्यमान = न्यूट्रॉन की संख्या + प्रोटॉन की संख्या
4 = न्यूट्रॉन की संख्या + 2
इसलिए, न्यूट्रॉन की संख्या = 4 – 2 = 2
अत: हीलियम परमाणु में न्यूट्रॉनों की संख्या = 2 है।

NCERT पाठ्यपुस्तक (पृष्ठ संख्या 57)

प्र० 1. कार्बन और सोडियम के परमाणुओं के लिए इलेक्ट्रॉन-वितरण लिखिए।
उत्तर- कार्बन परमाणु संख्या = 6
प्रोटॉनों की संख्या = 6
प्रोटॉनों की संख्या = इलेक्ट्रॉनों की संख्या = 6
इलेक्ट्रॉन – वितरणः
K 2
L 4
सोडियम परमाणु संख्या = 11
प्रोटॉनों की संख्या = इलेक्ट्रॉनों की संख्या = 11
इलेक्ट्रॉन – वितरणः
K L M
2 8 1

प्र० 2. अगर किसी परमाणु का K और L कोश भरा है तो उस परमाणु में इलेक्ट्रॉनों की संख्या क्या होगी?
उत्तर- K कोश में अधिकतम 2 तथा L कोश में अधिकतम 8 इलेक्ट्रॉन रह सकते हैं। चूंकि ये दोनों कोश भरे हैं।
इसलिए इस परमाणु में इलेक्ट्रानों की कुल संख्या = 2 + 8 = 10 होगी।

NCERT पाठ्यपुस्तक (पृष्ठ संख्या 58)

प्र० 1. क्लोरीन, सल्फर और मैग्नीशियम की परमाणु संख्या से आप इसकी संयोजकता कैसे प्राप्त करेंगे?
उत्तर- हम जानते हैं कि परमाणु के बाह्यतम कक्ष में अष्टक बनाने के लिए जितनी संख्या में इलेक्ट्रॉनों की साझेदारी या स्थानांतरण होता है, वही उस तत्त्व की संयोजकता-शक्ति अर्थात् संयोजकता होती है।
(i) क्लोरीन, परमाणु संख्या = 17
प्रोटॉन = 17, इलेक्ट्रॉन = 17
इलेक्ट्रॉनों का वितरणः
K L M
2 8 7
चूँकि Cl के बाह्यतम कोश में 7 इलेक्ट्रॉन हैं। इसलिए अष्टक पूर्ण करने के लिए 1 इलेक्ट्रॉन ग्रहण करेगा ताकि निकटतम अक्रिय गैस इलेक्ट्रॉनिक विन्यास प्राप्त कर सके।
Cl की संयोजकता = 8 – 7 = 1 है।

(ii) सल्फर परमाणु संख्या = 16
इलेक्ट्रॉन 16, प्रोटॉन = 16
इलेक्ट्रॉनों का वितरणः
K L M
2 8 6
सल्फर को अष्टक पूर्ण करने के लिए 2 इलेक्ट्रॉनों की आवश्यकता है। सल्फर 2 इलेक्ट्रॉन ग्रहण कर अष्टक पूर्ण करेगा।
इसलिए सल्फर की संयोजकता = 8 – 6 = 2

(iii) मैग्नीशियम, परमाणु संख्या = 12
इलेक्ट्रॉनों की संख्या = 12 प्रोटॉनों की संख्या = 12
इलेक्ट्रॉनों का वितरणः
K L M
2 8 2
चूँकि बाह्यतम कोश में इलेक्ट्रॉनों की संख्या 2 है, इसलिए मैग्नीशियम 2 इलेक्ट्रॉनों का परित्याग कर अष्टक पूर्ण करेंगे।
मैग्नीशियम की संयोजकता = 2 है।

NCERT पाठ्यपुस्तक (पृष्ठ संख्या 59)

प्र० 1. यदि किसी परमाणु में इलेक्ट्रॉनों की संख्या 8 है और प्रोटॉनों की संख्या भी 8 है तब,
(a) परमाणु की परमाणुक संख्या क्या है?
(b) परमाणुक का क्या आवेश है?
उत्तर-
(a) प्रोटॉनों की संख्या = 8
परमाणु संख्या = प्रोटॉनों की संख्या = 8
(b) प्रोटॉनों की संख्या = 8
इलेक्ट्रॉनों की संख्या = 8
चूँकि प्रत्येक प्रोटॉन का आवेश (+1) और प्रत्येक इलेक्ट्रॉन का आवेश (-1) होता है।
नेट आवेश = (+ 8) + (-8) = 0
अतः परमाणु पर कोई आवेश नहीं है। यह उदासीन है।

प्र० 2. सारणी 4.1 की सहायता से ऑक्सीजन और सल्फर-परमाणु की द्रव्यमान संख्या ज्ञात कीजिए।
उत्तर- एक परमाणु के नाभिक में उपस्थित प्रोटॉनों और न्यूट्रॉनों की संख्या के योग को द्रव्यमान संख्या कहा जाता है।
अर्थात द्रव्यमान संख्या = प्रोटॉन की संख्या + न्यूट्रॉन की संख्या
ऑक्सीजनः प्रोटॉन = 8, न्यूट्रॉन = 8 द्रव्यमान संख्या = 8 + 8 = 16 u
सल्फरः प्रोटॉन = 16, न्यूट्रॉन = 16
द्रव्यमान संख्या = 16 + 16 = 32 u

NCERT पाठ्यपुस्तक (पृष्ठ संख्या 60)

प्र० 1. चिन H, D और T के लिए प्रत्येक में पाए जाने वाले तीन अवपरमाणुक कणों को सारणीबद्ध कीजिए।
उत्तर-
NCERT Solutions for Class 9 Science Chapter 4 (Hindi Medium) 2

प्र० 2. समस्थानिक और समभारिक के किसी एक युग्म का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास लिखिए।
उत्तर- समस्थानिक (Isotopes) एक ही तत्त्व के परमाणु होते हैं, जिनकी द्रव्यमान संख्या भिन्न-भिन्न परंतु परमाणु संख्या समान होती है। इसलिए समस्थानिकों के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास भी समान ही रहते हैं।
NCERT Solutions for Class 9 Science Chapter 4 (Hindi Medium) 3
[न्यूट्रॉन = द्रव्यमान संख्या – प्रोटॉन]
समभारिक (Isobars) – अलग-अलग तत्त्वों के परमाणु, जिनकी द्रव्यमान संख्या समान लेकिन परमाणु संख्या भिन्न-भिन्न होती है, समभारिक कहलाते हैं।
NCERT Solutions for Class 9 Science Chapter 4 (Hindi Medium) 4

पाठ्यपुस्तक से हल प्रश्न (NCERT TEXTBOOK QUESTIONS SOLVED)

प्र० 1. इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन और न्यूट्रॉन के गुणों की तुलना कीजिए।
उत्तर-
NCERT Solutions for Class 9 Science Chapter 4 (Hindi Medium) 5
NCERT Solutions for Class 9 Science Chapter 4 (Hindi Medium) 6

प्र० 2. जे०जे० टॉमसन के परमाणु मॉडल की क्या सीमाएँ हैं?
उत्तर- जे०जे० टॉमसन के मॉडल से परमाणु के उदासीन होने की व्याख्या हुई, परंतु दूसरे वैज्ञानिकों द्वारा किए गए प्रयोगों के परिणामों को इस मॉडल के द्वारा समझाया नहीं जा सका।

जैसे – रदरफ़ोर्ड के α – कण प्रकीर्णन प्रयोग में ज्यादातर अल्फा-कण सीधे क्यों निकल गए, कुछ अल्फा-कण बहुत छोटे कोण से क्यों विक्षेपित हुए और बहुत कम कण वापस क्यों आ गए? इन प्रश्नों की व्याख्या करने में यह मॉडल असफल रहा।

प्र० 3. रदरफ़ोर्ड परमाणु मॉडल की क्या सीमाएँ हैं?
उत्तर- यदि कोई भी आवेशित कण गोलाकार कक्ष में त्वरित
होगा तो आवेशित कणों से ऊर्जा का विकिरण होगा, जिससे इसकी ऊर्जा निरंतर घटती जाएगी और इसकी गति भी कम होती जाएगी। अंततः स्थायी कक्ष में घूमता हुआ इलेक्ट्रॉन एक सर्पिल (Spiral) पथ का निर्माण कर नाभिक से टकरा जाएगा। अगर ऐसा होता, तो परमाणु अस्थिर होता जबकि हम जानते हैं। कि परमाणु स्थायी होते हैं। परमाणु समाप्त या नष्ट नहीं होते।

अतः रदरफ़ोर्ड का परमाणु मॉडल परमाणु के स्थायित्व की व्याख्या कर पाने में असफल रहा।
NCERT Solutions for Class 9 Science Chapter 4 (Hindi Medium) 7

प्र० 4. बोर के परमाणु मॉडल की व्याख्या कीजिए।
उत्तर- नील्स बोर ने परमाणु की संरचना के बारे में निम्नलिखित अवधारणाएँ प्रस्तुत कीं|
(i) परमाणु के केंद्र में एक धनावेशित नाभिक होता है। प्रोटॉन और न्यूट्रॉन नाभिक में होते हैं।
(ii) इलेक्ट्रॉन केवल कुछ निश्चित कक्षाओं में ही चक्कर लगा सकते हैं, जिन्हें इलेक्ट्रॉन की विविक्त कक्षा (Discrete Orbits) कहते हैं।
(iii) जब इलेक्ट्रॉन इस विविक्त कक्षा में चक्कर लगाते हैं, तो उनकी ऊर्जा का विकिरण नहीं होता।

इन कक्षाओं (या कोशों) को ऊर्जा-स्तर कहते हैं, जिन्हें K, L, M, N…….. या संख्याओं 1, 2, 3, 4, ……. के द्वारा दिखाया जाता है।
NCERT Solutions for Class 9 Science Chapter 4 (Hindi Medium) 8

प्र० 5. इस अध्याय में दिए गए सभी परमाणु मॉडलों की तुलना कीजिए।
उत्तर-
NCERT Solutions for Class 9 Science Chapter 4 (Hindi Medium) 9

प्र० 6. पहले अठारह तत्त्वों के विभिन्न कक्षों में इलेक्ट्रॉन वितरण के नियम को लिखिए।
उत्तर- परमाणुओं की विभिन्न कक्षाओं में इलेक्ट्रॉनों के वितरण के लिए बोर और बरी ने निम्नलिखित नियम प्रस्तुत किए।
(i) किसी कक्षा में उपस्थित अधिकतम इलेक्ट्रॉनों की संख्या 2n2 से दर्शाया जाता है; जहाँ ‘n’ कक्षा की संख्या या
ऊर्जा स्तर है।
NCERT Solutions for Class 9 Science Chapter 4 (Hindi Medium) 10

(ii) सबसे बाहरी कोश में इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम संख्या 8 हो सकती है।

(iii) किसी परमाणु के दिए गए कोश में इलेक्ट्रॉन तब तक स्थान नहीं लेते हैं जब तक कि उससे पहले वाले भीतरी कक्ष पूर्णरूप से भर नहीं जाते। इससे स्पष्ट होता है कि कक्षाएँ क्रमानुसार भरती हैं।

प्र० 7. सिलिकॉन और ऑक्सीजन का उदाहरण लेते हुए संयोजकता की परिभाषा दीजिए।
उत्तर- प्रत्येक तत्त्व के परमाणु की एक निश्चित संयोजन-शक्ति होती है, जिसे संयोजकता कहते हैं। किसी परमाणु के बाह्यतम कक्ष में अष्टक पूर्ण करने के लिए जितनी संख्या में इलेक्ट्रॉनों की साझेदारी या स्थानांतरण किया जाता है, वही उस तत्त्व की संयोजन-शक्ति या संयोजकता होती है। ऑक्सीजन का परमाणु द्रव्यमान = 8 सिलिकॉन का परमाणु द्रव्यमान = 14
NCERT Solutions for Class 9 Science Chapter 4 (Hindi Medium) 11
ऑक्सीजन (O) में 6 संयोजी इलेक्ट्रॉन हैं। इसलिए यह 2 इलेक्ट्रॉन ग्रहण करके अष्टक पूर्ण करेगा। चूँकि ऑक्सीजन की संयोजन-शक्ति (Combining Capacity) = 2। इसलिए ऑक्सीजन की संयोजकता = 2 है। 4 से अधिक संयोजी इलेक्ट्रॉन होने पर निम्न सूत्र द्वारा संयोजकता ज्ञात की जा सकती है।
संयोजकता = 8 – संयोजी इलेक्ट्रॉनों की संख्या (बाह्यतम कोश में इलेक्ट्रॉनों की संख्या)
ऑक्सीजन की संयोजकता = 8 – 6 = 2
चूँकि सिलिकॉन के बाह्यतम कोश में 4 इलेक्ट्रॉन हैं।
इसलिए यह चर इलेक्ट्रॉन साझा करके अपना अष्टक पूर्ण करेगा।
चूँकि, सिलिकॉन की संयोजन-शक्ति = 4 है।

प्र० 8. उदाहरण के साथ व्याख्या कीजिए-परमाणु संख्या, द्रव्यमान संख्या, समस्थानिक और समभारिक। समस्थानिकों के कोई दो उपयोग लिखिए।
उत्तर- परमाणु संख्या (Atomic Number) – एक तत्त्व की परमाणु संख्या नाभिक (केंद्रक) में विद्यमान प्रोटॉनों की कुल संख्या के बराबर होती है। इसे Z के द्वारा दर्शाया जाता है। हाइड्रोजन के लिए Z = 1 क्योंकि हाइड्रोजन परमाणु के नाभिक में केवल एक प्रोटॉन होता है। इसी प्रकार, सोडियम की परमाणु संख्या Z = 11 है।

द्रव्यमान संख्या (Mass Number) – एक परमाणु के नाभिक में उपस्थित प्रोटॉनों और न्यूट्रॉनों की कुल संख्या के योग को द्रव्यमान संख्या कहा जाता है। उदाहरण के लिए, कार्बन का द्रव्यमान संख्या 12u है। क्योंकि इसमें 6 प्रोटॉन और 6 न्यूट्रॉन होते हैं, 6u + 6u = 12u.
इसी प्रकार, फॉस्फोरस की द्रव्यमान संख्या = 31u है।
क्योंकि
प्रोटॉनों की संख्या = 15,
न्यूट्रॉनों की संख्या = 16
द्रव्यमान संख्या = 15 + 16 = 31

