Author name: Raju

NCERT Solutions for Class 10 Science Chapter 6 Life Processes (Hindi Medium)

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Chapter 6. जैव-प्रक्रम

अध्याय-समीक्षा 

  • जैव प्रक्रम : वे सभी प्रक्रम जो सम्मिलित रूप से अनुरक्षण कार्य करते है जैव प्रक्रम कहलाता है।
  • पोषण : प्रत्येक जीवधारी को अनुरक्षण प्रक्रम के लिए उर्जा की आवश्यकता होती है जो उर्जा जीवधारी पोषक तत्वों के अंर्तग्रहण से प्राप्त करता है । इस उर्जा के स्रोत को शरीर के अंदर लेने और उपयोग के प्रक्रम को पोषण कहते है।
  • पोषण दो प्रकार के होते है :
    1. स्वपोषी पोषण
    2. विषमपोषी पोषण |
  • हमारे शरीर में क्षति तथा टूट-फुट रोकने के लिए अनुरक्षण प्रक्रम की आवश्यकता होती है जिसके लिए उन्हें ऊर्जा की आवश्यकता होती है। यह ऊर्जा एकल जीव के शरीर के बाहर से आती है।
  • उपचयन-अपचयन अभिक्रियाएँ अणुओं के विघटन की कुछ सामान्य रासायनिक युक्तियाँ हैं। इसके लिए बहुत से जीव शरीर के बाहरी स्रोत से ऑक्सीजन प्रयुक्त करते हैं।
  • शरीर के बाहर से ऑक्सीजन को ग्रहण करना तथा कोशिकीय आवश्यकता के अनुसार खाद्य स्रोत के विघटन में उसका उपयोग श्वसन कहलाता है।
  • एक एक-कोशिकीय जीव की पूरी सतह पर्यावरण के  संपर्क में रहती है। अतः इन्हें भोजन ग्रहण करने वेफ लिए, गैसों का आदान-प्रदान करने  लिए या वर्ज्य पदार्थ के निष्कासन के लिए किसी विशेष अंग की आवश्यकता नहीं होती है।
  •  जैव प्रक्रम के अंतर्गत आने वाले प्रक्रम हैं :
    1. पोषण
    2. श्वसन
    3. वहन
    4. उत्सर्जन
  • पोषण :
    जीवों द्वारा जटिल कार्बन पदार्थों को जैव-रासायनिक प्रक्रिया द्वारा सरल अणुओं में परिवर्तित कर उपभोग करना पोषण कहलाता है |
  • श्वसन :
    शरीर के बाहर से ऑक्सीजन को ग्रहण करना तथा कोशिकीय आवश्यकता के अनुसार खाद्य स्रोत के विघटन में उसका उपयोग श्वसन कहलाता है।
  • वहन :
    वहन एक प्रक्रिया है जिसके द्वारा शरीर के विभिन्न भागों में आवश्यक पोषक तत्व पहुंचाए जाते है जो शरीर के अनुरक्षण का कार्य करते हैं |
  • उत्सर्जन :
    शरीर से हानिकारक अपशिष्ट पदार्थों के निष्कासन के प्रक्रम को उत्सर्जन कहते हैं |
  • जटिल पदार्थों के सरल पदार्थों में खंडित करने के लिए जीव कुछ जैव उत्प्रेरक का उपयोग करते हैं जिन्हें एंजाइम कहते हैं | 
  • सभी हरे पौधें स्वपोषी पोषण करते हैं | 
  • विषमपोषी पोषण तीन प्रकार का होता है | 
    1. मृतजीवी पोषण
    2. परजीवी पोषण
    3. प्राणी समभोजी पोषण |
  • हरे पौधों द्वारा सूर्य के प्रकाश और क्लोरोफिल की उपस्थिति में भोजन बनाने की प्रक्रिया को प्रकाश संश्लेषण कहते हैं |
  • कुछ कोशिकाओं में हरे रंग के बिदु दिखाई देते हैं। ये हरे बिंदु कोशिकांग हैं जिन्हें क्लोरोप्लास्ट कहते हैं इनमें क्लोरोफिल होता है।
  • पौधों के पत्तियों पर छोटे-छोटे असंख्य छिद्र पाए जाते हैं जिन्हें रंध्र कहते हैं |
  • रंध्र का कार्य
    1. गैसों का आदान-प्रदान भी इन्ही रंध्रों के द्वारा होता है |
    2. वाष्पोत्सर्जन की क्रिया रंध्रों के द्वारा होती है |
  • स्थलीय पौधे प्रकाशसंश्लेषण के लिए आवश्यक जल की पूर्ति जड़ों द्वारा मिटटी में उपस्थित जल के अवशोषण से करते हैं। नाइट्रोजन, फॉस्पफोरस, लोहा तथा मैग्नीशियम सरीखे अन्य पदार्थ भी मिट्टी से लिए जाते हैं।
  • नाइट्रोजन एक आवश्यक तत्व है जिसका उपयोग प्रोटीन तथा अन्य यौगिकों के संश्लेषण में किया जाता है।

पाठगत-प्रश्न

पेज – 105

Q1. हमारे जैसे बहुकोशिकीय जीवों में ऑक्सीजन की आवश्यकता पूरी करने में विसरण क्यों
अपर्याप्त है?
उत्तर :
विसरण क्रिया द्वारा बहुकोशिकीय जीवो में पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन शरीर के प्रत्येक अंग में नहीं पहुचाय जा सकती है | बहुकोशिकीय जीवो में ऑक्सीजन बहुत आवश्यक होता है | बहुकोशिकीय जीवो की संरचना अति जटिल होती है | अतः प्रत्येक अंग को ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है | जो विसरण क्रिया नहीं पूरी कर सकती है |

Q2. कोई वस्तु सजीव है, इसका निर्धरण करने के लिए हम किस मापदंड का उपयोग करेंगे?
उत्तर :
सजीव वस्तुए निरंतर गति करती रहती है | चाहे वे सुप्त अवस्था में ही हो | बाह्य रूप से वे अचेत दिखाई देते है | उनके अणु गतिशील रहते है | इससे उनके जीवित होने का प्रमाण मिलता है |

Q3. किसी जीव द्वारा किन कच्ची सामग्रियों का उपयोग किया जाता है?
उत्तर :
जीवो को शारीरिक वृद्धि के लिए बाहर से अतिरिक्त कच्ची सामग्री की आवश्यकता होती है | पृथ्वी पर जीवन कार्बन अणुओं पर आधारित है | अतः यह खाद्य पदार्थ कार्बन पर निर्भर है | ये कार्बनिक यौगिक भोजन का ही अन्य रूप है | इनमे ऑक्सीजन व कार्बन – डाइआक्साइड का आदान – प्रदान प्रमुख है | इसके अतिरिक्त जल व खनिज लवण अन्य है | हरे – पौधे इन कच्चे पदार्थ साथ सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में स्टार्च का निर्माण होता है |

Q4. जीवन के अनुरक्षण के लिए आप किन प्रक्रमों को आवश्यक मानेंगे ?
उत्तर :
अनेक जैविक क्रियाएँ जीवन के अनुरक्षण के लिए आवश्यक है जैसे : पोषण , गति , श्वसन , वृद्धि एवं उत्सर्जन |

पेज – 111 

Q1. स्वयंपोषी पोषण तथा विषमपोषी पोषण में क्या अंतर है?
उत्तर : 

Q2. प्रकाशसंश्लेषण के लिए आवश्यक कच्ची सामग्री पौधा कहाँ से प्राप्त करता है?
उत्तर :

  • जल – पौधे की जडे भूमि से जल प्राप्त करती है |
  • कार्बन – डाइआक्साइड – पौधे इसे वायुमंडल से रंध्रो द्वारा प्राप्त करते हैं |
  • क्लोरोफिल – हरे पत्तो में क्लोरोप्लास्ट होता है , जिसमे क्लोरोफिल मौजूद होता है |
  • सूर्य का प्रकाश – सूर्य द्वारा इसे प्राप्त करते है |

Q3. हमारे आमाशय में अम्ल की भूमिका क्या है?
उत्तर :
हमारे आमाशय में हाईडरोक्लोरिक अम्ल उपस्थित होता है |यह अम्ल अमाशय में अम्लीय माध्यम का निर्माण करता है | इसी की मदद से एंजाइम अपना कार्य करता है | HCl अम्ल हमारे भोजन में उपस्थित रोगाणुओं को नष्ट कर देता है |  HCl अम्ल आमाशय में भोजन को पचाने में सहायता करता है |

Q4. पाचक एंजाइमों का क्या कार्य है?
उत्तर :
पाचन एंजाइम जटिल भोजन को सरल ,  सूक्ष्म तथा लाभदायक पदार्थ में बदल देता है | इस प्रकार से सरल पदार्थ छोटी आंत द्वारा अवशोषित कर लिए जाते है |

Q5. पचे हुए भोजन को अवशोषित करने के लिए क्षुद्रांत्रा को कैसे अभिकल्पित किया गया है?
उत्तर :
पचा हुआ भोजन , क्षुद्रांत में अवशोषित होता है | क्षुद्रान्त्र में हजारो सूक्ष्म , अन्गुलिनुमा विलाई होते है इसी कारण इनका आन्तरिक क्षेत्रफल बढ़ जाता है | क्षेत्रफल के बढ़ने से अवशोषण भी बढ़ जाता है | यह अवशोषित भोजन रूधिर में पहुचता है |

पेज – 116 

Q1. श्वसन के लिए ऑक्सीजन प्राप्त करने की दिशा में एक जलीय जीव की अपेक्षा स्थलीय जीव किस प्रकार लाभप्रद है?
उत्तर :
वातावरण में ऑक्सीजन की पर्याप्त मात्रा पाई जाती है जो स्थलीय  जीवो  द्वारा   आसानी  से ली जाती  है परन्तु जल में ऑक्सीजन की सूक्ष्म मात्रा होती है तथा वह जल में मिला होता है अत: जलीय जीव इस मिले ऑक्सीजन को लेने के लिए काफ़ी गति से साँस लेते है तथा संघर्ष करते है |

Q2. ग्लूकोज़ के ऑक्सीकरण से भिन्न जीवो में ऊर्जा प्राप्त करने के विभिन्न पथ क्या हैं?
उत्तर :

मासपेशियो में ग्लूकोज ऑक्सीजन कि पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीकृत हो ऊर्जा प्रदान करता है तथा ऑक्सीजन कि कम मात्रा होने पर विशलषित होता है तथा लैकिटक अम्ल बनाता है |जीवो कि कोशिकाओ में ऑक्सीकरण पथ निम्न है |

  1. वायवीय श्वसन : इस प्रकम में ऑक्सीजन , ग्लूकोज को खंडित कर जल तथा CO2  में  खंडित कर देती है | ऑक्सीजन की पयार्प्त मात्रा में  ग्लूकोज विश्लेषित होकर 3 कार्बन परमाणु परिरुवेट के दो अणु निर्मित करता है |
  2. अवायवीय  श्वसन : ऑक्सीजन कि अनुपस्थिति में यीस्ट में किण्वन क्रिया होती है तथापायरूवेट इथेनाल व CO2 का निमार्ण होता है |
  3. ऑक्सीजन की कमी में लेकिटक अम्ल का निमार्ण होता है जिससे मासपेशियो में कैम्प आते है |

Q3. मनुष्यो में ऑक्सीजन तथा कार्बन डाइऑक्साइड का परिवहन कैसे होता है?
उत्तर :
मनुष्यों में ऑक्सीजन तथा काबर्न – डाइऑक्साइड के परिवहन को श्वसन कहते है | यह प्रक्रिया फैफडो द्वारा संपन्न कि जाति है |फैफडो में साँस के द्वारा पहुची हुई वायु में से हीमोग्लोबिन  (लाल रक्त कण ) ऑक्सीजन को ग्रहण कर के शरीर की सभी कोशिकाओ तक पहुचता है | इस प्रकार ऑक्सीजन शरीर के प्रत्येक अंग तक पहुचता है | इसी प्रकार CO2  जो हमारे शरीर में ग्लूकोज के खंडित होकर ऊर्जा में बदलने पर बनती है |यह CO2 रक्त के सपर्क में आने पर उसके प्लाजमा में घुल जाती है | यह CO2  प्लाज़मा के द्वारा पूरे शरीर से पुन : रक्त से वायु में चली जाती है और अतः में नासद्रवारा से बाहर कर दी जाती है |

Q4. गैसो के विनिमय के लिए मानव-फुफ्फुस में अध्कितम क्षेत्रफल को कैसे अभिकल्पित किया है?
उत्तर :
मानव फुफ्फुस छोटी -छोटी नलियों में बटा होती है | श्वसनी श्वसनिकाओ के बाद अत में कुपिकाए होती है जिनकी सरचना गुब्बरो के समान होती है | कुपिकाए ही गैसों के परिवहन को सरल बनाती है तथा एक विशाल क्षेत्र

पेज – 122 

Q1. मानव में वहन तंत्र के घटक कौन से हैं? इन घटकों के क्या कार्य हैं?
उत्तर :
मानव में वहन तंत्र के प्रमुख घटक है : हृदय , रूधिर तथा रूधिर वाहिकाए |

  1. हृदय : हृदय एक पम्प की तरह रक्त का शरीर के विभिन्न अंगो से आदान -प्रदान करता है
  2. रूधिर : इनमे तीन रक्त कण होते है |इनका तरल  माध्यम प्लाज्मा है |रक्त शरीर  मे CO, भोजन ,जल , ऑक्सीजन ,तथा अन्य पर्दाथ का वहन करती है | RBC कोशिकाओं  CO2 तथा ऑक्सीजन गैसों तथा अन्य पदार्थ का वहन करता है | WBC शरीर में बाहर से आए जीवाणुओं से लड़कर शरीर को रोग मुक्त करता है | प्लेटलेट्स चोट लगने पर रक्त को बहने से रोकता है

 Q2. स्तनधारी तथा पक्षियों में ऑक्सीजनित तथा विऑक्सीजनित रुध्रि को अलग करना क्यों आवश्यक है?
उत्तर :
स्तनधारी तथा पक्षियों को अधिक उर्जा की आवश्यता होती है जो ग्लूकोज के  खंडित हिने पर प्राप्त होती है  ग्लूकोज  के  खंडन के लिए ऑक्सीजन की  आवश्यता होती है  ऑक्सीजनित  तथा विऑक्सीजनित रक्त को अलग करके ही शरीर कि इतनी ज्यादा मात्रा में ऊर्जा उपलब्ध करा सकती है |

Q3. उच्च संगठित पादप में वहन तंत्र के घटक क्या हैं?
उत्तर :
उच्च संगठित पादप में वहन  तंत्र  के प्रमुख घटक है :

