Author name: Raju

NCERT Solutions for Class 10 Science Chapter 15 Our Environment (Hindi Medium)

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NCERT Solutions for Class 10 Science Chapter 15 Our Environment (Hindi Medium)

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Chapter 15. हमारा पर्यावरण

अभ्यास-समीक्षा :

  • विभिन्न पदार्थों का चक्रण पर्यावरण में अलग-अलग जैव-भौगोलिक रासायनिक चक्रों में होता है। इन चक्रों में अनिवार्य पोषक, जैसे- नाइट्रोजन, कार्बन, ऑक्सीजन एवं जल एक रूप से दूसरे रूप में बदलते हैं।
  • एंजाइम अपनी क्रिया में विशिष्ट होते हैं। किसी विशेष प्रकार के पदार्थ के पाचन/अपघटन के लिए विशिष्ट एंजाइम की आवश्यकता होती है।
  • वे पदार्थ जो जैविक प्रक्रम द्वारा अपघटित हो जाते हैं, ‘जैव निम्नीकरणीय’ कहलाते हैं।
  • वे पदार्थ जो इस जैविक प्रक्रमों द्वारा अपघटित नहीं होते ‘अजैव निम्नीकरणीय’ कहलाते हैं।
  • अजैव निम्नीकरणीय पदार्थ सामान्यतः ‘अक्रिय (inert) होते है और लंबे समय तक पर्यावरण में बने रहते हैं अथवा पर्यावरण के अन्य सदस्यों को हानि पहुँचाते हैं।
  • परितंत्र : किसी विशेष क्षेत्र के सभी जीवों के जैव एवं अजैव घटक मिलकर एक परितंत्र का निर्माण करते हैं ।
  • एक परितंत्र में रहने वाले सभी सजीवों को जैव घटक कहा जाता है जैसे किसी तालाब में रहने वाले सभी मछली, मेंढक, साँप और कवक और पेड़-पौधें आदि ।
  • एक परितंत्र में मौजूद सभी भौतिक कारक अजैव घटक कहलाते हैं । जैसे -ताप, वर्षा, वायु, मृदा एवं खनिज इत्यादि अजैव घटक है |
  • किसी परितंत्र में उपस्थित अजैव घटक वहाँ के सभी जैव घटकों की वृद्धि, जनन एवं अन्य क्रियाकलापों को प्रभावित करते हैं ।
  • परितंत्र दो प्रकार के होते है : –
    • प्राकृतिक परितंत्र
    • कृत्रिम परितंत्र
  • वन, तालाब और झील प्राकृतिक परितंत्र के उदाहरण है |
  • बगीचा और खेत मानव निर्मित परितंत्र के उदाहरण हैं |
  • जीवन निर्वाह के आधार पर जीवों को तीन वर्गों में बाँटा गया है –
    • उत्पादक
    • उपभोक्ता
    • अपघटक
  • सभी हरे पौधों एवं नील-हरित शैवाल जिनमें प्रकाश संश्लेषण की क्षमता होती है, उत्पादककहलाते हैं।
  • सभी जीव प्रत्यक्ष अथवा परोक्ष रूप से अपने निर्वाह हेतु उत्पादकों पर निर्भर करते हैं|
  • वे जीव जो उत्पादकों द्वारा उत्पादित भोजन पर प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से निर्भर रहते हैं उपभोक्ता कहलाते हैं  |
  • जीवाणु और कवक जैसे कुछ जीव मृत जैव अवशेषों का अपमार्जन करते हैं और जटिल कार्बनिक पदार्थों को सरल कार्बनिक पदार्थों में बदल देते हैं इसलिए इन्हें अपघटक या अपमार्जक कहते है |
  • आहार श्रृंखला (Food Chain) : जीवों की वह श्रृंखला जिसके प्रत्येक चरण में एक पोषी स्तर का निर्माण करते हैं जिसमें जीव एक-दुसरे का आहार करते है | इस प्रकार विभिन्न जैविक स्तरों पर भाग लेने वाले जीवों की इस श्रृंखला को आहार श्रृंखला कहते हैं |
    उदाहरण :
    (a) हरे पौधे ⇒ हिरण ⇒ बाघ
    (b) हरे पौधे ⇒टिड्डा ⇒मेंढक ⇒साँप ⇒गिद्ध /चील
    (c) हरे पौधे ⇒बिच्छु ⇒मछली ⇒बगूला
  • जैव आवर्धन (Biological Magnification) :आहार श्रृंखला में जीव एक दुसरे का भक्षण करते हैं | इस प्रक्रम में कुछ हानिकारक रासायनिक पदार्थ आहार श्रृंखला के माध्यम से एक जीव से दुसरे जीव में स्थानांतरित हो जाते है | इसे ही जैव आवर्धन कहते है |
  • कई आहार श्रृखलाओं में जीवों कई बार अन्य आहार श्रृंखलाओं के जीवों को भी अपना आहार बनाते हैं इसप्रकार एक शाखान्वित श्रृंखलाओं का जाल बनता है इसे ही आहार जाल कहा जाता है |
  • आहार श्रृंखला का एक दूसरा आयाम यह भी है कि हमारी जानकारी के बिना
    ही कुछ हानिकारक रासायनिक पदार्थ आहार श्रृंखला से होते हुए हमारे शरीर में प्रविष्ट हो जाते हैं। इसी से जैव आवर्धन का सूत्रपात होता है |
  • दो परमाणु वाले ऑक्सीजन के अणु O2 जिससे हम साँस लेते है जो जीवन दायनी है जबकि तीन परमाणु वाला ऑक्सीजन अणु O3 को ओजोन कहते है | यह एक विषैला पदार्थ है |
  • परंतु वायुमंडल के उपरी स्तर में ओजोन एक आवश्यक प्रकार्य संपादित
    करती है। यह सूर्य से आने वाले पराबैंगनी विकिरण से पृथ्वी को सुरक्षा प्रदान करती है। यह पराबैंगनी विकिरण जीवों के लिए अत्यंत हानिकारक है। उदाहरण : यह गैस मानव में त्वचा का कैंसर उत्पन्न करती हैं।
  • क्लोरोफ्लुओरो कार्बन (CFCs) से ओजोन को नुकसान पहुँचता है | इसका प्रयोग रेफ्रीजिरेटर एवं अग्निशमन के लिए किया जाता है |

पाठगत-प्रश्न:

पेज – 289 

प्रश्न 1. क्या कारण है कि कुछ पदार्थ जैव निम्नीकरणीय होते हैं और कुछ अजैव निम्नीकरणीय?
उत्तर :
अजैव निम्नीकरणीय पदार्थ वे होते है जो छोटे जीवो द्वारा जैविक प्रक्रम में सरल पदार्थ में अपघटित हो जाते है |इसके विपरीत अजैव  निम्नीकरणीय पदार्थ में लंबे समय तक बने रहते है | इनका अपघटन नहीं हो पता तथा ये हानिकारक होते है |

प्रश्न 2. ऐसे दो तरीके सुझाइए जिनमें जैव निम्नीकरणीय पदार्थ पर्यावरण को प्रभावित करते हैं।
उत्तर :

  1. जैविक पदार्थ के अपघटन से वातावरण बदबूदार हो जाता है |
  2. इनके अपघटन के दैरान कुछ विषैली गैसों उत्पन्न होती है जैसे – CO2 ये पर्यावरण को दूषित करती है |

प्रश्न 3. ऐसे दो तरीके  बताइए जिनमें अजैव निम्नीकरणीय पदार्थ पर्यावरण को प्रभावित करते हैं।
उत्तर :

  1. अजैव निम्नीकरणीय पदार्थ अपघटित न हपने के कारण पर्यावरण में लंबे समय तक रहते है , अत: पर्यावरण को दूषित करते है |
  2. इनसे धरती पर गंदगी फ़ैल रही है | ये सीवरेज व्यवसाथ को भी प्रभावित कर रहे है | उदारहण – प्लास्टिक की थैलियँ |

पेज – 294 

प्रश्न 1. पोषी स्तर क्या हैं? एक आहार शृंखला का उदाहरण दीजिए तथा इसमें विभिन्न पोषी स्तर बताइए।

उत्तर :
विविध जैविक स्तरों पर हिस्सा लेने वाले जीवो की शृंखला , आहार  शृंखला बनती है |
इसका प्रत्येक चरण एक पोषी स्तर का निर्माण करता है |
घास – कीड़ा – मेढ़क – साँप – गिद्ध

  1. घास आहार  शृंखला का  प्रथम पोषी स्तर है | यह अपना भोजन स्वयं तैयार करती है |
  2. कीड़ा आहार  शृंखला का द्वितीय पोषी स्तर है |
  3. मेढ़क तृतीय पोषी स्तर है तथा यह घास खाता है |
  4. साँप इस  शृंखला  का चौथा पोषी है |
  5. गिद्ध इस  शृंखला  का पाँचवा व अंतिक पोषी स्तर है |

प्रश्न 2. परितंत्र  में अपमार्जकों की क्या भूमिका है?
उत्तर :
जीवाणु तथा कवक आदि सूक्ष्म जीव अवशेषो का अपमार्जन करते है | ये जीव जटिल कार्बनिक पदार्थो को सरल अकार्बनिक पदार्थो में बदल देते है |ये पदार्थ मिट्टी अवशोषित लेती है अतः ये सूक्ष्म जीव पुन : च्रकण में सहयोग करते है तथा पर्यावरण को गंदगी से बचाते है |

पेज – 296

प्रश्न 1. ओजोन क्या है तथा यह किसी पारितंत्रा को किस प्रकार प्रभावित करती है।
उत्तर :
ऑक्सीजन के तीन परमाणु संलागित होकर ओजोन O3 का एक अणु बनाते है | ओजोन की परत वायुमंडल के ऊपरी सतह में होते है यह हमे सूर्य की हानिकारक पराबैगनी विकिरणों को अवशोषित कर लेती है | अत : ओजोन हमे कई बीमारियोँ जैसे त्वचा का कैंसर , अल्सर आदि से सुरक्षा प्रदान करती है |

प्रश्न 2. आप कचरा निपटान की समस्या कम करने में क्या योगदान कर सकते हैं? किन्हीं दो तरीकों का वर्णन कीजिए।
उत्तर :

  1. हमे अजैविक पदार्थ की तुलना में जैविक पदार्थो का प्रयोग करना चाहिए | हमें  प्लास्टिक की थैली की जगह कागज या , जुट के थैली प्रयुक्त करने चाहिए |
  2. जैविक  कचरे को ऐसी जगह निपटना चाहिए जहाँ से ये पुन : च्रकण के लिए तैयार हो सके |

अभ्यास 

प्रश्न 1. निम्न में से कौन-से समूहों में केवल जैव निम्नीकरणीय पदार्थ हैं-
(a)  घास, पुष्प तथा चमड़ा |
(b)  घास, लकड़ी तथा प्लास्टिक |
(c) फलों के  छिलके , वेफक एवं नींबू का रस |
(d) केक, लकड़ी एवं घास |
उत्तर :
(a) , (c) ,(d) |

प्रश्न 2. निम्न से कौन आहार शृंखला का निर्माण करते हैं-
(a)  घास, गेहूँ तथा आम |
(b) घास, बकरी तथा मानव |
(c)  बकरी, गाय तथा हाथी |
(d)  घास, मछली तथा बकरी |
उत्तर :
(b) घास, बकरी तथा मानव |

प्रश्न 3. निम्न में से कौन पर्यावरण-मित्र व्यवहार कहलाते हैं-
(a)  बाजार जाते समय सामान के  लिए कपड़े का थैला ले जाना |
(b)  कार्य समाप्त हो जाने पर लाइट ( बल्ब ) तथा पंखे का स्विच बंद करना |
(c)  माँ द्वारा स्कूटर से विद्यालय छोड़ने के  बजाय तुम्हारा विद्यालय तक पैदल जाना|
(d)  उपरोक्त सभी |
उत्तर :
(d)  उपरोक्त सभी |

प्रश्न 4. क्या होगा यदि हम एक पोषी स्तर के  सभी जीवों को समाप्त कर दें ( मार डाले ) ?
उत्तर :
आहार शृंखला का प्रत्येक पोषी स्तर महत्वपूर्ण है | यदि हम एक पोषी स्तर के जीवो को समाप्त कर दे तो अगले स्तर के जीवों को भोजन नहीं होगा और वे भूखे मरेंगे तथा पर्यावरण का संतुलन बिगड़ जायेगा | खाघ शृंखला में ऊर्जा का प्रवाह खत्म हो जाएगा |

प्रश्न 5. क्या किसी पोषी स्तर के  सभी सदस्यों को हटाने का प्रभाव भिन्न-भिन्न पोषी स्तरों के लिए अलग-अलग होगा? क्या किसी पोषी स्तर के  जीवों को पारितंत्र को प्रभावित किए बिना हटाना संभव है?
उत्तर :
नहीं , यह प्रभाव भिन्न – भिन्न नहीं होगा | किसी भी एक पोषी स्तर के प्रभावित होने पर सभी स्तर एक समान रूप से प्रभावित होगे | इसके अतिरिक्त किसी भी पोषी स्तर  के जीवों को हटाने पर परितंत्र होता है | प्रत्येक पोषी स्तर  अपने से निचले एवं ऊपरी दोनों ही स्तरों को समान रूप से प्रभवित करता है |

प्रश्न 6. जैव आवर्धन  क्या है? क्या पारितंत्र के  विभिन्न स्तरों पर जैविक आवर्धन का प्रभाव भी भिन्न-भिन्न होगा?
उत्तर :
आहार श्रृंखला में​ रासायनिक अजैविक  पदार्थ का अत्यधिक मात्रा में संचित होना जैव आवर्धन कहलाता है | इसकी सर्वाधिक मात्रा मानव में पाई जाती है भिन्न स्तरों का जैविक  आवर्धन भी भिन्न है | यह मात्रा स्तरों में ऊपर की ओर बढ़ती है |

प्रश्न 7. हमारे द्वारा उत्पादित अजैव निम्नीकरणीय कचरे से कौन-सी समस्याएँ उत्पन्न होती हैं?
उत्तर :
हमारे द्वारा उत्पादित अजैव निम्नीकरणीय कचरे से  पर्यावरण प्रदूषित होता है | ये विघटित नहीं होते | अत: ओनके निपटान की समस्या भी आती है | ये अनेक समस्याएँ उत्पन्न करते है |

