Author name: Prasanna

Class 7 Sanskrit Grammar Book Solutions कारक-प्रकरणम्

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Sanskrit Vyakaran Class 7 Solutions कारक-प्रकरणम्

क्रिया में जो सहायक हो, उसे कारक कहते हैं। संस्कृत में छह कारक हैं, संबंध एवं संबोधन को कारक नहीं माना जाता है,
क्योंकि इन दोनों का क्रिया के साथ संबंध नहीं बैठता। प्रत्येक के लिए एक विभक्ति होती है। सम्बन्ध के लिए षष्ठी विभक्ति का प्रयोग होता है। इस प्रकार संस्कृत में छः कारक और सात विभक्तियाँ होती हैं। संबोधन प्रथमा विभक्ति के समान होता है। यथा

Class 7 Sanskrit Grammar Book Solutions कारक-प्रकरणम् 1

कर्ता कारक

1. रामः पत्रं लिखति — राम पत्र लिखता है।
2. मयूराः नृत्यन्ति — मोर नाचते हैं।
3. मेघाः गर्जन्ति — बादल गरजते हैं।
4. अहं गीतं गायामि — मैं गीत गाता हूँ।
5. त्वं पाठं स्मरसि — तू पाठ याद करता है।
6. त्वं स्नानं करोषि — तू स्नान करता है।
7. छात्रः पठति — छात्र पढ़ता है।

कर्म कारक

1. अहं चलचित्रं पश्यामि — मैं सिनेमा देखता हूँ।
2. भिक्षुकः अन्नं याचति — भिखारी अन्न माँगता है।
3. देवः पुष्पं जिघ्रति — देव फल सूंघता है।
4. वृद्धः ग्रामं गच्छति — बूढा व्यक्ति गाँव जाता है।
5. त्वं फलानि खादसि — तू फल खाता है।
6. गजः जलं पिबति — हाथी पानी पीता है।
7. शिशुः दुग्धं पिबति — बच्चा दूध पीता है।

करण कारक

1. सः शकटेन ग्रामं गच्छति — वह छकड़े से गाँव जाता है।
2. श्रीरामः रथेन वनम् अगच्छत् — श्रीराम रथ से वन को गए।
3. छात्रः कलमेन लिखति — छात्र कलम से लिखता है।
4. जीवः मुखेन खदान्ति — प्राणी मुख से खाते हैं।
5. रमा पुष्पैः स्वागतं करोति — रमा फूलों के द्वारा स्वागत करती है।
6. अन्धः पादाभ्यां गच्छति — अन्धा व्यक्ति पैदल चलता है।
7. अहं कन्दुकेन क्रीडामि — मैं गेंद से खेलता हूँ।

सम्प्रदान कारक

1. छात्रः अध्ययनाय पाठशाला गच्छति — छात्र अध्ययन के लिए स्कूल जाता है।
2. सः धनाय विदेशं गच्छति — वह धन के लिए विदेश जाता है।
3. राजा निर्धनाय धनं यच्छति — राजा निर्धन को धन देता है।
4. महिला जलाय कूपं गच्छति — महिला पानी के लिए कएँ पर जाती है।
5. राजा मृगयायै वनं गच्छति — राजा शिकार के लिए वन में जाता है।
6. वीरः देशाय प्राणान् त्यजति — वीर देश के लिए प्राण त्याग करता है।
7. वयं पुष्पेभ्यः उपवनं यामः — हम फूलों के लिए बगीचे को जाते हैं।

अपादान कारक

1. वृक्षात् फलानि पतन्ति — वृक्ष से पत्ते गिरते हैं।
2. लतायाः पुष्पाणि पतन्ति — बेल से फूल गिरते हैं।
3. अश्वात् देवः पतति — घोड़े से देव गिरता है।
4. मेघात् जलं पतति — बादल से पानी गिरता है।
5. बालः सर्पात् बिभेति — बालक साँप से डरता है।
6. शिशुः वानरात् बिभेति — बच्चा बन्दर से डरता है।
7. त्वं चौरात् न बिभेषि — तुम चोर से नहीं डरते हो

सम्बन्ध कारक
1. इयं मम लेखनी अस्ति — यह मेरा पैन है।
2. दशरथस्य चत्वारः पुत्राः आसन् –दशरथ के चार पुत्र थे।
3. श्रीरामस्य पत्नी सीता आसीत् — श्रीराम की पत्नी सीता थी।
4. देवस्य भ्राता विदेशात् आगच्छत् — देव का भाई विदेश से आ गया है।
5. इदं तव भवनम् अस्ति — यह तुम्हारा मकान है।
6. पुष्पाणाम् उपरि भ्रमराः गुञ्जन्ति — फूलों के ऊपर भौंरे गुनगुना रहे हैं।
7. अस्माकं ग्रामः विशालः अस्ति — हमारा गाँव विशाल है।

अधिकरण कारक
1. गृहे शिशवः क्रीडन्ति –घर में बच्चे खेलते हैं।
2. वने सिंहः गर्जति — वन में सिंह चिंघाड़ता है।
3. आकाशे खगाः उड्डयन्ति — आकाश में पक्षी उड़ते हैं।
4. वृक्षे वानराः तिष्ठन्ति — वृक्ष पर बन्दर बैठे हैं।
5. नगरे मम भ्राता वसति — शहर में मेरा भाई रहता है।
6. खट्वायां शिशुः शेते — चारपाई पर बच्चा सोता है।
7. लतायां पुष्पाणि विकसन्ति — बेल पर फूल खिलते हैं।

उपपदविभक्ति
परितः, उभयतः, अभितः, निकषा तथा समया-इन शब्दों के योग में द्वितीया विभक्ति होती है। यथा .
1. गृहं परितः जलम् अस्ति — घर के चारों ओर जल है।
2. नगरं समया मन्दिरम् अस्ति — शहर के निकट मन्दिर है।
3. मार्गममार्गम् उभयतः वृक्षाः सन्ति — सड़क के दोनों ओर वृक्ष हैं।
4. पाठशालाम् अभितः कूपः अस्ति — स्कूल के सामने कुआँ है।
5. ग्रामं निकषा जलाशयः अस्ति — गाँव के पास तालाब है।