  1. जाइलम ऊतक
  2. फ्लोएम ऊतक

Q4. पादप में जल और खनिज लवण का वहन कैसे होता है?
उत्तर:
पादप में जल और खनिज लवण का वहन जाइलम ऊतक करता है | जड़ो की कोशिकाए मृदा के अंदर होती है तथा वह आयन का आदान – प्रदान करती है | यह जड़ और मृदा में जड़ के आयन में एक अंतर उत्पन्न करता है | इस अंतर को समाप्त करने के लिए जल गति करते हुए जड़ के  जाइलम  में जाता है और और जल के स्तभ का निमार्ण करता है , जो लगातार  ऊपर की ओर धकेला जाता है | यह दाब जल को ऊपर की तरफ पहुचा नही सकता है | पत्तियो के द्वारा वाष्पोत्सर्जन क्रिया द्वारा जल की हानि होती है , जो जल को जड़ो में उपस्थित कोशिकाओ द्वारा खीचता है | अतः  वाष्पोत्सर्जन कर्षण  जल की गति के लिए महत्वपूर्ण बल होता है |

Q5. पादप में भोजन का स्थानांतरण कैसे होता है?
उत्तर : पत्तिया भोजन तैयार करती  है | पात्तियो से भोजन स्थानांतरण पूरे पौधे में फ्लोएम वाहिकाए करती है |

पेज – 124 

Q1. वृक्काणु (नेफॉन ) की रचना तथा क्रियाविधि का वर्णन कीजिए।
उत्तर : 

Q2. उत्सर्जी उत्पाद से छुटकारा पाने  लिए पादप किन विधियो का उपयोग करते हैं।
उत्तर :
उत्स्जी उत्पाद से छूटकारा पाने के लिए निम्न विधिया है :

  1. प्रकाश -सश्लेषण में पौधे ऑक्सीजन उत्पन्न करते है तथा कार्बन – डाइआक्साइड श्वसन के लिए रंध्रो द्वारा उपयोग में लाते है |
  2. पौधे अधिक संख्या में उपस्थित जल को वाष्पोत्सर्जन क्रिया द्वारा कम कर सकते है |
  3. पौधे कुछ अपशिष्ट पदार्थ को अपने आस – पास के मृदा को उत्सर्जित कर देते है |

Q3. मूत्रा बनने की मात्रा का नियमन किस प्रकार होता है?
उत्तर:
मनुष्य द्वारा पीया जाने वाले पानी व शरीर द्वारा अवशोषण पर मूत्र की मात्रा निर्भर करती है | कम पानी पीने पर मूत्र की मात्रा कम होती है  कुछ हार्मोन इसे अपने नियंत्रण में रखते है|यूरिया तथा यूरिक अम्ल के उत्सर्जन के लिए भी जल की मात्रा बढ़ जाती है | अत : अधिक मूत्र उत्सर्जित होता है |

अभ्यास

Q1. मनुष्य में वृक्क एक तंत्र का भाग है जो संबंधित है
(a)पोषण               
(b)श्वसन            
(c)उत्सर्जन            
(d)परिवहन
उत्तर :
(c)उत्सर्जन |

Q2. पादप में जाइलम उत्तरदायी है
(a) जल का वहन                
(b)भोजन का वहन              
(c) अमीनो अम्ल का वहन  
(d)ऑक्सीजन का वहन
उत्तर :
(a) जल का वहन |

Q3. स्वपोषी पोषण के  लिए आवश्य्क
(a) कार्बन डाइऑक्साइड तथा जल                
(b) क्लोरोपिफल
(c)सूर्य का प्रकाश                                      
(d) उपरोक्त सभी
उत्तर :
(d) उपरोक्त सभी |

Q4. पायरुवेट के विखंडन से यह कार्बन डाइऑक्साइड, जल तथा ऊर्जा देता है और यह क्रिया होती है
(a)कोशिकाद्रव्य
(b) माइटोकॉन्ड्रिया
(c) हरित लवक
(d) केद्रक
उत्तर :
(b) माइटोकॉन्ड्रिया |

Q5. हमारे शरीर में वसा का पाचन कैसे होता है? यह प्रक्रम कहाँ होता है?
उत्तर :
वसा का पाचन आहारनाल के क्षुद्रांत में होता है | आमाशय में लाइपेज उन पर क्रिया करता है तथा वसा को खंडित कर देते है | इसके पश्चात क्षुद्रांत में यकृत द्वारा स्त्रावित बाइल रस वसा को इमल्सीफाई करता है | अग्नाशय रस इस खंडित वसा को वसीय अम्ल और गिल्सरोल में बदल देता है  इस प्रकार वसा क्षुद्रांत में पाचित हो जाती है |

Q6. भोजन के पाचन में लार की क्या भूमिका है?
उत्तर:
मुह में उपस्थित लार ग्रंथिया लार रस को स्त्रावित करती है | इसमें सेलाइवरी एमाईलेज एंजाइम होता है | जो स्टार्च को माल्टोज शर्करा में बदल देता है | इसी कारण कई बार अधिक चबाने पर भोजन मीठा लगने लगता है |

Q7. स्वपोषी पोषण के लिए आवश्यक परिस्थितियाँ कौन सी हैं और उसके उपोत्पाद क्या हैं?
उत्तर :
पृथ्वी पर केवल हरे – पौधे स्वपोषी होते है जो अपना भोजन स्वयं बनाते है | इसके लिए कुछ परस्थितियो कि आवश्यकता पड़ती है जैसे :

  1. पर्याप्त मात्रा में जल जो जड़े अवशोषित करती है |
  2. सूर्य का प्रकाश व ऊर्जा |
  3. कार्बन डाइआक्साइड गैस |

Q8. वायवीय तथा अवायवीय श्वसन में क्या अंतर हैं? कुछ जीवो के नाम लिखिए जिनमे  अवायवीय श्वसन होता है |
उत्तर :
वायवीय श्वसन :

  1. यह वायु की उपस्थिति में होता है |
  2. ग्लूकोज पूर्णतः विखंडित होता है |
  3. इसके अंतिम उत्पाद : CO2 , जल तथा ऊर्जा है |
  4. उदाहरण : सभी उच्च जीवधारी |

अवायवीय श्वसन :

  1. यह वायु की अनुपस्थिति में होता है |
  2. ग्लूकोज का आंशिक विखंडित होता है |
  3. इसके अंतिम उत्पाद : इथाइल एल्कोहॉल व CO2 |
  4. उदाहरण : यीस्ट , फीताकृमि |

Q9. गैसो  के अध्कितम विनिमय के लिए किस प्रकार अभिकल्पित हैं?
उत्तर :
कूपिकाए अपने गुब्बारेनुमा आकार के कारण वायु के आदान – प्रदान को सरल बनाती है और सतही क्षेत्रफल की वृद्धि करती है | वायु भरने पर ये कूपिकाए फ़ैल जाती है तथा  फुफ्फुस में परिवर्तित हो जाती है |

Q10. हमारे शरीर में  हीमोग्लोबिन की कमी के क्या परिणाम हो सकते हैं?
उत्तर :
हीमोग्लोबिन हमारे शरीर में ऑक्सीजन का वहन करता है | लाल रक्त कण में यदि इनकी मात्रा कम हो जाती है तो शरीरं के अंगो को सुचारू रूप से ऑक्सीजन नहीं मिल पता है | जिससे भोजन का ऑक्सीकरण पूर्णतः नहीं हो पाता , जिससे ऊर्जा में भी कमी आती है और थकावट उत्पन्न होती है | इसकी कमी से  व्यक्ति एनीमिया से पीड़ित हो जाता है|

Q11. मनुष्य में दोहरा परिसंचरण की व्याख्या कीजिए। यह क्यों आवश्यक है?
उत्तर :
मानव हृदय में रक्त दो बार संचरित होता है | इसके दोहरा परिसंचरण कहते है | इसी कारण ओक्सीजनित और विओक्सीजनित रूधिर एक – दुसरे से अलग रहता है | यदि ये बंटवारा न हो तो दोनों प्रकार के रक्त मिल जाएंगे और अंगो को पूर्ण रूप से ऑक्सीजन नहीं मिल  पाएँग |

Q12. जाइलम तथा फ्रलोएम में पदार्थों के वहन में क्या अंतर है?
उत्तर :
जाइलम द्वारा पदार्थो का वहन : 

  1. इसमें जल एवं खनिज लवण केवल उपरिमुखी दिशा में संवाहित होते है |
  2. इसमें जल तथा लवण का संवहन दाब तथा वाष्पोत्सर्जन कर्षण द्वारा होता है |

 फ्लोएम द्वारा पदार्थो का वहन :

  1. इसमें भोजन , अमीनो अम्ल का संवहन दोनों दिशाओ में उपरिमुखी तथा अधोमुखी होता है |
  2. इसमें ATP ऊर्जा का प्रयोग होता है |

Q13. फुफ्फुस में कुपिकाओ  की तथा वृक्क में  वृक्काणु की रचना तथा क्रियाविधि की तुलना
कीजिए।
उत्तर :
कूपिका : 

  1. कूपिका शुद्ध व अशुद्ध वायु का वहन करती है |
  2. कूपिकाओ का आकार छोटा होता है |
  3. कुपिका शरीर में रसायन CO2 गैस के रूप में निकलती है |

वृक्काणु : 

  1. वृक्काणु शुद्ध व अशुद्ध रुधिर वायु का वहन करती है |
  2. वृक्काणु लुपदार बड़े का आकार के होता है |
  3. वृक्काणु शरीर में नाइट्रोजन युक्त रसायन मूत्र के रूप में निकलती है |

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NCERT Solutions for Class 10 Science Chapter 16 Management of Natural Resources (Hindi Medium)

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Chapter 16. प्राकृतिक संसाधनों का प्रबंधन

अभ्यास

प्रश्न 1: अपने घर को पर्यावरण – मित्र बनाने के लिए आप उसमे कौन -कौन परिर्वतन सुझा सकतें हैं?
उत्तर :-

  1. कम उपयोग – इसका अर्थ हैं  की आपको कम, से कम वस्तुओं का उपयोग करना चाहिए करना चाहिए ; जैसे – बिजली के पंखे एवचं बल्ब का स्विच बंद कर देना , खराब नल की मरम्मत करना , ताकि जल व्यर्थ टपके आदि |
  2. पुन : चक्रण – इसका अर्थ हैं की आपको प्लास्टिक , कागज और धातु की वस्तुओ को कचरे में नही फेकना चाहिए बल्कि उनका उपयोग करना चाहिए |
  3. पुनः उपयोग – यह पुन : चक्रण से भी अच्छा तरीका है क्योंकि उसमे भी कुछ ऊर्जा व्यय होती है |इसमें हम किसी वस्तु का उपयोग बार – बार कर सकते है |

प्रश्न 2: इस अध्याय हमने देखा की जब वन हम वन एवं वन्य जन्तुओं की बात करते हैं तो चार मुख्य दावेदार सामने आते हैं | इनमें से किसे वन उत्पाद प्रबंधन हेतु निर्णय लेने के अधिकार दिए जा सकते हैं आप ऐसा क्यों सोचते हैं ?
उत्तर :-
वन एवं वन्य जन्तुओं के चारों दावेदारों में से वन के अन्दर एवं इसकेनिकते रहने वाले स्थानीय लोग सर्वाधिक उपयुक्त हैं , क्योकिं वे सदियों से वनों का उपयोग संपोषित तरीकों से करते चले आ रहे हैं | वे वृक्षों के ऊपर चढ़कर कुछ शाखाएं एवं पत्तियां ही काटते हैं , जिससे समय केव साथं – साथ उनका पुन : पूरण भी होता रहता हैं | इसके अनेक प्रमाण तथा बेकार कहे जाने वाले वन मूल्य 12.5 करोड़ आँका होगा |

प्रश्न 3:- अकेले व्यकित के रूप भिन्न प्राकृतिक उत्पादों की खपत कम करने के लिए किया कर सकते है ?
उत्तर :
प्राकृतिकं पदों की खपत कम निम्न तरीको से की जा सकती है-

  1. CFls का प्रयोग कर |
  2. सौर कूकर , सौर जल उष्मक का प्रयोग कर कोयले करोसीन और LPG की बचत की जा सकती हैं |
  3. टपकने वाले नलों की मरम्मत  कर हम पानी की बचत कर सकते हैं |
  4. रेड लाइट , पर कार या एनी वाहनों को बंद करके पेट्रोल / डीजल की बचत की जा सकती हैं |

महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

 (1 अंक वाले अतिरिक्त प्रश्नोत्तर)

प्रश्न 1. जल का संदूषित होना किस वर्ग के जीवाणु की उपस्थिति को दर्शाता हैं ?
उत्तर : कोलीफार्म जीवाणु |

प्रश्न 2. जैव विविधता किसे कहते हैं ?
उत्तर :
जैव विविधता का अर्थ है किसी क्षेत्र में पाए जाने वाली पादपजात और प्राणी जात की विभिन्न स्पीशीज |

प्रश्न 3. जीवाश्म इंधनों का विवेकपूर्ण ढंग से उपयोग करना क्यों आवश्यक हैं ?
उत्तर :
जीवाश्म इंधनों का विवेकपूर्ण ढंग से उपयोग करना आवश्यक हैं क्योंकि यह सीमित एवं अनविकरणीय हैं तथा इससे प्रदूषण बढ़ता हैं |

प्रश्न 4. GAP का पूरा नाम लिखो ? 
उत्तर :
गंगा एक्शन प्लान |

प्रश्न 5. चिपको आन्दोलन कहा हुआ था ?
उत्तर :
चिपको आन्दोलन गढ़वाल के “रैनी” नामक गाँव में हुआ था |

प्रश्न 6. “चिपको आन्दोलन” का क्या कारण था ?
उत्तर : 
चिपको आन्दोलन स्थानीय निवासियों को वनों से अलग करने की नीति का परिणाम था | गाँव के समीप वृक्ष काटने का अधिकार ठेकेदारों को दे दिया गया था , इसीलिए चिपको आन्दोलन हुआ |

प्रश्न 7. जैव विविधता के नष्ट होने से क्या प्रभाव हो सकता है ?
उत्तर :
जैव विविधता के नष्ट होने पर पारिस्थितिक स्थायित्व नष्ट हो जाता हैं |

प्रश्न 8. हिमाचल प्रदेश तथा राजस्थान के जल संग्रहण की एक – एक पारंपरिक व्यवस्था का नाम बताइए ?
उत्तर :

  • हिमाचल प्रदेश – कुल्ह
  •  राजस्थान – खादिन

प्रश्न 9. MPN (एम० पी० एन ) से क्या तात्पर्य है ?
उत्तर :
MPN = MOST PROBABLE NUMBER : सार्वप्रायिक संख्या |

प्रश्न 10. अलवण जलीय पौधे और जंतुओ के जीवन के लिए सबसे अधिक सहायक pH परास क्या हैं ?
उत्तर :
6.5 – 7.5 |

प्रश्न 11. एक सफल वन संरक्षण क्रियानीति में क्या शामिल होना चाहिए ?
उत्तर :
एक सफल वन संरक्षण क्रियानीति में सभी भौतिक और जैविक संघटकों के संरक्षण के लिए व्यापक कार्यक्रम शामिल होना चाहिए |

प्रश्न 12. कोयला तथा पेट्रोलियम के दहन से कौन – कौन सी विषैली गैसें निकलती हैं ?
उत्तर :
नाइट्रोज एवं सल्फर के ऑक्साइड तथा कार्बन मोनो ऑक्साइड विषैली गैसें हैं |

प्रश्न 13.प्राकृतिक संसाधन किसे कहते है ? 
उत्तर :
वे सभी पदार्थ जो हमें प्रकृति से प्राप्त होते है तथा जिनका हम उपयोग करते है प्राकृतिक संसाधन कहलाते है |

प्रश्न 14. खनन प्रदुषण किसे कहते है ? 
उत्तर :
खनन प्रदुषण इसलिए होता है क्योंकि धातु के निष्कर्षण के साथ बड़ी मात्रा में धातुमल भी निकलता है |

प्रश्न 15. जल संभर प्रबंधन क्या है ?
उत्तर :
जल संभर प्रबंधन का तात्पर्य है जल एवं मिटटी का संरक्षण करना ताकि जैव मात्रा का उत्पादन में वृद्धि हो सके |

Hope given NCERT Solutions for Class 10 Science Chapter 16 are helpful to complete your homework.

