Author name: Raju

NCERT Solutions for Class 6 Social Science Civics Chapter 1 (Hindi Medium)

NCERT Solutions for Class 6 Social Science Civics Chapter 1 (Hindi Medium)

NCERT Solutions for Class 6 Social Science Civics Chapter 1 Understanding Diversity (Hindi Medium)

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पाठ्यपुस्तक के आंतरिक

प्रश्न 1. अपने बारे में निम्नलिखित जानकारी दीजिए : (एन०सी०ई०आर०टी० पाठ्यपुस्तक, पेज-4)

  • बाहर जाते समय मैं …………………… “पहनना पसंद करती हूँ।
  • मैं घर में …………………… में बात करती हैं।
  • मेरा पसंदीदा खेल …………………… है।
  • मुझे …………………… के बारे में किताबें पढ़ना पसंद है।

उत्तर छात्र स्वयं उत्तर दें।

2. समीर एक और समीर दो में कोई तीन अंतर लिखिए। (एन०सी०ई०आर०टी० पाठ्यपुस्तक, पेज-5)
उत्तर समीर एक और समीर दो में अंतर

  1. समीर एक को अंग्रेजी ज्यादा अच्छी आती है, वहीं समीर दो हिंदी बोलता है।
  2. समीर एक हिंदू है, वहीं समीर दो मुसलमान है।
  3. समीर एक ने स्कूल में पढ़ाई की थी जबकि समीर दो को स्कूल जाने का मौका मिला ही नहीं। वह अखबार बेचता था।

3. क्या ये अंतर उन्हें दोस्त बनने से रोक पाए? (एन०सी०ई०आर०टी० पाठ्यपुस्तक, पेज-5)
उत्तर दोनों की भाषाएँ अलग थी फिर भी दोनों ने एक-दूसरे से बात की, क्योंकि उनके लिए बात करना महत्त्वपूर्ण था। दोनों की धार्मिक व सांस्कृतिक पृष्ठभूमियाँ भी अलग थीं, फिर भी दोनों ने दोस्ती की, क्योंकि दोनों दोस्ती करना चाहते थे। इस प्रकार ये अंतर उन्हें दोस्त बनने से नहीं रोक पाए।

4. उन त्योहारों की सूची बनाइए जो हो सकता है कि समीर एक और समीर दो मनाते हों : (एन०सी०ई०आर०टी० पाठ्यपुस्तक, पेज-6)
उत्तर

  • समीर एक – होली, दीपावली, दुर्गापूजा, दशहरा, रक्षाबंधन इत्यादि।
  • समीर दो – ईद, मुहर्रम, बकरीद, पैगंबर मुहम्मद का जन्मदिन इत्यादि।

5. क्या आप ऐसी किसी परिस्थिति के बारे में सोच सकती हैं जब आपने उससे दोस्ती की जो आप से बहुत अलग हो? इसका वर्णन एक कहानी के रूप में कीजिए। (एन०सी०ई०आर०टी० पाठ्यपुस्तक, पेज-6)
उत्तर छात्र स्वयं करें।

6. समीर दो स्कूल क्यों नहीं जाता था? आपकी राय में अगर क्ह स्कूल जाना चाहता तो क्या जा पाता? क्या यह सही है कि कुछ बच्चे स्कूल जा पाते हैं और कुछ जा ही नहीं पाते? इस पर चर्चा करें। (एन०सी०ई०आर०टी० पाठ्यपुस्तक, पेज-6)
उत्तर समीर दो गरीब होने के कारण स्कूल नहीं जा पाया, इसलिए वह छोटी उम्र में ही अखबार बेचने का काम करने लगा। वह स्कूल जाना चाहता तो भी नहीं जा सकता था, क्योंकि उसके पास अवसर नहीं थे, संसाधन नहीं थे। हाँ, यह बात सही है कि कुछ बच्चे स्कूल जा पाते हैं और कुछ बच्चे स्कूल नहीं जा पाते हैं।

7. सूची बनाइए कि आपने भारत के अलग-अलग प्रांतों के कौन-कौन से व्यंजन खाए हैं। (एन०सी०ई०आर०टी० पाठ्यपुस्तक, पेज-7)
उत्तर कढी चावल, छोले भटूरे, इडली सांभर, डोसा, मक्का की रोटी सरसों का साग, ढोकला, खाण्डवी, बड़ा सांभर, चिकन, बिरयानी इत्यादि।

8. अपनी मातृभाषा के अलावा उन भाषाओं की सूची बनाइए जिनके आप कुछ शब्द भी जानती हैं। (एन०सी०ई०आर०टी० पाठ्यपुस्तक, पेज-7)
उत्तर छात्र स्वयं करें।

9. क्या आप सोचती हैं कि आपको ऐसी जगह में रहने में मजा आएगा? उन पाँच चीजों की सूची बनाइए जिनकी कमी ऐसी जगह में सबसे ज्यादा खलेगी। (एन०सी०ई०आर०टी० पाठ्यपुस्तक, पेज-8)
उत्तर निम्नलिखित पाँच चीजों की कमी खलेगी

  1. रंगों की कमी।
  2. खाने-पीने की विभिन्न प्रकार की चीजों की कमी।
  3. पशु-पक्षियों के प्रकारों में विविधता की कमी।
  4. खेलों में विविधता की कमी।
  5. मनोरंजन के साधनों में विविधता की कमी।

10. भारत के लोग विविध तरीकों से नीचे लिखे काम करते हैं। यहाँ उसमें से एक तरीका बताया गया है। दो और तरीके लिखिए। (एन०सी०ई०आर०टी० पाठ्यपुस्तक, पेज-8)

NCERT Solutions for Class 6 Social Science Civics Chapter 1 (Hindi Medium) 1

उत्तर

NCERT Solutions for Class 6 Social Science Civics Chapter 1 (Hindi Medium) 2

11. एटलस में भारत का नक्शा देखिए और उसमें ढूंढ़िए कि ये दोनों क्षेत्र-लद्दाख तथा केरल कहाँ पर हैं। इन दोनों क्षेत्रों की भौगोलिक स्थितियाँ वहाँ के भोजन, कपड़े और व्यवसाय/पेशे को कैसे प्रभावित करती हैं? उनकी सूची बनाइए। (एन०सी०ई०आर०टी० पाठ्यपुस्तक, पेज-9)
उत्तर
लद्दाख –
भौगोलिक स्थिति – जम्मू और कश्मीर के पूर्वी हिस्से में पहाड़ियों में बसा एक ठंडा रेगिस्तानी इलाका है।
भोजन – लोग दूध से बने पदार्थ; जैसे-मक्खन, चीज (खास तरह का छेना) एवं मांस खाते हैं।
कपड़े – लद्दाख के लोग ऊनी वस्त्र पहनते हैं।
व्यवसाय – लोग खास किस्म की भेड़ पालते हैं जिससे पश्मीना ऊन मिलती है, जिसे ये लोग इकट्ठा करके व्यापारियों को बेचते हैं।
केरल –
भौगोलिक स्थिति – भारत के दक्षिण-पश्चिमी कोने में बसा हुआ राज्य है। इसके तरफ समुद्र तथा दूसरी तरफ पहाड़ियाँ हैं।
भोजन – लोग मछली, सब्ज़ी और चावल खाते हैं।
कपड़े – लोग सूती कपड़े पहनते हैं, क्योंकि यह क्षेत्र भूमध्य रेखा के करीब है, इसलिए यहाँ गर्मी अधिक होती है।
व्यवसाय – केरल के लोगों का मुख्य व्यवसाय खेती करना तथा मछली पकड़ना है।

12. कविता

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आपके अनुसार उपरोक्त कविता की किन पंक्तियों में भारत की एकता की झलक मिलती है।
उत्तर हिंदू औ’ मुस्लिमों की, होती है आज होली
बहते हैं एक रंग में, दामन भीगो के जाना।
इन पंक्तियों में भारत की एकता की झलक मिलती है।

13. रवीन्द्रनाथ टैगोर द्वारा रचित हमारा राष्ट्रगान भी भारतीय एकता की ही एक अभिव्यक्ति है। राष्ट्रगान किस तरह से एकता का वर्णन करता है, इसे अपने शब्दों में लिखिए। (एन०सी०ई०आर०टी० पाठ्यपुस्तक, पेज-13)
उत्तर हमारा राष्ट्रगान भारतीय एकता व प्रभुसत्ता की अभिव्यक्ति है। राष्ट्रगान को हमारे देश के विभिन्न भागों में पूरे सम्मान के साथ गाया जाता है। देश के किसी भाग में राष्ट्रीय त्योहार मनाया जाता है तो राष्ट्रगान को सम्मानपूर्वक गाया जाता है।

प्रश्न-अभ्यास
(पाठ्यपुस्तक से)

1. अपने इलाके में मनाए जाने वाले विभिन्न त्योहारों की सूची बनाइए। इनमें से कौन-से त्योहार सभी समुदायों द्वारा मनाए जाते हैं?
उत्तर त्योहारों की सूची-लोहड़ी, बुद्ध पूर्णिमा, ओणम, गांधी जयंती, गुरुनानक जयंती, गणतंत्र दिवस, गुड फ्राइडे, स्वतंत्रता दिवस, दशहरा, दीपावली, ईद, बकरीद, क्रिसमस इत्यादि।
सभी समुदाय द्वारा मनाए जाने वाले त्योहार-गांधी जयंती, स्वतंत्रता दिवस।

2. आपके विचार में भारत की समृद्ध एवं विविध विरासत आपके जीवन को कैसे बेहतर बनाती है।
उत्तर भारत विविधताओं का देश है। यहाँ विभिन्न जातियों, भाषाओं, धर्मों आदि के लोग रहते हैं। खान-पान, रहन-सहन के ढंग और पहनावे में भी उनमें विभिन्नता देखी जा सकती है। इस प्रकार भारत की विविध विरासत हमारे जीवन को बेहतर बनाती है। हम जब विभिन्न लोगों के संपर्क में आते हैं, उनसे मित्रता करते हैं, उनके साथ पढ़ते हैं, काम करते हैं तो हम उनकी भाषा, उनका रहन-सहन उनके पहनावे के बारे में जानते हैं और उनसे कुछ नया सीखते हैं। इस तरह भाषा, भोजन संस्कृति का आदान-प्रदान होता है और धीरे-धीरे एक मिश्रित संस्कृति यानी मिली-जुली संस्कृति उभरती है जिससे हमारा जीवन बेहतर बनता है।

3. आपके अनुसार ‘अनेकता में एकता’ का विचार भारत के लिए कैसे उपयुक्त है? भारत की खोज किताब से लिए गए इस वाक्यांश में नेहरू भारत की एकता के बारे में क्या कहना चाह रहे हैं?
उत्तर भारत की विविधता या अनेकता को उसकी ताकत का स्रोत माना गया है। जब अंग्रेजों का भारत पर शासन था तो विभिन्न धर्म, भाषा और क्षेत्र की महिलाओं और पुरुषों ने अंग्रेजों के खिलाफ मिलकर लड़ाई लड़ी थी। भारत के स्वतंत्रता संग्राम में अलग-अलग परिवेशों के लोग शामिल थे। उन्होंने एकजुट होकर आंदोलन किया, इकट्ठ जेल गए और अंग्रेजों को अलग-अलग तरीकों से विरोध किया। लोगों ने दिखा दिया कि वे एक-दूसरे से चाहे कितने ही भिन्न हो, अंग्रेजों के खिलाफ लड़ी जाने वाली लड़ाई में वे सब एक हैं।