समस्थानिक (Isotopes) – एक ही तत्त्व के परमाणु जिनकी परमाणु संख्या समान लेकिन द्रव्यमान संख्या भिन्न होती हैं, समस्थानिक कहलाते हैं।
जैसे-हाइड्रोजन के तीन समस्थानिक हैं- प्रोटियम \(_{ 1 }^{ 1 }{ H }\), ड्यूटीरियम (\(_{ 2 }^{ 1 }{ H }\) या D), ट्राइटियम (\(_{ 3 }^{ 1 }{ H }\) या T), प्रत्येक की परमाणु संख्या 1 है परंतु द्रव्यमान संख्या क्रमशः 1, 2, 3 है। इसी प्रकार कार्बन के दो समस्थानिक हैं- \(_{ 12 }^{ 6 }{ C }\) और \(_{ 14 }^{ 6 }{ C }\)

समभारिक (Isobars) – समभारिक विभिन्न तत्त्वों के वे परमाणु हैं, जिनकी द्रव्यमान संख्या समान लेकिन परमाणु संख्या भिन्न-भिन्न होती है। उदाहरण के लिए, कैल्सियम Ca और आर्गन की परमाणु संख्या क्रमशः 20 और 18 है परंतु दोनों तत्त्वों की द्रव्यमान संख्या 40 है। इसलिए, 18ca और 18 Ar समभारिक हैं।

समस्थानिकों के दो उपयोग निम्नलिखित हैं|
(i) कैंसर के उपचार में कोबाल्ट के समस्थानिक का उपयोग होता है।
(ii) यूरेनियम के एक समस्थानिक का उपयोग परमाणु भट्टी (Atomic Reactor) में ईंधन के रूप में होता है।

प्र० 9. Na+ के पूरी तरह से भरे हुए K व L कोश होते हैं-व्याख्या कीजिए।
उत्तर- सोडियम Na की परमाणु संख्या = 11 इलेक्ट्रॉनिक विन्यासः
K L M
2 8 1
चूँकि सोडियम के बाह्यतम कक्ष (कोश) में 1 इलेक्ट्रॉन है इसलिए यह एक इलेक्ट्रॉन का त्याग करके (Na’) आयन बनाता है और अपना अष्टक पूर्ण करता है।
Na+ में 10 इलेक्ट्रॉन होते हैं यानी K कोश में 2 तथा L कोश में 8 हम जानते हैं कि K कोश में अधिकतम = 2 x 1² = 2 तथा L कोश में अधिकतम = 2 x 2² = 8 इलेक्ट्रॉन रह सकते हैं।
अत: Na+ में K और L कोश पूर्णतः भरे हुए हैं।

प्र० 10. अगर ब्रोमीन परमाणु दो समस्थानिकों [\(_{ 79 }^{ 35 }{ Br }\) (49.7%) तथा [\(_{ 81 }^{ 35 }{ Br }\) (50.3%)] के रूप में है, तो ब्रोमीन परमाणु के औसत परमाणु द्रव्यमान की गणना कीजिए।
उत्तर-
NCERT Solutions for Class 9 Science Chapter 4 (Hindi Medium) 12

प्र० 11. एक तत्त्व X का परमाणु द्रव्यमान 16.2u है तो इसके किसी एक नमूने में समस्थानिक [\(_{ 16 }^{ 8 }{ X }\) और [\(_{ 18 }^{ 8 }{ X }\) का प्रतिशत क्या होगा?
उत्तर-
NCERT Solutions for Class 9 Science Chapter 4 (Hindi Medium) 13
NCERT Solutions for Class 9 Science Chapter 4 (Hindi Medium) 14

प्र० 12. यदि तत्त्व को Z = 3 हो तो तत्त्व की संयोजकता क्या होगी? तत्त्व का नाम भी लिखिए।
उत्तर- चूँकि Z = 3 है। अर्थात परमाणु संख्या = 3 है।
NCERT Solutions for Class 9 Science Chapter 4 (Hindi Medium) 15
चूँकि इसके बाह्यतम कोश में 1 इलेक्ट्रॉन है अतः तत्त्व की संयोजकता = 1 होगी क्योंकि यह तत्त्व एक इलेक्ट्रॉन का त्याग कर सकता है। तथा परमाणु संख्या 3 वाले तत्त्व का नाम लीथियम Li है।

प्र० 13. दो परमाणु स्पीशीज़ के केंद्रकों का संघटन नीचे दिया गया है।
NCERT Solutions for Class 9 Science Chapter 4 (Hindi Medium) 16
X और Y की द्रव्यमान संख्या ज्ञात कीजिए। इन दोनों स्पीशीज़ में क्या संबंध है?
उत्तर- द्रव्यमान संख्या = (प्रोटॉनों की संख्या + न्यूट्रॉनों की संख्या)
अतः X का परमाणु द्रव्यमान = 6 + 6 = 12
X की परमाणु संख्या = प्रोटॉनों की संख्या = 6
Y को द्रव्यमान संख्या = 6 + 8 = 14
Y की परमाणु संख्या = प्रोटॉनों की संख्या = 6
चूँकि दो परमाणु स्पीशीज़ X और Y की परमाणु संख्या 6 समान है परंतु उनकी द्रव्यमान संख्या अलग-अलग 12 और 14 है।
अत: ये दोनों एक दूसरे के समस्थानिक हैं अर्थात कार्बन के समस्थानिक [\(_{ 12 }^{ 6 }{ C }\) और [\(_{ 14 }^{ 6 }{ C }\) हैं।

प्र० 14. निम्नलिखित वक्तव्यों में गलत के लिए F और सही के लिए T लिखें
(a) जे०जे० टॉमसन ने यह प्रस्तावित किया था कि परमाणु के केंद्रक में केवल न्यूक्लीयॉन्स होते हैं।
(b) एक इलेक्ट्रॉन और प्रोटॉन मिलकर न्यूट्रॉन का निर्माण करते हैं। इसलिए यह अनावेशित होता है।
(c) इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान प्रोटॉन से लगभग \(\frac { 1 }{ 2000 }\) गुणा होता है।
(d) आयोडीन के समस्थानिक का इस्तेमाल टिंक्चर आयोडीन बनाने में होता है। इसका उपयोग दवा के रूप में होता है।
उत्तर-
(d) F
(b) F
(c) T
(d) F

प्रश्न संख्या 15, 16 और 17 में सही के सामने (✓) का चिह्न और गलत के सामने (✗) का चिह्न लगाइए।

प्र० 15. रदरफोर्ड का अल्फा कण प्रकीर्णन प्रयोग किसकी खोज के लिए उत्तरदायी था?
(a) परमाणुक केंद्रक
(b) इलेक्ट्रॉन
(c) प्रोटॉन
(d) न्यूट्रॉन
उत्तर-
(a) (✓)
(b) ( )
(c) ( )
(d) ( )

प्र० 16. एक तत्त्व के समस्थानिक में होते हैं
(a) समान भौतिक गुण
(b) भिन्न रासायनिक गुण
(c) न्यूट्रॉनों की अलग-अलग संख्या
(d) भिन्न परमाणु संख्या
उत्तर-
(a) ( )
(b) ( )
(c) (✓)
(d) ( )

प्र० 17. Cl – आयन में संयोजकता-इलेक्ट्रॉनों की संख्या है
(a) 16
(b) 8
(c) 17
(d) 18
उत्तर-
(d) ( )
(b) (✓)
(c) ( )
(d) ( )

प्र० 18. सोडियम का सही इलेक्ट्रॉनिक विन्यास निम्न में कौन सा है?
(a) 2, 8
(b) 8, 2, 1
(c) 2, 1, 8
(d) 2, 8, 1
उत्तर-
(d) 2, 8, 1

प्र० 19. निम्न सारणी को पूरा कीजिए-
NCERT Solutions for Class 9 Science Chapter 4 (Hindi Medium) 17
उत्तर-
NCERT Solutions for Class 9 Science Chapter 4 (Hindi Medium) 18

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NCERT Solutions for Class 9 Social Science Economics Chapter 1 The Story of Village Palampur (Hindi Medium)

NCERT Solutions for Class 9 Social Science Economics Chapter 1 The Story of Village Palampur (Hindi Medium)

NCERT Solutions for Class 9 Social Science Economics Chapter 1 The Story of Village Palampur (Hindi Medium)

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प्रश्न अभ्यास
पाठ्यपुस्तक से

प्रश्न 1. भारत की जनगणना के दौरान दस वर्ष में एक बार प्रत्येक गाँव का सर्वेक्षण किया जाता है। पालमपुर से संबंधित सूचनाओं के आधर पर निम्न तालिका को भरिएः

(क) अवस्थिति क्षेत्र ।
(ख) गाँव का कुल क्षेत्र
(ग) भूमि का उपयोग (हेक्टेयर में
NCERT Solutions for Class 9 Social Science Economics Chapter 1 (Hindi Medium) 1
(घ) सुविधाएँ
NCERT Solutions for Class 9 Social Science Economics Chapter 1 (Hindi Medium) 2
उत्तर :
(क) अवस्थिति क्षेत्र : पडोसी गाँवों व कस्बों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। निकटतम छोटा कस्बा साहपुर एवं निकटतम बड़ा गाँव रायगंज है।
(ख) गाँव का कुल क्षेत्र : 200 + 50 + 26 = 276 हैक्टेयर
(ग) भूमि का उपयोग (हेक्टेयर में)
NCERT Solutions for Class 9 Social Science Economics Chapter 1 (Hindi Medium) 3
(घ) सुविधाएँ : शैक्षिक
NCERT Solutions for Class 9 Social Science Economics Chapter 1 (Hindi Medium) 4

प्रश्न 2. खेती की आधुनिक विधियों के लिए ऐसे अधिक आगतों की आवश्यकता होती है, उन्हें उद्योगों में विनिर्मित किया जाता है, क्या आप सहमत हैं?

उत्तर : हाँ, आधुनिक कृषि तरीकों को कारखाने में निर्मित अधिक संसाधन चाहिए। एचवाईवी बीजों को अधिक पानी चाहिए और इसके साथ ही बेहतर नतीजों के लिए रासायनिक खाद, कीटनाशक भी चाहिए। किसान सिंचाई के लिए नलकूप लगाते हैं। ट्रैक्टर एवं भैसर जैसी मशीनें भी प्रयोग की गयी। एचवाईवी बीजों की सहायता से गेहूं की पैदावार 1300 किलोग्राम प्रति हैक्टेयर से बढ़कर 3200 किलोग्राम प्रति हैक्टेयर तक हो गई और अब किसानों के पास बाजार में बेचने के लिए अधिक मात्रा में फालतू गेहूँ। है।

प्रश्न 3. पालमपुर में बिजली के प्रसार ने किसानों की किस तरह मदद की?
उत्तर : बिजली से खेतों में स्थित सभी नलकूपों एवं विभिन्न प्रकार के छोटे उद्योगों को विद्युत ऊर्जा मिलती है। पालमपुर के किसानों की बिजली के प्रसार ने विभिन्न तरीकों से सहायता की है :

(क) इसने पालमपुर के किसानों को अपने खेतों की सिंचाई बेहतर तरीके से करने में सहायता की | है। इससे पहले वे रहट के द्वारा सिंचाई करते आए थे जो अधिक प्रभावशाली तरीका नहीं था। किन्तु अब बिजली की सहायता से वे अधिक बड़े क्षेत्र को कम समय में अधिक प्रभावशाली तरीके से सींच सकते थे।
(ख) बिजली से सिंचाई प्रणाली में सुधार के कारण किसान पूरे वर्ष के दौरान विभिन्न फसलें उगा सकते थे।
(ग) उन्हें मानसून की बरसात पर निर्भर रहने की आवश्यकता नहीं है जो कि अनिश्चित एवं भ्रमणशील
(घ) बिजली के प्रयोग के कारण पालमपुर के किसानों को बहुत से हाथ के कामों एवं चिंताओं से मुक्ति मिल गई।

प्रश्न 4. क्या सिंचित क्षेत्र को बढ़ाना महत्त्वपूर्ण है ? क्यों ?
उत्तर : सिंचित क्षेत्र को बढ़ाना जरूरी है क्योंकि भारत में मॉनसून की बरसात अनिश्चित व भ्रमणशील है। कृषि के अंतर्गत आने वाली भूमि किसानों के लिए पर्याप्त नहीं है। यदि किसानों को सिंचित भूमि खेती के लिए उपलब्ध हो जाती है तो वे थोड़ी जमीन पर ही अधिक उत्पादन कर सकते हैं।

प्रश्न 5. पालमपुर के 450 परिवारों में भूमि के वितरण की एक सारणी बनाइए।
उत्तर :
NCERT Solutions for Class 9 Social Science Economics Chapter 1 (Hindi Medium) 5

प्रश्न 6. पालमपुर में खेतिहर श्रमिकों की मज़दूरी न्यूनतम मज़दूरी से कम क्यों है?
उत्तर : पालमपुर में खेतिहर मजदूरों में काम के लिए परस्पर प्रतिस्पर्धा है। इसलिए लोग कम दरों पर मजदूरी के लिए तैयार हो जाते हैं।

प्रश्न 7. अपने क्षेत्र में दो श्रमिकों से बात कीजिए। खेतों में काम करने वाले या विनिर्माण कार्य में लगे मज़दूरों में से किसी को चुनें। उन्हें कितनी मज़दूरी मिलती है? क्या उन्हें नकद पैसा मिलता है। या वस्तु-रुप में? क्या उन्हें नियमित रुप से काम मिलता है? क्या वे कर्ज़ में हैं?
उत्तर : हमारे क्षेत्र में रामदयाल और लक्ष्मी दो खेतिहर मजदूर हैं जो एक निर्माण स्थल पर काम करते हैं। उन्हें मजदूरी के रूप में 70-80 रुपए मिलते हैं। हाँ, उन्हें मजदूरी नकद मिलती है। उनमें से अधिकतर को नियमित रूप से काम नहीं मिलता क्योंकि बहुत से लोग कम दरों पर काम करने के लिए राजी हो जाते हैं। क्योंकि उन्हें कम मजदूरी मिलती है इसलिए वे कर्ज में डूबे हुए हैं। कम मजदूरी के कारण वे बड़ी कठिनाई से परिवार का भरण-पोषण कर पाते हैं।