  1. परितंत्र के सदस्यों का ह्रास करते है |
  2. जैव आवर्धन  निर्मित करके उसके वृद्धि करते हैं |
  3. जल , भूमि तथा वायु प्रदुषण फैकते  है |

प्रश्न 8. यदि हमारे द्वारा उत्पादित सारा कचरा जैव निम्नीकरणीय हो तो क्या इनका हमारे पर्यावरण पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा?
उत्तर :
जैव निम्नीकरणीय कचरा एक सिमित समय तक ही पर्यावरण को  प्रदूषित  करता है | इसके पश्चात नष्ट होने पर समाप्त हो जाता है तथा पुन : चक्रण में भी उपयोगी है | इनके विघटन के पश्चात वातावरण में बदबू तथा विषैली गैसों उत्पन्न होती है |

प्रश्न 9.ओजोन परत की क्षति हमारे लिए चिंता का विषय क्यों है। इस क्षति को सीमित करने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?
उत्तर :
ओजोन परत O3 सूर्य की हानिकारक  पराबैंगनी विकिरणों से हमारी रक्षा करती है | इसकी क्षति से ये विकिरणों को धरती तक पहुँचकर त्वचा के रोग तथा त्वचा का  कैसर उत्पन्न करता है | अतः यह हमारे लिए चितां का विषय है | क्लोरोफ्लोरो कार्बन जिनका उपयोग रेफ्रिजरेटर एवं अग्निशामक में  होता है , ओजोन को क्षति पहुँचा रहे है | इस क्षति को सिमित करने के लिए हमे क्लोरोफ्लोरो कार्बन  तथा रासायनिक पदार्थ का उपयोग कम से कम करना चाहिए |

महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

(1 अंक वाले अतिरिक्त प्रश्नोत्तर )

प्रश्न 1. ओजोन परत के अवक्षय के लिए मुख्यत: उत्तरदायी योगिको के समूह का नाम लिखो ?
उत्तर :
क्लोरोफ्लुओरो कार्बन (CFCs) |

प्रश्न 2. पारितंत्र के दो प्राकृतिक सफाई प्रतिनिधिओ (एजेंटों) के नाम बताईये ?
उत्तर :
अपमार्जक (Decomposer) और स्कावेंजर्स (scavengers) |

प्रश्न 3. UNEP का विस्तृत रूप लिखो ?
उत्तर :
यूनाइटेड नेशन्स एनवायरमेंट प्रोग्राम अर्थात् संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम |

प्रश्न 4. किन्ही दो कृत्रिम (मानवनिर्मित) पारितंत्रो के उदहारण लिखिए ?
उत्तर :
जलजीवशाला तथा एक बगीचा |

प्रश्न 5. दो प्राकृतिक पारितंत्रो के नाम लिखो ?
उत्तर :
वन , तालाब तथा झील |

प्रश्न 6. एक हानिकारक रसायन एक खाद्य श्रृखंला में जिसमे मछली , शैवाल तथा चिड़िया है , में सर्वाधिक सांद्रण किसमे लगा है ?
उत्तर :
चिड़िया में सर्वाधिक हानिकारक रसायन का सांद्रण मिलेगा |

प्रश्न 7. पारितंत्र किसे कहते है ?
उत्तर :
किसी क्षेत्र के सभी जीव तथा वातावरण के अजैव कारक संयुक्त रूप से परितंत्र बनाते है |

प्रश्न 8. पारितंत्र में एक पोषी स्तर से अगले पोषी स्तर पर स्थानांतरित होने के लिए उपलब्ध 10% उर्जा किस रूप में जाती है ?
उत्तर :
रासायनिक उर्जा के रूप में |

प्रश्न 9. वे जीव जो सौर उर्जा का प्रयोग करते हुए अकार्बनिक योगिको  से कार्बोहायड्रेट का संश्लेषण कर लेते है |
उत्तर :  उत्पादक |

प्रश्न 10.किसी उच्चतर पोषी स्तर के जीव, जो निम्नतर पोषी स्तर के अंतर्गत आने वाली अनेक प्रकार के जीवो से अपना भरण – पोषण प्राप्त करते है, क्या बनाते है ?
उत्तर :
आहार-जाल |

(2 अंक वाले अतिरिक्त प्रश्नोत्तर)

प्रश्न 1. पोषी स्तर किसे कहते है ? जीवो की संख्या अधिकतम किस स्तर पर होती है ?
उत्तर :

  • आहार श्रृंखला का प्रत्येक चरण अथवा कड़ी पोषी स्तर बनाते है |
  • उत्पादक स्तर (प्रथम पोषी स्तर ) पर जीवो की संख्या अधिकतम होती है |

प्रश्न 2. एक जलजीवशाला बनाते समय हमें किन – किन बातो का ध्यान रखना चाहिए ?
उत्तर :
किसी जलजीवशाला को बनाते समय निम्न बातो का ध्यान रखना चाहिए:-

  1. इनमे उन जीवो को एकसाथ नहीं रखना चाहिए जो एक – दुसरे को खा जाते है |
  2. इनमें उनके लिए खाना तथा ऑक्सीजन की पूर्ती पर्याप्त मात्रा में करनी चाहिए |

प्रश्न 3. एक स्थलीय परितंत्र में हरे पौधे द्वारा सौर ऊर्जा का कितना प्रतिशत खाद्य ऊर्जा में बदलता है ? प्रत्येक पोषी स्तर पर इस ऊर्जा का कितना प्रतिशत भाग अगले स्तर के लिए उपलब्ध होता है?
उत्तर :
एक स्थलीय परितंत्र में हरे पौधे द्वारा सौर ऊर्जा का केवल 1% प्रतिशत खाद्य ऊर्जा में बदलता है | और प्रत्येक पोषी स्तर पर इस ऊर्जा का केवल 10%प्रतिशत भाग अगले स्तर के लिए उपलब्ध होता है |

प्रश्न 4. किसी आहार श्रृंखला में चार से अधिक पोषी स्तर क्यों पाए जाते हैं ?
उत्तर :
उर्जा प्रवाह के 10% नियम के अनुसार पाँचवें और उससे आगे के पोषी अत्र के जीवों को मिलाने वाली उर्जा बहुत कम हो जाती है जो उसके जीवन के लिए पर्याप्त चरण पर अत्यधिक उर्जा का ह्रास होता हैं |

Hope given NCERT Solutions for Class 10 Science Chapter 15 are helpful to complete your homework.

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NCERT Solutions for Class 11 Economics Indian Economic Development Chapter 7 Employment Growth, Informalisation and Other Issues (Hindi Medium)

NCERT Solutions for Class 11 Economics Indian Economic Development Chapter 7 Employment: Growth, Informalisation and Other Issues (Hindi Medium)

NCERT Solutions for Class 11 Economics Indian Economic Development Chapter 7 Employment: Growth, Informalisation and Other Issues (Hindi Medium)

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प्रश्न अभ्यास
(पाठ्यपुस्तक से)

प्र.1. श्रमिक किसे कहते हैं?
उत्तर : सकल घरेलू उत्पाद में योगदान देने वाले क्रियाकलापों को आर्थिक क्रियाकलाप कहा जाता है। आर्थिक क्रियाओं में संलग्न सभी व्यक्ति श्रमिक कहलाते हैं, चाहे वे उच्च या निम्न किसी भी स्तर पर कार्य कर रहे हैं। बीमारी, चोट, शारीरिक विकलांगता, खराब मौसम, त्योहार या सामाजिक-धार्मिक उत्सवों के कारण अस्थायी रूप से काम पर न आने वाले भी श्रमिकों में शामिल हैं। इन कार्यों में लगे मुख्य श्रमिकों की सहायता करने वालों को भी हम श्रमिक ही मानते हैं।

प्र.2, श्रमिक-जनसंख्या अनुपात की परिभाषा दें।
उत्तर : यदि हम भारत में कार्य कर रहे सभी श्रमिकों की संख्या को देश की जनसंख्या से भाग कर उसे 100 से गुणा कर दें तो हमें श्रमिक-जनसंख्या अनुपात प्राप्त हो जाएगा।

प्र.3. क्या ये भी श्रमिक हैं एक भिखारी चोर, एक तस्कर, एक जुआरी? क्यों?
उत्तर : उपयुक्त में से कोई भी श्रमिक नहीं है क्योंकि किसी का भी अर्थव्यवस्था के वास्तविक उत्पादन में कोई योगदान नहीं है। वे धन कमा नहीं रहे बल्कि धन प्राप्त कर रहे हैं। धन कमाना उसे कहा जाता है जब धन प्राप्ति के बदले में वस्तुओं या सेवाओं का उत्पादन किया जाए।

प्र.4, इस समूह में कौन असंगत प्रतीत होता है?
(क) नाई की दुकान का मालिक
(ख) एक मोची
(ग) मदर डेयरी का कोषपाल
(घ) ट्यूशन पढ़ाने वाला
शिक्षक
(ङ) परिवहन कंपनी संचालक
(च) निर्माण मज़दूर।

उत्तर : मदर डेयरी का कोषपाल असंगत प्रतीत होता है क्योंकि केवल वह औपचारिक क्षेत्र में कार्यरत है (मदर डेयरी एक बड़े पैमाने का उपक्रम है जिसमें 10 से अधिक लोग कार्यरत हैं।) शेष सभी अनौपचारिक क्षेत्र में कार्यरत हैं।

प्र.5. नये उभरते रोजगार मुख्यत ::::: क्षेत्रक में ही मिल रहे हैं। (सेवा/विनिर्माण)
उत्तर : सेवा।

प्र.6. चार व्यक्तियों को मज़दूरी पर काम देने वाले प्रतिष्ठान को ::::::” क्षेत्रक कहा जाता है। (औपचारिक/अनौपचारिक)
उत्तर : अनौपचारिक |

प्र.7. राज स्कूल जाता है। पर जब वह स्कूल में नहीं होता, तो प्रायः अपने खेत में काम करता दिखाई देता है। क्या आप उसे श्रमिक मानेंगे? क्यों?
उत्तर : हाँ, हम राज को श्रमिक मानेंगे क्योंकि वे सभी जो सकल राष्ट्रीय उत्पाद में योगदान देते हैं, उन्हें श्रमिक कहा जाता है, तब भी जब वे उन कार्यकलापों में संलग्न मुख्य श्रमिकों की सहायता करते हैं।

प्र.8. शहरी महिलाओं की अपेक्षा अधिक ग्रामीण महिलाएँ काम करती दिखाई देती हैं। क्यों?
उत्तर : शहरी महिलाओं की तुलना में अधिक ग्रामीण महिलाएँ काम करती दिखाई देती हैं क्योंकि

(क) ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक गरीबी- 
ग्रामीण क्षेत्रों में निर्धनता स्त्रियों को श्रमबल में शामिल होने के लिए मजबूर करती हैं अन्यथा वे अपने परिवार की आधारभूत आवश्यकताएँ जुटाने में भी सक्षम नहीं हो पाते।

(ख) ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू कार्यों की उपलब्धता- 
ग्रामीण क्षेत्रों में बहुत-सी घरेलू नौकरियाँ जैसे-खेतीबाड़ी, पशुपालन आदि उपलब्ध हैं। अत: घर से बाहर जाने और उससे उत्पन्न सुरक्षा मुद्दों का प्रश्न ही नहीं उठता।

(ग) शहरी क्षेत्रों में अधिक स्तर चेतना- 
शहरों में पुरुष उच्च आय कमा रहे हैं और उनमें स्तर के प्रति अधिक चेतना है। जिसमें वे स्त्रियों के आय अर्जन के लिए कार्य करने को बुरा मानते हैं।

(घ) शहरी क्षेत्रों में अधिक अपराधदर- 
शहरी क्षेत्र के लोगों को स्त्रियों का काम करना असुरक्षित लगता है क्योंकि स्त्री के विरुद्ध अपराध दर बहुत उच्च है।

प्र.9. मीना एक गृहिणी है। घर के कामों के साथ-साथ वह अपने पति की कपड़े की दुकान के काम में भी हाथ बँटाती है। क्या उसे एक श्रमिक माना जा सकता है? क्यों?
उत्तर : हाँ, वह एक श्रमिक है क्योंकि वे सभी जो सकल राष्ट्रीय उत्पाद में योगदान देते हैं, उन्हें श्रमिक कहा जाता है। वे भी श्रमिक ही कहलाते हैं जो मुख्य श्रमिकों को आर्थिक क्रियाओं में मदद करते हैं। यह महत्त्वपूर्ण नहीं है कि वेतन का भुगतान किया गया या नहीं बल्कि महत्त्वपूर्ण यह है कि सकल राष्ट्रीय उत्पाद में उनका योगदान है या नहीं।

प्र.10. यहाँ किसे असंगत माना जाएगाः
(क) किसी अन्य के अधीन रिक्शा चलाने वाला,
(ख) राजमिस्त्री
(ग) किसी मेकेनिक की दुकान पर काम करने वाला श्रमिक
(घ) जूते पालिश करने वाला लड़का।
उत्तर : (घ) जूते पालिश करने वाला लड़का क्योंकि वह स्वनियोजित है। अन्य सभी मजदूरी श्रमिक हैं। वे किसी ओर के अधीन निश्चित वेतन पर कार्यरत हैं।

प्र.11. निम्न सारणी में 1972-73 में भारत के श्रमबल का वितरण दिखाया गया है। इसे ध्यान से पढ़कर श्रमबल के वितरण के स्वरूप के कारण बताइए। ध्यान रहे कि ये आँकड़े 30 वर्ष से भी अधिक पुराने हैं।
NCERT Solutions for Class 11 Economics Indian Economic Development Chapter 7 (Hindi Medium) 1

उत्तर : दरअसल, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में रहने वाली कुल जनसंख्या में अंतराल है। इसलिए पूर्ण आँकड़ों पर कुछ भी कहना गलत होगा। बेहतर होगा यदि हम इसे प्रतिशत में तुलना करें। इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए हम कह सकते हैं कि:

