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Bal Ram Katha Class 6 Questions and Answers Summary Chapter 4 राम का वन-गमन

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Class 6 Hindi Bal Ram Katha Chapter 4 Question Answers Summary राम का वन-गमन

Bal Ram Katha Class 6 Question Answers Chapter 4

प्रश्न 1.
महामंत्री सुमंत्र असहज क्यों थे?
उत्तर:
राम के राज्याभिषेक का इतना बड़ा आयोजन हो रहा था, परन्तु महाराज कल शाम से दिखाई नहीं दे रहे थे। उनका मन शंकित हो रहा था। इस कारण वे असहज लग रहे थे।

प्रश्न 2.
महाराज के बारे में सुमंत्र के पूछने पर कैकेयी ने क्या उत्तर दिया?
उत्तर:
कैकेयी का कहना था कि चिंता की कोई बात नहीं है। महाराज राज्याभिषेक के उत्साह में रातभर जागे हैं। वे बाहर निकलने से पूर्व राम से मिलना चाहते हैं। आप उन्हें बुला लाइए।

प्रश्न 3.
किसी के कुछ न बोलने पर राम के पूछने पर कैकेयी ने राम से क्या कहा?
उत्तर:
कैकेयी ने राम से कहा कि महाराज दशरथ ने मुझे एक बार दो वरदान दिए थे। मैंने कल रात वही दोनों वर माँगे जिनसे वे पीछे हट रहे हैं। यह शास्त्र-सम्मत नहीं है। मैं चाहती हूँ कि राज्याभिषेक भरत का हो और तुम चौदह वर्ष वन में रहो।

प्रश्न 4.
कैकेयी की बात को सुनकर राम की क्या प्रतिक्रिया हुई?
उत्तर:
राम ने संयत होकर कैकेयी की बात को सुनकर कहा-“पिता का वचन अवश्य पूरा होगा। भरत को राजगद्दी दी जाए। मैं आज ही वन चला जाऊँगा।”

प्रश्न 5.
राम ने कौशल्या को कैसे समझाया?
उत्तर:
राम ने कौशल्या से कहा-“माता, यह राजाज्ञा नहीं बल्कि एक पिता की आज्ञा है। उनकी आज्ञा का उल्लघंन मेरी शक्ति से परे है।” कौशल्या भी जब साथ चलने के लिए बोलीं तो उन्होंने कहा-“पिता जी को इस समय आपकी सेवा की आवश्यकता है। अतः आप यहीं रहकर पिता जी की सेवा करें।

Bal Ram Katha Class 6 Questions and Answers Summary Chapter 4 राम का वन-गमन

प्रश्न 6.
राम के वन-गमन को लेकर लक्ष्मण का क्या विचार था?
उत्तर:
राम के इस प्रकार वन जाने से लक्ष्मण असमहत थे। वे इसे कायरों का जीवन मानते थे। लक्ष्मण ने राम से कहा- “आप बाहुबल से अयोध्या का सिंहासन लें, देखता हूँ कौन विरोध करता है।”

प्रश्न 7.
राम ने सीता को अयोध्या में ही रहने को कहा। सीता ने क्या तर्क देकर राम की बात का खंडन किया?
उत्तर:
सीता ने राम से कहा कि मेरे पिता का आदेश है कि मैं छाया की तरह सदा आपके साथ रहूँ। राम को सीता की बात माननी पड़ी।

प्रश्न 8.
राम के वन-गमन का समाचार सुनकर नगरवासियों की क्या प्रतिक्रिया थी?
उत्तर:
नगरवासी दशरथ और कैकेयी को धिक्कार रहे थे। वे लोग बहुत ही उदास थे। सड़कें उनके आँसुओं से गीली हो गई थीं। वे नहीं चाहते थे कि राम और सीता वन को जाएं।

प्रश्न 9.
राम जब आशीर्वाद लेने अपने पिता के पास गए तो उन्होंने राम से क्या कहा?
उत्तर:
दशरथ ने राम से कहा-“पुत्र, मेरी मति मारी गई। मैं वचनबद्ध हूँ, परन्तु तुम्हारे ऊपर कोई बंधन नहीं है। तुम मुझे बंदी बना लो और राज-काज संभालो। यह सिंहासन केवल तुम्हारा है।”

प्रश्न 10.
“कि तुम मुझे बंदी बनाकर राज संभालो”, पिता के इन वचनों को सुनकर राम की क्या प्रतिक्रिया हुई?
उत्तर:
पिता के इन वचनों ने राम को झकझोर कर रख दिया। वे बहुत दुःखी थे। उन्होंने नीति का साथ नहीं छोड़ा। वे बोले-आंतरिक पीड़ा आपको ऐसा कहने के लिए विवश कर रही है। मुझे राज्य का लोभ नहीं है।

प्रश्न 11.
राम के वन चले जाने पर दशरथ की कैसी दशा हो गई?
उत्तर:
राम के वन चले जाने पर दशरथ की दशा और बिगड़ गई। राम के वन जाने के छह दिन बाद ही दशरथ का देहांत हो गया।

Bal Ram Katha Class 6 Questions and Answers Summary Chapter 4 राम का वन-गमन

Bal Ram Katha Class 6 Chapter 4 Summary

कोप-भवन के घटनाक्रम की किसी को जानकारी नहीं थी। सब लोग राम के राज्याभिषेक की तैयारी में लगे थे। महामंत्री सुमंत्र कुछ असहज थे। वे महर्षि वशिष्ठ के पास आए और महाराज के बारे में पूछा । महाराज को पिछली शाम से किसी ने नहीं देखा था। वे इसको आयोजन की व्यस्तता समझ रहे थे। सुमंत्र तत्काल राजभवन पहुंचे। कैकेयी के महल की सीढ़ियाँ चढ़ते हुए उनको एक अनजान-सा भय लग रहा था। सुमंत्र ने देखा कि महाराज कैकेयी के महल में दीन-हीन दशा में पड़े हुए हैं।.सुमंत्र का मन भाँपते हुए कैकेयी ने कहा- “महाराज राज्याभिषेक के उत्साह में रात भर जागे हैं”। महल से बाहर निकलने से पूर्व वे राम से बात करना चाहते हैं। सुमंत्र राम को लेने राम के भवन गए और अपने साथ ही उनको लेकर महाराज के पास आ गए। राम को देखकर महाराज फिर मूर्छित हो गए। कोई कुछ बोलता ही न था।

राम ने कैकेयी से पूछा कि माता तुम्हीं बताओ क्या बात है? कैकेयी ने राम को दो वर माँगने वाली बात बताई और कहा कि महाराज अपने दिए वचन से पीछे हट रहे हैं, जो शास्त्रसम्मत नहीं है। मैं चाहती हूँ कि राज्याभिषेक भरत का हो और तुम चौदह वर्ष तक वन में रहो। राम ने संयत रहकर दृढ़ता पूर्वक कहा-पिता का वचन अवश्य पूरा होगा। भरत.को राजगद्दी मिलेगी और मैं आज ही वन को चला जाऊँगा। कैकेयी के महल से निकलकर राम ने अपनी माता कौशल्या को यह जानकारी दी। कौशल्या यह सुनकर अपनी सुध-बुध खो बैठी। कौशल्या ने इसे राजा का एक गलत निर्णय बताते हुए राम को रोकना चाहा, परन्तु राम ने कहा-यह पिता की आज्ञा है, इसका पालन अवश्य होगा। लक्ष्मण ने राम के इस प्रकार वन जाने को कायरों का कार्य बताया। वे राम से कह रहे थे कि अपने बाहुबल से अयोध्या की गद्दी प्राप्त करो। राम ने लक्ष्मण से कहा कि मुझे अधर्म का सिंहासन नहीं चाहिए।