प्रश्न 8. एक ही भूमि पर उत्पादन बढ़ाने के अलग-अलग कौन से तरीके हैं? समझाने के लिए उदाहरणों का प्रयोग कीजिए।
उत्तर : उत्पादन बढ़ाने के तरीके : बहुविध फसल प्रणाली : भूमि के एक ही टुकड़े पर एक ही वर्ष में कई फसलें उगाना बहुविध
फसल प्रणाली कहलाता है। इस भू-भाग पर कृषि उत्पादन बढ़ाने का यह सबसे प्रचलित तरीका है। पालमपुर के सभी किसान कम से कम दो फसलें उगाते हैं; पिछले पंद्रह से बीस वर्षों से कई लोग तीसरी फसल के रूप में आलू उगाते हैं। आधुनिक कृषि तरीकों के प्रयॊग : पंजाब, हरियाणा एवं पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसान आधुनिक कृषि तरीकों को अपनाने वाले भारत के पहले किसान थे। इन क्षेत्रों के किसानों ने सिंचाई के लिए नलकूपों, एच.वाई.वी. बीज, रासायनिक खादों एवं कीटनाशकों का प्रयोग किया। ट्रैक्टर एवं भ्रेशर का भी प्रयोग किया गया जिससे जुताई एवं फसल की कटाई आसान हो गई। उन्हें अपने प्रयासों में सफलता मिली और उन्हें गेहूं की अधिक पैदावार के रूप में इसका प्रतिफल मिला। एचवाईवी बीजों की सहायता से पैदावार 1300 किलोग्राम प्रति हैक्टेयर से बढ़कर 3200 किलोग्राम प्रति हैक्टेयर तक हो गई और अब किसानों के पास बहुत सा अधिशेष गेहूँ बाजार में बेचने के लिए होता है।

प्रश्न 9. एक हेक्टेयर भूमि के मालिक किसान के कार्य का ब्यौरा दीजिए।
उत्तर : भूमि को मापने की मानक इकाई हेक्टेयर है। एक हेक्टेयर 100 मीटर की भुजा वाले वर्गाकार भूमि के टुकड़े के क्षेत्रफल के बराबर होता है।
एक किसान जो एक हेक्टेयर भूमि पर काम करता है उसे कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। एक छोटा किसान जानता है कि वह इतने छोटे खेत पर काम करके अपने दोनों समय के खाने का प्रबंध नहीं कर सकता। इसलिए उसे अपने खेत पर काम करने के बाद 35-40 रूपए प्रतिदिन के हिसाब से किसी बड़े किसान के खेतों में काम करना पड़ता है। यदि वह अपने ही खेत पर खेती शुरू करता है तो न उसके पास इसके लिए जरूरी साधन हैं, न बीज, खाद व कीटनाशक खरीदने के पैसे। एक बहुत छोटा किसान होने के कारण उसके पास कोई उपस्कर एवं कार्यशील पूँजी नहीं है। इन सब चीजों का प्रबंध करने के लिए उसे या तो किसी बड़े किसान से या फिर किसी व्यापारी अथवा साहूकार से ऊँची ब्याज दरों पर धन उधार लेना पड़ता था। इतनी मेहनत करने के बाद भी इस बात की संभावना रहती थी कि वो कर्ज में डूब जाए जो कि सदैव उसके लिए बहुत बड़ी चिंता
का कारण रहता था।

प्रश्न 10.मझोले और बड़े किसान कृषि से कैसे पूँजी प्राप्त करते है? वे छोटे किसानों से कैसे भिन्न है?
उत्तर : आधुनिक कृषि तरीकों में बहुत से धन की आवश्यकता होती है। मझोले एवं बड़े किसानों की कुछ अपनी बचत होती है। इस प्रकार वे जरूरी पूँजी का प्रबंध कर लेते हैं। दूसरी ओर अधिकतर छोटे किसानों को पूँजी का प्रबंध करने के लिए बड़े किसानों या व्यापारियों से पैसा उधार लेना पड़ता है। इस प्रकार के ऋणों की ब्याज दर भी प्रायः अधिक होती है। इस ऋण को वापस करने के लिए उन्हें बहुत मेहनत करनी पड़ती है। 2 हेक्टेयर से कम भूमि वाले किसानों को मझोले व बड़े किसानों की तुलना में अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

प्रश्न 11.सविता को किन भात पर तेजपाल सिंह से ऋण मिला है? क्या ब्याज़ की कम दर पर बैंक से कर्ज़ मिलने पर सविता की स्थिति अलग होती?
उत्तर : तेजपाल सिंह ने सविता को 24 प्रतिशत की ब्याज दर पर 4 महीने के लिए पैसा देना स्वीकार किया। जो कि बहुत अधिक ब्याज दर है। सविता एक कृषि मजदूर के रूप में कटाई के समय 35 रुपए प्रतिदिन की दर पर उसके खेतों में काम करने को भी सहमत होती है। तेजपाल सिंह द्वारा सविता से लिया जाने वाला ब्याज बैंक की अपेक्षा बहुत अधिक था। यदि सविता इसकी अपेक्षा बैंक से उचित ब्याज दर पर ऋण ले पाती तो उसकी हालत निश्चय ही इससे अच्छी होती।।

प्रश्न 12. अपने क्षेत्र के कुछ पुराने निवासियों से बात कीजिए और पिछले 30 वर्षों में सिंचाई और उत्पाद के तरीकों में हुए परिवर्तनों पर एक संक्षिप्त रिपोर्ट लिखिए (वैकल्पिक)।
उत्तर : पुराने निवासियों से बात करने पर पिछले 30 सालों में सिंचाई और उत्पादन के तरीकों में हुए परिवर्तन से मुझे पता चला कि 30 वर्ष पहले खेती के पुराने तरीके प्रयोग किए जाते थे। किसान अपने खेतों को बैलों की सहायता से जोतते थे। सिंचाई की बहुत अधिक सुविधाएं नहीं थी। वे मॉनसून की बरसातों पर निर्भर रहते थे जो कि बहुत अनियमित होती थी। रहट को उस समय कुओं से पानी निकालने के लिए प्रयोग किया जाता था। किन्तु तकनीक में प्रगति के साथ किसानों ने सिंचाई के लिए नलकूप लगवा लिए हैं और एच.वाई.वी. बीजों, रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों की सहायता से खेती करने लगे हैं। यहाँ तक कि खेतों में ट्रैक्टर एवं मशीनों का प्रयोग किया जाता है जिसने जुताई एवं फसल कटाई को तेज कर दिया है।

प्रश्न 13. आपके क्षेत्र में कौन से गैर-कृषि उत्पादन कार्य हो रहे हैं? इनकी एक संक्षिप्त सूची बनाइए।
उत्तर : डेयरी, विनिर्माण, दुकानदारी, परिवहन, मुर्गी पालन, दर्जी, बढई आदि गैर-कृषि उत्पादन कार्य हमारे क्षेत्र में किए जाते हैं।

प्रश्न 14. गाँवों में और अधिक गैर-कृषि कार्य प्रारंभ करने के लिए क्या किया जा सकता है?
उत्तर : हमारे गाँव में लगभग 75 प्रतिशत लोग कृषि पर निर्भर हैं जिनमें किसान और खेतीहर मजदूर दोनों शामिल हैं। किन्तु उनकी आर्थिक दशा शोचनीय है। उनकी जनसंख्या दिन पर दिन बढ़ती जा रही है जबकि भूमि स्थिर है। और कृषि क्रियाओं में और अधिक मजदूरों को काम मिल पाने की संभावना बहुत कम है। इसलिए गैर-कृषि कार्यों में वृद्धि करना बहुत जरूरी हो गया है ताकि कुछ खेतीहर मजदूरों को उनमें काम मिल सके; जैसे कि डेयरी, विनिर्माण, दुकानदारी, परिवहन, मुर्गी पालन, दर्जी, शैक्षिक कार्य आदि गैर-कृषि क्रियाएं । यहाँ तक कि किसान भी इस प्रकार के कामों में शामिल हो सकते हैं जब उनके पास खेतों में कुछ अधिक काम नहीं होता हो और वे बेरोजगार हों। यह उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार करने में सहायक सिद्ध होगा।

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NCERT Solutions for Class 9 Science Chapter 12 Sound (Hindi Medium)

NCERT Solutions for Class 9 Science Chapter 12 Sound (Hindi Medium)

NCERT Solutions for Class 9 Science Chapter 12 Sound (Hindi Medium)

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पाठगत हल प्रश्न (NCERT IN-TEXT QUESTIONS SOLVED)

NCERT पाठ्यपुस्तक (पृष्ठ संख्या 182)

प्र० 1. किसी माध्यम में ध्वनि द्वारा उत्पन्न विक्षोभ आपके कानों तक कैसे पहुँचता है?
उत्तर- जब कोई वस्तु कंपन करती है तो अपने चारों ओर
माध्यम के कणों को भी कंपमान कर देती है। ये कण कंपमान वस्तु से स्वयं चलकर हमारे कानों तक नहीं पहुँचते हैं बल्कि कंपमान वस्तु के सबसे नजदीक वाले माध्यम के कण अपनी संतुलित अवस्था से विस्थापित हो जाते हैं जो अपने निकटवर्ती कण पर बल लगाकर उसे भी विस्थापित कर देते हैं तथा प्रारंभिक कण वापस अपनी मूल अवस्था में लौट आते हैं। माध्यम में यह प्रक्रिया तब तक चलती रहती है जब तक कि ध्वनि हमारे कानों तक नहीं पहुँच जाती है। इस तरह माध्यम में ध्वनि द्वारा उत्पन्न विक्षोभ (माध्यम के कण नहीं) माध्यम से होता हुआ संचरित होता है।

NCERT पाठ्यपुस्तक (पृष्ठ संख्या 182)

प्र० 1. आपके विद्यालय की घंटी, ध्वनि कैसे उत्पन्न करती है?
उत्तर- हमारे विद्यालय की घंटी मिश्रधातु से बनी होती है। जिसे हथौड़े की चोट से कंपमान किया जाता है। कंपन के कारण हवा में विक्षोभ उत्पन्न होता है। तरंग एक विक्षोभ है जो हवा में आगे-पीछे कंपन करती हुई हमारे कानों तक पहुँच जाती है। माध्यम के कण केवल दोलन करते हैं और विक्षोभ आगे बढ़ जाता है।

प्र० 2. ध्वनि तरंगों को यांत्रिक तरंगें क्यों कहते हैं?
उत्तर- ध्वनि तरंगों के गमन के लिए किसी माध्यम; जैसे-वायु, जल स्टील आदि की आवश्यकता होती है। यह निर्वात से होकर नहीं चल सकती। ध्वनि तरंगें तभी संचरित हो सकती हैं जब उसके माध्यम के कण आगे-पीछे कंपन करें और विक्षोभ आगे बढ़ जाए।

प्र० 3. मान लीजिए कि आप अपने मित्र के साथ चंद्रमा पर गए हुए हैं। क्या आप अपने मित्र द्वारा उत्पन्न ध्वनि को सुन पाएँगे?
उत्तर- नहीं, क्योंकि ध्वनि तरंग के संचरण के लिए माध्यम की आवश्यकता होती है जबकि चंद्रमा पर वायुमंडल नहीं होता है।
अतः निर्वात में ध्वनि संचरित नहीं हो सकती।

NCERT पाठ्यपुस्तक (पृष्ठ संख्या 186)

प्र० 1. तरंग का कौन-सा गुण निम्नलिखित को निर्धारित करता
(a) प्रबलता,
(b) तारत्व।
उत्तर-
(a) प्रबलता (Loudness): ध्वनि की प्रबलता कंपन का आयाम निर्धारित करती है। जितना अधिक आयाम होगा, ध्वनि उतनी ही प्रबल होगी।

(b) तारत्व (Pitch): ध्वनि का तारत्व कंपन की आवृत्ति निर्धारित करता है। जितना अधिक आवृत्ति होगी, उतना अधिक तारत्व होगा।

प्र० 2. अनुमान लगाइए कि निम्न में से किस ध्वनि का तारत्व अधिक है?
(a) गिटार, (b) कार का हार्न।
उत्तर- (b) कार का हार्न।

NCERT पाठ्यपुस्तक (पृष्ठ संख्या 186)

प्र० 1. किसी ध्वनि तरंग की तरंगदैर्घ्य, आवृत्ति, आवर्त काल तथा आयाम से क्या अभिप्राय है?
उत्तर- तरंगदैर्घ्य (Wavelength): दो क्रमागत संपीडनों (C) या क्रमागत विरलनों (R) के बीच की दूरी तरंगदैर्ध्य कहलाती है। तरंगदैर्घ्य को λ (ग्रीक अक्षर लैम्डा) से निरूपित किया जाता है। इसका SI मात्रक मीटर (m) है।

  • विकल्पतः एक पूर्ण दोलन (Oscillation) में कोई तरंग जितनी दूरी तय करती है, उसे तरंगदैर्ध्य कहते
  • आवृत्ति (Frequency): एकांक समय में होने वाले दोलनों की कुल संख्या को आवृत्ति कहते हैं। इसे v (ग्रीक अक्षर, न्यू) से प्रदर्शित (निरूपित) किया जाता है। आवृत्ति का SI मात्रक हर्ट्ज (hertz) है। जिसे प्रतीक Hz से व्यक्त करते हैं।
  • आवर्त काल (Time period): तरंग द्वारा माध्यम के घनत्व के एक संपूर्ण दोलन में लिए गए समय को आवर्त काल (T) कहते हैं। दूसरे शब्दों में दो क्रमागत संपीडनों या दो क्रमागत विरलनों को किसी निश्चित बिंदु से गुजरने में लगे समय को तरंग का आवर्त काल कहते हैं। इसका SI मात्रक सेकंड (S) है।
  • आयाम (Amplitude): किसी तरंग के संचरण में माध्यम के कणों का मूल स्थिति के दोनों ओर अधिकतम विस्थापन (या विक्षोभ) आयाम कहलाता है। इसे साधारणतः ‘A’ द्वारा निरूपित किया जाता है। इसका मात्रक दाब या घनत्व का मात्रक होता है। ध्वनि की प्रबलता अथवा मृदुता मूलत: इसके आयाम से ज्ञात की जाती है।

प्र० 2. किसी ध्वनि तरंग की तरंगदैर्घ्य तथा आवृत्ति उसके वेग से किस प्रकार संबंधित है?
उत्तर- तरंग का वेग = आवृत्ति x तरंगदैर्घ्य υ = v x λ.