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NCERT Solutions for Class 10 Maths Chapter 15 Probability (Hindi Medium)

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Chapter 15. प्रायिकता

प्रायिकता 15.1

Ex 15.1 Class 10 गणित Q1. निम्नलिखित कथनों को पूरा कीजिए :

(i) घटना E की प्रायिकता + घटना ‘E नहीं’ की प्रायिकता = …………है |

(ii) उस घटना कि प्रायिकता जो घटित नहीं हो सकती ………है | ऐसी घटना ………कहलाती है |

(iii) उस घटना कि प्रायिकता जिसका घटित होना निश्चित है ………है | ऐसी घटना ………कहलाती है |

(iv) किसी प्रयोग कि सभी प्रारंभिक घटनाओं की प्रायिकताओं का योग……..है |

(v) किसी घटना की प्रायिकता……..से बड़ी या उसके बराबर होती है तथा………से छोटी या उसके बराबर होती है |

उत्तर :

(i) घटना E की प्रायिकता + घटना ‘E नहीं’ की प्रायिकता = 1 है |

(ii) उस घटना कि प्रायिकता जो घटित नहीं हो सकती  है | ऐसी घटना  असंभव घटना कहलाती है |

(iii) उस घटना कि प्रायिकता जिसका घटित होना निश्चित है  1  है | ऐसी घटना   निश्चित घटना कहलाती है |

(iv) किसी प्रयोग कि सभी प्रारंभिक घटनाओं की प्रायिकताओं का योग  1  है |

(v) किसी घटना की प्रायिकता  0  से बड़ी या उसके बराबर होती है तथा  1  से छोटी या उसके बराबर होती है |

Ex 15.1 Class 10 गणित Q2. निम्नलिखित प्रयोगों में से किन-किन प्रयोगों के परिणाम समप्रायिक हैं ? स्पष्ट कीजिए |

(i) एक ड्राइवर कार चलाने का प्रयत्न करता है | कार चलना प्रारंभ हो जाती है या कार चलना प्रारंभ नहीं होती है |

उत्तर : समप्रायिक है |

(ii) एक खिलाड़ी बास्केटबौल को बास्केट में डालने का प्रयत्न करती है | वह बास्केट में बौल डाल पाती है या नहीं डाल पाती है |

उत्तर : समप्रायिक है |

(iii)   एक सत्य – असत्य प्रश्न का अनुमान लगाया जाता है | उत्तर सही है या गलत होगा |

उत्तर : समप्रायिक है |

(iv) एक बच्चे का जन्म होता है | वह एक लड़का है या एक लड़की है |

उत्तर : समप्रायिक है |

Ex 15.1 Class 10 गणित Q3. फुटबौल के खेल को प्रांरभ करते समय यह निर्णय लेने के लिए कि कौन सी टीम पहले बौल लेगी, इसके लिए सिक्का उछलना एक न्यायसंगत विधि क्योँ माना जाता है ?

उत्तर : क्योंकि सिक्का उछालना एक समप्रायिक घटना है |

Ex 15.1 Class 10 गणित Q4. निम्नलिखित में से कौन सी संख्या किसी घटना की प्रायिकता नहीं हो सकती ?

(A) 2/3 

(B) -1.5

(C) 15%

(D) 0.7 

उत्तर : (B) -1.5  [क्योंकि किसी भी प्रायिकता की सीमा 0 से 1 के बीच होती है|]

Ex 15.1 Class 10 गणित Q5. यदि P(E) = 0.05 है, तो ‘E नहीं’ कि प्रायिकता क्या है ?

हल : दिया है (E) = 0.05

हम जानते हैं कि P(E) + P(E) नहीं = 1

=> 0.05 + P(E) नहीं = 1

=> P(E) नहीं = 1 – 0.05

=> P(E) नहीं = 0.95 उत्तर

Ex 15.1 Class 10 गणित Q6. एक थैले में केवल नींबू कि महक वाली मीठी गोलियाँ हैं | मालिनी बिना थैले में झाँके उसमें से एक गोली निकालती है | इसकी क्या प्रायिकता है कि वह निकाली गई गोली

(i) संतरे कि महक वाली है ?

(ii) नींबू कि महक वाली है ?

हल : माना थैले में कुल गोलियों की संख्या = n

(i) संतरे कि महक वाली है ?

संतरे की महक वाली गोलियों की संख्या = 0

संतरे की महक वाली गोली निकलने की प्रायिकता

Ex 15.1 Class 10 गणित Q7. यह दिया हुआ है कि 3 विधार्थियों के एक समूह में से 2 विधार्थियों के जन्मदिन एक ही दिन न होने कि प्रायिकता 0.9992 है | इसकी क्या प्रायिकता है कि इन 2 विधार्थियों का जन्मदिन एक ही दिन हो ?
हलः माना 2 विद्यार्थियों का एक ही दिन जन्मदिन होने की घटना E है।
माना 2 विद्यार्थियों का एक ही दिन जन्मदिन नहीं होने की घटना E है।
चूंकि P(E) + P(E नही) = 1.
परन्तु
P(E नही) = 0.992
P(E नही) + 0.992 = 1
P(E नही) = 1 – 0.992 = 0.008
अत: 2 विद्यार्थियों का एक ही दिन जन्मदिन होने की घटना की प्रायिकता 0.008 है।

Ex 15.1 Class 10 गणित Q8. एक थैले में 3 लाल और 5 काली गेंदें हैं | इस थैले में से एक गेंद यदृच्छया निकाली जाती है| इसकी प्रायिकता क्या है कि गेंद

(i) लाल हो

(ii) लाल नहीं हो ?
हलः थैले में गेंदों की कुल संख्या = 3 + 5 = 8
थैले में से एक गेंद निकालने की घटना के सभी संभव परिणामों की संख्या = 8
UP Board Solutions for Class 10 Maths Chapter 15 Probability page 337 8

Ex 15.1 Class 10 गणित Q9. एक डिब्बे में 5 लाल कंचे, 8 सफेद कंचे और 4 हरे कंचे हैं | इस डिब्बे में से एक कंचा 

(i) लाल है ?

(ii) सफेद है ?

(iii) हरा नहीं है ?
हलः डिब्बे में कंचों की संख्या = 5 लाल कंचे + 8 सफेद कंचे + 4 हरे कंचे = 17 कंचे।
डिब्बे में से एक कंचा निकालने की घटना के सम्भव परिणामों की संख्या = 17
(i) लाल गेंदों की संख्या = 5
डिब्बे में से निकाली गई गेंद का लाल होने की घटना के परिणामों की संख्या = 5
अनुकूल परिणामों की संख्या = 5
अनुकूल परिणामों की संख्या = 5
UP Board Solutions for Class 10 Maths Chapter 15 Probability page 337 9
(ii) सफेद गेंदों की संख्या = 8
डिब्बे में से सफेद गेंद निकाली जाने की घटना के परिणामों की संख्या = 8
अनुकूल परिणामों की संख्या = 8
UP Board Solutions for Class 10 Maths Chapter 15 Probability page 337 9.1

Ex 15.1 Class 10 गणित Q10. एक पिग्गी बैंक (piggy bank) में, 50 पैसे के सौ सिक्के है, 1 रू के पचास सिक्के हैं, 2 रू के बीस सिक्के गिरने के परिणाम समप्रायिक हैं, तो इसकी क्या प्रायिकता है कि वह गिरा हुआ सिक्का

(i) 50 पैसे का होगा ?

(ii) 5 रू का नहीं होगा ?
हलः पिग्गी-बैंक में कुल सिक्कों की संख्या = 50 पैसे के सिक्के + 1 के सिक्के + 2र के सिक्के + 5 के सिक्के
= 100 + 50 + 20 + 10 = 180
पिग्गी बैंक से सिक्का निकलने की घटना के परिणामों की संख्या = 180
(i) 50 पै. के सिक्कों की संख्या = 100
पिग्गी बैंक से 50 पैसे का सिक्का गिरने की घटना की संख्या = 100
UP Board Solutions for Class 10 Maths Chapter 15 Probability page 337 10

Ex 15.1 Class 10 गणित Q11. गोपी अपने जल – जीव कुंड (aquarium) के लिए एक दुकान से मछली खरीदती है | दुकानदार एक टंकी, जिसमें 5 नर मछली और 8 मादा मछली है, में से एक मछली यादृच्छया उसे देने के लिए निकालती है (देखिए आकृति 15.4) | इसकी प्रायिकता है कि निकाली गई मछली नर मछली है ?
हलः मछलियों की कुल संख्या = (नर मछलियों की संख्या) + (मादा मछलियों की संख्या) = 5 + 8 = 13
कुंड में से मछली निकालने की घटना के परिणामों की कुल संख्या = 13
संभव परिणामों की संख्या = 13
चूंकि नर मछलियों की संख्या = 5
अनुकूल परिणामों की संख्या = 5
UP Board Solutions for Class 10 Maths Chapter 15 Probability page 337 11.1

Ex 15.1 Class 10 गणित Q12. संयोग (chance) के एक खेल में, एक तीर को घुमाया जाता है, जो विश्राम में आने के बाद संख्याओं 1,2,3,4,5,6,7, और 8 में से किसी एक संख्या को इंगित करता है (देखिए आकृति 15.5 ) | यदि ये सभी परिणाम समप्रायिक हों तो इसकी क्या प्रायिकता है कि यह तीर इंगित

(i) 8 को करेगा ?

(ii) एक विषम संख्या को करेगा ?

(iii) 2 से बड़ी संख्या को करेगा ?

(iv) 9 से छोटी संख्या को करेगा ?
हलः चूंकि विश्राम में आने पर तीर 1 से 8 तक की किसी भी संख्या को इंगित करता है।
संभव परिणामों की संख्या = 8
(i) चूंकि चक्र पर 8 का एक अंक है।
अंक 8 को इंगित करने की घटना के परिणामों की संख्या = 1
अनुकूल परिणामों की संख्या = 1
UP Board Solutions for Class 10 Maths Chapter 15 Probability page 337 12.1
UP Board Solutions for Class 10 Maths Chapter 15 Probability page 337 12.2

Ex 15.1 Class 10 गणित Q13. एक पासे को एक बार फेंका जाता है | निम्नलिखित को प्राप्त करने कि प्रायिकता ग्यत५ कीजिए :

(i) एक अभाज्य संख्या

(ii) 2 और 6 के बीच स्थित कोई संख्या

(iii) एक विषम संख्या
हलः
(i) एक पासे पर अभाज्य संख्याएँ 2, 3 और 5 हैं।
माना कि घटना E” एक अभाज्य संख्या प्राप्त करना है।”
E के अनुकूल परिणामों की संख्या = 3
चूंकि पासे पर छः संख्याएँ [1, 2, 3, 45 और 6] होती हैं।
E के संभावित परिणामों की संख्या = 6
UP Board Solutions for Class 10 Maths Chapter 15 Probability page 337 13

Ex 15.1 Class 10 गणित Q14. 52 पत्तों कि अच्छी प्रकार से फेटी गई एक गड्डी में से एक पत्ता निकला जाता है | निम्नलिखित को प्राप्त करने कि प्रायिकता ज्ञात कीजिए :

(i) लाल रंग का बादशाह

(ii) एक फेस कार्ड अर्थात् तस्वीर वाला पत्ता

(iii) लाल रंग का तस्वीर वाला पत्ता

(iv) पान का गुलाम

(v) हुकुम का पत्ता 

(vi) एक ईंट कि बेगम
हलः चूंकि तास की एक गड्डी में 52 पत्ते होते हैं।
एक पत्ता 52 तरीकों से निकाला जा सकता है।
प्रत्येक अवस्था में सभी संभव परिणामों की संख्या = 52
(i) माना घटना E, “लाल रंग का बादशाह प्राप्त करना है।
चूंकि एक गड्डी में लाल रंग के 2 बादशाह [1 पान (hearts) का और 1 ईंट (diamond) का]
अनुकूल परिणामों की संख्या = 2,
सभी संभव परिणामों की संख्या = 52
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UP Board Solutions for Class 10 Maths Chapter 15 Probability page 337 14.2

Ex 15.1 Class 10 गणित Q15. ताश के पाँच पत्तों – ईंट का दहला, गुलाम, बेगम, बादशाह और इक्का – को पलट करके अच्छी प्रकार फेटा जाता है | फिर इनमें से यादृच्छया एक पत्ता निकाला जाता है |

(i) इसकी क्या प्रायिकता है कि यह पत्ता एक बेगम है |

(ii) यदि बेगम निकल आती है, तो उसे अलग रख दिया जाता है और एक अन्य निकाला जाता

है | इसकी क्या प्रायिकता है कि दूसरा निकाला गया पत्ता

(a)   एक इक्का है ?