जवाहरलाल नेहरू ने अपनी किताब ‘भारत की खोज में लिखा कि भारतीय एकता कोई बाहर से थोपी हुई चीज है, बल्कि यह बहुत ही गहरी है जिसके अंदर अलग-अलग तरह के विश्वास और प्रथाओं को
स्वीकार करने की भावना है। इसमें विविधता को पहचाना और प्रोत्साहित किया जाता है।”

4. जलियाँवाला बाग हत्याकांड के ऊपर लिखे गए गाने की उस पंक्ति को चुनिए जो आपके अनुसार भारत की एकता को निश्चित रूप से झलकाती है।
उत्तर दिन खून के हमारे ………………………………………. प्यारे बहा के जाना।
यह जालियाँवाला बाग हत्याकांड के बाद अमृतसर में गाया गया था। गाने की निम्नलिखित पंक्तियाँ
हिंदू-मुस्लिम एकता को निश्चित रूप से झलकाती हैं
हिंदू औ’ मुस्लिमों की, होती है आज होली ।
बहते हैं एक रंग में दामन भीगो के जाना।

5. लद्दाख एवं केरल की तरह भारत का कोई एक क्षेत्र चुनिए और अध्ययन कीजिए कि कैसे उस क्षेत्र की विविधता को ऐतिहासिक और भौगोलिक कारकों ने प्रभावित किया है। क्या ये ऐतिहासिक एवं भौगोलिक कारक आपस में जुड़े हुए हैं? कैसे?
उत्तर छात्र स्वयं करें।

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NCERT Solutions for Class 11 Geography Practical Work in Geography Chapter 8

NCERT Solutions for Class 11 Geography Practical Work in Geography Chapter 8 (Hindi Medium)

NCERT Solutions for Class 11 Geography Practical Work in Geography Chapter 8 Weather Instruments Maps and Charts (Hindi Medium)

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[NCERT TEXTBOOK QUESTIONS SOLVED] (पाठ्यपुस्तक से हल प्रश्न)

प्र० 1. बहुवैकल्पिक प्रश्न
(i) प्रत्येक दिन के लिए भारत के मौसम मानचित्र का निर्माण कौन-सा विभाग करता है?
(क) विश्व मौसम संगठन
(ख) भारतीय मौसम विभाग
(ग) भारतीय सर्वेक्षण विभाग
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर- (ख) भारतीय मौसम विभाग

(ii) उच्च एवं निम्न तापमापी में कौन-से दो द्रवों का प्रयोग किया जाता है?
(क) पारा एवं जल
(ख) जल एवं अल्कोहल
(ग) पारा एवं अल्कोहल
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर- (ग) पारा एवं अल्कोहल

(iii) समान दाब वाले स्थानों को जोड़ने वाली रेखाओं को क्या कहा जाता है?
(क) समदाब रेखाएँ
(ख) समवर्षा रेखाएँ।
(ग) समताप रेखाएँ
(घ) आइसोहेल रेखाएँ।
उत्तर- (क) समदाब रेखाएँ

(iv) मौसम पूर्वानुमान का प्राथमिक यंत्र है
(क) तापमापी
(ख) दाबमापी
(ग) मानचित्र
(घ) मौसम चार्ट
उत्तर- (घ) मौसम चार्ट

(v) अगर वायु में आर्द्रता अधिक है, तब आई एवं शुष्क बल्ब के बीच पाठ्यांक का अंतर होगा
(क) कम।
(ख) अधिक
(ग) समान
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर- (क) कम।

प्र० 2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 30 शब्दों में दें
(i) मौसम के मूल तत्व क्या हैं?
उत्तर- मौसम के मूल तत्वों में तापमान, वायुदाब, पवन, आर्द्रता तथा मेघमयता आदि प्रमुख हैं।

(ii) मौसम चार्ट क्या है?
उत्तर- विभिन्न मौसम वेधशालाओं में प्राप्त आँकड़े पर्याप्त एवं विस्तृत होते हैं। अतः ये एक चार्ट पर बिना कोडिंग के नहीं दिखाए जा सकते। कोडिंग के द्वारा कम स्थान में सूचनाएँ देकर चार्ट की उपयोगिता बढ़ जाती है। इन्हें सिनाप्टिक मौसम चार्ट कहते हैं। तथा जो कोड प्रयोग में लाए जाते हैं, उन्हें मौसम विज्ञान प्रतीक कहते हैं। मौसम पूर्वानुमान के लिए। मौसम चार्ट प्राथमिक यंत्र हैं। ये विभिन्न वायुराशियों, वायुदाब यंत्रों, वाताग्रों तथा वर्षण के क्षेत्रों की अवस्थिति जानने एवं पहचानने में सहयोग करते हैं।

(iii) वर्ग 1 की वेधशालाओं में सामान्यतः कौन-सा यंत्र मौसम परिघटनाओं को मापने के लिए होता है?
उत्तर- उच्चतम वर्ग 1 है। वर्ग 1 की वेधशालाओं में जिन विशिष्ट यंत्रों की सुविधा होती है, वे निम्नलिखित हैं :
(i) अधिकतम एवं न्यूनतम तापमापी
(ii) पवनवेगमापी तथा वात दिग्दर्शी
(iii) शुष्क एवं आर्द्र बल्ब तापमापी
(iv) वर्षामापी
(v) वायुदाबमापी

(iv) समताप रेखाएँ क्या हैं?
उत्तर- मानचित्र पर खींची गई वह काल्पनिक रेखा जो समुद्रतल के अनुसार समान तापमान वाले स्थानों को मिलाती है।

(v) निम्नलिखित को मौसम मानचित्र पर चिह्नित करने के लिए किस प्रकार के मौसम प्रतीकों का प्रयोग किया जाता है?
(क) धुंध
(ख) सूर्य का प्रकाश
(ग) तड़ित
(घ) मेघों में ढका आकाश
उत्तर- (क) धुंध ∞
(ख) सूर्य का प्रकाश Θ
(ग) तड़ित झंझा
(घ) मेघों में ढका आकाश

प्र० 3. निम्न प्रश्न का उत्तर लगभग 125 शब्दों में दें|
(i) मौसम मानचित्रों एवं चार्यों को किस प्रकार तैयार किया जाता है तथा ये हमारे लिए कैसे उपयोगी हैं?
उत्तर- मौसम मानचित्रों एवं चार्टी को निम्न प्रकार से तैयार किया जाता है

मौसम मानचित्र – मौसम मानचित्र पृथ्वी या उसके किसी भाग के मौसमी परिघटनाओं का समतल धरातल पर प्रदर्शन है। ये एक निश्चित दिन में, विभिन्न मौसम तत्वों जैसे-तापमान, वर्षा, सूर्य का प्रकाश, मेघमयता, वायु की दिशा एवं वेग इत्यादि की अवस्थाओं के बारे में बताता है। सन् 1688 में एडमंड हिलेरी ने 30 उत्तर एवं दक्षिण अक्षांशों के लिए एक मानचित्र का प्रकाशन किया, जिसमें व्यापारिक पवनों तथा प्रचलित मानसून पवनों की दिशाओं में प्रदर्शित किया गया था। निश्चित घंटों पर लिए गए प्रेक्षणों को कोड के द्वारा पूर्वानुमान केंद्रों पर प्रेषित किया जाता है। केन्द्रीय कार्यालय इन सूचनाओं का अभिलेख रखता है, जिसके आधार पर मौसम मानचित्र बनाए जाते हैं। ऊपरी वायु प्रेक्षणों को पहाड़ी स्टेशनों, वायुयानों, पायलट-गुब्बारों आदि के द्वारा प्राप्त करके अलग से अंकित किया जाता है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की स्थापना के बाद से ही मौसम मानचित्रों एवं चार्यों को नियमित रूप में तैयार किया जाता है। मौसम वेधशालाएँ आँकड़ों को पुणे स्थित केंद्रीय वेधशाला को दिन में दो बार भेजती हैं।

मौसम मानचित्र की उपयोगिता- किसी स्थान के तापमान, वर्षा, मेघमयता, वायु की दिशा एवं वेग इत्यादि की जानकारी मौसम मानचित्र से मिलती है। समुद्री मछुआरे, समुद्री जहाजी, किसान और आम जनता भी मौसम मानचित्र से लाभान्वित होते हैं। मौसम चार्ट- विभिन्न मौसम वेधशालाओं से प्राप्त आँकड़े पर्याप्त एवं विस्तृत होते हैं। अतः ये एक चार्ट पर बिना कोडिंग के नहीं दिखाए जा सकते। कोडिंग के द्वारा कम स्थाने में सूचनाएँ देकर चार्ट की उपयोगिता बढ़ जाती है। इन्हें सिनाप्टिक मौसम चार्ट करते हैं तथा जो कोड प्रयोग में लाए जाते हैं, उन्हें मौसम विज्ञान प्रतीक कहते हैं। मौसम पूर्वानुमान के लिए मौसम चार्ट प्राथमिक यंत्र है। इसकी उपयोगिता विभिन्न वायु-राशियों, वायुदाब यंत्रों, वाताग्रों तथा वर्षण के क्षेत्रों की अवस्थिति जानने एवं पहचानने में होती है।

प्र० 4. मानचित्र 1 एवं 2 का अध्ययन एवं निम्नलिखित प्रश्नों के उतर दें
NCERT Solutions for Class 11 Geography Practical Work in Geography Chapter 8 (Hindi Medium) 4
NCERT Solutions for Class 11 Geography Practical Work in Geography Chapter 8 (Hindi Medium) 4.1
(i) इन मानचित्रों में किन ऋतुओं को दर्शाया गया है?
(ii) चित्र 1 में अधिकतम समदाब रेखा का मान क्या है। तथा यह देश के किस भाग से गुजर रही है?
(iii) चित्र 2 में सबसे अधिक एवं सबसे न्यून समदाब रेखाओं का मान क्या है तथा ये कहाँ स्थित हैं?
(iv) दोनों मानचित्रों में तापमान वितरण का प्रतिरूप क्या है?
(v) चित्र 1 में किस भाग का अधिकतम औसत तापमान तथा न्यूनतम औसत तापमान आप देखते हैं?
(vi) दोनों मानचित्रों में आप तापमान वितरण एवं वायुदाब के बीच क्या संबंध देखते हैं?
उत्तर-
(i) इन मानचित्रों में शीत ऋतु और वर्षा ऋतु (आगे बढ़ता हुआ मानसून) को दर्शाया गया है।
(ii) चित्र 1 में समदाब रेखा का अधिकतम मान 1020 मिलीबार है। यह देश के उत्तरी-पश्चिमी भाग से गुजर रही है।
(iii) चित्र 2 में समदाब रेखा का सबसे अधिक मान 1010 मिलीबार एवं सबसे न्यून मान 996 मिलीबार है। सबसे अधिक माने वाली समदाब रेखा लक्षद्वीप और केरल के तटवर्ती भाग के समीप तथा सबसे न्यून माम वाली समदाब रेखा पाकिस्तान में स्थित है।
(iv) चित्र 1 में जनवरी में दक्षिण भारत का तापमान 20° और उत्तर भारत का तापमान 10° से 15° सेंटीग्रेड के बीच है तथा चित्र 2 में जुलाई में दक्षिण भारत और उत्तर भारत का तापमान 20° से 30° सेंटीग्रेड के बीच है।
(v) चित्र 1 में दक्षिण भारत में अधिकतम औसत तापमान तथा हिमालय पर्वतीय भाग में न्यूनतम औसत तापमान देखने को मिलता है।
(vi) तापमान बढ़ता है तो वायुदाब कम होता जाता है।