(क)
1972-73 में भारत की कुल श्रमशक्ति 19.5 करोड़ थी जिसमें से 12.5 करोड़ अर्थात् 83% ग्रामीण क्षेत्रों में रह रही थी। दूसरी ओर शहरी क्षेत्रों में कर्मचारियों की संख्या केवल 17% थी। ऐसा इसीलिए है क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों के लोग प्राथमिक गतिविधियों में नौकरी ढूंढते हैं जो मुख्यतः श्रम गहन तकनीकों का प्रयोग करती हैं जबकि शहरी क्षेत्रों के लोग औद्योगिक एवं सेवा क्षेत्र में नौकरी ढूंढते हैं जो पूँजी गहन होती है।

(ख)
यह भी तालिका से स्पष्ट है कि पुरुषों की तुलना में महिलाएँ अधिक कार्यरत हैं। ऐसा लिंग आधारित सामाजिक श्रम विभाजन के कारण है। ऐसा माना जाता है कि पुरुष का काम आर्थिक आवश्यकताओं की पूर्ति करना है जबकि महिलाओं का काम घरेलू कामकाज करना है। बहुत से घरेलू काम जो स्त्रियाँ करती हैं श्रम/आर्थिक कार्य में नहीं आते। कुशलता की आवश्यकता भी इसका एक कारण है।

(ग)
अन्य तथ्य यह सामने आ रहा है कि ग्रामीण क्षेत्रों में शहरी क्षेत्रों की तुलना में अधिक महिलाएँ कार्यरत हैं। इसका कारण यह कि ग्रामीण क्षेत्रों में निर्धनता अधिक है जो स्त्रियों को कार्य करने पर मजबूर करती है। ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू कार्य जैसे-खेतीबाड़ी, पशुपालन आदि उपलब्ध हैं। शहरों में लोग अपने सामाजिक स्तर के प्रति अधिक सचेत हैं, उन्हें स्त्रियों का काम करना बेइज्जती जैसा लगता है। शहरों में स्त्रियों के लिए कार्यस्थल असुरक्षित भी हैं।

प्र.12. इस सारणी में 1999-2000 में भारत की जनसंख्या और श्रमिक जनानुपात दिखाया गया है। क्या आप भारत के (शहरी और सकल) श्रमबल का अनुमान लगा सकते हैं?
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उत्तर :
NCERT Solutions for Class 11 Economics Indian Economic Development Chapter 7 (Hindi Medium) 3

प्र.13. शहरी क्षेत्रों में नियमित वेतनभोगी कर्मचारी ग्रामीण क्षेत्र से अधिक क्यों होते हैं?
उत्तर : शहरी क्षेत्रों में नियमित वेतनभोगी कर्मचारी ग्रामीण क्षेत्र से निम्नलिखित कारणों से अधिक होते हैं
(क) सेवा क्षेत्र का प्रभुत्व-शहरी क्षेत्रों में सेवा क्षेत्र का प्रभुत्व है और सेवा क्षेत्र में नियमित वेतन श्रमिक अधिक हैं।
(ख) शहरी क्षेत्रों में शिक्षा का उच्च स्तर-नियमित वेतन नौकरियों के लिए उच्च शिक्षा स्तर की आवश्यकता होती है जो शहरी क्षेत्रों में अधिक होता है।
(ग) शहरी क्षेत्रों में कार्यस्थल के प्रति प्रतिबद्धता का उच्च स्तर-शहरी क्षेत्रों के लोग अपने कार्य के प्रति अधिक प्रतिबद्ध होते हैं। वे अपनी नौकरी को अधिक महत्त्व देते हैं तथा लंबी छुट्टियों पर नहीं जाते जबकि ग्रामीण लोगों की पहली प्राथमिकता उनके सामाजिक दायित्व होते हैं।

प्र.14, नियमित वेतनभोगी कर्मचारियों में महिलाएँ कम क्यों हैं?
उत्तर : नियमित वेतनभोगी में महिलाएँ कम पाई जाती हैं। इसके मुख्य कारण इस प्रकार हैं:

  • पुरुषों में शैक्षिक योग्यता का उच्च स्तर-नियमित वेतन नौकरियों के लिए उच्च शिक्षा स्तर की आवश्यकता होती है। जो पुरुषों में अधिक पाई जाती है।
  • पुरुषों में कार्य जीवन के प्रति अधिक प्रतिबद्धता–पुरुषों में कार्य जीवन के लिए प्रतिबद्धता का स्तर अधिक होता है। स्त्रियों की दोहरी जिम्मेदारी हैं।
  • सामाजिक पूर्वाग्रह-सामाजिक पूर्वाग्रह भी इसमें अपनी भूमिका निभा रहे हैं। यह माना जाता है कि कई नौकरियाँ स्त्रियाँ नहीं कर सकती तथा पुरुष कर्मचारी उन्हें एक उच्चाधिकारी के रूप में स्वीकार नहीं करते।
  • महिलाओं के कैरियर में ठहराव-विवाह के समय स्त्रियों को अपना घर बदलना पड़ता है। संतान के जन्म के समय भी उन्हें एक समयाविधि के लिए नौकरी से छुट्टी लेनी पड़ती है। बहुत-सी महिलाएँ संतान के लालन-पालन के लिए श्रम बाज़ार से बाहर चली जाती हैं।

प्र.15. भारत में श्रमबल के क्षेत्रकवार वितरण की हाल की प्रवृत्तियों का विश्लेषण करें।
उत्तर : नवीनतम आँकड़ों के अनुसार, हम निम्नलिखित निष्कर्ष प्राप्त कर सकते हैं

  • प्रत्येक 100 में से 40 व्यक्ति कार्यशील हैं।
  • इसका अर्थ यह है कि प्रत्येक 4 व्यक्ति 10 व्यक्तियों के लिए कमा रहे हैं। माना औसतन रूप से 1 व्यक्ति 2.5 व्यक्ति का लालन-पालन कर रहा है।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में 76.6% लोग प्राथमिक क्षेत्रक में, 10.8% द्वितीयक क्षेत्रक तथा 12.5% सेवा क्षेत्रक में कार्यरत हैं।
  • शहरी क्षेत्रों में 9.6% लोग प्राथमिक क्षेत्रक 31.3 % द्वितीयक क्षेत्रक तथा 59.1% सेवा क्षेत्रक में संलग्न हैं।
  • महिलाएँ 75.1% प्राथमिक क्षेत्रक, 11.8% द्वितीयक क्षेत्रक तथा 13.1% सेवा क्षेत्र में संलग्न हैं जबकि पुरुष 53.8% प्राथमिक क्षेत्रक, 17.6% द्वितीयक क्षेत्रक तथा 28.6% सेवा क्षेत्रक में संलग्न हैं।

NCERT Solutions for Class 11 Economics Indian Economic Development Chapter 7 (Hindi Medium) 4

प्र.16. 1970 से अब तक विभिन्न उद्योगों में श्रमबल के वितरण में शायद ही कोई परिवर्तन आया है। टिप्पणी करें।
उत्तर : 1970 के बाद से विभिन्न उद्योगों में श्रमबल के वितरण में शायद ही कोई परिवर्तन आया है। यह नीचे दी गई तालिका से स्पष्ट है
NCERT Solutions for Class 11 Economics Indian Economic Development Chapter 7 (Hindi Medium) 5
प्र.17. क्या आपको लगता है पिछले 50 वर्षों में भारत में राज़गार के सृजन में भी सकल घरेलू उत्पाद के अनुरूप वृद्धि हुई है? कैसे?
उत्तर : नहीं, मुझे ऐसा नहीं लगता कि पिछले 50 वर्षों में भारत में रोजगार के सृजन में भी सकल घरेलू उत्पाद के अनुरूप वृद्धि हुई है। हम सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर को रोजगार सृजन की दर से तुलना करके यह सिद्ध कर सकते हैं। स्वतंत्रता के समय से सकल घरेलू उत्पाद औसतन 4.5% प्रतिवर्ष की दर से बढ़ा है। जबकि रोज़गार का सृजन केवल 1.5% प्रति वर्ष हुआ है। इससे यह सिद्ध होता है कि भारत में रोज़गारहीन संवृद्धि हुई है।

प्र.18. क्या औपचारिक क्षेत्रक में रोजगार का सृजन आवश्यक है? अनौपचारिक में नहीं? कारण बताइए।
उत्तर : हाँ, यह आवश्यक है कि हम औपचारिक क्षेत्रक में रोजगार सृजन करें क्योंकि

1. औपचारिक क्षेत्रक कर्मचारियों के अधिकार सुनिश्चित करता है।
2. यह काम की सुरक्षा और रोज़गार की नियमितता सुनिश्चित करता है।
3. यह एक बेहतर गुणवत्ता का कार्य जीवन सुनिश्चित करता है।
4. औपचारिक क्षेत्रक पर सरकार नियंत्रण रख सकती है।
5. यह अर्थव्यवस्था में अनुशासन और नियम लाता है।

प्र.19. विक्टर को दिन में केवल दो घंटे काम मिल पाता है। बाकी सारे समय वह काम की तलाश में रहता है। क्या वह बेरोजगार है? क्यों? विक्टर जैसे लोग क्या काम करते होंगे?
उत्तर : हाँ, वर्तमान दैनिक स्थिति (CDS) के अनुसार वह कार्यरत है क्योंकि वर्तमान दैनिक स्थिति (Current Daily Status) के अनुसार, कोई व्यक्ति जो आधे दिन में 1 घंटे का काम प्राप्त करने में सक्षम है वह नियोजित है। विक्टर जैसे लोग रिक्शा चालक, मोची, बिजली, पलंबर, मेसन या छोटे-मोटे रिपेयर जैसे काम करते हैं।

प्र.20. क्या आप गाँव में रह रहे हैं? यदि आपको ग्राम-पंचायत को सलाह देने के लिए कहा जाए तो आप गाँव की उन्नति के लिए किस प्रकार के क्रियाकलाप का सुझाव देंगे, जिससे रोजगार सृजन भी हो।
उत्तर : मैं निम्नलिखित क्रियाकलापों का सुझाव दूंगा/देंगी
(क) नहरों और नलकूपों का निर्माण ताकि सिंचाई सुविधाओं में सुधार हो
(ख) स्कूल और अस्पतालों का निर्माण
(ग) सड़कों, भंडारण गृहों आदि का निर्माण
(घ) कृषि आधारित उद्योगों को विकसित करना
(ङ) छोटे पैमाने के उद्योग जैसे-टोकरी, बुनाई, अचार बनाना, कढ़ाई आदि विकसित करना।

प्र.21. अनियत दिहाड़ी मज़दूर कौन होते हैं?
उत्तर : ऐसे कार्यकर्ता जिन्हें अनुबंध या दैनिक आधार पर भुगतान किया जाता है तथा जिनके काम की कोई नियमितता नहीं है, उन्हें अनियत दिहाड़ी मज़दूर कहा जाता है। उदाहरण-निर्माण मजदूर।

प्र.22. आपको यह कैसे पता चलेगा कि कोई व्यक्ति अनौपचारिक क्षेत्रक में काम कर रहा है?
उत्तर : यह जानने के लिए कि कोई व्यक्ति अनौपचारिक क्षेत्रक में काम कर रहा है, हमें निम्नलिखित तथ्यों पर ध्यान देना होगा–

(क)
जिस प्रतिष्ठान में व्यक्ति कार्यरत है वहाँ कुल कर्मचारियों की संख्या-यदि कुल कर्मचारियों की संख्या 10 या उससे अधिक है तो व्यक्ति औपचारिक क्षेत्रक में नियोजित है।

(ख)
लिखित अनुबंध-यदि एक व्यक्ति को अपने नियोक्ता के साथ लिखित अनुबंध है तो वह औपचारिक क्षेत्रक में कार्यरत है अन्यथा वह अनौपचारिक क्षेत्रक में कार्यरत है।

(ग)
उसे अतिरिक्त लाभ मिल रहे हैं या नहीं-यदि एक व्यक्ति को तनढव्वाह के अतिरिक्त अन्य लाभ पेंशन, बोनस, पी.एफ., सवेतन छुट्टी, भविष्य निधि, मातृत्व लाभ आदि मिल रहे हैं तो वह औपचारिक क्षेत्रक में कार्यरत है।

Hope given Indian Economic Developments Class 11 Solutions Chapter 7 are helpful to complete your homework.

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NCERT Solutions for Class 10 Maths Chapter 14 Statistics (Hindi Medium)

NCERT Solutions for Class 10 Maths Chapter 14 Statistics (Hindi Medium)

NCERT Solutions for Class 10 Maths Chapter 14 Statistics (Hindi Medium)

These Solutions are part of NCERT Solutions for Class 10 Maths in Hindi Medium. Here we have given NCERT Solutions for Class 10 Maths Chapter 14 Statistics.

Chapter 14. सांख्यिकी

प्रश्नावली 14.1

Ex 14.1 Class 10 गणित Q1. विधार्थियों के एक समूह द्वारा अपने पर्यावरण संचेतना अभियान के अन्तर्गत एक सर्वेक्षण किया गया, जिसमें उन्होंने एक मोहल्ले के 20 घरों में लगे हुए पौधों से संबंधित निम्नलिखित आँकड़े एकत्रित किए | प्रति घर पौधों की संख्या ज्ञात कीजिए |

NCERT Solutions For Class 10 Maths Statistics 14.1 1

माध्य ज्ञात करने के लिए आपने किस विधि का प्रयोग किया और क्यों ? 