(b) एक बेगम है ?
हलः चूंकि कुल पत्ते (दहला, गुलाम, बेगम, बादशाह और इक्का) पाँच हैं।
(i) माना घटना, E“ निकाला गया पत्ता एक बेगम है” को प्रदर्शित करता है।
कुल परिणामों की संख्या = 5
चूंकि इन पत्तों में केवल एक ही बेगम है।
अनुकूल परिणामों की संख्या = 1
UP Board Solutions for Class 10 Maths Chapter 15 Probability page 337 15
(ii) चूंकि बेगम के पत्ते को निकालकर एक ओर रखने पर, हमारे पास केवल चार पत्ते बचते हैं।
सभी संभव परिणामों की संख्या = 4
(a) चूंकि चार पत्तों में केवल 1 इक्का है।
घटना, E“ निकाला गया पत्ता एक इक्का है” के लिए अनुकूल परिणामों की संख्या = 1
UP Board Solutions for Class 10 Maths Chapter 15 Probability page 337 15.1
(b) माना घटना E, “निकाला गया पत्ता एक बेगम है” को दर्शाता है।
P(E) = 0

Ex 15.1 Class 10 गणित Q16. किसी कारण 12 खराब पेन 132 अच्छे पेनों में मिल गए हैं | केवल देखकर यह नहीं बताया जा सकता है कि कोई पेन खराब है या अच्छा है | इस मिश्रण में से, एक पेन यादृच्छया निकाला जाता है | निकले गए पेन कि अच्छा होने कि प्रायिकता ज्ञात कीजिए |
हलः कुल पेन = [अच्छे पेनों की संख्या] + [खराब पेनों की संख्या] = [132] + [12] = 144
अतः एक अच्छा पेन निकाले जाने के 144 परिणाम हो सकते हैं।
संभावित परिणामों की संख्या = 144
माना घटना E, “एक अच्छे पेन का निकलना” है।
और अच्छे पेनों की संख्या = 132
E के अनुकूल परिणामों की संख्या = 132
UP Board Solutions for Class 10 Maths Chapter 15 Probability page 337 16

Ex 15.1 Class 10 गणित Q17. (i) 20 बल्बों के एक समूह में 4 बल्ब खराब हैं | इस समूह में से एक बल्ब यादृच्छया निकाला जाता है | निकाले गए पेन कि अच्छा है | इसकी क्या प्रायिकता है कि यह बल्ब खराब होगा ?  
हलः
(i) कुल बल्बों की संख्या = 20
सम्भावित परिणामों की संख्या = 20
खराब बल्बों की संख्या = 4
अनुकूल परिणामों की संख्या = 4
माना घटना E, “निकाला गया बल्ब का खराब होना” है।
UP Board Solutions for Class 10 Maths Chapter 15 Probability page 337 17
(ii) चूंकि ऊपर निकाला गया बल्ब खराब नहीं है। और इसे दुबारा बल्बों के साथ नहीं मिलाया गया है।
शेष बल्बों की संख्या = 20 – 1 = 19;
खराब बल्बों की संख्या = 4
शेष बचे बल्बों में अच्छे बल्बों की संख्या = 19 – 4 = 15
इस प्रकार, एक अच्छे बल्ब के निकलने के लिए। अनुकूल परिणामों की संख्या = 15
चूंकि शेष बचे कुल बल्ब 19 है, इसलिए सभी संभव परिणामों की संख्या = 19
माना घटना E, ‘निकाला गया बल्ब खराब नहीं है’ को प्रदर्शित करता है।
UP Board Solutions for Class 10 Maths Chapter 15 Probability page 337 17.1

Ex 15.1 Class 10 गणित Q18. एक पेटी में 90 डिस्क (discs) हैं, जिन पर 1 से 90 तक संख्याएँ अंकित हैं | यदि इस पेटी में से एक डिस्क यादृच्छया निकाली जाती है तो इसकी प्रायिकता ज्ञात कीजिए कि इस डिस्क पर अंकित होगी :

(i) दो अंकों कि एक संख्या

(ii) एक पूर्ण वर्ग संख्या

(iii) 5 से विभाज्य एक संख्या |
हलः पेटी में डिस्कों की संख्या = 90
एक डिस्क निकालने के 90 सम्भव परिणाम हो सकते हैं।
(i) चूंकि प्रत्येक डिस्क पर एक अंक (1 से 90 तक) अंकित हैं।
ऐसी डिस्को की संख्या जिन पर 2 अंकों वाली संख्या अंकित हैं = 90 – (1 अंक वाली संख्याएँ) = 90 – 9 = 81
1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8 और 9 एक अंक वाली संख्याएँ हैं।
अनुकूल परिणामों की संख्या = 81
माना घटना E” निकाली गई डिस्क पर दो अंकों वाली संख्या का अंकित होना” है।
UP Board Solutions for Class 10 Maths Chapter 15 Probability page 337 18
(ii) चूंकि 1 से 90 तक की संख्याओं में 90 पूर्ण वर्ग अर्थात् 1, 4, 9, 16, 25, 36, 49, 64 और 81 है।
अनुकूल परिणामों की संख्या = 9
माना घटना E, ‘निकाली गई डिस्क पर एक पूर्ण वर्ग अंकित होना है।
UP Board Solutions for Class 10 Maths Chapter 15 Probability page 337 18.1
(iii) चूंकि 1 से 90 तक की संख्याओं में 5 से विभाज्य संख्याएँ:
5, 10, 15, 20, 25, 30, 35, 40, 45, 50, 55, 60, 65, 70, 75, 80, 85 और 90 हैं।
जिनकी संख्या 18 है। माना घटना E, “निकाली गई डिस्क पर अंकित संख्या 5 से विभाज्य” है।
UP Board Solutions for Class 10 Maths Chapter 15 Probability page 337 18.2

Ex 15.1 Class 10 गणित Q19. एक बच्चे के पास ऐसा पासा है जिसके फलकों पर निम्नलिखित अक्षर अंकित है :

NCERT Solutions For Class 10 Maths Probability 15.1 1

इस पासे को एक बार फेंका जाता है | इसकी क्या प्रायिकता है कि 

(i) A प्राप्त हो ?

(ii) D प्राप्त हो ?
हलः चूंकि पासे के 6 फलकों पर अंकित अक्षर इस प्रकार हैं:
UP Board Solutions for Class 10 Maths Chapter 15 Probability page 337 19.1
फेंके जाने पर एक अक्षर छः प्रकार से प्राप्त होता है।
सम्भव परिणामों की कुल संख्या = 6
(i) चूंकि दो फलकों पर अक्षर A अंकित है।
अक्षर A दो प्रकार से प्राप्त हो सकता है।
अनुकूल परिणामों की संख्या = 2
माना घटना E “अक्षर A का प्राप्त होना” है,
UP Board Solutions for Class 10 Maths Chapter 15 Probability page 337 19.2
(ii) चूंकि केवल एक फलक पर अक्षर D अंकित है।
अनुकूल परिणामों की संख्या = 1
माना घटना E “अक्षर D वाला फलक प्राप्त हो” है,
UP Board Solutions for Class 10 Maths Chapter 15 Probability page 337 19.3

Ex 15.1 Class 10 गणित Q20. मान लीजिये आप एक पासे को आकृति 15.6 में दर्शाए आयताकार क्षेत्र में यादृच्छया रूप से गिराते हैं | इसकी क्या प्रायिकता है कि वह पासा 1m व्यास वाले वृत्त के अन्दर गिरेगा ?

NCERT Solutions For Class 10 Maths Probability PDF 15.1 2
UP Board Solutions for Class 10 Maths Chapter 15 Probability page 337 20
UP Board Solutions for Class 10 Maths Chapter 15 Probability page 337 20.1

Ex 15.1 Class 10 गणित Q21. 144 बाल पेनों के एक समूह में 20 बाल पेन खराब हैं और शेष अच्छे हैं | आप वाही पेन खरीदना चाहेंगे जो अच्छा हो, परन्तु खराब पेन आप खरीदना नहीं चाहेंगे | दुकानदार इन पेनों में से, यादृच्छया एक पेन निकालकर आपको देता है | इसकी क्या प्रायिकता है कि

(i) आप वह पेन खरीदेंगे ?

(ii) आप वह पेन नहीं खरीदेंगे ?
हलः बॉल पेनों की कुल संख्या = 144
1 पेन निकालने के संभावित परिणामों की संख्या = 144
(i) चूंकि खराब पेनों की संख्या = 20
अच्छे पेनों की संख्या = 144 – 20 = 124
अनुकूल परिणामों की संख्या = 124
माना घटना E, “अच्छा पेन खरीदना” है।
UP Board Solutions for Class 10 Maths Chapter 15 Probability page 337 21

Ex 15.1 Class 10 गणित Q22. उदाहरण 13 को देखिए | (i) निम्नलिखित सारणी को पूरा कीजिए :

NCERT Maths Solutions For Class 10 Probability 15.1 3

(ii) एक विधार्थी यह तर्क देता है कि ‘यहाँ कुल 11 परिणाम 2,3,4,5,6,7,8,9,10,11 और 12 है | अतः प्रत्येक कि प्रायिकता 1/11 है|’ क्या आप इस तर्क से सहमत है ? सकारण उत्तर दीजिए |
हलः जब नीला पासा ‘1’ दर्शाता है, तो सलेटी पासे पर संख्याओं 1, 2, 3, 4, 5, 6 में से कोई भी संख्या हो सकती है। यही
तब भी होगा, जब नीले पासे पर ‘2’, ‘3’, ‘4’, ‘5’ या ‘6’ होगा। इस प्रयोग के संभावित परिणामों को नीचे सारणी में दिया गया है। प्रत्येक क्रमित युग्म की पहली संख्या नीले पासे पर आने वाली संख्या है तथा दूसरी संख्या सलेटी पासे पर आने वाली संख्या है।
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Ex 15.1 Class 10 गणित Q23. एक खेल में एक रूपए के सिक्के को तीन बार उछाला जाता है और प्रत्येक बार का परिणाम लिख लिया जाता है | तीनों परिणाम समान होने पर, अर्थात् तीन चित या तीन पट प्राप्त होने पर, हनीफ खेल में जीत जाएगा, अन्यथा वह हार जाएगा | हनीफ के खेल में हार जाने कि प्रायिकता परिकलित कीजिए |
हलः एक सिक्के को उछालने पर, माना चित प्राप्त होना H और पट प्राप्त होना T है।
एक सिक्के को तीन बार उछालने पर हमें निम्नांकित परिणाम प्राप्त हो सकते हैं:
UP Board Solutions for Class 10 Maths Chapter 15 Probability page 337 23

Ex 15.1 Class 10 गणित Q24.एक पासे को दो बार फेंका जाता है | इसकी क्या प्रायिकता है कि

(i) 5 किसी भी बार में नहीं आएगा ?

(ii) 5 कम से कम एक बार आएगा ?

[संकेत : एक पासे को दो बार फेंकना और दो पासों को एक साथ फेंकना एक ही प्रयोग माना जाता है |]
हलः एक पासे को दो बार फेंकना या दो पासों को एक साथ फेंकना एक ही घटना है।
सभी संभव परिणाम इस प्रकार हैं:
UP Board Solutions for Class 10 Maths Chapter 15 Probability page 337 24
UP Board Solutions for Class 10 Maths Chapter 15 Probability page 337 24.1

Ex 15.1 Class 10 गणित Q25. निम्नलिखित में से कौन से तर्क सत्य है और कौन से तर्क असत्य है ? सकारण उत्तर दीजिए |

(i) यदि दो सिक्कों को एक साथ उछाला जाता है, तो इसके तीन संभावित परिणाम – दो चित, दो पट या प्रत्येक एक बार हैं | अतः इनमें से प्रत्येक परिणाम कि प्रायिकता 1/3 है |

(ii) यदि एक पासे को फेंका जाता है, तो इसके दो संभावित परिणाम – एक विषम संख्या या एक सम संख्या हैं | अतः एक विषम संख्या ज्ञात करने की प्रायिकता 1/2 है |
हुलः
(i) यह कथन असत्य है, [क्योंकि जब दो सिक्कों को एक साथ उछाला जाता है, तो ‘प्रत्येक में से एक’ दो प्रकार से परिणाम दे सकता है-पहले सिक्के से चित और दूसरे सिक्के पर पट या पहले सिके से पट और दूसरे से चित प्राप्त हो सकता है। इस प्रकार दो बार चित और दो बार पट आ सकता है] इस प्रकार प्रत्येक परिणाम की प्रायिकता
\(\frac { 1 }{ 4 }\) है। \(\frac { 1 }{ 3 }\) नहीं।
(ii) हाँ, यह कथन सत्य है।

प्रश्नावली 15.2 

Ex 15.2 Class 10 गणित Q1. दो ग्राहक श्याम और एकता एक विशेष दुकान पर एक ही सप्ताह में जा रहे हैं ( मंगलवार से शनिवार तक ) | प्रत्येक द्वारा दुकान पर किसी दिन या किसी अन्य दिन जाने के परिणाम समप्रायिक है | इसकी क्या प्रायिकता है कि दोनों उस दुकान पर

(i) एक ही दिन जाएँगे ?

(ii) क्रमागत दिनों में जाएँगे ?

(iii) भिन्न – भिन्न दिनों में जाएँगे ?
हलः यदि मंगलवार को T से, बुधवार को W से, वीरवार को Th से, तथा शनिवार को S से प्रकट करें, तो ग्राहकों श्याम और
एकता द्वारा एक विशेष दुकान पर एक ही सप्ताह (मंगलवार से शनिवार) में जाने के सभी संभव परिणाम निम्नांकित हो सकते हैं:
UP Board Solutions for Class 10 Maths Chapter 15 Probability page 341 1
UP Board Solutions for Class 10 Maths Chapter 15 Probability page 341 1.1

Ex 15.2 Class 10 गणित Q2. एक पासे के फलकों पर संख्याएँ 1,2,2,3,3, और 6 लिखी हुई हैं | इसे दो बार फेंका जाता है तथा दोनों बार प्राप्त हुई संख्याओं के योग लिख लिए जाते हैं | दोनों बार फेंकने के बाद, प्राप्त योग के कुछ संभावित मान निम्नलिखित सारणी में दिए हैं इस सारणी को पूरा कीजिए |

Maths NCERT Solutions For Class 10 Probability 15.1 4

इसकी क्या प्रायिकता है कि कुल योग 

(i) एक सम संख्या होगा ?

(ii) 6 है ?