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NCERT Solutions for Class 10 Social Science Economics Chapter 2 Sectors of Indian Economy (भारतीय अर्थव्यवस्था के क्षेत्रक)

NCERT Solutions for Class 10 Social Science Economics Chapter 2 Sectors of Indian Economy (Hindi Medium)

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प्रश्न अभ्यास

पाठ्यपुस्तक से

संक्षेप में लिखें

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिएप्रश्न

प्रश्न 1. कोष्ठक में दिए गए सही विकल्प का प्रयोग कर रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए

(क) सेवा क्षेत्रक में रोजगार में उत्पादन के समान अनुपात में वृद्धि………………। (हुई है/नहीं हुई है)
(ख) ……………..क्षेत्रक के श्रमिक वस्तुओं का उत्पादन नहीं करते हैं। (तृतीयक/कृषि)
(ग) ………………..क्षेत्रक के अधिकांश श्रमिकों को रोजगार-सुरक्षा प्राप्त होती है। (संगठित/असंगठित)
(घ) भारत में………………संख्या में श्रमिक असंगठित क्षेत्रक में काम कर रहे हैं। (बड़ी/छोटी)
(ङ) कपास एक. ……………उत्पाद है और कपड़ा एक……………….उत्पाद है। (प्राकृतिक/विनिर्मित)
(च) प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक क्षेत्रक की गतिविधियाँ…………….हैं। (स्वतंत्र/परस्पर निर्भर)

उत्तर (क) नहीं हुई है (ख) कृषि (ग) संगठित (घ) बड़ी (ङ) प्राकृतिक, विनिर्मित (च) परस्पर निर्भर ।

प्रश्न 2. सही उत्तर का चयन करें

(अ) सार्वजनिक और निजी क्षेत्रक आधार पर विभाजित हैं।
(क) रोजगार की शर्ते
(ख) आर्थिक गतिविधि के स्वभाव
(ग) उद्यमों के स्वामित्व
(घ) उद्यम में नियोजित श्रमिकों की संख्या

(ब) एक वस्तु का अधिकांशतः प्राकृतिक प्रक्रिया से उत्पादन …………….. क्षेत्रक की गतिविधि है।

(क) प्राथमिक
(ख) द्वितीयक
(ग) तृतीयक
(घ) सूचना प्रौद्योगिकी

(स) किसी विशेष वर्ष में उत्पादित …………….. “के मूल्य के कुल योगफल को जी०डी०पी० कहते हैं।

(क) सभी वस्तुओं और सेवाओं
(ख) सभी अंतिम वस्तुओं और सेवाओं
(ग) सभी मध्यवर्ती वस्तुओं और सेवाओं
(घ) सभी मध्यवर्ती एवं अंतिम वस्तुओं और सेवाओं

(द) जी०डी०पी० के मदों में वर्ष 2003 में तृतीयक क्षेत्र की हिस्सेदारी …………….. है।

(क) 20 प्रतिशत से 30 प्रतिशत के बीच
(ख) 30 प्रतिशत से 40 प्रतिशत के बीच
(ग) 50 प्रतिशत से 60 प्रतिशत के बीच
(घ) 70 प्रतिशत ।

उत्तर (अ) (ग) उद्यमों के स्वामित्व, (ब) (क) प्राथमिक, (स) (घ) सभी मध्यवर्ती एवं अंतिम वस्तुओं और सेवाओं, (द) (ग) 50 प्रतिशत से 60 प्रतिशत के बीच

प्रश्न 3. निम्नलिखित को सुमेलित कीजिए

कृषि क्षेत्रक की समस्याएँ

1. असिंचित भूमि
2. फसलों का कम मूल्य
3. कर्ज भार
4. मंदी काल में रोजगार का अभाव
5. कटाई के तुरंत बाद स्थानीय व्यापारियों को अपना अनाज बेचने की विवशता

कुछ संभावित उपाय

(अ) कृषि-आधारित मिलों की स्थापना
(ब) सहकारी विपणन समिति
(स) सरकार द्वारा खाद्यान्नों की वसूली
(द) सरकार द्वारा नहरों का निर्माण
(य) कम ब्याज पर बैंकों द्वारा साख उपलब्ध कराना।

उत्तर 1. (द) 2. (ब) 3. (य) 4. (अ) 5. (स) ।

प्रश्न 4. असंगत की पहचान करें और बताइए क्यों?

(क) पर्यटन-निर्देशक, धोबी, दर्जी, कुम्हार
(ख) शिक्षक, डॉक्टर, सब्जी विक्रेता, वकील
(ग) डाकिया, मोची, सैनिक, पुलिस कांस्टेबल
(घ) एम०टी०एन०एल०, भारतीय रेल, एयर इंडिया, सहारा एयरलाइन्स, ऑल इंडिया रेडियो ।

उत्तर
(क) पर्यटन-निर्देशक असंगत है, क्योंकि धोबी, दर्जी, कुम्हारे आर्थिक गतिविधियों में लगे हैं जिससे उन्हें धन प्राप्त हो रहा है जबकि पर्यटन-निर्देशक अनार्थिक क्रिया कर रहा है।
(ख) सब्जी विक्रेता असंगत है, क्योंकि बाकी तीनों तृतीयक क्षेत्रक में लगे हैं, जबकि सब्जी विक्रेता तृतीयक क्षेत्रक में नहीं आता।
(ग) मोची असंगत हैं, क्योंकि डाकिया, सैनिक, पुलिस कांस्टेबल सार्वजनिक क्षेत्रक में आते हैं जबकि मोची निजी क्षेत्रक में है।

प्रश्न 5. एक शोध छात्र ने सूरत शहर में काम करने वाले लोगों से मिलकर निम्न आँकड़े जुटाए

NCERT Solutions for Class Class 10 Social Science Economics Chapter 2 (Hindi Medium) 1

उत्तर
NCERT Solutions for Class Class 10 Social Science Economics Chapter 2 (Hindi Medium) 2
इस शहर में असंगठित क्षेत्रक में श्रमिकों की संख्या 70 प्रतिशत है।

प्रश्न 6. क्या आप मानते हैं कि आर्थिक गतिविधियों का प्राथमिक, द्वितीयक एवं तृतीयक क्षेत्र में विभाजन की उपयोगिता है? व्याख्या कीजिए कि कैसे?
उत्तर  समाज में लोग अपनी आजीविका कमाने के लिए विभिन्न प्रकार की आर्थिक गतिविधियों में लगे रहते हैं। कोई वस्तुओं का उत्पादन करता है, कोई वस्तुओं को बेचता है या फिर अन्य काम में लगे रहते हैं। इन सब आर्थिक क्रियाओं को तभी समझा जा सकता है जब उन्हें विभिन्न वर्गों में विभाजित किया जाए। इसलिए विभिन्न आर्थिक क्रियाओं को प्राथमिक, द्वितीयक तथा तृतीयक क्षेत्र में बाँट कर उन्हें समझने का प्रयास किया गया है। प्राथमिक क्षेत्र में केवल वे क्रियाएँ शामिल की गई हैं जो प्राकृतिक संसाधनों का प्रयोग करके ही की जा सकती हैं, जैसे-कृषि कार्य, पशुपालन आदि। द्वितीयक क्षेत्र में वे क्रियाएँ शामिल हैं जो प्राथमिक क्षेत्र के संसाधनों का प्रयोग करके विभिन्न वस्तुओं का निर्माण करती हैं, जैसे-गन्ने से चीनी बनाना तथा कपास से कपड़ा तैयार करना । तृतीयक क्षेत्र में किसी वस्तु का निर्माण न करके केवल सेवाएँ प्रदान की जाती हैं, जैसे-बैंकिंग, परिवहन तथा संचार सेवाएँ आदि। ये महत्वपूर्ण क्रियाएँ हैं क्योंकि अन्य दोनों प्रकार की क्रियाओं का विकास इन्हीं पर निर्भर करता है।

प्रश्न 7. इस अध्याय में आए प्रत्येक क्षेत्रकों को रोजगार और सकल घरेलू उत्पाद (जी०डी०पी० ) पर ही क्यों केन्द्रित करना चाहिए? चर्चा करें।
उत्तर इस अध्याय में आए प्रत्येक क्षेत्र को रोजगार और सकल घरेलू उत्पाद पर ही केंद्रित करना चाहिए क्योंकि ये दोनों, रोजगार और सकल घरेलू उत्पाद में वृद्धि आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है। यही हमारी पंचवर्षीय योजनाओं के प्राथमिक लक्ष्य भी रहे हैं। हमने जाना कि तीनों क्षेत्रकों का सकल घरेलू उत्पाद और रोजगार में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। समय के साथ-साथ तीनों क्षेत्रकों के योगदान में वृद्धि हुई है। परंतु सकल घरेलू उत्पाद में सबसे अधिक योगदान तृतीयक क्षेत्र का रहा है। हम जानते हैं कि रोजगार सभी क्षेत्रों में बढ़ा है किंतु अभी भी भारत की लगभग 60% जनता प्राथमिक क्षेत्रक में लगी हुई है। यह सारी जानकारी हमें तभी मिल पाई है जब हमने उनका सकल घरेलू उत्पाद तथा रोजगार के क्षेत्र में मूल्यांकन कर लिया है। इसके अतिरिक्त प्रत्येक क्षेत्र को सकल घरेलू उत्पाद और रोजगार से जोड़कर कई लक्ष्य प्राप्त किए जा सकते हैं जैसे-गरीबी निवारण आधुनिक तकनीक का विकास तथा आर्थिक क्षेत्र में विकास की असमानताओं को
कम करना आदि। प्रश्न

8. जीविका के लिए काम करनेवाले अपने आसपास के वयस्कों के सभी कार्यों की लंबी सूची बनाइए। उन्हें आप किस तरीके से वर्गीकृत कर सकते हैं? अपने उत्तर की व्याख्या कीजिए।
उत्तर जीविका के लिए काम करने वाले आस-पास के वयस्कों को हम निम्नलिखित आधार पर वर्गीकृत कर सकते हैं
(क) कार्य की प्रकृति के आधार पर वर्गीकरण