प्र० 3. किसी दिए हुए माध्यम में एक ध्वनि तरंग की आवृत्ति 220 Hz तथा वेग 440 m/s है। इस तरंग की तरंगदैर्घ्य परिकलित कीजिए।
Class 9 Science Chapter 12 Intext Questions page 186

प्र० 4. किसी ध्वनिस्रोत के 450 m दूरी पर बैठा हुआ कोई मनुष्य 500 Hz की ध्वनि सुनता है। स्रोत से मनुष्य के पास तक पहुँचने वाले दो क्रमागत संपीडनों में कितना समय अंतराल होगा?
Class 9 Science Chapter 12 Intext Questions page 186 answers in pdf hindi
नोटः [क्रमागत संपीडनों के बीच लगा समय अर्थात आवर्त काल T वस्तु की स्थिति (दूरी d = 450 m) पर निर्भर नहीं करता है। यह केवल भ्रमित करने के लिए दिया गया है ताकि छात्रों के कौशल की सही जाँच की जा सके।]

NCERT पाठ्यपुस्तक ( पृष्ठ संख्या 187)

प्र० 1. ध्वनि की प्रबलता और तीव्रता में अंतर बताइए।
उत्तर-
Class 9 Science Chapter 12 Intext Questions page 187

NCERT पाठ्यपुस्तक ( पृष्ठ संख्या 188 )

प्र० 1. वायु, जल या लोहे में से किस माध्यम में ध्वनि सबसे तेज चलती है?
उत्तर- दिए गए माध्यमों में से ध्वनि, एक खास तापमान पर लोहे में सबसे तेज चलती है।

NCERT पाठ्यपुस्तक (पृष्ठ संख्या 189)

प्र० 1. कोई प्रतिध्वनि 3s पश्चात सुनाई देती है। यदि ध्वनि की चाल 342 m s-1 हो तो स्रोत तथा परावर्तक पृष्ठ के बीच कितनी दूरी होगी?
उत्तर- वायु में ध्वनि की चाल = 342 m/s
Class 9 Science Chapter 12 Intext Questions page 188

NCERT पाठ्यपुस्तक (पृष्ठ संख्या 190)

प्र० 1. कंसर्ट हॉल की छतें वक्राकार क्यों होती हैं?
उत्तर- कंसर्ट हॉल की छतें वक्राकार इसलिए बनाई जाती हैं। ताकि परावर्तन के बाद ध्वनि हॉल के सभी भागों में पहुँच जाए। वक्राकार छतें वास्तव में एक बड़े अवतल ध्वनि-पट्ट (Sound board) की तरह कार्य करती हैं जो ध्वनि को नीचे सभी स्रोताओं (Audience) तक परावर्तित कर पहुँचा देती हैं।

NCERT पाठ्यपुस्तक (पृष्ठ संख्या 191)

प्र० 1. सामान्य मनुष्य के कानों के लिए श्रव्यता परिसर क्या है?
उत्तर- सामान्य मनुष्य के कानों के लिए श्रव्यता परिसर
20 Hz से 20,000 Hz (या 20 kHz) है।

प्र० 2. निम्न से संबंधित आवृत्तियों का परिसर क्या है?
(a) अवश्रव्य ध्वनि
(b) पराध्वनि
उत्तर-
(a) 20 Hz से कम आवृत्ति की ध्वनियों को अवश्रव्य ध्वनि कहते हैं।
(b) 20 kHz या 20,000 Hz से अधिक आवृत्ति की। ध्वनियों को पराध्वनि या पराश्रव्य ध्वनि कहते हैं।

NCERT पाठ्यपुस्तक ( पृष्ठ संख्या 193)

प्र० 1. एक पनडुब्बी सोनार स्पंद उत्सर्जित करती है, जो पानी के अंदर एक खड़ी चट्टान से टकराकर 1.02s के पश्चात् वापस लौटता है। यदि खारे पानी में ध्वनि की चाल 1531 m/s हो, तो चट्टान की दूरी ज्ञात कीजिए।
Class 9 Science Chapter 12 Intext Questions page 193

पाठ्यपुस्तक से हल प्रश्न (NCERT TEXTBOOK QUESTIONS SOLVED)

प्र० 1. ध्वनि क्या है और यह कैसे उत्पन्न होती है?
उत्तर- ध्वनि ऊर्जा का एक रूप है जिसके कारण हम सुन पाते हैं। ध्वनि तभी उत्पन्न होती है जब कोई वस्तु कंपन (Vibrate) करती है; जैसेः सितार के तार का कंपन करना।

प्र० 2. एक चित्र की सहायता से वर्णन कीजिए कि ध्वनि के स्रोत के निकट वायु में संपीडन तथा विरलन कैसे उत्पन्न होते हैं?
9 Science Chapter 12 Sound अभ्यास के प्रश्न उत्तर
माना कि स्वरित्र द्विभुज (Tuning fork) ध्वनि का स्त्रोत है।
(i) जब यह आगे की ओर कंपन करती है तो अपने सामने की वायु को धक्का देकर संपीडित करती है और इस प्रकार एक उच्च दाब का क्षेत्र उत्पन्न होता है। इस क्षेत्र को संपीडन (C) कहते हैं।
(ii) यह संपीडन कंपमान वस्तु जैसे ट्यूनिंग फॉर्क से दूर आगे की ओर गति करता है।
(iii) जब ट्यूनिंग फॉर्क की भुजा वापस अंदर की ओर (पीछे की ओर) कंपनं करता है तो एक निम्न दाब का क्षेत्र उत्पन्न होता है जिसे विरलन (R) कहते हैं।
(iv) इस तरह जब वस्तु कंपन करती है तो वायु में संपीडन और विरलन की एक श्रेणी बन जाती है। यही संपीडन और विरलन ध्वनि तरंग बनाते हैं जो माध्यम से होकर संचरित होती

प्र० 3. किस प्रयोग से यह दर्शाया जा सकता है कि ध्वनि संचरण के लिए एक द्रव्यात्मक माध्यम की आवश्यकता होती है?
उत्तर- विधि :

  • एक विद्युत घंटी और काँच का वायुरुद्ध बेलजार लीजिए। विद्युत घंटी को बेलजार में लटकाइए।
  • बेलजार को एक निर्वात पंप से जोड़िए।
  • घंटी के स्विच को दबाने पर आप उसकी ध्वनि सुन सकते हैं।
  • अब निर्वात पंप को चलाइए और प्रेक्षणों को नोट कीजिए।
    9 Science Chapter 12 Sound Exercises in hindi
    प्रेक्षण :
    (i) जैसे-जैसे अधिकाधिक वायु पात्र से निकाली जाती है; घंटी की ध्वनि धीमी होती जाती है।
    (ii) जब बेलजार से संपूर्ण वायु निकल जाती है। ध्वनि बिलकुल नहीं सुनी जा सकती है। अतः ध्वनि तरंगों को ले जाने के लिए द्रव्यात्मक माध्यम आवश्यक है।
    निष्कर्ष : ध्वनि द्रव्यमान माध्यम के बिना संचारित नहीं हो सकती।

प्र० 4. ध्वनि तरंगों की प्रकृति अनुदैर्ध्य क्यों है?
उत्तर- जब माध्यम के कणों का विस्थापन तरंग संचरण की दिशा के समांतर हो तो उसे अनुदैर्ध्य तरंग कहते हैं। ध्वनि तरंग संपीडन (C) और विरलन (R) के रूप में संचरित होती है तथा माध्यम (वायु) के कण आगे-पीछे तरंग के संचरण की समांतर दिशा में गति करते हैं।
अतः ध्वनि तरंगों को अनुदैर्घ्य तरंग कहते हैं।

प्र० 5. ध्वनि का कौन-सा अभिलक्षण किसी अन्य अंधेरे कमरे में बैठे आपके मित्र की आवाज पहचानने में आपकी सहायता करता है?
उत्तर- ध्वनि की गुणता (Quality or timber)

प्र० 6. तड़ित की चमक तथा गर्जन साथ-साथ उत्पन्न होते हैं। लेकिन चमक दिखाई देने के कुछ सेकंड पश्चात् गर्जन सुनाई देती है। ऐसा क्यों होता है?
उत्तर- ऐसा प्रकाश की काफी उच्च चाल के कारण होता है।
प्रकाश को चाल (C = 3 x 108 m/s) है जबकि ध्वनि का चाल 346 m/s (25°C पर) होता है।
स्पष्टतः ध्वनि को आकाश से धरती तक आने में कुछ समय लग जाता है परंतु प्रकाश लगभग तुरंत दिखाई देती है।

प्र० 7. किसी व्यक्ति का औसत श्रव्य परिसर 20 Hz से 20 kHz है। इन दो आवृत्तियों के लिए ध्वनि तरंगों की तरंगदैर्घ्य ज्ञात कीजिए।
9 Science Chapter 12

प्र० 8. दो बालक किसी एलुमिनियम पाइप के दो सिरों पर हैं। एक बालक पाइप के एक सिरे पर पत्थर से आघात करता है। दूसरे सिरे पर स्थित बालक तक वायु तथा ऐलुमिनियम से होकर जाने वाली ध्वनि तरंगों द्वारा लिए गए समय को अनुपात ज्ञात कीजिए।
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प्र० 9. किसी ध्वनि स्रोत की आवृत्ति 100 Hz है। एक मिनट में यह कितनी बार कंपन करेगा?
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प्र० 10. क्या ध्वनि परावर्तन के उन्हीं नियमों का पालन करती है जिनका कि प्रकाश की तरंगें करती हैं? इन नियमों को बताइए।
उत्तर- हाँ, ध्वनि भी परावर्तन के उन्हीं नियमों का पालन करती है जिनका कि प्रकाश की तरंगें करती हैं। ध्वनि के परावर्तन का नियमः
(i) आपतित ध्वनि तरंग, परावर्तित ध्वनि तरंग तथा आपतन बिंदु पर खींचे गए अभिलंब। ये तीनों एक ही तल में होते हैं।
(ii) परावर्तक पृष्ठ के आपतन बिंदु पर खींचे गए अभिलंब तथा ध्वनि के आपतन होने की दिशा तथा परावर्तन होने की दिशा के बीच का कोण
आपस में बराबर होते हैं।
i.e., ∠i = ∠r

प्र० 11. ध्वनि का एक स्रोत किसी परावर्तक पृष्ठ के सामने रखने पर उसके द्वारा प्रदत्त ध्वनि तरंग की प्रतिध्वनि सुनाई देती है। यदि स्रोत तथा परावर्तक शीघ्र की दूरी स्थिर रहे तो किस दिन प्रतिध्वनि अधिक शीघ्र सुनाई देगी|
(i) जिस दिन (ताप) अधिक हो?
(ii) जिस दिन (ताप) कम हो?
उत्तर- अधिक तापमान वाले दिन प्रतिध्वनि शीघ्र सुनाई देगी।
कारणः प्रतिध्वनि का समय t = \(\frac { 2d }{ \nu }\), d= परावर्तक पृष्ठ की स्रोत से दूरी
चूँकि परावर्तक पृष्ठ की दूरी (d) स्थिर है इसलिए प्रतिध्वनि का समय ध्वनि के चाल का व्युत्क्रमानुपाती होगा। ताप में वृद्धि होने पर उस माध्यम में ध्वनि की चाल भी बढ़ती है।
अतः अधिक ताप वाले दिन ध्वनि की चाल अधिक होगी और प्रतिध्वनि शीघ्र सुनाई देगी।

प्र० 12. ध्वनि तरंगों के परावर्तन के दो व्यावहारिक उपयोग लीखिए।
उत्तर-
(i) मेगाफोन या लाउडस्पीकर, हार्न तथा शहनाई जैसे वाद्य यंत्रः ये सभी इस प्रकार बनाए जाते हैं कि ध्वनि सभी दिशाओं में फैले बिना केवल एक विशेष दिशा में ही जाती है। यह स्रोत से उत्पन्न होने वाली ध्वनि तरंगों को बार-बार परावर्तित करके श्रोताओं की ओर आगे की दिशा में भेज देता है।

(ii) स्टेथोस्कोप: में रोगी के हृदय की धड़कन की ध्वनि बार-बार परावर्तन के कारण डॉक्टर के कानों तक पहुँचती है।

प्र० 13. 500 मीटर ऊँची किसी मीनार की चोटी से एक पत्थर मीनार के आधार पर स्थित एक पानी के तालाब में गिराया जाता है। पानी में इसके गिरने की ध्वनि चोटी पर कब सुनाई देगी? (g = 10 m/s तथा ध्वनि की चाल = 340 m/s)
9 Science Chapter 12 Sound study online

प्र० 14. एक ध्वनि तरंग 339 m/s की चाल से चलती है। यदि इसकी तरंगदैर्घ्य 1.5 cm हो तो तरंग की आवृत्ति कितनी होगी? क्या ये श्रव्य होगी?
9 Science Chapter 12 Sound guide free

प्र० 15. अनुरणन क्या है? इसे कैसे कम किया जा सकता है?
उत्तर- किसी बड़े हॉल में उत्पन्न होने वाली ध्वनि दीवारों से बारंबार परावर्तन के कारण काफी समय तक बनी रहती है। यह बारंबार परावर्तन, जिसके कारण ध्वनि का स्थायित्व होता है, अनुरणन (Reverberation) कहलाता है। यह अवांछनीय होता है क्योंकि अत्यधिक अनुरणन के कारण स्पष्ट सुनाई नहीं देता हैं अनुरणन कम करने के निम्न उपाय हैं:

  • भवन की छतों तथा दीवारों पर ध्वनि अवशोषक पदार्थों जैसे संपीडित फाइबर बोर्ड, खुरदरे प्लास्टर अथवा पर्दै लगाते हैं।
  • सीटों के पदार्थों का चुनाव इनके ध्वनि अवशोषक गुणों के आधार पर करना।

प्र० 16. ध्वनि की प्रबलता से क्या अभिप्राय है? यह किन-किन कारकों पर निर्भर करती है?
उत्तर- प्रबलता ध्वनि के लिए कानों की संवेदनशीलता की माप है जिसके कारण मृदु ध्वनि (Soft sound) तथा प्रबल ध्वनि (Loud sound) में अंतर कर सके। ध्वनि की प्रबलता निम्नलिखित पर निर्भर करती है।

  • ध्वनि के दोलन आयाम (Amplitude of vibration of sound)
  • कानों की संवेदनशीलता (Sensitivity of ears)