सह तथा अलम् ( = बस करो)-इन शब्दों के योग में तृतीया विभक्ति होती है। यथा
1. अहं मित्रेण सह आपणं गच्छामि — मैं मित्र के साथ बाजार जाता हूँ।
2. रमा मात्रा सह नगरं गच्छति — रमा माता के साथ शहर जाती है।
3. अलं हसितेन — हँसो मत।
अङ्गविकार में तृतीया होती है। यथा
4. श्यामः नेत्रेण काणः अस्ति — श्याम एक आँख से काणा है।
विना के योग में तृतीया विभक्ति होती है। यथा
5. परिश्रमेण विना विद्या कुतः — परिश्रम के बिना विद्या कहाँ?
अलम् (= पर्याप्त), नमः, स्वाहा-इन शब्दों के योग में चतुर्थी विभक्ति होती है। यथा
1. अलं मल्लो मल्लाय
2. गुरवे नमः –गुरु को नमस्कार।
3. अग्नये स्वाहा –अग्नि को अर्पित है।

क्रुध्, रुच् तथा स्पृह-इन धातुओं के योग में चतुर्थी विभक्ति होती है। यथा
4. राजा चौराय क्रुध्यति — राजा चोर पर क्रोध करता है।
5. मह्यं दधि रोचते — मुझे दही अच्छा लगता है।
6. रमा पुष्पेभ्यः स्पृह्यति — रमा फूलों की चाह करती है।

भी, रक्ष्, प्र मद् तथा प्रभू-इन धातुओं के योग में पञ्चमी विभक्ति होती है। यथा
1. शिशुः वानरात् बिभेति । — बच्चा बन्दर से डरता है।
2. वीरः देशं शत्रुभ्यः रक्षति — वीर देश को शत्रुओं से बचाता है।
3. सः अध्ययनात् प्रमाद्यति — वह पढ़ाई से जी चुराता है।
4. गङ्गा हिमालयात् प्रभवति — गङ्गा हिमालय से निकलती है।

उपरि, अधः, अन्तः और निर्धारण में षष्ठी विभक्ति होती है।
1. वृक्षस्य उपरि वानराः कूर्दन्ति। — वृक्ष के ऊपर बन्दर कूदते हैं।
2. आश्रमस्य अन्तः, मुनयः सन्ति। — आश्रम के अन्दर मुनि हैं।
3. वृक्षस्य अधः पथिकः तिष्ठति। — वृक्ष के नीचे राहगीर खड़ा है।
4. खगानाम् मयूरः श्रेष्ठः अस्ति। — पक्षियों में मोर श्रेष्ठ है।

अनेक वस्तुओं में एक का चयन करने पर सप्तमी विभक्ति होती है। यथा
1. सीता नारीषु अन्यतमा अस्ति सीता सभी स्त्रियों में सुन्दर है।
2. कविषु कालिदासः श्रेष्ठः अस्ति कवियों में कालिदास श्रेष्ठ है।

अभ्यासः

प्रश्न 1.
दिए गए विकल्पों में उचित उत्तर चुनें
(क) देवः …………. आयाति।
(i) ग्रामम्
(ii) ग्रामाय
(iii) ग्रामात्
(iv) ग्रामे।
उत्तर:
(i) ग्रामम्

(ख) …………. नमः।
(i) शिवं
(ii) शिवाय
(iii) शिवेन,
(iv) शिवे।
उत्तर:
(ii) शिवाय

(ग) बालः . … बिभेति।
(i) सिंहात्
(ii) सिंहम्
(iii) सिंहेन,
(iv) सिंहाय।
उत्तर:
(ii) सिंहम्

(घ) बाल: …………….. अपतत्।
(i)हम्येंण
(ii)हम्यात्
(iii)हम्ये
(iv) हम्पस्य
उत्तर:
(ii)हम्यात्

प्रश्न 2.
कोष्ठक में प्रदत्त शब्दों में उचित विभक्ति का प्रयोग करके रिक्त स्थानों की पूर्ति करें।
(क) भ्रमराः ………….. स्पृहयन्ति। (पुष्प)
(ख) पुत्रः … … सह याति। (जनक)
(ग) ……….. विना सुखं नास्ति। (धन)
(घ) …………….. स्वाहा। (इन्द्र)
उत्तर:
(क) पुष्पेभ्यः
(ख) जनकेन
(ग) धनं
(घ) इन्द्राय

प्रश्न 3.
निम्नलिखित को शुद्ध करें।
(क) अहं ग्रामम् आगच्छामि।
(ख) महिला कूपेन जलम् आनयति।
(ग) गङ्गा हिमालयेन प्रभवति।
(घ) मालाकारः पुष्पाणि स्पृह्यति।
उत्तर:
(क) ग्रामात्
(ख) कूपात्
(ग) हिमालयात्
(घ) पुष्पेभ्यः

प्रश्न 4.
कोष्ठक से उचित शब्द लेकर रिक्त स्थानों की पूर्ति करें।
(क) सः ……. काणः अस्ति। (नेत्रेण, नेत्रात्) ।
(ख) …… परितः वृक्षाः सन्ति। (ग्रामस्य, ग्रामम्)
(ग) ………. विना नरः पशुतुल्यः। (विद्या, विद्यया)
(घ) सीता ……………. सह बनम् अगच्छत् (रामेण, रामस्य)
उत्तर:
(क) नेत्रेण
(ख) ग्रामम्
(ग) विद्यया
(घ) रामेण

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Class 7 Sanskrit Grammar Book Solutions पद-विचारः

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Sanskrit Vyakaran Class 7 Solutions पद-विचारः

पद
शब्दों के मूल रूप को प्रातिपदिक कहते हैं। उनके साथ सुपतिङ् प्रत्यय लगने पर वे शब्द पद कहलाते हैं।

शब्द के भेद-शब्द के दो भेद हैं
(क) विकारी अर्थात् जिनमें परिवर्तन होता है।
(ख) अविकारी जिनमें परिवर्तन नहीं होता

Class 7 Sanskrit Grammar Book Solutions पद-विचारः

1. विकारी के भेद-विकारी के दो भेद हैं-
(1) सुबन्त
(2) तिङन्त।

1.1 सुबन्त (संज्ञा, सर्वनाम व विशेषण)
जिनके अन्त में सुप् प्रत्यय लगाते हैं। यथा-रामः, साधुभ्याम् इत्यादि। संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण इसके अन्तर्गत आते हैं।

1.2 तिङन्त (आख्यात)
जिन पदों के अन्त में ‘ति’, तः, ‘न्ति’ इत्यादि प्रत्यय आते हैं उन्हें तिङन्त पद कहते हैं। यथा-पठति, चलन्ति इत्यादि। सभी क्रियापद (आख्यात) इसके अन्तर्गत आते हैं।

2. अविकारी के भेद
अविकारी के दो भेद प्रसिद्ध हैं
(1) निपात
(2) अव्यय

वाक्य में इनका स्वतन्त्र रूप से प्रयोग होता है। यथा-अद्य, कदा, कुत्र आदि अव्यय पद हैं।

