Author name: Prasanna

NCERT Solutions for Class 7 Sanskrit Chapter 13 अमृतं संस्कृतम्

Detailed, Step-by-Step NCERT Solutions for Class 7 Sanskrit Ruchira Chapter 13 अमृतं संस्कृतम् Questions and Answers were solved by Expert Teachers as per NCERT (CBSE) Book guidelines covering each topic in chapter to ensure complete preparation.

NCERT Solutions for Class 7 Sanskrit Ruchira Chapter 13 अमृतं संस्कृतम्

पाठ्यपुस्तक के प्रश्न-अभ्यास

प्रश्न 1.
उच्चारणं कुरुत –

बहीनाम् – सङ्गणकस्य
चिकित्साशास्त्रम् – वैशिष्ट्यम्
भूगोलशास्त्रम् – वाङ्मये
विद्यमानाः – अर्थशास्त्रम्
उत्तर:
स्वयं उच्चारण करें।

प्रश्न 2.
प्रश्नानाम् एकपदेन उत्तराणि लिखत –

(क) का भाषा प्राचीनतमा ?
(ख) भारतीयसंस्कृतेः रक्षणं केन सम्भवति ?
(ग) चाणक्येन रचितं शास्त्रं किम् ?
(घ) कस्याः भाषायाः काव्यसौन्दर्यम् अनुपमम् ?
(ङ) शून्यस्य प्रतिपादनं कः अकरोत् ?
उत्तर:
(क) संस्कृतभाषा .
(ख) संस्कृतेन
(ग) अर्थशास्त्रम्
(घ) संस्कृतभाषायाः
(ङ) भास्कराचार्यः।

NCERT Solutions for Class 7 Sanskrit Chapter 13 अमृतं संस्कृतम्

प्रश्न 3.
प्रश्नानाम् उत्तराणि एकवाक्येन लिखत –

(क) भारतसर्वकारस्य राजचिह्ने किं लिखितम् अस्ति ?
(ख) संस्कृतस्य वाङ्मयं कैः समृद्धमस्ति ?
(ग) संस्कृतस्य सूक्तयः केन रूपेण स्वीकृताः सन्ति ?
(घ) अस्माभिः संस्कृतं किमर्थ पठनीयम् ?
उत्तर:
(क), ‘सत्यमेव जयते’ इति भारतसर्वकारस्य राजचिह्न लिखितम् अस्ति।
(ख) संस्कृतस्य वाङ्मयं वेदैः, पुराणैः, नीतिशास्त्रैः, चिकित्साशास्त्रादिभिः समृद्धमस्ति।
(ग) संस्कृतस्य सूक्तयः ध्येयवाक्यरूपेण स्वीकृताः सन्ति।
(घ) अस्माभिः संस्कृतं पठनीयम् येन मनुष्यस्य समाजस्य च परिष्कारः भवेत्।

प्रश्न 4.
इकारान्त-स्त्रीलिङ्गशब्दरूपम् अधिकृत्य रिक्तस्थानानि पूरयत

NCERT Solutions for Class 7 Sanskrit Chapter 13 अमृतं संस्कृतम् 1
उत्तर:
NCERT Solutions for Class 7 Sanskrit Chapter 13 अमृतं संस्कृतम् 2

प्रश्न 5.
रेखालानि पानि अधिकृत्य प्रनिगाण सरा –

(क) संस्कृते ज्ञानविज्ञानयोः निधिः सुरक्षितोऽस्ति।
(ख) संस्कृतमेव सङ्गणकस्य कृते सर्वोत्तमा भाषा।
(ग) शल्यक्रियायाः वर्णनं संस्कृतसाहित्ये अस्ति।
(घ) वरिष्ठान प्रति अस्माभिः प्रियं व्यवहर्त्तव्यम्।
उत्तर:
(क) संस्कृते ज्ञानविज्ञानयोः कः सुरक्षितोऽस्ति?
(ख) संस्कृतमेव कस्य कृते सर्वोत्तमा भाषा ?
(ग) शल्यक्रियायाः वर्णन कस्मिन् अस्ति ?
(घ) कान् प्रति अस्माभिः प्रियं व्यवहर्तव्यम् ?

NCERT Solutions for Class 7 Sanskrit Chapter 13 अमृतं संस्कृतम्

प्रश्न 6.
उदाहरणानुसारं पदानां विभक्तिं वचनञ्च लिखत

NCERT Solutions for Class 7 Sanskrit Chapter 13 अमृतं संस्कृतम् 3
उत्तर:
NCERT Solutions for Class 7 Sanskrit Chapter 13 अमृतं संस्कृतम् 4

NCERT Solutions for Class 7 Sanskrit Chapter 13 अमृतं संस्कृतम्

प्रश्न 7.
यथायोग्य संयोज्य लिखत

NCERT Solutions for Class 7 Sanskrit Chapter 13 अमृतं संस्कृतम् 5
उत्तर:
NCERT Solutions for Class 7 Sanskrit Chapter 13 अमृतं संस्कृतम् 6

बहुविकल्पी प्रश्न

निम्नलिखितानां प्रश्नानाम् शुद्धम् उत्तरं चित्वा लिखत –

प्रश्न 1.
चरकसुश्रुतयोः योगदान कस्मिन् क्षेत्रे अस्ति?
(क) गणिते
(ख) चिकित्साशास्त्रे
(ग) ज्योतिषशास्त्रे
(घ) वेदान्ते।
उत्तर:
(ख) चिकित्साशास्त्रे

प्रश्न 2.
चाणक्यस्य प्रसिद्धा रचना का अस्ति?
(क) अर्थशास्त्रम्
(ख) विष्णुपुराणम्
(ग) पञ्चतन्त्रम्
(घ) नीतिशतकम्।
उत्तर:
(क) अर्थशास्त्रम्

NCERT Solutions for Class 7 Sanskrit Chapter 13 अमृतं संस्कृतम्

प्रश्न 3.
‘सत्यमेव जयते’ इति सूक्तिः कुत्र प्रयुक्ता?
(क) भारतसर्वकारस्य राजचिह्न
(ख) दूरदर्शने
(ग) जीवनबीमानिगमस्य चिह्न
(घ) पत्रालये।
उत्तर:
(क) भारतसर्वकारस्य राजचिह्न

प्रश्न 4.
‘महापुरुषाणाम् पदे कः मूलशब्दः ?
(क) महान्
(ख) पुरुषः
(ग) महान् पुरुषः
(घ) महापुरुष।
उत्तर:
(घ) महापुरुष।

प्रश्न 5.
‘कथयन्ति’ पदे कः पुरुषः ?
(क) प्रथमः
(ख) द्वितीयः
(ग) उत्तमः
(घ) मध्यमः।
उत्तर:
(क) प्रथमः

प्रश्न 6.
‘वाङ्मयम्’ पदस्य समानार्थकपदं किम् अस्ति ?
(क) संगीतम्
(ख) साहित्यम् ।
(ग) संस्कृतम्
(घ) वैदिकः।
उत्तर:
(ख) साहित्यम् ।

Class 7 Sanskrit Chapter 13 अमृतं संस्कृतम् Summary

1. विश्वस्य सर्वासु …………. संस्कृतिस्तथा । (पृष्ठ 69)

हिन्दी सरलार्थ – विश्व की सभी भाषाओं में संस्कृत भाषा सबसे प्राचीन भाषा है। यह भाषा बहुत-सी भाषाओं की जननी मानी गई है। इसी भाषा में ज्ञान और विज्ञान का भंडार सुरक्षित है। जैसा कि कहा गया है-भारत की दो प्रतिष्ठाएँ है-संस्कृत और संस्कृति।

2. अस्याः भाषायाः ………… उल्लेखनीयम्। (पृष्ठ 69)

हिन्दी सरलार्थ – इस भाषा की वैज्ञानिकता का विचार करके ही कम्प्यूटर विशेषज्ञ कहते हैं कि संस्कृत ही कम्प्यूटर के लिए सबसे उत्तम भाषा है। इसका साहित्य वेदों, पुराणों, नीतिशास्त्रों, चिकित्साशास्त्र आदि से समृद्ध है। कालिदास जैसे विश्व कवियों का काव्य सौन्दर्य अनुपम है। चाणक्य द्वारा रचित अर्थशास्त्र संसार में प्रसिद्ध है। गणितशास्त्र में शून्य का प्रतिपादन सबसे पहले भास्कराचार्य ने सिद्धान्तशिरोमणि में किया। चिकित्साशास्त्र में चरक और सुश्रुत का योगदान विश्व में प्रसिद्ध है। संस्कृत में जो अन्य शास्त्र हैं उनमें खगोलविज्ञान, वास्तुशास्त्र, रसायनशास्त्र, ज्योतिषशास्त्र और विमानशास्त्र उल्लेखनीय हैं।