कौशल्या ने अपने आपको संभालते हुए राम को गले लगाया। वह भी राम के साथ वन को जाना चाहती थीं। राम ने अपनी माता से कहा कि इस समय पिता जी को आपकी सेवा की आवश्यकता है, अतः आप यहीं रहें। इसके बाद राम सीता के पास गए और सारी बात बताई। सीता ने कहा कि मैं भी आपके साथ चलूँगी। राम ने सीता को वन में होने वाली कठिनाइयों के बारे में बताया, परन्तु सीता नहीं मानी। तभी लक्ष्मण भी वहाँ आ गए। वे राम के साथ जाना चाहते थे। राम ने उनको चलने की स्वीकृति दे दी।

राम के वन जाने का समाचार पूरी अयोध्या में फैल चुका था। प्रजा बहुत दुखी थी। वे उनको रोकना चाहते थे। राम अपने पिता की आज्ञा लेने के लिए उनके पास गए। राम को देखकर उनमें प्राणों का संचार हुआ। मंत्रीगण कैकेयी को समझा रहे थे, परन्तु वह अपनी ज़िद पर अड़ी हुई थी। दशरथ राम से कह रहे थे–“पुत्र! मेरी मति मारी गई जो मैंने कैकेयी को दो वर दिए। तुम तो स्वतंत्र हो। तुम मुझे बंदी बनाकर कारागार में डाल दो और राज्य पर अधिकार कर लो।” राम ने कहा-“मुझे राज्य का लोभ नहीं है। आप हमें आशीर्वाद देकर विदा करें।” इसी बीच रानी कैकेयी ने राम-लक्ष्मण और सीता के लिए वल्कल वस्त्र दिए। वे वल्कल वस्त्र पहनकर वन जाने को तैयार हो गए। तभी वशिष्ठ क्रोधित होकर बोले-“सीता वन जाएगी तो समस्त अयोध्यावासी भी वन जायेंगे। भरत सूनी अयोध्या पर राज करेंगे।” राम ने रथ पर चढ़कर सुमंत्र से कहा कि महामंत्री, आप रथ तेजी से चलाएँ। नगरवासी रथ के पीछे दौड़े। राजा दशरथ और नगरवासी भी रथ के पीछे-पीछे चल दिए। उनकी आँखों में आँसू देखकर राम विचलित हो गए। राजा दशरथ लगातार रथ की दिशा में आँखें गड़ाए देखते रहे। जब तक रथ आँखों से ओझल नहीं हो गया। वन अभी भी दूर था। वे तमसा नदी के किनारे पहुँचे। नगरवासी भी साथ-साथ आ रहे थे। उन्होंने भी नदी-किनारे ही रात बिताई। वे नगरवासियों को वहीं छोड़कर चुपचाप वहाँ से आगे चले गए। शाम होते ही वे गंगा नदी के किनारे पहुँचे। निषादराज ने उनका स्वागत किया। अगली सुबह राम ने महामंत्री सुमंत्र को समझा-बुझाकर वापिस भेज दिया।

सुमंत्र खाली रथ लेकर अयोध्या लौटे तो लोगों ने उनको घेर लिया और राम के बारे में पूछा। सुमंत्र बिना कुछ बोले राजभवन गए। दशरथ ने सुमंत्र से राम-लक्ष्मण और सीता के बारे में पूछा। सुमंत्र ने एक-एक कर महाराज के प्रश्नों के उत्तर दिए। राम-गमन के छठे दिन दशरथ ने प्राण त्याग दिए। अगले दिन वशिष्ठ ने मंत्री-परिषद्.से चर्चा की। सबकी एक राय थी कि राजगद्दी खाली नहीं रहनी चाहिए। तय हुआ कि भरत को तत्काल अयोध्या बुलाया जाए।

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Bal Ram Katha Class 6 Questions and Answers Summary Chapter 3 दो वरदान

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Class 6 Hindi Bal Ram Katha Chapter 3 Question Answers Summary दो वरदान

Bal Ram Katha Class 6 Question Answers Chapter 3

प्रश्न 1.
राम का विवाह हो जाने के बाद दशरथ के मन में क्या इच्छा बची थी? वे क्या चाहते थे?
उत्तर:
राम के विवाह के बाद दशरथ की इच्छा थी कि राम का राज्याभिषेक कर दिया जाए। राम को अयोध्या की प्रजा भी बहुत चाहती है। राम राज-काज में हाथ बंटाने लगे थे। दशरथ अब वृद्ध हो चले थे। उनके शरीर के अंग भी शिथिल होने लगे थे। वे अपने जीवन काल में ही राम को राजा बना देना चाहते थे।

प्रश्न 2.
राम को राजा बनाने के लिए दशरथ ने क्या किया?
उत्तर:
राम को राजा बनाने के लिए पहले तो उन्होंने मुनि वशिष्ठ से परामर्श किया फिर उन्होंने राज-दरबार बुलाया और सभासदों की राय माँगी। सबने एकमत से दशरथ के प्रस्ताव का स्वागत किया।

प्रश्न 3.
राज्याभिषेक की तैयारियों के अवसर पर भरत और शत्रुघ्न कहाँ गए हुए थे?
उत्तर:
राज्याभिषेक के अवसर से पहले ही दोनों भाई अपनी ननिहाल गए हुए थे। भरत के नाना भरत को अयोध्या आने नहीं देना चाहते थे। वे उससे बहुत स्नेह करते थे।

प्रश्न 4.
मंथरा ने राज्याभिषेक की तैयारियाँ देखकर क्या किया?
उत्तर:
कैकेयी की दासी मंथरा ने जब राम के राज्याभिषेक की तैयारियाँ देखीं तो वह क्रोध की अग्नि में जल उठी। वह सीधे कैकेयी के महल में पहुँची। उसने कैकेयी को जगाकर यह समाचार दिया कि राम का राज्याभिषेक होना है। यह समाचार सुनकर कैकेयी प्रसन्न हुई। मंथरा ने कैकेयी को समझाया कि यदि राम राजा बन गए तो तुम्हारी स्थिति तो दासियों जैसी हो जाएगी।
मंथरा के समझाने-बुझाने पर कैकेयी की बुद्धि फिर गई।

प्रश्न 5.
मंथरा ने कैकेयी से क्या करने को कहा?
उत्तर:
मंथरा ने कैकेयी से कहा कि महाराज दशरथ ने तुम्हें दो वर दिए थे। आज उनको माँगने का समय आ गया है। एक वर से तुम भरत के लिए राजगदी माँग लो और दूसरे से राम के लिए चौदह वर्ष का वनवास।

Bal Ram Katha Class 6 Questions and Answers Summary Chapter 3 दो वरदान

प्रश्न 6.
मंथरा ने राम के लिए चौदह वर्ष का वनवास माँगने की सलाह क्यों दी?
उत्तर:
मंथरा ने ऐसी सलाह इसलिए दी ताकि इस अवधि के दौरान भरत राज्य पर अपनी पकड़ मजबूत कर ले और चौदह वर्ष के बाद जब राम अयोध्या आएँ तब तक लोग उनको भूल जाएँगे।

प्रश्न 7.
दशरथ ने रानी कैकेयी के महल में जाकर क्या देखा?
उत्तर:
राजा दशरथ ने देखा कि कैकेयी महल में नहीं है। सेवकों से पता चला कि कैकेयी कोप-भवन में है। यह जानकर दशरथ को चिंता हुई। दशरथ उसे मनाने के लिए कोप-भवन पहुंचे तो उन्होंने देखा कि कैकेयी मैले कपड़े पहनकर कोप-भवन में लेटी हुई थी, उसके बाल बिखरे हुए थे।

प्रश्न 8.
दशरथ के काफी मनाने के बाद कैकेयी ने क्या कहा?
उत्तर:
दशरथ ने कैकेयी को मनाने का पूरा प्रयत्न किया, परंतु वह कुछ बोल ही नहीं रही थी। काफी विनती के बाद कैकेयी ने कहा कि पहले मुझे वचन दो कि जो मैं माँगूंगी उसे पूरा करोगे। दशरथ ने तुरंत हामी भर दी।

प्रश्न 9.
कैकेयी ने राजा दशरथ से कौन-से दो वर माँगे?
उत्तर:
कैकेयी ने राजा दशरथ से दो वर माँगे-पहले में भरत के लिए राजतिलक और दूसरे में राम के लिए चौदह वर्ष का वनवास।