प्रत्यय तथा उपसर्ग
धातु या शब्द के बाद लगने वाले अंश को प्रत्यय कहते हैं। धातु के पहले जुड़ने वाले अंश को उपसर्ग कहते हैं। प्र, उप, अव, निस्, निर्, सम्, आ तथा वि इत्यादि उपसर्ग हैं। इनसे शब्द के अर्थ में कोई प्रभाव/परिवर्तन आ जाता है।

Class 7 Sanskrit Grammar Book Solutions पद-विचारः

प्र – प्रतापः, प्रभावः, प्रकर्षः, प्रक्रिया, प्रमाणः, प्रदानम् इत्यादि।
उप – उपसर्गः, उपादानम्, उपस्थितिः, उपचारः, उपकारः, उपरामः, इत्यादि।
वि – विशेषः, विचारः, विभावः, विस्तारः, विश्रान्तिः, विज्ञानम्, विभीषणम्, इत्यादि।
आ – आकाशः, आकारः, आदानम्, आकर्षणम्, आलेखः, आनन्दः, आस्था, इत्यादि।
अव – अवसादः, अवसानम्, अवमानः, अवदानम्, अवज्ञा इत्यादि।
निस् – निष्कर्षः, निस्सारः, निस्तारः, निश्चयः, इत्यादि।
निर् – निर्गतिः, निर्ममः, निर्मोहः, निरर्थकः, निरादरः, इत्यादि।

2.1 विकार जनक तत्त्व
पदों का विचार करते समय वाक्य या पद में कुछ महत्वपूर्ण तत्त्व होते हैं। जैसे-वचन, पुरुष, लिङ्ग, विशेषण, विशेष्य, लकार इत्यादि।

वचन
यह संख्या का बोध कराता है। इसके तीन भेद होते हैं। एक का बोध कराने वाला एकवचन, दो का बोध कराने वाला द्विवचन तथा दो से अधिक का बोध कराने वाला बहुवचन होता है।
एकवचन – रामः, लता, मुनिः, भवति, अभवत्, भविष्यति, इत्यादि।
द्विवचन -रामौ,लते,मुनी,भवतः ,अभवत् ,भविष्यतः, इत्यादि।
बहुवचन – रामाः, लताः, मुनयः, भवन्ति, अभवन्, भविष्यन्ति, इत्यादि।

पुरुष
वक्ता, श्रोता आदि की दृष्टि से पुरुष का भेद होता है। वक्ता के लिए उत्तम पुरुष, श्रोता के लिए मध्यम पुरुष तथा अन्य के लिए प्रथम पुरुष का प्रयोग होता है। सः, तौ, ते, देवः, देवौ, देवाः, भवति, भवतः, भवन्ति इत्यादि प्रथम पुरुष के उदाहरण हैं। मध्यम पुरुष में त्वम्, युव”, यूयम् का और उत्तम पुरुष में अहम्, आवाम्, वयम् का प्रयोग होता है। भवान् का प्रयोग प्रथम पुरुष में होता है

Class 7 Sanskrit Grammar Book Solutions पद-विचारः

लिङ्ग
संस्कृत भाषा में पुरुषवाचक के लिए पुंल्लिङ्ग, स्त्रीवाचक के लिए स्त्रीलिङ्ग तथा अन्य के लिए नपुंसकलिङ्ग का प्रयोग होता है। देवः, सुतः, पिता, सः, तौ, ते पुल्लिङ्ग में तथा देवी, सुता, माता, सा, ते, ताः स्त्रीलिङ्ग में होते हैं। तत्, ते, तानि, किम्, के, कानि नपुंसकलिङ्ग में होते हैं।

विशेषण-विशेष्य
संस्कृत में संज्ञा शब्दों की विशेषता प्रकट करने वाले शब्दों को विशेषण कहा जाता है और विशेषण के द्वारा जिसकी विशेषता प्रकट की जाती है उसको विशेष्य कहा जाता है। नीलः, कृष्णः, सरलः आदि विशेषण पद हैं। ‘नीलः आकाशः’ में आकाशः विशेष्य पद है। ‘कृष्णः मृगः’ में मृगः विशेष्य पद है। ‘सरलः मार्गः’ में मार्गः विशेष्य पद है। जो वचन तथा लिङ्ग विशेष्य का होता है वही वचन तथा लिङ्ग विशेषण का होता है। यथा-शोभना लता, शोभनम् वस्त्रम्, शोभनः छात्रः।

कारक विचार
वाक्य में क्रियापद की सहायता के लिए अन्य पद होते हैं उन्हें कारक कहते हैं। क्रिया को करने वाला कर्ता, क्रिया का जिस पर प्रभाव पड़े वह कर्म, जिसकी सहायता से क्रिया हो वह करण, जिसके लिए कार्य किया जाता है, वह सम्प्रदान है, जिससे अलग हो वह अपादान, दो पदों के सम्बन्ध को सम्बन्ध, क्रिया के
आधार को अधिकरण कहते हैं।

Class 7 Sanskrit Grammar Book Solutions पद-विचारः

लकार
क्रियापदों को काल तथा भावों की दृष्टि से दस भागों में बाँटा गया है जिन्हें लकार की संज्ञा दी है। वर्तमान काल के लिए लट् लकार, भूतकाल के लिए लङ् लकार तथा भविष्यत् काल के लिए लुट् लकार का प्रयोग होता है। लट् लकार के साथ प्रथम पुरुष में स्म का प्रयोग करके भूतकाल का अर्थ प्रगट होता है जैसे गच्छति स्म (गया)।

अभ्यासः
प्रश्न 1.
अधोलिखित में से बहुवचन के रूप लिखें
(i) रामः, (ii) पत्राणि, (iii) साधवः, (iv) लता, (v) बालाः, (vi) देवाः, (vii) नदी।
उत्तर:
पत्राणि, साधवः, बालाः, देवाः।

प्रश्न 2.
अधोलिखित में से धातुओं को पृथक् करके लिखो
राम, रामः, रम्, रमते, देव, देवः, दिव्, दीव्यति,
भू, भावः, भवति, पठ्, पाठः, पठति, हस्, हासः, हसति।
धातवः-(i ) ……… (ii) ……… (iii) ………
(iv) ……. (v) ……. (vi) …….
उत्तर:
रम्, दिव्, भू, पठ्, हस्।।