3. संस्कृतस्य इदं …………… वर्तते । (पृष्ठ 69)

हिन्दी सरलार्थ – संस्कृत को यह विशेषता है कि इसके साहित्य में विद्यमान सूक्तियाँ उन्नति के लिए प्रेरित करती हैं। बड़ों और छोटों के प्रति हमें कैसा व्यवहार करना चाहिए इसका व्यावहारिक ज्ञान संस्कृत ही देती है। भारत सरकार के विभिन्न विभागों में संस्कृत की सूक्तियाँ ध्येय वाक्य के रूप में स्वीकृत है। भारत सरकार के राजचिहन में प्रयुक्त सक्ति’सत्यमेव जयते’ (सत्य की ही विजय होती है) को सभी जानते हैं। इसी प्रकार राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान प्रशिक्षण परिषद् का ध्येय वाक्य ‘विद्ययाऽमृतमश्नुते’ (विद्या से व्यक्ति अमरता प्राप्त करता है) है।

NCERT Solutions for Class 7 Sanskrit Chapter 13 अमृतं संस्कृतम्

4. केचन कथयन्ति  ………………. ज्ञानविज्ञानपोषकम् । (पृष्ठ 70)

हिन्दी सरलार्थ – कुछ कहते हैं कि संस्कृत भाषा में केवल धार्मिक साहित्य है-यह धारणा उचित नहीं है। संस्कृत के ग्रन्थों में मानव जीवन के लिए अनेक प्रकार के विषय सम्मिलित हैं। महापुरुषों की बुद्धि, उत्तम लोगों का धैर्य और साधारण लोगों की जीवनपद्धति वर्णित है। इसलिए हमें संस्कृत अवश्य पढ़नी चाहिए जिससे मनुष्य और समाज का परिष्कार हो और कहा गया है
मित्र ! संस्कृत अमृत है। इसके वचन सरस (मनोरंजक) और सरल हैं। यह देश में एकता का मूल है तथा ज्ञान और विज्ञान को पुष्ट करने वाली है।

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NCERT Solutions for Class 7 Sanskrit Chapter 12 विद्याधनम्

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NCERT Solutions for Class 7 Sanskrit Ruchira Chapter 12 विद्याधनम्

पाठ्यपुस्तक के प्रश्न-अभ्यास

प्रश्न 1.
उपयुक्तकथनानां समक्षम् ‘आम्’, अनुपयुक्तकथनानां समक्षं ‘न’ इति लिखत –

(क) विद्या राजसु पूज्यते।
(ख) वाग्भूषणं भूषणं न।
(ग) विद्याधनं सर्वधनेषु प्रधानम्।
(घ) विदेशगमने विद्या बन्धुजनः न भवति।
(ङ) विद्या सर्वत्र कीर्तिं तनोति।
उत्तर:
(क) आम्
(ख) न
(ग) आम्
(घ) न
(ङ) आम्।

NCERT Solutions for Class 7 Sanskrit Chapter 12 विद्याधनम्

प्रश्न 2.
अधोलिखितानां पदानां लिङ्गं, विभक्तिं वचनञ्च लिखत –

NCERT Solutions for Class 7 Sanskrit Chapter 12 विद्याधनम् 8
उत्तर:
NCERT Solutions for Class 7 Sanskrit Chapter 12 विद्याधनम् 2
NCERT Solutions for Class 7 Sanskrit Chapter 12 विद्याधनम् 3

प्रश्न 3.
श्लोकांशान् योजयत –

(क) विद्या राजसु पूज्यते न हि धनम् – हारा न चन्द्रोज्ज्वलाः
(ख) केयूराः न विभूषयन्ति पुरुषम् – न भ्रातृभाज्यं न च भारकारि
(ग) नचौरहार्य न च राजहार्यम् – या संस्कृता धार्यते
(घ) मातेव रक्षति पितेव हिते नियुङ्क्ते – विद्या-विहीनः पशुः
(ङ) वाण्येका समलङ्करोति पुरुषम् – कान्तेव चाभिरमयत्यपनीय खेदम्
उत्तर:
(क) विद्या राजसु पूज्यते न हि धनम् – विद्या-विहीनः पशुः
(ख) केयूराः न विभूषयन्ति पुरुषम् – हारा न चन्द्रोज्ज्वला:
(ग) न चौरहार्य न च राजहार्यम् – न भ्रातृभाज्यं न च भारकारि
(घ) मातेव रक्षति पितेव हिते नियुङ्क्ते कान्तेव – चाभिरमयत्यपनीय खेदम्
(ङ) वाण्येका समलङ्करोति पुरुषम् – या संस्कृता धार्यते

प्रश्न 4.
एकपदेन प्रश्नानाम् उत्तराणि लिखत –

(क) कः पशुः?
(ख) का भोगकरी ?
(ग) के पुरुष न विभूषयन्ति ?
(घ) का एका पुरुषं समलङ्करोति ?
(ङ) कानिक्षीयन्ते ?
उत्तर:
(क) विद्याविहीन: नरः।
(ख) विद्या।
(ग) केयूराः।
(घ) वाणी।
(छ) भूषणानि।

NCERT Solutions for Class 7 Sanskrit Chapter 12 विद्याधनम्

प्रश्न 5.
रेखातिपदानि अधिकृत्य प्रश्ननिर्माणं कुरुत

(क) विद्याविहीनः नरः पशुः अस्ति।
(ख) विद्या राजसु पूज्यते।
(ग) चन्द्रोज्ज्वला: हाराः पुरुषं न अलङ्कुर्वन्ति।
(घ) पिता हिते नियुक्ते।
(ङ) विद्याधनं सर्वप्रधानं धनमस्ति।
(च) विद्या दिक्षु कीर्ति तनोति।
उत्तर:
(क) विद्याविहीनः कः पशुः अस्ति ?
(ख) का राजसु पूज्यते ?
(ग) चन्द्रोज्ज्वला: के पुरुषं न अलङ्कर्वन्ति ?
(घ) कः हिते नियुक्ते ?
(ङ) विद्याधनं कीदृशम् धनमस्ति ?
(च) विद्या कुत्र कीर्ति तनोति ?

प्रश्न 6.
पूर्णवाक्येन प्रश्नानाम् उत्तराणि लिखत –

(क) गुरूणां गुरुः का अस्ति?
(ख) कीदृशी वाणी पुरुष समलङ्करोति ?
(ग) व्यये कृते किं वर्धते ?
(घ) विद्या कुत्र कीर्ति वितनोति ?
(ङ) माता पिता इव विद्या किं किं करोति ?
उत्तर:
(क) गुरूणां गुरु: विद्या अस्ति।
(ख) संस्कृता वाणी पुरुष समलङ्करोति।
(ग) व्यये कृते विद्याधनं वर्धते।
(घ) विद्या दिक्षु कीर्तिम् वितनोति।
(ङ) विद्या माता इव रक्षति, पिता इव हिते नियुक्त।

प्रश्न 7.
मञ्जूषातः पुल्लिङ्ग-स्त्रीलिङ्ग-नपुंसकलिङ्गपदानि चित्वा लिखत –

NCERT Solutions for Class 7 Sanskrit Chapter 12 विद्याधनम् 4
NCERT Solutions for Class 7 Sanskrit Chapter 12 विद्याधनम् 5
NCERT Solutions for Class 7 Sanskrit Chapter 12 विद्याधनम् 6
उत्तर:
NCERT Solutions for Class 7 Sanskrit Chapter 12 विद्याधनम् 7

बहुविकल्पी प्रश्न

निम्नलिखितानां प्रश्नानाम् शुद्धम् उत्तरं चित्वा लिखत –

प्रश्न 1.
किम् धनम् सर्वधनप्रधानम् ?
(क) विद्याधनम्
(ख) दानधनम्
(ग) रत्नधनम्
(घ) रूपधनम्।
उत्तर:
(क) विद्याधनम्

NCERT Solutions for Class 7 Sanskrit Chapter 12 विद्याधनम्

प्रश्न 2.
राजसुका पूज्यते ?
(क) धनम्
(ख) विद्या
(ग) शक्तिः
(घ) सुन्दरता।
उत्तर:
(ख) विद्या

प्रश्न 3.
किम् भूषणं सततं भूषणम् ?
(क) वाग्भूषणम्
(ख) शौर्यभूषणम्
(ग) धनभूषणम्
(घ) स्वर्णाभूषणम्।
उत्तर:
(क) वाग्भूषणम्

प्रश्न 4.
का दिक्षु कीर्तिम् वितनोति ?
(क) माता
(ख) अध्यापिका
(ग) विद्या
(घ) देवी।
उत्तर:
(ग) विद्या