(iii) कम से कम 6 है ?
हलः पूरा करने पर सारणी इस प्रकार है:
UP Board Solutions for Class 10 Maths Chapter 15 Probability page 341 2.1
UP Board Solutions for Class 10 Maths Chapter 15 Probability page 341 2.2

Ex 15.2 Class 10 गणित Q3. एक थैले में 5 लाल गेंद और कुछ नीली गेंदे है यदि इस थैले में से नीली गेंद निकलने की प्रायिकता लाल गेंद निकालने की प्रायिकता कि दुगुनी है, तो थैले में गेंदों कि संख्या ज्ञात
कीजिए |
हलः माना थैले में नीली गेदों की संख्या x है।
सभी संभव परिणामों की संख्या = (लाल गेंदों की संख्या) + (नीली गेदों की संख्या) = (5 + x)
यदि घटना “ थैले में से नीली गेंद निकालना” को E से व्यक्त करें, तो
E के अनुकूल परिणामों की संख्या = x
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UP Board Solutions for Class 10 Maths Chapter 15 Probability page 341 3.1

Ex 15.2 Class 10 गणित Q4.एक पेटी में 12 गेंदे है, जिनमें से x गेंद काली है | यदि इसमें से एक गेंद यादृच्छया निकली जाती है, तो इसकी प्रायिकता ज्ञात कीजिए कि यह गेंद काली है |
हलः पेटी में गेदों की कुल संख्या = 12
सभी संभव परिणामों की संख्या = 12
अवस्था- I: यदि घटना “निकाली गई गेंद काली है” को E से व्यक्त करें, तो
E के अनुकूल परिणामों की संख्या = x [पेटी में x काली गेंदे हैं।]
UP Board Solutions for Class 10 Maths Chapter 15 Probability page 341 4
UP Board Solutions for Class 10 Maths Chapter 15 Probability page 341 4.1

Ex 15.2 Class 10 गणित Q5. एक जार में 24 कंचे है जिनमे कुछ हरे हैं और शेष नीले हैं | यदि इस जार में से यादृच्छया एक कंचा निकाला जाता है तो इस कंचे के हरा होने कि प्रायिकता 2/3 है | जार में नीले कंचों कि संख्या ज्ञात कीजिए | 
हलः चूंकि जार में 24 कंचे हैं।
सभी संभव परिणामों की संख्या = 4
माना जार में नीले कचे x हैं।
जार में हरे कंचों की संख्या = 24 – x
यदि घटना “निकाला गया कंचा हरा है” को E से व्यक्त करें, तो
E के अनुकूल परिणामों की संख्या = (24 – x)
UP Board Solutions for Class 10 Maths Chapter 15 Probability page 341 5

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NCERT Solutions for Class 11 History Chapter 5 Nomadic Empires (Hindi Medium)

NCERT Solutions for Class 11 History Chapter 5 Nomadic Empires (Hindi Medium)

NCERT Solutions for Class 11 History Chapter 5 Nomadic Empires (Hindi Medium)

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अभ्यास प्रश्न (पाठ्यपुस्तक से) (NCERT Textbook Questions Solved)

संक्षेप में उत्तर दीजिए

प्र० 1. मंगोलों के लिए व्यापार इतना महत्त्वपूर्ण क्यों था?
उत्तर स्टेपी क्षेत्रों में संसाधनों की कमी के कारण मंगोलों और मध्य-एशियाई यायावरों को व्यापार और वस्तु-विनिमय के लिए उनके पड़ोसी चीनवासियों के पास जाना पड़ता था। यह व्यवस्था दोनों पक्षों के लिए लाभकारी थी। यायावर कबीलेवासी खेती से प्राप्त उत्पादों और लोहे के उपकरणों को चीन से लाते थे और घोड़े, फ़र व स्टेपी में पकड़े गए शिकार का विनिमय करते थे। उन्हें वाणिज्यिक क्रियाकलापों में काफी तनाव का सामना करना पड़ता था। इसका कारण यह था कि दोनों पक्ष अधिकाधिक लाभ कमाना चाहते थे। जलवायु के अत्यधिक ठंडा या गरम होने के कारण स्टेपी प्रदेशों में खेती करना केवल कुछ ही ऋतुओं में संभव था, परंतु मंगोलों ने सुदूर पश्चिम के तुर्की के विपरीत कृषि कार्य नहीं किया। इसलिए खाद्य उत्पादों तथा लोहे के उपकरणों के लिए उन्हें चीन जाना पड़ता था। इस प्रकार एक पशुपालक और आखेटक । समाज का जीन व्यापार के अभाव में असंभव था।

प्र० 2. चंगेज़ खान ने यह क्यों अनुभव किया कि मंगोल कबीलों को नवीन सामाजिक और सैनिक इकाइयों में विभक्त करने की आवश्यकता है?
उत्तर मंगोलों और अन्य अनेक घुमक्कड़ समाजों में प्रत्येक जवान सदस्य हथियारबंद होते थे। जब कभी आवश्यकता पड़ती थी तो यही लोग सशस्त्र सेना के रूप में संगठित हो जाते थे। विभिन्न मंगोल जनजातियों के एकीकरण और उसके पश्चात विभिन्न लोगों के खिलाफ अभियानों से चंगेज़ खान की सेना में नए सदस्य शामिल हुए। इस प्रकार उसकी सेना जोकि अपेक्षाकृत छोटी और अविभेदित समूह थी, वह अविश्वसनीय रूप से एक विशाल विषमजातीय संगठन में परिवर्तित हो गई। इसमें उसकी सत्ता को अपनी इच्छा से स्वीकार करने वाले तुर्कीमूल के उइगुर समुदाय के लोग शामिल थे। केराइटों जैसे द्वारा पराजित शत्रुओं को भी महासंघ में शामिल कर लिया गया था।

चंगेज़ खान उन विभिन्न जनजातीय समूहों, जो उसके महासंघ के सदस्य थे, उनकी पहचान को योजनाबद्ध रूप से मिटाने को कृतसंकल्प था। उसकी सेना स्टेपी-क्षेत्रों की पुरानी दशमलव प्रणाली के अनुसार गठित की गई थी। यह दस, सौ, हज़ार और दस हज़ार सैनिकों की इकाई में विभक्त थी। पुरानी प्रणाली में कुल (clan), कबीले (tribe) और सैनिक दशमलव इकाइयाँ एक साथ कायम थीं। चंगेज़ खान ने इस प्रथा को समाप्त किया। उसने प्राचीन जनजातीय समूहों को विभाजित कर उनके सदस्यों को नवीन सैनिक इकाइयों में विभाजित कर दिया। इसके अतिरिक्त उस व्यक्ति को कठोर दंड दिया जाता था जो अपने अधिकारी से अनुमति लिए बिना बाहर जाने का प्रयास करता था। सैनिकों की सबसे बड़ी इकाई लगभग दस हज़ार सैनिकों, जिसे ‘तुमन’ कहा जाता था, की थी, जिसमें विभिन्न कबीलों वे कुलों के सदस्य शामिल होते थे। इसके साथ-साथ उसने स्टेपी-क्षेत्र की पुरानी सामाजिक व्यवस्था को भी बदल दिया और विभिन्न वंशों व कुलों को एकीकृत कर इसके संस्थापक चंगेज़ खान ने इन सभी को एक नयी पहचान दी। चंगेज़ खान ने मंगोलियाई कबीलों को नवीन सामाजिक व सैन्य इकाइयों में विभक्त कर दिया। इसका कारण यह था कि उसे यह संदेह था कि कहीं ये सभी लोग संगठित होकर उसकी सत्ता न पलट दें और अपने-अपने साम्राज्य स्थापित न कर लें।

यही कारण था कि चंगेज़ खान को ऐसा अनुभव हुआ कि मंगोल कबीलों को नवीन सामाजिक और सैनिक इकाइयों में विभक्त किया जाए।

प्र० 3. यास के बारे में परवर्ती मंगोलों का चिंतन किस प्रकार चंगेज़ खान की स्मृति के साथ जुड़े हुए उनके तनावपूर्ण संबंधों को उजागर करता है?
उत्तर चंगेज़ खान के पश्चात परवर्ती मंगोलों ने यास को स्वीकार कर लिया, किंतु उनके मध्य चंगेज़ खान की स्मृति के साथ उनके मन में भारी तनाव था। परिणामतः वे एक होकर न रह सके। उनमें परस्पर फूट पड़ गई। स्थानबद्धता का दबाव मंगोल निवासस्थानों के नए भागों में ज्यादा व्यापक था। उन भागों में जो घुमक्कड़ मूल स्टेपी-आवास से दूर थे। वहाँ धीरे-धीरे तेरहवीं सदी के मध्य तक भाइयों के मध्य पिता के द्वारा अर्जित धन को मिल-बाँटकर इस्तेमाल करने के स्थान पर व्यक्तिगत राजवंश बनाने की भावना उभरने लगी और हर एक अपने उलुस (अधिकृत क्षेत्र) का स्वामी बनकर एक नए राज्य की स्थापना करना चाहता था। यह आंशिक उत्तराधिकार के संघर्ष का परिणाम था। इसमें चंगेज़ खान के वंशजों के मध्य महान पद प्राप्ति व उत्कृष्ट चरागाही भूमि प्राप्ति के लिए होड़ होती थी। चीन व ईरान दोनों पर शासन करने के लिए आए टोलुई वंशजों ने युआन और इल-खानी की स्थापना की। जोची ने सुनहरा गिरोह (Golden Horde) का गठन किया और रूस के स्टेपी-क्षेत्रों पर कब्जा किया। चघताई के वंशज मध्य एशिया व रूस के गोल्डन होर्ड के स्टेपी निवासियों में यायावर परंपराएँ सर्वाधिक समय तक चलीं।।

वस्तुतः यास मंगोल जनजाति की प्रथागत रीति-रिवाजों का एक संकलन था, जिसे चंगेज़ खान के वंशजों ने । चंगेज़ खान की विधि-संहिता कहा। उसके वंशज अच्छी तरह जानते थे कि 1221 में चंगेज़ खान ने अपने यास या हुक्मनामा में बुखारा के लोगों की निंदा की थी और उन्हें पापी कहा था और यह चेतावनी दी थी कि अपने प्रायश्चित्त के लिए वे अपना छिपा धन उसे दे दें। इस यास ने उसके उत्तराधिकारियों के शासनकाल में काफी कठिनाई उत्पन्न कर दी। चंगेज़ खान की स्मृति को ध्यान में रखते हुए इसने शंकालु और तनावपूर्ण संबंध उत्पन्न किए।

उनके वंशज बाद के मंगोलों पर चंगेज़ खान के कठोर नियमों को अपनी प्रजा पर लागू नहीं कर सकते थे। इसको कारण यह था कि वे अब स्वयं काफी सभ्य हो चुके थे और अनेक सभ्य जातियों के लोगों पर उनका राज्य स्थापित हो चुका था। नि:संदेह चंगेज़ खान के वंशजों को विरासत के रूप में जो कुछ भी मिला वह महत्त्वपूर्ण था, लेकिन उनके सामने एक समस्या थी। उन्हें अब एक स्थानबद्ध समाज में अपनी धाक जमानी थी। इस बदले हुए समय में वे वीरता की वह तस्वीर पेश नहीं कर सकते थे जैसी कि चंगेज खान ने की थी। इस प्रकार यास का संकलन चंगेज़ खाने की स्मृति के साथ गहराई से जुड़ा था।

प्र० 4. यदि इतिहास नगरों में रहने वाले साहित्यकारों के लिखित विवरणों पर निर्भर करता है तो यायावर समाजों के बारे में हमेशा प्रतिकूल विचार ही रखे जाएँगे। क्या आप इस कथन से सहमत हैं? क्या आप इसका कारण बताएँगे कि फ़ारसी इतिवृत्तकारों ने मंगोल अभियानों में मारे गए लोगों की इतनी बढ़ा-चढ़ाकर संख्या क्यों बताई है?
उत्तर इस तथ्य में कोई संदेह नहीं है कि इतिहास लिखित तथ्यों पर भरोसा करता है। वह साक्ष्यों की पृष्ठभूमि पर ही लिखा
जाता है। यदि नगरों में रहने वाले साहित्यकारों के लिखित विवरणों से इतिहास रचा गया हो तो यायावर समाजों के प्रति हमेशा विपरीत विचार ही रखे जाएँगे। हाँ, मैं इस बात से सहमत हूँ कि कथन सही है। कारण यह है, फ़ारसी इतिहासकारों ने मंगोल अभियानों में मारे गए लोगों की संख्या बढ़ा-चढ़ाकर बताई है, ताकि लोग अपने शासकों के प्रति वफादार बने रहें और इससे मंगोल शासक को कमजोर समझकर अन्य मंगोल उनके देश में न घुस आएँ। इसके साथ ही इतिहासकारों को मंगोलों का संरक्षण प्राप्त नहीं था।

इल खानी ईरान में तेरहवीं सदी के आखिरी दशक में फारसी इतिहासवृत्त में महान खानों द्वारा की गई रक्त-रंजित हत्याओं का विस्तृत वर्णन किया गया है और मृतकों की संख्या बहुत अधिक बढ़ा-चढ़ाकर व्यक्त की गई है। उदाहरण के लिए, एक चश्मदीद गवाह ने इस विवरण के विरोध में लिखा है कि बुखारा की किले की रक्षा के लिए 400 सैनिक तैनात थे। इसके अतिरिक्त एक इल खानी इतिहासवृत्त में यह विवरण दिया गया है कि बुखारा के किले पर हुए आक्रमण में 3000 सैनिक हताहत हुए। यद्यपि इल खानी विवरणों में अभी भी चंगेज़ खान की प्रशंसा की जाती थी, तथापि उनमें साथ ही तसल्लीबख्श यह कथन भी दिया जाने लगा कि समय बदल चुका है और अब खून-खराबा समाप्त हो चुका है। चंगेज़ खान के वंशज अपनी प्रजा में यह धारणा नहीं कायम कर पाए कि इस बदले हुए समय में वीरता की ऐसी तस्वीर नहीं पेश कर सकते थे जैसी उनके पूर्वज चंगेज़ खान ने की थी।

संक्षेप में निबंध लिखिए

प्र० 5. मंगोल और बेदोइन समाज की यायावरी विशेषताओं को ध्यान में रखते हुए, यह बताइए कि आपके विचार में किस तरह उनके ऐतिहासिक अनुभव एक-दूसरे से भिन्न थे? इन भिन्नताओं से जुड़े कारणों को समझने के लिए आप क्या स्पष्टीकरण देंगे?
उत्तर मंगोल विविध जनसमुदाय का निकाय था। ये लोग पूर्व में तातार, खितान और मंचू लोगों से और पश्चिम में तुर्की कबीलों
से भाषागत समानता होने के परिणामस्वरूप परस्पर जुड़े हुए थे। कुछ मंगोल पशुपालक थे और कुछ शिकारी संग्राहक थे। पशुपालक घोड़ों, भेड़ों और कुछ हद तक अन्य पशुओं जैसे ऊँट और बकरी को भी पालते थे। उनका यायावरीकरण मध्य एशिया की चारण भूमि (स्टेपीज) में हुआ जो आज के आधुनिक मंगोलिया राज्य का भूभाग है। इस क्षेत्र का दृश्य आज जैसा ही अत्यंत मनोरम था और क्षितिज अत्यंत विस्तृत और लहरिया मैदानों से घिरा था। पशुचारण के लिए यहाँ पर अनेक हरे घास के मैदान और प्रचुर मात्रा में छोटे-मोटे शिकार अनुकूल ऋतुओं में उपलब्ध हो जाते थे। शिकारी-संग्राहक लोग, पशुपालक कबीलों के आवास क्षेत्र के उत्तरी भाग में साईबेरियाई वनों में रहते थे। वे पशुपालक लोगों की अपेक्षा अधिक निर्धन होते थे तथा ग्रीष्मकाल में पकड़े गए जानवरों की खाल के व्यापार से अपना जीविकोपार्जन करते थे। मंगोलों ने अपने पश्चिम के तुर्कों के विपरीत कृषि-कार्य को नहीं अपनाया। कारण यह था कि शिकारी संग्राहकों की अर्थव्यवस्था घनी आबादी वाले क्षेत्रों का भरण-पोषण करने में समर्थ थी। इसलिए इन क्षेत्रों में कोई नगर विशेष रूप से नहीं उभरे। मंगोल तंबुओं और जरों (gers) में रहते थे और अपने पशुओं के साथ शीतकालीन निवासस्थान से ग्रीष्मकालीन चारण भूमि की ओर चले जाते थे।