प्र० 17. चमगादड़ अपना शिकार पकड़ने के लिए पराध्वनि का उपयोग किस प्रकार करता है?
उत्तर- चमगादड़ उड़ते समय पराध्वनि तरंगे उत्सर्जित (Emmits) करता है तथा परावर्तन के बाद इनका संसूचन (detect) करता है चमगादड़ द्वारा उत्पन्न उच्च तारत्व के पराध्वनि स्पंद अवरोधों या कीटों से परावर्तित होकर चमगादड़ के कानों तक पहुँचता है। इस तरह चमगादड़ को परावर्तित स्पंदों की प्रकृति से चमगादड़ को पता चलता है कि अवरोध या कीट कहाँ पर है और यह किस प्रकार का है। चमगादड़ द्वारा पराध्वनि उत्सर्जित होती है तथा अवरोध या कीटों द्वारा परावर्तित होती है।
Class 9 Science Chapter 12 Intext Questions page 190

प्र० 18. वस्तुओं को साफ करने के लिए पराध्वनि का उपयोग कैसे करते हैं?
उत्तर- पराध्वनि का उपयोग उन भागों को साफ करने में करते हैं जिन तक पहुँचना कठिन होता है; जैसेः सर्पिलाकार नली, विषम आकार के पुर्जे, इलेक्ट्रॉनिक अवयव आदि। वस्तुओं को साफ करने वाले मार्जन विलयन में पराध्वनि तरंगें भेजी जाती हैं। उच्च आवृत्ति होने के कारण धूल, चिकनाई, गंदगी के कण अलग होकर नीचे गिर जाते हैं। इस प्रकार वस्तु पूर्णतया साफ हो जाती है।

प्र० 19. सोनार की कार्यविधि तथा उपयोग का वर्णन कीजिए।
उत्तर- कार्यविधिः सोनार में एक प्रेषित (Transmitter) तथा संसूचक (detector) होता है। इसे किसी नाव या जहाज में चित्रानुसार लगा देते हैं प्रेषित द्वारा पराध्वनि तरंगें उत्पन्न तथा प्रेषित की जाती हैं जो समुद्र तल में स्थित किसी पिंड से टकराकर परावर्तित होती हैं और संसूचक द्वारा ग्रहण कर ली जाती हैं।
Class 9 Science Chapter 12 Intext Questions page 191
संसूचकः पराध्वनि तरंगों को विद्युत संकेतों में बदल देता है जिनकी उचित रूप से व्याख्या कर ली जाती है।
मान लीजिए पराध्वनि संकेतों के प्रेषण तथा अभिग्रहण का समयांतराल = t है।
समुद्री जल में ध्वनि की चाल = υ है।
तब सतह से पिंड की एक तरफ की दूरी (या गहराई) = d
सतह से पिंड तक तथा वापस सतह तक पराध्वनि द्वारा चली गई दूरी = 2d होगी
दूरी = चाल x समय
⇒ 2d = υ x t
⇒ d = \(\frac { \nu \quad \times \quad t }{ 2 }\) …(1)
उपयोगः उपर्युक्त समीकरण में ‘V’ तथा ‘t’ के मान प्रतिस्थापित कर हम ‘d ज्ञात कर लेते हैं।
(i) समुद्र की गहराई ज्ञात करने में
(ii) जल के अंदर स्थित चट्टानों, घाटियों, पनडुब्बियों, हिमशैल (प्लावी बर्फ़), डूबे हुए जहाज आदि की जानकारी प्राप्त करने के लिए किया जाता है।

प्र० 20. एक पनडुब्बी पर लगी एक सोनार युक्ति, संकेत भेजती है और उनकी प्रतिध्वनि 5s पश्चात् ग्रहण करती है। यदि पनडुब्बी से वस्तु की दूरी 3626 m हो तो ध्वनि की चाल की गणना कीजिए।
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प्र० 21. किसी धातु के ब्लॉक में दोषों का पता लगाने के लिए पराध्वनि का उपयोग कैसे किया जाता है, वर्णन कीजिए।
उत्तर- पराध्वनि तरंगों को धातु के ब्लॉक से प्रेषित की जाती है और प्रेषित तरंगों का पता लगाने के लिए संसूचकों (Detectors) का उपयोग किया जाता है। यदि थोड़ा-सा भी दोष होता है तो पराध्वनि तरंगें वापस परावर्तित हो जाती हैं जो कि धातु ब्लाक में दोष की उपस्थिति दर्शाती हैं।
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प्र० 22. मनुष्य का कान किस प्रकार कार्य करता है? विवेचना कीजिए।
उत्तर- बाहरी कान ‘कर्ण पल्लव’ कहलाता है। यह आसपास के परिवेश से ध्वनि एकत्रित करता है। एकत्रित ध्वनि श्रवण नालिका से गुजरती है। श्रवण नालिका के सिरक पर एक पतली झिल्ली होती है जिसे कर्ण पटल या कर्ण पटह झिल्ली कहते हैं। जब माध्यम के संपीडन कर्ण पटह तक पहुँचते हैं तो झिल्ली के बाहर की ओर लगने वाला दाब बढ़ जाता है और यह कर्ण पटह को अंदर की ओर दबाता है। इसी प्रकार, विरलने के पहुँचने पर कर्ण पटह बाहर की ओर गति करता है। इस प्रकार कर्ण पटह कंपन करता है। मध्य कर्ण में विद्यमान तीन हड्डियाँ। (मुग्दरक, निहाई तथा वलयक (स्टिरप)। इन कंपनों को कई गुना बढ़ा देती हैं। मध्य कर्ण ध्वनि तरंगों से मिलने वाले इन दाबे परिवर्तनों को आंतरिक कर्ण तक संचरित कर देता है। आंतरिक कर्ण में कर्णावर्त Cochlea) द्वारा दाब परिवर्तनों को विद्युत संकेतों को श्रवण तंत्रिका द्वारा मस्तिष्क तक भेज दिया जाता है और मस्तिष्क इनकी ध्वनि के रूप में व्याख्या करता है।
NCERT Solutions for Class 9 Science Chapter 12 Sound Exercises Question answers for mp and gujrat board

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NCERT Solutions for Class 9 Social Science Economics Chapter 2 People as Resource (Hindi Medium)

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प्रश्न अभ्यास

पाठ्यपुस्तक से

प्रश्न 1. ‘संसाधन के रूप में लोग’ से आप क्या समझते हैं ?
उत्तरः ‘संसाधन के रूप में लोग किसी देश के कार्यरत लोगों को उनके वर्तमान उत्पादन कौशल एवं योग्यताओं
का वर्णन करने का एक तरीका है। यह लोगों की सकल घरेलू उत्पाद के सृजन में योगदान करने की योग्यता पर बल देता है। अन्य संसाधनों की भांति जनसंख्या भी एक संसाधन है जिसे ‘मानव
संसाधन’ कहा जाता है।

प्रश्न 2. मानव संसाधन भूमि एवं भौतिक पूँजी जैसे अन्य संसाधनों से भिन्न कैसे हैं ?
उत्तरः कुछ लोग यह मानते हैं कि जनसंख्या एक दायित्व है न कि एक परिसंपत्ति। किन्तु यह सच नहीं है। लोगों को एक परिसंपत्ति बनाया जा सकता है यदि हम उनमें शिक्षा, प्रशिक्षण एवं चिकित्सा सुविधाओं के द्वारा निवेश करें। जिस प्रकार भूमि, जल, वन, खनिज आदि हमारे बहुमूल्य प्राकृतिक संसाधन हैं उसी प्रकार मनुष्य भी एक बहुमूल्य संसाधन हैं। लोग राष्ट्रीय परिसंपत्तियों के उपभोक्ता मात्र नहीं हैं। अपितु वे राष्ट्रीय संपत्तियों के उत्पादक भी हैं। वास्तव में मानव संसाधन अन्य संसाधनों जैसे कि भूमि तथा पूँजी की अपेक्षाकृत श्रेष्ठ हैं क्योंकि वे भूमि एवं पूँजी का प्रयोग करते हैं। भूमि एवं पूँजी स्वयं उपयोगी नहीं हो सकते।

प्रश्न 3. मानव पूँजी निर्माण में शिक्षा की क्या भूमिका है?
उत्तरः मानव पूँजी निर्माण अथवा मानव संसाधन विकास में शिक्षा की महत्त्वपूर्ण भूमिका है। शिक्षा एवं कौशल किसी व्यक्ति की आय को निर्धारित करने वाले मुख्य कारक हैं। किसी बच्चे की शिक्षा और प्रशिक्षण पर किए गए निवेश के बदले में वह भविष्य में अपेक्षाकृत अधिक आय एवं समाज में बेहतर योगदान के रूप में उच्च प्रतिफल दे सकता है। शिक्षित लोग अपने बच्चों की शिक्षा पर अधिक निवेश करते पाए जाते हैं। इसका कारण यह है कि उन्होंने स्वयं के लिए शिक्षा का महत्त्व जान लिया है। यह कहने की आवश्यकता नहीं है कि यह शिक्षा ही है जो एक व्यक्ति को उसके सामने उपलब्ध आर्थिक अवसरों का बेहतर उपयोग करने में सहायता करती है। शिक्षा श्रम की गुणवत्ता में वृद्धि करती है। और कुल उत्पादकता में वृद्धि करने में सहायता करती है। कुल उत्पादकता देश के विकास में योगदान देती है।

प्रश्न 4. मानव पूँजी निर्माण में स्वास्थ्य की क्या भूमिका है?
उत्तरः मानव पूँजी निर्माण अथवा मानव संसाधन विकास में स्वास्थ्य की महत्त्वपूर्ण भूमिका है।

(क) केवल एक पूर्णतः स्वस्थ व्यक्ति ही अपने काम के साथ न्याय कर सकता है। इस प्रकार यह किसी व्यक्ति के कामकाजी जीवन में महत्त्वपूर्ण            भूमिका अदा करता है।
(ख) एक अस्वस्थ व्यक्ति अपने परिवार, संगठन एवं देश के लिए दायित्व है। कोई भी संगठन ऐसे व्यक्ति को काम पर नहीं रखेगा जो खराब स्वास्थ्य        के कारण पूरी दक्षता से काम न कर सके।
(ग) स्वास्थ्य न केवल किसी व्यक्ति के जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाता है अपितु मानव संसाधन विकास में वर्धन करता है जिस पर देश के कई            क्षेत्रक निर्भर करते हैं।
(घ) किसी व्यक्ति का स्वास्थ्य अपनी क्षमता एवं बीमारी से लड़ने की योग्यता को पहचानने में सहायता करता है।

प्रश्न 5. किसी व्यक्ति के कामयाब जीवन में स्वास्थ्य की क्या भूमिका है?
उत्तरः हम सभी जानते हैं कि एक स्वस्थ शरीर में ही एक स्वस्थ दिमाग निवास करता है। स्वास्थ्य जीवन का एक महत्त्वपूर्ण पहलू है। स्वास्थ्य का अर्थ जीवित रहना मात्र ही नहीं है। स्वास्थ्य में शारीरिक, मानसिक, आर्थिक एवं सामाजिक सुदृढता शामिल हैं। स्वास्थ्य में परिवार कल्याण, जनसंख्या नियंत्रण, दवा नियंत्रण, प्रतिरक्षण एवं खाद्य मिलावट निवारण आदि बहुत से क्रियाकलाप शामिल हैं। यदि कोई व्यक्ति अस्वस्थ है तो वह ठीक से काम नहीं कर सकता। चिकित्सा सुविधाओं के अभाव में एक अस्वस्थ मजदूर अपनी उत्पादकता और अपने देश की उत्पादकता को कम करता है। इसलिए किसी व्यक्ति के कामयाब जीवन में स्वास्थ्य महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

प्रश्न 6. प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक क्षेत्रकों में किस तरह की विभिन्न आर्थिक क्रियाएँ संचालित की जाती हैं ?
उत्तरः प्राथमिक क्षेत्रक में कृषि, वन, पशुपालन, मुर्गी पालन, मछली पालन एवं खनन आदि आते हैं। द्वितीयक क्षेत्रक में विनिर्माण शामिल है।
तृतीयक क्षेत्रक में बैंकिंग, परिवहन, व्यापार, शिक्षा, बीमा, पर्यटन एवं स्वास्थ्य आदि आते हैं।

प्रश्न 7. आर्थिक और गैर–आर्थिक क्रियाओं में क्या अंतर है?
उत्तरः वे क्रियाएं जो देश की आय में वृद्धि करती हैं उन्हें आर्थिक क्रियाएं कहा जाता है। दूसरे शब्दों में,
जो क्रियाएं आय के लिए की जाती हैं उन्हें क्रियाएं कहा जाता है और वे क्रियाएं जो आय के लिए नहीं की जाती उन्हें गैर- आर्थिक क्रियाएं कहा जाता है। यदि कोई माँ किसी होटल में खाना बनाती है और उसे उसके लिए पैसे मिलते हैं तो यह एक आर्थिक
क्रिया है। जब वह अपने परिवार के लिए खाना बनाती है तो वह एक गैर– आर्थिक क्रिया कर रही है।

प्रश्न 8. महिलाएँ क्यों निम्न वेतन वाले कार्यों में नियोजित होती हैं?
उत्तरः महिलाएँ निम्नलिखित कारणों से निम्न वेतन वाले कार्यों में नियोजित होती है :

(क) बाजार में किसी व्यक्ति की आय निर्धारण में शिक्षा महत्त्वपूर्ण कारकों में से एक है। भारत में महिलाएँ पुरुषों की अपेक्षा कम शिक्षित होती हैं।          उनके पास बहुत कम शिक्षा एवं निम्न कौशल
स्तर है। इसलिए उन्हें पुरुषों की तुलना में कम वेतन दिया जाता है।
(ख) ज्ञान व जानकारी के अभाव में महिलाएँ असंगठित क्षेत्रों में कार्य करती हैं जो उन्हें कम मजदूरी देते हैं। उन्हें अपने कानूनी अधिकारों की                  जानकारी भी नहीं है।
(ग) महिलाओं को शारीरिक रूप से कमजोर माना जाता है। इसलिए उन्हें प्रायः कम वेतन दिया जाता। है।

प्रश्न 9. ‘बेरोजगारी’ शब्द की आप कैसे व्याख्या करेंगे?
उत्तरः बेरोजगारी का अर्थ है जब लोग काम करने के इच्छुक हों किन्तु उन्हें रोजगार न मिले। यह स्थिति विकसित देशों की अपेक्षा विकासशील देशों में अधिक देखने में आती है। कामगार जनसंख्या में 25 से 59 वर्ष के आयु वर्ग के लोग आते हैं।