प्रश्न 5.
‘राजसु’ पदे का विभक्तिः ?
(क) प्रथमा
(ख) सप्तमी
(ग) षष्ठी
(घ) तृतीया।
उत्तर:
(ख) सप्तमी

प्रश्न 6.
‘गुरूणाम्’ पदे किम् वचनम् ?
(क) एकवचनम्
(ख) द्विवचनम्
(ग) बहुवचनम्
(घ) सर्वम्।
उत्तर:
(ग) बहुवचनम्।

Class 7 Sanskrit Chapter 12 विद्याधनम् Summary

1. न चोरों द्वारा चुराया जा सकता है, न राजा द्वारा छीना जा सकता है,न भाइयों द्वारा बाँटा जा सकता है, न भार बढ़ाने वाला है. खर्च करने पर सदैव बढ़ता ही रहता है, विद्या रूपी धन सभी धनों में प्रधान धन है।

2. विद्या मनुष्य का अधिक सौन्दर्य है, निजी गुप्त धन है, विद्या भोग के साधन उपलब्ध कराने वाली है, यश और सुख प्रदान करने वाली है, विद्या ही गुरुओं की भी गुरु है। विद्या विदेश जाने पर बन्धुजन (के समान) है। विद्या सबसे बड़ी देवता है। विद्या ही राजाओं में पूजी जाती है, धन नहीं, विद्या से रहित व्यक्ति पशु होता है।

NCERT Solutions for Class 7 Sanskrit Chapter 12 विद्याधनम्

3. मनुष्य को बाजूबन्द सुशोभित नहीं करते। न चन्द्रमा के समान उज्ज्वल (चमकीले) हार सुशोभित करते हैं, न स्नान, न शरीर पर लेप करने योग्य सुगन्धित पदार्थ, न फूल, न सजाए गए बाल सुशोभित करते हैं। मनुष्य को एकमात्र वाणी ही सुशोभित करती है, जो सुसंस्कृत रूप से धारण की गई हो। समस्त आभूषण नष्ट हो जाते हैं। वाणी रूपी आभूषण निरंतर (रहने वाला) आभूषण है।

4. (विद्या) माता के समान रक्षा करती है, पिता के समान कल्याण में लगाती है। पत्नी के समान दुःख को दूर करके हृदय को आनन्दित करती है। लक्ष्मी की वृद्धि करती है, सभी दिशाओं में यश फैलाती है। कल्पलता के समान विद्या क्या-क्या सिद्ध नहीं करती है।

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NCERT Solutions for Class 8 Sanskrit Chapter 15 प्रहेलिकाः

Detailed, Step-by-Step NCERT Solutions for Class 8 Sanskrit Ruchira Chapter 15 प्रहेलिकाः Questions and Answers were solved by Expert Teachers as per NCERT (CBSE) Book guidelines covering each topic in chapter to ensure complete preparation.

NCERT Solutions for Class 8 Sanskrit Ruchira Chapter 15 प्रहेलिकाः

अभ्यासः

प्रश्न 1.
श्लोकांशेषु रिक्तस्थानानि पूरयत-
(क) सीमन्निनीषु का ________ राजा ________ गुणोत्तमः।
(ख) कं सञ्जधान ________ का ________ गङ्गा?
(ग) के ________ कं ________ न बाधते शीतम्?
(घ) वृक्षाग्रवासी न च ________ ________ न च शूलपाणिः।
उत्तरम्
(क) सीमन्निनीषु का शान्ता? राजा कोऽभूत् गुणोत्तमः।
(ख) कं सञ्जधान कृष्णः? का शीतलवाहिनी गङ्गा?
(ग) केदारपोषणरता? कं बलवन्तं न बाधते शीतम्?
(घ) वृक्षाग्रवासी न च पक्षिराजः त्रिनेत्रधारी न च शूलपाणिः।

प्रश्न 2.
श्लोकांशान् योजयत्-
NCERT Solutions for Class 8 Sanskrit Chapter 15 प्रहेलिकाः Q2
NCERT Solutions for Class 8 Sanskrit Chapter 15 प्रहेलिकाः Q2.1
उत्तरम्
NCERT Solutions for Class 8 Sanskrit Chapter 15 प्रहेलिकाः Q2.2

प्रश्न 3.
उपयुक्तकथानानां समक्षम् ‘आम्’ अनुपयुक्तकथनानां समक्षं ‘न’ इति लिखत-
NCERT Solutions for Class 8 Sanskrit Chapter 15 प्रहेलिकाः Q3
उत्तरम्:
यथा- सिंह, करिणां कुलं हत्ति। (आम)
(क) कातरो युद्धे युद्ध्यते। (न)
(ख) कस्तूरी मृगात् जायते। (आम्)
(ग) मृगात् सिंह: पलायते। (न)
(घ) कंसः जघान कृष्णम्। (न)
(ङ) तक्रं शक्रराजदुर्लभम् (आम्)
(च) जयन्तः कृष्णनस्य पुत्रः। (न)

NCERT Solutions for Class 8 Sanskrit Chapter 15 प्रहेलिकाः

प्रश्न 4.
सन्धिविच्छेदं पूरयत-
(क) करिणां कुलम् – ________ + _________
(ख) कोऽभूत् – ________ + _________
(ग) अत्रैवोक्तम् – ________ + _________
(घ) वृक्षाग्रवासी – ________ + _________
(ङ) त्वग्वस्त्रधारी – ________ + _________
(च) बिभ्रन्न – ________ + _________
उत्तरम्:
(क) करिणां कुलम् – करिणां + कुलम्
(ख) कोऽभूत् – कः + अभुत्
(ग) अत्रैवोक्तम् – अत्रैव + उक्तम्
(घ) वृक्षाग्रवासी – वृक्ष + अग्रवासी
(ङ) त्वग्वस्त्रधारी – त्वक + वस्त्रधारी
(च) बिभ्रन्न – वि + भ्रन्न

प्रश्न 5.
अधोलिखितानां पदानां लिङ्ग विभक्तिं वचनञ्च लिखत-
NCERT Solutions for Class 8 Sanskrit Chapter 15 प्रहेलिकाः Q5
NCERT Solutions for Class 8 Sanskrit Chapter 15 प्रहेलिकाः Q5.1
उत्तरम्:
NCERT Solutions for Class 8 Sanskrit Chapter 15 प्रहेलिकाः Q5.2

प्रश्न 6(अ).
विलोमपदानि योजयत-
NCERT Solutions for Class 8 Sanskrit Chapter 15 प्रहेलिकाः Q6
उत्तरम्:
NCERT Solutions for Class 8 Sanskrit Chapter 15 प्रहेलिकाः Q6.1
NCERT Solutions for Class 8 Sanskrit Chapter 15 प्रहेलिकाः Q6.2

प्रश्न 6(आ).
समानार्थकापदं चित्वा लिखत-
(क) करिणाम् _________। (अश्वानाम् / गजानाम् / गर्दभानाम्)
(ख) अभूत् _________। (अचलत् / अहसत् / अभवत्)
(ग) वन्द्या _________। (वन्दनीया / स्मरणीया / कर्तनीया)
(घ) बुध्यते _________। (लिख्यते / अवगम्यते / पठ्यते)
(ङ) घटः _________। (तडाग: / नल: / कुम्भः)
(च) सजधान _________। (अमारयत् / अखादत / अपिबत)
उत्तरम्:
(क) करिणाम् गजानाम्।
(ख) अभूत् अभवत्।
(ग) वन्द्या वन्दनीया।
(घ) बुध्यते अवगम्यते।
(ङ) घटः कुम्भः।
(च) सजधान अमारयत्।

NCERT Solutions for Class 8 Sanskrit Chapter 15 प्रहेलिकाः

प्रश्न 7.
कोष्ड्कानतर्गतानां पदानामुपयुक्तविभक्तिप्रयोगेन अनुच्छेदं पूरयत-
एकः काकः _________ (आकाश) डयमानः आसीत्। तृषार्तः सः _________ (जल) अन्वेषणं करोति। तदा स: _________ (घट) अल्पं _________ (जल) पश्यति। सः _________ (उपल) आनीय _________(घट) पातयति। जलं _________ (घट) उपरि आगच्छति। _________ (काक) सानन्दं जलं पीत्वा तृप्यति।
उत्तरम्:
एकः काकः आकाशे (आकाश) डयमानः आसीत्। तृषार्तः सः जलस्य (जल) अन्वेषणं करोति। तदा स घटे (घट) अल्पं जलं (जल) पश्यति । सः उपलान (उपल) आनीय घटे (घट) पातयति। जलं घटे (घट) उपरि आगच्छति। काकः (काक) सानन्दं जलं पीत्वा तृप्यति।