प्रश्न 10.
कैकेयी द्वारा वर माँगने पर दशरथ की क्या दशा हुई?
उत्तर:
कैकेयी ने जब दशरथ से कहा कि कल सुबह राम का नहीं बल्कि भरत का राज्याभिषेक होगा, तो दशरथ अचंभित रह गए, मानों उन पर वज्रपात हो गया हो। जब कैकेयी ने अगला वर माँगा कि राम को चौदह वर्ष का वनवास हो। यह सुनकर दशरथ का चेहरा सफेद पड़ गया। उनका सिर चकराने लगा। वे मूर्छित होकर गिर पड़े।

प्रश्न 11.
माँग को अस्वीकार करने पर कैकेयी ने कौन-सा अंतिम हथियार चलाया?
उत्तर:
दशरथ ने जब कैकेयी की माँग को अस्वीकार कर दिया तो कैकेकी ने दशरथ से कहा-“अपने वचन से पीछे हटना रघुकुल का अनादर है। ऐसा करने पर आप दुनिया को मुँह दिखाने योग्य नहीं रहेंगे। यदि आप मुझे दिये वचन नहीं निभाओगे तो मैं विष पीकर अपनी जान दे दूँगी। यह कलंक आपके माथे लगेगा।

Bal Ram Katha Class 6 Questions and Answers Summary Chapter 3 दो वरदान

Bal Ram Katha Class 6 Chapter 3 Summary

जनकपुर से अयोध्या लौटने के बाद राजा दशरथ के मन में एक ही इच्छा थी कि अब राम का राज्याभिषेक हो जाए। दशरथ ने राम को राज-काज के कार्यों में भी शामिल करना शुरू कर दिया। राम इस जिम्मेदारी को भली-प्रकार निभा रहे थे। प्रजा भी उनको बहुत चाहती थी। राजा दशरथ वृद्ध हो चले थे। दशरथ ने मुनि वशिष्ठ से विचार-विमर्श करने के बाद राज-दरबार में घोषणा की कि मैं अब राज-काज संभालने के योग्य नहीं रहा, अतः मैं चाहता हूँ कि यह भार अब राम को सौंप दिया जाए। यदि आप लोगों का मत इससे भिन्न हो तो मुझे बता दीजिए। मैं उस पर भी विचार करने को तैयार हूँ।

सभा ने एक स्वर में राजा दशरथ के प्रस्ताव का स्वागत किया। राम की जय-जयकार होने लगी। दशरथ ने कहा कि मेरी इच्छा है कि कल प्रातः ही राम का राज्याभिषेक कर दिया जाए। राज्याभिषेक की तैयारियाँ होने लगीं। भरत और शत्रुघ्न इस समय अयोध या में नहीं थे। भरत शत्रुघ्न के साथ अपनी ननिहाल केकय गए हुए थे। उनके नाना उनको वहाँ आने ही नहीं देते थे। यदि भरत के पास समाचार पहुँचाया भी जाता तो एक दिन में उनका लौटना संभव नहीं था।

राज्याभिषेक की तैयारियाँ कैकेयी की दासी मंथरा ने भी देखी। मंथरा को इस चहल-पहल का कारण समझ नहीं आया। उसको कौशल्या की दासी से पूछने पर पता चला कि राम का राज्याभिषेक होना है। मंथरा ईर्ष्या से जल-भुन गई। वह केवल भरत को ही राजा देखना चाहती थी। मंथरा सीधी कैकेयी के राजभवन में गई। वह सो रही थी। मंथरा ने उनको जगाते हुए कहा-यह समय सोने का नहीं है। महाराज दशरथ ने कल प्रातः राम का राज्याभिषेक करने का निर्णय लिया है। कैकेयी ने कहा-“यह तो बहुत शुभ समाचार है। राम राजा बनेंगे, इससे बढ़कर खुशी की और क्या बात होगी। मंथरा ने कैकेयी को तरह-तरह से समझाया कि यदि राम राजा बनेंगे तो कौशल्या राजमाता होंगी। तुम्हारी स्थिति तो दासियों जैसी हो जाएगी। दशरथ ने षड्यंत्र करके भरत को ननिहाल भेज दिया। कैकेयी ने मंथरा को फटकार लगाई, परन्तु उस पर कोई असर नहीं हुआ।

कैकेयी पर मंथरा की बातों का असर होने लगा था। कैकेयी का सिर चकराने लगा था। प्रसन्नता की जगह उस पर क्रोध का असर दिखाई देने लगा था। कैकेयी मंथरा से बोली-“बताओ मैं क्या करूँ?” मंथरा ने कैकेयी के पास जाकर कहा-“रानी याद करो, महाराज दशरथ ने तुम्हें एक बार दो वरदान दिये थे। आज उन वरदानों को माँगने का समय है। एक वचन से भरत के लिए राजगद्दी मांग लो तथा दूसरे से राम के लिए चौदह वर्ष का वनवास। चौदह वर्षों के बाद जब राम लौटेंगे तब तक भरत की राज-काज पर पूरी पकड़ हो चुकी होगी और प्रजा भी राम को भूल चुकी होगी।

कैकेयी मंथरा के कहने पर अव्यवस्थित होकर कोप-भवन में जाकर लेट गईं। दशरथ राम के राज्याभिषेक का समाचार सबसे पहले कैकेयी को ही देने आए तो कैकेयी भवन में नहीं थी। सेवकों से पूछने पर दशरथ को पता चला कि कैकेयी कोप-भवन में हैं। दशरथ को चिंता हुई। कोप-भवन में सभी कुछ अस्त-व्यस्त था। कैकेयी बाल बिखेरे लेटी हुई थी। दशरथ ने उनसे पूछा कि तुम्हें क्या दुख है। तुम जो कुछ भी माँगोगी, तुम्हें मिलेगा। काफी विनती करने के बाद कैकेयी ने कहा कि पहले मुझे एक वचन दें कि जो मैं माँगूंगी, वह मिलेगा। दशरथ से वचन लेकर कैकेयी ने कहा कि “कल सुबह राज्याभिषेक भरत का होगा, राम का नहीं”। राजा दशरथ यह सुनकर आश्चर्यचकित रह गए। कैकेयी ने फिर दूसरा वर माँगा कि “राम को चौदह वर्ष का वनवास हो”। यह सुनते ही दशरथ का चेहरा सफेद पड़ गया। वे मूर्छित हो गए, जैसे ही उनकी मूर्छा टूटती, वे कैकेयी को समझाने का प्रयास करते, परन्तु कैकेयी अपनी बात पर अडिग थी। दशरथ को बार-बार मूर्छा आती रही। दशरथ के वचन न मानने पर कैकेयी ने रघुकुल की रीति की याद दिलाई। दशरथ कैकेयी को समझाते रहे। इसी प्रकार सारी रात बीत गई।

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Bal Ram Katha Class 6 Questions and Answers Summary Chapter 2 जंगल और जनकपुर

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Class 6 Hindi Bal Ram Katha Chapter 2 Question Answers Summary जंगल और जनकपुर

Bal Ram Katha Class 6 Question Answers Chapter 2

प्रश्न 1.
अयोध्या से वन की ओर जाते समय पहले पड़ाव के समय विश्वामित्र ने राम और लक्ष्मण को कौन-कौन-सी विद्याएँ सिखाईं? इन विद्याओं की क्या विशेषताएँ थीं?
उत्तर:
विश्वामित्र ने राम और लक्ष्मण को ‘बला-अतिबला’ नाम की विद्याएँ सिखाईं। इन विद्याओं की विशेषता यह थी कि कोई उन पर प्रहार नहीं कर सकता था, चाहे वे सोए हुए ही क्यों न हों।