प्रश्न 10. प्रच्छन्न और मौसमी बेराजगारी में क्या अंतर है?
उत्तरः प्रच्छन्न बेरोजगारी :प्रच्छन्न बेरोजगारी में लोग नियोजित प्रतीत होते हैं जबकि वास्तव में वे उत्पादकता में कोई योगदान नहीं कर रहे होते हैं। ऐसा प्रायः किसी क्रिया से जुड़े परिवारों के सदस्यों के साथ होता है। काम में पाँच लोगों की आवश्यकता है किन्तु उसमें आठ लोग लगे हुए हैं, जहाँ 3 लोग अतिरिक्त हैं। यदि इन 3 लोगों को हटा लिया जाए तो भी उत्पादकता कम नहीं होगी। ये 3 लोग प्रच्छन्न बेरोजगारी में शामिल हैं। मौसमी बेरोजगारी : मौसमी बेरोजगारी तब होती है जब वर्ष के कुछ महीनों के दौरान लोग रोजगार नहीं खोज पाते। भारत में कृषि कोई पूर्णकालिक रोजगार नहीं है। यह मौसमी है। इस प्रकार की बेरोजगारी कृषि में पाई जाती है। कुछ व्यस्त मौसम होते हैं जब ‘बिजाई, कटाई, निराई और गहाई की जाती है। कुछ विशेष महीनों में कृषि पर आश्रित लोगों को अधिक काम नहीं मिल पाता।

प्रश्न 11. शिक्षित बेरोजगारी भारत के लिए एक विशेष समस्या क्यों है?
उत्तरः शिक्षित बेरोजगारी शहरों में एक सामान्य परिघटना बन गई है। मैट्रिक, स्नातक, स्नातकोत्तर डिग्रीधारक अनेक युवा रोजगार पाने में असमर्थ हैं। एक अध्ययन में यह बात सामने आई है कि मैट्रिक की अपेक्षा स्नातक एवं स्नातकोत्तर डिग्रीधारकों में बेरोजगारी अधिक तेजी से बढ़ी है। एक विरोधाभासी जनशक्ति-स्थिति सामने आती है क्योंकि कुछ वर्गों में अतिशेष जनशक्ति अन्य क्षेत्रों में जनशक्ति की कमी के साथ-साथ विद्यमान है। एक ओर तकनीकी अर्हता प्राप्त लोगों में बेरोजगारी व्याप्त है जबकि दूसरी ओर आर्थिक संवृद्धि के लिए जरूरी तकनीकी कौशल की कमी है। उपरोक्त के प्रकाश में हम कह सकते हैं कि शिक्षित बेराजगारी भारत के लिए एक विशेष समस्या है।

प्रश्न 12. आप के विचार से भारत किस क्षेत्रक में रोजगार के सर्वाधिक अवसर सृजित कर सकता है?
उत्तरः हमारी अर्थव्यवस्था में श्रम का सबसे बड़ा अवशोषक कृषि क्षेत्र है। किन्तु हाल ही के वर्षों में प्रच्छन्न बेरोजगारी के कारण इस क्षेत्र में गिरावट आई है। कृषि क्षेत्र में अधिशेष श्रमिक द्वितीयक या तृतीयक क्षेत्रक में जाना चाहते हैं। द्वितीयक क्षेत्रक में श्रम का सबसे बड़ा अवशोषक लघु-स्तर विनिर्माण क्षेत्र है। तृतीयक क्षेत्रक में श्रम का सबसे बड़ा अवशोषक विनिर्माण क्षेत्र है। तृतीयक क्षेत्रक में कई नई सेवाओं का आगमन हुआ है जैसे कि बायोटेक्नॉलोजी और सूचना प्रौद्योगिकी आदि। हाल ही के वर्षों में बी.पी.ओ. अथवा कॉल सेंटर उद्योग में सर्वाधिक नौकरी के अवसर पैदा हुए हैं। मध्यम रूप से शिक्षित युवा वर्ग के लिए ये वरदान साबित हुए हैं।

प्रश्न 13. क्या आप शिक्षा प्रणाली में शिक्षित बेरोजगारों की समस्या दूर करने के लिए कुछ उपाय सुझा सकते हैं?
उत्तरः शिक्षा प्रणाली में शिक्षित बेरोजगारों की समस्या दूर करने हेतु निम्नलिखित उपाय सहायक सिद्ध हो सकते हैं:

(क) केवल किताबी ज्ञान देने की अपेक्षा अधिक तकनीकी शिक्षा दी जाए।
(ख) शिक्षा को अधिक कार्योन्मुखी बनाया जाना चाहिए। एक किसान के बेटे को साधारण स्नातक की शिक्षा देने की अपेक्षा इस बात का प्रशिक्षण            दिया जाना चाहिए कि खेत में उत्पादन कैसे बढाया जा सकता है।
(ग) शिक्षा को लोगों को स्वावलंबी एवं उद्यमी बनाने के लिए प्रेरित करना चाहिए। (घ) शिक्षा के लिए योजना बनाई जानी चाहिए एवं इसकी भावी              संभावनाओं को ध्यान में रखकर इसे क्रियान्वित किया जाना चाहिए।
(ड) रोजगार के अधिक अवसर पैदा किए जाने चाहिए।

प्रश्न 14. क्या आप कुछ ऐसे गाँवों की कल्पना कर सकते हैं जहाँ पहले रोजगार का कोई अवसर नहीं था, लेकिन बाद में बहुतायत में हो गया ?
उत्तर: हाँ, मुझे अपने माली द्वारा सुनाई गई कहानी याद आती है। उसने बताया कि कुछ वर्ष पूर्व उसके गाँव में सभी मूलभूत सुविधाओं जैसे कि स्कूल, अस्पताल, सड़कों, बाजार और यहाँ तक कि पानी व बिजली की उचित आपूर्ति का भी अभाव था। गाँव के लोगों ने पंचायत का ध्यान इन सभी समस्याओं की ओर आकृष्ट किया। पंचायत ने एक स्कूल खोला जिसमें कई लोगों को रोजगार मिला। जल्द ही गाँव के बच्चे वहाँ पढने लगे और वहाँ कई प्रकार की तकनीकों का विकास हुआ। अब गाँव वालों के पास बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएँ एवं पानी एवं बिजली की भी अचित आपूर्ति उपलब्ध थी। सरकार ने भी जीवन स्तर को सुधारने के लिए विशेष प्रयास किए थे। कृषि एवं गैर कृषि क्रियाएँ भी अब आधुनिक तरीकों से की जाती हैं।

प्रश्न 15. किस पूँजी को आप सबसे अच्छा मानते हैं – भूमि, श्रम, भौतिक पूँजी और मानव पूँजी? क्यों ?
उत्तरः जिस प्रकार भूमि, जल, वन, खनिज हमारे बहुमूल्य प्राकृतिक संसाधन हैं उसी प्रकार लोग भी बहुमूल्य संसाधन हैं। लोग राष्ट्रीय परिसंपत्तियों के उपभोक्ता मात्र नहीं हैं अपितु वे राष्ट्रीय संपत्तियों के उत्पादक भी हैं। वास्तव में मानव संसाधन अन्य संसाधनों जैसे कि भूमि तथा पूँजी की अपेक्षाकृत श्रेष्ठ हैं क्योंकि वे भूमि एवं पूँजी का प्रयोग करते हैं। भूमि एवं पूँजी स्वयं उपयोगी नहीं हो सकते। यदि हम लोगों में शिक्षा, प्रशिक्षण एवं चिकित्सा सुविधाओं के द्वारा निवेश करें तो जनसंख्या के बड़े भाग को परिसंपत्ति में बदला जा सकता है। हम जापान का उदाहरण सामने रखते हैं। जापान के पास कोई प्राकृतिक संसाधन नहीं थे। इस देश ने अपने लोगों पर निवेश किया विशेषकर शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में । अंततः इन लोगों ने अपने संसाधनों का दक्षतापूर्ण उपयोग करने के बाद नई तकनीक विकसित करते हुए अपने देश को समृद्ध एवं विकसित बना दिया है। इस प्रकार मानव–पूँजी अन्य सभी संसाधनों की अपेक्षा अधिक महत्त्वपूर्ण है।

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NCERT Solutions for Class 9 Maths Chapter 14 Statistics (Hindi Medium)

NCERT Solutions for Class 9 Maths Chapter 14 Statistics (Hindi Medium)

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प्रश्नावली 14.1

Ex 14.1 Class 9 गणित प्रश्न 1.
उन पाँच आँकड़ों के उदाहरण दीजिए जिन्हें आप दैनिक जीवन में एकत्रित कर सकते हैं।
हल-
दैनिक जीवन में संग्रह योग्य आँकड़े-

  1. अपनी कक्षा के 25 सहपाठियों द्वारा एक क्लास टेस्ट में प्राप्त अंकों का संग्रह
  2. अपने परिवार के सदस्यों की आयु और उनकी लम्बाई सम्बन्धी आँकड़ों का संग्रह
  3. कक्षा के छात्रों के परिवार के सदस्यों की संख्या का संग्रह
  4. उद्यान में लगे 20 पौधों की लम्बाइयों का संग्रह
  5. एन०सी०सी० ऑफिसर से ऐसे छात्रों की सूची का संग्रह जिन्होंने एन०सी०सी० कोर्स लिया है।
    ऐसे और भी अनेक उदाहरण सम्भव हैं।

Ex 14.1 Class 9 गणित प्रश्न 2.
ऊपर दिए गए प्रश्न 1 के आँकड़ों को प्राथमिक आँकड़ों या गौण आँकड़ों में वर्गीकृत कीजिए।
हल-
प्रश्न 1 में दिए गए प्रथम चार उदाहरण प्राथमिक आँकड़ों के हैं क्योंकि इनका संग्रह स्वयं किया गया है। पाँचवाँ उदाहरण गौण आँकड़ों का है क्योंकि उनका संग्रह स्वयं न करके एक कार्यालय की सूची से किया गया है।

प्रश्नावली 14.2

Ex 14.2 Class 9 गणित प्रश्न 1.
आठवीं कक्षा के 30 विद्यार्थियों के रक्त समूह ये हैं-
A, B, O, O, AB, O, A, O, B, A, O, B, A, O, O, A, AB, O, A, A, O, O, AB, B, A, O, B, A, B, O
इन आँकड़ों को एक बारम्बारता बंटन सारणी के रूप में प्रस्तुत कीजिए। बताइए कि इन विद्यार्थियों में कौन-सा रक्त समूह अधिक सामान्य है और कौन-सा रक्त समूह विरलतम रक्त समूह है।
हल-
यहाँ A, B, O, AB चार रक्त समूह हैं जिनकी उपस्थिति का 30 विद्यार्थियों के रक्त में परीक्षण किया गया है।
NCERT Solutions for Class 9 Maths Chapter 14 Statistics (Hindi Medium) 14.2 1
सारणी से स्पष्ट है कि रक्त समूह O अधिक सामान्य है और रक्त समूह AB विरलतम है।

Ex 14.2 Class 9 गणित प्रश्न 2.
40 इंजीनियरों की उनके आवास से कार्य-स्थल की (किलोमीटर में) दूरियाँ ये हैं:
NCERT Solutions for Class 9 Maths Chapter 14 Statistics (Hindi Medium) 14.2 2
0 – 5 को (जिसमें 5 सम्मिलित नहीं है) पहला अन्तराल लेकर ऊपर दिए हुए आँकड़ों से वर्ग-माप 5 वाली एक वर्गीकृत बारम्बारता बंटन सारणी बनाइए। इस सारणीबद्ध निरूपण में आपको कौन-से मुख्य लक्षण देखने को मिलते हैं?
हल-
इंजीनियरों के आवास से उनके कार्यालय की न्यूनतम दूरी = 2 किमी;
और अधिकतम दूरी = 32 किमी।
दूरी का परिसर = 32 – 2 = 30 क्रिमी,
तथा वर्गों की संख्या = \(\frac { 30 }{ 5 }\) + 1 = 7
NCERT Solutions for Class 9 Maths Chapter 14 Statistics (Hindi Medium) 14.2 2.1
मुख्य लक्षण-चार इंजीनियरों के कार्यालय उनके आवास से सामान्यत: अधिक दूर हैं।

Ex 14.2 Class 9 गणित प्रश्न 3.
30 दिन वाले महीने में एक नगर की सापेक्ष आर्द्रता (% में) यह रही है।
NCERT Solutions for Class 9 Maths Chapter 14 Statistics (Hindi Medium) 14.2 3
(i) वर्ग 84 – 86, 86 – 88 आदि लेकर एक वर्गीकृत बारम्बारता बंटन बनाइए।
(ii) क्या आप बता सकते हैं कि ये आँकड़े किस महीने या ऋतु से सम्बन्धित हैं?
(iii) इन आँकड़ों का परिसर क्या है?
हल-
NCERT Solutions for Class 9 Maths Chapter 14 Statistics (Hindi Medium) 14.2 3.1
(ii) इन आँकड़ों में उल्लिखित आर्द्रता सामान्य से अधिक है। अत: ये आँकड़े वर्षा ऋतु के किसी महीने में संकलित किए गए हैं।
(iii) परिसर = 99.2 – 84.9 = 14.3

Ex 14.2 Class 9 गणित प्रश्न 4.
निकटतम सेन्टीमीटरों में मापी गई 50 विद्यार्थियों की लम्बाइयाँ ये हैं-
NCERT Solutions for Class 9 Maths Chapter 14 Statistics (Hindi Medium) 14.2 4
(i) 160 – 165, 165 – 170 आदि का वर्ग अन्तराल लेकर ऊपर दिए गए आँकड़ों को एक वर्गीकृत बारम्बारता बंटन सारणी के रूप में निरूपित कीजिए।
(ii) इस सारणी की सहायता से आप विद्यार्थियों की लम्बाइयों के सम्बन्ध में क्या निष्कर्ष निकाल सकते हैं?
हल-
(i) सबसे कम लम्बाई = 150 सेमी;
सबसे अधिक लम्बाई = 173 सेमी;
लम्बाई का परिसर =173 – 150 = 23 सेमी
वर्ग का आमाप = 5 सेमी।
वर्गों की संख्या = \(\frac { 23 }{ 5 }\) = 5 और प्रथम वर्ग (150 – 155)
NCERT Solutions for Class 9 Maths Chapter 14 Statistics (Hindi Medium) 14.2 4.1
(ii) निष्कर्ष-
(a) अधिकांश छात्रों की लम्बाई 165 सेमी से कम है।
(b) 5 छात्रों की लम्बाई 170 सेमी से अधिक है।