NCERT Solutions For Class 10 Maths Statistics PDF 14.1 2

Ex 14.1 Class 10 गणित Q2. किसी फैक्ट्री के 50 श्रमिकों मज़दूरी के निम्नलिखित बंटन पर विचार कीजिए :

NCERT Maths Solutions For Class 10 Statistics 14.1 3

एक उपयुक्त विधि का प्रयोग करते हुए, इस फैक्ट्री के श्रमिकों की माध्य दैनिक मज़दूरी ज्ञात कीजिए |

हल : प्रत्येक अंतराल के लिए वर्ग-चिन्ह को इस सूत्र से ज्ञात करेंगे

Maths NCERT Solutions For Class 10 Statistics 14.1 4
NCERT Solutions For Maths Class 10 Statistics 14.1 5

कल्पित माध्य विधि (Assume mean Method) से

Σfidi = – 480 + – 280 + 0 + 120 + 400 = – 760 + 520 = – 240

Σfi = 50 और a = 150

Solutions For NCERT Maths Class 10 Hindi Medium Statistics 14.1 6

Ex 14.1 Class 10 गणित Q3. निम्नलिखित बंटन एक मोहल्ले के  बच्चों के दैनिक जेबखर्च दर्शाता है | माध्य जेबखर्च 18 रू है | लुप्त बारंबारता f ज्ञात कीजिए :

NCERT Solutions of Maths For Class 10 Hindi Medium Statistics 14.1 7

हल : 

Maths Solutions For Class 10 NCERT Hindi Medium Statistics 14.1 8

कल्पित माध्य विधि (Assume mean Method) से

Σfidi = 2f – 40,  Σfi = 44 + f और a = 18,

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Ex 14.1 Class 10 गणित Q4. किसी अस्पताल में, एक डॉक्टर द्वारा 30 महिलाओं की जाँच की गई और उनके ह्रदय स्पंदन (beat) की प्रति मिनट संख्या नोट करके नीचे दर्शाए अनुसार संक्षिप्त रूप में लिखी गई | एक उपयुक्त विधि चुनते हुए, इन महिलाओं के ह्रदय स्पंदन की प्रति मिनट माध्य संख्या ज्ञात कीजिए :

NCERT Books Solutions For Class 10 Maths Hindi Medium Statistics 14.1 10

हल : 

NCERT Maths Book Solutions For Class 10 Hindi Medium Statistics 14.1 11

कल्पित माध्य विधि (Assume mean Method) से

Σfidi = 12,  Σfi = 30 और a = 75.5,

CBSE NCERT Maths Solutions For Class 10 Hindi Medium Statistics 14.1 12

अत: महिलाओं के ह्रदय स्पंदन की प्रति मिनट माध्य संख्या = 75.9 है |

Ex 14.1 Class 10 गणित Q5. किसी फुटकर बाज़ार में, फल विक्रेता पेटियों में रखे आम बेच रहें थे | इन पेटियों में आमों की संख्याएँ भिन्न – भिन्न थी | पेटियों की संख्या के अनुसार, आमों का बंटन निम्नलिखित था : 

CBSE NCERT Solutions For Class 10 Maths Hindi Medium Statistics 14.1 13
एक पेटी में रखे आमों की माध्य संख्या ज्ञात कीजिए | आपने माध्य ज्ञात करने की किस विधि का प्रयोग किया है ?

हल: 

दी गयी श्रृखला समावेशी (inclusive) है जहाँ वर्ग-अंतरालों में 1 का अंतर है | अत: दी गयी श्रृंखला को अपवर्जी (exclusive) श्रृंखला में बदलेंगे |

53 – 52 = 1

NCERT Maths Textbook For Class 10 Solutions Hindi Medium Statistics 14.1 14

= 57 + 0.1875

= 57.1875 या 57.19

आमों की माध्य संख्या = 57.19

Ex 14.1 Class 10 गणित Q6. निम्नलिखित सारणी किसी मोहल्ले के 25 परिवारों में भोजन पर हुए दैनिक व्यय को दर्शाती है:

NCERT Books For Class 10 Maths Solutions Hindi Medium Statistics 14.1 15

एक उपयुक्त विधि द्वारा भोजन पर हुआ माध्य व्यय ज्ञात कीजिए |

हल : 

NCERT Maths Textbook Solutions For Class 10 Hindi Medium Statistics 14.1 16

पग-विचलन विधि (Step-deviation Method) से माध्य :

Σfiui = – 7, Σfi = 25, h = 50 , a = 225

पग-विचलन विधि के सूत्र में उपरोक्त मानों (values) को रखने पर

NCERT Book Solutions For Class 10 Maths Hindi Medium Statistics 14.1 17

Ex 14.1 Class 10 गणित Q7. वायु में सल्फर डाई – ऑक्साइड (SO ) की सान्द्रता (भाग प्रति मिलियन में ) को ज्ञात करने के लिए, एक नगर के मोहल्लों से आँकड़े एकत्रित किए गये, जिन्हें नीचे प्रस्तुत किया गया है :

NCERT Solutions For Class 10 Maths PDF Free Hindi Medium Statistics 14.1 18

वायु में SO2  की सांद्रता का माध्य ज्ञात कीजिए |

हल :

NCERT Book Solutions For Class 10 Maths Hindi Medium Statistics 14.1 19

पग-विचलन विधि (Step-deviation Method) से माध्य :

Σfiui = – 31, Σfi = 30, h = 0.04 , a = 0.14

पग-विचलन विधि के सूत्र में उपरोक्त मानों (values) को रखने पर

NCERT Textbook Solutions For Class 10 Maths Hindi Medium Statistics 14.1 20
वायु में सल्फर डाई-ऑक्साइड (SO की सान्द्रता का माध्य = 0.099

Ex 14.1 Class 10 गणित Q8. किसी कक्षा अध्यापिका ने पुरे सत्र के लिए अपनी कक्षा के 40 विधार्थियों कि अनुपस्थिति निम्नलिखित रूप में रिकॉर्ड (record) की | एक विधार्थी जितने दिन अनुपस्थित रहा उनका माध्य ज्ञात कीजिए :

NCERT Books Solutions For Class 10 Maths PDF Hindi Medium Statistics 14.1 21

हल :

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विद्यार्थी की अनुपस्थित का माध्य = 12.48 दिन

Ex 14.1 Class 10 गणित Q9. निम्नलिखित सारणी 35 नगरों कि साक्षरता दर (प्रतिशत में ) दर्शाती है | माध्य साक्षरता दर ज्ञात कीजिए :

NCERT Solutions For Class 10 Maths Statistics 14.1 23

 हल : 

NCERT Solutions For Class 10 Maths Statistics PDF 14.1 24

पग-विचलन विधि (Step-deviation Method) से माध्य :

Σfiui = – 2, Σfi = 35, h = 10 , a = 70

पग-विचलन विधि के सूत्र में उपरोक्त मानों (values) को रखने पर

NCERT Maths Solutions For Class 10 Statistics 14.1 25

अत: माध्य साक्षरता दर = 69.43 %

प्रश्नावली 14.2

Ex 14. Class 10 गणित Q1. विधार्थियों के एक समूह द्वारा अपने पर्यावरण संचेतना अभियान के अन्तर्गत एक सर्वेक्षण किया गया, जिसमें उन्होंने एक मोहल्ले के 20 घरों में लगे हुए पौधों से संबंधित निम्नलिखित आँकड़े एकत्रित किए | प्रति घर पौधों की संख्या ज्ञात कीजिए |

NCERT Solutions For Maths Class 10 Statistics 14.1 26

माध्य ज्ञात करने के लिए आपने किस विधि का प्रयोग किया और क्यों ? 

Solutions For NCERT Maths Class 10 Hindi Medium Statistics 14.1 27

Ex 14.2 Class 10 गणित Q2. किसी फैक्ट्री के 50 श्रमिकों मज़दूरी के निम्नलिखित बंटन पर विचार कीजिए :

NCERT Solutions of Maths For Class 10 Hindi Medium Statistics 14.1 28

एक उपयुक्त विधि का प्रयोग करते हुए, इस फैक्ट्री के श्रमिकों की माध्य दैनिक मज़दूरी ज्ञात कीजिए |

हल : प्रत्येक अंतराल के लिए वर्ग-चिन्ह को इस सूत्र से ज्ञात करेंगे

NCERT Solutions for Class 10 Maths Chapter 14 Statistics (Hindi Medium) 14.1 29
Maths Solutions For Class 10 NCERT Hindi Medium Statistics 14.1 30

कल्पित माध्य विधि (Assume mean Method) से

Σfidi = – 480 + – 280 + 0 + 120 + 400 = – 760 + 520 = – 240

Σfi = 50 और a = 150

Solutions For Maths NCERT Class 10 Hindi Medium Statistics 14.1 31

Ex 14.2 Class 10 गणित Q3. निम्नलिखित बंटन एक मोहल्ले के  बच्चों के दैनिक जेबखर्च दर्शाता है | माध्य जेबखर्च 18 रू है | लुप्त बारंबारता f ज्ञात कीजिए :

NCERT Books Solutions For Class 10 Maths Hindi Medium Statistics 14.1 32

हल : 

NCERT Maths Book Solutions For Class 10 Hindi Medium Statistics 14.1 33

कल्पित माध्य विधि (Assume mean Method) से

Σfidi = 2f – 40,  Σfi = 44 + f और a = 18,

CBSE NCERT Maths Solutions For Class 10 Hindi Medium Statistics 14.1 34

Ex 14.2 Class 10 गणित Q4. किसी अस्पताल में, एक डॉक्टर द्वारा 30 महिलाओं की जाँच की गई और उनके ह्रदय स्पंदन (beat) की प्रति मिनट संख्या नोट करके नीचे दर्शाए अनुसार संक्षिप्त रूप में लिखी गई | एक उपयुक्त विधि चुनते हुए, इन महिलाओं के ह्रदय स्पंदन की प्रति मिनट माध्य संख्या ज्ञात कीजिए :

CBSE NCERT Solutions For Class 10 Maths Hindi Medium Statistics 14.1 35

हल : 

NCERT Maths Textbook For Class 10 Solutions Hindi Medium Statistics 14.1 36

कल्पित माध्य विधि (Assume mean Method) से

Σfidi = 12,  Σfi = 30 और a = 75.5,

NCERT Books For Class 10 Maths Solutions Hindi Medium Statistics 14.1 37

अत: महिलाओं के ह्रदय स्पंदन की प्रति मिनट माध्य संख्या = 75.9 है |

Ex 14.2 Class 10 गणित Q5. किसी फुटकर बाज़ार में, फल विक्रेता पेटियों में रखे आम बेच रहें थे | इन पेटियों में आमों की संख्याएँ भिन्न – भिन्न थी | पेटियों की संख्या के अनुसार, आमों का बंटन निम्नलिखित था : 

NCERT Maths Textbook Solutions For Class 10 Hindi Medium Statistics 14.1 38

एक पेटी में रखे आमों की माध्य संख्या ज्ञात कीजिए | आपने माध्य ज्ञात करने की किस विधि का प्रयोग किया है ?

हल: 

दी गयी श्रृखला समावेशी (inclusive) है जहाँ वर्ग-अंतरालों में 1 का अंतर है | अत: दी गयी श्रृंखला को अपवर्जी (exclusive) श्रृंखला में बदलेंगे |

53 – 52 = 1

NCERT Book Solutions For Class 10 Maths Hindi Medium Statistics 14.1 39

= 57 + 0.1875

= 57.1875 या 57.19

आमों की माध्य संख्या = 57.19

Ex 14.2 Class 10 गणित Q6. निम्नलिखित सारणी किसी मोहल्ले के 25 परिवारों में भोजन पर हुए दैनिक व्यय को दर्शाती है:

NCERT Solutions for Class 10 Maths Chapter 14 Statistics (Hindi Medium) 14.1 40

एक उपयुक्त विधि द्वारा भोजन पर हुआ माध्य व्यय ज्ञात कीजिए |

हल : 

NCERT Solutions for Class 10 Maths Chapter 14 Statistics (Hindi Medium) 14.1 41

पग-विचलन विधि (Step-deviation Method) से माध्य :

Σfiui = – 7, Σfi = 25, h = 50 , a = 225

पग-विचलन विधि के सूत्र में उपरोक्त मानों (values) को रखने पर

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Ex 14.2 Class 10 गणित Q7. वायु में सल्फर डाई – ऑक्साइड (SO ) की सान्द्रता (भाग प्रति मिलियन में ) को ज्ञात करने के लिए, एक नगर के मोहल्लों से आँकड़े एकत्रित किए गये, जिन्हें नीचे प्रस्तुत किया गया है :

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वायु में SO2  की सांद्रता का माध्य ज्ञात कीजिए |

हल :

NCERT Textbook Solutions For Class 10 Maths Hindi Medium Statistics 14.1 44

पग-विचलन विधि (Step-deviation Method) से माध्य :

Σfiui = – 31, Σfi = 30, h = 0.04 , a = 0.14

पग-विचलन विधि के सूत्र में उपरोक्त मानों (values) को रखने पर

NCERT Books Solutions For Class 10 Maths PDF Hindi Medium Statistics 14.1 45

वायु में सल्फर डाई-ऑक्साइड (SO की सान्द्रता का माध्य = 0.099

Ex 14.2 Class 10 गणित Q8. किसी कक्षा अध्यापिका ने पुरे सत्र के लिए अपनी कक्षा के 40 विधार्थियों कि अनुपस्थिति निम्नलिखित रूप में रिकॉर्ड (record) की | एक विधार्थी जितने दिन अनुपस्थित रहा उनका माध्य ज्ञात कीजिए :

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हल :

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विद्यार्थी की अनुपस्थित का माध्य = 12.48 दिन

Ex 14.2 Class 10 गणित Q9. निम्नलिखित सारणी 35 नगरों कि साक्षरता दर (प्रतिशत में ) दर्शाती है | माध्य साक्षरता दर ज्ञात कीजिए :

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 हल : 

NCERT Solutions for Class 10 Maths Chapter 14 Statistics (Hindi Medium) 14.1 49

पग-विचलन विधि (Step-deviation Method) से माध्य :

Σfiui = – 2, Σfi = 35, h = 10 , a = 70

पग-विचलन विधि के सूत्र में उपरोक्त मानों (values) को रखने पर

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अत: माध्य साक्षरता दर = 69.43 %

प्रश्नावली 14.3 

Ex 14. Class 10 गणित Q1. निम्नलिखित बारंबारता बंटन किसी मोहल्ले के 68 उपभोक्ताओं की बिजली कि मासिक खपत दर्शाता है | इन आँकड़ों के Ex माध्यक, माध्य और बहुलक ज्ञात कीजिए | इनकी तुलना कीजिए |

NCERT Maths Book Solutions For Class 10 Hindi Medium Statistics 14.1 51
हल :