प्रश्न 2.
विश्वामित्र ने ऐसा क्यों कहा कि “ये जानवर और वनस्पतियाँ जंगल की शोभा हैं”, इनसे कोई डर नहीं है।
उत्तर:
जंगल की शोभा पेड़-पौधों और वनस्पतियों से होती है। वन की रक्षा तभी हो सकती है जब जंगल में जानवर भी हों। जानवर वन की शोभा को बढ़ाते हैं। यदि जंगल में जानवर न हों तो लोग जंगल को अपने स्वार्थ की पूर्ति के लिए नष्ट कर देंगे।

प्रश्न 3.
ताड़का कौन थी? राम ने उसका वध किस प्रकार किया?
उत्तर:
ताड़का एक भयानक राक्षसी थी। ताड़का के डर से कोई व्यक्ति उस वन में प्रवेश नहीं करता था, क्योंकि वह उन्हें मार देती थी। इस कारण उस सुंदर वन का नाम ‘ताड़का-वन’ पड़ गया था। राम ने अपने धनुष की टॅकार से पहले तो ताड़का के क्रोध को भड़काया, फिर उसके हृदय में बाण मारकर उसे सदा के लिए मृत्यु की गोद में सुला दिया।

प्रश्न 4.
राम ने विश्वामित्र के यज्ञ की रक्षा किस प्रकार की?
उत्तर:
राम और लक्ष्मण ने यज्ञ पूरा होने तक रात-दिन जागकर यज्ञ की रक्षा की। उन्होंने राक्षसों को भगा दिया। परन्तु यज्ञ के अंतिम दिन सुबाहु और मारीच ने वहाँ धावा बोल दिया। राम-लक्ष्मण और राक्षसी सेना के बीच युद्ध हुआ। राम के एक बाण से मारीच मूर्छित होकर समुद्र के किनारे जाकर गिरा। राम ने एक ही बाण से सुबाहु का वध कर दिया। इस प्रकार विश्वामित्र का यज्ञ पूरा हो गया।

प्रश्न 5.
राम के यह पूछने पर कि-मुनिवर! हमारे लिए क्या आज्ञा है?” विश्वामित्र ने कहाँ चलने के लिए कहा?
उत्तर:
विश्वामित्र ने राम से कहा कि हम यहाँ से मिथिला जायेंगे। तुम दोनों भी मेरे साथ चलो। राजा जनक के पास शिव जी का एक अद्भुत धनुष है, तुम भी उसको देखना।

Bal Ram Katha Class 6 Questions and Answers Summary Chapter 2 जंगल और जनकपुर

प्रश्न 6.
विश्वामित्र का महल से बाहर स्वागत करते हुए राजा जनक चकित क्यों हुए?
उत्तर:
राजा जनक की दृष्टि जब राम-लक्ष्मण पर पड़ी, तो वे चकित हो गए। वे अपने को रोक न सके और महर्षि से पूछा कि “ये सुंदर राजकुमार कौन हैं?” विश्वामित्र ने कहा-महाराज! ये राजा दशरथ के पुत्र राम-लक्ष्मण हैं।”

प्रश्न 7.
शिव जी का धनुष कैसा था?
उत्तर:
शिव जी का धनुष सचमुच विशाल था। वह लोहे की एक पेटी में रखा हुआ था। पेटी में आठ पहिए लगे हुए थे। पहियों के सहारे ही उसे एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाया जाता था।

प्रश्न 8.
धनुष को देखकर राजा जनक उदास क्यों थे?
उत्तर:
राजा जनक ने प्रतिज्ञा कर रखी थी कि जो कोई इस धनुष को उठाकर उस पर प्रत्यंचा चढ़ाएगा, उसी के साथ ही वे अपनी पुत्री सीता का विवाह करेंगे। अब तक कोई भी राजकुमार उस धनुष पर प्रत्यंचा तो दूर, उसे अपने स्थान से हिला तक न सका था।

प्रश्न 9.
राम द्वारा शिव-धनुष उठाने व उसके टूटने का वर्णन करो।
उत्तर:
विश्वामित्र की आज्ञा से राम ने शिव-धनुष उठा लिया। जब उस पर प्रत्यंचा चढ़ाने के लिए धनुष को झुकाया तो वह टूट गया। यज्ञशाला में सन्नाटा छा गया, परन्तु राजा जनक की खुशी का ठिकाना न था। उनको अपनी पुत्री के लिए सुयोग्य वर मिल गया था।

प्रश्न 10.
विवाह से ठीक पहले राजा जनक ने दशरथ के सामने क्या प्रस्ताव रखा?
उत्तर:
राजा जनक ने दशरथ से अनुरोध किया, “राजन्! राम ने मेरी प्रतिज्ञा पूरी कर मेरी बेटी सीता को अपना लिया। मेरी इच्छा है कि मेरी छोटी पुत्री उर्मिला का विवाह लक्ष्मण के साथ हो जाए और मेरे छोटे भ्राता कुशध्वज की भी दो कन्याएँ-माँडवी और श्रुतकीर्ति हैं। कृपया उन्हें भरत और शत्रुध्न के लिए लिए स्वीकार करें।”

Bal Ram Katha Class 6 Questions and Answers Summary Chapter 2 जंगल और जनकपुर

Bal Ram Katha Class 6 Chapter 2 Summary

राम और लक्ष्मण को साथ लेकर विश्वामित्र सरयू नदी की ओर बढ़े। वे नदी के किनारे-किनारे चलते रहे। संध्या हो जाने पर वे बोले-हम आज रात नदी के किनारे पर ही विश्राम करेंगे। राम के निकट आने पर वे बोले-मैं आप लोगों को कुछ विद्याएँ सिखाना चाहता हूँ। इस विद्या के सीखने पर कोई तुम पर प्रहार नहीं कर सकेगा, तुम्हारी निद्रावस्था में भी नहीं। विश्वामित्र ने राम और लक्ष्मण को ‘बला-अतिबला’ नाम की विद्याएँ सिखाईं। रात को नदी-किनारे आराम करने के बाद सुबह फिर यात्रा शुरू हो गई। चलते-चलते वे एक ऐसे स्थान पर पहुंचे जहाँ दो नदियाँ आपस में मिलती थीं। संगम की दूसरी नदी गंगा थी। राम-लक्ष्मण विश्वामित्र की बातों को ध्यान से सुनते हुए ठीक उनके पीछे चल रहे थे। आगे की यात्रा और कठिन थी। विश्वामित्र ने रात्रि के समय नदी को पार करना ठीक नहीं समझा। संगम पर ही एक आश्रम में विश्राम करने के बाद सुबह उन्होंने नाव से गंगा पार की।

नदी के उस पार घना जंगल था। हर ओर झींगुरों की आवाज व जानवरों की दहाड़ सुनाई दे रही थी। विश्वामित्र ने बताया कि ये जानवर जंगल की शोभा हैं। इनसे कोई डर नहीं। असली डर तो इस जंगल में रहने वाली ताड़का का है। वह अचानक आक्रमण करती है। उसके डर के कारण कोई जंगल में नहीं आता। तुम्हें इस खतरे को हमेशा के लिए मिटा देना है। राम ने विश्वामित्र की आज्ञा से धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाकर एक बाण खींचकर छोड़ दिया। ताड़का बिलबिलाती हुई आई। दो बालकों को देखकर उसका क्रोध और भी बढ़ गया। ताड़का उन पर पत्थर बरसाने लगी। राम का एक बाण ताड़का के हृदय में लगा। वह फिर दोबारा नहीं उठ पाई। विश्वामित्र बहुत प्रसन्न हुए। उन्होंने दोनों राजकुमारों को सौ-तरह के नए अस्त्र-शस्त्र दिए। महर्षि का आश्रम यहाँ से ज्यादा दूर नहीं था। अब ताड़का का भय भी नहीं था। रात्रि के समय उन्होंने वहीं विश्राम किया। सुबह होने पर वे आश्रम की ओर चले। आगे का रास्ता बहुत मनोहारी था। जंगल से भयानक आवाजें गायब हो चुकी थीं। प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेते हुए वे आश्रम में पहुंच गए। आश्रम-वासियों ने उनकी अगवानी की।