Ex 14.2 Class 9 गणित प्रश्न 5.
एक नगर में वायु में सल्फर डाई-ऑक्साइड का सान्द्रण भाग प्रति मिलियन [parts per million (ppm)] में ज्ञात करने के लिए एक अध्ययन किया गया।
30 दिनों के प्राप्त किए गए आँकड़े ये हैं-
NCERT Solutions for Class 9 Maths Chapter 14 Statistics (Hindi Medium) 14.2 5
(i) 0.00 – 0.04, 0.04 – 0.08 आदि का वर्ग-अन्तराल लेकर इन आँकड़ों की एक वर्गीकृत बारम्बारता बंटन सारणी बनाइए। है।
(ii) सल्फर डाइऑक्साइड की सान्द्रता कितने दिन 0.11 भाग प्रति मिलियन से अधिक रही?
NCERT Solutions for Class 9 Maths Chapter 14 Statistics (Hindi Medium) 14.2 5.1

Ex 14.2 Class 9 गणित प्रश्न 6.
तीन सिक्कों को एक साथ 30 बार उछला गया। प्रत्येक बार चित (Head) आने की संख्या निम्न प्रकार है:
NCERT Solutions for Class 9 Maths Chapter 14 Statistics (Hindi Medium) 14.2 6
उपर्युक्त आँकड़ों के लिए एक बारम्बारता बंटन सारणी बनाइए।
हल-
चित आने की न्यूनतम संख्या = 0 और अधिकतम संख्या = 3
NCERT Solutions for Class 9 Maths Chapter 14 Statistics (Hindi Medium) 14.2 6.1

Ex 14.2 Class 9 गणित प्रश्न 7.
50 दशमलव स्थान तक शुद्ध π का मान नीचे दिया गया है :
3.14159265358979323846264338327950288419716939937510
(i) दशमलव बिन्दु के बाद आने वाले 0 से 9 तक के अंकों का एक बारम्बारता बंटन बनाइए।
(ii) सबसे अधिक बार और सबसे कम बार आने वाले अंक कौन-कौन से हैं?
हल-
(i) 0 से 9 तक के अंकों की बारम्बारता बंटन सारणी
NCERT Solutions for Class 9 Maths Chapter 14 Statistics (Hindi Medium) 14.2 7
(ii) सारणी से स्पष्ट है कि सबसे कम बार शून्य का अंक और सबसे अधिक बार 3 वे 9 अंक आए हैं।

Ex 14.2 Class 9 गणित प्रश्न 8.
तीस बच्चों से यह पूछा गया कि पिछले सप्ताह उन्होंने कितने घण्टों तक टी०वी० के प्रोग्राम देखे। प्राप्त परिणाम ये रहे हैं-
NCERT Solutions for Class 9 Maths Chapter 14 Statistics (Hindi Medium) 14.2 8
(i) वर्ग चौड़ाई 5 लेकर और एक वर्ग अन्तराल को 5 – 10 लेकर इन आँकड़ों की एक वर्गीकृत बारम्बारता बंटन सारणी बनाइए।
(ii) कितने बच्चों ने सप्ताह में 15 या अधिक घण्टों तक टेलीविजन देखा?
हल-
(i) न्यूनतम घण्टे = 1, अधिकतम घण्टे = 17
वर्ग 0 – 5, 5 – 10, 10 – 15 व 15 – 20 होंगे।
NCERT Solutions for Class 9 Maths Chapter 14 Statistics (Hindi Medium) 14.2 8.1
(ii) सारणी से स्पष्ट है कि 2 बच्चों ने 15 घण्टे से अधिक टी०वी० देखा।

Ex 14.2 Class 9 गणित प्रश्न 9.
एक कम्पनी एक विशेष प्रकार की कार-बैट्री बनाती है। इस प्रकार की 40 बैट्रियों के जीवन-काल (वर्षो में) ये रहे हैं-
NCERT Solutions for Class 9 Maths Chapter 14 Statistics (Hindi Medium) 14.2 9
0.5 माप के वर्ग अन्तराल लेकर तथा अन्तराल 2 – 2.5 से प्रारम्भ करके इन आँकड़ों की एक वर्गीकृत बारम्बारता बण्टन सारणी बनाइए।
हल-
NCERT Solutions for Class 9 Maths Chapter 14 Statistics (Hindi Medium) 14.2 9.1

प्रश्नावली 14.3

Ex 14.3 Class 9 गणित प्रश्न 1.
एक संगठन ने पूरे विश्व में 15 – 44 (वर्षों में) की आयु वाली महिलाओं में बीमारी और मृत्यु के कारणों का पता लगाने के लिए किए गए सर्वेक्षण से निम्नलिखित आँकड़े (% में) प्राप्त किए :
NCERT Solutions for Class 9 Maths Chapter 14 Statistics (Hindi Medium) 14.3 1
(i) ऊपर दी गई सूचनाओं को आलेखीय रूप में निरूपित कीजिए।
(ii) कौन-सी अवस्था पूरे विश्व की महिलाओं के खराब स्वास्थ्य और मृत्यु का बड़ा कारण है?
(iii) अपनी अध्यापिका की सहायता से ऐसे दो कारणों का पता लगाने का प्रयास कीजिए। जिनकी ऊपर (ii) में मुख्य भूमिका रही हो।
हल-
(i) दी गई सूचनाओं का आलेखीय निरूपण
NCERT Solutions for Class 9 Maths Chapter 14 Statistics (Hindi Medium) 14.3 1.1
बनाने की विधि :

  1. X-अक्ष व Y-अक्ष खींचिए।
  2. X-अक्ष पर उचित रिक्त स्थानों के बीच समान चौड़ाई रखते हुए महिलाओं में बीमारी और मृत्यु के कारण प्रदर्शित कीजिए।
  3. Y-अक्ष पर बीमारियों के प्रतिशत को उचित पैमाना लेकर अंकित कीजिए। चित्र में 1 सेमी = 2% पैमाने से बीमारियों का प्रतिशत (%) अंकित किया गया है।
  4. प्रत्येक कारण के सापेक्ष उसके प्रतिशत को एक ऐसे आयत द्वारा प्रदर्शित कीजिए जिसकी ऊँचाई बीमारी के प्रतिशत को और समान चौड़ाइयाँ बीमारी को व्यक्त करें।
  5. आयतों की ऊपरी चौड़ाइयों पर उनके द्वारा व्यक्त बीमारी के प्रतिशत लिख दीजिए।
    • जनन स्वास्थ्य अवस्था का प्रतिशत (31.8) सर्वाधिक है। अत: यह पूरे विश्व की महिलाओं के खराब स्वास्थ्य और मृत्यु को बड़ा कारण है।
    • (a) पुनरुत्पादी स्वास्थ्य अवस्था, (b) अपरिपक्व आयु में प्रजनन।

Ex 14.3 Class 9 गणित प्रश्न 2.
भारतीय समाज के विभिन्न क्षेत्रों में प्रति हजार लड़कों पर लड़कियों की (निकटतम दस तक की) संख्या के आँकड़े नीचे दिए गए हैं:
NCERT Solutions for Class 9 Maths Chapter 14 Statistics (Hindi Medium) 14.3 2
(i) ऊपर दी गई सूचनाओं को एक दण्ड आलेख द्वारा निरूपित कीजिए।
(ii) कक्षा में चर्चा करके, बताइए कि आप इस आलेख से कौन-कौन से निष्कर्ष निकाल सकते हैं।
हल-
(i) दण्ड चित्र (आलेख) बनाने की विधि :

  1. पहले X-अक्ष व Y-अक्ष खींचिए।
  2. X-अक्ष पर समान रिक्त स्थानों के बीच किसी समान चौड़ाई के भारतीय समाज के विभिन्न क्षेत्र प्रदर्शित कीजिए।
  3. Y-अक्ष पर प्रति हजार लड़कों के सापेक्ष लड़कियों की स्थिति प्रदर्शित करना है। इसके लिए उचित पैमाना लेकर Y-अक्ष पर मापन के (मानक) विभिन्न स्तर अंकित कर दीजिए। चित्र में 900 तक की संख्या को स्थिर ऊँचाई लिया गया है और अगले 100 के लिए 10 (की संख्या) को 1 सेमी से प्रदर्शित किया गया है।
  4. समान चौड़ाई के भिन्न क्षेत्रों के प्रत्येक 1000 पर लड़कियों की संख्या को आयतों द्वारा प्रदर्शित कीजिए। प्रति हजार पर लड़कियों की संख्या आयतों की ऊँचाइयों को व्यक्त करती है।
    NCERT Solutions for Class 9 Maths Chapter 14 Statistics (Hindi Medium) 14.3 2.1
    प्रत्योक आयत की चौड़ाई के ऊपरी भाग पर सम्बन्धित लड़कियों की संख्या अंकित कीजिए और आयतों को उचित शेड या रंग भरकर सुस्पष्ट कीजिए।

(ii) आलेख के निष्कर्ष :

  1. अन्य ज़ातियों की अपेक्षा अनुसूचित जनजाति में (प्रति हजार लड़कों पर) लड़कियों की संख्या अधिक है।
  2. गैर-पिछड़े जिलों के सापेक्ष पिछड़े जिलों में (प्रति हजार लड़कों पर) लड़कियों की संख्या अधिक है।
  3. शहरी क्षेत्रों की अपेक्षा ग्रामीण क्षेत्रों में (प्रति हजार लड़कों पर) लड़कियों की संख्या अधिक है।

Ex 14.3 Class 9 गणित प्रश्न 3.
एक राज्य के विधान सभा के चुनाव में विभिन्न राजनैतिक पार्टियों द्वारा जीती गई सीटों के परिणाम नीचे दिए गए हैं-
NCERT Solutions for Class 9 Maths Chapter 14 Statistics (Hindi Medium) 14.3 3
(i) मतदान के परिणामों को निरूपित करने वाला एक दण्ड आलेख खींचिए।
(ii) किस राजनैतिक पार्टी ने अधिकतम सीटें जीती हैं?
हल-
(i) बनाने की विधि :

  1. X-अक्ष व Y-अक्ष खींचिए।
  2. एक-दूसरे के बीच समान और उचित रिक्त स्थान छोड़कर समान चौड़ाई के आधारों द्वारा X-अक्ष पर राजनैतिक पार्टियों को प्रदर्शित कीजिए।
  3. Y-अक्ष पर राजनैतिक पार्टियों द्वारा जीती गई सीटें प्रदर्शित करना है। पैमाना : 1 सेमी = 10 सीटें लेकर सीटों के लिए मापन स्केल अंकित कीजिए।
  4. विभिन्न पार्टियों के लिए निर्धारित एवं प्रदर्शित आधारों पर उनमें से प्रत्येक के लिए जीती गई सीटों की संख्या के सापेक्ष ऊँचाई के आयत बनाइए और इन्हें रंगिए शेड दीजिए।
  5. आयतों की ऊपरी चौड़ाई पर जीती गई सीटों की संख्या अंकित कीजिए। दण्ड आलेख पूर्ण हो गया।
    NCERT Solutions for Class 9 Maths Chapter 14 Statistics (Hindi Medium) 14.3 3.1

(ii) चूँकि जीती गई सीटों की संख्या आयतों की ऊँचाई के अनुक्रमानुपाती है और पार्टी A के लिए प्रदर्शित आयत की ऊँचाई सबसे अधिक है।
अतः पार्टी A ने सबसे अधिक अर्थात् 75 सीटें जीतीं हैं।

Ex 14.3 Class 9 गणित प्रश्न 4.
एक पौधे की 40 पत्तियों की लम्बाइयाँ एक मिलीमीटर तक शुद्ध मापी गई हैं और प्राप्त आँकड़ों को निम्नलिखित सारणी में निरूपित किया गया है-
NCERT Solutions for Class 9 Maths Chapter 14 Statistics (Hindi Medium) 14.3 4
(i) दिए हुए आँकड़ों को निरूपित करने वाला एक आयतचित्र खींचिए।
(ii) क्या इन्हीं आँकड़ों को निरूपित करने वाला कोई अन्य उपयुक्त आलेख है?
(iii) क्या यह सही निष्कर्ष है कि 153 मिलीमीटर लम्बाई वाली पत्तियों की संख्या सबसे अधिक है? क्यों?
हल-
(i) आयत चित्र बनाने की विधि :

  1. दिए गए आँकड़ों के वर्ग असतत, हैं। इन्हें सतत बनाइए।
    NCERT Solutions for Class 9 Maths Chapter 14 Statistics (Hindi Medium) 14.3 4.1
  2. X.अक्ष व Y-अक्ष खींचिए।
  3. X-अक्ष पर (सतत) वर्ग प्रदर्शित कीजिए। दो क्रमागत वर्गों के बीच रिक्त स्थान न छोड़िए।
  4. Y-अक्ष पर उचित पैमाना लेकर (पत्तियों की लम्बाई) बारम्बारताओं के लिए मापन स्केल अंकित कीजिए। वर्गों पर पत्तियों की संख्या के अनुपात में ऊँचाई व्यक्त करने वाले आयत प्रदर्शित कीजिए। उचित पैमाने का प्रयोग कीजिए। आवश्यक गणना निम्नवत् कीजिए।
    NCERT Solutions for Class 9 Maths Chapter 14 Statistics (Hindi Medium) 14.3 4.2
  5. आयतों के ऊपरी सिरों पर सम्बन्धित वर्गों की बारम्बारताएँ अंकित कीजिए।

(ii) हाँ, इन आँकड़ों को बारम्बारता बहुभुज द्वारा भी निरूपित किया जा सकता है।
(iii) वर्ग (144.5 – 153.5) मिमी के अन्तर्गत 153 मिमी आता है;
अत: इस वर्ग की बारम्बारता सबसे अधिक है परन्तु यह आवश्यक नहीं है कि 153 मिमी लम्बाई की पत्तियों की संख्या सबसे अधिक हो। क्योंकि यह अंधिकतम बारम्बारता 144.5 मिमी से 153.5 मिमी तक के पूरे वर्ग का प्रतिनिधित्व करती है न कि मात्र 153 मिमी का।
NCERT Solutions for Class 9 Maths Chapter 14 Statistics (Hindi Medium) 14.3 4.3