CBSE NCERT Maths Solutions For Class 10 Hindi Medium Statistics 14.1 52

माध्यक (Median) के लिए : 

NCERT Solutions for Class 10 Maths Chapter 14 Statistics (Hindi Medium) 14.1 53

34 संचयी बारंबारता के 42 में शामिल है |

इसलिए, माध्यक वर्ग 125 – 145 है |

अत: l = 125, f = 20, cf = 22 (माध्यक वर्ग से ठीक ऊपर वाला संचयी बारंबारता) और

h = 20, 

CBSE NCERT Solutions For Class 10 Maths Hindi Medium Statistics 14.1 54

बहुलक के लिए :

सारणी से हमें ज्ञात होता है कि वर्ग 125 – 145 की बारंबारता सबसे अधिक है इसलिए बहुलक वर्ग 125 – 145 है

अत: l = 125, f0 = 13, f1 = 20, f2 = 14 और h = 20

NCERT Maths Textbook For Class 10 Solutions Hindi Medium Statistics 14.1 55

माध्यक = 137, माध्य = 137.058 और बहुलक = 135.76 

Ex 14.3 Class 10 गणित Q2. यदि नीचे दिए हुए बंटन का माध्यक 28.5 हो तो x और y के मान ज्ञात कीजिए :

NCERT Books For Class 10 Maths Solutions Hindi Medium Statistics 14.1 56

हल : 

NCERT Maths Textbook Solutions For Class 10 Hindi Medium Statistics 14.1 57

दिया है, माध्यक = 28.5,

अत: 28.5 वर्ग-अन्तराल 20 – 30 में शामिल है |

इसलिए, l = 20, f = 20, h = 10 और cf = 5 + x

N = 60,

NCERT Solutions For Class 10 Maths PDF Free Hindi Medium Statistics 14.1 58

अब,  45 + x + y = 60

अथवा x + y = 60 – 45

x + y = 15

8 + y = 15   समी० (1) से

y = 15 – 8

y = 7

x = 8, और y = 7 

Ex 14.3 Class 10 गणित Q3. एक जीवन बीमा एजेंट 100 पॉलिसी धारकों कि आयु के बंटन के निम्नलिखित आँकड़े ज्ञात करता है | माध्यक आयु परिकलित कीजिए, यदि पॉलिसी केवल उन्हीं व्यक्तियों को दी जाती है,  जिनकी आयु 18 वर्ष या उससे अधिक हो, 60 वर्ष से कम हो |

NCERT Book Solutions For Class 10 Maths Hindi Medium Statistics 14.1 59

हल :

Ex 14.3 Class 10 गणित Q4. एक पौधे कि 40 पत्तियों कि लंबाइयाँ निकटतम मिलीमीटरों में मापी जाती है तथा प्राप्त आँकड़ों को निम्नलिखित सारणी के रूप में निरुपित किया जाता है :

NCERT Textbook Solutions For Class 10 Maths Hindi Medium Statistics 14.1 60

पत्तियों की माध्यक लंबाई ज्ञात कीजिए |

संकेत : माध्यक ज्ञात करने के लिए, आँकड़ों को सतत वर्ग अंतरालों में बदलना पड़ेगा, क्योंकि सूत्र में वर्ग अंतरालों को सतत मन गया है | तब ये वर्ग 117.5 – 126.5 – 135.5,…,171.5 – 180.5 में बदल जाते हैं |  

हल :

Ex 14.3 Class 10 गणित Q5. निम्नलिखित सारणी 400 नियाँन लैंपों के जीवनकालों (life time) को प्रदर्शित करती है :

NCERT Books Solutions For Class 10 Maths PDF Hindi Medium Statistics 14.1 61

  एक लैंप का माध्यक जीवन काल ज्ञात कीजिए |

हल :

Ex 14.3 Class 10 गणित Q6. एक स्थानीय टेलीफ़ोन निर्देशिका से 100 कुलनाम (surnames) लिए और उनमें प्रयुक्त अंग्रेज़ी वर्णमाला के अक्षरों की संख्या का निम्नलिखित बारंबारता बंटन प्राप्त हुआ :

Download NCERT Solutions For Class 10 Maths Hindi Medium Statistics 14.1 62

हल :

कुलनामों में माध्यक अक्षरों कि संख्या ज्ञात कीजिए |  कुलनामों में माध्य अक्षरों कि संख्या ज्ञात कीजिए | साथ ही, कुलनामों का बहुलक ज्ञात कीजिए |

Ex 14.3 Class 10 गणित Q7. नीचे दिया हुआ बंटन एक कक्षा के 30 विधार्थियों के भार दर्शा रहा है | विधार्थियों का माध्यक भार ज्ञात कीजिए |

NCERT Solutions For Class 10 Maths Statistics 14.1 63

हल :

प्रश्नावली 14.4

Ex 14.4 Class 10 गणित Q1. निम्नलिखित बंटन किसी फैक्ट्री के 50 श्रमिकों कि दैनिक आय दर्शाता है :

NCERT Solutions For Class 10 Maths Statistics PDF 14.1 64

‘उपरोक्त बंटन को एक कम प्रकार ‘ के संचयी बारंबारता बंटन में बदलिए और उसका तोरण खींचिए |

हल : ‘से कम प्रकार’ का संचयी बारंबारता बंटन सारणी :

NCERT Maths Solutions For Class 10 Statistics 14.1 65

‘से कम प्रकार’ के तोरण के लिए क्रमित युग्म (order pairs) :

(120, 12), (140, 26), (160, 34), (180, 40) और (200, 50)

Maths NCERT Solutions For Class 10 Statistics 14.1 66

Ex 14.4 Class 10 गणित Q2. किसी कक्षा के 35 विधार्थियों कि मेडिकल जाँच के समय, उनके भार निम्नलिखित रूप में रिकॉर्ड किए गए :

NCERT Solutions For Maths Class 10 Statistics 14.1 67

उपरोक्त आँकड़ों के ‘लिए कम प्रकार का तोरण’ खींचिए | इसके बाद माध्यक भार ज्ञात कीजिए |

हल : ‘से कम प्रकार के‘ तोरण के लिए संचयी बारंबारता सारणी

NCERT Solutions for Class 10 Maths Chapter 14 Statistics (Hindi Medium) 14.1 68

से कम प्रकार’ के तोरण के लिए के लिए क्रमित युग्म (Order pairs) :

(38, 0), (40, 3), (42, 5), (44, 9), (46, 14), (48, 28), (50, 32), (52, 35)

NCERT Solutions of Maths For Class 10 Hindi Medium Statistics 14.1 69

Ex 14.4 Class 10 गणित Q3. निम्नलिखित सारणी किसी गाँव के 100 फार्मों में हुआ प्रति हेक्टेयर (ha) गेंहूँ का उत्पादन दर्शाते हैं :

Maths Solutions For Class 10 NCERT Hindi Medium Statistics 14.1 70

इस बंटन को ‘अधिक के प्रकार के ‘ बंटन में बदलिए और फिर उसका तोरण खींचिए |

हल : ‘से अधिक प्रकार के‘ तोरण के लिए संचयी बारंबारता सारणी:

NCERT Solutions for Class 10 Maths Chapter 14 Statistics (Hindi Medium) 14.1 71

‘से अधिक प्रकार’ के तोरण के लिए के लिए क्रमित युग्म (Order pairs) :

(50, 100), (55, 98), (60, 90), (65, 78), (70, 54), (75, 16)

Solutions For Maths NCERT Class 10 Hindi Medium Statistics 14.1 72

प्रश्नावली 14.5

अतिरिक्त एवं महत्वपूर्ण प्रश्न : 

Ex 14.5 Class 10 गणित Q1. निम्न आँकडें आरोही क्रम में लिखे गए हैं। यदि आँकडों का माध्यक 14.5 है तो x का मान ज्ञात कीजिए।

11, 12, 13, 7x, 7x + 1, 16, 16, 18, 20

Ex 14.5 Class 10 गणित Q2. 5 संख्याओं का माध्य 18 है | यदि एक संख्या निकल दी जाए, तो माध्य 16 हो जाता है | तो निकाली गयी संख्या ज्ञात कीजिए | 

Ex 14.5 Class 10 गणित Q3. 20 संख्याओं का माध्य 17 है, यदि प्रत्येक संख्या में 3 जोड़ा जाए तो नया माध्य ज्ञात कीजिए |

Ex 14.5 Class 10 गणित Q4. ‘से कम प्रकार’ तथा ‘से अधिक’ के तोरण के प्रतिच्छेदन बिन्दु का भुज किस केन्द्रीय प्रवृत्ति की माप को दर्शाता है ?

Ex 14.5 Class 10 गणित Q5. यदि 2,3,5,4,2,6,3,5,5,2 और x का बहुलक 2 है, तो ‘x’ का मान ज्ञात कीजिए |

Ex 14.5 Class 10 गणित Q6. 2,3,6,0,1,4,8,2,5 की माध्यिका ज्ञात कीजिए |

Ex 14.5 Class 10 गणित Q7. x, x + 1, x + 2, x + 3, x + 4, x + 5 और x + 6 का माध्य ज्ञात कीजिए |

Ex 14.5 Class 10 गणित Q8. प्रथम 10 विषम संख्याओं का माध्य ज्ञात कीजिए | 

Ex 14.5 Class 10 गणित Q9. यदि आरोही क्रम में लिखे प्रेक्षणों 24, 25, 26, x + 3, 30, 31, 34 की माध्यिका 27.5 है, तो ‘x’ का मान ज्ञात कीजिए |

Ex 14.5 Class 10 गणित Q10. 40 प्रेक्षणों का माध्य 160 था | जाँच करने पर ज्ञात हुआ कि 165 गलती से 125 लिखा गया था, सही माध्य ज्ञात कीजिए |

Ex 14.5 Class 10 गणित Q11. एक मैचों की श्रृंखला में एक बास्केट बॉल टीम द्वारा हासिल किए गए मैचों में अंक इस प्रकार था :

  17, 2, 7, 27, 25, 5, 14, 18 , 10, 24, 10, 8, 7, 10
  तो आंकड़ों का माध्य, माध्यक और बहुलक ज्ञात कीजिए |

Ex 14.5 Class 10 गणित Q12. 40, 42, 80, 69, 56, 47 का परिसर क्या है ?

Ex 14.5 Class 10 गणित Q13. यदि 25, 30, 32, x, 43 का समान्तर माध्य 34 है तो x का मान ज्ञात कीजिए | 

Ex 14.5 Class 10 गणित Q14. निम्नलिखित आंकड़ों का बहुलक ज्ञात कीजिए |

     5, 7, 6, 5, 9, 8, 6, 7, 11, 10, 5, 7, 6, 8, 6, 9, 10.

Ex 14.5 Class 10 गणित Q15. 34, 32, x, x-1, 19, 15, 11 का माध्यक ज्ञात कीजिए जहाँ x आँकड़ें 10, 20, 30, 40, 50 का माध्य है |

Ex 14.5 Class 10 गणित Q20. एक मोहल्ले के 20 घरों में लगे हुए पौधों से संबंधित निम्नलिखित आँकडें एकत्रित किए प्रति घर पौधों की माध्य संख्या ज्ञात कीजिए ।

NCERT Books Solutions For Class 10 Maths Hindi Medium Statistics 14.1 73

Ex 14.5 Class 10 गणित Q21. किसी फैक्टरी के कुछ श्रमिकों की दैनिक मजदूरी के बंटन का माध्य 145.20 है तो f का मान ज्ञात कीजिए ।

NCERT Maths Book Solutions For Class 10 Hindi Medium Statistics 14.1 74

Ex 14.5 Class 10 गणित Q22. निम्न सारणी कुछ परिवारों में भोजन पर हुए दैनिक व्यय का माध्य व्यय 211 रू है तो f का मान ज्ञात कीजिए ।

CBSE NCERT Maths Solutions For Class 10 Hindi Medium Statistics 14.1 75

Ex 14.5 Class 10 गणित Q23. नीचे दिया हुआ बंटन एकदिवसीय क्रिकेट मैचों में, गेंदबाजों द्वारा लिए गए विकटों का माध्य ज्ञात कीजिए ।

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Ex 14.5 Class 10 गणित Q24. निम्न ऑकडों का माध्य, माध्यक और बहुलक ज्ञात कीजिए ।

NCERT Maths Textbook For Class 10 Solutions Hindi Medium Statistics 14.1 77

Ex 14.5 Class 10 गणित Q25. एक सर्वेक्षण के आँकडे दिए गए है जो दशवीं कक्षा के लडकियों का ऊँचाई है। निम्न आँकडों से माध्यक ऊँचाई ज्ञात कीजिए ।   

NCERT Books For Class 10 Maths Solutions Hindi Medium Statistics 14.1 78

Ex 14.5 Class 10 गणित Q26. p का मान ज्ञात कीजिए यदि दिए गए बंटन का माध्य 20 हो |

NCERT Maths Textbook Solutions For Class 10 Hindi Medium Statistics 14.1 79

Ex 14.5 Class 10 गणित Q27. निम्न आँकडों से माध्य, माध्यक और बहुलक ज्ञात कीजिए ।

NCERT Book Solutions For Class 10 Maths Hindi Medium Statistics 14.1 80

Ex 14.5 Class 10 गणित Q28. निम्न आँकडों का माध्यक 525 है। यदि बारम्बारताओं का योग 100 है, तो x और y का मान ज्ञात कीजिए ।

NCERT Solutions For Class 10 Maths PDF Free Hindi Medium Statistics 14.1 81

Ex 14.5 Class 10 गणित Q29. उपयुक्त आँकडों से ‘से कम प्रकार’ का तोरण खींचिए। प्राप्त ग्राफ से माध्यक ज्ञात कीजिए |

NCERT Book Solutions For Class 10 Maths Hindi Medium Statistics 14.1 82

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NCERT Solutions for Class 10 Maths Chapter 9 Some Applications of Trigonometry (Hindi Medium)

NCERT Solutions for Class 10 Maths Chapter 9 Some Applications of Trigonometry (Hindi Medium)

NCERT Solutions for Class 10 Maths Chapter 9 Some Applications of Trigonometry (Hindi Medium)