विश्वामित्र यज्ञ की तैयारी में लग गए थे। आश्रम की रक्षा की जिम्मेदारी राम-लक्ष्मण को सौंपकर विश्वामित्र आश्वस्त थे। कुछ ही दिनों में अनुष्ठान पूरा होने वाला था। जब अनुष्ठान का अंतिम दिन आया तो भयानक आवाजों से आकाश भर गया। सुबाहु और मारीच ने छल-बल के साथ आश्रम पर धावा बोल दिया। राम ने धनुष उठाकर मारीच पर निशाना लगाया। बाण लगते ही वह मूर्छित हो गया। जब उसे होश आया तो वह दक्षिण दिशा की ओर भाग गया। सुबाहु का एक बाण से ही प्राणान्त हो गया। मारीच के भागने व सुबाहु का वध होने पर राम ने विश्वामित्र से पूछा कि हमारे लिए क्या आज्ञा है? विश्वामित्र ने कहा कि हम यहाँ से विदेहराज जनक के दरबार में मिथिला जायेंगे। उनके पास एक अद्भुत शिव-धनुष है।

विश्वामित्र राम और लक्ष्मण को साथ लेकर गौतम ऋषि के आश्रम से होते हुए मिथिला पहुँच गए। राजा जनक ने महल से बाहर आकर विश्वामित्र का स्वागत किया। जनक की दृष्टि जब राम-लक्ष्मण पर पड़ी तो वे बिना पूछे अपने को रोक नहीं पाए। विश्वामित्र ने राम-लक्ष्मण का परिचय दिया। एक सुंदर उद्यान में उनके ठहरने की व्यवस्था की गई। अगले दिन सभी आमंत्रित लोग यज्ञशाला में उपस्थित हुए। शिव-धनुष को भी यज्ञशाला में लाया गया। शिव-धनुष बहुत ही विशाल था। उसे पहियों के सहारे ही खिसकाकर एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाया जाता था। राजा जनक ने विश्वामित्र से कहा कि मुनिवर, मैंने प्रतिज्ञा की है कि मैं अपनी पुत्री का विवाह उसी के साथ करूँगा जो इस धनुष को उठाकर इस पर प्रत्यंचा चढ़ा देगा। अनेक राजकुमारों ने यज्ञशाला में प्रयास किया, परन्तु कोई भी उस धनुष को हिला तक न सका। विश्वामित्र के कहने पर राम धनुष उठाने के लिए आगे बढ़े। उन्होंने बड़ी ही सहजता से धनुष को उठा लिया और बोले-“इसकी प्रत्यंचा चढ़ा दूं मुनिवर!” राम ने आसानी से प्रत्यंचा चढ़ाने के लिए धनुष को झुकाया। दबाब से धनुष बीच में से टूट गया। महाराज जनक की खुशी का ठिकाना न था। सीता के लिए सुयोग्य वर मिल गया था। उन्होंने मुनिवर की आज्ञा से दशरथ के पास संदेश भिजवा दिया। दशरथ बारात लेकर जनकपुरी आ गए। धूम-धाम से सीता जी का विवाह संपन्न हुआ। जनक की इच्छा से उर्मिला का विवाह लक्ष्मण व उसके भाई की दोनों पुत्रियों-मांडवी और श्रुतकीर्ति का विवाह भरत व शत्रुघ्न के साथ हो गया। बहुओं को लेकर जब वे अयोध्या लौटे तो अयोध्या में आनंदोत्सव मनाया गया।

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Bharat Ki Khoj Class 8 Chapter 10 Questions and Answers Summary उपसंहार

These NCERT Solutions for Class 8 Hindi Vasant & Bharat Ki Khoj Class 8 Chapter 10 उपसंहार Questions and Answers Summary are prepared by our highly skilled subject experts.

Class 8 Hindi Bharat Ki Khoj Chapter 10 Question Answers Summary उपसंहार

Bharat Ki Khoj Class 8 Chapter 10 Question and Answers

प्रश्न 1.
भारत की क्या विशेषता है?
उत्तर:
भारत में विभिन्नता में एकता है। यह अपराजेय है। बार-बार आक्रमणों के बावजूद भी इसकी आत्मा को जीता नहीं जा सका है। यह बदलते समय के अनुसार ढल जाता है।

प्रश्न 2.
हमारी क्या विशेषता है?
उत्तर:
हम भारतवासी किसी मामूली देश के वासी नहीं हैं। हमें अपनी जन्मभूमि, अपने देशवासियों, अपनी संस्कृति और अपनी परंपराओं पर गर्व है।

प्रश्न 3.
हम कैसी दुनिया की ओर बढ़ रहे हैं?
उत्तर:
हम एक ऐसी दुनिया की ओर बढ़ रहे हैं जहाँ राष्ट्रीय संस्कृतियाँ मानव-जाति अंतर्राष्ट्रीय संस्कृति में घुल-मिल जाएगी। हमें समझदारी, ज्ञान, मित्रता और सहयोग से काम लेना है। हमें विश्व का नागरिक बनना है।

प्रश्न 4.
लेखक के अनुसार हम विदेश क्यों जाते हैं?
उत्तर:
हम विदेशों में वर्तमान की तलाश में जाते हैं। यह तलाश जरूरी है। उससे अलग रहने का अर्थ है-पिछड़ापन और क्षय।

प्रश्न 5.
समय की आवश्यकता क्या है?
उत्तर:
अतीत में भारत दूसरी संस्कृतियों का स्वागत करके उन्हें आत्मसात् कर लेता था। आज इस बात की कहीं अधिक आवश्यकता है जिससे हम विश्व नागरिक बन सकें।

Bharat Ki Khoj Class 8 Chapter 10 Questions and Answers Summary उपसंहार

वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
‘भारत की खोज’ पुस्तक के लेखक कौन हैं?
(क) महात्मा गाँधी
(ख) जवाहरलाल नेहरू
(ग) रवींद्रनाथ टैगोर
(घ) इंदिरा गाँधी
उत्तर:
(ख) जवाहरलाल नेहरू

प्रश्न 2.
नेहरू जी की यह कौन-सी यात्रा थी?
(क) पाँचवीं
(ख) दूसरी
(ग) नौंवी
(घ) तीसरी
उत्तर:
(ग) नौंवी

प्रश्न 3.
लेखक भारत के उत्तर-पश्चिम में कहाँ खड़ा था?
(क) सिंधु घाटी
(ख) कश्मीर
(ग) ब्रह्मपुत्र
(घ) पाकिस्तान
उत्तर:
(ख) कश्मीर

प्रश्न 4.
लेखक किस शहर का रहने वाला था?
(क) कानपुर
(ख) इलाहाबाद
(ग) आगरा
(घ) दिल्ली
उत्तर:
(ख) इलाहाबाद

प्रश्न 5.
‘भारत’ देश का नाम किसके नाम पर पड़ा?
(क) राजा भरत
(ख) राजा भरत
(ग) भीष्म
(घ) भागीरथ
उत्तर:
(ख) राजा भरत

प्रश्न 6.
लेखक जब सभाओं में पहुँचता था तो उसके स्वागत में क्या स्वर गूंज उठता था?
(क) भारत माता की जय
(ख) हिंदुस्तान की जय
(ग) सिंधु की जय
(घ) महात्मा गाँधी की जय
उत्तर:
(क) भारत माता की जय

Bharat Ki Khoj Class 8 Chapter 10 Questions and Answers Summary उपसंहार

प्रश्न 7.
तक्षशिला क्यों प्रसिद्ध था?
(क) महान विश्वविद्यालय के रूप में
(ख) तीर्थ स्थान के रूप में
(ग) पर्यटक स्थल के रूप में
(घ) ऐतिहासिक स्थल के रूप में
उत्तर:
(क) महान विश्वविद्यालय के रूप में

प्रश्न 8.
किस महाकाव्य की घटनाएँ लोक मानस पर अंकित हैं?
(क) महाभारत
(ख) जातक कथाओं
(ग) नीति कथाओं
(घ) वैदिक कथाओं
उत्तर:
(क) महाभारत