  1. प्राथमिक क्षेत्र-वे सभी आर्थिक क्रियाएँ जो प्राकृतिक संसाधनों के प्रयोग द्वारा की जाती हैं उन्हें प्राथमिक क्षेत्र में रखा जाता है, जैसे-कृषि कार्य, खनन कार्य, मत्स्य पालन आदि।
  2. द्वितीयक क्षेत्र-इस क्षेत्र में प्राथमिक क्षेत्र से प्राप्त विभिन्न उत्पादों का प्रयोग करके विभिन्न उपयोगी वस्तुओं का निर्माण किया जाता है, जैसे-कपास से कपड़ा बनाना, गन्ने से चीनी बनाना आदि ।
  3. तृतीयक क्षेत्र-इस क्षेत्र में किसी वस्तु का निर्माण नहीं किया जाता बल्कि सेवाएँ प्रदान की जाती हैं। ये सेवाएँ प्राथमिक तथा द्वितीयक क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसके अंतर्गत बैंकिंग, बीमा, रेलवे संचार एवं परिवहन आदि को शामिल किया जाता है।

(ख) रोजगार की दशाओं के आधार पर वर्गीकरण- रोजगार की दशाएँ किस प्रकार की हैं इस आधार पर हम इसे दो भागों में बाँट सकते हैं। 1. संगठित क्षेत्र तथा 2. असंगठित क्षेत्र ।

1. संगठित क्षेत्र-इसमें वे गतिविधियाँ आती हैं जिनमें रोजगार की अवधि नियमित होती है तथा इन्हें सरकारी नियमों को मानना पड़ता है।
2. असंगठित क्षेत्र-ये क्षेत्र सरकारी नियंत्रण से बाहर होता है। इसमें रोजगार की अवधि तथा नियम, उपनिय आदि निश्चित नहीं होते।

(ग) उद्योगों के स्वामित्व के आधार पर वर्गीकरण- विभिन्न औद्योगिक इकाइयाँ किसके स्वामित्व में हैं इस आधार पर इनका वर्गीकरण सार्वजनिक तथा निजी उद्योगों में किया जा सकता है। उपरोक्त आधारों पर हम अपने आस-पास के लोगों को इस प्रकार से सूचीबद्ध कर सकते हैं
1. किसान
2. सरकारी स्कूल के अध्यापक
3. वकील
4. दर्जी
5. धोबी
6. डाकिया
7. श्रमिक
8. लिपिक

प्राथमिक क्षेत्र
तृतीयक, संगठित, सार्वजनिक क्षेत्र
तृतीयक, संगठित, सार्वजनिक क्षेत्र
तृतीयक, असंगठित, सार्वजनिक क्षेत्र
तृतीयक, असंगठित, निजी क्षेत्र
तृतीयक, संगठित, सार्वजनिक क्षेत्र
तृतीयक, संगठित, निजी क्षेत्र
तृतीयक, संगठित, सार्वजनिक क्षेत्र प्रश्न

9. तृतीयक क्षेत्रक अन्य क्षेत्रकों से भिन्न कैसे हैं? सोदाहरण व्याख्या कीजिए।
उत्तर प्राथमिक और द्वितीयक क्षेत्रकों में किसी वस्तु का निर्माण किया जाता है जबकि तृतीयक क्षेत्र में किसी वस्तु का उत्पादन नहीं
किया जाता बल्कि सेवाएँ प्रदान की जाती हैं। तृतीयक क्षेत्रक की गतिविधियाँ प्राथमिक और द्वितीयक क्षेत्रक के विकास में मदद करती हैं। जैसे-प्राथमिक और द्वितीयक क्षेत्रक में उत्पादित वस्तुओं को ट्रकों और ट्रेनों द्वारा एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाना तथा बाजार में बेचना आदि तृतीयक क्षेत्रक के द्वारा किया जाता है। प्राथमिक व द्वितीयक क्षेत्रक की क्रियाओं में बैंकों, टेलीफोन, बीमा कंपनियों की आवश्यकता होती है। ये सभी तृतीयक क्षेत्रकों के उदाहरण हैं। इस प्रकार तृतीयक क्षेत्रक सेवाएँ प्रदान करता है जिनका उपयोग प्राथमिक व द्वितीयक क्षेत्रक की क्रियाओं के विकास के लिए किया जाता है।

प्रश्न 10. प्रच्छन्न बेरोजगारी से आप क्या समझते हैं? शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों से उदाहरण देकर व्याख्या कीजिए।
उत्तर प्रच्छन्न बेरोजगारी से अभिप्राय ऐसी परिस्थिति से है जिसमें लोग प्रत्यक्ष रूप से काम करते दिखाई दे रहे हैं किंतु वास्तव में उनकी उत्पादकता शून्य होती है। अर्थात् यदि उन्हें उनके काम से हटा दिया जाए तो भी कुल उत्पादकता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। भारत के गाँवों में कृषि क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर प्रच्छन्न बेरोजगारी पाई जाती है। जैसे-भूमि के एक छोटे से टुकड़े पर जरूरत से ज्यादा श्रमिक काम करते हैं क्योंकि उनके पास कोई और काम नहीं होता। इससे प्रच्छन्न बेरोजगारी की स्थिति पैदा होती है। इसी प्रकार शहरों में प्रच्छन्न बेरोजगारी छोटी दुकानों में तथा छोटे व्यवसायों में पाई जाती है।

प्रश्न 11. खुली बेरोजगारी एवं प्रच्छन्न बेरोजगारी के बीच विभेद कीजिए।
उत्तर  खुली बेरोजगारी- वह परिस्थिति जिसमें किसी देश में श्रम शक्ति तो अधिक होती है किंतु औद्योगिक ढाँचा छोटा होता है, वह सारी श्रम शक्ति को नहीं खपा पाता अर्थात् श्रमिक काम करना चाहता है किंतु उसे काम नहीं मिलता। यह बेरोजगारी भारत के अधिकतर औद्योगिक क्षेत्र में पाई जाती है।

प्रच्छन्न या गुप्त बेरोजगारी- वह परिस्थिति जिसमें व्यक्ति काम में लगे हुए दिखाई देते हैं किंतु वास्तव में वे बेरोजगार होते हैं। जैसे-भूमि के टुकड़े पर आठ लोग काम कर रहे हैं किंतु उत्पादन उतना ही हो रहा है जितना पाँच लोगों के काम करने से होता है। ऐसे में तीन अतिरिक्त व्यक्ति जो काम में लगे हैं वह छुपे हुए बेरोजगार हैं क्योंकि उनके काम से उत्पादन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।

प्रश्न 12. भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास में तृतीयक क्षेत्रक कोई महत्त्वपूर्ण भूमिका नहीं निभा रहा है।” क्या आप इससे सहमत हैं? अपने उत्तर के समर्थन में कारण दीजिए।
उत्तर किसी भी देश के आर्थिक विकास में तृतीयक क्षेत्रक की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। सभी विकसित देशों में सकल घरेलू उत्पाद का अधिकांश भाग तृतीयक क्षेत्रक से ही प्राप्त होता है। हम इस कथन से सहमत नहीं हैं कि भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास में तृतीयक क्षेत्रक कोई महत्वपूर्ण भूमिका नहीं निभा रहे हैं। इस बात में कोई संदेह नहीं है कि भारत के सकल घरेलू उत्पाद में तृतीयक क्षेत्र की भागीदारी में वृद्धि हुई है। क्योंकि योजनाकाल के दौरान वर्ष 1973 से 2003 तक 30 वर्षों मे यद्यपि सभी क्षेत्रों में उत्पादन में वृद्धि हुई किंतु तृतीयक क्षेत्रक के उत्पादन में सर्वाधिक वृद्धि हुई । इस काल में प्राथमिक क्षेत्रक की हिस्सेदारी 25% थी जबकि तृतीयक क्षेत्रक की हिस्सेदारी कोई 50% थी। इसी प्रकार रोजगार के आधार पर तृतीयक क्षेत्र में रोजगार वृद्धि की दर लगभग 300 प्रतिशत रही है जो द्वितीयक व प्राथमिक क्षेत्र से कहीं ज्यादा है।
NCERT Solutions for Class Class 10 Social Science Economics Chapter 2 (Hindi Medium) 3
प्रश्न 13. भारत में सेवा क्षेत्रक दो विभिन्न प्रकार के लोग नियोजित करता है।” ये लोग कौन हैं?
उत्तर भारत में सेवा क्षेत्रक में दो विभिन्न प्रकार के लोग नियोजित करते हैं। हम इस कथन से पूर्णत: सहमत हैं। भारत में ये दो प्रकार के लोग हैं-1. अत्यंत कुशल और शिक्षित श्रमिक, 2. अकुशल तथा अशिक्षित श्रमिक। सेवा के क्षेत्र में अत्यंत कुशल और शिक्षित श्रमिक इसलिए लगे हैं क्योंकि आधुनिकीकरण के साथ-साथ सेवा क्षेत्रक में वृद्धि हो रही है। सूचना प्रौद्योगिकी के कारण अत्यंत कुशल श्रमिकों की सेवा क्षेत्रक में आवश्यकता पड़ती है। दूसरी ओर बहुत अधिक संख्या में लोग छोटी दुकानों, मरम्मत कार्यों, परिवहन इत्यादि सेवाओं में लगे हुए हैं। ये अकुशल व अशिक्षित श्रमिक हैं। ये लोग बड़ी मुश्किल से जीविका निर्वाह कर पाते हैं और वे इन सेवाओं में इसलिए लगे हुए हैं क्योंकि उनके पास कोई अन्य वैकल्पिक अवसर नहीं हैं।

प्रश्न 14. “असंगठित क्षेत्रक में श्रमिकों का शोषण किया जाता है। क्या आप इस विचार से सहमत हैं? अपने उत्तर के समर्थन में कारण दीजिए।
उत्तर असंगठित क्षेत्रक छोटी-छोटी और बिखरी इकाइयों से निर्मित होता है। इसमें नियमों का अनुपालन नहीं होता है। यहाँ कम वेतनवाले रोजगार हैं। यहाँ अतिरिक्त समय में काम करने, सवेतन छुट्टी, बीमारी के कारण छुट्टी इत्यादि का कोई प्रावधान नहीं है। श्रमिकों को बिना किसी कारण काम से हटाया जा सकता है। असंगठित क्षेत्रक में श्रमिक कम वेतन पर काम करते हैं। उनका प्रायः शोषण किया जाता है। उन्हें उचित मजदूरी नहीं दी जाती। उनकी आय कम होती है और नियमित नहीं होती। इस रोजगार में संरक्षण नहीं है और न ही इसमें कोई लाभ है। प्रश्न

15. आर्थिक गतिविधियाँ रोजगार की परिस्थितियों के आधार पर कैसे वर्गीकृत की जाती हैं?
उत्तर रोजगार की परिस्थितियों के आधार पर आर्थिक गतिविधियों को दो वर्गों में बाँटा जा सकता है-1. संगठित क्षेत्रक, 2. असंगठित क्षेत्रक।