Class 7 Sanskrit Grammar Book Solutions पद-विचारः

प्रश्न 3.
निम्नलिखित में से विशेषण पदों को पृथक् करके लिखो
सरलः, वृक्षः, सुन्दरी, छाया, पवित्रम्, वस्त्रम्,
योग्यः, लेखकः, निपुणः, हार्दिकः, धन्यवादः, निवेदनम्, निष्ठा।
उत्तर:
विशेषणपदानि – (i) …………… (ii) ………………
(iii) ………………… (iv) …………. (v) …………………..
(vi) ……………..
सरलः, सुन्दरी, पवित्रम्, योग्यः, निपुणः, हार्दिकः।

प्रश्न 4.
निम्नलिखित में से विकारी शब्दों को पृथक् करके लिखो
उप, प्र, अव, अधः, पश्चात्, राम, लता, गो, कृष्ण, भवति।
उत्तर:
राम, लता, गो, कृष्ण, भवति।

प्रश्न 5.
निम्नलिखित में से क्रियापदों को पृथक् करो
जगन्ति, भवन्ति, सन्ति, भाषाः, भाषते, सुखानि, पीडयन्ति, दु:खानि।
उत्तर:
भवन्ति, सन्ति, भाषते, पीडयन्ति।

प्रश्न 6.
निम्नलिखित में से उपसर्गों को पृथक् करके लिखो
तूष्णीम्, अधः, पश्चात्, उपरि, अव, प्र, कृ, नी, शी, आ, वा।
उपसर्ग- (i) …….. (ii) …… (iii) …….. (iv) …….
उत्तर:
अव, प्र, आ।

प्रश्न 7.
निम्नलिखित में से सुबन्त पदों को पृथक् करके लिखो
रामाः, देवाः, भवन्ति, पठामः, गायामः, गीतानि।
सुबन्तपदानि- (i) ……. (ii) …… (iii)……….
उत्तर:
रामाः, देवाः, गीतानि।

Class 7 Sanskrit Grammar Book Solutions पद-विचारः

प्रश्न 8. निम्नलिखित में से पदों को पृथक् करो
चरण, पद, पदानि, वद, वदामः, हस्, हसन्ति।
पदानि- (i) …….. (ii) …….. (iii) ………
उत्तर:
पदानि, वदामः, हसन्ति।

प्रश्न 9.
भवति, अभवत्, भविष्यति, हसति, अहसत्, हसिष्यति, गच्छति, अगच्छत्, गमिष्यन्ति।
उत्तर:
भवति, हसति, गच्छति।

बहुविकल्पीयप्रश्नाः

प्रश्न 1.
शब्दानाम् मूलरूपं ……….. कथ्यते।
(क) प्रातिपदिक
(ख) स्वर
(ग) व्यञ्जन
(घ) हल्
उत्तर:
(क) प्रातिपदिक

प्रश्न 2.
सुबन्तः …………. च विकारिपदानाम् द्वौ रूपौ स्तः।
(क) निपात
(ख) तिङ्
(ग) तिङ्न्त
(घ) अव्यय
उत्तर:
(ग) तिङ्न्त

Class 7 Sanskrit Grammar Book Solutions पद-विचारः

प्रश्न 3.
निपात ………. च अविकारिपदानाम् द्वौ रूपौ स्तः।
(क) अव्यय
(ख) तिङ्
(ग) सुप्
(घ) उपसर्ग
उत्तर:
(क) अव्यय

प्रश्न 4.
कियाया: मूलरूप ——— उच्चते
(क) स्वर्ण
(ख) धातु
(ग) विशेषण
(घ) स्वर
उत्तर:
(ख) धातु

प्रश्न 5.
उप्, अनु, प्र, निर् च इत्यादयः ……… सन्ति।
(क) अव्यय
(ख) निपात
(ग) उपसर्गाः
(घ) प्रत्यय
उत्तर:
(ग) उपसर्गाः

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प्रश्न 6.
एकवचनं …………. बहुवचनं च संस्कृते त्रीणि वचनानि सन्ति।
(क) द्वेवचनं
(ख) द्वयवचनं
(ग) द्वेवचनं
(घ) द्वयाः वचनं
उत्तर:
(क) द्वेवचनं

प्रश्न 7.
संस्कृतभाषायाम् पुंल्लिङ्ग, स्त्रीलिङ्ग ………. च सन्ति।
(क) पञ्चलिङ्ग
(ख) नपुंलिङ्ग
(ग) नपुंसकलिङ्ग
(घ) त्रयलिङ्ग
उत्तर:
(ग) नपुंसकलिङ्ग

प्रश्न 8.
‘शोभनानि आभूषणानि’ अनयोः पदयोः विशेषणपदं किं?
(क) आभूषणानि
(ख) शोभनानि
(ग) आभूषणं
(घ) शोभनं
उत्तर:
(क) आभूषणानि

Class 7 Sanskrit Grammar Book Solutions पद-विचारः

प्रश्न 9.
‘उन्नतः पर्वतः’ अत्र विशेष्यपदं किं?
(क) उन्नतं
(ख) पर्वतः
(ग) उन्नतः
(घ) पर्वतः
उत्तर:
(घ) पर्वतः

प्रश्न 10.
सम्प्रदाने चतुर्थी, अपादाने पञ्चमी ……… च षष्ठी विभक्तिः प्रयुज्यते।
(क) करणे
(ख) सम्बन्धे
(ग) कर्मे
(घ) अधिकरणे
उत्तर:
(ख) सम्बन्धे

प्रश्न 11.
संस्कृते वर्तमानकालाय लट्लकार प्रयुज्यते। इदं वाक्यं ……… अस्ति।
(क) शुद्ध
(ख) अशुद्धं
उत्तर:
(क) शुद्ध

प्रश्न 12.
भूतकालार्थे .. …… लकारः प्रयुज्यते।
(क) लृट्
(ख) लङ्
(ग) लट
(घ) लोट
उत्तर:
(ख) लङ्

Class 7 Sanskrit Grammar Book Solutions पद-विचारः

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Class 7 Sanskrit Grammar Book Solutions वर्णविचारः

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Sanskrit Vyakaran Class 7 Solutions वर्णविचारः

1. संस्कृत भाषा
संस्कृत वह भाषा है जो पूर्णतया नियमबद्ध है। संस्कृत विश्व की प्राचीनतम भाषा है।

2. वर्णमाला
वर्गों के समूह को वर्णमाला कहते हैं।

2.1. वर्ण/अक्षर
मुख से उच्चरित उस छोटी से छोटी ध्वनि को वर्ण कहते हैं, जिसके फिर से टुकड़े न किए जा सकें। इसीलिए इन्हें अक्षर भी कहते हैं।
उदाहरण-अ, इ, उ, क्, त्, प् आदि वर्ण हैं।