प्रश्न 9.
जिस सभ्यता से लेखक प्रभावित है वह किस नदी तट पर थी?
(क) गंगा
(ख) सिंधु
(ग) यमुना
(घ) कावेरी
उत्तर:
(ख) सिंधु

प्रश्न 10.
सिंधु घाटी सभ्यता का संबंध निम्न में से किस देश से नहीं था?
(क) फारस
(ख) मेसोपोटामिया
(ग) मिस्र
(घ) जापान
उत्तर:
(घ) जापान

प्रश्न 11.
ऋग्वेद को ‘आर्य मानव के द्वारा कहा गया पहला शब्द’ किसने माना है?
(क) मैक्समूलर
(ख) गोपाल कृष्ण गोखले
(ग) गाँधी
(घ) टैगोर
उत्तर:
(क) मैक्समूलर

प्रश्न 12.
कौन-सा ग्रंथ मानव जाति की पहली पुस्तक है?
(क) महाभारत
(ख) बाइबिल
(ग) ऋग्वेद
(घ) रामायण
उत्तर:
(ग) ऋग्वेद

Bharat Ki Khoj Class 8 Chapter 10 Questions and Answers Summary उपसंहार

प्रश्न 13.
उपनिषदों का समय क्या माना जाता है?
(क) 800 ईसा पूर्व
(ख) 1000 ईसा पूर्व
(ग) 1500 ईसा पूर्व
(घ) 1200 ईसा पूर्व
उत्तर:
(क) 800 ईसा पूर्व

प्रश्न 14.
“असत् से मुझे सत् की ओर ले चलो” यह किस ग्रंथ की प्रार्थना है?
(क) ऋग्वेद
(ख) उपनिषदों
(ग) सामवेद
(घ) अथर्ववेद
उत्तर:
(ख) उपनिषदों

प्रश्न 15.
‘अर्थशास्त्र’ नामक ग्रंथ के लेखक कौन थे?
(क) चन्द्रगुप्त
(ख) हर्ष
(ग) कौटिल्य
(घ) पाणिनि
उत्तर:
(ग) कौटिल्य

प्रश्न 16.
रामायण के रचयिता कौन हैं?
(क) कालिदास
(ख) वेदव्यास
(ग) तुलसीदास
(घ) महर्षि वाल्मीकि
उत्तर:
(ग) तुलसीदास

प्रश्न 17.
महाभारत कैसा ग्रंथ है?
(क) खंडकाव्य
(ख) महाकाव्य
(ग) गीतकाव्य
(घ) लोककथा
उत्तर:
(ख) महाकाव्य

प्रश्न 18.
महाभारत की वह नायिका कौन है जिसके पति पाँच भाई एक साथ थे?
(क) द्रौपदी
(ख) गाँधारी
(ग) उत्तरा
(घ) कुंती
उत्तर:
(क) द्रौपदी

Bharat Ki Khoj Class 8 Chapter 10 Questions and Answers Summary उपसंहार

प्रश्न 19.
गांधार का वर्तमान नाम क्या है?
(क) जालंधर
(ख) कंदहार (कांधार)
(ग) इंद्रप्रस्थ
(घ) पाटलिपुत्र
उत्तर:
(ख) कंदहार (कांधार)

प्रश्न 20.
‘गीता’ किस महाकाव्य का एक अंश है?
(क) हर्षचरित्
(ख) रामायण
(ग) महाभारत
(घ) मेघदूत
उत्तर:
(ग) महाभारत

प्रश्न 21.
भगवद्गीता में कितने श्लोक हैं?
(क) 1000 श्लोक
(ख) 600 श्लोक
(ग) 700 श्लोक
(घ) 1200 श्लोक
उत्तर:
(ग) 700 श्लोक

प्रश्न 22.
गीता में संवाद किन दो के बीच हैं?
(क) अर्जुन और कृष्ण
(ख) भीम और द्रौपदी
(ग) भीष्म और कृष्ण
(घ) युधिष्ठिर और कृष्ण
उत्तर:
(क) अर्जुन और कृष्ण

प्रश्न 23.
बुद्ध के समय से पहले का वृत्तांत हमें किस कथा ग्रंथ से मिलता है?
(क) रामायण में
(ख) जातक कथाओं में
(ग) गीता में
(घ) महाभारत में
उत्तर:
(ख) जातक कथाओं में

प्रश्न 24.
संस्कृत भाषा की व्याकरण के रचयिता माने जाते हैं?
(क) पाणिनि
(ख) कालिदास
(ग) वाल्मीकि
(घ) वेदव्यास
उत्तर:
(क) पाणिनि

Bharat Ki Khoj Class 8 Chapter 10 Questions and Answers Summary उपसंहार

प्रश्न 25.
भारत में औषध-विज्ञान का जनक किसे माना जाता है?
(क) सुश्रुत
(ख) धन्वंतरि
(ग) चरक
(घ) कनिष्क
उत्तर:
(ख) धन्वंतरि

प्रश्न 26.
‘चरक’ किसके राजदरबार में राजवैद्य थे?
(क) चंद्रगुप्त
(ख) हर्ष
(ग) सिकंदर
(घ) कनिष्क
उत्तर:
(घ) कनिष्क

प्रश्न 27.
जैन धर्म के संस्थापक थे?
(क) ऋषभदेव
(ख) महावीर
(ग) बुद्ध
(घ) गुरुनानक
उत्तर:
(ख) महावीर

प्रश्न 28.
बुद्ध का जन्म हुआ था?
(क) वैशाख पूर्णिमा
(ख) चैत्र पूर्णिमा
(ग) माघ पूर्णिमा
(घ) कार्तिक पूर्णिमा
उत्तर:
(क) वैशाख पूर्णिमा

प्रश्न 29.
बुद्ध ने कितने आर्य सत्यों का निरूपण किया है?
(क) पाँच आर्य सत्य
(ख) चार आर्य सत्य
(ग) सात आर्य सत्य
(घ) दो आर्य सत्य
उत्तर:
(ख) चार आर्य सत्य

प्रश्न 30.
‘चाणक्य’ किसका मंत्री था?
(क) विक्रमादित्य
(ख) हर्षवर्धन
(ग) चंद्रगुप्त मौर्य
(घ) सिकंदर
उत्तर:
(ग) चंद्रगुप्त मौर्य

Bharat Ki Khoj Class 8 Chapter 10 Questions and Answers Summary उपसंहार

प्रश्न 31.
कलिंग विजय के बाद अशोक ने किस धर्म को अपना लिया?
(क) बौद्ध धर्म
(ख) जैन धर्म
(ग) सिख धर्म
(घ) मुस्लिम धर्म
उत्तर:
(क) बौद्ध धर्म

प्रश्न 32.
किसके शासन काल में बौद्ध धर्म दो सम्प्रदायों में बँट गया?
(क) कुषाण
(ख) चंद्रगुप्त मौर्य
(ग) मेनांडर
(घ) अशोक
उत्तर:
(क) कुषाण

प्रश्न 33.
हर्षवर्धन की राजधानी थी?
(क) पाटलिपुत्र
(ख) कन्नौज
(ग) दिल्ली
(घ) उज्जयिनी
उत्तर:
(घ) उज्जयिनी

प्रश्न 34.
“बुद्ध चरित’ के लेखक कौन हैं?
(क) चंद्रगुप्त
(ख) बुद्ध
(ग) अश्वघोष
(घ) कौटिल्य
उत्तर:
(ग) अश्वघोष

प्रश्न 35.
मुद्रा राक्षस के लेखक हैं?
(क) विशाख दत्त
(ख) हर्ष
(ग) पाणिनि
(घ) अश्वघोष
उत्तर:
(क) विशाख दत्त

प्रश्न 36.
अभिज्ञान शाकुन्तलम् कालिदास की प्रसिद्ध कृति है-
(क) नाटक
(ख) गीत
(ग) महाकाव्य
(घ) कविता
उत्तर:
(क) नाटक