योग्यता-विस्तारः
प्रस्तुत पाठ में दी गयी पहेलियों के आंतरिक्त कुछ अन्य पहेलियाँ अधोलिखित है। उन्हें पढ़कर स्वयं समझने की कोशिश करें और ज्ञानवर्धन करें यदि न समझ पाए तो उत्तर देंखे-

(क) चक्री त्रिशूली न हरो न विष्णुः।
महान् बलिष्ठो न च भीमसेनः।
स्वच्छन्दगामी न च नारदोऽपि।
सीतावियोगी न च रामचन्द्रःड़
उत्तरम्:
वृषभः

(ख) न तस्यादिर्न तस्यान्त: मध्ये यस्तस्य तिष्ठति।
तवाप्यस्ति ममाप्यस्ति यदि जानासि तद्वतड़
उत्तरम्:
नयनम्

NCERT Solutions for Class 8 Sanskrit Chapter 15 प्रहेलिकाः

(ग) अंपदो दूरगामी च साक्षरो न च पण्डितः।
अमुखः स्फूटवक्ता च यो जानाति स पण्डितःड़
उत्तरम्:
पत्रम्

Class 8 Sanskrit Chapter 15 प्रहेलिकाः Summary

परियोजना-कार्यम्
मनोरञ्जनहीन व हास्यविहीन जीवन को नरक माना जा सकता है। पहेलियाँ मनोरञ्जन की प्राचीन विधा हैं। ये प्रायः विश्व की सारी भाषाओं में उपलब्ध हैं। संस्कृत के कवियों ने इस परम्परा को अत्यन्त समृद्ध किया है। पहेलियाँ जहाँ हमें आनन्द देती हैं, वही समझ-बूझ की हमारी मानसिक व बौद्धिक प्रक्रिया को तेज बनाती हैं। इस पाठ में संस्कृत प्रहेलिका (पहेली) बूझने की परम्परा के कुछ रोचक उदाहरण प्रस्तुत किए गए हैं। रोचकपूर्ण ढंग से ज्ञानवर्धक करने के लिए पहेलियाँ उत्तम साधन हैं।

शब्दार्थ-
हन्ति – मरता / ती है; करिणाम् – हाथियों के; कातरः – कायर; सीमान्तिनीषु – नारियों में अभूत् – हुआ; बध्यते – जाना जाता हहै, सञ्जधान मारा; कंसज्जधान् – कंस को मारा; शीतलवाहिनी – शीतलधारी वाली; काशीतलवाहिनी – काशी की भूमि पर बहने वाली; दारपोषणरताः – पत्नी के पोषण में लीन; केदारपोषणरताः – खेत के कार्य में संलग्न; बलवत्तम् – बलवान् को; कम्बलवत्तम् – कम्बल वाले को बाधते – बाधिक करता है; वृक्षावासी – पेड़ों पर रहने वाला; पक्षिराजः – पक्षियों का राजा; त्रिनेत्रधारी – तीन नेत्रों वाला; शूलपाणिः – त्रिशूलधारी; त्वम् – त्वचा, छाल; विभ्रत् – मरार हुआ; विष्णुपदम् – मोक्ष; तक्रम् – छाद, मठा; शक्रस्य – इन्द्र का; दुर्लभम् – कठिन।

मूलपाठः
कस्तूरी जायते कस्मात्?
को हन्ति करिणां कुलम्?
किं कुर्यात् कातरो युद्धे?
भृगात् सिंहः पलायते ॥1॥

अन्वयः
कस्तूरी कस्मात् जायते? कारिणां कुलं कः हन्ति? कातरः युद्ध किं कुर्यात् ? मृगात् सिंहः पलायते।

सरलार्थः
कस्तूरी किससे उत्पन्न होती हैं ? कौन मरता है। हाथियों के कुल को? कायर युद्ध में क्या करता है? ‘हरिण से ‘शेर’, भाग जाता है।’ (ये तीनों की क्रमशः उत्तर है।)

NCERT Solutions for Class 8 Sanskrit Chapter 15 प्रहेलिकाः

सीमन्तिनीषु का शान्ता?
राजा कोऽभूत् गुणोत्तमः?
विद्वदभिः का सदा वन्द्या?
अत्रैवोक्तं न बुध्यते॥2॥

अन्वयः
सीमन्तिनीषु का शान्ता? कः गुणोत्तमः राजा अभूत् ? विद्वद्भिः सदा का वन्द्या?

सरलार्थः
1. नारियों में कौन शान्त है? (सीता)
2. गुणों में उत्तम राजा कौन हुआ है? (राम)
3. विद्वानों द्वारा सदा कौन पूजी जाती है? (विद्या)
इन्हीं में कहा गया है, पता नहीं चल रहा है।

कं सञ्जधान कृष्णः?
का शीतलवाहिनी गङ्गा?
के दारपोषणरता:?
कं बलवन्तं न बाधते शीतम्॥3॥

अन्वयः
कृष्णः कं सज्जधान? का शीतलवाहिनी गङ्गा? के दारपोषणरता:? शीतं कं बलवन्तं न बाधते?

सरलार्थः
कृष्ण ने किसे मारा? (कंस को)
शीतलधारा वाणी गंगा कहाँ हैं? (काशी में)
स्त्री के पोषण में कौन लगे रहते हैं? (किसान)
किस बलवान् को सर्दी नहीं लगती? (कम्बल वाले को)

NCERT Solutions for Class 8 Sanskrit Chapter 15 प्रहेलिकाः

वृक्षाग्रवासी न च पक्षिराजः
त्रिनेत्रधारी न च शूलपाणिः।
त्वगवस्त्रधारी न च सिद्धयोगी
जल च विभ्रन्न घटो न मेघः।।4।।

अन्वयः
वृक्षाग्रवासी पक्षिराजः च न त्रिनेत्रधारी (किन्तु) शूलपाणि: च न । त्वग्वस्त्रधारी (परन्तु) सिद्धयोगी च न) जलं च बिभ्रत् न घटः न (च) मेघः।

सरलार्थः
वृक्ष पर रहता है। लेकिन पक्षिराज (गरुड) नहीं है।
तीन नेत्रों वाला है लेकिन शिव नहीं है।
छात्र के वस्त्र पहनता है लेकिन योगी नहीं है।
जल से भरा हुआ है फिर भी न घड़ा है और न बादल।
उत्तर है – नारियल

भोजनान्ते च किं पेयम्?
जयन्तः कस्य वै सुतः?
कथं विष्णुपदं प्रोक्तम्?
तक्रं शुक्रस्य दुर्ललभम्॥5॥

NCERT Solutions for Class 8 Sanskrit Chapter 15 प्रहेलिकाः

अन्वयः
भोजनान्ते किं पेयम् ? जयन्तः कस्य वैसुतः? विष्णुपदं कथं प्रोक्तम् ? तक्रं शुक्रस्य दुर्लभम्।

सरलार्थः
भोजन के अन्त में क्या पीना चाहिए? (छाछ)
जयन्त किसका पुत्र था? (इन्द्र का)
मोक्ष कैसा कहा गया है? (दुर्लभ)
मट्ठा दुर्लभ है इन्द्र के लिए।

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NCERT Solutions for Class 7 Sanskrit Chapter 11 समवायो हि दुर्जयः

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NCERT Solutions for Class 7 Sanskrit Ruchira Chapter 11 समवायो हि दुर्जयः

NCERT Solutions for Class 12 Sanskrit Bhaswati Chapter 1 अनुशासनम्

पाठ्यपुस्तक के प्रश्न-अभ्यास

प्रश्न 1.
प्रश्नानाम् उत्तराणि एकपदेन लिखत
(क) वृक्षे का प्रतिवसति स्म?
(ग) गज: केन शाखाम् अत्रोटयत्?
(ङ) मक्षिकायाः मित्रं कः आसीत्?
(ख) वृक्षस्य अधः कः आगतः?
(घ) काष्ठकूट: चटकां कस्याः समीपम् अनयत्?
उत्तर:
(क) चटका
(ख) प्रमत्तः गजः
(ग) शुण्डेन
(घ) वीणारवा-नाम्न्याः मक्षिकायाः समीपम्
(ङ) मण्डूकः।

प्रश्न 2.
रेखाङ्कितानि पदानि आधृत्य प्रश्ननिर्माणं कुरुत-
(क) कालेन चटकायाः सन्ततिः जाता।
(ख) चटकायाः नीडं भुवि अपतत्।
(ग) गजस्य वधेनैव मम दुःखम् अपसरेत्।
(घ) काष्ठकूटः चञ्च्वा गजस्य नयने स्फोटयिष्यति।
उत्तर:
(क) कालेन कस्याः सन्ततिः जाता?
(ख) चटकायाः किम् भुवि अपतत्?
(ग) कस्य वधेनैव मम दुःखम् अपसरेत्?
(घ) काष्ठकूटः केन गजस्य नयने स्फोटयिष्यति?