  1. संगठित क्षेत्रक- संगठित क्षेत्रक में वे उद्यम अथवा कार्य स्थल आते हैं, जहाँ रोजगार की अवधि नियमित होती है। ये क्षेत्रक सरकार द्वारा पंजीकृत होते हैं। उन्हें सरकारी नियमों और विनियमों का पालन करना होता है। इसे संगठित क्षेत्रक कहते हैं। इसमें कर्मचारियों को रोजगार सुरक्षा के लाभ मिलते हैं। उनसे एक निश्चित समय तक ही काम करने की आशा की जाती है। यदि वे अधिक काम करते हैं तो उन्हें अतिरिक्त वेतन दिया जाता है। वे सवेतन छुट्टी, अवकाश काल में भुगतान, भविष्य निधि, सेवानुदान पाते हैं। वे सेवानिवृत्ति पर पेंशन भी प्राप्त करते हैं।
  2. असंगठित क्षेत्रक- असंगठित क्षेत्रक छोटी-छोटी और बिखरी इकाइयों से निर्मित होता है। ये इकाइयाँ अधिकांशतः सरकारी नियंत्रण से बाहर होती हैं। इसमें नियमों और विनियमों का पालन नहीं होता । यहाँ कम वेतनवाले रोजगार हैं। और प्रायः नियमित नहीं हैं। यहाँ अतिरिक्त समय में काम करने, सवेतन छुट्टी, अवकाश, बीमारी के कारण से छुट्टी इत्यादि का कोई प्रावधान नहीं है। रोजगार में भारी अनिश्चितता है। श्रमिकों को बिना किसी कारण के काम से हटाया जा सकता है। इस रोजगार में संरक्षण नहीं है तथा कोई लाभ नहीं है। प्रश्न

16. संगठित और असंगठित क्षेत्रकों की रोजगार परिस्थितियों की तुलना करें।
उत्तर संगठित और असंगठित क्षेत्रकों की रोजगार परिस्थितियों में बहुत अंतर पाया जाता है। इन दोनों क्षेत्रकों की तुलना निम्नलिखित प्रकार से कर सकते हैं
NCERT Solutions for Class Class 10 Social Science Economics Chapter 2 (Hindi Medium) 4
प्रश्न 17. राग्रारोगा०अ० 2005 (NREGA 2005 ) के उद्देश्यों की व्याख्या कीजिए।
उत्तर केंद्र सरकार ने भारत के 200 जिलों में काम का अधिकार’ लागू करने के लिए एक कानून बनाया है। इसे ‘राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम 2005’ (NREGA 2005) कहते हैं। इसके प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं

  1. उन सभी लोगों को जो काम करने में सक्षम हैं और जिन्हें काम की जरूरत है, को सरकार द्वारा वर्ष में 100 दिन के रोजगार की गारंटी दी गई है।
  2. यदि सरकार रोजगार उपलब्ध कराने में असफल रहती है तो वह लोगों को बेरोजगारी भत्ता देगी।
  3. इस अधिनियम में उन कामों को वरीयता दी जाएगी, जिनसे भविष्य में भूमि से उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी।

प्रश्न 18. अपने क्षेत्र से उदाहरण लेकर सार्वजनिक और निजी क्षेत्रक की गतिविधियों एवं कार्यों की तुलना कीजिए।
उत्तर सार्वजनिक क्षेत्रक-वे उद्योग जो सरकारी तंत्र के अधीन होते हैं सार्वजनिक उद्योग कहलाते हैं, जैसे-भारतीय रेल, लोहा-इस्पात उद्योग, जहाज निर्माण आदि । सार्वजनिक क्षेत्र में ऐसी वस्तुओं या सेवाओं का निर्माण होता है जो लोगों के लिए कल्याणकारी है। इनका उद्देश्य निजी हित या लाभ कमाना नहीं होता बल्कि सार्वजनिक लाभ इनका उद्देश्य होता है। इस क्षेत्र में वस्तुओं एवं सेवाओं की कीमत का निर्धारण सरकार द्वारा किया जाता है। निजी क्षेत्रक-वे उद्योग जो निजी व्यक्तियों के स्वामित्व में होते हैं

निजी क्षेत्रक कहलाते हैं। इसमें वे उद्योग आते हैं जो आम जनता की आवश्यकताओं को पूरा करते हैं जैसे-टेलीविजन, एयर कंडीशनर, फ्रिज आदि बनाने वाले उद्योग। ये गतिविधियाँ निजी लाभ कमाने के उद्देश्य से की जाती हैं। निजी क्षेत्र कल्याणकारी कार्य करने के लिए बाध्य नहीं है। यदि वह ऐसा कोई काम करता भी है तो उसकी अधिक कीमत लेता है जैसे-निजी विद्यालय सरकारी विद्यालयों से अधिक फीस वसूलते हैं। निजी क्षेत्र के उद्योगों में वस्तुओं की कीमतों का निर्धारण बाजारी शक्तियों द्वारा होता है।

प्रश्न 19. अपने क्षेत्र से एक-एक उदाहरण देकर निम्न तालिका को पूरा कीजिए और चर्चा कीजिएः
उत्तर विद्यार्थी इस कार्य को स्वयं करें । सुव्यवस्थित प्रबंध वाले संगठन में वे संगठित क्षेत्र तथा अव्यवस्थित प्रबंध वाले संगठन में वे असंगठित क्षेत्र का हवाला दे सकते हैं।
NCERT Solutions for Class Class 10 Social Science Economics Chapter 2 (Hindi Medium) 5
प्रश्न 20. सार्वजनिक क्षेत्र की गतिविधियों के कुछ उदाहरण दीजिए और व्याख्या कीजिए कि सरकार द्वारा इन गतिविधियों
का कार्यान्वयन क्यों किया जाता है?
उत्तर सार्वजनिक क्षेत्रक की गतिविधियों के तीन उदाहरण हैं-डाकघर, रेलवे तथा बैंक आदि। इन गतिविधियों का संचालन सरकार करती है। इसके कई कारण हैं

  1. ये ऐसी चीजें हैं जिनकी आवश्यकता समाज के सभी सदस्यों को होती है। परंतु इन्हें निजी क्षेत्रक उचित कीमत पर
    उपलब्ध नहीं कराते हैं, क्योंकि इनमें व्यय बहुत अधिक होता है।
  2. कुछ गतिविधियाँ ऐसी होती हैं जिन्हें सरकारी समर्थन की जरूरत पड़ती है। निजी क्षेत्रक उन व्यवसायों को तब तक
    जारी नहीं रख सकते जब तक सरकार उन्हें प्रोत्साहित नहीं करती।
  3. अधिकतर आर्थिक गतिविधियाँ ऐसी हैं जिनकी प्राथमिक जिम्मेदारी सरकार पर है। इन पर व्यय करना भी सरकार की
    अनिवार्यता है।

प्रश्न 21. व्याख्या कीजिए कि किसी देश के आर्थिक विकास में सार्वजनिक क्षेत्रक कैसे योगदान करता है?
उत्तर किसी देश के आर्थिक विकास में सार्वजनिक क्षेत्रक का महत्त्वपूर्ण योगदान होता है क्योंकि सार्वजनिक क्षेत्रक का उद्देश्य लाभ कमाना नहीं होता। सभी महत्त्वपूर्ण गतिविधियों का संचालन सार्वजनिक क्षेत्रक के द्वारा किया जाता है। ऐसी गतिविधियाँ जिनकी आवश्यकता समाज के सभी सदस्यों को होती है, जैसे सड़कों, पुलों, रेलवे, पत्तनों, बिजली आदि का निर्माण और बाँध आदि से सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराना सार्वजनिक क्षेत्रक का काम है। सरकारऐसे भारी व्यय स्वयं उठाती है। सरकार किसानों को उचित मूल्य दिलाने के लिए गेहूँ और चावल खरीदती है। इसे अपने गोदामों में भंडारित करती है और राशन की दुकानों के माध्यम से उपभोक्ताओं को कम मूल्य पर बेचती है। इस प्रकार -सरकार किसानों और उपभोक्ताओं दोनों को सहायता पहुँचाती है।
सभी के लिए स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाएँ उपलब्ध कराना जैसे प्राथमिक कार्य भी सार्वजनिक क्षेत्रक में आते हैं। समुचित ढंग से विद्यालय चलाना और गुणात्मक शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार का कर्तव्य है। इस प्रकार किसी देश के आर्थिक विकास में सार्वजनिक क्षेत्रक का योगदान महत्त्वपूर्ण है।

प्रश्न 22. असंगठित क्षेत्रक के श्रमिकों को निम्नलिखित मुद्दों पर संरक्षण की आवश्यकता है-मजदूरी, सुरक्षा और स्वास्थ्य। उदाहरण सहित व्याख्या कीजिए।
उत्तर असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को मजदूरी, सुरक्षा और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर संरक्षण की आवश्यकता है। इसे निम्न प्रकार से स्पष्ट किया जा सकता है.

  1. मजदूरी-असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को काम करने का समय निश्चित नहीं है उन्हें 10 से 12 घंटे तक बिना
    ओवरटाइम के कार्य करना पड़ता है। इन श्रमिकों में प्राय: रोजगार सुरक्षा का अभाव पाया जाता है। गरीबी के कारण ये प्रायः कम मजदूरी दरों पर काम करने को तैयार हो जाते हैं। इसलिए इन्हें इस संदर्भ में सुरक्षा दी जानी चाहिए। इनके भी काम करने के घंटे तथा मजदूरी निश्चित होनी चाहिए।
  2. सुरक्षा-इस क्षेत्र के श्रमिक प्राय: जोखिम वाले कार्यों में संलग्न रहते हैं जैसे-ईंट उद्योग, कोयले की खानों आदि में कार्य करते हैं। अत: इनकी सुरक्षा की गारंटी मिलनी चाहिए।
  3. स्वास्थ्य-ये श्रमिक गरीब होते हैं। इनको पौष्टिक आहार नहीं मिल पाता। ये स्वास्थ्य के विपरीत परिस्थितियों में काम करते हैं। इन कारणों से इनकी स्थिति अच्छी नहीं होती। इनके स्वास्थ्य के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए जाने चाहिए। प्रश्न

23. अहमदाबाद में किए गए एक अध्ययन में पाया गया कि नगर के 15,00,000 श्रमिकों में से 11,00,000 श्रमिक असंगठित क्षेत्रक में काम करते थे। वर्ष 1997-98 में नगर की कुल आय 600 करोड़ रुपये थी, इसमें से 320 करोड़ रुपये संगठित क्षेत्रक से प्राप्त होती थी। इस आँकड़े को सारणी में प्रदर्शित कीजिए। नगर में और अधिक रोजगार-सृजन के लिए किन तरीकों पर विचार किया जाना चाहिए?
उत्तर
NCERT Solutions for Class Class 10 Social Science Economics Chapter 2 (Hindi Medium) 6

इन आँकड़ों के अध्ययन से यह निष्कर्ष निकलता है कि संगठित क्षेत्र में असंगठित क्षेत्र की तुलना में कम श्रमिक लगे हैं। किंतु उनकी आय असंगठित क्षेत्र से ज्यादा है। इसका यह अर्थ हुआ कि असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों को बहुत कम वेतन मिलता है। नगर में अधिक रोजगार के सृजन के लिए इन तरीकों पर विचार किया जा सकता है
उत्तर  

  1. शिक्षा के स्वरूप को बदलना होगा। शिक्षा तकनीकी तथा व्यवसायिक हो ताकि अधिक-से-अधिक लोग काम में लगें।
  2. लोगों को स्वरोजगार प्रारंभ करने के लिए उचित वित्तीय तथा तकनीकी सहायता प्राप्त करानी चाहिए।

प्रश्न 24. निम्नलिखित तालिका में तीनों क्षेत्रकों का सकल घरेलू उत्पाद (जी०डी०पी०) रुपये (करोड़) में दिया गया है
NCERT Solutions for Class Class 10 Social Science Economics Chapter 2 (Hindi Medium) 7

1. वर्ष 1950 एवं 2000 के लिए जी०डी०पी० में तीनों क्षेत्रकों की हिस्सेदारी की गणना कीजिए।
2. अध्याय में दिए आरेख-2 के समान इसे दंड-आरेख के रूप में प्रदर्शित कीजिए।
3. दंड-आरेख से हम क्या निष्कर्ष प्राप्त करते हैं?