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Chapter 9. त्रिकोणमिति का अनुप्रयोग

प्रश्नावली 9.1

Ex 9.1 Class 10 गणित Q1. सर्कस का एक कलाकार एक 20 m लंबी डोर पर चढ़ रहा है जो अच्छी तरह से तनी हुई है और भूमि पर सीधे लगे खंभे के शिखर से बंध हुआ है। यदि भूमि स्तर के साथ डोर द्वारा बनाया गया कोण 30° का हो तो खंभे की ऊँचाई ज्ञात कीजिए (देखिए आकृति)|

Solution: 

माना खंभे की ऊँचाई = h मीटर

NCERT Solutions For Class 10 Maths 9.1 1

डोरी की लंबाई = 20 मीटर

θ = 30

समकोण त्रिभुज ABC में;

NCERT Solutions For Class 10 Maths PDF 9.1 2

Ex 9.1 Class 10 गणित Q2. आँधी आने से एक पेड़ टूट जाता है और टूटा हुआ भाग इस तरह मुड़ जाता है कि पेड़ का शिखर जमीन को छूने लगता है और इसके साथ 30 का कोण बनाता है। पेड़ के पाद-बिंदु की दूरी, जहाँ पेड़ का शिखर जमीन को छूता है, 8 m है। पेड़ की ऊँचाई ज्ञात कीजिए।

Solution:

माना पेड़ की ऊँचाई BC’ है और पेड़ बिंदु A से टूटकर

NCERT Maths Solutions For Class 10 9.1 3

जमीन पर बिंदु C पर झुकी है |

θ = 30°, BC = 8 m

समकोण त्रिभुज ABC में, AB भुजा के लिए,

Maths NCERT Solutions For Class 10 9.1 4

Ex 9.1 Class 10 गणित Q3. एक ठेकेदार बच्चों को खेलने के लिए एक पार्क में दो फिसलनपट्टी लगाना चाहती है। 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए वह एक ऐसी फिसलनपट्टी लगाना चाहती है जिसका शिखर 1.5 m की ऊँचाई पर हो और भूमि के साथ 30° के कोण पर झुका हुआ हो, जबकि इससे अधिक उम्र के बच्चों के लिए वह 3 m की ऊँचाई पर एक अधिक ढाल की फिसलनपट्टी लगाना चाहती है, जो भूमि के साथ 60° का कोण बनाती हो। प्रत्येक स्थिति में फिसलनपट्टी की लंबाई क्या होनी चाहिए?

Solution: 

NCERT Solutions For Maths Class 10 9.1 5
Solutions For NCERT Maths Class 10 Hindi Medium 9.1 6

Ex 9.1 Class 10 गणित Q4. भूमि के एक बिंदु से, जो मीनार के पाद-बिंदु से 30 m की दूरी पर है, मीनार के शिखर का उन्नयन कोण 30° है। मीनार की ऊँचाई ज्ञात कीजिए।

Solution:

NCERT Solutions of Maths For Class 10 Hindi Medium 9.1 7

माना मीनार AB की ऊँचाई = h मीटर

बिंदु C से मीनार के पाद बिंदु B की दुरी = 30 m

समकोण  ΔABC में,

Maths Solutions For Class 10 NCERT Hindi Medium 9.1 8

Ex 9.1 Class 10 गणित Q5. भूमि से 60 m की ऊँचाई पर एक पतंग उड़ रही है। पतंग में लगी डोरी को अस्थायी रूप से भूमि के एक बिंदु से बांध् दिया गया है। भूमि के साथ डोरी का झुकाव 60° है। यह मानकर कि डोरी में कोई ढील नहीं है, डोरी की लंबाई ज्ञात कीजिए।

Solution:

Solutions For Maths NCERT Class 10 Hindi Medium 9.1 9
NCERT Books Solutions For Class 10 Maths Hindi Medium 9.1 10

Ex 9.1 Class 10 गणित Q6. 1.5 m लंबा एक लड़का 30 m ऊँचे एक भवन से कुछ दूरी पर खड़ा है। जब वह ऊँचे भवन की ओर जाता है तब उसकी आँख से भवन के शिखर का उन्नयन कोण 30° से 60° हो जाता है। बताइए कि वह भवन की ओर कितनी दूरी तक चलकर गया है।

Solution:

माना कि वह लड़का x m दूर भवन की ओर गया |

लडके ऊंचाई छोड़कर भवन की ऊंचाई (AB) = 30 m – 1.5 m

= 28.5 m

NCERT Maths Book Solutions For Class 10 Hindi Medium 9.1 11

समकोण त्रिभुज ABC में,

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Ex 9.1 Class 10 गणित Q7. भूमि के एक बिंदु से एक 20 m ऊँचे भवन के शिखर पर लगी एक संचार मीनार के तल और शिखर के उन्नयन कोण क्रमशः 45° और 60° है। मीनार की ऊँचाई ज्ञात कीजिए।

CBSE NCERT Solutions For Class 10 Maths Hindi Medium 9.1 13

Solution:

माना संचार मीनार की ऊंचाई (AD) = h m

भवन की ऊंचाई (DC) = 20 m

माना भूमि पर वह बिंदु B है |

भवन सहित मीनार की ऊंचाई (AC) = (20 + h) m

समकोण त्रिभुज BCD में,

NCERT Maths Textbook For Class 10 Solutions Hindi Medium 9.1 14

Ex 9.1 Class 10 गणित Q8. एक पेडस्टल के शिखर पर एक 1.6 m ऊँची मूर्ति लगी है। भूमि के एक बिंदु से मूर्ति के शिखर का उन्नयन कोण 60° है और उसी ¯बदु से पेडस्टल के शिखर का उन्नयन कोण 45° है। पेडस्टल की ऊँचाई ज्ञात कीजिए।

NCERT Books For Class 10 Maths Solutions Hindi Medium 9.1 15

Solution:

माना पेडस्टल की ऊंचाई h मीटर है |

मूर्ति की ऊंचाई = 1.6 m

समकोण त्रिभुज BCD में,

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Ex 9.1 Class 10 गणित Q9. एक मीनार के पाद-बिंदु  से एक भवन के शिखर का उन्नयन कोण 30o है और भवन के पाद-बिंदु से मीनार के शिखर का उन्नयन कोण 60° है। यदि मीनार 50m ऊँची हो, तो भवन की ऊँचाई ज्ञात कीजिए।

Solution:

NCERT Book Solutions For Class 10 Maths Hindi Medium 9.1 17

माना भवन की ऊंचाई = h m

समकोण त्रिभुज ABC में,

NCERT Textbook Solutions For Class 10 Maths Hindi Medium 9.1 18

Ex 9.1 Class 10 गणित Q10. एक 80 m चैड़ी सड़क के दोनों ओर आमने-सामने समान लंबाई वाले दो खंभे लगे हुए हैं। इन दोनों खंभों के बीच सड़क के एक बिंदु से खंभों के शिखर के उन्नयन कोण क्रमशः 60° और 30° है। खंभों की ऊँचाई और खंभों से बिंदु की दूरी ज्ञात कीजिए।

Solution:

NCERT Books Solutions For Class 10 Maths PDF Hindi Medium 9.1 19

माना भूमि पर वह बिंदु B है |

और खंभों की ऊंचाई = h मीo,

B बिंदु से एक खंभे की दुरी = x m

तो दुसरे खंभे की दुरी = (80 – x) m

समकोण त्रिभुज ABC में,

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NCERT Solutions For Class 10 Maths Some Applications of Trigonometry (Hindi Medium) 9.1 21

Ex 9.1 Class 10 गणित Q11. एक नहर के एक तट पर एक टीवी टॉवर उर्ध्वार्धर खड़ा है टॉवर के ठीक सामने दूसरे तट के एक अन्य बिंदु से टॉवर के शिखर का उन्नयन कोण 60° है। इसी तट पर इस बिंदु से 20 m दूर और इस बिंदु को मीनार के पाद से मिलाने वाली रेखा पर स्थित एक अन्य बिंदु से टावर के शिखर का उन्नयन कोण 30° है । टॉवर की ऊँचाई और नहर की चैड़ाई ज्ञात कीजिए।

Solution:

NCERT Solutions For Class 10 Maths PDF Some Applications of Trigonometry (Hindi Medium) 9.1 22

माना टॉवर (AB) की ऊंचाई = h मीo

नहर BC की चौड़ाई = x मीo

समकोण त्रिभुज ABC में,

NCERT Maths Solutions For Class 10 Some Applications of Trigonometry (Hindi Medium) 9.1 23

Ex 9.1 Class 10 गणित Q12. 7 m ऊँचे भवन के शिखर से एक केबल टावर के शिखर का उन्नयन कोण 60° है और इसके पाद का अवनमन कोण 45o है। टॉवर की ऊँचाई ज्ञात कीजिए।

Solution:

NCERT Solutions For Maths Class 10 Some Applications of Trigonometry (Hindi Medium) 9.1 24

माना टॉवर की ऊँचाई = h मीटर

भवन DE की ऊंचाई = 7 मीo

DE = BC = 7 मीo

AB की लंबाई = h – 7 मीo

समकोण त्रिभुज EDC में,

Solutions For NCERT Maths Class 10 Hindi Medium Some Applications of Trigonometry (Hindi Medium) 9.1 25

Ex 9.1 Class 10 गणित Q13.  समुद्र-तल से 75 m ऊँची लाइट हाउस के शिखर से देखने पर दो समुद्री जहाजों के अवनमन कोण 30° और 45° हैं। यदि लाइट हाउस के एक ही ओर एक जहाज दूसरे जहाज के ठीक पीछे हो तो दो जहाजों के बीच की दूरी ज्ञात कीजिए।

Solution:

NCERT Solutions of Maths For Class 10 Hindi Medium 9.1 26

माना दो जहाजों A तथा B है

जिनका अवनमन कोण क्रमश: 45° और 30° है |

लाइट-हाउस DC की ऊंचाई = 75 m

चूँकि अवनमन कोण उन्नयन कोण के बराबर होता है |

∴ ∠DAC = 45o और ∠DBC = 30o

Maths Solutions For Class 10 NCERT Hindi Medium 9.1 27

Ex 9.1 Class 10 गणित Q14.  1.2 m लंबी एक लड़की भूमि से 88.2 m की ऊँचाई पर एक क्षैतिज रेखा में हवा में उड़ रहे गुब्बारे को देखती है। किसी भी क्षण लड़की की आँख से गुब्बारे का उन्नयन कोण 60° है। कुछ समय बाद उन्नयन कोण घटकर 30° हो जाता है | इस अन्तराल के दौरान गुब्बारे द्वारा तय की गयी दुरी ज्ञात कीजिए | 

Solution:

लड़की की ऊंचाई = 1.2 m

भूमि से गुब्बारे की ऊंचाई = 88.2 m

लड़की को छोड़कर गुब्बारे की ऊंचाई = 88.2 – 1.2

Solutions For Maths NCERT Class 10 Hindi Medium Some Applications of Trigonometry 9.1 28

AB = DE = 87.0 m

तय दुरी = BE

समकोण DABC में,

NCERT Books Solutions For Class 10 Maths Hindi Medium 9.1 29

अर्थात इस अन्तराल के दौरान गुब्बारे द्वारा तय की गयी दुरी 87√3 m है |

Ex 9.1 Class 10 गणित Q15.  एक सीध राजमार्ग एक मीनार के पाद तक जाता है। मीनार के शिखर पर खड़ा एक आदमी एक कार को 30° के अवनमन कोण पर देखता है जो कि मीनार के पाद की ओर एक समान चाल से जाता है। छः सेकंड बाद कार का अवनमन कोण 60° हो गया। इस बिंदु से मीनार के पाद तक पहुँचने में कार द्वारा लिया गया समय ज्ञात कीजिए।

Solution:

माना कार को बिंदु C से मीनार के पाद B तक पहुँचने में x सेके ण्ड लगता है |

CBSE NCERT Solutions For Class 10 Maths Hindi Medium Chapter 9 9.1 30
NCERT Maths Textbook For Class 10 Solutions Hindi Medium 9.1 31

Ex 9.1 Class 10 गणित Q16.  मीनार के आधर से और एक सरल रेखा में 4 m और 9 m की दूरी पर स्थित दो ¯बदुओं से मीनार के शिखर के उन्नयन कोण पूरक कोण हैं। सिद्ध कीजिए कि मीनार की ऊँचाई 6 m है।

NCERT Books For Class 10 Maths Solutions Hindi Medium 9.1 32
Solution:

माना मीनार की ऊँचाई = h मीटर है |

समकोण त्रिभुज ABC में,
NCERT Maths Textbook Solutions For Class 10 Hindi Medium 9.1 33

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NCERT Solutions for Class 11 Sociology Understanding Society Chapter 5 Indian Sociologists (Hindi Medium)

NCERT Solutions for Class 11 Sociology Understanding Society Chapter 5 Indian Sociologists (Hindi Medium)

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पाठ्यपुस्तक से हल प्रश्न [NCERT TEXTBOOK QUESTIONS SOLVED]

प्र० 1. अनंतकृष्ण अय्यर और शरतचंद्र रॉय ने सामाजिक मानव विज्ञान के अध्ययन का अभ्यास कैसे किया?
उत्तर- अनंतकृष्ण अय्यर (1861-1931) भारत में समाजशास्त्र के अग्रदूत थे।