Bharat Ki Khoj Class 8 Chapter 10 Questions and Answers Summary उपसंहार

प्रश्न 37.
बीजगणित के प्राचीन ग्रंथ ज्योतिर्विद के लेखक हैं?
(क) भास्कर
(ख) ब्रह्मपुत्र
(ग) आर्य भट्ट
(घ) पाणिनि
उत्तर:
(ख) ब्रह्मपुत्र

प्रश्न 38.
इनमें से कौन खगोल शास्त्री है?
(क) भास्कर
(ख) ब्रह्मपुत्र
(ग) अश्वघोष
(घ) आर्य भट्ट
उत्तर:
(घ) आर्य भट्ट

प्रश्न 39.
‘लीलावती’ किसकी रचना है?
(क) भास्कर
(ख) आर्य भट्ट
(ग) ब्रह्मपुत्र
(घ) पाणिनि
उत्तर:
(क) भास्कर

प्रश्न 40.
सन् 1000 के आसपास अफगानिस्तान के किस सुल्तान ने भारत पर आक्रमण किए?
(क) महमूद गजनवी
(ख) शाहबुद्दीन गौरी
(ग) तैमूर
(घ) महमूद
उत्तर:
(क) महमूद गजनवी

प्रश्न 41.
हिंदुओं पर जजिया कर लगाने वाला शासक कौन था?
(क) औरंगजेब
(ख) बाबर
(ग) अकबर
(घ) जहाँगीर
उत्तर:
(क) औरंगजेब

प्रश्न 42.
शिवाजी का जन्म कब हुआ था?
(क) सन् 1640
(ख) सन् 1627
(ग) सन् 1530
(घ) सन् 1527
उत्तर:
(ख) सन् 1627

Bharat Ki Khoj Class 8 Chapter 10 Questions and Answers Summary उपसंहार

प्रश्न 43.
औरंगजेब की मृत्यु कब हुई?
(क) सन् 1507
(ख) सन् 1640
(ग) सन् 1707
(घ) सन् 1704
उत्तर:
(ग) सन् 1707

प्रश्न 44.
ईरान के शासक नादिरशाह का दिल्ली पर आक्रमण कब हुआ?
(क) सन् 1590
(ख) सन् 1640
(ग) सन् 1639
(घ) सन् 1739
उत्तर:
(घ) सन् 1739

प्रश्न 45.
1757 का प्लासी का युद्ध किसने जीता?
(क) क्लाइव ने
(ख) मराठों ने
(ग) शिवाजी ने
(घ) औरंगजेब ने
उत्तर:
(क) क्लाइव ने

प्रश्न 46.
जयपुर शहर को किसने बसाया?
(क) जयसिंह
(ख) वीरसिंह
(ग) राणा प्रताप
(घ) जयपाल
उत्तर:
(क) जयसिंह

प्रश्न 47.
सन् 1660 में किस कंपनी या सोसाइटी की स्थापना हुई?
(क) रायल सोसाइटी
(ख) ईस्ट इंडिया कंपनी
(ग) कामन वेल्थ
(घ) यूनाइटेड नेशंस
उत्तर:
(क) रायल सोसाइटी

प्रश्न 48.
मेरठ में भारतीय सेना ने कब बगावत कर दी?
(क) सन् 1860
(ख) सन् 1530
(ग) सन् 1857
(घ) सन् 1760
उत्तर:
(ग) सन् 1857

प्रश्न 49.
विवेकानंद का निधन हुआ?
(क) सन् 1902
(ख) सन् 1900
(ग) सन् 1905
(घ) सन् 1903
उत्तर:
(ग) सन् 1905

प्रश्न 50.
नेशनल कांग्रेस की स्थापना हुई?
(क) सन् 1880
(ख) सन् 1800
(ग) सन् 1885
(घ) सन् 1801
उत्तर:
(ग) सन् 1885

प्रश्न 51.
अलीगढ़ कॉलेज की स्थापना की?
(क) अबुल कलाम आजाद
(ख) मो. अली जिन्ना
(ग) सर सैयद अहमद खाँ
(घ) शहाबुद्दीन
उत्तर:
(ग) सन् 1885

Bharat Ki Khoj Class 8 Chapter 10 Questions and Answers Summary उपसंहार

Bharat Ki Khoj Class 8 Chapter 9 Summary

नेहरू जी मानते हैं कि भारत के पर्दे को उठाकर उसमें झाँकने की चेष्टा उनकी अनाधिकार चेष्टा थी। भारत एक भौगोलिक और आर्थिक सत्ता है। इसकी विभिन्नता में सांस्कृतिक एकता है। यह विरुद्धों का एक ऐसा पुंज है जो मजबूत और अदृश्य सूत्रों से बँधा है। बार-बार आक्रमणों के बावजूद इसकी आत्मा को कभी नहीं जीता जा सका। यह अपराजेय है।

ऐसा लगता है कि जैसे पुराना जादू अब हट रहा है। हमें भारत में अतीत और सुदूर की खोज में देश के बाहर नहीं जाना है। हमारे अपने पास इसकी बहुतायत है। हम किसी मामूली देश के नागरिक नहीं हैं। हमें अपनी जन्मभूमि, संस्कृति और परंपराओं पर गर्व है। हमें अपनी कमजोरियों और असफलताओं को कभी भूलना नहीं चाहिए। हमारे पास सीमित समय है और दुनिया की रफ्तार तेजी से बढ़ती जा रही है। अतीत में भारत दूसरी संस्कृतियों का स्वागत कर उन्हें अपने में समा लेता था। आज इस बात की और आवश्यकता है। हमें जहाँ भी समझदारी, ज्ञान, मित्रता और सहयोग मिलेगा, हम वहीं उसकी तलाश करेंगे और सामूहिक कामों में सभी का सहयोग करेंगे। लेकिन दूसरों की कृपा और सहारे के प्रार्थी नहीं हैं। इस तरह हम सच्चे भारतीय और एशियाई होंगे और साथ ही अच्छे अंतर्राष्ट्रीयवादी और विश्व नागरिक होंगे।

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Bharat Ki Khoj Class 8 Chapter 9 Questions and Answers Summary दो पृष्ठभूमियाँ-भारतीय और अंग्रेजी

These NCERT Solutions for Class 8 Hindi Vasant & Bharat Ki Khoj Class 8 Chapter 9 दो पृष्ठभूमियाँ-भारतीय और अंग्रेजी Questions and Answers Summary are prepared by our highly skilled subject experts.

Class 8 Hindi Bharat Ki Khoj Chapter 9 Question Answers Summary दो पृष्ठभूमियाँ-भारतीय और अंग्रेजी

Bharat Ki Khoj Class 8 Chapter 9 Question and Answers

प्रश्न 1.
1942 का आंदोलन क्या था?
उत्तर:
अगस्त, 1942 में भारत में जो कुछ हुआ, वह आकस्मिक नहीं था। वह पहले से चली आ रही असंतोष की परिणति थी। पूरे भारत में 1942 में युवा पीढ़ी ने विशेष विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों ने हिंसक और शांतिपूर्ण-दोनों तरह की कार्यवाहियों से बहुत महत्त्वपूर्ण कार्य किया। 1942 के दंगों में पुलिस और सेना की गोलाबारी में हजारों लोग मारे गए तथा घायल हुए।

प्रश्न 2.
लेखक ने अकाल के बारे में क्या कहा है?
उत्तर:
ब्रिटिश शासन के 170 वर्षों में सबसे भयंकर अकाल पड़ा। इसका प्रभाव बंगाल तथा पूर्वी और दक्षिणी भारत पर पड़ा। इसकी तुलना 1766 ई. से 1770 के दौरान बंगाल और बिहार की भयंकर अकालों से की जा सकती है। इसके बाद भयंकर महामारी फैली, जैसे-हैजा और मलेरिया।

प्रश्न 3.
अकाल के दौरान क्या अंतर्विरोध दिखाई पड़ रहे थे?
उत्तर:
अकाल के दौरान कलकत्ता की सड़कों पर लाशें बिछी पड़ी थी तो दूसरी ओर अमीर तबके के लोग नाच-गाने, राग-रंग में मस्त थे। उनके सामाजिक जीवन में कोई परिवर्तन नहीं आया था। दावतों तथा विलासिता का प्रदर्शन हो रहा था। उनका जीवन उल्लास से भरा था।