NCERT Solutions for Class 12 Sanskrit Bhaswati Chapter 1 अनुशासनम्

प्रश्न 3.
मञ्जूषातः क्रियापदानि चित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत
करिष्यामि गमिष्यति अनयत् पतिष्यति स्फोटयिष्यति त्रोटयति
(क) काष्ठकूटः चञ्च्वा गजस्य नयने …………………………….।
(ख) मार्गे स्थितः अहमपि शब्द …………………………….।
(ग) तृषार्तः गजः जलाशयं …………………………….।
(घ) गजः गर्ते …………………………….।
(ङ) काष्ठकूटः तां मक्षिकायाः समीपं …………………………….।
(च) गजः शुण्डेन वृक्षशाखाः …………………………….।
उत्तर:
(क) स्फोटयिष्यति
(ख) करिष्यामि
(ग) गमिष्यति
(घ) पतिष्यति
(ङ) अनयत्
(च) त्रोटयति।

प्रश्न 4.
प्रश्नानाम् उत्तराणि एकवाक्येन लिखत
(क) चटकायाः विलापं श्रुत्वा काष्ठकूटः तां किम् अपृच्छत्?
(ख) चटकायाः काष्ठकूटस्य च वार्ता श्रुत्वा मक्षिका किम् अवदत्?
(ग) मेघनादः मक्षिकां किम् अवदत्?
(घ) चटका काष्ठकूटं किम् अवदत्?
उत्तर:
(क) चटकायाः विलापं श्रुत्वा काष्ठकूटः ताम् अपृच्छत्-“भद्रे, किमर्थं विलपसि?”
(ख) चटकायाः काष्ठकूटस्य च वार्ता श्रुत्वा मक्षिका अवदत्-“ममापि मित्रं मण्डूकः मेघनादः अस्ति। शीघ्रं तमुपेत्य यथोचितं करिष्यामः।”
(ग) मेघनादः मक्षिकाम् अवदत्-“यथाहं कथयामि तथा कुरुतम्।”
(घ) चटका काष्ठकूटम् अवदत्-“एकेन दुष्टेन गजेन मम सन्ततिः नाशिताः। तस्य गजस्य वधेन एव मम दुःखम् अपसरेत्।”

NCERT Solutions for Class 12 Sanskrit Bhaswati Chapter 1 अनुशासनम्

प्रश्न 5.
उदाहरणमनुसृत्य रिक्तस्थानानि पूरयत –
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प्रश्न 6.
उदाहरणानुसारं ‘स्म’ शब्दं योजयित्वा भूतकालिकक्रियां रचयत
यथा- अवसत् – वसति स्म।
अपठत् – ………………… (1) …………………।
अत्रोटयत् – ………………… (2) …………………।
अपतत् – ………………… (3) …………………।
अपृच्छत् – ………………… (4) …………………।
अवदत् – ………………… (5) …………………।
अनयत् – ………………… (6) …………………।
उत्तर:
(1) पठति स्म
(2) त्रोटयति स्म
(3) पतति स्म
(4) पृच्छति स्म
(5) वदति स्म
(6) नयति स्म।

प्रश्न 7.
कोष्ठकात् उचितं पदं चित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत
(क) ……………………………. बालिका मधुरं गायति। (एकम्, एका, एकः)
(ख) ……………………………. कृषकाः कृषिकर्माणि कुर्वन्ति। (चत्वारः, चतस्त्रः, चत्वारि)
(ग) ……………………………. पत्राणि सुन्दराणि सन्ति। (ते, ताः, तानि)
(घ) धेनवः दुग्धं ……………………………. (ददाति, ददति, ददन्ति)
(ङ) वयं संस्कृतम् ……………………………. (अपठम्, अपठन्, अपठाम)
उत्तर:
(क) एका
(ख) चत्वारः
(ग) तानि
(घ) ददति
(ङ) अपठाम।

NCERT Solutions for Class 12 Sanskrit Bhaswati Chapter 1 अनुशासनम्

बहुविकल्पी प्रश्न
प्रश्न- निम्नलिखितानां प्रश्नानाम् शुद्धम् उत्तरं चित्वा लिखत-

प्रश्न 1.
कस्याः अण्डानि विशीर्णानि?
(क) लतायाः
(ख) चटकायाः
(ग) मक्षिकायाः
(घ) काष्ठकूटस्य।
उत्तर:
(ख) चटकायाः

प्रश्न 2.
मक्षिकायाः नाम किम् आसीत् ?
(क) मेघनादः
(ख) मधुरिमा
(ग) वीणारवा
(घ) सरस्वती।
उत्तर:
(ग) वीणारवा

प्रश्न 3.
कः गजस्य नयने स्फोटयिष्यति?
(क) काकः
(ख) मण्डूकः
(ग) सिंहः
(घ) काष्ठकूटः।
उत्तर:
(घ) काष्ठकूटः

NCERT Solutions for Class 12 Sanskrit Bhaswati Chapter 1 अनुशासनम्

प्रश्न 4.
गजः कस्य अन्तः पतितः मृतः च?
(क) गर्तस्य
(ख) समुद्रस्य
(ग) नद्याः
(घ) वनस्य।
उत्तर:
(क) गर्तस्य

प्रश्न 5.
‘स्थास्यामि’ पदे कः लकारः?
(क) लट्
(ख) लृट्
(ग) लङ्
(घ) लोट्
उत्तर:
(ख) लृट्

प्रश्न 6.
‘अन्तः’ पदस्य विपरीतार्थकपदम् किं भवति?
(क) अधः
(ख) नीचैः
(ग) बहिः
(घ) पुरा।
उत्तर:
(ग) बहिः।

NCERT Solutions for Class 12 Sanskrit Bhaswati Chapter 1 अनुशासनम्

Class 7 Sanskrit Chapter 11 समवायो हि दुर्जयः Summary

1. पुरा एकस्मिन् ………………………………… इति। (पृष्ठ 59)

हिन्दी सरलार्थ-प्राचीन काल में एक वृक्ष पर एक चिड़िया रहती थी। समय के साथ उसके बच्चे पैदा हुए। एक बार किसी . मतवाले हाथी ने उस वृक्ष के नीचे आकर उसकी शाखा को सूंड से तोड़ दिया। चिड़िया का घोंसला भूमि पर गिर पड़ा। उससे अंडे नष्ट हो गए। फिर वह चिड़िया रोने लगी। उसका रोना सुनकर काष्ठकूट नामक पक्षी ने दुःख से उसे पूछा-भद्रे ! क्यों रो रही हो?

2. चटकावदत् ………………………………… न्यवेदयताम्। (पृष्ठ 59)

हिन्दी सरलार्थ-चिड़िया बोली-एक दुष्ट हाथी ने मेरे बच्चे नष्ट कर दिए हैं। उस हाथी को मारकर ही मेरा दु:ख दूर होगा। फिर काष्ठकूट उसे वीणारवा नामक मक्खी के पास ले गया। उन दोनों की बात सुनकर मक्खी बोली-मेरा भी मित्र मेंढ़क मेघनाद है। जल्दी उसके पास जाकर जैसा उचित है, वैसा ही करेंगे। तब उन दोनों ने मक्खी के साथ जाकर मेघनाद के सामने सारी घटना बताई।

3. मेघनादः अवदत् ………………………………… हि दुर्जयः। (पृष्ठ 59-60)

NCERT Solutions for Class 12 Sanskrit Bhaswati Chapter 1 अनुशासनम्

हिन्दी सरलार्थ-मेघनाद बोला-जैसा मैं कहता हूँ वैसा ही तुम दोनों करो। मक्खी ! पहले तुम दोपहर में उस हाथी के कान में आवाज करना, जिससे वह आँखें बंद करके सो जाएगा। तब काष्ठकूट चोंच से उसकी आँखें फोड़ देगा। इस प्रकार वह हाथी अंधा हो जाएगा। प्यास से व्याकुल वह तालाब पर जाएगा। रास्ते में बहुत बड़ा गड्ढा है। उसके पास मैं खड़ा रहूँगा और आवाज करूँगा। मेरी आवाज से उस गड्ढे को तालाब मानकर वह उसी गड्ढे में गिर जाएगा और मर जाएगा। फिर वैसा करने पर वह हाथी दोपहर में मेंढक की आवाज का अनुसरण करके बहुत बड़े गड्ढे के अंदर गिर गया और मर गया। उसी प्रकार कहा गया है अनेक निर्बलों का समूह भी कठिनता से जीतने योग्य हो जाता है।