Class 7 Sanskrit Grammar Book Solutions वर्णविचारः

2.1.1. वर्ण भेद
स्वर/अच् जिन वर्णों का उच्चारण किसी दूसरे वर्ण की सहायता के बिना होता है, उन वर्गों को स्वर कहते हैं।
(1) अ, इ, उ
(2) ऋ,लू
(3) ए, ओ
(4) ऐ, औ

इन वर्गों के ह्रस्व, दीर्घ और प्लुत तीन-तीन प्रकार हैं। सामान्यतः ह्रस्व तथा दीर्घ स्वर तेरह हैं। यथा-अ, आ, इ, ई, उ, ऊ, ऋ, ऋ, लु, ए, ऐ, ओ, औ = 13
इनमें 9 प्लुत वर्गों को (अ ३, इ ३, उ ३, ऋ३, लु ३, ए ३, ऐ ३, ओ ३, औ ३) सम्मिलित कर लिया जाए तो स्वरों की कुल संख्या 22 हो जाती है।

उच्चारण की दृष्टि से अ, इ, उ, ऋ, लु इन पांच वर्षों के उच्चारण में जो समय लगता है उसे एक मात्रा माना जाता है। ये ह्रस्व स्वर हैं। अ, इ, उ, ऋ को बोलते समय दुगुना समय लगाया जाए तो यही ह्रस्व स्वर दीर्घ हो जाते हैं। आ, ई, ऊ, ऋ दीर्घ स्वर हैं। ए, ओ, ऐ, औ भी दीर्घ स्वर हैं क्योंकि इनके उच्चारण में भी दो मात्राओं का समय लगता है। ये मूल स्वरों (अ, इ, उ) के मेल से बने हैं अतः इन्हें संयुक्त स्वर कहा जाता है।

प्लुत स्वरों के उच्चारण में तीन मात्राओं का समय लगता है। प्लुत स्वर-अ ३, इ ३, उ ३, ऋ३, लु ३, ए ३, ऐ ३, ओ ३, औ ३।

Class 7 Sanskrit Grammar Book Solutions वर्णविचारः

व्यञ्जन/हल्
जिन वर्णों का उच्चारण स्वरों की सहायता से होता है वे वर्ण व्यञ्जन कहलाते हैं।
सामान्यतः छात्र समझते हैं कि ‘क’ एक व्यञ्जन है। यह उनकी भूल है। उच्चारण की सुविधा के लिए उसमें अ स्वर मिला हुआ है। व्यञ्जन के अनुसार इसका सही रूप ‘क्’ है।
व्यञ्जन के भेद-स्पर्श, अन्तःस्थ व ऊष्म
Class 7 Sanskrit Grammar Book Solutions वर्णविचारः 1
ये सभी 25 व्यञ्जन स्पर्श कहलाते हैं।
(ii) अन्तःस्थ- य र ल व् = 4
ये चार अन्तःस्थ कहलाते हैं। अतः ये स्वर तथा व्यञ्जन दोनों के बीच के वर्ण हैं इन्हें अन्तःस्थ की संज्ञा देते हैं।

(iii) ऊष्म- श् ष् स् ह = 4
ये चार ऊष्म वर्ण हैं, इनके उच्चारण में जिह्वा मुख के किसी भाग के साथ रगड़ खाती है। अतः इन्हें ऊष्म नाम दिया गया है।

अयोगवाह
जिन वर्णों का उच्चारण स्वरों की सहायता के बिना नहीं हो सकता तथा जो स्वरों के साथ मिलकर स्वरों के बाद ही बोले जाते हैं वे अयोगवाह कहलाते हैं। यथा
(1) अनुस्वार (-)
(2) विसर्ग (:)

अभ्यासः

प्रश्न 1.
निम्नलिखित वर्गों में स्वरों को खोजकर उन्हें पृथक् करके लिखो
अ, क्, द्, आ, उ, म्, ट्, स्, ऋ
स्वर = (i) …….. (ii) …….. (iii) ……. (iv) …….
उत्तर:
अ, आ, उ, ऋ।

प्रश्न 2.
निम्नलिखित वर्गों में से चुनकर स्पर्श वर्णों को लिखें
क्, ट्, य, द्, व्, श्, प्, ह्, न्
स्पर्श = (i) …….. (ii) …….. (iii) ……. (iv) …….. (v) ……..
उत्तर:
क्, ट्, द्, प्, न्।

Class 7 Sanskrit Grammar Book Solutions वर्णविचारः

प्रश्न 3.
निम्नलिखित वर्गों में से चुनकर दीर्घ स्वरों को लिखें
ए, ओ, इ, उ, ऋ, ऋ, लु, आ
दीर्घ = (i) ……. (ii) ……. (iii) …… (iv) ……..
उत्तर:
ए, ओ, ऋ, आ।

प्रश्न 4.
निम्नलिखित वर्गों में से प्लुत वर्णों को चुनकर लिखें
अ ३, ए ३, आ, लु, ऐ ३, औ,
प्लुत = (i) ……. (ii) …….. (iii) …….. (iv) …….
उत्तर:
अ ३, ए ३, ऐ ३।

प्रश्न 5.
निम्नलिखित वर्गों में से अयोगवाह वर्णों को चुनकर लिखें
Class 7 Sanskrit Grammar Book Solutions वर्णविचारः 2
अयोगवाह = (i) …….. (ii) ……. (iii) …….. (iv) ……..
उत्तर:
Class 7 Sanskrit Grammar Book Solutions वर्णविचारः 3

प्रश्न 6.
वर्ण संयोजन करें।
यथा-क् + आ = का
(i) च् + अ = …………..
(ii) प् + इ = …………..
(iii) न् + उ = …………..
(iv) ग् + ए = …………..
(v) ज् + ओ = …………..
उत्तर:
च, पि, नु, गे, जो।

Class 7 Sanskrit Grammar Book Solutions वर्णविचारः

प्रश्न 7.
अपने चार मित्रों के नाम लिखें।
(i) …………..
(ii) …………..
(iii) …………..
(iv) …………..
(v) …………..