नृजातीय तथा भाषायी संबंधों के कारण मंगोल समाज आपस में संगठित था, पर उपलब्ध आर्थिक संसाधनों में कमी के परिणामस्वरूप उनका समाज अनेक पितृपक्षीय वंशों में बँटा हुआ था। समृद्ध परिवारों में सदस्यों की तादाद ज्यादा होती थी और पशु व चारण भूमि व्यापक स्तर पर उनके पास रहती थी। इसके परिणामस्वरूप उनका स्थानीय राजनीति पर नियंत्रण रहता था। शीत ऋतु के समय इकट्ठा की गई शिकार-सामग्रियाँ और अन्य भंडार में रखी हुई सामग्रियों के समाप्त हो जाने पर या वर्षा के अभाव में उन्हें हरे-भरे घास के मैदानों की खोज में लगातार भटकना पड़ता था। अतः उनमें परस्पर संघर्ष होता रहता था। पशुधन के लिए लूटपाट भी उनके द्वारा की जाती थी। प्रायः मंगोल परिवारों के समूह आक्रमण करने और अपनी रक्षा के लिए अधिक शक्तिशाली और समृद्ध कुलों से मित्रता कर लेते थे और परिसंघ का निर्माण कर लेते थे। कुछ अपवादों को यदि छोड़ दिया जाए तो ऐसे परिसंघ प्रायः अत्यधिक छोटे और अल्पकालिक समय के लिए होते थे। मंगोल और तुर्की के कबीलों को मिलाकर चंगेज़ खान द्वारा निर्मित परिसंघ पाँचवीं सदी के अट्टीला (मृत्यु 453 ई०) द्वारा निर्मित परिसंघ के बराबर था।

अट्टीला के बनाए गए परिसंघ के विपरीत चंगेज़ खान की राजनीतिक व्यवस्था बहुत स्थायी रही और अपने संस्थापक की मृत्यु के बाद भी बरकारार रही। यह व्यवस्था इतनी सुदृढ़ थी कि चीन, ईरान और पूर्वी यूरोपीय देशों की उन्नत शस्त्रों से लैस विशाल सेनाओं का सामना कर सकती थी। मंगोलों ने इन क्षेत्रों में नियंत्रण करने के साथ ही साथ जटिल कृषि अर्थव्यवस्था एवं नगरीय आवासों-स्थानबद्ध समाजों का बड़ी कुशलता से प्रशासन किया। मंगोलों के रीति-रिवाज व परंपराएँ इन लोगों से बिलकुल भिन्न थीं।।

इसके अतिरिक्त यायावरी सामाजिक और राजनीतिक संगठन कृषि अर्थव्यवस्थाओं से अधिक भिन्न थे, परंतु ये दोनों समाज एक-दूसरे की व्यवस्था से अनजान नहीं थे। दरअसल स्टेपी प्रदेशों में संसाधनों के अभाव की वजह से मंगोलों और मध्य एशियाई यायावरों को व्यापार और वस्तु-विनिमय हेतु चीन के स्थायी निवासियों के यहाँ जाना पड़ता था। यह व्यवस्था दोनों समाजों के लिए लाभदायी थी। यायावर कबीले कृषि कार्य से उत्पादित वस्तुओं और लोहे के उपकरणों को चीन से लाते थे और फ़र, घोड़े और स्टेपी में पकड़े गए शिकार का विनिमय करते थे। यह सत्य है कि उन्हें वाणिज्यिक कार्यप्रणाली के अंतर्गत काफी तनाव का सामना करना पड़ता था क्योंकि दोनों समाज अधिकाधिक लाभ कमाना चाहते थे। इसके अतिरिक्त जब मंगोल कबीलों के साथ मिलकर व्यापार करते थे तो उन्हें चीनी पड़ोसियों की बेहतर शर्ते रखने के लिए बाध्य कर देते थे। कभी-कभी ये लोग व्यापारिक रिश्तों को छोड़करे केवल लूटपाट करने लगते थे। नि:संदेह दूसरी तरफ चीन की महान दीवार उत्तरी चीन के किसानों पर यायावरों द्वारा लगातार आक्रमणों और उनमें लूटपाट के कारण उत्पन्न अस्थिरता और भय का एक प्रभावशाली आँखों देखा (प्रत्यक्ष) सबूत है। इससे यायावरों की आतंक नीति का साफ पता चलता है।

प्र० 6. तेरहवीं शताब्दी के मध्य में मंगोलिया द्वारा निर्मित ‘पैक्स मंगोलिका’ का निम्नलिखित विवरण उसके चरित्र को किस तरह उजागर करता है?
एक फ्रेन्सिसकन भिक्षु, रूब्रुक निवासी विलियम को फ्रांस के सम्राट लुई IX ने राजदूत बनाकर महान खान मोंके के दरबार में भेजा। वह 1254 में मोंके की राजधानी कराकोरम पहुँचा और वहाँ वह लोरेन, फ्रांस की एक महिला पकेट (Paquette) के संपर्क में आया जिसे हंगरी से लाया गया था। यह महिला राजकुमार की पत्नियों में से एक पत्नी की सेवा में नियुक्त थी जो नेस्टोरियन ईसाई थी। वह दरबार में एक फ़ारसी जौहरी ग्वीयोम् बूशेर के संपर्क में आया, जिसका भाई पेरिस के ‘ग्रेन्ड पोन्ट’ में रहता था। इस व्यक्ति को सर्वप्रथम रानी सोरगकतानी ने और उसके उपरांत मोंके के छोटे भाई ने अपने पास नौकरी में रखा। विलियम ने यह देखा कि विशाल दरबारी उत्सवों में सर्वप्रथम नेस्टोरिन पुजारियों को उनके चिह्नों के साथ तथा इसके उपरांत मुसलमान, बौद्ध और ताओ पुजारियों को महान खान को आशीर्वाद देने के लिए आमंत्रित किया जाता था।
उत्तर उपरोक्त अनुच्छेद में तेरहवीं शताब्दी के मध्य में मंगोलिया द्वारा निर्मित ‘पैक्स मंगोलिका’ का विवरण कई दृष्टिकोण से उसके चरित्र को स्पष्ट करता है

  • फ्रांस के सम्राट लुई-IX के द्वारा एक फ्रेन्सिसकन भिक्षु, रूब्रुक निवासी विलियम को मोंके की राजधानी कराकोरम भेजे जाने से यह तथ्य स्पष्ट होता है कि चंगेज़ खान के पश्चात आने वाले शासकों ने अपने पड़ोसी देशों से अच्छे संबंध कायम किए थे। यह घटना मंगोलियाई शासकों की कूटनीतिक और सभ्य होने का प्रमाण या साक्ष्य मानी जा सकती है।
  • फ्रांस के सम्राट लुई-IX के द्वारा विलियम को मोंके की राजधानी कराकोरम भेजना, हंगरी की महिला पकेट (Paquette) से मिलना व उसके द्वारा राजकुमारों की एक पत्नी की सेवा करना तथा फ़ारसी जौहरी ग्वीयोम् बूशेर का कराकोरम में मिलना व उससे संपर्क रखना-ये सभी तथ्य यह उजागर करते हैं कि मंगोल शासक काफी शान-शौकत व विलासितापूर्ण जीवन बिताते थे। सेवा करने के लिए उनके द्वारा नौकर व कारीगर विश्व के अनेक भागों से लाए गए थे। इन सेविकाओं और कारीगरों को उचित वेतन मिलता था। इसलिए वे मंगोल | शासन में उनके दरबारों में रहते थे। नि:संदेह तब तक मंगोल पहले की अपेक्षा काफी सभ्य व समृद्ध हो चुके थे।
  • विशाल दरबारी उत्सवों में अनेक पुजारियों, मुसलमानों, बौद्धों व ताओ पुजारियों द्वारा महान खान मोंके को आशीर्वाद देने के लिए आमंत्रित किया जाना यह स्पष्ट करता है कि मंगोल शासक धार्मिक सहिष्णु थे और सभी लोगों के द्वारा आशीर्वाद प्राप्ति के इच्छुक थे। मंगोल शासन बहुजातीय, बहुभाषीय व बहुधार्मिक था। मंगोल शासकों के दृष्टिकोण में सभी धर्म समान थे।

उपरोक्त निष्कर्षों के आधार पर कहा जा सकता है कि मंगोल शासक कूटनीतिज्ञ, चतुर, महत्त्वाकांक्षी, विलासितापूर्ण जीवन-शैली के धनी व धार्मिक दृष्टिकोण से आस्तिकतावादी थे। वे धार्मिक कट्टरवाद से काफी दूर थे। उनका जीवन स्तर करीब-करीब सभ्य था।

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NCERT Solutions for Class 12 Macroeconomics Chapter 6 Open Economy Macroeconomics (Hindi Medium)

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[NCERT TEXTBOOK QUESTIONS SOLVED] (पाठ्यपुस्तक से हल प्रश्न)

प्र० 1. संतुलित व्यापार शेष और चालू खाता संतुलन में अंतर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: संतुलित बाजार शेष का अर्थ है कि देश में वस्तुओं का निर्यात और वस्तुओं का आयात बराबर है। सूत्र के रूप में,
संतुलित व्यापार शेष वस्तुओं का निर्यात – वस्तुओं का आयात = 0
चालू खाता संतुलन का अर्थ है कि देश में वस्तुओं का निर्यात, सेवाओं का निर्यात तथा हस्तांतरण प्राप्तियों का योग वस्तुओं के आयात, सेवाओं के आयात तथा हस्तांतरण भुगतान के योग के बराबर हो, सूत्र के रूप में।
चालू खाता संतुलन = वस्तुओं का निर्यात + सेवाओं का निर्यात + हस्तांतरण प्राप्तियाँ – वस्तुओं का आयात – सेवाओं का आयात – हस्तांतरण भुगतान = 0

प्र० 2. आधिकारिक आरक्षित निधि का लेन-देन क्या है? अदायगी संतुलन में इनके महत्व का वर्णन कीजिए।
उत्तर: आधिकारिक आरक्षित लेन-देन से अभिप्राय सरकारी कोषों में उपलब्ध सोने के कोष तथा अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा के कोष
में कमी और वृद्धि से है। इसका प्रयोग अदायगी संतुलन के आधिक्य और घाटे को ठीक करने के लिए किया जाता है। घाटे की दशा में विदेशी विनिमय बाजार में करेंसी को बेचकर तथा अपने देश के विदेशी विनिमय को कम करके कोई देश अधिकृत आरक्षित निधि संव्यवहार का कार्य कर सकता है। अधिकृत आरक्षित निधि में कमी को कुल अदायगी-घाटा संतुलन कहते हैं। इसके विपरीत आधिक्य की दशा में विदेशी विनिमय बाजार में करेंसी को खरीदकर तथा अपने देश के विदेशी विनिमय को बढ़ा करके कोई देश अधिकृत आरक्षित निधि संव्यवहार का कार्य कर सकता है। अधिकृत आरक्षित निधि में वृद्धि को कुल अदायगी आधिक्य संतुलन कहते हैं।

प्र० 3. मौद्रिक विनिमय दर और वास्तविक विनिमय दर में भेद कीजिए यदि आपको घरेलू वस्तु अथवा विदेशी वस्तुओं के बीच किसी को खरीदने का निर्णय करना हो तो कौन-सी दर अधिक प्रासंगिक होगी?
उत्तर: मौद्रिक विनिमय दर वह विनिमय दर है, जिसमें एक करेंसी की अन्य करेंसियों के संबंध में औसत शक्ति को मापते समय कीमत स्तर में होने वाले परिवर्तनों पर ध्यान नहीं दिया जाता। अन्य शब्दों में, यह मुद्रास्फीति के प्रभाव से मुक्त नहीं होती। इसके विपरीत, वास्तविक विनिमय दर वह है जिसमें विश्व के विभिन्न देशों के कीमत स्तरों में होने वाले परिवर्तन को ध्यान में रखा जाता है। यह वह विनिमय दर से, जो स्थिर कीमतों पर आधारित होने के कारण मुद्रास्फीति के प्रभाव से मुक्त होती है। किसी भी एक समय पर, घरेलू वस्तुएँ खरीदने के लिए मौद्रिक विनिमय दर अधिक उपयुक्त होती है।

प्र० 4. यदि 1 ₹ की कीमत 1.25 येन है और जापान में कीमत स्तर 3 हो तथा भारत में 1.2 हो तो भारत और जापान के बीच वास्तविक विनिमय दर की गणना कीजिए (जापानी वस्तु की कीमत भारतीय वस्तु के संदर्भ में)। संकेत : रुपये में येन की कीमत के रूप में मौद्रिक विनिमय दर को पहले ज्ञात कीजिए।
उत्तर:
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प्र० 5. स्वचालित युक्ति की व्याख्या कीजिए, जिसके द्वारा स्वर्णमान के अंतर्गत अदायगी-संतुलन प्राप्त किया जाता था।
उत्तर: डेविड ह्यूम (David Hume) नामक एक अर्थशास्त्री ने 1752 में इसकी व्याख्या की कि किस प्रकार स्वर्णमान
के अंतर्गत स्वचालित युक्ति से अदायगी-संतुलन प्राप्त किया जाता था। उनके अनुसार यदि सोने के भण्डार में कमी हुई, तो सभी प्रकार की कीमतें और लागत भी अनुपातिक रूप से कम होंगी और इसके फलस्वरूप घरेलू वस्तुएँ विदेशी वस्तुओं की तुलना में सस्ती हो जायेंगी। तदनुसार, आयात घटेगा और निर्यात बढेगा। जिस देश से घरेलू अर्थव्यवस्था आयात कर रही थी और सोने में उसको भुगतान कर रही थी, उसको कीमतों और लागतों में वृद्धि का सामना करना पड़ेगा। अतः उनका महँगा निर्यात घटेगा और घरेलू अर्थव्यवस्था से आयात बढ़ेगा। इस प्रकार धातुओं के कीमत तंत्र द्वारा सोने की क्षति उठाकर अदायगी संतुलन में सुधार लाना होता है। सापेक्षिक कीमत । पर जब तक अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में साम्य की पुनस्र्थापना नहीं होती, तब तक प्रतिकूल व्यापार संतुलन वाले देश के अदायगी संतुलन को अनुकूल व्यापार संतुलन वाले देश के अदायगी संतुलन को समकक्ष लाता है। इस संतुलन की प्राप्ति के बाद शुद्ध सोने का प्रवाह नहीं होता और आयात-निर्यात संतुलन बना रहता हैं इस प्रकार स्वचालित साम्यतंत्र के द्वारा स्थिर विनिमय दर को कायम रखा जाता था।

प्र० 6. नम्य विनिमय दर व्यवस्था में विनिमय दर का निर्धारण कैसे होता है?
उत्तर: नम्य विनिमय दर का निर्धारण अंतर्राष्ट्रीय बाजार में पूर्ति तथा माँग की शक्तियों द्वारा होता है, जबकि विदेशी विनिमय की माँग इसकी अपनी कीमत से विपरीत रूप से संबंधित होती है, विदेशी विनिमय की पूर्ति इसकी अपनी कीमत से प्रत्यक्ष रूप से संबंधित होती है।