उत्तर
NCERT Solutions for Class Class 10 Social Science Economics Chapter 2 (Hindi Medium) 8

3. इस दण्ड आरेख से सिद्ध होता है कि सकल घरेलू उत्पाद में जहाँ प्राथमिक क्षेत्र का योगदान 58% से 27% (कम) हो गया है, वहीं द्वितीयक तथा तृतीयक क्षेत्रकों में वृद्धि हुई है। द्वितीयक क्षेत्र का हिस्सा 14% से 25% हो गया तथा तृतीयक क्षेत्र का हिस्सा 28% से 48% हो गया।

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NCERT Solutions for Class 10 Social Science Geography Chapter 7 Hindi

NCERT Solutions for Class 10 Social Science Geography Chapter 7 Lifelines of National Economy (राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की जीवन रेखाएँ)

NCERT Solutions for Class 10 Social Science Geography Chapter 7 Lifelines of National Economy (Hindi Medium)

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प्रश्न अभ्यास

पाठ्यपुस्तक से

संक्षेप में लिखें

1. बहुवैकल्पिक प्रश्न
(i) निम्न में से कौन-से दो दूरस्थ स्थित स्थान पूर्वी-पश्चिमी गलियारे से जुड़े हैं?

(क) मुंबई तथा नागपुर
(ख) मुंबई तथा कोलकाता
(ग) सिलचर तथा पोरबंदर
(घ) नागपुर तथा सिलिगुड़ी।

(ii) निम्नलिखित में से परिवहन का कौन-सा साधन वहनांतरण हानियों तथा देरी को घटाता है?

(क) रेल परिवहन
(ख) पाइपलाइन
(ग) सड़क परिवहन
(घ) जल परिवहन।।

(iii) निम्न में से कौन-सा राज्य हजीरा-विजयपुर-जगदीशपुर पाइपलाइन से नहीं जुड़ा है?

(क) मध्य प्रदेश
(ख) गुजरात
(ग) महाराष्ट्र
(घ) उत्तर प्रदेश।

(iv) इनमें से कौन-सा पत्तन पूर्वी तट पर स्थित है जो अंत:स्थलीय तथा अधिकतम गहराई का पत्तन है तथा पूर्ण । सुरक्षित है?

(क) चेन्नई
(ख) तूतीकोरिन
(ग) पारादीप
(घ) विशाखापटनम्।

(v) निम्न में से कौन-सा परिवहन साधन भारत में प्रमुख साधन है?

(क) पाइपलाइन ।
(ख) सड़क परिवहन
(ग) रेल परिवहन
(घ) वायु परिवहन।

(vi) निम्न में से कौन-सा शब्द दो या अधिक देशों के व्यापार को दर्शाता है?

(क) आंतरिक व्यापार
(ख) बाहरी व्यापार
(ग) अंतर्राष्ट्रीय व्यापार
(घ) स्थानीय व्यापार ।

उत्तर (i) (ग) (ii) (क) (iii) (ग) (iv) (घ) (v) (ग) (vi) (ग)

2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 30 शब्दों में दीजिए

(i) सड़क परिवहन के तीन गुण बताएँ। उत्तर भारत विश्व के सर्वाधिक सड़क जाल वाले देशों में से एक है। सड़क परिवहन के कुछ प्रमुख गुण निम्नलिखित हैं

  1. सड़क परिवहन, अन्य परिवहन साधनों के उपयोग में एक कड़ी के रूप में भी कार्य करता है। जैसे-सड़कें, रेलवे स्टेशन, वायु व समुद्री पत्तनों को जोड़ती हैं।
  2. सड़कों की निर्माण लागत कम होती है तथा यह ऊबड़-खाबड़ भू-भागों पर भी बनाई जा सकती है।
  3. यह घर-घर सेवाएँ उपलब्ध करवाता है तथा सामान चढ़ाने व उतारने की लागत भी अपेक्षाकृत कम है।

(ii) रेल परिवहन कहाँ पर अत्यधिक सुविधाजनक परिवहन साधन है तथा क्यों?
उत्तर भारत में रेल परिवहन वस्तुओं तथा यात्रिओं के परिवहन का प्रमुख साधन है। रेल परिवहन अनेक कार्यों में सहायक है; जैसे-व्यापार, भ्रमण, तीर्थ यात्राएँ व लंबी दूरी तक सामान का परिवहन आदि। भारत के उत्तरी मैदानों में रेल परिवहन अत्यधिक सुविधाजनक परिवहन है, क्योंकि उत्तरी मैदान अपनी विस्तृत समतल भूमि, सघन जनसंख्या घनत्व, संपन्न कृषि व प्रचुर संसाधनों के कारण रेल परिवहन के विकास व वृद्धि में सहायक रहा है।

(iii) सीमांत सड़कों का महत्त्व बताएँ।
उत्तर भारत के सीमांत क्षेत्र में सड़कों के निर्माण व देख-रेख का कार्य सीमा सड़क संगठन करता है। यह उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों में सामरिक महत्त्व की सड़कों का विकास करता है। इन सड़कों का महत्त्व इस प्रकार है

  1. ये सड़कें सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों विशेषकर चौकियों की रखवाली करने वाले सैनिकों की प्रतिदिन की आवश्यकताओं को पूरा करने में बड़ी सहायक सिद्ध होती हैं।
  2. युद्ध के समय इन्हीं सड़कों से फौजियों को लड़ाई का सामान, खाद्य सामग्री तथा अन्य सहायता पहुँचाई जाती है।
  3. इन सड़कों से दुर्गम क्षेत्रों में आना-जाना सरल हुआ है।
  4. ये सड़कें इन क्षेत्रों के आर्थिक विकास में भी सहायक हुई हैं।

(iv) व्यापार से आप क्या समझते हैं? स्थानीय व अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में अंतर स्पष्ट करें।
उत्तर राज्यों व देशों के बीच विभिन्न वस्तुओं का आदान-प्रदान व्यापार कहलाता है। स्थानीय व अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में
अंतर निम्नलिखित हैं

अंतर्राष्ट्रीय व्यापार- दो देशों के मध्य विभिन्न वस्तुओं का आदान-प्रदान अंतर्राष्ट्रीय व्यापार कहलाता है। यह समुद्री, हवाई व स्थलीय मार्गों द्वारा हो सकता है। किसी देश के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार की प्रगति उसके आर्थिक विकास का सूचक है।

स्थानीय व्यापार- एक देश के अंदर विभिन्न वस्तुओं को आदान-प्रदान स्थानीय व्यापार कहलाता है। स्थानीय
व्यापार शहरों, कस्बों व गाँवों में होता है।

3. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 120 शब्दों में दीजिए।

(i) परिवहन तथा संचार के साधन किसी देश की जीवन रेखा तथा अर्थव्यवस्था क्यों कहे जाते हैं?
उत्तर वस्तुओं, सेवाओं तथा लोगों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाना परिवहन कहलाता है। यह परिवहन तीन महत्त्वपूर्ण क्षेत्रों से किया जाता है-स्थल, जल तथा वायु ।

संचार के साधन वे साधन हैं जिनका प्रयोग एक स्थान से दूसरे स्थान तक संदेश भेजने के लिए किया जाता है। ये दोनों ही किसी देश की जीवन रेखा कहे जाते हैं क्योंकि

  1. एक देश के विकास की गति वस्तुओं तथा सेवाओं के उत्पादन के साथ उनके एक स्थान से दूसरे स्थान तक वहन की सुविधा पर भी निर्भर करता है। इसलिए सक्षम परिवहन के साधन तीव्र विकास हेतु पूर्व अपेक्षित हैं।
  2. भारत अपने विशाल आकार, विविधताओं, भाषाई तथा सामाजिक व सांस्कृतिक बहुलताओं के बावजूद संसार के सभी क्षेत्रों से सुचारू रूप से जुड़ा है। इसका कारण अच्छे परिवहन तथा संचार के साधन हैं।
  3. सक्षम व तीव्र गति वाले परिवहन से आज संसार एक बड़े गाँव में परिवर्तित हो गया है। परिवहन का यह विकास | संचार साधनों के विकास की सहायता से ही संभव हो सका है।
  4. युद्ध के समय इन साधनों का महत्त्व बहुत बढ़ जाता है। इनके द्वारा सारा देश रक्षा सेनाओं की सहायता में कटिबद्ध हो जाता है। हथियारों, गोला बारूद तथा रसद पहुँचाने का काम आसान हो जाता है।

आधुनिक संचार तथा परिवहन के साधन हमारे देश और इसकी आधुनिक अर्थव्यवस्था को संचालित करते हैं। अत: यह स्पष्ट है कि सघन व सक्षम परिवहन का जाल तथा संचार के साधन आज विश्व राष्ट्र व स्थानीय व्यापार हेतु पूर्व अपेक्षित है।

(ii) पिछले पंद्रह वर्षों में अंतर्राष्ट्रीय व्यापार की बदलती प्रवृत्ति पर एक लेख लिखें।
उत्तर दो देशों के मध्य व्यापार अंतर्राष्ट्रीय व्यापार कहलाता है। एक देश के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार की प्रगति उसके आर्थिक व्यापार का सूचक है, इसलिए इसे राष्ट्र का आर्थिक बैरोमीटर भी कहा जाता है। स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात् औद्योगिक विकास के फलस्वरूप भारत के विदेशी व्यापार में भी प्रगति हुई है। अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में पिछले 15 वर्षों में भारी बदलाव आया है। वस्तुओं के आदान-प्रदान की अपेक्षा सूचनाओं, ज्ञान तथा प्रौद्योगिकी का आदान-प्रदान बढ़ा है। भारत अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एक सॉफ्टवेयर महाशक्ति के रूप में उभरा है तथा सूचना प्रौद्योगिकी के माध्यम से अत्यधिक विदेशी मुद्रा अर्जित कर रहा है।