बहुविकल्पीयप्रश्नाः

प्रश्न 1.
ऋग्वेदः कस्यां भाषायाम् रचितः।
(क) लौकिक संस्कृत
(ख) वैदिक संस्कृत
(ग) हिन्दी भाषा
(घ) अवधी भाषा
उत्तर:
(ख) वैदिक संस्कृत

प्रश्न 2.
रामायणस्य रचयिता आदिकविः कः।
(क) वेदव्यासः
(ख) तुलसीदासः
(ग) सूरदास
(घ) वाल्मीकिः
उत्तर:
(घ) वाल्मीकिः

प्रश्न 3.
वर्णानाम् समूहः ………. कथ्यते।
(क) करमाला
(ख) फूलमाला
(ग) हारमाला
(घ) वाल्मीकिः
उत्तर:
(घ) वाल्मीकिः

Class 7 Sanskrit Grammar Book Solutions वर्णविचारः

प्रश्न 4.
अइउण् इत्यादयः शिवसूत्राः ……. भवन्ति।
(क) चतुर्दश
(ख) त्रयोदश
(ग) द्वादश
(घ) पञ्चदश
उत्तर:
(क) चतुर्दश

प्रश्न 5.
स्वरः ………. अयोगवाहः च वर्णस्य त्रयः भेदाः सन्ति।
(क) व्यञ्जन
(ख) प्लुत
(ग) दीर्घ
(घ) गुण
उत्तर:
(क) व्यञ्जन

प्रश्न 6.
स्वरस्य त्रयः भेदाः ……….. दीर्घः प्लुतः च सन्ति।
(क) यण
(ख) ह्रस्व
(ग) हल्
(घ) संयुक्त
उत्तर:
(ख) ह्रस्व

प्रश्न 7.
स्पर्श-व्यञ्जनाः कति सन्ति?
(क) त्रिंशत्
(ख) विंशतिः
(ग) पञ्चविंशतिः
(घ) त्रिंशत्
उत्तर:
(ग) पञ्चविंशतिः

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प्रश्न 8.
अन्तःस्थ वर्णाः के सन्ति?
(क) य ह श् व्
(ख) य र ल व
(ग) य् र् स् व्
(घ) य् र् ल् व्
उत्तर:
(घ) य् र् ल् व्

प्रश्न 9.
पवर्गस्य वर्णाः के सन्ति?
(क) प् फ् ग् घ् म्
(ख) प फ ब भ म ।
(ग) प् फ् ब् भ् म्
(घ) प् फ् भ् न् त्
उत्तर:
(ग) प् फ् ब् भ् म्

प्रश्न 10.
ऊष्मवर्णाः श् ष् ……….. ह च भवन्ति।
(क) र
(ख) स्
(ग) ऋ
(घ) लु
उत्तर:
(ख) स्

प्रश्न 11.
अ, इ, उ, ऋ, लु एते ………. स्वराः सन्ति।
(क) दीर्घ
(ख) प्लुत्
(ग) हल्
(घ) ह्रस्व
उत्तर:
(घ) ह्रस्व

प्रश्न 12.
व्यञ्जन-वर्णाः ………… अपि कथ्यन्ते।
(क) अच्
(ख) हल्
(ग) यण
(घ) एच
उत्तर:
(ख) हल्

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CBSE Class 6 Sanskrit रचना अपठित-अवबोधनम्

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CBSE Class 6 Sanskrit रचना अपठित-अवबोधनम्

प्रश्न 1
एकस्मिन् ग्रामे कश्चित् निर्धनः युवकः आसीत्। तस्य नाम धनपालः आसीत्। सः प्रतिदिनं भिक्षायै ग्राम ग्राम प्रति भ्रमति स्म। प्राप्तैः सक्तुभिः तस्य घटः पूर्णः अभवत्। सः घटं नागदन्ते अवलम्ब्य खट्वायां शयनं करोति स्म।

I. एकपदेन उत्तरत
(i) निर्धनः कः आसीत्?
उत्तर:
युवकः

(ii) युवकः कुत्र आसीत्?
उत्तर:
ग्रामे

(iii) सः किमर्थं ग्रामं ग्राम प्रति भ्रमति स्म?
(क) भिक्षायै
(ख) अन्नाय
(ग) जलाय
(घ) वस्त्राय।
उत्तर:
(क) भिक्षायै

(iv) सक्तुभिः कः पूर्णः आसीत्?
(क) घटः
(ख) प्रकोष्ठः
(ग) जलाशयः
(घ) गर्तः।
उत्तर:
(क) घटः

CBSE Class 6 Sanskrit रचना अपठित-अवबोधनम्

II. पूर्णवाक्येन उत्तरत
युवकस्य नाम किम् आसीत्? निर्देशानुसारम् उत्तरत
उत्तर:
युवकस्य नाम धनपालः आसीत्।

(i) ‘आसीत्’ इत्यत्र कः लकार:?
उत्तर:
लङ्।

(ii) ‘भिक्षायै इत्यत्र का विभक्तिः ?
(क) तृतीया
(ख) चतुर्थी
(ग) षष्ठी
(घ) सप्तमी
उत्तर:
(ख) चतुर्थी

CBSE Class 6 Sanskrit रचना अपठित-अवबोधनम्

प्रश्न 2
स्वास्थ्यलाभाय प्रतिदिनं व्यायामः करणीयः। व्यायामेन शरीरं स्वस्थं भवति। रक्तस्य सञ्चारः सम्यग् भवति। जठराग्निः दीप्तः भवति। उदरं न परिवर्धते। मस्तिष्कम् उर्वरं भवति।

I. एकपदेन उत्तरत
(i) प्रतिदिनं किं करणीयम्?
उत्तर:
व्यायाम:।

(ii) व्यायामेन किं स्वस्थं भवति?
उत्तर:
शरीरम्

(iii) कस्य सञ्चारः सम्यग भवति?
उत्तर:
रक्तस्य

(iv) व्यायामेन किं न परिवर्धते?
(क) उदरम्
(ख) हस्तः
(ग) पादः
(घ) नासिका।
उत्तर:
(क) उदरम्

CBSE Class 6 Sanskrit रचना अपठित-अवबोधनम्

II. पूर्णवाक्येन उत्तरत
व्यायामेन किम् उर्वरं भवति?
उत्तर:
व्यायामेन मस्तिष्कम् उर्वरं भवति।

III. निर्देशानुसारम् उत्तरत
(i) ‘भवति’ इत्यत्र को लकार:?
उत्तर:
लट

(ii) ‘व्यायामेन’ इत्यत्र का विभक्तिः ?
(क) चतुर्थी
(ख) तृतीया
(ग) षष्ठी
(घ) सप्तमी।
उत्तर:
(ख) तृतीया।

CBSE Class 6 Sanskrit रचना अपठित-अवबोधनम्

प्रश्न 3.
पुरा अयोध्यायाः राजा दशरथः आसीत्। तस्य त्रयः पुत्राः आसन्। तेषु श्रीरामः ज्येष्ठः आसीत्। श्रीरामस्य पत्नी सीता आसीत्। सत्यस्य पालनाय दशरथः श्रीरामं वनं प्रैषयत्। वने रावणः सीताम् अपाहरत्। श्रीरामः रावणं हत्वा सीतां मोचितवान्।
I. एकपदेन उत्तरत
(i) अयोध्यायाः राजा कः आसीत्?
उत्तर:
दशरथः