  • अनंतकृष्ण अय्यर को कोचीन के दीवान द्वारा राज्य के नृजातीय सर्वेक्षण में मदद के लिए कहा गया।
  • महाप्रान्त क्षेत्र के अतिरिक्त ब्रिटिश सरकार इसी प्रकार का सर्वेक्षण सभी रजवाड़ों में करवाना चाहती थी। ये क्षेत्र विशेषतः उनके नियंत्रण में आते थे।
  • अनंतकृष्ण अय्यर ने इस कार्य को पूर्ण रूप से एक स्वयंसेवी के रूप में किया। अनंतकृष्ण अय्यर संभवतः पहले स्वयं शिक्षित मानवविज्ञानी थे जिन्होंने एक विद्धान और शिक्षाविद् के रूप में राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर की ख्याति प्राप्त की।
    शरतचंद्र रॉय के द्वारा समाजशास्त्र का प्रयोगः
  • शरतचंद्र रॉय जनजातीय समाज में अत्यधिक रुचि रखते थे। यह उनकी नौकरी की आवश्यकता भी थी। कारण यह था कि उन्हें अदालत में जानकारियों की परंपरा और कानून को दुभाषित करना था।
  • ओराव, मुंडा और खरिया जनजातियों पर किया गया सर्वप्रसिद्ध प्रबन्ध लेखन कार्य के अतिरिक्त रॉय ने सौ से अधिक लेख राष्ट्रीय और ब्रिटिश शैक्षिक जर्नल में प्रकाशित किये।
  • सन् 1922 ई० में उन्होंने मैन इन इंडिया नामक जर्नल की स्थापना की। भारत में यह अपने समय का पहला जर्नल था।

प्र० 2. जनजातीय समुदायों को कैसे जोड़ा जाए’-इस विवाद के दोनों पक्षों के क्या तर्क थे?
उत्तर-

  • अनेक ब्रिटिश प्रशासक ऐसे भी थे जो मानवविज्ञानी थे। वे भारतीय जनजातियों में रुचि रखते थे। उनका विश्वास था कि ये आदिम लोग थे और उनकी अपनी विशिष्ट संस्कृति थी। साथ ही ये भारतीय जनजातियाँ हिंदू मुख्यधारा से काफ़ी अलग थीं।
  • उनका मत था कि समाज में इन सीधे-सादे जनजातीय लोगों का न केवल शोषण होगा बल्कि उनकी संस्कृति का पतन भी होगा।
  • उन्होंने महसूस किया कि राज्य का यह कर्तव्य है कि वे इन जनजातियों को संरक्षण दे ताकि वे अपनी जीवन विधि और संस्कृति को कायम रख सके। इसका कारण भी था, यह कि उन पर लगातार दबाव बन रहा था कि वे हिंदू संस्कृति की मुख्यधारा में अपना समायोजन करें।
  • उनका मानना था कि जनजातीय संस्कृति को बचाने का कार्य गुमराह करने की कोशिश की और इसको परिणाम जनजातियों का पिछड़ापन है।
  • घूर्ये राष्ट्रवादी विचारधारा के प्रबल समर्थक थे। उन्होंने इस तथ्य पर बल दिया कि भारतीय जनजातियों को एक भिन्न सांस्कृतिक समूह की तुलना में पिछड़े हिंदू समाज’ की तरह पहचाना जाना चाहिए।
    अंतर के मुख्य बिंदु (Main Points of Difference)
  • मतभेद यह था कि मुख्यधारा की संस्कृति के प्रभाव का किस प्रकार मूल्याकंन किया जाए। संरक्षणवादियों का विश्वास था कि समायोजन को परिणाम जनजातियों के शोषण और उनकी सांस्कृतिक विलुप्तता का रूप सामने आएगा।
  • घूयें और राष्ट्रवादियों का तर्क था कि ये दुष्परिणाम केवल जनजातीय संस्कृति तक ही सीमित नहीं हैं। बल्कि भारतीय समाज के सभी पिछड़े और दलित वर्गों में समान रूप से देखे जा सकते हैं।

प्र० 3. भारत में प्रजाति तथा जाति के संबंधों पर हरबर्ट रिजले तथा जी०एस०घूर्य की स्थिति की रूपरेखा दें।
उत्तर-

  • रिजले का मानना था कि मनुष्य को उसकी शारीरिक विशिष्टताओं के आधार पर अलग भिन्न जनजातियों में वगीकृत किया जा सकता है; जैसे-खोपड़ी की चौड़ाई, नाक की लंबाई या कपाल का भार अथवा खोपड़ी का वह भाग जहाँ मस्तिष्क स्थित है।
  • रिज़ले को विश्वास था कि विभिन्न प्रजातियों के उविकास के अध्ययन के संदर्भ में भारत एक विशिष्ट प्रयोगशाला’ है। इसका कारण यह है कि जाति एक लंबे समय से विभिन्न समूहों के बीच अंतनिर्वाह को निषिद्ध करती है।
  • उच्च जातियों ने भारतीय-आर्य प्रजाति की विशिष्टताओं को ग्रहण किया जबकि निम्न जातियों में अनार्य जनजातियों, मंगोल या अन्य प्रजातियों के गुण पाये जाते हैं।
  • रिजले और अन्य विद्धानों ने सुझाव दिया कि निम्न जातियाँ ही भारत की मूल निवासी हैं। आर्यों ने उनका शोषण किया जो कहीं बाहर से आकर भारत में फले-फूले थे।
  • रिजले के तर्को से घूर्ये असहमत नहीं थे। परंतु उन्होंने इसे केवल अंशतः सत्य माना। उन्होंने इस समस्या की ओर ध्यान दिया। वस्तुतः यह समस्या, केवल औसत के आधार पर बिना परिवर्तन सोच-विचार किए किसी समुदाय पर विशिष्ट मापदंड लागू कर देने से उत्पन्न होती है। जोकि विस्तृत एवं सुव्यवस्थित नहीं था।
  • प्रजातीय शुद्धता केवल उत्तर भारत में शेष रह गई थी। इसका कारण यह था कि वहाँ अंतर्विवाह निषिद्ध था।

प्र० 4. जाति की सामाजिक मानवशास्त्रीय परिभाषा को सारांश में बताएँ।
उत्तर- जाति की सामाजिक मानवविज्ञान संबंधी परिभाषा

  • जाति खंडीय विभाजन पर आधारित है – जाति एक संस्था है। और यह खंडीय विभाजन पर आधारित है। इसका तात्पर्य यह है कि जातीय समाज कई बंद और पारस्परिक खंडों एवं उपखंडों में विभाजित है।
  • जाति सोपानिक विभाजन पर आधारित हैं – जातिगत समाज का आधार सोपानिक विभाजन है। दूसरी जाति की तुलना में प्रत्येक जाति असमान होती है।
  • जाति सामाजिक अंतक्रिया पर प्रतिबंध लगाती है – संस्था के रूप में जाति सामाजिक अंत:क्रिया पर प्रतिबंध लगाती है विशेषकर साथ बैठकर भोजन करने के संदर्भ में।
  • अस्पृश्यता की संस्था के रूप में – अस्पृश्यता की संस्था के रूप में यहाँ तक किसी जाति विशेष के व्यक्ति द्वारा छू जाने मात्र से मनुष्य अपवित्र महसूस करता है।
  • विभिन्न जातियों के लिए भिन्न-भिन्न अधि कार और कर्तव्य – सोपानिक और प्रतिबंधित सामाजिक अंत:क्रिया के सिद्धांतों का अनुसरण करते हुए जाति विभिन्न जातियों के लिए भिन्न-भिन्न अधिकार और कर्तव्य भी निर्धारित करती है।
  • व्यवसाय के चुनाव पर प्रतिबंध जाति व्यवसाय के चुनाव को भी सीमित कर देती है – जाति के समान व्यवसाय भी जन्म पर आधारित और वंशानुगत होता है।
  • जाति विवाह पर कठोर प्रतिबंध लगाती है – जाति विवाह पर कठोर प्रतिबंध लगाती है। जाति में अंतर्विवाह या जाति में ही विवाह के अतिरिक्त ‘बहिर्विवाह’ के नियम भी जुड़े रहते हैं, या किसकी शादी किससे नहीं हो सकती है।

प्र० 5. जीवंत परंपरा से डी०पी० मुकर्जी का क्या तात्पर्य है? भारतीय समाजशास्त्रियों ने अपनी परंपरा से जुड़े रहने पर बल क्यों दिया?
उत्तर-

  • डी०पी० मुकर्जी के अनुसार, वह एक परंपरा है। जो भूतकाल से कुछ प्राप्त कर उससे अपने संबंध बनाए रखती है। इसके अतिरिक्त यह नयी चीजों को भी ग्रहण करती है।
  • इस प्रकार जीवंत परंपरा में पुराने और नए तत्वों का मिश्रण है।
  • डी०पी० मुकर्जी ने जिस तथ्य पर बल दिया वह यह है कि भारतीय समाजशास्त्रीयों को जीवंत परंपरा में रुचि रखनी चाहिए ताकि इसका उचित और सार भाव प्राप्त हो सके।
  • भारतीय समाजशास्त्री निम्नलिखित विषयों को अधिक सुलभता से जान सकते है
    • आपके उम्र के बच्चों द्वारा खेला जाने वाला खेल। (लड़का/लड़की)।
    • किसी लोकप्रिय त्योहार को मनाने के तरीके।
  • भातीय समाजशास्त्रीयों का प्रथम कर्तव्य भारत की सामाजिक परंपराओं का अध्ययन करना और जानना है। डी०पी० मुकर्जी के लिए, परंपरा का अध्ययन केवल भूतकाल तक ही सीमित नहीं था। इसके विपरीत वे परिवर्तन की संवेदनशीलता से भी जुड़े थे। डी०पी० मुकर्जी ने जो भी लिखा है, वह भारतीय समाजशास्त्रीयों के लिए पर्याप्त नहीं है। सर्वप्रथम उन्हें भारतीय होना अनिवार्य है। उदाहरण के लिए उन्हें रीति-रिवाजों, रूढ़ियों, प्रथाओं और परंपराओं की जानकारी देनी है। इसका उद्देश्य है संदर्भित सामाजिक व्यवस्था को समझना एवं इसके अंदर तथा बाहर के तथ्यों की जानकारी हासिल करना।
  • डी०पी० मुकर्जी ने तर्क किया कि पाश्चात्य संदर्भ में भारतीय संस्कृति और समाज व्यक्तिवादी नहीं हैं।
  • स्वैच्छिक व्यक्तिगत कार्यों की तुलना में भारतीय सामाजिक व्यवस्था मुख्य रूप से समूह, समुदाय अथवा जाति संबंधी कार्यों के प्रति अभिमुख है।

प्र० 6. भारतीय संस्कृति तथा समाज की क्या विशष्टिताएँ हैं तथा ये बदलाव के ढाँचे को कैसे प्रभावित करते हैं?
उत्तर-

  • डी०पी० मुकर्जी ने महसूस किया कि भारत का निर्णायक और विशष्ट लक्षण इसकी सामाजिक व्यवस्था है।
  • उनके अनुसार भारत में इतिहास, राजनीति और अर्थशास्त्र पश्चिम के मुकाबले और आयाम के दृष्टिकोण से कम विकसित थे।
  • पाश्चात्य अर्थ में भारतीय संस्कृति और समाज व्यक्तिवादी नहीं है लेकिन इनमें सामूहिक व्यवहार के प्रतिमान निहित हैं।
  • डी०पी० मुकर्जी का मत है कि भारतीय समाज और संस्कृति का संबंध केवल भूतकाल तक ही सीमित नहीं है। इसे अनुकूलन की प्रक्रिया में भी विश्वास है।
  • डी०पी० मुकर्जी का मत है कि भारतीय संदर्भ में वर्ग संघर्ष जातीय परंपराओं से प्रभावित होता है एवं उसे अपने में सम्मिलित कर लेता है, जहाँ नवीन वर्ग संघर्ष अभी स्पष्ट रूप से उभर कर सामने नहीं
    आया है।
  • डी०पी० मुकर्जी को भारतीय परंपरा जैसे श्रुति, स्मृति और अनुभव में विश्वास था। इन सब में आखिरी अनुभव या व्यक्तिगत अनुभव क्रांतिकारी सिद्धांत है।
  • सामान्यीकृत अनुभव या समूहों का सामूहिक अनुभव भारतीय समाज में परिवर्तन का सर्वप्रमुख सिद्धांत था।
  • उच्च परंपराएँ स्मृति और श्रुति में केंद्रित थी, लेकिन समय-समय पर उन्हें समूहों और संप्रदायों के सामूहिक अनुभवों द्वारा चुनौती दी जा रही है। उदाहरण के लिए, भक्ति आंदोलन। । डी०पी० मुकर्जी के अनुसार, भारतीय संदर्भ में बुद्धि-विचार परिवर्तन के लिए प्रभावशाली शक्ति नहीं है। ऐतिहासिक दृष्टिकोण से अनुभव एवं प्रेम परिवर्तन के उत्कृष्ट कारक हैं।
  • भारतीय परिप्रेक्ष्य में संघर्ष और विद्रोह सामूहिक अनुभवों के आधार पर कार्य करते हैं।

प्र० 7. कल्याणकारी राज्य क्या है? ए०आर० देसाई कुछ देशों द्वारा किए गए दावों की आलोचना क्यों करते हैं?
उत्तर-

  • एक कल्याणकारी राज्य वह राज्य है जो विभिन्न परिप्रेक्ष्यों से संबंधित व्यक्तियों के कल्याण का कार्य करता है; जैसे-व्यक्तियों का राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक, धार्मिक, सांस्कृतिक, विकासात्मक आदि। ए०आर० देसाई की रुचि आधुनिक पूँजीवादी राज्य के महत्वपूर्ण विषय में था। देसाई ने कल्याणकारी राज्य की निम्नलिखित विशेषताएँ बताई हैं
  • कल्याणकारी राज्य एक सकारात्मक राज्य होता है। इसका अर्थ है कि उदारवादी राजनीति के शास्त्रीय सिद्धांत की ‘Laissez Faire’ नीति के विपरीत, कानून और व्यवस्था को बनाए रखने के लिए कल्याणकारी राज्य केवल न्यूनतम कार्य ही नहीं करता है।
  • कल्याणकारी राज्य की अर्थव्यवस्था मिश्रित होती है। मिश्रित अर्थव्यवस्था का अर्थ है-ऐसी अर्थव्यवस्था जहाँ निजी पूँजीवादी कंपनियाँ और राज्य या सामूहिक कंपनियाँ दोनों साथ मिलकर कार्य करती हों।
  • एक कल्याणकारी राज्य न तो पूँजीवादी बाज़ार को ही समाप्त करना चाहता है एवं न ही यह उद्योगों और दूसरे क्षेत्रों में जनता को निवेश करने से वंचित रखता है। कुल मिलाकर सरकारी क्षेत्र जरूरत की वस्तुओं तथा सामाजिक अधिसंरचना पर ध्यान देता है। इसकी तरफ निजी उद्योगों का वर्चस्व उपभोक्ता वस्तुओं पर कायम रहता है।
  • देसाई कुछ ऐसे तरीकों का सुझाव देते हैं जिनके आधार पर कल्याणकारी राज्य द्वारा उठाये गए कदमों का परीक्षण किया जा सकता है। ये हैं।
    (i) गरीबी, भेदभाव से मुक्ति एवं सभी नागरिकों की सुरक्षा – कल्याणकारी राज्य गरीबी, सामाजिक भेदभाव से मुक्त और अपने सभी नागरिकों की सुरक्षा की व्यवस्था करता है।
    (ii) आय की समानता – कल्याणकारी राज्य आय संबंधी असमानता को दूर करने का प्रयास करता है। इसके लिए यह अमीरों की आय गरीबों में पुनः बाँटता है, धन के संग्रह को रोकता है।
    (iii) समुदाय की वास्तविक जरूरतों की प्राथमिकता – कल्याणकारी राज्य अर्थव्यवस्था को इस प्रकार परिवर्तित करता है जहाँ समाज की वास्तविक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पूँजीवादियों को अधिक लाभ कमाने की मनोवृत्ति पर रोक लग जाय।
    (iv) स्थायी विकास – कल्याणकारी राज्य स्थायी विकास के लिए आर्थिक मंदी और तेजी से मुक्त व्यवस्था सुनिश्चित करता है।
    (v) रोजगार – यह सबके लिए रोजगार उपलब्ध कराता है।