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NCERT Solutions for Class 8 Sanskrit Chapter 14 आर्यभटः

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NCERT Solutions for Class 8 Sanskrit Ruchira Chapter 14 आर्यभटः

अभ्यासः

प्रश्न 1.
एकपेदन उत्तरत-
(क) सूर्यः कस्यां दिशायाम् उदेति?
उत्तरम्:
पूर्वदिशायाम्।

(ख) आर्यभटस्य वेधशाला कुत्र आसीत्?
उत्तरम्:
पाटलिपुत्रे।

(ग) महान् गणितज्ञ: ज्योतिर्विच्च कः अस्ति?
उत्तरम्:
आर्यभटः।

(घ) आर्यभटेन कः ग्रन्थः रचितः?
उत्तरम्:
आर्यभटीयम्।

(ङ) अस्माकं प्रथमोपग्रहस्य नाम किम् अस्ति?
उत्तरम्:
आर्यभटम्

NCERT Solutions for Class 8 Sanskrit Chapter 14 आर्यभटः

प्रश्न 2.
पूर्णवाक्येन उत्तरत-
(क) कः सुस्थापितः सिद्धांत?
उत्तरम्:
आर्यभटः सूर्योत्वलः पृथिनी च चला या स्वकीये अक्षे धूर्णतिइति साम्प्रतं सुस्थापितः सिद्वान्तः।

(ख) चन्द्रग्रहणं कथं भवति?
उत्तरम्:
यदाप्रथिव्याः छायापातेन चन्द्रस्य प्रकाशः अवरूध्यते तदा चन्द्राग्रहणं भवति।

(ग) सूर्यग्रहणं कथं दृश्यते?
उत्तरम्:
पृथ्वी सूर्ययोः मध्ये समणतस्य चन्द्रस्य छायापातेन सूर्य ग्रहणं भवति।

(घ) आर्यभटस्य विरोधः किमर्थमभवत्?
उत्तरम्:
आर्यभटस्य विरोधः भारतीय ज्योतिः शास्ते अभवत्।

(ङ) प्रथमोपग्रहस्यं नाम आर्यभटः इति कथं कृतम?
उत्तरम्:
आधुनिकैः वैज्ञानिकैः तस्य सिद्धान्तै समादरः प्रकटितः अस्यादेव कारणाद् प्रथमोपग्रहस्थ नाम आर्यभटः कृतम।

NCERT Solutions for Class 8 Sanskrit Chapter 14 आर्यभटः

प्रश्न 3.
रेखांकितपदानि आधृत्य प्रश्ननिर्माणं कुरुत-
(क) सूर्यः पश्चिमायां दिशायाम् अस्तं गच्छति?
उत्तरम्:
सूर्यः कस्यां दिशायाम् अस्तं गच्छति?

(ख) पृथिवी स्थिरा वर्तते इति परम्परया प्रचलिता रूढिः?
उत्तरम्:
पृथिवी स्थिरा वर्तते इति कया प्रचलिता रूढि:?

(ग) आर्यभटस्य योगदानं गणितज्योतिष संबद्धः वर्तते?
उत्तरम्:
आर्यभटस्य योगदानं कः संबद्धः वर्तते?

(घ) समाजे नूतनविचाराणाम् स्वीकरणे प्रायः सामान्यजनाः काठिन्यमनुभवन्ति?
उत्तरम्:
समाजे नूतनविचाराणाम् स्वीकरणे प्रायः के काठिन्यमनभवन्ति?

(ङ) पृथ्वीसूर्ययोः मध्ये चन्द्रस्य छाया पातेन सूर्य ग्रहणं भवति?
उत्तरम्:
कयो: मध्ये चन्द्रस्य छाया पातेन सूर्य ग्रहणं भवति?

NCERT Solutions for Class 8 Sanskrit Chapter 14 आर्यभटः

प्रश्न 4.
मञ्जूषातः पदानि चित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत-
(नौकाम्, पृथिवी, तदा, चला, अस्त)
(क) सूर्य पूर्वदिशायाम् उदेति पश्चिमदिशि च _________ गच्छति।
(ख) सूर्य अचल: पृथिवी च _________।
(ग) _________ स्वकीये अक्षे घूर्णति।
(घ) यदा पृथिव्याः छायापातेन चन्द्रस्य प्रकाशः अवरूहयते _________ चन्द्रग्रहणं भवति।
(ङ) नौकायाम् उपविष्ट: मानव: _________ स्थिरामनुभवति।
(च) उदाहरणानुसारं पदपरिचयं ददत
उत्तरम्:
(क) सूर्य पूर्वदिशायाम् उदेति पश्चिमदिशि च अस्तं गच्छति।
(ख) सूर्य अचल: पृथिवी च चला।
(ग) पृथिवी स्वकीये अक्षे घूर्णति।
(घ) यदा पृथिव्याः छायापातेन चन्द्रस्य प्रकाशः अवरूहयते तदा चन्द्रग्रहणं भवति।
(ङ) नौकायाम् उपविष्ट: मानव: नौकां स्थिरामनुभवति।
(च) उदाहरणानुसारं पदपरिचयं ददत

NCERT Solutions for Class 8 Sanskrit Chapter 14 आर्यभटः

प्रश्न 5.
सन्धिविच्छेदं कुरुतं-
(क) ग्रन्थोऽयम् – _______ + _________
(ख) सूर्याचलः – _______ + _________
(ग) तथैव – _______ + _________
(घ) कालातिगामिनी – _______ + _________
(ङ) प्रथमोपग्रहस्य – _______ + _________
उत्तरम्:
(क) ग्रन्थोऽयम् – ग्रन्थः + आयम
(ख) सूर्याचलः – सूर्य + अचलः
(ग) तथैव – तथा + एव
(घ) कालातिगामिनी – काल + अतिगामिनी
(ङ) प्रथमोपग्रहस्य – प्रथम + उपग्रहस्य

प्रश्न 6(अ).
अधोलिखितपदानां विपरीतार्थकपदानि लिखत-
(क) उदयः – __________
(ख) अचलः – __________
(ग) अन्धकारः – __________
(घ) स्थिरः – __________
(ङ) समादरः – __________
(च) आकाशस्य – __________
उत्तरम्:
(क) उदयः – अस्तः
(ख) अचलः – चल:
(ग) अन्धकारः – प्रकाशः
(घ) स्थिरः – अस्थिरः
(ङ) समादरः – निरादरः
(च) आकाशस्य – पातालस्य

NCERT Solutions for Class 8 Sanskrit Chapter 14 आर्यभटः

प्रश्न 6(आ).
अधोलिखितपदानां समानार्थकपदानि पाठात् चित्वा लिखत-
(क) संसारे – ___________
(ख) इदानीम् – ___________
(ग) वसुन्धरा – ___________
(घ) समीपम् – ___________
(ङ) गणनम् – ___________
(च) राक्षसौ – ___________
उत्तरम्:
(क) संसारे – लोके
(ख) इदानीम् – अधुना
(ग) वसुन्धरा – पृथ्वी
(घ) समीपम् – निकषा
(ङ) गणनम् – आकलनं
(च) राक्षसौ – दानवों

प्रश्न 7.
अधोलिखितानि पदानि आधुत्य वाक्यानि रचयत-
साम्प्रतम्: – __________
निकषा – __________
परितः – __________
उपविष्टः – __________
कर्मभूमिः – __________
वैज्ञानिक: – __________
उत्तरम्: – __________
उत्तरम्:
NCERT Solutions for Class 8 Sanskrit Chapter 14 आर्यभटः Q7

योग्यता-विस्तार
आर्यभट को अश्मकाचार्य नाम से भी जाना जाता है। यही कारण है कि इसके जन्मस्थान के विषय में विवाद है। कोई इन्हें पाटलिपुत्र का कहते हैं तो कोई महाराष्ट्र का।

आर्यभट ने दशमलव पद्धति का प्रयोग करते हुए π (पाई) का मान निर्धारित किया। उन्होंने दशमलव के बाद के चार अंकों तक π के मान को निकाला। उनकी दृष्टि में π का मान है 3.1411 आधुनिक गणित के π का मान, दशमलव के बाद सात अंकों तक जाना जा सकता है, तदनुसार π = 3.14169261 भारतीयज्योतिषशास्त्र का उद्भव हुआ। कालान्तर में इसके अन्तर्गत ग्रहों का संचार, वर्ष, मास, पक्ष, वार, तिथि, घंटा आदि पर गहन विचार, किया जानेलगा। लगध, आर्यभट, वराहमिहिर, ब्रह्मगुप्त, भास्कराचार्य, बालगंगाधर तिलक, रामानुजन् आदि हमारे देश के प्रमुख ज्योतिषशास्त्री हैं। आर्यभटीयम्, सौरसिद्धान्त: बृहत्संहिता लीलावती, पञ्चसिद्धान्तिका आदि ज्योतिष के प्रमुख संस्कृत ग्रन्थ हैं।