विश्व के सभी भौगोलिक प्रदेशों तथा सभी व्यापारिक खंडों के साथ भारत के व्यापारिक संबंध हैं। पिछले कुछ वर्षों से निर्यात वृद्धि वाली वस्तुएँ ये हैं-कृषि संबंधित उत्पाद, खनिज व अयस्क, रत्न व जवाहरात, रसायन व संबंधित उत्पाद, इंजीनियरिंग सामान तथा पेट्रोलियम उत्पाद आदि।

भारत में आयातित वस्तुओं में पेट्रोलियम तथा पेट्रोलियम उत्पाद, मोती व बहुमूल्य रत्न, अकार्बनिक रसायन, कोयला, कोक तथा कोयले का गोला मशीनरी आदि शामिल हैं। भारी वस्तुओं के आयात में 39.09 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

हमें आयात की अपेक्षा निर्यात को बढ़ाने की कोशिश करनी होगी जिससे विश्व बाजार में भारत सम्माननीय स्थान पा सके।

प्रश्न पहेली
NCERT Solutions for Class 10 Social Science Geography Chapter 7 (Hindi Medium) 1

क्रियाकलाप

क्षैतिज, ऊर्ध्वाधर तथा विकर्ण रूप से शुरू करते हुए देश के विभिन्न गंतव्यों को चिह्नित करें।
नोट: पहेली के उत्तर अंग्रेजी के शब्दों में हैं।
उत्तर विद्यार्थी शिक्षक की सहायता से इसे स्वयं करें
NCERT Solutions for Class 10 Social Science Geography Chapter 7 (Hindi Medium) 2

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NCERT Solutions for Class 11 Geography Fundamentals of Physical Geography Chapter 16

NCERT Solutions for Class 11 Geography Fundamentals of Physical Geography Chapter 16 (Hindi Medium)

NCERT Solutions for Class 11 Geography Fundamentals of Physical Geography Chapter 16 Biodiversity and Conservation (Hindi Medium)

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[NCERT TEXTBOOK QUESTIONS SOLVED] (पाठ्यपुस्तक से हल प्रश्न)

प्र० 1. बहुवैकल्पिक प्रश्न
(i) जैव विविधता का संरक्षण निम्न में किसके लिए। महत्त्वपूर्ण है?
(क) जंतु
(ख) पौधे
(ग) पौधे और प्राणी
(घ) सभी जीवधारी
उत्तर- (घ) सभी जीवधारी

(ii) निम्नलिखित में से असुरक्षित प्रजातियाँ कौन-सी हैं?
(क) जो दूसरों को अअसुरक्षा दें
(ख) बाघ वे शेर
(ग) जिनकी संख्या अत्यधिक हो
(घ) जिन प्रजातियों के लुप्त होने का खतरा है।
उत्तर- (घ) जिन प्रजातियों के लुप्त होने का खतरा है।

(iii) नेशनल पार्क (National parks) और पशुविहार (Sanctuaries) निम्न में से किस उद्देश्य के लिए बनाए गए हैं?
(क) मनोरंजन
(ख) पालतू जीवों के लिए।
(ग) शिकार के लिए
(घ) संरक्षण के लिए
उत्तर- (घ) संरक्षण के लिए

(iv) जैव विविधता समृद्ध क्षेत्र हैं
(क) उष्ण कटिबंधीय क्षेत्र
(ख) शीतोष्ण कटिबंधीय क्षेत्र
(ग) ध्रुवीय क्षेत्र ।
(घ) महासागरीय क्षेत्र
उत्तर- (क) उष्ण कटिबंधीय क्षेत्र

(v) निम्न में से किस देश में पृथ्वी सम्मेलन हुआ था?
(क) यू०के०
(ख) ब्राजील
(ग) मैक्सिको
(घ) चीन
उत्तर- (ख) ब्राजील

प्र० 2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 30 शब्दों में दीजिए।
(i) जैव विविधता क्या है?
उत्तर- जैव विविधता दो शब्दों बायोडाइवर्सिटी के मेल से बना है, बायो का अर्थ है-जीव तथा डाइवर्सिटी का अर्थ है-विविधता। साधारण शब्दों में किसी निश्चित भौगोलिक क्षेत्र में पाए जाने वाले जीवों की संख्या
और उनकी विविधता को जैव विविधता कहते हैं। इसका संबंध पौधों के प्रकार, प्राणियों और सूक्ष्म जीवाणुओं तथा उनकी आनुवांशिकी और उनके द्वारा निर्मित पारितंत्र से है। यह पृथ्वी पर पाए जाने वाले जीवधारियों की परिवर्तनशीलता, एक ही प्रजाति तथा विभिन्न प्रजातियों में परिवर्तनशीलता तथा विभिन्न पारितंत्रों में विविधता से संबंधित है। जैव-विविधता सजीव संपदा है। यह विकास के लाखों वर्षों के
इतिहास का परिणाम है।

(ii) जैव विविधता के विभिन्न स्तर क्या हैं?
उत्तर- जैव विविधता को तीन स्तरों में विभक्त किया जा सकता है

(क) प्रजातीय जैव विविधता – प्रजातीय जैव विविधता जो आकृतिक, शरीर क्रियात्मक तथा आनुवांशिक लक्षणों द्वारा प्रतिबिंबित होती है।
(ख) आनुवांशिक जैव विविधता – आनुवांशिक जैव विविधता जो प्रजाति के भीतर आनुवांशिक या अन्य परिवर्तनों से युक्त होती है।
(ग) परितंत्रीय जैव विविधता – परितंत्रीय जैव विविधता जो विभिन्न जैव भौगोलिक क्षेत्रों, जैसे-झील, मरुस्थल, तटीय क्षेत्र, ज्वारनदमुख आदि द्वारा प्रतिबिंबित होती है।

(iii) हॉट स्पॉट से आप क्या समझते हैं?
उत्तर- जिन क्षेत्रों में प्रजातीय विविधता अधिक होती है, उन्हें विविधता के हॉट स्पॉट कहते हैं। ऐसे क्षेत्र जो अधिक संकट में हैं, उनमें संसाधनों को उपलब्ध कराने के लिए अंतर्राष्ट्रीय संरक्षण संघ ने जैव विविधता हॉट स्पॉट क्षेत्र के रूप में निर्धारित किया है। हॉट स्पॉट उनकी वनस्पति के आधार पर परिभाषित किए गए हैं। पादप महत्त्वपूर्ण है, क्योंकि ये ही किसी पारितंत्र की प्राथमिक उत्पादकता को निर्धारित करते हैं।

(iv) मानव जाति के लिए जंतुओं के महत्त्व का वर्णन संक्षेप में करें।
उत्तर- जैव विविधता ने मानव जाति के विकास में बहुत बड़ा योगदान दिया है। जंतुओं के द्वारा ही पर्यावरण संतुलित रहता है। जंतु मानव जाति के लिए काफी उपयोगी हैं, जैसे-पेड़-पौधों से कई प्रकार की लकड़ियाँ, उद्योगों के लिए कच्चा माल तथा पर्यावरण के संतुलन में भी योगदान मिलता है। पेड़-पौधे भूमि के अपरदन को रोकते हैं।

एक जंतु दूसरे जंतु के आहार के रूप में काम आता है। सभी मनुष्यों के लिए दैनिक जीवन में जैव विविधता एक महत्त्वपूर्ण संसाधन है। जैव विविधता का एक महत्त्वपूर्ण भाग फसलों की विविधता है। जैव विविधता को संसाधनों के उन भंडारों के रूप में भी समझा जा सकता है, जिनकी उपयोगिता भोज्य पदार्थ, औषधि
और सौंदर्य प्रसाधन आदि बनाने में है। खाद्य फसलें, पश, मत्स्य, वन संसाधन और दवा संसाधन आदि कुछ ऐसे प्रमुख आर्थिक महत्त्व के उत्पाद हैं जो मानव को जैव विविधता के फलस्वरूप उपलब्ध होते हैं।

(v) विदेशज प्रजातियों से आप क्या समझते हैं?
उत्तर- वे प्रजातियाँ जो स्थानीय आवास की मूल जैव प्रजाति नहीं हैं, लेकिन उस तंत्र में स्थापित की गई हैं, इन्हें विदेशज प्रजातियाँ कहा जाता है। ऐसे कई उदाहरण हैं, जब विदेशज प्रजातियों के आगमन से परितंत्र में प्राकृतिक या मूल जैव समुदाय को व्यापक नुकसान हुआ। पिछले कुछ दशकों से, कुछ जंतुओं, जैसे-बाघ, चीता, हाथी, गेंडा, मगरमच्छ, मिंक और पक्षियों को उनके सींग, सैंड व खालों के लिए निर्दयतापूर्वक शिकार किया जा रहा है।

प्र० 3. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 150 शब्दों में दीजिए।
(i) प्रकृति को बनाए रखने में जैव विविधता की भूमिका का वर्णन करें।
उत्तर- प्रकृति को बनाए रखने में जैव विविधता की भूमिका काफी महत्त्वपूर्ण है। पारितंत्र में विभिन्न प्रजातियाँ कोई न कोई क्रिया करती हैं। पारितंत्र में कोई भी प्रजाति बिना कारण न तो विकसित हो सकती है और न ही बनी रह सकती है अर्थात् प्रत्येक जीव अपनी जरूरत पूरा करने के साथ-साथ दूसरे जीवों के पनपने में भी सहायक होता है। जीव व प्रजातियाँ ऊर्जा ग्रहण कर उसका संग्रहण करती हैं, कार्बनिक पदार्थ उत्पन्न एवं विघटित करती हैं और पारितंत्र में जल व पोषक तत्वों के चक्र को बनाए रखने में सहायक होती हैं।

इसके अतिरिक्त प्रजातियाँ वायुमंडलीय गैस को स्थिर करती हैं और जलवायु को नियंत्रित करने में सहायक होती हैं। ये पारितंत्रीय मानव जीवन के लिए महत्त्वपूर्ण हैं। परितंत्र में जितनी अधिक विविधता होगी, प्रजातियों के प्रतिकूल स्थितियों में भी रहने की संभावना और उनकी उत्पादकता भी उतनी ही अधिक होगी। प्रजातियों की क्षति से तंत्र के बने रहने की क्षमता भी कम हो जाएँगी। अधिक आनुवांशिक विविधता वाली प्रजातियों की तरह अधिक जैव विविधता वाले परितंत्र में जितनी प्रकार की प्रजातियाँ होगीं, वह परितंत्र उतना ही अधिक स्थायी होगा।