प्र० 8. समाजशास्त्रीय शोध के लिए ‘गाँव’ को एक विषय के रूप में लेने पर एम०एन० श्रीनिवास तथा लुई डयूमों ने इसके पक्ष तथा विपक्ष में क्या तर्क दिए हैं?
उत्तर-

  • एम०एन० श्रीनिवास ने भारतीय गाँवों को समाजशास्त्रीय शोध/अनुसंधान के विषय के रूप में चुनाव किया। इसका कारण यह था कि उनकी रुचि ग्रामीण समाज से जीवनभर बनी रही।
  • उनके लेख दो प्रकार के हैं-गाँवों में किए गए क्षेत्रीय कार्यों का नृजातीय ब्यौरा तथा इन ब्यौरों पर परिचर्चा।
  • दूसरे प्रकार के लेख में सामाजिक विश्लेषण की एक इकाई के रूप में भारतीय गाँव पर ऐतिहासिक और अवधारणात्मक परिचर्चाएँ शामिल हैं।
  • श्रीनिवास का मत था कि गाँव एक आवश्यक सामाजिक पहचान है। इतिहास साक्षी है कि गाँवों ने अपनी एक एकीकृत पहचान बना रखी है। ग्रामीण समाज में ग्रामीण एकता का अत्यधिक महत्व है।
  • श्रीनिवास ने ब्रिटिश प्रशासक मानव वैज्ञानिकों की आलोचना की। इसका कारण यह था कि उन्होंने भारतीय गाँव को स्थिर, आत्मनिर्भर, छोटे गणतंत्र के रूप में चित्रित किया था।
  • गाँव कभी भी आत्मनिर्भर नहीं थे। वस्तुतः वे विभिन्न प्रकार के आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक संबंधों से जुड़े हुए थे।

प्र० 9. भारतीय समाजशास्त्र के इतिहास में ग्रामीण अध्ययन का क्या महत्व है? ग्रामीण अध्ययन को आगे बढ़ाने में एम०एन० श्रीनिवास की क्या भूमिका रही?
उत्तर-

  • भारत गाँवों का देश है।
  • 65 प्रतिशत से अधिक लोग भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करते हैं।
  • यदि हम पाश्चात्य सामाजशास्त्रीयों के अपूर्ण और मिथ्या, तथ्यात्मक एवं शिक्षा संबंधी-जानकारियों को चुनौती देना चाहते हैं, तो गाँवों का अध्ययन आवश्यक है। ब्रिटिश सरकार के औपनिवेशिक हित, विचारधारा और नीतियों को ध्यान में रखते हुए उन्होंने अपना शोध कार्य सम्पन्न किया था।
  • एम०एन० श्रीनिवास ने भारतीय समाज और भारत के ग्रामीण जीवन से संबंधित कुछ विचारों पर महत्वपूर्ण लेख लिखे हैं।
  • एम०एन० श्रीनिवास की रुचि भारतीय गाँव और भारतीय समाज में जीवनभर बनी रही।
  • 1950 – 1960 के दौरान श्रीनिवास ने ग्रामीण समाज से संबंधित विस्तृत नृजातीय व्यौरों का लेखा-जोखा को तैयार करने में सामूहिक परिश्रम को प्रोत्साहित तथा समन्वित किया।

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NCERT Solutions for Class 11 History Chapter 6 The Three Orders (Hindi Medium)

NCERT Solutions for Class 11 History Chapter 6 The Three Orders (Hindi Medium)

NCERT Solutions for Class 11 History Chapter 6 The Three Orders (Hindi Medium)

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अभ्यास प्रश्न (पाठ्यपुस्तक से) (NCERT Textbook Questions Solved)

संक्षेप में उत्तर दीजिए

प्र० 1. फ्रांस के प्रारंभिक सामंती सामाज के दो लक्षणों का वर्णन कीजिए।
उत्तर फ्रांस के प्रारंभिक सामंती समाज के दो लक्षण निम्नलिखित हैं

  • फ्रांसीसी समाज मुख्य रूप से तीन वर्गों में विभाजित था-(i) पादरी, (ii) अभिजात वर्ग, (ii) कृषक वर्ग। पश्चिमी चर्च के अध्यक्ष पोप होते थे और कैथोलिक चर्च से संबंध रखते थे। चर्को तथा पादरियों पर राजा का निंयत्रण नहीं रहता था। अभिजात वर्ग राजा पर निर्भर रहता था, किंतु तृतीय वर्ग की स्थिति अत्यंत दयनीय थी।
  • संसार में सर्वप्रथम सामंतवाद का उदय फ्रांस में हुआ। किसान अपने खेतों पर काम के रूप में सेवा प्रदान करते थे और जरूरत पड़ने पर वे उन्हें सैनिक सुरक्षा प्रदान करते थे।

प्र० 2. जनसंख्या के स्तर में होने वाली लंबी अवधि के परिवर्तनों ने किस प्रकार यूरोप की अर्थव्यवस्था और समाज को प्रभावित किया?
उत्तर कृषि में विस्तार के साथ ही उससे संबद्ध तीन क्षेत्रों-जनसंख्या, व्यापार और नगरों का विस्तार हुआ। यूरोप की
तत्कालीन जनसंख्या जो 1000 ई० में लगभग 420 लाख थी, 1200 ई० में बढ़कर 620 लाख और 1300 ई० में बढ़कर 730 लाख हो गई। बेहतर आहार के कारण लोगों की जीवन की अवधि बढ़ गई। तेरहवीं सदी तक एक औसत यूरोपीय आठवीं सदी की अपेक्षा दस वर्ष ज्यादा जीवन जी सकता था। पुरुषों की अपेक्षा स्त्रियों और बालिकाओं की जीवन अवधि लघु होती थी क्योंकि पुरुषों को बेहतर भोजन मिलता था।

ग्यारहवीं शताब्दी में जब कृषि का विस्तार हुआ और वह अधिक जनसंख्या का भार सहने में सक्षम हुई तो नगरों की तादाद में पुनः बढ़ोतरी होने लगी। नगरों में लोग, सेवा के बजाय लार्डो को, जिनकी भूमि पर वे बसे थे, उन्हें कर देने लगे। नगरों ने कृषक परिवारों के जवान (युवा) सदस्यों को वैतनिक कार्य और लार्ड के नियंत्रण से मुक्ति की अधिक संभावनाएँ प्रदान कीं। तेरहवीं शताब्दी के अंत तक पिछले तीन सौ वर्षों में उत्तरी यूरोप में तेज ग्रीष्म ऋतु का स्थान तीव्र ठंडी ऋतु ने ले लिया। परिणामतः पैदावार की अवधि कम हो गयी और ऊँची भूमि पर फसल उगाना कठिन हो गया। ऑस्ट्रिया व सर्बिया की चाँदी की खानों के उत्पादन में कमी के कारण धातु में कमी आई और इससे व्यापार प्रभावित हुआ। इसके अतिरिक्त, 1347 और 1350 के मध्य लोग प्लेग जैसी महामारी से बुरी तरह प्रभावित हुए। आधुनिक आकलन के आधार पर यूरोप की आबादी का करीब 20% भाग इस दौरान काल-कवलित हो गया जबकि कुछ स्थानों पर मरने वालों की संख्या वहाँ की जनसंख्या के 40% तक थी। इस प्रकार जनसंख्या में परिवर्तनों के फलस्वरूप यूरोप की अर्थव्यवस्था और समकालीन समाज प्रभावित हुआ।

प्र० 3. नाइट एक अलग वर्ग क्यों बने और उनका पतन कब हुआ?
उत्तर यूरोप में नौवीं सदी के दौरान युद्ध अधिकतर होते रहते थे। शौकिया कृषक सैनिक इस युद्ध के लिए पर्याप्त नहीं थे और कुशल अश्वसेना की आवश्यकता थी। इसने एक नए वर्ग को उत्पन्न किया जिसे नाइट कहा जाता था। वे लार्ड से उस प्रकार संबद्ध थे जैसे लार्ड राजा से संबद्ध था। लार्ड नाइट को जमीन देता था तथा उसकी सुरक्षा का वचन देता था। उसके बदले में नाइट अपने लार्ड को एक निश्चित धनराशि देता था और युद्ध में उसकी तरफ से लड़ने का वचन देता था। बारहवीं सदी के शुरुआती वर्षों में नाइट समूह का पतन हो गया।

प्र० 4. मध्यकालीन मठों के प्रमुख कार्य कौन-कौन से थे?
उत्तर मध्यकाल में चर्च के अतिरिक्त धार्मिक गतिविधियों के केंद्र मठ भी थे। मठों को निर्माण आबादी से दूर किया जाता था। मठों में भिक्षु निवास करते थे। वे प्रार्थना करने के अतिरिक्त, अध्ययन-अध्यापन तथा कृषि भी करते थे। मठों का प्रमुख काम एक स्थान से दूसरे स्थान तक धर्म का प्रचार-प्रसार करना था। मठों में अध्ययन के अतिरिक्त अन्य कलाएँ भी सीखी जाती थीं। आबेस हिल्डेगार्ड प्रतिभासंपन्न संगीतज्ञ था। उसने चर्च की प्रार्थनाओं में सामुदायिक गायन की परंपरा के विकास में उल्लेखनीय योगदान दिया। तेरहवीं सदी से भिक्षुओं के कुछेक समूह, जिन्हें फ्रायर कहते थे, मठों में रहने का फैसला किया।

चौदहवीं शताब्दी के प्रारंभिक वर्षों तक मठवाद के महत्त्व, उद्देश्यों के बारे में कुछ शंकाएँ व्यक्त की जाने लगीं। मठों के भिक्षुओं का मुख्य कार्य ईश्वर की आराधना करना तथा जनसाधारण को चर्च के सिद्धांतों के विषय में समझाना था। वे जनसामान्य के नैतिक जीवन को ऊँचा उठाने का कार्य करते थे। उन्हें शिक्षित करने तथा रोगियों की सेवा करने का प्रयास करते थे।

संक्षेप में निबंध लिखिए

प्र० 5. मध्यकालीन फ्रांस के नगर में एक शिल्पकार के एक दिन के जीवन की कल्पना कीजिए और इसका वर्णन | कीजिए।
उत्तर विद्यार्थी अपने अध्यापक की सहायता से स्वयं करने का प्रयत्न करें।

प्र० 6. फ्रांस के सर्फ और रोम के दास के जीवन की दशा की तुलना कीजिए।
उत्तर फ्रांस के सर्फ़ ओर रोम के दास के जीवन में शोषण की प्रमुखता थी, किंतु उन दोनों के जीवन-शैली में कुछ अंतर भी मौजूद थे।

रोमन समाज के तीन प्रमुख वर्गों में से सबसे निचला दर्जा दास वर्ग का था, जिसे पूर्णरूप से सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक स्वतंत्रता के अधिकारों से अलग रखा गया था। उसे सामाजिक न्याय की प्राप्ति नहीं थी। रोमन दासों के साथ पशुओं जैसा व्यवहार किया जाता था। उन्हें जीवन की मूलभूत आवश्यकताओं से भी वंचित रखा गया था, परंतु कालांतर में उच्च वर्ग द्वारा उनके प्रति कुछ सहानुभूति दिखलाई गई। इसके साथ ही, दास-प्रथा का सबसे बुरा प्रभाव वहाँ के समाज पर पड़ा। दासों को लेकर रोमन समाज में प्रायः संघर्ष होते रहते थे। कई बार मनोरंजन के लिए उन्हें जंगली पशुओं के सामने डाल दिया जाता था। दासों की तत्कालीन दशा बद-से-बदतर थी।

फ्रांस में सर्फ़ दास किसान थे और यह किसानों का निम्नतम वर्ग था। इनकी समाज में काफी संख्या थी। उन पर कई प्रकार के प्रतिबंध लगे हुए थे। उदाहरण के लिए, उन्हें अपने मालिकों से खेती के लिए भूमि उपज का एक निश्चित भाग उन्हें देना पड़ता था। सर्कों को अपने भूस्वामियों के खेतों पर बिना पैसे के काम यानी बेगार करना पड़ता था। और मज़दूरी दिए बिना ही उनसे मकान बनवाये जाते थे, लकड़ी कटवाई-चिराई की जाती थी, पानी भराने जैसे घरेलू काम भी करवाये जाते थे। यदि वे आजाद या मुक्त होने का प्रयत्न करते थे तो उन्हें पकड़कर कठोर सजा दी जाती थी। इस प्रकार रोमन दासों वे फ्रांस के सफ़ की जीवन-शैली में कोई विशेष अंतर नहीं था। हम कह सकते हैं कि दोनों का जीवन पशु जैसा ही था।

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