आर्यभटीयम्-आर्यभट ने 499 ई. में इस ग्रन्थ की रचना की थी। यह ग्रन्थ 20 आर्याछन्दों में निबद्ध है। इसमें ग्रहों की गणना के लिए कलि संवत् (499 ई. में 3600 कलि संवत्) को निश्चित किया गया है।

NCERT Solutions for Class 8 Sanskrit Chapter 14 आर्यभटः

गणितज्योतिष-संख्या के द्वारा जहाँकाल की गणना हो वह गणित ज्योतिष है। ज्योतिषशास्त्र की तीन विधाओं यथा-सिद्धान्त, फलित एवं गणित में यह सर्वाधिक प्रमुख है।

फलितज्योतिष-इसके अन्तर्गत ग्रह नक्षत्रों आदि की स्थिति के आधार पर भाग्य, कर्म आदि का विवेचन किया जाता है। वेधशाला-ग्रह, नक्षत्र की गति, स्थिति की जानकारी जहाँ गणना तथा यान्त्रिक विधि के आधार पर ली जाए वह वेधशाला है। यथा-जन्तर-मन्तर।

परियोजना-कार्यम्

  • योग्यता विस्तार में उल्लेखित विद्वानों की कृतियों के नाम का सङ्कलन करें।
  • योग्यता विस्तार में उद्धत पुस्तकें के लेखक का नाम बताए।
  • आर्यभट्ट के अतिरिक्त कुछ अन्य गणितज्ञों के नाम तथा उनके कार्यों की सूची तैयार करें।

Class 8 Sanskrit Chapter 14 आर्यभटः Summary

पाठ परिचय
ज्ञान-विज्ञान की सुदीर्घ परमपरा भारतवर्ष की अमूल्य निधि है। इस परम्परा को प्रबुद्ध मनीषियों ने सम्पोषित किया। आर्यभट इन्हीं मनीषियों में अग्रगण्य थे। दशमलव पद्धति आदि के प्रारम्भिक प्रयोक्ता आर्यभट ने गणित को विज्ञान बनाने वाले तथा गणितीय गणना पद्धति के द्वारा आकाशीय पिण्डों (नक्षत्रों) की गति के प्रवर्तन करने वाले ये प्रथम आचार्य थे। आचार्य आर्यभट के इसी वैदुष्य के उद्घाटन प्रस्तुत पाठ में है। अधिक जानकारी के लिए ‘योग्या-विस्तार:’ द्रष्टव्य है।

शब्दार्थ-
उदेति – उदित होता है; लोके – संसार में; अवबोध्यम् – जानने योग्य; अचलः – गतिहीन; स्थिर चला – अस्थिर, गतिशील; स्वकीये – अपने; अक्षे – धुरी पर; घूर्णति – घूमती है; सुस्थापितः – भली-भाँति स्थापित; प्राथम्येन – प्राथमिकता से; ज्योतिविद् – ज्योतिषी; रूढिः – प्रथमा, परम्परा प्रत्यादिष्टा – खण्डन किया; ख्रिस्ताब्दे – ईस्वी में; षट्सप्ततिः – छिहत्तर; वयसि – आयु में ; निकषा – निकट; वेधशाला – ग्रह-नक्षत्रों को जानने की प्रयोगशाला; आकलनम् – गणना; आदधाति – रखता है; भ्रमन्त्या – रूक जाता है। अपरत्र – दूसरी ओर; अवस्थितः – स्थित: उपेक्षिता – नहीं माने गए; पण्डितम्मन्यानाम् – स्वयं को अधिक विद्वान मानने वालो की; कालातिगामिनी – समय को लाँघने वाली; प्रकटितः – प्रकट किया; असौ – वह।

मूलपाठः
पूर्वदिशायाम्…………वेत्ति।

सरलार्थः
सूर्य पूर्व दिशा में उदित होता है। और पश्चिम दिशा में अस्त हो जाता है। यह देखा जाता है संसार में। परन्तु इससे यह नहीं समझना चाहिए कि सूर्य गतिशील है, ऐसा। सूर्य स्थिर है और पृथ्वी गतिशील है जो अपने अक्ष (धुरी) पर घूमती है यह सिद्धान्त अब पूरी तरह स्थापित है। यह सिद्धान्त सबसे पहले जिसने स्थापित किया वे थे – महान् गणितज्ञ और ज्योतिषी ‘आर्यभट’। पृथ्वी स्थिर है’ इस परम्परा वाली प्रथा को उन्होंने नकार दिया। उन्होंने उदाहरण दिया कि ‘गतिशील नौका में बैठा हुआ व्यक्ति नौका के स्थिर होने का अनुभव करता है और दूसरे पदार्थो को गतिशील समझता है।’ इसी प्रकार गतिशील पृविी में स्थिर मानव पृथ्वी को स्थिर समझता है। और सूर्यादि ग्रहों को गतिशील जानता है।

NCERT Solutions for Class 8 Sanskrit Chapter 14 आर्यभटः

तमे ख्रिस्ताब्दे……………..दृश्यते।

सरलार्थः
476 ई. में सन में आर्यभट्ट ने जन्म लिया। यह उनके द्वारा ‘आर्यभटीयम् नामक ग्रन्थ’ में लिखित है यह ग्रन्थ उन्होंने तेईसवे (23वें) वर्ष में रचा। ऐतिहासिक स्रोतों से ज्ञात होता है कि पाटलिपुत्र (वर्तमान पटना) के निकट आर्यभट को वेधशाला की। इससे यह अनुमान किया जाता है कि उसकी कर्मभूमि पाटलिपुत्र ही थी।

आर्यभट का योगदान गणित ज्योतिष से है, जहाँ संख्याओं का आकलन (गणना) महत्त्व रखता है। आर्यभट फलितज्योतिष में विश्वास नहीं करते थे। गणितीय पद्धति के लिए गए आकलन को ही आधार मानकर उन्होंने प्रतिपादित किया कि ग्रहण में राहु व केतु राक्षस कारण नहीं है इसमें सूर्य, चन्द्र और पृविी ये तीन ही कारण है। सूर्य के चारों और धूमती दुई पृथ्वी व चन्द्रमा के परिक्रमा। पथ के संयोग होने के कारण ग्रहण होता है। जब पृथ्वी की छाया पड़ने से चन्द्रमा का प्रकाश रूक जाता है। तब चन्द्रग्रहण होता है। वैसे ही पृथ्वी और सूर्य के बीच आए हुए चन्द्रमा की छाया पड़ने से सूर्यग्रहण दिखाई देता है।

समाजे……….आसीत्।

सरलार्थः
समाज के नए विचारों को अपनाने में प्रायः सामान्य लोग कठिनाई का अनुभव करते हैं। भारतीय ज्योतिष शास्त्र में उसी प्रकार आर्यभट का विरोध भी हुआ। उसके सिद्धान्तों की उपेक्षा की गई। वे स्वयं को विद्वान मानने वाले लोगों में उपहास के पात्र बने। फिर भी उनकी दृष्टि काल को लाँघने वाली थी। आधुनिक वैज्ञानिकों के द्वारा उनमें व उनके सिद्धान्तों में आदर प्रकट किया गयाहै। इसी कारण से हमारे प्रथम उपग्रह का नाम ‘आर्यभट’ रखा गया। वास्तव में ये भारतीय गणित-परम्परा तथा विज्ञान-परम्परा के शिखर श्रेष्ठ पुरुष’ थे।

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NCERT Solutions for Class 7 Sanskrit Chapter 10 विश्वबंधुत्वम्

Detailed, Step-by-Step NCERT Solutions for Class 7 Sanskrit Ruchira Chapter 10 विश्वबंधुत्वम् Questions and Answers were solved by Expert Teachers as per NCERT (CBSE) Book guidelines covering each topic in chapter to ensure complete preparation.