(ii) जैव विविधता के ह्रास के लिए उत्तरदायी प्रमुख कारकों का वर्णन करें। इसे रोकने के उपाय भी बताएँ।
उत्तर- जैव विविधता के ह्रास के निम्नलिखित कारण हैं
(i) कृषि भूमि को बढ़ाने के लिए वनों का तेजी से ह्रास किया जा रहा है। वन-भूमि के हास के कारण वन्य-जीवों के निवास स्थल का भी ह्रास होता जा रटा है।
(ii) कई क्षेत्रों में मनुष्य ने जंगली जानवरों का काफी मात्रा में शिकार किया है, जिससे इन क्षेत्रों में इन जंगली जानवरों की संख्या काफी कम हो गई है।
(iii) वर्तमान औद्योगिक युग में उद्योगों से निकलने वाला रसायनयुक्त प्रदूषित जल जब जलाशयों में मिल जाता है तो उन जलाशयों के जीव-जंतु या तो खत्म हो जाते हैं या उनका जीवन खतरे में रहता है। इसे रोकने के निम्नलिखित उपाय हैं
(क) विश्व की बंजर भूमि में वनों को लगाना चाहिए।
(ख) जहरीली गैसों से युक्त उद्योगों पर प्रतिबंध लगा देना चाहिए या जनसंख्या विहीन क्षेत्रों में उनकी स्थापना की जानी चाहिए।
(ग) जैविक विविधता के संरक्षण से संबंधित एक रूपरेखा तैयार करनी चाहिए, जिसको अमल में लाने के लिए सभी देशों को बाध्य करना चाहिए।

परियोजना कार्य
(i) जिस राज्य में आपका स्कूल है, वहाँ के नेशनल पार्क National parks पशुविहार Sanctuaries और जीवमंडल आरक्षित क्षेत्र Biosphere reserves के नाम लिखें और उन्हें भारत के मानचित्र पर रेखांकित करें।
उत्तर- छात्र स्वयं करें।

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NCERT Solutions for Class 11 Economics Statistics for Economics Chapter 6 Measures of Dispersion (Hindi Medium)

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प्रश्न अभ्यास
(पाठ्यपुस्तक से)

प्र.1. ‘किसी बारंबारता वितरण के समझने में परिक्षेपण का माप केंद्रीय मान का एक अच्छा संपूरक है’, टिप्पणी करें।
उत्तर केंद्रीय प्रवृत्ति के माप यह नहीं दर्शाते कि एक श्रृंखला की विभिन्न मदों में औसत से कितनी दूरी है। इस तथ्य का अध्ययन करने के लिए हमें परिक्षेपण अथवा विचरणशीलता अथवा बिखराव के विषय में पूर्ण जानकारी प्राप्त करना आवश्यक है। परिक्षेपण का मान यह दर्शाता है कि एक श्रृंखला का मान एक औसत मूल्य के कितना नजदीक है या उससे कितना दूर है।

औसत मूल्य एक ऐसा मूल्य होता है जो पूरी श्रृंखला का प्रतिनिधित्व करता है परंतु विभिन्न मदों में एक दूसरे से और औसत से विभिन्न होने की प्रवृत्ति पाई जाती है, परिक्षेपण इनके अंतर के विस्तार को मापता है। अन्य शब्दों में परिक्षेपण विभिन्न मदों तथा केंद्रीय बिखराव के विस्तार को मापता है। अतः औसत एवं परिक्षेपण एक दूसरे के पूरक हैं। इसे एक उदाहरण द्वारा स्पष्ट किया जा सकता है। नीचे तीन श्रृंखलाएँ दी गई हैं

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तीनों समूहों का औसत 5 है (50/10) परंतु समूह (क) में परिक्षेपण शून्य है, समूह (ख) में, परिक्षेपण कम है परंतु समूह (ग) के आँकड़ों का बिखराव वे विचरणशीलता बहुत अधिक है। अत: औसत श्रृंखला के वर्णन लिए अकेले पर्याप्त नहीं हैं।

प्र.2. परिक्षेपण का कौन-सा माप सर्वोत्तम है और कैसे?
उत्तर मानक विचलन या विचरण गुणांक परिक्षेपण का सर्वोत्तम माप है क्योंकि :

(क) यह सर्वाधिक स्पष्ट रूप से परिभाषित है तथा इस पर निर्भर किया जा सकता है।
(ख) इसका बीजगणितीय विवेचन संभव है, इससे मानक विचलन गुणांक, विचरण गुणांक, सामूहिक मानक विचलन आदि की गणना की जा सकती है जो विचरणशीलता मापने में सर्वाधिक प्रयोग किये जाते हैं।
(ग) माध्य विचलन, चतुर्थक विचलन, परास किसी भी दो श्रृंखलाओं से सामूहिक रूप से नहीं निकाला जा सकता परंतु सामूहिक मानक विचलन की गणना संभव है।
(घ) यह सभी मदों पर आधारित होता है इसीलिये यह अधिक विश्वसनीय है।
(ङ) सभी विधियों की मानक त्रुटि भी मानक विचलन से प्राप्त होती है।
(च) माध्य से प्राप्त विचलनों के वर्गों का योग न्यूनतम होता है, अतः यह सर्वोत्तम माप है।
(छ) विचरणशीलता या स्थिरता को मापने के लिए माध्य विचलन, चतुर्थक विचलन या परास की तुलना में विचरण गुणांक सर्वोत्तम प्रयोग में आता है।
(ज) यह समांतर माध्य पर आधारित है, अतः इसमें उसके सभी गुण हैं।
(झ) यदि X और मानक विचलन ज्ञात हो तो हम मदों की संख्या का जोड़ तथा उनके वर्गों को जोड़ भी ज्ञात कर सकते है।

प्र.3. परिक्षेपण के कुछ माप मानों के प्रसरण पर निर्भर करते हैं, लेकिन कुछ केंद्रीय मान से मानों के विचरण के आधार पर परिकलित किए जाते हैं। क्या आप सहमत हैं?
उत्तर परिक्षेपण के चार मुख्य माप हैं।

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इनमें से, परास और चतुर्थक विचलन मानों के प्रसरण पर निर्भर करते हैं और इसीलिये परिक्षेपण के स्थैतिक माप कहलाते हैं। दूसरी ओर, माध्य विचलन और मानक विचलन केंद्रीय मान के मानों के विचरण के आधार पर परिकलित किये जाते हैं। एक और विधि है लारेंज वक्र जो परिक्षेपण को आरेखीय रूप से मापने की विधि है।

प्र.4. एक कस्बे में 25% लोग रुपये 45,000 से अधिक आय अर्जित करते हैं जबकि 75% लोग 18,000 से अधिक आय अर्जित करते हैं। परिक्षेपण के निरपेक्ष और सापेक्ष मानों का परिकलन कीजिए।
उत्तर

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प्र.5. एक राज्य के 10 जिलो की प्रति एकड़ गेहूँ और चावल की उपज निम्नवत् है:

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प्रत्येक फसल के लिए परिकलन करें।

(क) परास
(ख) चतुर्थक विचलन
(ग) माध्य से माध्य विचलन
(घ) मध्यिका से माध्य विचलन
(ङ) मानक विचलन
(च) किस फसल में अधिक विचरण है?
(छ) प्रत्येक फसल के लिए विभिन्न मापों के मानों तुलना कीजिए।

उत्तर

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प्र.6. पूर्ववर्ती प्र०में, विचरण के सापेक्ष मापों को परिकलित कीजिए और वह मान बताइए जो आपके विचार से सर्वाधिक विश्वसनीय है
उत्तर

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प्र.7. किसी क्रिकेट टीम के लिए एक बल्लेबाज का चयन करना है। यह चयन x और 9 के बीच पाँच पूर्ववर्ती टेस्ट के स्कोर के आधार पर करना है जो निम्नवत् हैं।
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किस बल्लेबाज को चुना जाना चाहिए।

(क) अधिक रन स्कोर करने वाले को, या
(ख) अधिक भरोसेमंद बल्लेबाज को।

उत्तर
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बल्लेबाज x का औसत स्कोर अधिक था जबकि बल्लेबाज ५ अधिक भरोसेमंद है। इसीलिये, हमें यह जानना होगा कि हमारे लिये क्या अधिक महत्त्वपूर्ण है-यदि स्थिरता अधिक महत्त्वपूर्ण है तो हमें बल्लेबाज Y का चयन करना चाहिए और यदि अधिक रन वाले की आवश्यकता है तो बल्लेबाज x का चयन करना चाहिए।

प्र.8. दो ब्रांडों के बल्बों की गुणवत्ता को जाँचने के लिए, ज्वलन अवधि घंटों में उनके जीवन काल को, प्रत्येक ब्रांड के 100 बल्बों के आधार पर निम्नानुसार अनुमानित किया गया है।
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(क) किस ब्रांड का जीवन काल अधिक है?
(ख) कौन सा ब्रांड अधिक भरोसेमंद है?
उत्तर
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(क) ब्रांड (ख) के बल्बों की औसत आयु ब्रांड (क) की तुलना में अधिक है। इसीलिए, ब्रांड (ख) के बल्बों की जीवन काल ब्रांड (क) की तुलना में अधिक है।
(ख) क्योंकि ब्रांड B के बल्बों का विचरण गुणांक ब्रांड (क) की तुलना में कम है इसीलिए, ब्रांड (ख) ज्यादा भरोसेमंद और स्थिर है।

प्र.9, एक कारखाने के 50 मजदूरों की औसत दैनिक मज़दूरी 200 रुपये तथा मानक विचलन 40 रुपये था। प्रत्येक मजदूर की मजदूरी में 20 रुपये की वृद्धि की गई। अब मज़दूरों की औसत दैनिक मजदूरी और मानक विचलन क्या है? क्या मज़दूरी में समानता आई है?
उत्तर नई औसत 240 होगी क्योंकि माध्य मूलों से स्वतंत्र नहीं है। बल्कि यह उसी संख्या से बढ़ती या घटती है जिससे श्रृंखला के सभी मूल्यों को बढ़ाया या घटाया गया हो। परंतु मानक विचलन मूलों से स्वतंत्र है इसीलिए, यह समान रहेगा।

परंतु विचरण गुणांक मानक विचलन को माध्य से भाग करके प्राप्त होता है जैसा कि मानक विचलन समान है जबकि माध्य बढ़ गई है, इसीलिए इसमें अधिक समानता आ जाएगी। इसे नीचे दर्शाया गया है:
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प्र.10. पूर्ववर्ती प्र०में यदि प्रत्येक मजदूर की मज़दूरी में 10% कि वृद्धि की जाये तो माध्य और मानक विचलन पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
उत्तर माध्य 10% बढ़ जाएगी क्योंकि माध्य मूलों से स्वतंत्र नहीं है परंतु मानक विचलन समान रहेगा क्योंकि मूलों से स्वतंत्र है।
नई माध्य = 200 + 10% of 200 = 200 + 20 = 220 मानक विचलन समान होगा।

प्र.11. निम्नलिखित वितरण के लिए, माध्य से माध्य विचलन और मानक विचलन का परिकलन कीजिए।
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उत्तर
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प्र.12. 10 मानों का योग 100 है और उनके वर्गों का योग 1090 है। विचरण गुणांक ज्ञात कीजिए।
उत्तर
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