Ex 14.3 Class 9 गणित प्रश्न 5.
नीचे की सारणी में 400 निऑन लैम्पों के जीवन-काल दिए गए हैं-
NCERT Solutions for Class 9 Maths Chapter 14 Statistics (Hindi Medium) 14.3 5
(i) एक आयतचित्र की सहायता से दी हुई सूचनाओं को निरूपित कीजिए।
(ii) कितने लैम्पों के जीवन-काल 700 घण्टों से अधिक हैं?
हल-
(i) बनाने की विधि :

  1. X-अक्ष पर जीवन-काल वर्गों को प्रदर्शित कीजिए।
  2. Y-अक्ष पर लैम्पों की संख्या को प्रदर्शित कीजिए।
  3. वर्गों की चौड़ाई को आधार मानकर और लैम्पों की संख्या को ऊँचाई मानकर लिए गए पैमानों के सापेक्ष आयत बनाइए और आयतचित्र आलेख को पूरा कीजिए।
    NCERT Solutions for Class 9 Maths Chapter 14 Statistics (Hindi Medium) 14.3 5.1

(ii) वर्ग (700 – 800), (800 – 900) व (900 – 1000), 700 से अधिक घण्टों का प्रतिनिधित्व करते हैं।
700 घण्टों से अधिक जीवन-काल वाले लैम्पों की संख्या = सम्बन्धित वर्षों की बारम्बारताओं का योग
= 74 + 62 + 48 = 184 लैम्प

Ex 14.3 Class 9 गणित प्रश्न 6.
नीचे की दो सारणियों में प्राप्त किए गए अंकों के अनुसार दो सेक्शनों के विद्यार्थियों का बंटन दिया गया है-
NCERT Solutions for Class 9 Maths Chapter 14 Statistics (Hindi Medium) 14.3 6
दो बारम्बारता बहुभुजों की सहायता से एक ही आलेख पर दोनों सेक्शनों के विद्यार्थियों के प्राप्तांक निरूपित कीजिए। दोनों बहुभुजों का अध्ययन करके दोनों सेक्शनों के निष्पादनों की तुलना कीजिए।
हल-
बारम्बारता बहुभुज बनाने की विधि:

  1. X-अक्ष व Y-अक्ष खींचे।
  2. X-अक्ष पर दिए हुए अंक वर्ग प्रदर्शित किए।
  3. Y-अक्ष पर पैमानी : 1 सेन्टीमीटर = 2 विद्यार्थी के अनुरूप मापन स्केल अंकित किया।
  4. प्रथम वर्ग के ठीक पूर्व और अन्तिम वर्ग के ठीक पश्चात् एक-एक वर्ग की कल्पना की और इनके मध्य-बिन्दु A तथा G अंकित किए।
  5. दिए गए वर्गों के सापेक्ष उनके मध्य-बिन्दु क्रमशः ज्ञात किए।
  6. प्रत्येक वर्ग के मध्य बिन्दु को भुज और बारम्बारता को कोटि मान कर वर्ग के सापेक्ष एक-एक बिन्दु ज्ञात किया जैसा कि आगे दिखाया गया है।
    NCERT Solutions for Class 9 Maths Chapter 14 Statistics (Hindi Medium) 14.3 6.1
    NCERT Solutions for Class 9 Maths Chapter 14 Statistics (Hindi Medium) 14.3 6.2
  7. दोनों सेक्शनों A और B के लिए बिन्दुओं B, C, D, E, F व B’, C’, D’, E’, F’ का आलेख किया।
  8. इन्हें क्रम से मिलाकर सेक्शन A के लिए बारम्बारता बहुभुज आलेख A B C D E F G A खींचा और सेक्शन B के लिए बारम्बारता बहुभुज आलेख A B’ C’ D’ E’ F’ G A खींचा।

आलेखों के अध्ययन से निष्कर्ष :
दोनों आलेखों में सेक्शन A के उच्च स्तर के बिन्दु D, E, F सेक्शन B के समान स्तरीय बिन्दुओं D’, E’, F’ से अधिक ऊँचाई पर हैं।
अतः सेक्शन A का सेक्शन B के सापेक्ष परिणाम उन्नत है।

Ex 14.3 Class 9 गणित प्रश्न 7.
एक क्रिकेट मैच में दो टीमों A और B द्वारा प्रथम 60 गेंदों में बनाए गए रन नीचे दिए गए हैं-
NCERT Solutions for Class 9 Maths Chapter 14 Statistics (Hindi Medium) 14.3 7
बारम्बारता बहुभुजों की सहायता से एक ही आलेख पर दोनों टीमों के आँकड़े निरूपित कीजिए।
संकेतः पहले वर्ग अन्तरालों को संतत बनाइए।
हल-
बारम्बारता बहुभुज आलेख बनाने की विधि:

  1. X-अक्ष व Y-अक्ष खींचे।
  2. दिए हुए वर्ग असतत हैं। प्रत्येक वर्ग की निम्न सीमा में 0.5 घटाकर और उपरि सीमा में 0.5 जोड़कर इन्हें सतत बनाया।
    NCERT Solutions for Class 9 Maths Chapter 14 Statistics (Hindi Medium) 14.3 7.1
  3. X-अक्ष पर वर्गों की सीमाओं को प्रदर्शित किया।
  4. Y-अक्ष पर टीमों द्वारा बनाए गए रनों को प्रदर्शित करना है। मापन स्केल अंकित किया।
  5. प्रथम वर्ग (0.5 – 6.5) के ठीक पूर्व एक कल्पित वर्ग लेकर उसका मध्य बिन्दु A ज्ञात किया।
  6. अन्तिम वर्ग (54.5 – 60.5) के ठीक पश्चात् एक कल्पित वर्ग लेकर उसका मध्य बिन्दु L ज्ञात किया।
  7. प्रत्येक वर्ग के मध्य-बिन्दु क्रमश: 3.5, 9.5, 15.5, 21.5, 27.5, 33.5, 39.5, 45.5, 51.5 व 57.5 ज्ञात किए।
  8. टीम Aव टीम B के लिए अलग-अलग प्रत्येक वर्ग के मध्य बिन्दु और उसकी बारम्बारता के सापेक्ष एक-एक बिन्दु ज्ञात किया जैसा कि सारणी में दिखाया गया है।
    NCERT Solutions for Class 9 Maths Chapter 14 Statistics (Hindi Medium) 14.3 7.2
    NCERT Solutions for Class 9 Maths Chapter 14 Statistics (Hindi Medium) 14.3 7.3
  9. टीम A के लिए बिन्दुओं B, C, D, E, F, G, H, I, J, K का आलेखन किया।
  10. इन्हें क्रम से मिलाकर टीम A के लिए बारम्बारता बहुभुज आलेख A B C D E F G H I J K L A प्राप्त किया।
  11. टीम B के लिए बिन्दुओं B’, C’, D’, E’, F’, G’, H’, I’, J’, K’ का आलेखन किया।
  12. इन्हें क्रम से मिलाकर टीम B के लिए बारम्बारता बहुभुज A B’ C’ D’ E’ F’ G’ H’ I’ J’ K’ L A प्राप्त किया।

Ex 14.3 Class 9 गणित प्रश्न 8.
एक पार्क में खेल रहे विभिन्न आयु वर्गों के बच्चों की संख्या का एक यादृच्छिक सर्वेक्षण (random survey) करने पर निम्नलिखित आँकड़े प्राप्त हुए-
NCERT Solutions for Class 9 Maths Chapter 14 Statistics (Hindi Medium) 14.3 8
उपर्युक्त आँकड़ों को निरूपित करने वाला एक आयतचित्र खींचिए।
हल-
बनाने की विधि :

  1. X-अक्ष तथा Y-अक्ष खींचा।
  2. X-अक्ष पर आयु-वर्ग (1 – 2), (2 – 3), (3 – 5), (5 – 7), (7 – 10), (10 – 15) तथा (15 – 17) प्रदर्शित किया।
  3. यहाँ वर्गों की न्यूनतम चौड़ाई 1 है।
  4. वर्गों की चौड़ाई के सापेक्ष आयतों की लम्बाई के लिए एक सारणी निम्नवत् बनाई।
    NCERT Solutions for Class 9 Maths Chapter 14 Statistics (Hindi Medium) 14.3 8.1
  5. प्रत्येक वर्ग की चौड़ाई पर उसके लिए आगणित लम्बाई को आयत बनाकर अभीष्ट आयतचित्र प्राप्त किया।
    NCERT Solutions for Class 9 Maths Chapter 14 Statistics (Hindi Medium) 14.3 8.2

Ex 14.3 Class 9 गणित प्रश्न 9.
एक स्थानीय टेलीफोन निर्देशिका से 100 कुलनाम (surname) यदृच्छया लिए गए और उनसे अंग्रेजी वर्णमाला के अक्षरों की संख्या का निम्न बारम्बारता बंटन प्राप्त किया गया-
NCERT Solutions for Class 9 Maths Chapter 14 Statistics (Hindi Medium) 14.3 9
(i) दी हुई सूचनाओं को निरूपित करने वाला एक आयतचित्र खींचिए।
(ii) वह वर्ग अन्तराल बताइए जिसमें अधिकतम संख्या में कुलनाम हैं।
हल-
(i) बनाने की विधि :

  1. X-अक्ष तथा Y-अक्ष खींचे।
  2. X-अक्ष पर दिए हुए वर्ग (1 – 4), (4 – 6), (6 – 8), (8 – 12) व (12 – 20) प्रदर्शित किए।
  3. यहाँ वर्गों की चौड़ाई परिवर्ती है। न्यूनतम चौड़ाई वाला वर्ग 4 – 6 अथवा 6 – 8 है जिसकी चौड़ाई 2 है।
  4. वर्गों की दी गई बारम्बारता के सापेक्ष आयतों की लम्बाई के लिए सारणी निम्नवत् बनाई।
    NCERT Solutions for Class 9 Maths Chapter 14 Statistics (Hindi Medium) 14.3 9.1
    NCERT Solutions for Class 9 Maths Chapter 14 Statistics (Hindi Medium) 14.3 9.2
  5. प्रत्येक वर्ग चौड़ाई पर उसके आगणित लम्बाई के आयत बनाए। इस प्रकार अभीष्ट आयतचित्र प्राप्त हुआ।

(ii) सारणी से स्पष्ट है कि वर्ग अन्तराल (6 – 8) में अधिकतम कुलनाम हैं।
NCERT Solutions for Class 9 Maths Chapter 14 Statistics (Hindi Medium) 14.3 9.3

प्रश्नावली 14.4

Ex 14.4 Class 9 गणित प्रश्न 1.
एक टीम ने फुटबाल के 10 मैचों में निम्नलिखित गोल किए-
2, 3, 4, 5, 0, 1, 3, 3, 4, 3
इन गोलों के माध्य, माध्यिका और बहुलक ज्ञात कीजिए।
NCERT Solutions for Class 9 Maths Chapter 14 Statistics (Hindi Medium) 14.4 1
NCERT Solutions for Class 9 Maths Chapter 14 Statistics (Hindi Medium) 14.4 1.1

Ex 14.4 Class 9 गणित प्रश्न 2.
गणित की परीक्षा में 15 विद्यार्थियों ने (100 में से) निम्नलिखित अंक प्राप्त किए-
41, 39, 48, 52, 46, 62, 54, 40, 96, 52, 98, 40, 42, 52, 60
इन आँकड़ों के माध्य, माध्यिका और बहुलक ज्ञात कीजिए।
NCERT Solutions for Class 9 Maths Chapter 14 Statistics (Hindi Medium) 14.4 2
NCERT Solutions for Class 9 Maths Chapter 14 Statistics (Hindi Medium) 14.4 2.1
स्पष्ट है कि 52 की बारम्बारता सर्वाधिक है।
प्राप्तांकों का बहुलक = 52
अत: माध्य = 54.8; माध्यिका = 52 व बहुलक = 52

Ex 14.4 Class 9 गणित प्रश्न 3.
निम्नलिखित प्रेक्षणों को आरोही क्रम में व्यवस्थित किया गया है। यदि आँकड़ों का माध्यिका 63 हो, तो x का मान ज्ञात कीजिए-
29, 32, 48, 50, x, x + 2, 72, 78, 84, 95
NCERT Solutions for Class 9 Maths Chapter 14 Statistics (Hindi Medium) 14.4 3

Ex 14.4 Class 9 गणित प्रश्न 4.
आँकड़ों 14, 25, 14, 28, 18, 17, 18, 14, 23, 22, 14, 18 का बहुलक ज्ञात कीजिए।
हल-
NCERT Solutions for Class 9 Maths Chapter 14 Statistics (Hindi Medium) 14.4 4
यहाँ पद 14 की बारम्बारता सर्वाधिक है;
अत: बहुलक = 14

Ex 14.4 Class 9 गणित प्रश्न 5.
निम्नलिखित सारणी से एक फैक्ट्री में काम कर रहे 60 कर्मचारियों का माध्य वेतन ज्ञात कीजिए-
NCERT Solutions for Class 9 Maths Chapter 14 Statistics (Hindi Medium) 14.4 5
NCERT Solutions for Class 9 Maths Chapter 14 Statistics (Hindi Medium) 14.4 5.1

Ex 14.4 Class 9 गणित प्रश्न 6.
निम्न स्थिति पर आधारित एक उदाहरण दीजिए-
(i) माध्य ही केन्द्रीय प्रवृत्ति की उपयुक्त माप है।
(ii) माध्य केन्द्रीय प्रवृत्ति की उपयुक्त माप नहीं है, जबकि माध्यिका एक उपयुक्त माप है।
NCERT Solutions for Class 9 Maths Chapter 14 Statistics (Hindi Medium) 14.4 6
परन्तु 166 वास्तविक यात्रियों के किसी भी प्रेक्षण का प्रतिनिधित्व नहीं करता क्योंकि अपूर्ण यात्रियों की सम्भाव्यता ही परिकल्पना से परे है। इस प्रकार माध्य केन्द्रीय प्रवृत्ति की वास्तविक एवं उपयुक्त माप, नहीं है।
अब यदि हम इनके माध्यिका पर विचार करें, तो
आरोही क्रम में आँकड़ों को व्यवस्थित करने पर,
10, 13, 16, 20, 24
n = 5 (विषम) माध्यिका = \(\frac { n + 1 }{ 2 }\) वें पद का मान = \(\frac { 5 + 1 }{ 2 }\) वें पद मान = 3
माध्यिका = 3 वें पद का मान = 16 यात्री
अतः माध्यिका केन्द्रीय प्रवृत्ति का उपयुक्त मात्रक है।

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