(ii) दशरथस्य कति पुत्राः आसन्?
(क) चत्वारः
(ख) त्रयः
(घ) पञ्च।
उत्तर:
(क) चत्वारः

(iii) श्रीरामस्य पत्नी का आसीत्?
(क) सुमित्रा
(ख) कौसल्या
(ग) सीता
(घ) दमयन्ती।
उत्तर:
(ग) सीता

(iv) कः सीताम् अपाहर?
(क) रावणः
(ख) मेघनादः
(ग) लक्ष्मणः
(घ) भरतः।
उत्तर:
(क) रावणः

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II. पूर्णवाक्येन उत्तरत
दशरथः कं वनं प्रैषय?
उत्तर:
दशरथः श्रीरामं वनं प्रैषयत्।

III. निर्देशानुसारम् उत्तरत
(i) ‘हत्वा’ इत्यत्र कः प्रत्ययः?
(क) क्त्वा
(ख) आ
(ग) ता
(घ) वा।
उत्तर:
(क) क्त्वा

(ii) ‘अपाहरत्’ इत्यत्र को लकार:?
(क) लट्
(ख) लोट्
(ग) लङ्
(घ) लृट।
उत्तर:
(ग) लङ्

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प्रश्न 4.
आकाशे बहवः ग्रहाः सन्ति। सूर्यः विशालं नक्षत्रम् अस्ति। चन्द्रः एकः उपग्रहः अस्ति। पृथिवी सूर्य परितः प्रतिदिनं भ्रमति। सौरमण्डले नव ग्रहाः सन्ति। बृहस्पतिः विशालतमः अस्ति। सूर्यः प्रकाशं यच्छति। सूर्यः उष्णताम् अपि यच्छति।

I. एकपदेन उत्तरत
(i) आकाशे के सन्ति?
उत्तर:
ग्रहाः

(ii) विशालं नक्षत्रं कः अस्ति?
उत्तर:
सूर्यः

(iii) उपग्रहः कः अस्ति?
(क) पृथिवी
(ख) चन्द्रः
(ग) शनिः
(घ) गुरुः।
उत्तर:
(ख) चन्द्रः

(iv) कः प्रकाशं यच्छति?
(क) शुक्रः
(ख) सूर्यः
(ग) गुरुः
(घ) बुधः
उत्तर:
(ख) सूर्यः

CBSE Class 6 Sanskrit रचना अपठित-अवबोधनम्

II. पूर्णवाक्येन उत्तरत
विशालतमः ग्रहः कः अस्ति?
उत्तर:
विशालतमः ग्रहः बृहस्पतिः अस्ति।

III. निर्देशानुसारम् उत्तरत
(i) ‘यच्छति’ इत्यत्र कः धातुः?
(क) यत्
(ख) यच्छ्
(ग) दा
(घ) छा।
उत्तर:
(ग) दा

(ii) ‘उष्णता’ इत्यत्र कः प्रत्ययः?
(क) ता
(ख) आ
(ग) अता
(घ) आता।
उत्तर:
(क) ता

CBSE Class 6 Sanskrit रचना अपठित-अवबोधनम्

प्रश्न 5.
मोक्षः चतुर्थः पुरुषार्थः। प्रथमः पुरुषार्थः धर्मः अस्ति। मोक्षो नाम दु:खेभ्यः सर्वथा मुक्तिः। ‘निर्वाणम्’ इति मोक्षस्य अपरनाम। धर्मेण एव मोक्षः लभ्यते। संसारे धर्मः एव जीवनस्य सारः अस्ति।

I. एकपदेन उत्तरत
(i) चतुर्थः पुरुषार्थः कः अस्ति?
उत्तर:
मोक्षः

(ii) प्रथमः पुरुषार्थः कः अस्ति?
उत्तर:
धर्मः

(iii) मोक्षस्य अपरनाम किम् अस्ति?
उत्तर:
निर्वाणम्

(iv) धर्मेण कः लभ्यते?
उत्तर:
मोक्षः

CBSE Class 6 Sanskrit रचना अपठित-अवबोधनम्

II. पूर्णवाक्येन उत्तरत
जीवनस्य सारः किम् अस्ति?
उत्तर:
जीवनस्य सारः धर्मः एव अस्ति।

III. निर्देशानुसारम् उत्तरत
(i) ‘अस्ति’ इत्यत्र कः धातुः?
(क) भू
(ख) अस्
(ग) नम्
(घ) अस्त।
उत्तर:
(ख) अस्

(ii) ‘धर्मेण’ इत्यत्र का विभक्तिः ?
(क) तृतीया
(ख) चतुर्थी
(ग) षष्ठी
(घ) पञ्चमी।
उत्तर:
(क) तृतीया

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CBSE Class 6 Sanskrit रचना निबंध-लेखनम्

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CBSE Class 6 Sanskrit रचना निबंध-लेखनम्

(1) मम विद्यालय
मम विद्यालय: नगरस्य नातिदूरम् अस्ति। अहं द्विचक्रिकया तत्र गच्छामि। तत्र दशमकक्षापर्यन्तम् अध्यायनं भवति। क्रीडायाः अपि तत्र सम्यक् व्यवस्था वर्तते। तस्य परीक्षापरिणामः उत्तमः भवति। छात्राणां सर्वांगीणः विकासः अत्र भवति।

शब्दार्थ:-
नातिदूरम् – समीप।
द्विचक्रिकया – साईकल से।
दशमकक्षापर्यन्तम् – दसवीं कक्षा तक।
अध्यायनम् – पढ़ाई।
क्रीडायाः – खेलों का।
सम्यक् – अच्छी।

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(2) मम पुस्तकम्
मम पुस्तकम् (श्रेयसी) अस्ति। एतत् पुस्तकम् रोचकम् अस्ति । अस्मिन् कथा-श्लोक-माध्यमेन संस्काराः दीयन्ते । छात्राः श्लोकान् कण्ठस्थान् कुर्वन्ति । पाठानन्तरम् अभ्यासः अस्ति । अनेन संस्कृतभाषायाः ज्ञानं सरलतया कर्तुं शक्यते।

शब्दार्थ:-
रोचकम् – रुचिकर।
संस्काराः – शिक्षा।
दीयन्ते – दिए जाते हैं।
कुर्वन्ति – करते हैं।
कण्ठस्थान् – याद।
पाठानन्तरम् – पाठ के बाद।
अनेन – इसके द्वारा।
कर्तुं शक्यते – किया जा सकता है।