प्र० 7. अवमूल्यन और मूल्यह्रास में अंतर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: अवमूल्यन सरकार द्वारा आयोजन के अनुसार विदेशी करेंसी के संबंध में घरेलू करेंसी के मूल्य में कमी है, यह उस स्थिति में होता है जब विनिमय दर का निर्धारण पूर्ति और साँग की शक्तियों द्वारा नहीं होता है परंतु विभिन्न देशों की सरकारों द्वारा निश्चित किया जाता है। मूल्यहास विदेशी करेंसी के संबंध में, घरेलू करेंसी के मूल्य में आने वाली कमी है, यह उस स्थिति में होता है, जब अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा बाजार में विनिमय दर का निर्धारण पूर्ति और माँग की शक्तियों द्वारा होता है।

प्र० 8. क्या केंद्रीय बैंक प्रबंधित तिरती व्यवस्था में हस्तक्षेप करेगा? व्याख्या कीजिए।
उत्तर: हाँ केंद्रीय बैंक प्रबंधित तिरती व्यवस्था में हस्तक्षेप करेगा यह अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा बाजार में विदेश करेंसी के विक्रय तथा क्रय के द्वारा होता है। जब केंद्रीय बैंक को लगता है कि घरेलू करेंसी के बाजार मूल्य का अत्याधिक मूल्यह्रास हो रहा है, तो इसे नियंत्रित करने के लिए तथा घरेलू करेंसी के पूर्व मूल्य को स्थापित करने के लिए यह अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा बाजार में यू.एस.डॉलर की बिक्री करेगा। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा बाजार में डॉलर बेचकर केंद्रीय बैंक डॉलर पूर्ति में वृद्धि करता है। अन्य बातें समान रहने पर डॉलर की पूर्ति में वृद्धि होने से घरेलू करेंसी के संबंध में डॉलर की कीमत में कमी की संभावना होती है। ऐसी क्रिया तब अनिवार्य हो जाती है, जब रुपये के मूल्य में कमी के कारण सरकार का आयात बिल बढ़ जाता है। इसी भांति जब केंद्रीय बैंक यह महसूस करता है कि घरेलू करेंसी का बाजार मूल्य अत्यधिक बढ़ रहा है तो वह विदेशी करेंसी खरीदना आरंभ कर देता है जब विदेशी करेंसी के लिए माँग में वृद्धि होती है, तो घरेलू करेंसी के संबंध में इसकी कीमत बढ़ने लगती है अब विदेशी एक यू.एस. डॉलर से अधिक घरेलू वस्तुएँ खरीद सकते हैं। तदनुसार, घरेलू वस्तुओं के लिए निर्यात माँग पुनः होने लगती है।

प्र० 9. क्या देशी वस्तुओं की माँग और वस्तुओं की देशीय माँग की संकल्पनाएँ एक समान हैं?
उत्तर: घरेलू वस्तुओं के लिए माँग तथा वस्तुओं के लिए घरेलू माँग दोनों अलग-अलग अवधारणाएँ हैं। घरेलू वस्तुओं के लिए माँग में घरेलू उपभोक्ताओं तथा विदेशियों द्वारा वस्तुओं के लिए की गई माँग शामिल होती है। वस्तुओं के लिए घरेलू माँग देश तथा विदेश में उत्पादित वस्तुओं के लिए की गई माँग है।
घरेलू वस्तुओं के लिए माँग = C + I + G + X – M
वस्तुओं के लिए घरेलू माँग = C + I + G
अतः घरेलू वस्तुओं के लिए माँग = वस्तुओं के लिए घरेलू माँग + (X – M)

प्र० 10. जब M = 60 + 0.06Y हो, तो आयात की सीमांत प्रवृत्ति क्या होगी? आयात की सीमांत प्रवृत्ति और समस्त माँग फलन में क्या संबंध है?
उत्तर: आयात की सीमांत प्रवृत्ति = 0.06 होगी आयात की सीमांत प्रवृत्ति और समस्त माँग फलन से अप्रत्यक्ष संबंध है। अर्थात आयात की सीमांत प्रवृत्ति बढ़ने पर समस्त माँग फलन कम हो जाता है और आयात की सीमांत प्रवृत्ति कम होने पर समस्त माँग फलन बढ़ जाता है।

प्र० 11. खुली अर्थव्यवस्था स्वायत्त व्यय खर्च गुणक बंद अर्थव्यवस्था के गुणक की तुलना में छोटा क्यों होता है?
उत्तर: खुली अर्थव्यवस्था गुणक बंद अर्थव्यवस्था गुणक से छोटा होता है, क्योंकि घरेलू माँग का एक हिस्सा विदेशी | वस्तुओं के लिए होता है। अतः स्वायत्त माँग में वृद्धि से बंद अर्थव्यवस्था की तुलना में निर्गत में कम वृद्धि होती। है। इससे व्यापार शेष में भी गिरावट होती है।

प्र० 12. पाठ में इकमुश्त कर की कल्पना के स्थान पर आनुपातिक कर T = tY के साथ खुली अर्थव्यवस्था गुणक की। गणना कीजिए।
उत्तर: यदि कर = T है तो गुणक की गणना इस प्रकार होगी-
NCERT Solutions for Class 12 Macroeconomics Chapter 6 Open Economy Macroeconomics (Hindi Medium) 12
NCERT Solutions for Class 12 Macroeconomics Chapter 6 Open Economy Macroeconomics (Hindi Medium) 12.1
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इससे सिद्ध होता है कि एकमुश्त कर की स्थिति में कर गुणक अधिक होता है और अनुपातिक कर की स्थिति में यह कम होता है। इकमुश्त कर की स्थिति में जब सरकारी व्यय में वृद्धि के फलस्वरूप, जब आय में वृद्धि होती है तो उपभोग में आय की वृद्धि की C गुणा वृद्धि होती है। अनुपातिक कर के साथ उपभोग में C – Ct गुणा आय में वृद्धि होती है।

प्र० 13. मान लीजिए C = 40 +0.8 yD, T = 50, I = 60, G = 40, X = 90, M = 50 + 0.05Y
(a) संतुलन आय ज्ञात कीजिए,
(b) संतुलन आय पर निवल निर्यात संतुलन ज्ञात कीजिए,
(c) संतुलन आय और निवल निर्यात संतुलन क्या होता है जब सरकार के क्रय में 40 से 50 की वृद्धि होती है?
उत्तर:
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प्र० 14. उपर्युक्त उदाहरण में यदि निर्यात में x = 100 का परिवर्तन हो तो संतुलन आय और निवल निर्यात संतुलन में परिवर्तन ज्ञात कीजिए।
उत्तर:
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प्र० 15. व्याख्या कीजिए कि
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उत्तर: एक अर्थव्यवस्था में आय संतुलन में होता है जब AD = AS हो।
AD = C + I + G + (X – M)
AS = C + S + T
अतः अर्थव्यवस्था संतुलन में होती है जब
C + S + T = C + I + G + (X – M)
पुनः प्रतिबंधित करने पर
(S – I) – (X – M) = G – T
अतः सिद्ध हुआ।
यह इसकी बीजगणितीय सिद्धि थी। तार्किक आधार पर अर्थव्यवस्था संतुलन में होती है, जब क्षरण = भरण हो। S, T और M क्षरण हैं जबकि I, G और X भरण हैं। जब इनका अंतर बराबर होगा तो आय को चक्रीय प्रवाह संतुलन होगा।

प्र० 16. यदि देश B से देश A में मुद्रास्फीति ऊँची हो और दोनों देशों में विनिमय दर स्थिर हो तो दोनों देशों के व्यापार शेष का क्या होगा?
उत्तर: देश B के लोग घरेलू वस्तुएँ अधिक लेंगे और आयात कम करेंगे विदेशी भी देश की वस्तुएँ अधिक खरीदेंगे।
अतः देश B में निर्यात > आयात होगा इसीलिए देश B का व्यापार शेष धनात्मक होगा। इसके विपरीत देश A के लोग विदेशी वस्तुएँ अधिक लेंगे और आयात अधिक करेंगे। विदेशी भी देश A से वस्तुएँ
खरीदना नहीं चाहेंगे अतः देश A में आयात > निर्यात होगा इसीलिए देश A का व्यापार शेष ऋणात्मक होगा।

प्र० 17. क्या चालू पूँजीगत घाटा खतरे का संकेत होगा? व्याख्या कीजिए।
उत्तर: चालू पूँजीगत खाता खतरे का संकेत होगा यदि इसका प्रयोग उपभोग अथवा गैर विकासात्मक कार्यों के लिए किया जा रहा है। यदि इसका उपयोग विकासात्मक योजनाओं के लिए किया जा रहा है, तो इससे अर्थव्यवस्था में आय और रोजगार का स्तर ऊँचा उठेगा। आय और रोजगार का स्तर ऊँचा उठने का अर्थ है कि भारतीयों की क्रय शक्ति बढ़ेगी। भारतीय अर्थव्यवस्था की निर्यात क्षमता बढ़ेगी, विदेशों में निवेश करने की क्षमता बढ़ेगी तथा सरकारी आय (कर तथा अन्य कारकों से) बढ़ेगी जिससे अर्थव्यवस्था इस घाटे की पूर्ति करने में समर्थ हो जायेगी।

प्र० 18. मान लीजिए C = 100 + 0.75YD, I = 500, G = 750 कर आय का 20 प्रतिशत है, x = 150, M = 100 + 0.2Y है तो संतुलन आय, बजट घाटा अथवा आधिक्य और व्यापार घाटा अथवा अधिक्य की गणना कीजिए।
उत्तर: अर्थव्यवस्था में संतुलन आय स्तर वह होता है जहाँ
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750 – 0.2(2333.33) = 750 – 466.66 = 283.34 करोड़
व्यापार घाटा = X – M = 150 – 100 – 0.2y
50 – 0.292333.33 = 50 – 466.66 = 411.66 करोड़

प्र० 19. उन विनिमय दर व्यवस्थाओं की चर्चा कीजिए, जिन्हें कुछ देशों ने अपने बाह्य खाते में स्थायित्व लाने के लिए। किया है।
उत्तर: निम्नलिखित विनिमय दर व्यवस्थाओं का कुछ देशों ने अपने बाह्य खाते में स्थायित्व लाने के लिए प्रयोग किया है:

  1. विस्तृत सीमा पट्टी प्रणाली-इस प्रणाली के अंतर्गत अंतराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में दी करेंसियों की समता दर के बीच + 10% तक का सामंजस्य करके भुगतान शेष को ठीक करने की छूट होती है। यह ऐसी प्रणाली को कहते हैं, जो स्थिर विनिमय दर में विस्तृत परिवर्तन/समंजन की अनुमति देती है।
  2. चलित सीमाबंध प्रणाली-यह भी स्थिर और लोचशील विनिमय दर के बीच एक समझौता है, परंतु जैसा कि नाम है चलित यह कम विस्तृत है। इसके केवल समता दर के बीच + 1% तक का सामंजस्य करके भुगतान शेष को ठीक करने की छूट होती है। यह लघु सामंजस्य है जिसे समय-समय पर दोहराया जा सकता है।
  3. प्रबंधित तरणशीलता प्रणाली-स्थिर और लोचशील विनिमय दरों की एक अंतिम मिश्रित प्रणाली है। यह स्थिर विनिमय दर और नम्य विनिमय दर का मिश्रण है, जो सरकार द्वारा प्रबंधित तथा नियंत्रित होता है। इसमें विनिमय दर को लगभग पूरी तरह से स्वतंत्र छोड़ दिया जाता है और मौद्रिक अधिकारी कभी-कभी हस्तक्षेप करते हैं।

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NCERT Solutions for Class 11 History Chapter 10 Displacing Indigenous Peoples (Hindi Medium)

NCERT Solutions for Class 11 History Chapter 10 Displacing Indigenous Peoples (Hindi Medium)

NCERT Solutions for Class 11 History Chapter 10 Displacing Indigenous Peoples (Hindi Medium)

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अभ्यास प्रश्न (पाठ्यपुस्तक से) (NCERT Textbook Questions Solved)

संक्षेप में उत्तर दीजिए

प्र० 1. दक्षिणी और उत्तरी अमरीका के मूल निवासियों के बीच के फर्को से संबंधित किसी भी बिंदु पर टिप्पणी कीजिए।
उत्तर उत्तरी अमरीका के मूल निवासी शिकार करने, मछली पकड़ने व संग्रहण करने में रुचि रखते थे। उन्होंने बड़े पैमाने
पर खेती करने की कोशिश कभी नहीं की और न ही अनाज का भंडारण किया। वे जंगली जानवरों जैसे भैंसे आदि की सवारी व शिकार करते थे। इसके विपरीत दक्षिणी अमरीका के मूल निवासियों की सभ्यता का आधार कृषि थी। मक्का की फसल प्रमुख उपज थी और वे जानवरों का शिकार करते थे व मछलियाँ भी पकड़ते थे।

उत्तरी अमरीका के मूल निवासियों ने बड़े पैमाने पर खेती नहीं की और इसलिए वे अधिशेष अनाज का उत्पादन नहीं करते थे। अतः वहाँ पर केंद्रीय और दक्षिणी अमरीका की भाँति राजशाही साम्राज्यों का उदय नहीं हुआ जबकि दक्षिणी अमरीका में अनेक विशाल साम्राज्य थे जैसे माया एजटेक वे इंका साम्राज्य। वहाँ पर भूमि के स्वामित्व को लेकर झगड़े नहीं होते थे। इसके अतिरिक्त औपचारिक संबंध बनाना और उपहार देना व लेना प्रचलन में था। अतः मित्रता स्थापित करना और उपहारों का आदान-प्रदान करना उनकी परंपरा में रची-बसी थी।

प्र० 2. आप उन्नीसवीं सदी के संयुक्त राज्य अमरीका में अंग्रेजी के उपयोग के अतिरिक्त अंग्रेजों के आर्थिक और सामाजिक जीवन की कौन-सी विशेषताएँ देखते हैं?
उत्तर उन्नीसवीं शताब्दी के संयुक्त राज्य अमरीका को आप एक लघु इंग्लैंड भी कह सकते हैं। सन् 1763 में अंग्रेजों ने कनाडा पर भी अपना नियंत्रण कायम कर लिया था। अतः समस्त उत्तरी अमरीका महाद्वीप की सभ्यता अंग्रेज़ी सभ्यता से व्यापक स्तर पर प्रभावित हुई। अंग्रेजी भाषा के अतिरिक्त अंग्रेजों के आर्थिक और सामाजिक जीवन के कुछ प्रभाव संयुक्त राज्य अमरीका की सभ्यता व संस्कृति में देखे जा सकते हैं