प्रश्न 4.
टैगोर ने मृत्यु-शैय्या पर पड़े हुए क्या कहा था?
उत्तर:
टैगोर ने मृत्यु-शैय्या पर पड़े हुए कहा था कि ये अंग्रेज कैसा भारत छोड़ेंगे? कितनी नग्न दुर्गति है? अंत में उनकी सदियों पुरानी प्रशासन की धारा सूख जाएगी तो वे अपने पीछे कितनी कीचड़ और कचरा छोड़ जाएंगे।

प्रश्न 5.
अकाल युद्ध के बाद प्रकृति क्या करती है?
उत्तर:
अकाल युद्ध के बाद प्रकृति अपना कायाकल्प करती है। नए प्रकार से सृजन- कार्य होता है। लड़ाई के मैदान फूलों और हरी घास से भर जाते हैं।

Bharat Ki Khoj Class 8 Chapter 9 Questions and Answers Summary दो पृष्ठभूमियाँ-भारतीय और अंग्रेजी

Bharat Ki Khoj Class 8 Chapter 9 Summary

भारत में अगस्त, 1942 में जो कुछ हुआ, वह आकस्मिक नहीं था। वह पहले से जो कुछ होता आ रहा था, उसकी परिणति थी।

व्यापक उथल-पुथल और उसका दमन- जनता की ओर से अकस्मात् संगठित प्रदर्शन और विस्फोट जिसका अंत हिंसात्मक संघर्ष और तोड़-फोड़ होता था। इससे जनता की तीव्रता का पता चलता था। 1942 में पूरी युवा पीढ़ी ने विशेष रूप से विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों ने हिंसक और शांतिपूर्ण दोनों की तरह की कार्यवाहियों में महत्त्वपूर्ण काम किया। 1942 के दंगों में पुलिस और सेना की गोलीबारी से मारे गए और घायलों की संख्या सरकारी आंकड़ों के अनुसार 1028 लोग मरे और 3200 लोग घायल हुए। जनता के अनुसार मृतकों की संख्या 25000 थी। संभवतः यह संख्या कुछ ज्यादा रही हो, पर 10000 की संख्या ठीक होगी।

भारत की बीमारी : अकाल- भारत तन और मन दोनों से बीमार था। उन दिनों अकाल पड़ा। इसका व्यापक असर बंगाल और दक्षिणी भारत पर पड़ा। पिछले 170 सालों में यह सबसे बड़ा और विनाशकारी था। इसकी तुलना 1766 ई. से 1770 ई. के दौरान बिहार और बंगाल के उन भयंकर अकालों से की जा सकती है जो ब्रिटिश शासन की स्थापना के आरंभिक परिणाम थे। इसके बाद महामारी फैली, विशेषकर हैजा और मलेरिया।

हजारों की संख्या में लोग काल का ग्रास बन गए। कोलकाता की सड़कों पर लाशें बिछी थीं। ऊपरी तबके के लोगों में विलासिता जारी थी। उनका जीवन उल्लास से भरा था। सन् 1943 के उत्तरार्द्ध में अकाल के उन भयंकर दिनों में जैसा अंतर्विरोध कोलकाता में दिखाई दिया, वैसा पहले कभी नहीं था। भारत गरीबी और भुखमरी के कगार पर था। भारत में ब्रिटिश शासन पर बंगाल की भयंकर बरबादी ने और उड़ीसा मालाबार और दूसरे स्थानों पर पड़ने वाले अकाल ने आखिरी फैसला दे दिया कि जब अंग्रेज जाएँगे तो क्या छोड़ेंगे। वे अपने पीछे कचरा और कीचड़ ही छोड़ेंगे।

भारत का सजीव सामर्थ्य- अकाल और युद्ध के बावजूद प्रकृति अपना कायाकल्प करती है और कल के लड़ाई के मैदान को आज फूल और हरी घास से ढक देती है। मनुष्य के पास स्मृति का विलक्षण गुण होता है। आज जो बीते हुए कल की संतान हैं, खुद अपनी जगह अपनी संतान आने वाले कल को दे जाते हैं। कमजोर आत्मा वाले लोग समर्पण कर देते हैं, लेकिन बाकी लोग मशाल को आगे ले जाते हैं और आने वाले मार्गदर्शकों को सौंप देते हैं।

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Bharat Ki Khoj Class 8 Chapter 8 Questions and Answers Summary तनाव

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Class 8 Hindi Bharat Ki Khoj Chapter 8 Question Answers Summary तनाव

Bharat Ki Khoj Class 8 Chapter 8 Question and Answers

प्रश्न 1.
7-8 अगस्त को बंबई में किस प्रस्ताव पर विचार किया गया?
उत्तर:
7-8 अगस्त, 1942 को बंबई में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने खुली सभा में उस प्रस्ताव पर विचार किया और बहस की जो ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ के नाम से जाना जाता है।

प्रश्न 2.
‘भारत छोड़ो’ प्रस्ताव में क्या सुझाव दिए गए थे?
उत्तर:
इस प्रस्ताव में अंतरिम सरकार बनाने का सुझाव दिया गया था जिसमें एक मिली-जुली सरकार बने तथा सभी वर्गों के लोगों का प्रतिनिधित्व हो। इसका पहला काम होगा-मित्र-शक्तियों के सहयोग से भारत की सुरक्षा और अपनी सारी हथियारबंद और अहिंसक शक्तियों के साथ बाहरी हमलों को रोकना।

प्रश्न 3.
कांग्रेस कमेटी ने क्या कहा?
उत्तर:
कांग्रेस कमेटी ने संसार की आजादी के लिए ब्रिटेन और संयुक्त राष्ट्र से अपील की तथा इस बात को स्वीकृति देने का विचार किया गया कि गाँधी जी के नेतृत्व में अहिंसात्मक ढंग से एक जन-आंदोलन शुरू किया जाए। कमेटी कांग्रेस के लिए शक्ति हासिल करना चाहती है। ताकत जब भी आएगी तो वह भारत की सारी जनता की ताकत होगी।

प्रश्न 4.
मौलाना आजाद और गाँधी जी ने क्या स्पष्ट किया?
उत्तर:
मौलाना आजाद और गाँधी जी ने यह स्पष्ट किया कि उनका अगला कदम होगा-ब्रिटिश सरकार के प्रतिनिधि, वायसराय से मुलाकात करना और संयुक्त राष्ट्र के मुख्याधिकारियों से एक सम्मानपूर्ण समझौते के लिए अपील करना।

Bharat Ki Khoj Class 8 Chapter 8 Questions and Answers Summary तनाव

Bharat Ki Khoj Class 8 Chapter 8 Summary

चुनौती : ‘भारत छोड़ो’ प्रस्ताव- भारत में 1942 के शुरू के महीनों में तनाव था। 7-8 अगस्त को बंबई में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने प्रस्ताव पारित किया, उसे ‘भारत छोड़ो’ प्रस्ताव के रूप में जाना जाता है। यह लंबा और विशद् प्रस्ताव था। उसमें अंतरिम सरकार बनाने का प्रस्ताव दिया गया था। कांग्रेस कमेटी ने संसार की आजादी के लिए ब्रिटेन और संयुक्त राष्ट्र से अपील की थी। अपने भाषण में कांग्रेस के सभापति मोहम्मद अबुल कलाम आजाद और गाँधी जी ने स्पष्ट कर दिया था कि उनका अगला कदम होगा-ब्रिटिश सरकार के प्रतिनिधि वायसराय से मुलाकात करना और संयुक्त राष्ट्र के मुख्याधिकारियों से एक सम्मानपूर्ण समझौते के लिए अपील करना। 8 अगस्त, 1942 को काफी रात गए यह प्रस्ताव पारित हो गया। 9 अगस्त की सुबह पूरे देश में अनेक स्थानों पर गिरफ्तारियाँ हुईं। नेहरू जी को अहमदनगर के किले में ले जाया गया।

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