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(3) मम आचार्य:
डा. आनन्दस्वरूपः मम प्रियः आचार्यः अस्ति। सः अनुशासनप्रियः अस्ति। सः गणितस्य अध्यापकः अस्ति। सः सर्वान् पितृवत् स्निह्यति । सः स्वविषयं परिश्रमपूर्वकं पाठयति। सर्वे छात्राः तं सादरं प्रणमन्ति।

शब्दार्थ:-
सर्वान् – सब को।
पितृवत् – पिता के समान।
स्निह्यति – प्यार करता है।
पाठयति – पढ़ाता है।
प्रणमन्ति – प्रणाम करते हैं।

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(4) संस्कृतभाषा :
अस्माकं राष्ट्रस्य सर्वासां भाषाणां जननी संस्कृतभाषा अस्ति। एषा विश्वभाषा अस्ति। अस्माकं प्राचीन ग्रन्थाः संस्कृतभाषायां सन्ति। भारतस्य सर्वेषु विद्यालयेषु संस्कृतसंभाषणस्य शिक्षणं प्रदातुं संस्कृतभारती संस्कृतसम्भाषण-शिविराणि आयोजयति।

शब्दार्था:-
राष्ट्रस्य – राष्ट्र की।
सर्वासाम् – सब।
भाषाणाम् – भाषाओं की।
अस्माकम् – हमारे
शिक्षणम् – शिक्षा, पढ़ाई।
आयोजयति – आयोजित करती है।

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(5) मम देश:
(जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी) भारतम् मम प्रियः देशः अस्ति। मम देशः सुविशालः अस्ति । अत्र षट् ऋतवः सन्ति । अत्र उत्तरदिशायाम् देवतात्मा हिमालयः अस्ति। प्राचीनकाले अयं देशः विश्वगुरुः आसीत् । अयं पुनः शीघ्रं विश्वगुरुः भविष्यति। उक्तं च-जननी जन्मभूमिः स्वर्गादपि गरीयसी।

शब्दार्थ:-
मम – मेरा
सुविशाल: – बहुत बड़ा
षट् – छह
ऋतवः – ऋतुएँ
सन्ति – हैं
उत्तरदिशायाम् – उत्तरदिशा में
देवतात्मा – देवताओं का निवास स्थान
प्राचीनकाले: – प्राचीन समय में
विश्वगुरुः – संसार का गुरु। गरीयसी-महान्।

अभ्यासः

अधोलिखितेषु विषयेषु निबन्धान लिखत (निम्नलिखित विषयों पर निबन्ध लिखें।)

1. मम प्रिया क्रीडा
2. मम प्रियं मित्रम्
3. मम गृहम्
4. मम उद्यानम्
5. मम दिनचर्या।

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CBSE Class 6 Sanskrit रचना पत्र-लेखनम्

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CBSE Class 6 Sanskrit रचना पत्र-लेखनम्

अधोलिखितेषु पत्रेषु शब्दसूचीसहायतया रिक्तस्थानानि पूरयन्तु
(निम्नलिखित पत्रों में शब्दसूची की सहायता से रिक्त स्थानों को भरो)

प्रश्न1.
अवकाशहेतोः प्रार्थनापत्रम्

शब्दसूची-भवदीयः। ज्वरग्रस्तः। प्रार्थयामि। महोदय। विद्यालयम्।

प्रधानाचार्यः,
डी. ए. वी. स्कूल, कुरुक्षेत्रम्।
सविनयं ………… यत् अहं ………… अस्मि। अतः …………. आगन्तुं न शक्नोमि । कृपया मई 12-13 इति अवकाशः दीयताम्।
सधन्यवादम् …………

आज्ञाकारी शिष्यः
क. ख. ग.

दि. 11 मई, 2020

CBSE Class 6 Sanskrit रचना पत्र-लेखनम्

प्रश्न 2.
मातरं प्रति कुशलतापत्रम्

शब्दसूची-गृहम्। पूज्येषु। पत्रम्। कुशलम्। सम्यक्

8 अगस्त, 2020
8, छात्रावासः
अम्बालानगरम

…………. मातृचरणेषु
………… सादरं वन्दे।
अत्र ………….. तत्र अस्तु । भवतां ………….. ह्यः एव आगतम् । मम अध्ययनं ………….. प्रचलति। परीक्षां दत्त्वा अहं शीघ्रं …………… आगमिष्यामि।
शेषं कुशलम्

भवदीयः पुत्रः
देवदत्तः

CBSE Class 6 Sanskrit रचना पत्र-लेखनम्

प्रश्न 3.
विवाहार्थं निमन्त्रणपत्रम्

शब्दसूची-वरुण। बहु। अनिवार्यम्। निश्चितः। कुशली।

(नगरम्)
(दिनाङ्कः)

प्रियमित्र ………….
अहम् अत्र ………….. । मम भ्रातः विवाहः ……………… जातः। तत्र भवताम् आगमनम् …………. अस्ति। मम जननी भवन्तं ………….. स्मरति। सर्वेभ्यो नमोनमः। अस्ति। मम अनमा अवत…..

भवदीयं मित्रम्
परमानन्दः

CBSE Class 6 Sanskrit रचना पत्र-लेखनम्

प्रश्न 4.
दिनचर्याविषयकं पना

शब्दसूची-नमोनमः। प्रणमामि। पितृवत्। रात्रौ। अस्तु।

गीता विद्यालयः
कुरुक्षेत्रम्
10 दिसम्बर, 2020

परमपूजनीयाः पितृचरणाः!
साष्टाङ्गं अत्र कुशलं तत्र …………..। मम अध्ययनं सम्यक् चलति। अहं ………….. दशवादनपर्यन्तं पठामि। विद्यालये शिक्षकाः अस्मासु ………….. स्निह्यन्ति।
सर्वेभ्यः………..

भवदीयः पुत्रः
परमानन्दः

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प्रश्न 5.
परीक्षा-परिणाम-सूचना

शब्दसूची-भ्राता। प्रतिशतम्। चन्दन। सूचयामि। अङ्काः ।

चेन्नैः
8 दिसम्बर, 2021

प्रिय भ्राता …………..
सस्मेहं नमस्कारः।
अत्र कुशलं तत्रास्तु । अहं परीक्षायाः परिणामं ……….. । मम सर्वविषयेषु उत्तमाः …………. सन्ति । सर्वविषयान् संहत्य 70 ………….: अङ्कान् प्राप्तवान् अस्मि।
भगिन्यै शुभाशीर्वादाः।

भवदीयः ………….
रविः

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