  • इंग्लैंड के समान संयुक्त राज्य अमरीका की शासन-प्रणाली भी प्रजातंत्रीय थी।
  • रहन-सहन वे खान-पान के स्तर पर प्रायः समानता देखी जा सकती है। मदिरा का सेवन दोनों देशों के निवासियों द्वारा समान रूप से किया जाता है।
  • संयुक्त राज्य अमरीका में भी इंग्लैंड के समान ईसाई धर्म का वर्चस्व था। यहाँ के ईसाई धर्म के अनुयायी भी रोमन कैथोलिक व प्रोटेस्टेंट जैसे दो वर्गों में विभाजित थे।
  • संयुक्त राज्य अमरीका व अंग्रेजों की अर्थव्यवस्था पूर्णतः एक जैसी थी। दोनों देशों में पूँजीवादी अर्थव्यवस्था आज भी विद्यमान है।
  • अंग्रेज़ों द्वारा शुरू की गई अंग्रेजी भाषा आज भी संयुक्त राज्य अमरीका की राजभाषा है, किंतु इंग्लैंड की अंग्रेज़ी और संयुक्त राज्य अमरीका के अंग्रेजी भाषा में कुछ अन्तर पाया जाता है। इस प्रकार से हम यहाँ के निवासियों व अंग्रेजों को एक ही सिक्के के दो पहलू मान सकते हैं।

प्र० 3. अमरीकियों के लिए ‘फ्रंटियर’ के क्या मायने थे?
उत्तर संयुक्त राज्य अमरीका वस्तुत: 18वीं शताब्दी के अंतिम चरण में अस्तित्त्व में आया। सर्वविदित है कि 18वीं शताब्दी के मध्य तक अंग्रेजों ने उत्तरी अमरीका अटलांटिक सागर के तटवर्ती क्षेत्रों में तेरह उपनिवेश स्थापित कर लिए थे। इंग्लैंड की औपनिवेशिक नीतियों से परेशान होकर अपनी आजादी के लिए संघर्ष करने लगे। इसी संघर्ष (अमरीका स्वाधीनता संग्राम) के गर्भ से ‘संयुक्त राज्य अमरीका’ नामक नए राष्ट्र का जन्म हुआ।

यह राष्ट्र अपने प्रारंभिक चरण में एक छोटे क्षेत्रफल तक ही सीमित था। हालाँकि अपने जन्म के तुरंत बाद इसने पश्चिम की तरफ विस्तार लेना शुरू कर दिया। इसी विस्तार को अमरीकियों ने ‘फ्रंटियर’ की संज्ञा दी और आने वाले सौ वर्षों में इसने अपने अधिकार क्षेत्रों का विस्तार करके अपने वर्तमान आकार को प्राप्त किया। संयुक्त राज्य अमरीका ने अपना विस्तार करने के लिए युद्ध तथा क्षेत्रों की खरीद दोनों पर ध्यान दिया। उसने दक्षिण में फ्रांस, रूस और लुइसियाना से अलास्का का क्रय किया तो इस तरफ मैक्सिको से युद्ध करके उसके विशाल भू-भाग पर अपना आधिपत्य स्थापित किया। उल्लेखनीय है कि संयुक्त राज्य अमरीका का अधिकांश दक्षिणी भाग मैक्सिको से जबरन हथियाया गया है। यह स्मरणीय है कि किसी का क्रय-विक्रय करते समय क्रेता या विक्रता वहाँ के स्थानीय निवासियों की राय लेना भी उचित नहीं समझता था। यही कारण था कि संयुक्त राज्य अमरीका की पश्चिमी सीमा (फ्रंटियर) के खिसकने के साथ-साथ वहाँ के स्थानीय सरहदवासियों को पीछे की तरफ खिसकने हेतु विवश किया जाता था।

प्र० 4. इतिहास की किताबों में ऑस्ट्रेलिया के मूल निवासियों को शामिल क्यों नहीं किया गया था?
उत्तर इतिहास की पुस्तकों से ऑस्ट्रेलिया के मूल निवासियों को बाहर रखने के निम्नलिखित कारण थे

  • कैप्टन जेम्स कुल ने 1770 ई० में ऑस्ट्रेलिया की खोज की थी। उसके तथा उसके साथियों के विवरणों से यह ज्ञात होता है कि शुरू में उनका मूल निवासियों के प्रति व्यवहार मधुर था किंतु हवाई द्वीप में आदिवासियों द्वारा कैप्टन कुल की हत्या कर दी गई। तत्पश्चात अंग्रेजों और मूल निवासियों के संबंध में कटुता आ गई। अंग्रेजों के मन में आदिवासियों के प्रति घृणा का भाव उत्पन्न हो गया। फलतः उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के मूल निवासियों के बारे में किसी भी प्रकार की सूचना देने का प्रयास ही नहीं किया।
  • उस समय ऑस्ट्रेलिया का तटीय भाग ही आबाद था। वहाँ से यूरोपियों द्वारा मूल निवासियों को निकालने की कोशिश में दोनों पक्षों में द्वंद्व आरंभ हो गया। फलतः यूरोपीयों ने मूल निवासियों के बारे में लिखना बंद कर दिया।
  • उल्लेखनीय है कि प्रारंभ में इंग्लैंड से मात्र अपराधियों को ही ऑस्ट्रेलिया भेजा जाता था। ये अपराधी ऑस्ट्रेलिया में ही आजीवन रहते थे क्योंकि इनके वापस लौटने का कोई प्रावधान नहीं था। अतः इनमें इंग्लैंड सरकार के प्रति जो रोष उत्पन्न होता था उसकी अभिव्यक्ति भिन्न-भिन्न तरीके से मूल निवासियों को प्रताड़ित करने के रूप में होती थी। इस प्रकार दोनों पक्षों में घृणा की भावनाएँ निरंतर बढ़ती गईं।
    उपरोक्त कारणों की वजह से 20 शताब्दी के मध्य तक ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई जाने वाली इतिहास की पुस्तकों में वहाँ के मूल निवासियों का उल्लेख नहीं के बराबर था। हालाँकि 1968 के बाद गलतियों को सुधारा गया और ऑस्ट्रेलिया के मूल निवासियों को इतिहास में बराबर स्थान दिया जाने लगी।

संक्षेप में निबंध लिखिए

प्र० 5. लोगों की संस्कृति को समझने में संग्रहालय की गैलरी में प्रदर्शित चीजें कितनी कामयाब रहती हैं? किसी संग्रहालय के देखने के अपने अनुभव के आधार पर सोदाहरण विचार कीजिए।
उत्तर किसी देश के संग्रहालय की गैलरी में प्रदर्शित विभिन्न चीजों को देखकर हम उस देश की सभ्यता-संस्कृति के विषय में, उनके निवासियों के रीति-रिवाज़ों, खान-पान, वेश-भूषा आदि के विषय में सुगमतापूर्वक समझ सकते हैं।

उदाहरण के लिए, भारत के विभिन्न संग्रहालयों में प्रदर्शित हड़प्पाई सभ्यता संबंधी मृद-भांडों, मोहरों, औजारों, आभूषणों और घरेलू उपकरणों को देखकर हम उस सभ्यता के निवासियों के रहन-सहन, आर्थिक, सामाजिक और धार्मिक जीवन के विषय में महत्त्वपूर्ण जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। उन प्रदर्शित चीजों से यह स्पष्ट है कि हड़प्पा सभ्यता के लोगों की शिल्प तथा उद्योग संबंधी प्रतिभा उच्च-कोटि की थी। यह भी जाहिर होता है कि वे चाक की सहायता से मिट्टी के सुंदर एवं कलात्मक बर्तन बनाते थे जिन्हें लाल और काले रंगों से रंगा भी जाता था। संग्रहालय में प्रदर्शित छोटी-बड़ी अनेक तकलियों तथा फूलदार रंगीन वस्त्रों के टुकड़े इस बात के प्रमाण कि वस्त्र-निर्माण व्यवसाय इस सभ्यता का एक महत्त्वपूर्ण व्यवसाय था। संग्रहालय में प्रदर्शित हड़प्पा सभ्यता की मूर्तियों को देखकर हम इस सभ्यता के लोगों के पहनावे के विषय में जानकारी हासिल करते हैं।

इसी प्रकार संग्रहालय में प्रदर्शित सिक्कों से अनेक राजवंशों के इतिहास का पुनर्निर्माण करने में महत्त्वपूर्ण सहायता मिलती है। हम जानते हैं कि सिक्कों से प्राचीन भारत की आर्थिक स्थिति, धार्मिक दशा तथा सांस्कृतिक विकास की भी जानकारी मिलती है। उदाहरण के लिए, गुप्त काल के अनेक सिक्कों पर विष्णु तथा गरुड़ के चित्रों से यह सिद्ध होता है कि गुप्त शासक विष्णु के उपासक थे। समुद्रगुप्त की वीणा-अंकित मुद्राएँ उसके संगीत प्रेमी होने का प्रमाण हैं। तदुपरान्त चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य के चाँदी के सिक्कों से स्पष्ट है कि उसने शकों को पराजित किया था। इसका कारण यह है कि उस समय चाँदी के सिक्के केवल पश्चिमी भारत में प्रचलन में थे। नि:संदेह गुप्तकालीन सिक्के अत्यधिक कलात्मक प्रतीत होते हैं। इससे शासक वर्ग की साहित्य एवं कला में रुचि स्पष्ट रूप से दृष्टिगोचर होती है। कुषाणकालीन सिक्कों पर अनेक ईरानी और यूनानी देवी-देवताओं के अतिरिक्त भारतीय देवी-देवताओं के चित्र भी पाए जाते हैं। इससे स्पष्ट होता है कि कुषाण शासक प्रारंभ से ही भारतीयों से प्रभावित थे।

इसी प्रकार अन्य देशों के संग्रहालयों की गैलरियों में प्रदर्शित चीजों को देखकर हम उनकी संस्कृतियों के संबंध में अमूल्य जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

प्र० 6. कैलिफोर्निया में चार लोगों के बीच 1880 में हुई किसी मुलाकात की कल्पना कीजिए। ये चार लोग हैं : एक अफ्रीकी गुलाम, एक चीनी मज़दूर, गोल्ड रश के चक्कर में आया हुआ एक जर्मन और होपी कबीले का एक मूल निवासी। उनकी बातचीत का वर्णन कीजिए।
उत्तर कैलीफ़ोर्निया संयुक्त राज्य अमरीका का एक महत्त्वपूर्ण राज्य है। यहाँ 1880 में जोसेफ नामक एक अफ्रीकी गुलाम, ली-तुंग नामक एक चीन का मज़दूर, एक जर्मन व्यापारी विलियम और होपी कबीले का बॉब नामक एक मूल निवासी आस-पास ही रहते थे। किसी समय अमरीकी महाद्वीप में अफ्रीका से लाए गए गुलामों की संख्या बहुत अधिक थी। 1750 ई० में कुछ लोगों के पास अनुमानतः हज़ार-हज़ार की संख्या में गुलाम होते थे। लेकिन 1861 ई० में संयुक्त राज्य अमरीका में दास प्रथा को समाप्त कर दिए जाने के परिणामस्वरूप जोसेफ स्वतंत्र नागरिक बन चुका था। ली-तुंग के पूर्वज भी बहुत समय पहले संयुक्त राज्य अमरीका में आ गए थे। विलियम ‘गोल्ड रश’ के दौरान कैलीफ़ोर्निया आया था। यह उल्लेखनीय है कि उत्तरी अमरीका की धरती के नीचे सोना होने का अनुमान पहले से ही लगाया जाता था। सन् 1840 ई० में कैलीफ़ोर्निया में यूरोपीय वहाँ हजारों की संख्या में पहुँच गए। विलियम ऐसे यूरोपियों में से एक था। बॉब के पूर्वज दीर्घकाल से कैलीफ़ोर्निया में रह रहे थे। ये चारों एक-दूसरे को जानते थे। चारों में प्रायः बातचीत होती रहती थी और कभी-कभी रविवार को उनकी मुलाकात भी हो जाती थी। यहाँ प्रस्तुत है उनकी एक मुलाकात में होनी वाली बातचीत । का वर्णन

अफ्रीकी गुलाम जोसेफ –

विलियम साहिब, आप बहुत ही नेकदिल और सज्जन हैं। हम जानते हैं कि आप 1845 ई० में कैलीफ़ोर्निया पधारे थे। ईश्वर की कृपा है कि आपने अपनी मेहनत और ईमानदारी से सोने के व्यापार में अच्छा लाभ कमाया है। आपका घर महल जैसा है और आपके पास सभी सुख-सुविधाएँ भी हैं। यह आपकी महानता है कि इतना सब कुछ होने के बावजूद भी आप हमें जब-तब दावत पर बुला लेते हैं और हमारी इतनी खातिरदारी भी करते हैं। सचमुच, आप एक महान इनसान हैं।

चीनी मज़दूर ली-तुंग –

मैं भी जोसेफ के विचारों से पूरी तरह सहमत हूँ। विलियम साहब सही में महान इनसान हैं। उन्हें धन का कोई गरूर नहीं है अन्यथा रेल विभाग में एक मज़दूर का काम करने वाले तुंग जैसे व्यक्ति को आज के जमाने में पूछता कौन है। नि:संदेह आज के जमाने में विलियम साहब जैसा नेक इनसान दुर्लभ है।

एक मूल निवासी बॉब –

मेरे पास तो विलियम साहब की इंसानियत का बखान करने के लिए शब्द ही नहीं हैं। मेरी पत्नी अस्थमा की मरीज है। एक दिन अचानक उसकी तबीयत बहुत खराब हो गई। उसे फ़ौरन अस्पताल ले जाना जरूरी था। किंतु मेरे पास न तो पैसा था और न गाड़ी। तभी विलियम साहब भगवान बनकर आ पहुँचे। वे अपनी गाड़ी में मेरी पत्नी को अस्पताल ले गए और उन्होंने बिना बताए उसके इलाज के लिए पैसे भी जमाकर दिए। यह सत्य है कि मेरी पत्नी को उन्हीं की कृपा से नया जीवन मिला। मेरा परिवार विलियम साहब का यह एहसान जीवन भर कभी नहीं भूल सकता।

जर्मन व्यापारी विलियम –

आप लोग इतनी अधिक प्रशंसा करके कृपया मुझे शर्मिंदा ने कीजिए। मुझे जर्मनी छोड़कर कैलीफोर्निया आए हुए लगभग 40 वर्ष बात चुके हैं। उस समय मैं बीस साल का नौजवान था और अब मेरे पैर कब्र की तरफ बढ़ रहे हैं। आपके प्यार के कारण अब मैं जर्मनी में रहने वाले अपने संबंधियों तक को भूल गया हूँ। अब तो आप सब ही मेरे अपने हो। अब मुझे आप सबके साथ जीना और मरना है। सचमुच, मैं बहुत खुशकिस्मत हूँ कि मुझे आप जैसे दोस्त मिले। ईश्वर करे, हमारी यह दोस्ती हमेशा बनी रहे।

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