NCERT Solutions for Class 7 Sanskrit Ruchira Chapter 10 विश्वबंधुत्वम्

NCERT Solutions for Class 12 Sanskrit Bhaswati Chapter 1 अनुशासनम्
पाठ्यपुस्तक के प्रश्न-अभ्यास

प्रश्न 1.
उच्चारणं कुरुत
दुर्भिक्षे – राष्ट्रविप्लवे – विश्वबन्धुत्वम्
विश्वसन्ति – उपेक्षाभावम् – विद्वेषस्य
ध्यातव्यम् – दुःखभाक् – प्रदर्शयन्ति
उत्तर:
विद्यार्थी स्वयं करें।

प्रश्न 2.
मञ्जूषातः समानार्थकपदानि चित्वा लिखत-
परस्य दुःखम् आत्मानम् बाधितः परिवारः सम्पन्नम् त्यक्त्वा सम्पूर्णे
स्वकीयम् …………….. (1) ……………..
अवरुद्धः …………….. (2) ……………..
कुटुम्बकम् …………….. (3) ……………..
अन्यस्य …………….. (4) ……………..
अपहाय …………….. (5) ……………..
समृद्धम् …………….. (6) ……………..
कष्टम् …………….. (7) ……………..
निखिले …………….. (8) ……………..
उत्तर:
(1) आत्मानम्
(2) बाधितः
(3) परिवारः
(4) परस्य
(5) त्यक्त्वा
(6) सम्पन्नम्
(7) दुःखम्
(8) सम्पूर्णे।

NCERT Solutions for Class 12 Sanskrit Bhaswati Chapter 1 अनुशासनम्

प्रश्न 3.
रेखाङ्कितानि पदानि संशोध्य लिखतं-
(क) छात्राः क्रीडाक्षेत्रे कन्दुकात् क्रीडन्ति।
(ख) ते बालिकाः मधुरं गायन्ति।
(ग) अहं पुस्तकालयेन पुस्तकानि आनयामि।
(ङ) गुरुं नमः।
उत्तर:
(क) कन्दुकेन
(ख) ताः
(ग) पुस्तकालयात्
(घ) तव
(ङ) गुरवे।

प्रश्न 4.
मञ्जूषातः विलोमपदानि चित्वा लिखत
अधुना मित्रतायाः लघुचेतसाम् गृहीत्वा दुःखिनः दानवाः
शत्रुतायाः …………….. (1) ……………..
पुरा …………….. (2) ……………..
मानवाः …………….. (3) ……………..
उदारचरितानाम् …………….. (4) ……………..
सुखिनः …………….. (5) ……………..
अपहाय …………….. (6) ……………..
उत्तर:
(1) मित्रतायाः
(2) अधुना
(3) दानवाः
(4) लघुचेतसाम्
(5) दुःखिनः
(6) गृहीत्वा।

NCERT Solutions for Class 12 Sanskrit Bhaswati Chapter 1 अनुशासनम्

प्रश्न 5.
अधोलिखितपदानां लिङ्ग, विभक्तिं वचनञ्च लिखत-
NCERT Solutions for Class 7 Sanskrit Chapter 10 विश्वबंधुत्वम् 1
उत्तर:
NCERT Solutions for Class 7 Sanskrit Chapter 10 विश्वबंधुत्वम् 2

प्रश्न 6.
कोष्ठकेषु दत्तेषु शब्देषु समुचितां विभक्तिं योजयित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत
(क) विद्यालयम् उभयतः वृक्षाः सन्ति।(विद्यालय) ………………………….. उभयतः गोपालिकाः।(कृष्ण)
(ख) ग्रामं परित: गोचारणभूमिः।(ग्राम) ………………………….. परितः भक्ताः। (मन्दिर)
(ग) सूर्याय नमः। (सूर्य) ………………………….. नमः। (गुरु)
(घ) वृक्षस्य उपरि खगाः। (वृक्ष) ………………………….. उपरि सैनिकः। (अश्व)
उत्तर:
(क) कृष्णम् उभयतः गोपालिकाः।,
(ख) मन्दिरम् परितः भक्ताः।
(ग) गुरवे नमः।
(घ) अश्वस्य उपरि सैनिकः।

प्रश्न 7.
कोष्ठकात् समुचितं पदं चित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत
(क) ………………………….. नमः। (हरि/हरये)
(ख) ………………………….. परितः कृषिक्षेत्राणि सन्ति। (ग्रामस्य/ग्रामम्)
(ग) ………………………….. नमः। (अम्बायाः/अम्बायै)
(घ) ………………………….. उपरि अभिनेता अभिनयं करोति। (मञ्चस्य पञ्चम्)
(ङ) ………………………….. उभयतः पुत्रौ स्तः। (पितरम/पितुः)
उत्तर:
(क) हरये
(ख) ग्रामम्
(ग) अम्बायै
(घ) मञ्चस्य
(ङ) पितरम्।

NCERT Solutions for Class 12 Sanskrit Bhaswati Chapter 1 अनुशासनम्

बहुविकल्पी प्रश्न
प्रश्न-निम्नलिखितानां प्रश्नानाम् शुद्धम् उत्तरं चित्वा लिखत-

प्रश्न 1.
केषां वसुधैव कुटुम्बकम्?
(क) उदारचरितानाम्
(ख) लघुचेतसाम्
(ग) वीराणाम्
(घ) धनवताम्।
उत्तर:
(क) उदारचरितानाम्

प्रश्न 2.
‘करोति’ पदे कः लकार:?
(क) लट्
(ख) लृट्
(ग) लङ्
(घ) लोट्।
उत्तर:
(क) लट्

NCERT Solutions for Class 12 Sanskrit Bhaswati Chapter 1 अनुशासनम्

प्रश्न 3.
‘शत्रुतायाः’ पदे का विभक्तिः?
(क) षष्ठी
(ख) चतुर्थी
(ग) प्रथमा
(घ) तृतीया।
उत्तर:
(क) षष्ठी

प्रश्न 4.
‘मित्रतायाः’ पदस्य विपरीतार्थकपदम् किं भवति?
(क) शत्रुतायाः
(ख) मित्रता
(ग) बन्धुता
(घ) मधुरता।
उत्तर:
(क) शत्रुतायाः

प्रश्न 5.
‘कुटुम्बकम्’ पदस्य समानार्थकपदम् किं भवति?
(क) कृषकः
(ख) कृष्णः
(ग) परिवारः
(घ) विश्वः।
उत्तर:
(ग) परिवारः।

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Class 7 Sanskrit Chapter 9 अहमपि विद्यालयं गमिष्यामि Summary

1. उत्सवे, व्यसने …………………………… अवरुद्धः भवति। (पृष्ठ 53)

हिन्दी सरलार्थ-उत्सव में, विपत्ति में, अकाल में, देश पर आपत्ति आने पर, शत्रु का संकट आने पर जो सहायता करता है, वही बन्धु होता है। यदि विश्व में सब जगह ऐसा भाव हो जाए तब विश्व में भाईचारा संभव है।

परन्तु आजकल सम्पूर्ण संसार में झगड़े का और अशांति का वातावरण है जिससे मनुष्य आपस में विश्वास नहीं करते हैं। वे दूसरे के कष्ट को अपना कष्ट नहीं मानते हैं। शक्तिशाली देश कमजोर देशों के प्रति उपेक्षा भाव दिखाते हैं और उनके ऊपर अपना प्रभुत्व (शासन) स्थापित करते हैं। इस कारण से संसार में सब जगह विद्वेष की, शत्रुता की और हिंसा की भावना दिखाई देती है। देशों का विकास भी रुक जाता है।

2. एतेषां सर्वेषां …………………………… भविष्यन्ति। (पृष्ठ 53)

हिन्दी सरलार्थ-इन सबका कारण विश्व में भाईचारे की कमी ही है। यह बहुत बड़ी आवश्यकता है कि एक देश दूसरे देश के साथ निर्मल हृदय से भाईचारे का व्यवहार करे। यदि यह भावना विश्व के लोगों में बलवती हो जाए तब विकसित और अविकसित देशों के बीच स्वस्थ स्पर्धा होगी। जिससे सभी देश ज्ञान और विज्ञान के क्षेत्र में मैत्री भावना से और सहयोग से समृद्धि प्राप्त करने में समर्थ होंगे।

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3. अस्माभिः …………………………… स्थापनीयम्। (पृष्ठ 53)

हिन्दी सरलार्थ-हमें अवश्य ध्यान देना चाहिए कि विश्व के सभी प्राणियों में एक समान खून बहता है। सूर्य और चंद्रमा का प्रकाश सब जगह समान रूप से फैलता है। इससे ज्ञात होता है कि प्रकृति भी सबके साथ समान रूप से व्यवहार करती है, इसलिए हम सबको आपस में शत्रुता छोड़कर विश्वबन्धुत्व की स्थापना करनी चाहिए।

4. अतः …………………………… कटम्बकम॥ (पृष्ठ 54)

हिन्दी सरलार्थ-इसलिए विश्व के कल्याण के लिए ऐसी भावना होनी चाहिए यह अपना है या पराया है, इस प्रकार की बातें छोटे हृदय वालों की होती हैं। उदार चरित वालों के लिए तो पूरी पृथ्वी ही परिवार के समान होती है।

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